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  • Shakeel Noorani Arrested: ‘Joru Ka Ghulam’ डायरेक्टर रेप केस में गिरफ्तार, 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी

    Shakeel Noorani Arrested: ‘Joru Ka Ghulam’ डायरेक्टर रेप केस में गिरफ्तार, 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी

    Shakeel Noorani Arrested: ‘Joru Ka Ghulam’ के डायरेक्टर को 33 वर्षीय अभिनेत्री की शिकायत पर Malvani Police ने गिरफ्तार किया, 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी।

    मुंबई: बॉलीवुड फिल्ममेकर Shakeel Noorani को Malvani Police ने 33 वर्षीय अभिनेत्री की शिकायत से जुड़े कथित रेप और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है। 73 वर्षीय नूरानी को पुलिस ने Satara जिले के Medha इलाके में स्थित एक फार्महाउस से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंबई लाया गया, जहां मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    Shakeel Noorani ने ‘Bade Dil Wala’ (1999) और ‘Joru Ka Ghulam’ (2000) जैसी फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया है। मौजूदा मामला एक 33 वर्षीय अभिनेत्री की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि नूरानी ने फिल्म में काम देने और आगामी प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के बहाने उसे अपने Malvani स्थित घर बुलाया था।

    2016 में हुई थी पहली मुलाकात

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, अभिनेत्री की नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में Lokhandwala में आयोजित एक Entertainment Award Function के दौरान हुई थी। अभिनेत्री का आरोप है कि वहां नूरानी ने उससे आगामी फिल्म प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत की और काम के लिए संपर्क करने को कहा।

    शिकायत के अनुसार, बाद में अभिनेत्री कथित तौर पर स्क्रिप्ट पढ़ने और फिल्म से जुड़े काम पर चर्चा करने के लिए नूरानी के Malvani स्थित घर गई थी।

    अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि वहां उसे एक Drink दिया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई।

    बेहोशी के बाद वीडियो दिखाने और धमकी देने का आरोप

    शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसे होश आया तो नूरानी ने उसे अपने मोबाइल फोन पर एक कथित वीडियो दिखाया। अभिनेत्री का आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि यदि उसने पुलिस से संपर्क किया या अपने परिवार को इस बारे में बताया, तो वीडियो को प्रसारित कर दिया जाएगा।

    अभिनेत्री ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि बाद में इसी कथित वीडियो के जरिए उसे धमकाया गया और उसके साथ कई मौकों पर यौन संबंध बनाए गए।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित घटनाओं के बाद नूरानी ने उसे बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां दीं।

    ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और मामले की जांच अभी जारी है। आरोप अदालत में साबित होना अभी बाकी हैं।

    मामला 2016 से जुड़ा, 2026 में पुलिस तक पहुंची शिकायत

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अभिनेत्री की नूरानी से मुलाकात 2016 में हुई थी और शिकायत में लगाए गए आरोप भी उसी दौर से जुड़े हैं। अभिनेत्री का आरोप है कि फिल्म में काम के सिलसिले में नूरानी के संपर्क में आने के बाद उसके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक घटनाएं हुईं और बाद में कथित वीडियो के जरिए उसे धमकाया गया।

    शिकायतकर्ता 2026 में इलाज के लिए आर्थिक मदद की तलाश में मुंबई आई थी। इसी दौरान उसने पुलिस से संपर्क किया और 2016 से जुड़े घटनाक्रम के बारे में अपनी शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलने के बाद Malvani Police ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, आरोपी की मौजूदा लोकेशन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की। इसी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि Shakeel Noorani Satara के Medha इलाके में एक फार्महाउस पर मौजूद हैं, जिसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया।

    Satara के फार्महाउस से कैसे पकड़ा गया Noorani?

    जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि Shakeel Noorani Satara जिले के Medha इलाके में एक फार्महाउस पर ठहरे हुए हैं।

    इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उनकी लोकेशन का पता लगाया गया। पुलिस टीम ने उन्हें Medha Police Station लाया। बाद में Malvani Police के अधिकारी Satara पहुंचे और उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद Noorani की Medha के Rural Hospital में मेडिकल जांच कराई गई और इसके बाद उन्हें मुंबई लाया गया।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, Malvani Police ने मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धाराओं 64(2)(M), 123, 351(2) और 88 के तहत मामला दर्ज किया है।

    जांच में पुलिस कथित वीडियो, शिकायत में लगाए गए आरोपों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    पुलिस को Noorani की कस्टडी क्यों चाहिए थी?

    पुलिस ने अदालत से आगे की जांच के लिए Noorani की कस्टडी मांगी।

    जांच के प्रमुख बिंदुओं में कथित वीडियो की बरामदगी और जांच, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल और यह पता लगाना शामिल है कि क्या कथित घटनाएं किसी अन्य स्थान पर भी हुई थीं।

    अदालत ने Noorani को 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    Noorani के वकील ने आरोपों को बताया गलत

    Noorani की ओर से पेश हुए अधिवक्ता Vikas Singh Goar ने अपने मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाए जाने का दावा किया है।

    बचाव पक्ष का कहना है कि अभिनेत्री द्वारा लगाए गए आरोप अभी अदालत के सामने साबित नहीं हुए हैं और जांच जारी है।

    कानून के तहत Shakeel Noorani तब तक निर्दोष माने जाएंगे, जब तक अदालत में उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो जाते।

    कौन हैं Shakeel Noorani?

    Shakeel Noorani हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े फिल्ममेकर हैं। उन्होंने 1999 में रिलीज हुई ‘Bade Dil Wala’ का निर्देशन किया था। फिल्म में Suniel Shetty और Priya Gill प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म के निर्देशक और लेखक के रूप में भी Shakeel Noorani का नाम दर्ज है।

    इसके अलावा वह 2000 में रिलीज हुई ‘Joru Ka Ghulam’ से भी जुड़े रहे हैं।

    नूरानी का नाम इससे पहले अभिनेता Sanjay Dutt से जुड़े एक अलग फिल्म विवाद में भी सामने आ चुका है। Bombay High Court के 2014 के एक फैसले में Shakeel Noorani और Sanjay Dutt के बीच फिल्म ‘Jaan Ki Baazi’ से जुड़े विवाद का उल्लेख है। यह मामला मौजूदा रेप केस से अलग है।

    अब आगे क्या होगा?

    फिलहाल Shakeel Noorani पुलिस कस्टडी में हैं और मलवानी पुलिस कथित वीडियो, शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    12 अगस्त को पुलिस कस्टडी की अवधि समाप्त होने के बाद मामले में अगली कानूनी कार्रवाई पर अदालत का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

    मामले की जांच जारी है और अभिनेत्री द्वारा लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • मुंबई के हीरा कारोबार में बड़ा मामला, ₹4 करोड़ के केस में कई व्यापारियों की जांच

    मुंबई के हीरा कारोबार में बड़ा मामला, ₹4 करोड़ के केस में कई व्यापारियों की जांच

    मुंबई के हीरा कारोबार में ₹4 करोड़ के मामले में कई व्यापारियों की जांच, 983 कैरेट हीरों के भुगतान विवाद पर BKC Police ने केस दर्ज किया।

    मुंबई: मुंबई के BKC स्थित Bharat Diamond Bourse से जुड़े हीरा कारोबार में करीब ₹4 करोड़ के कथित भुगतान विवाद ने पुलिस जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एक कारोबारी पर 983 कैरेट के हीरे बिक्री के लिए लेने के बाद उनका भुगतान नहीं करने और माल वापस नहीं करने का आरोप है। इस मामले में BKC Police ने Smit Alpeshbhai Shah के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी द्वारा BDB के कुछ अन्य कारोबारियों से भी इसी तरह हीरे लेने की बात सामने आई है।

    मामला Stellar Gems Private Limited की शिकायत पर दर्ज किया गया है। कंपनी के sales manager Mrugesh Hasmukh Shah ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी की Smit Shah की firm Parshwapadya Diamond के साथ पिछले कुछ महीनों से diamond trading चल रही थी। शुरुआती transactions में payment समय पर मिलने के कारण दोनों के बीच कारोबारी भरोसा बना।

    इसके बाद कारोबार का दायरा बढ़ा और Stellar Gems ने कई consignments में 983 कैरेट के diamonds बिक्री के लिए दिए। इनकी कीमत करीब ₹4 करोड़ बताई गई है।

    भुगतान का समय आया तो संपर्क टूट गया

    शिकायत के मुताबिक, diamonds दिए जाने के बाद तय समय में payment नहीं किया गया। कंपनी की ओर से रकम के लिए आरोपी से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन payment नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि diamonds भी वापस नहीं किए गए।

    मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब जून 2026 के बाद आरोपी ने कथित तौर पर फोन कॉल और messages का जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद Stellar Gems की ओर से BKC Police में शिकायत दर्ज कराई गई।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सामने आया कि आरोपी ने Bharat Diamond Bourse से जुड़े कुछ अन्य diamond traders से भी इसी तरह diamonds लिए थे। हालांकि, दूसरे कारोबारियों की संख्या, उनसे लिए गए diamonds की मात्रा और उनकी कुल कीमत अभी जांच का विषय है।

    आरोपी तक कारोबारी संपर्क कैसे पहुंचा?

    शिकायत में आरोपी और Stellar Gems के बीच बने कारोबारी संबंध की शुरुआत का भी उल्लेख है। शिकायतकर्ता Mrugesh Hasmukh Shah, Shum Diamond Company के proprietor Rajendra Momaya को जानते थे। शिकायत के अनुसार, Momaya ने उनकी पहचान Smit Shah की firm Parshwapadya Diamond से कराई थी।

    इसके बाद दोनों firms के बीच diamond trading शुरू हुई। शुरुआत में transactions का payment समय पर होने के कारण कारोबारी संबंध आगे बढ़े। इसी दौरान बाद की consignments में बड़ी मात्रा में diamonds दिए गए।

    यानी पुलिस के सामने अब सिर्फ यह सवाल नहीं है कि करीब ₹4 करोड़ के diamonds का payment क्यों नहीं हुआ, बल्कि यह भी जांच का विषय है कि आरोपी ने दूसरे कारोबारियों के साथ कितने ऐसे transactions किए और उन transactions का बाद में क्या हुआ।

    Diamond Memo/Jangad व्यवस्था भी महत्वपूर्ण कड़ी

    इस मामले को समझने के लिए diamond industry में इस्तेमाल होने वाली Memo या Jangad व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। B2B diamond trade में कई बार supplier दूसरे trader को diamonds बिक्री के लिए देता है। इसे memorandum या consignment arrangement के तहत किया जा सकता है। माल बिकने के बाद settlement हो सकता है और तय शर्तों के अनुसार unsold stock वापस किया जा सकता है।

    Gem & Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) के Code of Ethics में memorandum transactions के लिए consignment records, stock register, receiving confirmation और insurance जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया गया है।

    इसी वजह से इस मामले की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि Stellar Gems और आरोपी की firm के बीच diamonds किस कारोबारी arrangement के तहत दिए गए थे, delivery और receiving का रिकॉर्ड क्या था तथा payment और return की शर्तें क्या तय थीं।

    हालांकि, इन specific agreements या documents की पूरी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

    जांच अब सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं

    इस मामले का सबसे अहम पहलू यही है कि पुलिस की शुरुआती जांच में BDB के अन्य कारोबारियों से भी diamonds लेने की बात सामने आई है। अगर इन transactions की पुष्टि होती है, तो मामले का दायरा एक कंपनी के कथित ₹4 करोड़ के नुकसान से आगे बढ़ सकता है।

    पुलिस को अब अलग-अलग transactions की कड़ियों को जोड़ना होगा। इसमें यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी ने किन कारोबारियों से diamonds लिए, कब लिए, किस value के लिये लिए, payment या return की क्या शर्तें थीं और संबंधित stock की स्थिति क्या है।

    फिलहाल दूसरे कारोबारियों से जुड़े कथित transactions की कुल value सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए करीब ₹4 करोड़ को पूरे मामले का अंतिम financial loss मानना जल्दबाजी होगी।

    ‘फर्जी कंपनी’ बनाने का भी आरोप

    शिकायत में Smit Shah पर diamond traders को कथित तौर पर धोखा देने के लिए bogus company बनाने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, यह शिकायत में लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    Police investigation में इस आरोप के साथ-साथ आरोपी की firm, उसके कारोबारी transactions और दूसरे traders के साथ हुए लेन-देन की भी जांच की जा सकती है। जब तक जांच में इसकी पुष्टि नहीं होती, तब तक इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

    पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

    BKC Police ने मामले में cheating और criminal misappropriation के आरोपों के तहत कार्रवाई की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    अब जांच का फोकस आरोपी से जुड़े कारोबारी transactions, दूसरे traders से लिए गए diamonds और उनके payment या return की स्थिति पर रहेगा। साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि 983 कैरेट diamonds में से कोई हिस्सा बरामद हुआ है या नहीं।

    फिलहाल diamonds की recovery या ₹4 करोड़ की रकम वापस मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

    एक कारोबारी विवाद से बड़े जांच दायरे तक पहुंचा मामला

    मुंबई के diamond business से जुड़े इस मामले में शुरुआत एक कंपनी के करीब ₹4 करोड़ के कथित payment dispute से हुई, लेकिन BDB के अन्य कारोबारियों से भी diamonds लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा अब बढ़ गया है।

    अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या सभी transactions सामान्य कारोबारी व्यवस्था के तहत हुए थे और बाद में payment dispute पैदा हुआ, या जांच में कई कारोबारियों से जुड़े transactions में कोई समान pattern सामने आता है।

    इसका जवाब पुलिस की आगे की जांच और संबंधित कारोबारी रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    फिलहाल Smit Alpeshbhai Shah पर लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। अदालत की ओर से उनकी दोषसिद्धि नहीं हुई है।

  • मुंबई में ₹4 लाख की ठगी से खुला बड़ा राज, 22 म्यूल खातों का ₹7.42 करोड़ से लिंक

    मुंबई में ₹4 लाख की ठगी से खुला बड़ा राज, 22 म्यूल खातों का ₹7.42 करोड़ से लिंक

    मुंबई में ₹4 लाख के Telegram टास्क स्कैम की जांच से 22 म्यूल बैंक खाते सामने आए। इनका लिंक 42 साइबर फ्रॉड शिकायतों और ₹7.42 करोड़ से जुड़ा पाया गया है।

    मुंबई: मुंबई में सिर्फ ₹4 लाख की ऑनलाइन ठगी की जांच करते हुए खार पुलिस को एक बड़े साइबर नेटवर्क का पता चला है। जांच में 22 mule bank accounts सामने आए हैं, जिनका लिंक देशभर में दर्ज कम से कम 42 cyber fraud complaints से बताया जा रहा है। इन शिकायतों में कुल ₹7.42 crore से अधिक की रकम शामिल है।

    मामले की शुरुआत एक Telegram task scam से हुई थी, जिसमें एक महिला को ऑनलाइन पार्ट-टाइम काम और कमीशन का लालच दिया गया। शिकायत के अनुसार, महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹4.07 lakh जमा किए, लेकिन promised payment नहीं मिला। इसके बाद शुरू हुई जांच बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की कड़ियों से होते हुए पुलिस कथित बड़े नेटवर्क तक पहुंची।

    पुलिस की जांच में Avinash Kharat और Vikas Bhujbal की कथित भूमिका सामने आई है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों की गिरफ्तारी कर पुलिस जांच कर रही है।

    Telegram task scam से शुरू हुई कहानी

    खार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष कटे ने बताया कि, 6 फरवरी को एक एयरलाइन ग्राउंड स्टाफकर्मी से कथित तौर पर ‘Riya Sanvi’ नाम से संपर्क किया गया। उसे बताया गया कि वह बिना किसी जॉइनिंग फीस के पार्ट-टाइम ऑनलाइन काम कर सकती है।

    महिला को Amazon के उत्पादों के स्क्रीनशॉट लेने और उन्हें भेजने जैसे छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क दिए गए। इन कामों के बदले कमीशन मिलने का भरोसा दिया गया। बाद में उसे एक Telegram group में जोड़ा गया और अधिक कमाई का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा गया।

    शिकायत के मुताबिक, महिला ने कुल ₹4,07,764 यानी करीब ₹4.07 लाख जमा किए। जब उसे promised commission नहीं मिला तो उसे ठगी का एहसास हुआ और मामला खार पुलिस तक पहुंचा।

    यहीं से यह सामान्य ऑनलाइन ठगी का मामला एक बड़े Mumbai cyber fraud नेटवर्क की जांच में बदल गया।

    ₹4.07 लाख की शिकायत से 22 mule bank accounts तक पहुंची जांच

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक लेनदेन और तकनीकी जानकारी की जांच शुरू की। जांच में पैसे के ट्रेल को अलग-अलग बैंक खातों से जोड़कर देखा गया।

    जांच आगे बढ़ने पर पुणे के चाकण इलाके से जुड़े एक फ्लैट और बैंक खातों की जानकारी सामने आई। पुलिस को ऐसे खातों का नेटवर्क मिला, जिनका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने में इस्तेमाल किया गया था।

    जांच में कुल 22 mule bank accounts का खुलासा

    इनमें:

    • 13 बैंक खाते — Avinash Kharat से जुड़े
    • 9 बैंक खाते — Vikas Bhujbal से जुड़े

    बताए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने नाम के साथ-साथ अन्य लोगों के नाम पर भी बैंक खाते खुलवाए और कथित तौर पर इन खातों को साइबर जालसाजों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया।

    हालांकि, इन खातों की पूरी भूमिका और कथित नेटवर्क में आरोपियों की वास्तविक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

    22 खातों का 42 cyber fraud complaints से लिंक

    जांच का सबसे बड़ा खुलासा तब सामने आया जब इन बैंक खातों का संबंध देशभर में दर्ज कम से कम 42 cyber fraud complaints से मिलने की बात सामने आई।

    इन शिकायतों में बताई गई कुल रकम ₹7,42,28,409, यानी करीब ₹7.42 crore, बताई गई है।

    यह रकम अलग-अलग शिकायतों में रिपोर्ट की गई कुल राशि है। इसे अदालत द्वारा अंतिम रूप से साबित हुई धोखाधड़ी की रकम के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि मामले की जांच अभी जारी है।

    यानी एक तरफ शुरुआत सिर्फ करीब ₹4.07 lakh की शिकायत से हुई थी, जबकि बैंक खातों की जांच ने करीब ₹7.42 crore की कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कड़ियां सामने ला दीं।

    क्या होता है mule bank account?

    साइबर अपराध की भाषा में mule bank account ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है जिसका इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क के लिए पैसे प्राप्त करने या आगे ट्रांसफर करने में किया जाता है।

    ऑनलाइन फ्रॉड में ठगी की रकम को सीधे मुख्य जालसाज के खाते में भेजने के बजाय कई बार ऐसे खातों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे रकम को अलग-अलग खातों में घुमाया जा सकता है और उसके वास्तविक स्रोत तथा अंतिम लाभार्थी तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए अधिक मुश्किल हो सकता है।

    इस मामले में पुलिस का आरोप है कि सामने आए बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन के लिए किया गया। जांच में अब इन खातों के पूरे financial trail को खंगाला जा रहा है।

    1930 हेल्पलाइन और साइबर डेटा से मिली अहम कड़ियां

    पुलिस ने जांच के दौरान बैंकिंग लेनदेन के साथ तकनीकी विश्लेषण का भी इस्तेमाल किया। खबर के अनुसार, 1930 cyber crime helpline और साइबर अपराध से जुड़े समन्वय तंत्र से प्राप्त जानकारी ने अलग-अलग शिकायतों और बैंक खातों के बीच संबंध तलाशने में मदद की।

    इसी जांच के दौरान Avinash Kharat और Vikas Bhujbal की कथित भूमिका सामने आई।

    अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल कौन कर रहा था, रकम किस तरह आगे भेजी जाती थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

    FIR में BNS और IT Act की धाराएं

    मामले में Crime Register No. 183/2026 के तहत दर्ज FIR के अनुसार, मामले में:

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)
    • Information Technology Act की धारा 66(c)
    • Information Technology Act की धारा 66(d)

    लगाई गई हैं।

    ये धाराएं मामले में लगाए गए आरोपों के आधार पर FIR का हिस्सा हैं। FIR में दर्ज आरोपों को अदालत द्वारा सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता।

    जांच की निगरानी और पुलिस टीम

    मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की जांच खार पुलिस की टीम कर रही है। जांच में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक Santosh Kate, पुलिस निरीक्षक Dipali Marale, पुलिस उपनिरीक्षक Vijay Said, पुलिस उपनिरीक्षक Govind Bedke समेत पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही।

    मामले की निगरानी DCP Mohit Garg और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक Santosh Kate के स्तर पर की गई।

    अब आगे क्या जांच करेगी पुलिस?

    जांच का अगला फोकस इन 22 बैंक खातों के पूरे transaction trail पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

    • खातों में रकम किन साइबर फ्रॉड मामलों से पहुंची;
    • रकम आगे किन खातों में ट्रांसफर की गई;
    • इन खातों का वास्तविक संचालन कौन करता था;
    • नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं;
    • 42 शिकायतों के पीछे एक ही नेटवर्क था या अलग-अलग साइबर अपराधियों के बीच इन खातों का इस्तेमाल हुआ।

    इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही कथित नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

    ₹4 लाख की शिकायत ने खोला ₹7.42 करोड़ का रास्ता

    इस मामले की सबसे अहम बात यही है कि जांच की शुरुआत करीब ₹4.07 lakh के Telegram task scam से हुई थी। लेकिन एक शिकायत से शुरू हुई बैंकिंग और डिजिटल ट्रेल की जांच ने 22 mule bank accounts तक पहुंच बनाई, जिनका लिंक 42 cyber fraud complaints से बताया जा रहा है।

    इन शिकायतों में कुल रकम करीब ₹7.42 crore है।

    अब पुलिस इस कथित नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों, बैंक खातों के इस्तेमाल और पैसों के पूरे रास्ते की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 22 खातों का इस्तेमाल किस स्तर तक और कितने साइबर अपराधों में किया गया है।

  • Bigg Boss फेम के घर ₹1 करोड़ की चोरी, आरोपी दरभंगा से गिरफ्तार; ₹51 लाख बरामद

    Bigg Boss फेम के घर ₹1 करोड़ की चोरी, आरोपी दरभंगा से गिरफ्तार; ₹51 लाख बरामद

    Bigg Boss फेम लोपामुद्रा राउत के घर ₹1 करोड़ की चोरी का आरोपी दरभंगा से गिरफ्तार। पुलिस ने ₹51 लाख की नकदी और कीमती सामान बरामद किया।

    मुंबई: फिल्म अभिनेत्री और मॉडल लोपामुद्रा राउत के मुंबई स्थित घर में हुई करीब ₹1 करोड़ की चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने बिहार के दरभंगा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदन मुखिया के रूप में हुई है, जो दरभंगा जिले के सोनकी थाना क्षेत्र के गोठ मिट्टी गांव का रहने वाला बताया गया है।

    मुंबई पुलिस की टीम ने दरभंगा पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। उसके पास से महंगी घड़ी, सोने के बिस्किट और नकदी समेत चोरी से जुड़ी करीब ₹51 लाख की संपत्ति बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

    सांताक्रूज पुलिस थाने में दर्ज हुई थी FIR

    लोपामुद्रा राउत के घर चोरी के बाद मुंबई के सांताक्रूज पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान तकनीकी जानकारी, मोबाइल फोन और लोकेशन से जुड़े सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। जांच की कड़ी बिहार के दरभंगा तक पहुंचने के बाद मुंबई पुलिस की टीम वहां गई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से सोनकी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चंदन मुखिया को गिरफ्तार किया गया।

    वेंटिलेटर के रास्ते घर में घुसने का दावा

    पुलिस जांच से जुड़ी अहम कड़ी के अनुसार, आरोपी ने अभिनेत्री के घर में वेंटिलेटर के रास्ते प्रवेश किया था। बताया गया है कि वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी और आरोपी ने कथित तौर पर यह सुनिश्चित किया कि घर में कोई मौजूद न हो।

    सांताक्रूज पुलिस से मिली जानकारी में यह भी बताया गया है कि आरोपी बंद घरों की रेकी करता था। इसी दौरान उसकी नजर लोपामुद्रा राउत के सांताक्रूज स्थित घर पर पड़ी। इसके बाद कथित तौर पर मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।

    ₹12.50 लाख की लग्जरी घड़ी और सोने के बिस्किट बरामद

    दरभंगा में गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से चोरी से जुड़ी कई कीमती वस्तुएं बरामद होने की बात सामने आई है। इनमें करीब ₹12.50 लाख कीमत की लग्जरी घड़ी, लगभग ₹30 लाख मूल्य के दो सोने के बिस्किट और करीब ₹9 लाख नकद शामिल बताए गए हैं।

    मिली जानकारी में इन बरामद वस्तुओं और नकदी की कुल कीमत कभी करीब ₹51 लाख बता रही है। तो कभी पुलिस सूत्रों में कभी करीब ₹50 लाख के सामान और ₹9 लाख नकद बरामद होने का उल्लेख किया जा रहा है।

    हालांकि, चोरी की पूरी रकम और संपत्ति की बरामदगी अभी नहीं हुई है। पुलिस अन्य सामानों का पता लगाने में जुटी है।

    चोरी की रकम से जमीन खरीदने की भी जांच

    जांच में आरोपी के बिहार कनेक्शन के सामने आने के बाद पुलिस ने उसके आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंदन मुखिया ने कथित तौर पर चोरी के पैसों का इस्तेमाल अपनी बहन के नाम पर करीब दो कट्ठा जमीन खरीदने में किया।

    इस जमीन की खरीद से जुड़े मामले में सोनकी थाना क्षेत्र के देकुली बाजार के एक हार्डवेयर व्यवसायी कैलाश साह से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    ज्वेलरी कारोबारी से पूछताछ के बाद सोने के बिस्किट मिले

    खबर के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने एक ज्वेलरी कारोबारी से भी पूछताछ की। इसके बाद दो सोने के बिस्किट बरामद किए गए।

    इन दोनों बिस्किट की कीमत करीब ₹30 लाख बताई गई है। इसके अलावा आरोपी के पास से महंगी घड़ी और नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।

    मुंबई से दरभंगा तक पहुंची पुलिस की जांच

    इस मामले में मुंबई पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच दरभंगा तक पहुंची।

    इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम ने दरभंगा की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुंबई लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    करीब ₹1 करोड़ की चोरी, आधे से ज्यादा रकम की बरामदगी

    लोपामुद्रा राउत के घर से चोरी की कुल कीमत करीब ₹1 करोड़ बताई गई है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस करीब ₹51 लाख की संपत्ति और नकदी बरामद कर चुकी है।

    बरामदगी में लग्जरी घड़ी, सोने के बिस्किट और नकदी शामिल हैं। पुलिस अब चोरी की बाकी संपत्ति का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि चोरी की रकम को कहां-कहां इस्तेमाल किया गया।

    आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले में उसके संभावित सहयोगियों और चोरी के पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

  • मुंबई में 6 घरों में सेंधमारी का खुलासा, 26 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार; ₹45.26 लाख बरामद

    मुंबई में 6 घरों में सेंधमारी का खुलासा, 26 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार; ₹45.26 लाख बरामद

    एमएचबी पुलिस ने छह सेंधमारी की वारदातों का खुलासा करते हुए 26 वर्षीय आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी से ₹45.26 लाख का मुद्देमाल बरामद हुआ।

    मुंबई: मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की छह वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय आरोपी कुलजीत सिंह उर्फ सनी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से सोने के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच समेत कुल ₹45 लाख 26 हजार 690 रुपये का मुद्देमाल बरामद किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपियों की तलाश और मामलों के खुलासे के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपराध प्रकटीकरण टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और वारदात के तरीके का विश्लेषण करते हुए जांच शुरू की।

    सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला सुराग

    जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने के तरीके और आरोपी की गतिविधियों की तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया।

    जांच में आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद पुलिस ने मुंबई के अलावा नवी मुंबई, तुर्भे, वाशी और कोपरखैरणे इलाके में उसकी तलाश शुरू की।

    पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई से बाहर निकल गया है। इसके बाद उसकी संभावित आवाजाही और ठिकानों पर नजर रखी गई।

    राजस्थान जाने की खबर, गुजरात में पुलिस ने पकड़ा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी राजस्थान के जयपुर की ओर जा रहा है। जांच के दौरान उसके गुजरात की तरफ जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने गुजरात पुलिस की मदद से उसकी तलाश तेज की।

    आखिरकार आरोपी को नियोल चेक पोस्ट के पास पकड़ा गया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुलजीत सिंह उर्फ सनी, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है।

    ₹45.26 लाख का मुद्देमाल बरामद

    पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया गया। बरामदगी में शामिल है:

    • 329.33 ग्राम सोने के आभूषण — कीमत ₹44,12,620
    • नकद रकम — ₹70,070
    • मोबाइल फोन — ₹24,000
    • स्मार्ट वॉच — ₹20,000

    इन सभी की कुल कीमत ₹45,26,690 बताई गई है।

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    गिरफ्तार आरोपी के साथ एमएचबी पुलिस की तस्वीर

    छह सेंधमारी के मामलों का खुलासा

    पुलिस के अनुसार आरोपी से हुई पूछताछ और जांच के आधार पर एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज छह मामलों से उसका संबंध सामने आया है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निम्न मामलों का उल्लेख किया:

    1. गु.र.क्र. 758/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    2. गु.र.क्र. 590/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    3. गु.र.क्र. 582/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    4. गु.र.क्र. 369/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    5. गु.र.क्र. 350/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    6. लक्ष्मीनारायण परिसर से संबंधित क्रमांक 302 का मामला।

    पुलिस रिकॉर्ड की जांच में आरोपी के खिलाफ दादर, माहिम, कांदिवली, आरसीएफ, धारावी, भायखला, खेरवाड़ी और मानपाडा समेत अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में भी सेंधमारी के मामले दर्ज होने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।

    पुलिस टीम की कार्रवाई

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने की अपराध प्रकटीकरण टीम ने की। प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त संदीप पुणे, सहायक पुलिस आयुक्त सुधाकर हुंबे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विवेक सोनवणे के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई।

    वहीं, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे (अपराध) के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने के अपराध प्रकटीकरण अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक वत्रे तथा पुलिसकर्मी साळुंखे, ढामळे, पवार, मस्के और घाडगे ने तकनीकी जांच और मैदानी स्तर पर जानकारी जुटाकर आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी के मुंबई से बाहर निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम उसकी तलाश करते हुए गुजरात पहुंची और नियोल चेक पोस्ट के पास उसे गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पूरी अपराध प्रकटीकरण टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • मुंबई लोकल में सांप की अफवाह, 12 मिनट रुकी ट्रेन

    मुंबई लोकल में सांप की अफवाह, 12 मिनट रुकी ट्रेन

    मुंबई लोकल के महिला डिब्बे में सांप होने की अफवाह से हड़कंप मच गया। यात्रियों ने अलार्म चेन खींच दी, जिससे ट्रेन 12 मिनट तक रुकी रही। रेलवे और RPF की जांच में क्या सामने आया, जानिए पूरी खबर।

    मुंबई: मुंबई की सेंट्रल लाइन पर शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक लोकल ट्रेन के महिला डिब्बे में सांप होने की सूचना फैल गई। घबराई महिला यात्रियों ने अलार्म चेन खींच दी, जिसके बाद ट्रेन को नाहुर स्टेशन के पास रोकना पड़ा। करीब 12 मिनट तक चली जांच के बाद ट्रेन को दोबारा रवाना किया गया, लेकिन रेलवे और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को कोच में कोई सांप नहीं मिला।

    क्या है पूरा मामला?

    यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे की बताई जा रही है। ठाणे से मुंबई की ओर जा रही लोकल ट्रेन जैसे ही नाहुर स्टेशन के पास पहुंची, तभी महिला डिब्बे में मौजूद कुछ यात्रियों ने सांप दिखाई देने का दावा किया।

    कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे डिब्बे में फैल गई और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए महिला यात्रियों ने अलार्म चेन खींच दी, जिसके कारण ट्रेन को तुरंत रोकना पड़ा।

    12 मिनट तक रुकी रही लोकल

    अलार्म चेन खींचे जाने के बाद रेलवे अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने महिला डिब्बे समेत पूरे कोच की गहन जांच की।

    रेलवे के मुताबिक, ट्रेन करीब 12 मिनट तक रुकी रही। जांच पूरी होने के बाद सुबह लगभग 9:26 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया।

    दो स्टेशनों पर हुई जांच

    रेलवे अधिकारियों ने सबसे पहले नाहुर स्टेशन के पास ट्रेन की तलाशी ली। इसके बाद एहतियात के तौर पर कुर्ला स्टेशन पर भी दोबारा जांच की गई।

    हालांकि, दोनों जगहों पर हुई जांच में किसी तरह का सांप या अन्य सरीसृप नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए गए।

    रेलवे ने क्या कहा?

    सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के अनुसार, कई महिला यात्रियों ने डिब्बे में सांप देखने की सूचना दी थी। इसी वजह से तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेन को रोका गया और पूरी जांच की गई।

    रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में ट्रेन के अंदर सांप मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

    यात्रियों में मचा हड़कंप

    सांप की सूचना मिलते ही महिला यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, अधिकारियों ने यात्रियों को शांत कराया और पूरी जांच के बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी।

    इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या किसी अन्य नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

    एक नजर में

    • घटना का समय: शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे
    • स्थान: नाहुर स्टेशन के पास
    • ट्रेन रुकी: करीब 12 मिनट
    • जांच: नाहुर और कुर्ला स्टेशन पर तलाशी
    • नतीजा: ट्रेन में सांप नहीं मिला
    • नुकसान: किसी के घायल होने की सूचना नहीं

    नोट: रेलवे और आरपीएफ की जांच में अब तक ट्रेन के अंदर सांप मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। कई यात्रियों ने सांप देखने का दावा किया था, लेकिन अधिकारियों को तलाशी के दौरान कोई सरीसृप नहीं मिला।

  • गोराई में बर्थडे पार्टी के दौरान कथित फायरिंग, पुलिस का एक्शन

    गोराई में बर्थडे पार्टी के दौरान कथित फायरिंग, पुलिस का एक्शन

    मुंबई के गोराई-2 इलाके में सड़क पर बर्थडे पार्टी के दौरान कथित एअरगन फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद बोरीवली पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मुंबई के गोराई-2 इलाके में सड़क पर जन्मदिन की पार्टी मनाना 10 लोगों को भारी पड़ गया। 5 अगस्त की मध्यरात्रि को गोराई स्थित घारकुल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के बाहर सड़क पर आयोजित बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान कथित तौर पर एअरगन से फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बोरीवली पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, जन्मदिन का जश्न सार्वजनिक सड़क पर मनाया जा रहा था। आरोप है कि पार्टी के दौरान सड़क के बीच खड़ी कार के बोनट पर केक काटा गया और कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।

    क्या है पूरा मामला?

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, 5 अगस्त की रात गोराई-2 इलाके में कुछ युवक अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए जमा हुए थे। आधी रात के आसपास सड़क पर खड़ी एक कार के बोनट पर केक काटा गया। इसी दौरान कथित तौर पर एअरगन से फायरिंग किए जाने का आरोप है।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और संबंधित लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस अब वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

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    आकाश रामकृपाल गुप्ता, जिनका जन्मदिन था (बीच में), जिन पर इस मामले में नौ अन्य लोगों के साथ केस दर्ज किया गया है।

    किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला?

    बोरीवली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के अलावा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 201, 122 और 177, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(e) और 135 तथा आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।

    बोरीवली पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पुष्पलता मंडले ने कहा, “हमने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।”

    जांच की कमान वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में

    मामले की जांच पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) संदीप घुगे की निगरानी में की जा रही है। जांच टीम में सहायक पुलिस आयुक्त संतोष धनवटे, पुलिस निरीक्षक दिग्विजय पाटिल, क्राइम डिटेक्शन स्क्वाड के पुलिस निरीक्षक आनंद भगत, पुलिस उपनिरीक्षक राजू कोर्डे और पुलिस उपनिरीक्षक निर्मल कुमार भोसले शामिल हैं।

    पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कथित फायरिंग किसने की, एअरगन किसकी थी और वीडियो सबसे पहले किसने रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

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    किन लोगों को हिरासत में लिया गया?

    पुलिस ने इस मामले में आकाश रामकृपाल गुप्ता (26), जतिन नवीन शर्मा (26), विजयेश विजयप्रकाश उपाध्याय (26), विक्रम मंगलीलाल चौधरी उर्फ टॉम (29), ऐश्वर्या मधुकर गोमणे (26), अजिंक्य जयंत आढव (24), जय धर्मेंद्र कपाड़िया (27), रोहन जगदीश पाटिल (27), मुकुंद असराम थोरवे (25) और प्रशांत सुभाष हरिजन (25) को हिरासत में लिया है।

    पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े हर पहलू की जांच जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है। वायरल क्लिप में कुछ युवक सड़क पर जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कार के बोनट पर केक काटने और सड़क पर भीड़ जमा होने के दृश्य भी देखे जा सकते हैं।

    हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि वीडियो में दिखाई दे रही कथित फायरिंग किस परिस्थिति में हुई और क्या उससे किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा।

    सार्वजनिक सड़कों पर जश्न को लेकर फिर उठे सवाल

    मुंबई और उसके उपनगरों में सार्वजनिक सड़कों पर जन्मदिन मनाने, बाइक स्टंट करने और हथियारों के प्रदर्शन से जुड़े कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे आयोजनों के कारण कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के आयोजनों पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    फिलहाल बोरीवली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • MHADA Lottery: जनवरी में नई लॉटरी, लोढ़ा बोले- घर नहीं दिए तो जेल जाना पड़ेगा

    MHADA Lottery: जनवरी में नई लॉटरी, लोढ़ा बोले- घर नहीं दिए तो जेल जाना पड़ेगा

    MHADA Lottery News: मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी जनवरी-फरवरी 2027 में आने की तैयारी है। क्लस्टर योजना से 30 हजार घर मिलने की उम्मीद है। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने MHADA के घर नहीं सौंपने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

    (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई: मुंबई में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) की मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी को लेकर अपडेट सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार मुंबई बोर्ड की नई लॉटरी जनवरी या फरवरी 2027 में लाई जा सकती है।

    इस बार की सबसे बड़ी बात सिर्फ नई लॉटरी नहीं है, बल्कि क्लस्टर पुनर्विकास योजना के जरिए आने वाले वर्षों में 30 हजार से अधिक नए घर मिलने की योजना है। इन घरों को चरणबद्ध तरीके से MHADA Lottery के माध्यम से आम नागरिकों को उपलब्ध कराया जाएगा।

    वहीं, मुंबई में आयोजित MHADA लॉटरी कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने उन बिल्डरों को सख्त चेतावनी दी, जिन्होंने अतिरिक्त एफएसआई (FSI) का लाभ लेने के बावजूद MHADA के हिस्से के घर अब तक नहीं सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

    2,640 घरों के लिए आए 75 हजार से ज्यादा आवेदन

    मुंबई बोर्ड की हालिया लॉटरी में कुल 2,640 घरों को शामिल किया गया था। इन घरों के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और 75 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

    इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुंबई में किफायती घरों की मांग कितनी ज्यादा है। लगभग हर एक फ्लैट के लिए 28 से 29 लोगों के बीच मुकाबला रहा।

    MHADA अधिकारियों ने उन आवेदकों को निराश नहीं होने की सलाह दी, जिनका नाम इस बार विजेता सूची में शामिल नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में नई योजनाओं और लॉटरी के जरिए अधिक संख्या में घर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

    MHADA Lottery 2027 में क्या खास होगा?

    अगली MHADA Lottery को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसमें कितने घर शामिल होंगे और लोगों को क्या फायदा मिलेगा।

    अधिकारियों के अनुसार मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी में नए घर शामिल किए जाएंगे। हालांकि 30 हजार घर एक साथ जनवरी 2027 की लॉटरी में उपलब्ध नहीं होंगे।

    ये 30 हजार घर क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से MHADA को मिलने वाला आवास स्टॉक है।

    यानी जनवरी-फरवरी 2027 की लॉटरी एक शुरुआत होगी, जबकि आने वाले वर्षों में घरों की संख्या लगातार बढ़ सकती है।

    925 एकड़ में क्लस्टर पुनर्विकास से मिलेंगे 30 हजार घर

    मुंबई में जमीन की कमी और पुराने भवनों की समस्या को देखते हुए MHADA क्लस्टर पुनर्विकास योजना पर काम कर रही है।

    इस योजना के तहत लगभग 925 एकड़ क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसमें पुराने और जर्जर इलाकों को एक साथ विकसित किया जाएगा।

    योजना के तहत:

    • करीब 65 हजार स्थानीय लोगों का उसी स्थान पर पुनर्वास किया जाएगा।
    • नई इमारतों और सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
    • पुनर्वास के बाद अतिरिक्त घर MHADA को मिलेंगे।
    • इन घरों को भविष्य की लॉटरी योजनाओं के जरिए आम लोगों को दिया जाएगा।

    यह योजना मुंबई में Affordable Housing की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

    किन इलाकों में हो सकता है फायदा?

    क्लस्टर पुनर्विकास योजना के तहत मुंबई के कई पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को विकसित करने की योजना है।

    इनमें प्रमुख रूप से:

    • गोरेगांव का मोतीलाल नगर
    • वर्ली आदर्श नगर
    • बांद्रा क्षेत्र की पुनर्विकास परियोजनाएं
    • अन्य MHADA कॉलोनियां

    शामिल हैं।

    हालांकि किसी भी इलाके की अंतिम सूची और फ्लैट उपलब्धता संबंधित आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।

    मुंबई में बढ़ रही है किफायती घरों की मांग

    मुंबई देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में शामिल है। निजी बाजार में घरों की बढ़ती कीमतों के कारण MHADA Lottery आम मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बड़ा विकल्प बन गई है।

    2,640 घरों के लिए 75 हजार से ज्यादा आवेदन इस बात का प्रमाण हैं कि सरकारी आवास योजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

    यही कारण है कि सरकार और MHADA आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में नए घर तैयार करने पर जोर दे रहे हैं।

    MHADA की 7.5 लाख घरों की बड़ी योजना

    MHADA सिर्फ मुंबई बोर्ड की लॉटरी तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर आवास निर्माण की योजना पर काम कर रहा है।

    MHADA की भविष्य की योजना में:

    • किफायती आवास
    • किराये के मकान
    • छात्र आवास
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास

    जैसी योजनाएं शामिल हैं।

    प्राधिकरण लंबे समय में लाखों घरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

    लोढ़ा ने बिल्डरों को क्यों दी चेतावनी?

    MHADA के अनुसार कुछ बिल्डरों ने अतिरिक्त एफएसआई का लाभ लेने के बाद भी प्राधिकरण को मिलने वाले घर नहीं सौंपे हैं।

    इसी मुद्दे पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नाराजगी जताई।

    उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी और नियमों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों को छोड़ा नहीं जाएगा।

    लोढ़ा की चेतावनी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि MHADA को मिलने वाले घर समय पर उपलब्ध हों और उनका लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।

    MHADA Lottery 2027 के लिए लोगों को क्या करना चाहिए?

    जो लोग अगली MHADA Lottery में आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अभी से अपने दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

    जरूरी दस्तावेजों में आमतौर पर शामिल होते हैं:

    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • आय प्रमाण पत्र
    • बैंक खाता विवरण
    • निवास प्रमाण पत्र
    • अन्य आवश्यक दस्तावेज

    आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को केवल MHADA की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही आवेदन करना चाहिए।

    MHADA Lottery 2027 के लिए आवेदन कहां करें?

    MHADA मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी का आवेदन शुरू होने के बाद उम्मीदवार केवल MHADA के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की तारीख, योजना की जानकारी, पात्रता और फ्लैट की कीमत से जुड़ी जानकारी आधिकारिक विज्ञापन में जारी की जाएगी।

    MHADA Lottery Official Portal:
    MHADA Housing Lottery System

    MHADA Official Website:
    MHADA Official Website

    क्या 30 हजार घरों की लॉटरी एक साथ आएगी?

    नहीं। 30 हजार घर क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं से मिलने वाला अनुमानित आवास स्टॉक है।

    ये घर अलग-अलग चरणों में तैयार होंगे और भविष्य की MHADA Lottery में शामिल किए जाएंगे।

    MHADA Lottery 2027: आम लोगों के लिए क्या मतलब?

    मुंबई में घर खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है। ऐसे में MHADA की आने वाली लॉटरी लाखों परिवारों के लिए उम्मीद बन सकती है।

    अगर क्लस्टर पुनर्विकास योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो आने वाले वर्षों में मुंबई में किफायती घरों की संख्या बढ़ सकती है।

    जनवरी-फरवरी 2027 की प्रस्तावित MHADA Lottery इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह सिर्फ कुछ हजार घरों की लॉटरी नहीं होगी, बल्कि मुंबई के भविष्य के आवास मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत भी है।

    FAQ

    MHADA की अगली लॉटरी कब आएगी?

    मुंबई बोर्ड की अगली MHADA Lottery जनवरी या फरवरी 2027 में आने की संभावना जताई गई है।

    MHADA की पिछली लॉटरी में कितने घर थे?

    मुंबई बोर्ड की पिछली लॉटरी में 2,640 घर शामिल थे।

    30 हजार MHADA घर कब मिलेंगे?

    क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ये घर चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध होंगे।

    MHADA Lottery के लिए आवेदन कैसे करें?

    आवेदन MHADA की आधिकारिक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

    क्या पिछली लॉटरी का आवेदन अगली लॉटरी में चलेगा?

    नहीं, प्रत्येक नई लॉटरी के लिए अलग आवेदन करना होता है।

    क्या अभी MHADA Lottery 2027 का फॉर्म भर सकते हैं?

    नहीं, अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। MHADA द्वारा आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

  • मुंबई लोकल में शर्मनाक हरकत! महिला को पीटा, बेल्ट निकालकर धमकाया, VIDEO वायरल

    मुंबई लोकल में शर्मनाक हरकत! महिला को पीटा, बेल्ट निकालकर धमकाया, VIDEO वायरल

    मुंबई की वेस्टर्न रेलवे लोकल में सीट को लेकर हुए विवाद के दौरान एक महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने और हाथ उठाने का वीडियो वायरल हो गया। बोरीवली GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पुरुष यात्री कथित तौर पर पहले महिला से बहस करता है, उसी दौरान महिला पर हाथ चलता है, फिर अपना बेल्ट निकालकर उसे धमकाने लगता है। यह पूरी घटना चलती लोकल ट्रेन के डिब्बे में कई यात्रियों के सामने हुई, लेकिन वीडियो में अधिकांश लोग मूकदर्शक नजर आते हैं।

    सीट के विवाद ने लिया हिंसक रूप

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना वेस्टर्न रेलवे की एक लोकल ट्रेन में हुई। बताया जा रहा है कि महिला सीट पर लेटी हुई थी। इसी बात को लेकर एक पुरुष यात्री ने उसे सीट खाली करने के लिए कहा। महिला के विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपना बेल्ट निकाल लिया। वीडियो में वह महिला को धमकाता दिखाई देता है और उस पर हाथ उठाने की भी कोशिश करता है।

    VIDEO वायरल, यात्रियों की चुप्पी पर भी उठे सवाल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में नाराजगी फैल गई। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि डिब्बे में कई यात्री मौजूद हैं, लेकिन बहुत कम लोग बीच-बचाव करते नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि समय रहते किसी यात्री ने हस्तक्षेप किया होता तो मामला इतना नहीं बढ़ता।

    बोरीवली GRP ने दर्ज किया मामला

    वीडियो वायरल होने के बाद बोरीवली Government Railway Police (GRP) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की पहचान करने और घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    महिला सुरक्षा पर फिर छिड़ी बहस

    मुंबई लोकल से हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। ऐसे में चलती ट्रेन के भीतर महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रेलवे प्रशासन से लोकल ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

    जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

    फिलहाल पुलिस आरोपी की पहचान और घटना के सटीक क्रम की जांच कर रही है। महिला और आरोपी की पहचान, घटना का सटीक समय और अन्य कानूनी पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करेगी।

    Fact Box

    • घटना: महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने का आरोप
    • स्थान: वेस्टर्न रेलवे की मुंबई लोकल
    • विवाद की वजह: सीट को लेकर कहासुनी
    • कार्रवाई: बोरीवली GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
    • स्थिति: आरोपी की पहचान और तलाश जारी
  • महाराष्ट्र सरकार लाई ‘शक्ति ऑन व्हील्स’, महिलाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

    महाराष्ट्र सरकार लाई ‘शक्ति ऑन व्हील्स’, महिलाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

    महाराष्ट्र सरकार ने ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ पहल शुरू की है। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद मोबाइल वैन के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचाए जाएंगे। इस योजना से महिलाओं को नया बाजार और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

    (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके उत्पादों को नया बाजार उपलब्ध कराने के लिए शक्ति ऑन व्हील्स पहल शुरू की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने मुंबई के सचिवालय जिमखाना में इस अभियान की शुरुआत की। इस पहल के तहत महिलाओं द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थ, घरेलू सामान और जैविक उत्पाद अब मोबाइल बिक्री वैन के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचाए जाएंगे।

    सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।

    क्या है ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ पहल?

    ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ एक मोबाइल मार्केटिंग और बिक्री मॉडल है, जिसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को विशेष वैन के माध्यम से शहरों और कस्बों तक पहुंचाया जाएगा। इन वैन को सरकारी कार्यालयों, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, हॉस्टलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

    इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को बिचौलियों पर निर्भर रहने से बचाना और उन्हें सीधे ग्राहकों से जोड़ना है।

    किन उत्पादों की होगी बिक्री?

    मोबाइल वैन के जरिए कई तरह के घरेलू और खाद्य उत्पाद बेचे जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—

    • पापड़ और अचार
    • देसी घी और मसाले
    • मिलेट (श्री अन्न) उत्पाद
    • विभिन्न प्रकार के आटे
    • रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ
    • घरेलू उपयोग की वस्तुएं
    • हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद

    सरकार का दावा है कि इन उत्पादों को प्राकृतिक और पारंपरिक तरीके से तैयार किया गया है।

    कामकाजी महिलाओं को कैसे मिलेगा फायदा?

    महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे के अनुसार, अगर ऐसी बिक्री वैन सरकारी कार्यालयों, तहसील कार्यालयों और मेट्रो स्टेशनों के बाहर उपलब्ध होंगी, तो कामकाजी महिलाओं को रेडी-टू-ईट भोजन, घरेलू सामान और अन्य जरूरी चीजें एक ही जगह पर आसानी से मिल सकेंगी।

    इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि स्थानीय महिला उद्यमियों की आय भी बढ़ेगी।

    महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

    महाराष्ट्र में हजारों महिला स्वयं सहायता समूह छोटे उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, हस्तशिल्प और कृषि आधारित व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। इनमें से कई समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए उचित बाजार नहीं मिल पाता था।

    ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ के जरिए सरकार इन समस्याओं को दूर करना चाहती है।

    इस पहल से महिलाओं को मिलने वाले संभावित फायदे—

    • उत्पादों के लिए नया बाजार
    • आय में वृद्धि
    • स्वरोजगार को बढ़ावा
    • बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी
    • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
    • स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी

    ‘उमेद’ और ‘लखपति दीदी’ अभियान से क्या है संबंध?

    पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई पहल शुरू की हैं। राज्य सरकार ने 13 जिलों में ‘उमेद मॉल’ स्थापित करने की घोषणा की थी, जहां स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद बेच सकें।

    इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें उद्यमिता से जोड़ने पर काम कर रही हैं। ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ को इसी रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है।

    राज्यभर में 100 मोबाइल वैन शुरू करने की तैयारी

    फिलहाल इस पहल की शुरुआत मुंबई से की गई है, लेकिन सरकार इसे पूरे महाराष्ट्र में विस्तार देने की योजना बना रही है। आने वाले समय में राज्यभर में कम से कम 100 मोबाइल बिक्री वैन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

    यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है।

    विशेषज्ञों की राय

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार मिल जाता है, तो इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता को भी नई ताकत मिलेगी।

    ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ केवल एक मोबाइल वैन योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम है। अगर यह पहल सफल रहती है, तो लाखों महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए नया बाजार मिलेगा और राज्य में महिला उद्यमिता को नई पहचान मिल सकती है।