मुंबई में सितंबर की बारिश सामान्य से कम रही। सात झीलों में 94.57% पानी, BMC की कटौती और मई 2027 तक पानी की सप्लाई के अनुमान की पूरी जानकारी।
मुंबई: सितंबर 2026 के दौरान बारिश सामान्य से काफी कम रही, जबकि शहर की पानी सप्लाई के लिए अहम सात झीलों का संयुक्त जल भंडार 7 अक्टूबर को 94.57% दर्ज किया गया। BMC के सामने चुनौती सिर्फ कम बारिश की नहीं, बल्कि मौजूदा पानी को अगले मानसून तक संभालकर रखने की भी है। प्रशासन ने उपलब्ध स्टॉक और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पानी की कटौती जारी रखने का पक्ष रखा है।
मुंबई में सितंबर की बारिश, जलाशयों के मौजूदा स्टॉक और पानी की कटौती को लेकर तीन अहम सवाल हैं: बारिश में कितनी कमी रही, झीलों में कितना पानी बचा है और क्या मौजूदा स्टॉक मई 2027 तक पर्याप्त रहेगा?
सितंबर में मुंबई में कितनी बारिश हुई?
सितंबर के बारिश के आंकड़ों में दक्षिण मुंबई और उपनगरों के बीच अंतर दिखाई देता है। कोलाबा मौसम केंद्र पर सितंबर में 175.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि वहां सामान्य बारिश 359.6 मिमी है। यानी दक्षिण मुंबई के इस मौसम केंद्र पर बारिश सामान्य के आधे से भी कम रही।
सांताक्रूज मौसम केंद्र पर इसी महीने 306.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 359.6 मिमी के सामान्य आंकड़े से लगभग 15% कम है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सितंबर में मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण समान नहीं रहा।
हालांकि, पूरे मानसून की तस्वीर सितंबर से अलग है। 30 सितंबर तक सांताक्रूज में कुल मौसमी बारिश 2,530.5 मिमी दर्ज हुई, जो वहां के मौसमी औसत से अधिक थी। दूसरी ओर, कोलाबा में 1,957.1 मिमी बारिश हुई, जबकि मौसमी औसत लगभग 2,102 मिमी है।

पिछले वर्षों के मुकाबले सितंबर 2026 की स्थिति
मुंबई में सितंबर की बारिश हर साल एक जैसी नहीं रहती। पिछले दस वर्षों के संदर्भ में 2018 में बारिश बेहद कम रही थी। उस साल शहर में लगभग 59 मिमी और उपनगरों में करीब 70 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।
इसके विपरीत, 2019 में सितंबर के दौरान शहर में लगभग 852 मिमी और उपनगरों में करीब 1,101 मिमी बारिश हुई थी। ये आंकड़े बताते हैं कि मुंबई में सितंबर की बारिश में साल-दर-साल बड़ा अंतर हो सकता है।
सितंबर 2026 के लिए अलग-अलग रिपोर्टों में शहर, उपनगर और मौसम केंद्रों के आंकड़े अलग रूप में दिए गए हैं। इसलिए ऐतिहासिक तुलना करते समय एक ही मौसम केंद्र, समान अवधि और समान मापन पद्धति के आंकड़ों का इस्तेमाल जरूरी है। शहर में दर्ज बारिश और झीलों के कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश को भी एक ही आंकड़ा नहीं माना जा सकता।
सात झीलों में कितना पानी बचा है?
मुंबई की पानी सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण सात जलाशयों में 7 अक्टूबर 2026 को संयुक्त उपयोगी जल भंडार 94.57% दर्ज किया गया। उस दिन कुल उपयोगी स्टॉक 13,68,827 मिलियन लीटर था, जबकि सातों जलाशयों की संयुक्त उपयोगी क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है।
इन दोनों आंकड़ों के बीच 78,536 मिलियन लीटर का अंतर है। इसका मतलब है कि जलाशयों में पानी का स्तर ऊंचा होने के बावजूद वे अपनी पूरी उपयोगी क्षमता पर नहीं थे।
एक दिन पहले, 6 अक्टूबर को जल भंडार 94.91% था। अगले दिन इसमें 0.34 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज हुई।
94% से ज्यादा पानी होने पर भी कटौती क्यों?
मुंबई में पानी का स्टॉक ऊंचा होने के बावजूद BMC ने सप्लाई में कटौती जारी रखने का पक्ष रखा है। प्रशासन की चिंता यह है कि मौजूदा जल भंडार को आने वाले गर्मियों के महीनों में भी पर्याप्त बनाए रखना होगा।
30 सितंबर को BMC के अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा, कि मौजूदा सात जलाशयों का पानी 17 मई 2027 तक ही पर्याप्त होने का अनुमान है। इसी आधार पर प्रशासन ने कटौती जारी रखने की जरूरत बताई।
पानी का प्रतिशत अकेले यह तय नहीं करता कि सप्लाई में कटौती जरूरी है या नहीं। प्रशासन को उपलब्ध स्टॉक के साथ रोजाना मांग, जल वितरण, आने वाले महीनों की खपत और अगले मानसून से पहले पानी की संभावित जरूरतों का भी हिसाब रखना पड़ता है।
क्या मई 2027 से पहले मुंबई में पानी की कमी हो सकती है?
मौजूदा स्टॉक के मई 2027 तक पर्याप्त रहने का अनुमान BMC की ओर से सामने आया है। वास्तविक स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले महीनों में पानी की खपत कितनी रहती है, जलाशयों से उपलब्ध स्टॉक किस गति से घटता है और प्रशासन पानी की सप्लाई को कैसे मैनेज करता है।
सितंबर में झीलों के कैचमेंट क्षेत्र में भी कम बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। जलाशयों में पानी भरने के लिए कैचमेंट क्षेत्र की बारिश महत्वपूर्ण होती है। शहर में अच्छी बारिश होने के बावजूद अगर जलाशयों के आसपास पर्याप्त बारिश नहीं होती, तो पानी के भंडार पर उसका लाभ सीमित रह सकता है।
दूसरी ओर, मुंबई के उपनगरों में पूरे मानसून की बारिश सामान्य से अधिक रहने का तथ्य भी ध्यान में रखना होगा। इसलिए भविष्य की पानी की स्थिति का आकलन सिर्फ सितंबर के आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जा सकता।
महाराष्ट्र में पानी कटौती के निर्देश का क्या मतलब है?
महाराष्ट्र में पानी बचाने को लेकर स्थानीय निकायों के लिए 16 अक्टूबर से कम-से-कम 10% पानी कटौती के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ उद्योगों के लिए कम-से-कम 30% पानी दोबारा इस्तेमाल करने की शर्त भी बताई गई है।
9 अक्टूबर को पानी की कमी के बीच सड़क धुलाई से संबंधित 8.3 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को BMC की स्थायी समिति ने अस्वीकार कर दिया था। यह फैसला इस सवाल को भी सामने लाता है कि उपलब्ध पानी का इस्तेमाल किन कामों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
मुंबईकरों को अभी किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मुंबई के हर इलाके में घरेलू पानी की सप्लाई तुरंत प्रभावित होने वाली है। किसी इमारत में पानी का दबाव कम होना, सप्लाई के समय में बदलाव या टैंकर पर निर्भरता बढ़ना स्थानीय व्यवस्था और संबंधित आधिकारिक निर्देशों पर निर्भर करेगा।
मुंबई की पानी की स्थिति पर आगे की तस्वीर जलाशयों के रोजाना स्टॉक, प्रशासन के फैसलों और आने वाले महीनों की खपत से स्पष्ट होगी। सितंबर की कम बारिश चिंता का एक पहलू है, लेकिन अगले मानसून तक पानी की उपलब्धता तय करने के लिए सभी जलाशयों का वास्तविक स्टॉक और BMC की जल प्रबंधन योजना सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे।
