Maharashtra: 5% मुस्लिम आरक्षण रद्द, हाई कोर्ट में चुनौती

महाराष्ट्र सरकार ने 5% मुस्लिम आरक्षण खत्म करने का GR जारी किया। फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में सिविल रिट पिटिशन 5063/2026 दायर। जानिए पूरा कानूनी और राजनीतिक अपडेट।

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दिया जा रहा 5% मुस्लिम आरक्षण रद्द करने के फैसले ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल मचा दी है। 17 फरवरी 2026 को जारी एक Government Resolution (GR 181) के जरिए यह निर्णय लागू किया गया। अब इस फैसले को Bombay High Court में चुनौती दी गई है।

📜 क्या है पूरा मामला?

मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक एवं विशेष न्याय विभाग ने एक GR जारी कर 5% मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने की घोषणा की।

यह आरक्षण 2014 में कांग्रेस-एनसीपी सरकार के दौरान लागू किया गया था, जिसमें मराठा समुदाय को 16% और मुस्लिम समुदाय को 5% आरक्षण “Special Backward Class” कैटेगरी में दिया गया था।

बाद में मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां मराठा आरक्षण रद्द कर दिया गया, लेकिन मुस्लिम आरक्षण को शिक्षा क्षेत्र में आंशिक राहत मिली थी।

🏛️ हाई कोर्ट में कानूनी चुनौती

सरकार के इस ताजा फैसले के खिलाफ Civil Writ Petition No. 5063/2026 दायर की गई है।

याचिकाकर्ता हैं Syed Ejaz Abbas Naqvi, जिन्होंने इस GR को “असंवैधानिक और सामुदायिक विभाजन बढ़ाने वाला कदम” बताया है।

यह याचिका 23 फरवरी 2026 को जस्टिस Riyaz I. Chagla की बेंच के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता Nitin Satpute और Ejaj Naqvi पेश होंगे।

🗳️ सियासी प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने इस फैसले का विरोध किया है।

  • कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र के लिए हानिकारक” बताया।
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) ने भी इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ कदम कहा।

सरकार की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार का तर्क है कि यह फैसला “कानूनी और संवैधानिक समीक्षा” के आधार पर लिया गया है।

📚 2014 का इतिहास क्या कहता है?

2014 में तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने अध्यादेश जारी कर मराठा और मुस्लिम समुदाय को आरक्षण दिया था।

मामला अदालत में गया और बॉम्बे हाई कोर्ट ने:

  • मराठा आरक्षण को निरस्त किया
  • मुस्लिम आरक्षण को शिक्षा क्षेत्र तक सीमित राहत दी

बाद में सत्ता में आई बीजेपी-शिवसेना सरकार ने मुस्लिम आरक्षण का विरोध किया था।

🔎 अब आगे क्या?

23 फरवरी की सुनवाई में यह तय होगा कि:

  • क्या GR 181 पर अंतरिम रोक लगेगी?
  • क्या सरकार से जवाब तलब किया जाएगा?
  • क्या आरक्षण फिलहाल बहाल रहेगा या रद्द ही रहेगा?

इस मामले का असर हजारों छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ सकता है।


❓ FAQ Section

Q1: मुस्लिम आरक्षण कब रद्द किया गया?
17 फरवरी 2026 को जारी GR 181 के जरिए।

Q2: किसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की?
एडवोकेट सैयद एजाज़ अब्बास नक़वी ने सिविल रिट पिटिशन 5063/2026 दायर की।

Q3: सुनवाई कब है?
23 फरवरी 2026 को जस्टिस रियाज़ चागला की बेंच के सामने संभावित सुनवाई।

Q4: क्या आरक्षण फिलहाल लागू है?
यह कोर्ट के अंतरिम आदेश पर निर्भर करेगा।


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