Fake birth certificate scam in Mumbai: Borivali police arrest IT dropout accused of using AI portal to sell forged certificates with QR verification.
मुंबई: Borivali इलाके से सामने आए एक हैरान करने वाले साइबर फ्रॉड मामले ने पुलिस और आम लोगों को चौंका दिया है। Borivali पुलिस ने एक 25 साल के BSc IT ड्रॉपआउट युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने Artificial Intelligence (AI) की मदद से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने और बेचने का नेटवर्क चलाया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक ऐसा फर्जी सरकारी वेबसाइट जैसा पोर्टल तैयार किया था, जहां से लोग कुछ मिनटों में जन्म प्रमाण पत्र हासिल कर सकते थे। हालांकि, इस मामले में एक नया मोड़ भी आया है। पुलिस को शक है कि आरोपी खुद भी एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का शिकार हुआ था और वह सिर्फ एक सब-एजेंट की भूमिका में काम कर रहा था।
Fake birth certificate scam कैसे सामने आया?
पुलिस के मुताबिक, Borivali West में डॉक्यूमेंट सर्विस का काम करने वाले 41 वर्षीय व्यक्ति से दिसंबर 2025 में “Krishna Jaiswal” नाम के युवक ने संपर्क किया।
आरोपी ने दावा किया कि उसके पास एक ऐसा “ऑफिशियल पोर्टल” है, जहां से भारत के किसी भी राज्य का जन्म प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है।
विश्वास जीतने के लिए उसने QR कोड वाले कुछ सैंपल सर्टिफिकेट दिखाए। देखने में ये प्रमाण पत्र बिल्कुल सरकारी दस्तावेज जैसे लग रहे थे।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने:
- पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन फीस भरी
- लॉगिन आईडी हासिल की
- ग्राहकों के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाना शुरू किया
लेकिन कुछ समय बाद जब इन प्रमाण पत्रों की सरकारी जांच हुई तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
BMC Verification में खुला बड़ा राज
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने BMC के Birth and Death Registration Department से संपर्क किया।
अधिकारियों ने जांच में पाया कि जांच के लिए भेजे गए चारों जन्म प्रमाण पत्रों का कोई सरकारी रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
यानि:
- प्रमाण पत्र पूरी तरह नकली थे
- QR कोड भी असली नहीं था
- वेबसाइट सिर्फ लोगों को भरोसा दिलाने के लिए बनाई गई थी
इसके बाद Borivali पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
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AI से बनाया गया था फर्जी सरकारी पोर्टल

जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने Google के AI टूल Gemini की मदद से कथित तौर पर:
- वेबसाइट डिजाइन की
- फर्जी सरकारी पेज तैयार किए
- ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम बनाया
- UPI लिंक तैयार किए
यह पूरा सिस्टम इस तरह बनाया गया था कि आम व्यक्ति को लगे कि वह किसी सरकारी वेबसाइट पर ही है।
Fake birth certificate portal कैसे करता था काम?
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फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन
लोगों को पहले सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली वेबसाइट पर भेजा जाता था।

Wallet recharge
इसके बाद यूजर से UPI के जरिए डिजिटल वॉलेट में पैसे जमा करवाए जाते थे।
चार्ज लगभग:
- 149 रुपये से 300 रुपये तक
बताया गया था।
Personal details लेना
फॉर्म में लोगों से कई संवेदनशील जानकारी मांगी जाती थी:
- नाम
- जन्म तारीख
- जन्म स्थान
- माता-पिता का नाम
- आधार नंबर
- पता
- अस्पताल की जानकारी
- रजिस्ट्रेशन डिटेल

यह डेटा कथित तौर पर WhatsApp के जरिए आरोपी तक पहुंचता था।
कुछ मिनट में PDF Certificate
इसके बाद आरोपी कथित रूप से जन्म प्रमाण पत्र की PDF बनाकर भेज देता था।
सबसे बड़ा खेल QR कोड का था। QR स्कैन करने पर एक दूसरी फर्जी वेबसाइट खुलती थी, जहां वही जानकारी दिखाई जाती थी ताकि दस्तावेज असली लगे।
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आरोपी खुद भी हुआ साइबर ठगी का शिकार?
जांच में पुलिस को पता चला कि Krishna Jaiswal ने भी किसी अज्ञात व्यक्ति से इस पोर्टल की पहुंच खरीदी थी।
पुलिस को शक है कि:
- उसने पोर्टल को असली समझा
- वह खुद भी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था
- असली मास्टरमाइंड कोई और हो सकता है
हालांकि पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने ग्राहकों से पैसे लेकर फर्जी दस्तावेज बेचने का काम किया।
पुलिस अब किसकी तलाश कर रही है?
Borivali पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
जांच में इन चीजों को खंगाला जा रहा है:
- वेबसाइट का डोमेन रिकॉर्ड
- होस्टिंग सर्वर
- UPI ट्रांजेक्शन
- पेमेंट ट्रेल
- WhatsApp चैट
- अन्य एजेंटों की भूमिका
पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है।
फर्जी सरकारी वेबसाइट से बचने के लिए क्या करें?
साइबर पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि:
- किसी भी सरकारी सेवा के लिए वेबसाइट का डोमेन जरूर जांचें
- Google से मिली वेबसाइट पर तुरंत भरोसा न करें
- QR कोड को ही असली होने का प्रमाण न मानें
- पेमेंट से पहले वेबसाइट की जांच करें
सरकारी जन्म प्रमाण पत्र के लिए नागरिक संबंधित स्थानीय निकाय की आधिकारिक वेबसाइट या सेवा केंद्र का इस्तेमाल करें।
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी सरकारी जानकारी के लिए नागरिक भारत सरकार के Civil Registration System पोर्टल की मदद ले सकते हैं:
https://crsorgi.gov.in
BMC की आधिकारिक वेबसाइट पर नागरिक सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है:
https://www.mcgm.gov.in
FAQ: Fake birth certificate scam Mumbai
क्या QR Code वाला जन्म प्रमाण पत्र हमेशा असली होता है?
नहीं। साइबर अपराधी नकली QR कोड बनाकर लोगों को दूसरी फर्जी वेबसाइट पर भेज सकते हैं। असली जांच सरकारी रिकॉर्ड से होती है।
क्या AI का इस्तेमाल अपराधों में किया जा रहा है?
हां, कुछ मामलों में अपराधी AI टूल का उपयोग वेबसाइट, नकली कंटेंट और ऑटोमेशन के लिए कर रहे हैं।
Borivali मामले में कितने फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए?
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में करीब 40 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने की बात कही है। मामले की जांच जारी है।
क्या फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने पर कार्रवाई हो सकती है?
हां। फर्जी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है और इसमें पुलिस कार्रवाई हो सकती है।
Conclusion
Borivali का यह fake birth certificate scam दिखाता है कि साइबर अपराधी अब AI और नकली सरकारी वेबसाइटों का इस्तेमाल करके लोगों को आसानी से निशाना बना रहे हैं।
सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फर्जी दस्तावेज देखने में बिल्कुल असली लग सकते हैं। इसलिए किसी भी सरकारी प्रमाण पत्र की पुष्टि हमेशा आधिकारिक रिकॉर्ड से करना जरूरी है।
मुंबई पुलिस की जांच से अब यह साफ होगा कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और कितने लोग इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं।


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