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गोरेगांव की फिल्म सिटी में घुसा तेंदुआ। सीरियल के सेट पर घुसने से अफरा तफरी मच गई। इसी दौरान तेंदुआ ने सेट पर से एक कुत्ते को अपना शिकार बना लिया।
इस्माईल शेख मुंबई- गोरेगांव पूर्व, स्थित फिल्म सिटी में एक तेंदुए के घुसने से हड़कंप मच गया। तेंदुआ जिस समय फिल्म सिटी में घुसा, उस समय यहां एक टीवी सीरियल के सेट पर 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे। यहां अजूनी सीरियल की शूटिंग चल रही थी। तेंदुए को देख कर घबराहट के मारे यहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बताया कि नजारा बड़ा ही खतरनाक था।
गोरेगांव की फिल्म सिटी में घुसा तेंदुआ।
सीरियल के सेट पर अफरा तफरी और घबराहट के बीच तेंदुए ने सेट पर से एक कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। तेंदुए के फिल्म सेट पर घुसने का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कैसे तेंदुआ अजूनी सीरियल सेट पर बेखौफ होकर घूम रहा है। इसमें नजर आ रहा है कैसे उसने सेट पर एक कुत्ते पर हमला करके मार दिया है। तेंदुए के घुसने से सेट पर दहशत का माहौल फैल गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में मुंबई के फिल्म सिटी में एक टीवी शो में अजगर घुस गया था। उससे पहले यहां एक तेंदुआ भी देखा गया था। तब उसे रेस्क्यू कर वापस जंगल में भेज दिया गया था। इस दौरान सेट पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना था।
बता दें कि इस साल फरवरी में राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा की एक सोसाइटी में तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया। उससे पहले दिल्ली- एनसीआर में आने वाले गाजियाबाद की कोर्ट में तेंदुआ नजर आया था। यहां तेंदुआ कोर्ट परिसर में काफी देर रहा, जिस वजह से कई देर तक लोग डर के साए में रहने को मजबूर हो गए थे। तेंदुए ने तब कोर्ट में मौजूद कई लोगों पर हमला किया। इसमें दो लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा हो गया। बीच पर नहाने गए पांच लड़के समुद्र के पानी में डूब गए। इनमें से दो को बचा लिया गया है।
इस्माईल शेख मुंबई- महाराष्ट्र की राजधानी एवं मायानगरी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा की खबर सामने आ रही है। समुद्र बीच पर नहाने गए पांच लड़के तट से लगभग आधा किलो मीटर की दूरी पर पानी में डूब गए। पांचों लड़कों की उम्र 12 से 16 बताई जा रही है। इनमें से दो लड़कों को लोगों ने सुरक्षा रक्षक आने से पहले ही बचा लिया। इनका नाम 16 वर्षीय जीतेन्द्र हरिजन और 13 साल का अंकुश भरत शिवारे बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक उनके साथ नहाने गए तीन लड़के अभी भी लापता हैं। तटवर्ती सुरक्षा रक्षक, एफआरटी एफ/एम, एफआरटी नाव, लाइफ जैकेट आदि का उपयोग कर तलाशी और बचाव अभियान जारी है। लापता बच्चों के नाम 12 वर्षीय शुभम राजकुमार जयसवाल, 13 वर्षीयसनिखिल साजिद कायमकुर और 12 साल का अजय जीतेंद्र हरिजन बताया गया है।
Indian fasttrack newsमलाड के मार्वे बीच पर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान की तस्वीर
रविवार को लहरों में बह गया था एक कपल
आपको बता दें कि इससे पहले, बीते रविवार को ऐसे ही बांद्रा बैंडस्टैंड में समुद्र किनारे चट्टान पर बैठकर फोटो क्लिक करवा रहा एक दंपति (कपल) लहरों में बह गया था। हादसे में 32 वर्षीय पत्नी की मौत हो गई। मृतक का नाम ज्योति बताया जा रहा है, जबकि 35 वर्षीय पति मुकेश सुरक्षित है। महिला को पानी में बहता देख बच्चे मम्मी-मम्मी चिल्लाने लगे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। बताया जाता है कि यह दंपति पिकनिक मनाने के लिए यहां आया हुआ था।
मुंबई पुलिस को फोन कर पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के अपने देश नहीं लौटने पर 26/11 जैसे आतंकी मुंबई हमले की चेतावनी एक अज्ञात व्यक्ति ने दी है। पुलिस धमकी की जांच कर रही है।
इस्माईल शेख मुंबई- ताज़ा ख़बर के मुताबिक, एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया, कि ‘एक अज्ञात व्यक्ति ने मुंबई पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम को फोन किया और पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के अपने देश नहीं लौटने पर 26 जैसे आतंकवादी मुंबई हमले की चेतावनी दी है।’
पुलिस अधिकारी ने कहा, 12 जुलाई को फोन आया था। फोन करने वाले ने उर्दू में बात करते हुए कहा, कि “26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमले की तरह एक आतंकवादी हमला होगा और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी।”
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया, कि मुंबई पुलिस धमकी भरे कॉल की जांच कर रही है और मुंबई क्राईम ब्रांच की एक टीम को भी इस जांच में शामिल किया गया है। अधिकारी ने कहा कि कॉल एक ऐप के जरिए की गई थी और पुलिस कॉल करने वाले के आईपी पते को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।
Indian fasttrack newsपाकिस्तानी महिला सीमा हैदर और हिंदुस्तानी सचिन की फाइल तस्वीर
मुंबई हमले की चेतावनी..
आप को बता दें, कि पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर हाल ही में ग्रेटर नोएडा निवासी अपने प्रेमी सचिन मीना से शादी करने के लिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई है। ऑनलाइन गेम पबजी खेलने के दौरान दोनों की दोस्ती हुई थी।
लगभग 30 वर्षीय पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर और 25 वर्षीय भारतीय साथी सचिन को पिछले दिनों भारत में अवैध रूप से रहने के सिलसिले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन पिछले सप्ताह ही उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
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4 जुलाई को, सचिन और सीमा दोनों ने मीडिया और पुलिस के सामने एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार का इज़हार किया और सरकार से उन्हें शादी करने और भारत में एक साथ रहने की अनुमति देने का आग्रह किया है।
और अधिक जानकारी देते हुए आप को बता दें, कि मुंबई पुलिस को पिछले साल शहर में 26/11 जैसे हमले की चेतावनी वाले टेक्स्ट मेसेज भी मिले थे। मुंबई पुलिस की ट्रैफिक विभाग को उसके हेल्पलाइन नंबर पर कई टेक्स्ट मेसेज मिले, जिसमें धमकी दी गई थी कि शहर में छह लोगों द्वारा “26/11 जैसा” हमला किया जाएगा और उसमें यह भी लिखा था, कि महानगर को “उड़ाने की तैयारी” की जा रही है।
Mumbai malad Railway station Accident News: प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक इसी दौरान पटरी पर ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और मौके पर ही मौत हो गई।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड रेलवे स्टेशन पर एक लड़के की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार वो प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक पटरी पर फ़ास्ट लोकल ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। (Mumbai malad Railway Station Accident News)
जानकारी के अनुसार घटना 17 जून की है। इससे जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है। इस कथित वीडियो में एक लड़का प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर पटरियों पर हाथ धो रहा है। तब हाथ धोने के बाद वो पानी पीने लगता है। इसी दौरान दूसरा लड़का उससे बोतल लेकर हाथ धोने लगता है। तभी इस पटरी पर एक फास्ट लोकल ट्रेन आती है। इस दौरान ट्रेन का इंजन लड़के के सिर से टकरा जाता है और वह ट्रेन से काफी दूर उछलकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ता है। (Mumbai malad Railway Station Accident News)
Indian fasttrack newsमलाड रेलवे स्टेशन की फाइल तस्वीर
Mumbai malad की घटना ..
मृतक की पहचान 16 वर्षीय मयंक शर्मा के रूप में हुई है। घटना के अनुसार, वह स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर था। यहां उसने अपने दोस्त के साथ टिफिन से खाना भी खाया। इसके बाद वो बोतल से पानी पी रहा था, तभी ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। इधर मौके पर मौजूद उसके दोस्त को भी चोट आई है। उसका इलाज भी चल रहा है। गौरतलब है, कि भारतीय रेलवे हमेशा से ही अपने यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों को ट्रेन की पटरी से दूर रहने की सलाह और चेतावनी देता रहता है। लेकिन फिर भी कुछ यात्री इस पर ज्यादा ध्यान न देकर अपनी जान दे देते हैं। (Mumbai malad Railway Station Accident News)
Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।
वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई- बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”
रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।
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मुंबई में सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”
पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..
सड़कों के गड्ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।
इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।
मुंबई में गड्ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्ढों की शिकायतों में 67 गड्ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।
मुंबई के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ रिमझिम बरसात भी लगातार जारी है। बारिश के कारण सरकार को 24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली। इसी बीच मलाड के मामलेदारवाडी में एक पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
इस्माईल शेख मुंबई- बरसात के कारण पेड़ गिरने की घटना सामने आई है। मुंबई के मलाड वेस्ट इलाके में मामलेदारवाडी स्थित एक पेड़ गिरने की घटना में एक 38 वर्षीय व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबने से दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है। मृतक का नाम कौशल महेंद्र दोषी बताया जा रहा है।
मुंबई शहर के उपनगरीय इलाके में बुधवार सवेरे से ही रिमझिम बरसात हो रही है। मुंबई के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते पानी का जमाव देखा जा रहा है और कई जगहों पर सड़क यातायात बाधित हो गई है। बारिश के कारण सरकार को 24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली। मालाड़ की घटना में मिली जानकारी के मुताबिक मालाड़ पश्चिम के मामलेदारवाडी इलाके में मणि भाई मुंजी चाल का लगभग 35 फीट लंबा 4 फीट चौड़ा पीपल का पेड़ गिर गया।
Indian fasttrack newsमुंबई की सड़कों पर बरसात की तस्वीर
बुधवार सवेरे कौशल चाल परिसर में शौचालय के लिए गया हुआ था। इसी समय पेड़ कौशल के ऊपर गिर गया। कौशल के सर पर पेड़ के गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिक जानकारी के मुताबिक, बुधवार सवेरे गोरेगांव, विले पार्ले, लोअर परेल और अंधेरी, सांताक्रुज के साथ-साथ शहर के कई इलाकों में रिमझिम बरसात लगातार जारी है। दहिसर पूर्व एसवी रोड से सबवे जाने वाले छत्रपति शिवाजी रोड पर घुटनो तक पानी भर गया। सड़क पूरा जलमग्न हो गया। स्कूल के छोटे छोटे बच्चों को आने जाने में काफी कठिनाई हो रही है। यही नही दुकान में भी पानी घुस गया है और लंबी ट्रैफिक लग गयी है।
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24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली
ठाकरे गुट ने सीएम एकनाथ शिंदे की आलोचना करते हुए पूछा, “अगर मुंबई में 70 मिमी बारिश के कारण यह स्थिति है, तो अगले दो-तीन महीनों में हमारा क्या होगा? ये सवाल मुंबईकरों के मन में है। वास्तव में, शिंदे-फडणवीस सरकार को इस पर सोचना चाहिए कि लोगों को 24 घंटे में 1200 से अधिक शिकायतें क्यों दर्ज करनी पड़ीं।”
दंगो से बचने के लिए तमाम समुदाय के लोगों ने पड़ोसी राज्यों में शरण ली।
गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं।
अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?
चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए।
देश के भीतर हिंसा को रोकना सरकार का दायित्व।
बीजेपी नेताओं को खुद, अब केंद्र की डबल इंजन की सरकार पर भरोसा नहीं।
पीएम मोदी का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बड़ी गजब की खबर है। जैसे रोम जल रहा था, तो वहां का राजा नीरो बंशी बजाने में तल्लीन था। कुछ हालत ठीक वैसे ही हमारे देश में है। मणिपुर महीने भर से सांप्रदायिक हिंसा से ग्रस्त है। लगभग तीन सौ गांव अग्नि की भेंट चढ़ चुके हैं। सैकड़ों निरपराध लोगों की हत्या की जा चुकी है। हजारों घायल हैं। तमाम समुदाय दंगों से बचने के लिए पड़ोसी राज्यों में शरण ली है। मणिपुर सरकार के हाथ पांव फूल रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। आर्मी और पुलिस पर हमले हो रहे हैं।
अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?
आर्मी के एक अधिकारी ने केंद्र सरकार को चेताया है। लेकिन मणिपुर को जलता छोड़ मोदी अमेरिका राजभोज में शामिल होने पहुंच गए हैं। अमेरिका जाने से पहले ही दो बिलियन अमेरिकी डॉलर्स के ड्रोन खरीदने का सौदा पक्का कर चुके हैं। कारण बताया जाता है, देश की सुरक्षा के लिए हथियार खरीदना ज़रूरी है। देश पर 155 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज है। यानी हर भारतीय एक लाख के कर्ज में है। 140 करोड़ में गिरवी रख दी गई है जनता।
आजादी के बाद से 2014 तक भारत पर कुल विदेशी कर्ज मात्र 55 लाख डॉलर्स था। मोदी सीएम थे तब मन मोहन सिंह द्वारा लिए गए विदेशी कर्ज की बड़ी आलोचना की थी। उनके पीएम बनने से पूर्व 65 साल में 55 लाख डॉलर्स का कर्ज था। जिसकी आलोचना ही नहीं खिल्ली उड़ाने वाले मोदी ने मात्र 9 वर्षो में 100 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज ले लिए जिसे कथित रूप से मुफ्त अनाज बांटने, किसान सम्मान निधि देने, पीएम आवास योजना और उज्वला योजना में मुफ्त सिलेंडर बांटने जिन्हे फिर कभी रीफिल कराया ही नहीं जाता।
ऋण लेकर घी पीना शायद इसे ही कहते हैं।विदेशी ऋण केवल ऐसे उपयोग के लिए लिये जाते हैं जिनसे राष्ट्र को आय हो लेकिन जब सवाल अपनी छवि बनाने की हो तो क्या कहा जाए? अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी? चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए है। पाकिस्तान आंखें तरेर रहा है। चीन के खिलाफ एक शब्द बोल नहीं सकते।
सरकार का दायित्व है कि देश के भीतर हिंसा को रोकना जरूरी है। यहां तो हिंसाग्रस्त मणिपुर छोड़कर पीएम दावत खाने पहुंच गए। मणिपुर की चिंता नहीं। वहां की सरकार में शामिल मंत्रियों की फिक्र नहीं। हिंसाग्रस्त मणिपुर का तीन गुट मोदी से मिलने आया।चिट्ठी भी लिखी गई। मणिपुर भाजपा में भगदड़ मची हुई है। मंत्री के घर फूंके गए हैं। बीजेपी के नेताओं को खुद अब केंद्र की डबल इंजिन सरकार पर भरोसा नहीं है। मणिपुर के बीजेपी नेताओं ने राज्यभर में मोदी मिसिंग के पोस्टर चिपकाए हैं।
स्थानीय पुलिस और आर्मी में झड़प की खबर है। अरुणाचल प्रदेश जिसका भूभाग कब्जे में लेकर चीन ने सौ गांव बसा लिए हैं। उसके बाद भी मणिपुर दंगाग्रस्त राज्य बेहद ज़रूरी है शांति स्थापना के लिए। लेकिन पीएम लापता, गृहमंत्री मौन। मौन तो मोदी भी हैं। एक शब्द तक नहीं बोले। मणिपुर का नाम लेने से उसी तरह बचते रहे हैं जैसे महिला पहलवानों के यौन शोषण के खिलाफ धरना देने से उपजी स्थिति के संदर्भ में भी एक शब्द नहीं बोले जिससे यह संदेश विश्व भर में गया, कि मोदी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला है।
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देश की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। मंहगाई चरम सीमा पार कर गई है। टैक्स मनमाना, पेनाल्टी मनमानी लगाई जा रही। सच तो यह है कि देश चलाना, हिंसा रोकना मोदी सरकार के बूते का नहीं। अब मणिपुर वाले पूछ रहे हैं कि हम देश के नागरिक हैं या नहीं? वोटर हैं या नहीं? जिसका जवाब बीजेपी के किसी भी नेता के पास नहीं है।
कुकी, नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति होगी अत्यंत भयंकर।
गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के सांसद, मंत्री चुप।
आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मणिपुर की हिंसा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ पांव फूला देने के लिए काफी है। पीएम नरेंद्र मोदी मणिपुर जलता छोड़ विदेश चले गए। जो उन्हें देश की नहीं अपनी छवि बनाने की चिंता है। लेकिन छवि बनाते-बनाते कब मटिया मेट हो गई पता नहीं चला। दरअसल झूठ की भी हद होती है। महिला पहलवान अब उनकी और देश की बेटियां नहीं रही। वे अपने बाहुबली आरोपी सांसद को बचाने में लगे रहे इसी बीच विदेशों में भी उनकी छवि धूमिल हो गई।
ये राहुल गांधी हैं कि अमेरिका में जाकर मोदी की यात्रा के पहले सारा गुड गोबर कर दिए। बीजेपी की ऐसी तैसी कर दी। दूसरी तरफ गुजरात लॉबी द्वारा महिला पहलवानों की उपेक्षा से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और माफियाओं बलात्कारियों को मटियामेट करने का एलान करने वाले यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हे लगता है गुजरात लॉबी बीजेपी का सत्यानाश कर देगी।
बाहुबली को पीएम, गृहमंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग पहलवान के यौनशोषण मामले में क्लीन चिट देकर पॉक्सो कानून से हटाने का असर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं पर पड़ेगा। यदि उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो बीजेपी को खत्म होने से कोई रोक नहीं पाएगा।
मणिपुर हिंसा बीजेपी की ही बोई गई है। मैती समुदाय को आरक्षण देने का वादा गुजरात लॉबी का था। तो मणिपुर हिंसा आगजनी का श्रेय भी इन्ही के माथे जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौरा कर चुके हैं। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीजेपी मंत्री एवं बीजेपी सचिव के घर की आगजनी बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा है। आरक्षण का पेच कुछ इस तरह फंस गया है, कि अमित शाह के सम्मुख एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अगर बीजेपी मैती समुदाय को आरक्षण देती है तो यह कुकी, नगा और अन्य आदिवासियों के लिए निर्धारित कोटे में से दिया जाएगा जिसे ये अपने हक पर डाका डालना समझेंगे।
मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।
अभी तो मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में है। कल कुकी नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति अत्यंत भयंकर होगी। गृहयुद्ध भीषण रूप से फैलेगा। अमित शाह को शायद इसी बात की चिंता हो। उनकी समझ में नहीं आ रहा, कि करें तो क्या करें? मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसमे खुद अब बीजेपी के घर भी जद में आ गए हैं। अमित शाह के बूते का नहीं रहा मणिपुर। पीएम तो विदेश यात्रा के द्वारा अपनी नष्ट हो चुकी छवि को सुधारने में लगे हैं।
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आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।
आश्चर्य नहीं होगा कि आज गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के जो सांसद, मंत्री चुप हैं। मूक दर्शक बने हुए हैं कल सारे के सारे गुजरात लॉबी के विरुद्ध उठ खड़े हों। आसार तो यही नजर आते है, कि बीजेपी आत्मघात के रास्ते पर बहुत आगे निकल गई है जहां से लौटना असंभव है। आरएसएस के सामने अब नहीं तो कभी नहीं की विकट स्थिति आ खड़ी हुई है। देखना मजेदार होगा कि क्या आरएसएस गुजरात लॉबी को बीजेपी से अलग-थलग करेगी या बीजेपी को नष्ट होने देती है।
मणिपुर में लोगों ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर को फूंका दिया।
संविधान और लोकतंत्र को कुचलना स्वभाव बन गया है।
यह कमाल केवल कमल कर सकता है।
सुरेंद्र राजभर वाराणसी- मणिपुर में लोगों ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर को फूंका है। मंत्री उस वक्त घर में नहीं थे। बीजेपी चाहे जितने दावे करे लेकिन सच तो यह है, कि शासन करना इसके बूते का नहीं है। झूठ पर खड़ी ताश की इमारत कभी न तो ठोस धरातल बना पाती है न ठोस इमारत। फितरत जिसकी रग-रग में भरा हो। ईर्ष्या जिसका भाव हो। बदला जिसकी प्रकृति हो। दंभ जिसका स्वभाव हो। ऐसा व्यक्ति गांव के मुखिया का भी पदभार सम्हाल नहीं सकता तो देश कैसे सम्हालेगा?
झूठ सिर्फ झूठ, वादे कोरे, जिन्हें पूरे नहीं किए जाएं। लोकलुभावन नारे,विज्ञापन पर अरबों खरबों अपव्यय कर अपनी सफलता का झूठा प्रचार करना। पांच ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था जिसका फितूर हो। समस्या का समाधान नहीं कर सके। समस्या पर चुप्पी साध ले। शुतुरमुर्ग की तरह अपना सिर रेत में छिपा ले। प्रश्न पूछने पर चुप रहे क्योंकि जवाब नहीं और फिर प्रश्न कर्ता को जेल भेज दे। विपक्षी नेताओं के घर कभी सीबीआई तो कभी ईडी भेजकर डराए।
किसान आंदोलन चलता रहे कुछ न बोले अंत में माफी मांग ले।महिला पहलवानों की यौनशोषण आरोप पर चुप्पी साध ले फिर दिल्ली पुलिस पर दबाव डालकर आरोपी को क्लीन चिट दिला दे। कभी देश की बेटियां कहे तो कभी पुलिस द्वारा जबरन उन्हें उठाकर फेंकवा दे। पीड़िताओं से पुलिस कितनी बेहयाई के साथ सबूत मांगे और धमकी देकर, परिवार को खत्म करने का भय दिखाकर बयान बदलवाए। बस यही तो किया है। कभी नोट बंदी कर आम जनता को परेशान करे तो कानून बनाकर जनता को दंडित करे। अच्छे दिन के ख्वाब दिखाए। इसी का नाम है बीजेपी।
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मंत्री का घर फूंका..
संविधान और लोकतंत्र को कुचलना स्वभाव बन गया हो। मणिपुर में मैती को आरक्षण का वादा करे दूसरी तरफ विरोधियों को विरोध के लिए उकसाए। जिस तरह रोम को जलते देख अनदेखा कर नीरो बंसी बजाता रहा वैसे ही अपने मंत्री का घर फूंके जाने पर छवि निर्माण हेतु, विदेश पलायन कर जाए। यह कमाल केवल कमल ही कर सकता है। मत भूले कि हमेशा के लिये सत्ता नही मिली है। राज्यों की तरह सिमटता साम्राज्य खत्म होते देख भी सम्राट समझने की भ्रांति पालने वाले का हश्र अगले चुनाव में मालूम पड़ेगा।