नेपाल बाढ़ से Mumbai लौटे 37 यात्रियों ने खौफनाक आपबीती सुनाई। महाराष्ट्र के 404 लोगों में 338 सुरक्षित, लेकिन 60 अब भी लापता हैं। जानिए पूरा अपडेट।
मुंबई: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद फंसे महाराष्ट्र के यात्रियों की घर वापसी शुरू हो गई है, लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है। Mumbai के 37 यात्री शनिवार शाम सुरक्षित लौट आए और एयरपोर्ट पर परिवार से मिलते ही कई लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े। यात्रियों ने कहा कि उन्हें लगा जैसे भगवान ने उनकी जान बचा ली।
लेकिन दूसरी तरफ महाराष्ट्र के 60 यात्री और तीर्थयात्री अब भी trace नहीं हो पाए हैं।
महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक Nepal-Tibet इलाके में फंसे राज्य के 404 लोगों में से 338 से संपर्क हो चुका है और उनकी safety confirm की गई है। 60 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। ऐसे में 37 यात्रियों की वापसी के साथ राहत जरूर मिली है, लेकिन परिवारों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
Mumbai लौटे 37 यात्रियों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

शनिवार शाम Mumbai एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों ने बताया कि Nepal-Tibet इलाके में हालात कितनी तेजी से बदले थे। इनमें कई लोग Kailash Mansarovar यात्रा पर गए थे।
एक यात्री ने बताया कि उनका group 26 अगस्त को Saga इलाके में था। इसी दौरान उन्हें flash flood से हुई तबाही का अंदाजा हुआ। लौटने में तय schedule से करीब एक दिन की देरी हुई, लेकिन मुश्किल हालात के बावजूद China और Nepal के बीच coordination से उनकी वापसी का रास्ता आगे बढ़ा।
यात्रियों ने कहा कि वे सुरक्षित Mumbai पहुंच पाए, यह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। परिवार से मिलने के बाद कई यात्री भावुक हो गए।
एक दिन और रुकते तो हालात और बिगड़ सकते थे
लौटे यात्रियों की बातों में सबसे ज्यादा डर उस समय का था, जब उन्हें flood की असली तबाही का पता चला।
कुछ यात्रियों के मुताबिक अगर उनका group एक दिन और उस इलाके में रुक जाता तो वे भी बेहद खतरनाक स्थिति में फंस सकते थे। यही वजह है कि Mumbai पहुंचने के बाद यात्रियों ने अपनी सुरक्षित वापसी को भगवान की कृपा बताया।
यात्रा का रास्ता आसान नहीं था। खराब मौसम, damaged roads और border इलाके की मुश्किल स्थिति के बीच यात्रियों को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ना पड़ा।
Nagpur के 102 यात्रियों की भी घर वापसी
Mumbai के 37 यात्रियों के साथ महाराष्ट्र के दूसरे groups की भी वापसी हुई है। करीब 102 Nagpur pilgrims Kathmandu में फंसने के बाद वापस लौटे। चार अन्य लोग इससे पहले Nagpur पहुंच चुके थे। इस तरह 143 से ज्यादा stranded Maharashtra residents के सुरक्षित भारत पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
इन यात्रियों की वापसी से परिवारों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन इससे 60 untraceable लोगों को लेकर सवाल और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।
आखिर ये 60 महाराष्ट्रवासी कहां हैं?
State government के latest आंकड़े के मुताबिक 404 Maharashtra residents में से 338 लोगों से संपर्क हो चुका है, जबकि 60 अभी untraceable हैं। इनमें Mumbai-based Richa Tours के जरिए Nepal जाने वाला group भी शामिल है।
शुरुआती reports में 66 लोगों के contact से बाहर होने की बात सामने आई थी। बाद के verification में संख्या 60 बताई गई। इसलिए फिलहाल latest state-level figure 60 है।
यहां एक बात साफ समझना जरूरी है—60 लोगों को अभी “लापता” कहा जा रहा है, लेकिन उनकी मौत की कोई पुष्टि नहीं हुई है। Official स्थिति यही है कि authorities अभी उनकी location या safety confirm नहीं कर पाई हैं।
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर उस दिन आखिर हुआ क्या था?
26 अगस्त को Rasuwa इलाके में अचानक तेज flood और debris flow आया। Bhote Koshi नदी के आसपास पानी और मलबे का सैलाब इतनी तेजी से बढ़ा कि सड़कें, bridges और border infrastructure बुरी तरह प्रभावित हो गए।
Rasuwagadhi और Timure जैसे इलाके इस disaster की चपेट में आए। यही corridor Nepal को Tibet से जोड़ता है और Kailash Mansarovar जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
बाढ़ का असर इतना बड़ा था कि सामान्य road connectivity टूट गई और कई tourist तथा pilgrimage groups रास्ते में फंस गए।
Tibet side पर भी बड़ा संकट

यह disaster सिर्फ Nepal तक सीमित नहीं रहा। China के Tibet क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है।
30 अगस्त तक China की तरफ 16 मौतों और 546 लोगों के missing होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 261 foreign nationals भी शामिल हैं। इसलिए Nepal में लौटे कुछ यात्रियों की राहत भरी कहानी के बावजूद Tibet side पर rescue operation अभी भी जारी है।
Nepal में मौत का आंकड़ा 734 पार
नेपाल में तबाही का scale भी लगातार बढ़ रहा है। 30 अगस्त के latest आंकड़ों के मुताबिक Nepal में 734 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 2,498 लोग अब भी missing हैं।
Nepal और Tibet के आंकड़े मिलाने पर मौतों का आंकड़ा 750 से ज्यादा और missing लोगों की संख्या 3,000 से ज्यादा हो चुकी है। आंकड़े लगातार update हो रहे हैं क्योंकि कई प्रभावित इलाकों तक rescue teams को पहुंचने में अभी भी मुश्किल आ रही है।
Rescue operation अभी खत्म नहीं हुआ
बाढ़ के बाद search और rescue operation लगातार चल रहा है। हालात इतने मुश्किल हैं कि India, China और दूसरे देशों की specialised teams भी मदद के लिए पहुंची हैं।
India ने tunnel rescue के लिए 11-member specialised reconnaissance team भेजी है। Nepal में hydropower projects के tunnels में भी workers के फंसे होने की आशंका के चलते rescue operation चल रहा है।
यानी यह सिर्फ tourists को वापस लाने की कोशिश नहीं है। कई प्रभावित इलाकों में लोगों, workers और infrastructure को बचाने का बड़ा operation चल रहा है।
खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है
सबसे बड़ी चिंता यह है कि flood के कई दिन बाद भी खतरा खत्म नहीं हुआ है।
Bhotekoshi नदी में पानी का level फिर बढ़ने की warning जारी की गई है। प्रभावित इलाकों में पहले से damaged roads और bridges के बीच नए flood और landslide का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से rescue teams को भी बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है।
Kailash Mansarovar Yatra पर क्या असर पड़ेगा?
इस disaster का सीधा असर Kailash Mansarovar यात्रा पर पड़ सकता है।

Rasuwagadhi-Kerung corridor इस यात्रा के लिए महत्वपूर्ण रास्ता है और flood में इस इलाके का infrastructure बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसलिए इस route से यात्रा करने वालों के लिए पुराने schedule को final मानना सही नहीं होगा।
जिन यात्रियों ने Nepal के रास्ते Kailash Mansarovar की booking कर रखी है, उन्हें यात्रा से पहले अपने operator से current route status, border crossing और road connectivity की पुष्टि करनी चाहिए।
क्या अभी Nepal जाना safe है?
पूरे Nepal को unsafe कहना सही नहीं होगा। लेकिन Rasuwa, Rasuwagadhi, Timure और Tibet border की तरफ के flood-affected इलाकों को सामान्य tourist route मानकर यात्रा करना फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है।
Road damage, landslide, अचानक बढ़ता पानी और कमजोर infrastructure की वजह से ground situation तेजी से बदल सकती है।
इसलिए अगर किसी की Nepal या Kailash यात्रा आने वाले दिनों में है, तो booking के पुराने itinerary के बजाय latest official clearance और route status देखकर ही आगे बढ़ना बेहतर होगा।
अगर आपका अपना Nepal में फंसा है तो ये नंबर रखें
अगर परिवार का कोई सदस्य Nepal-Tibet क्षेत्र में है और उससे संपर्क नहीं हो रहा है, तो Indian Embassy Kathmandu की emergency helplines पर संपर्क किया जा सकता है।
Indian Embassy के नंबर:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
+977 981 032 6117
Embassy ने flood-related assistance के लिए email भी जारी किया है: eoikathmandufloodsupport@gmail.com
Embassy Nepal authorities के साथ मिलकर Indian nationals की safety और identification को लेकर coordination कर रही है।
अब नजर 60 लोगों और बाकी safe यात्रियों पर
Mumbai के 37 यात्रियों का घर लौटना बड़ी राहत है। Nagpur के यात्रियों की वापसी से भी Maharashtra के कई परिवारों की चिंता कम हुई है।
लेकिन इस disaster की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि Maharashtra के बाकी 60 untraceable लोगों की location कब confirm होती है, Tibet side में safe बताए गए भारतीयों की वापसी कब पूरी होती है और Nepal-Tibet का damaged route कब सामान्य होता है।
जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, Mumbai एयरपोर्ट पर लौटे यात्रियों की राहत भरी तस्वीर के पीछे कई परिवारों की चिंता बनी रहेगी।
