Category: Maharashtra

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  • Malad Road Accident: 65 साल के ड्राइवर पर केस, महिला की मौत; थाने में VIP ट्रीटमेंट के आरोपों से मचा बवाल

    Malad Road Accident: 65 साल के ड्राइवर पर केस, महिला की मौत; थाने में VIP ट्रीटमेंट के आरोपों से मचा बवाल

    Malad Road Accident में महिला की मौत के बाद 65 वर्षीय ड्राइवर गिरफ्तार हुआ। पुलिस स्टेशन में VIP ट्रीटमेंट के आरोपों ने मामले को और गरमा दिया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट में 30 अगस्त की रात हुए सड़क हादसे के मामले में 65 वर्षीय कार ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, मामलतदार वाडी जंक्शन पर कार ने एक स्कूटर और इसके बाद तीन ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी, जिसमें प्रियंका शाह की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। वहीं, आरोपी को पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर VIP सुविधाएं दिए जाने के आरोपों ने अब हादसे के साथ-साथ पुलिस के रवैये पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मामलेदार वाडी जंक्शन पर कैसे हुआ हादसा?

    पुलिस के मुताबिक, हादसा 30 अगस्त की रात करीब 8 बजे मालाड वेस्ट के मामलेदार वाडी जंक्शन पर हुआ। उस वक्त Mayank Satra अपनी पत्नी Priyanka Satra के साथ Activa स्कूटर पर थे और दोनों ट्रैफिक सिग्नल पर रुके हुए थे।

    पुलिस का आरोप है कि कृष्ण चमनाकर नाम के 65 वर्षीय ड्राइवर ने कथित तौर पर तेज और लापरवाही से कार चलाते हुए स्कूटर को टक्कर मारी। इसके बाद कार तीन अन्य ऑटो रिक्शा से भी जा टकराई। हादसे में कई लोग घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई। प्रियंका सातरा को गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मौत हो गई।

    आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार, इन धाराओं में केस

    प्रियंका सातरा के परिवार की शिकायत के आधार पर मालाड पुलिस ने आरोपी कृष्ण चमनाकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार उस पर BNS की धारा 106(1), 281 और 125(A)(B) के साथ Motor Vehicles Act की धारा 184 के तहत कार्रवाई की गई है।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।

    अब पुलिस स्टेशन में ‘VIP ट्रीटमेंट’ के आरोप क्यों?

    हादसे के बाद मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों की तरफ से मालाड पुलिस स्टेशन में आरोपी के साथ कथित तौर पर विशेष व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

    आरोपों में कहा गया है कि आरोपी को लॉकअप में मोबाइल इस्तेमाल करने दिया गया, बैठने के लिए कुर्सी दी गई और बाद में उसे पुलिस स्टेशन के पीछे एक AC कमरे में बैठाए जाने की बात सामने आई। यह भी दावा किया गया कि मेडिकल जांच के नाम पर आरोपी को लॉकअप से बाहर ले जाया गया और परिजनों को उसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

    इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध पुलिस बयान से नहीं हुई है। इसलिए इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। इस मामले में पुलिस की ओर से कथित VIP सुविधाओं पर कोई स्पष्ट आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने तक इन दावों को पुख्ता तथ्य मानना सही नहीं होगा।

    ‘20 लोगों को रौंदने’ के दावे पर क्या सामने आया?

    इस घटना को लेकर अब तक की जानकारी में 20 लोगों के चपेट में आने और दो लोगों की मौत का दावा किया गया है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस-आधारित रिपोर्ट में हादसे में एक महिला की मौत, स्कूटर और तीन ऑटो रिक्शा के क्षतिग्रस्त होने तथा कई लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। पुलिस जांच के बाद मामला साफ होने की गुंजाइश जताई जा रहीं है।

    अब नजर पुलिस की जांच पर

    फिलहाल सबसे अहम दो पहलू हैं—हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच और पुलिस स्टेशन में आरोपी के साथ कथित विशेष व्यवहार की शिकायतों की जांच।

    सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है। वहीं, अगर पुलिस स्टेशन में मोबाइल, AC कमरे या अन्य विशेष सुविधाएं दिए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

    पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और पुलिस स्टेशन के CCTV फुटेज समेत उपलब्ध सबूतों की जांच की जाए। अब आगे की कार्रवाई और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया से यह साफ होगा कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।

  • कांदिवली स्टेशन के बाहर कथित देह व्यापार के आरोप, लॉज और Fire Safety पर उठे सवाल

    कांदिवली स्टेशन के बाहर कथित देह व्यापार के आरोप, लॉज और Fire Safety पर उठे सवाल

    कांदिवली स्टेशन के आसपास कथित देह व्यापार और लॉज को लेकर शिकायतों से सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। Fire NOC और पुलिस कार्रवाई पर भी नजर।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम रेलवे स्टेशन के आसपास कथित देह व्यापार और एक लॉज की गतिविधियों को लेकर स्थानीय नागरिकों की शिकायतों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि स्टेशन परिसर और स्टेशन के बाहर के रास्तों, पोस्ट ऑफिस गली और फाटक रोड इलाके में रात के समय संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इन शिकायतों के बीच अब लॉज की licensing, fire-safety compliance और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग उठ रही है।

    रात में स्टेशन के बाहर क्या आरोप लगाए गए?

    स्थानीय लोगों का दावा है कि शाम करीब 8 बजे के बाद पोस्ट ऑफिस गली, फाटक रोड और स्टेशन परिसर और आसपास कुछ महिलाएं और अन्य लोग व्यभिचार की लेनदेन करते हुए जमा देखे जाते हैं। इसका एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया है। नागरिकों के मुताबिक, इसका असर वहां से गुजरने वाले यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा और सहज आवाजाही पर पड़ रहा है।

    Happy Guest House को लेकर भी सवाल

    स्थानीय स्तर पर Happy Guest House/Happy Lodge को लेकर भी जांच की मांग की गई है। आरोप लगाए गए हैं कि वहां ठहरने वाले लोगों के दस्तावेजों और बांग्लादेशी नागरिकों के verification की जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस लॉज के खिलाफ मौजूदा समय में देह व्यापार, अवैध विदेशी नागरिकों को ठहराने या अन्य अपराध को लेकर कोई आधिकारिक FIR या पुलिस कार्रवाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

    ऐसे में अब सबसे अहम सवाल यही है कि संबंधित प्रशासन ने इस लॉज की licensing, guest records और सुरक्षा मानकों की जांच की है या नहीं।

    Fire Safety को लेकर चिंता क्यों बढ़ी?

    कांदिवली स्टेशन रोड पर 17 अगस्त 2026 को एक commercial building में आग लगी थी। दमकल विभाग ने smoke-filled building से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। इस घटना के बाद स्टेशन रोड और आसपास के lodging establishments में fire-safety व्यवस्था की जांच का सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है।

    हालांकि, Happy Guest House के पास Fire NOC नहीं होने का specific दावा अभी किसी आधिकारिक स्रोत से confirm नहीं हुआ है। इसलिए इसकी जांच Mumbai Fire Brigade और संबंधित civic authorities के रिकॉर्ड से होना जरूरी है।

    GRP, RPF और स्थानीय पुलिस की भूमिका भी अहम

    रेलवे परिसर में GRP और RPF की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। GRP रेलवे परिसर में law and order और criminal cases देखती है, जबकि RPF की प्रमुख जिम्मेदारी रेलवे संपत्ति और सुरक्षा से जुड़ी है।

    स्टेशन से बाहर के इलाके में स्थानीय पुलिस और civic authorities की भूमिका बनती है। इसलिए नागरिकों की शिकायत पर यह स्पष्ट होना जरूरी है कि किस agency ने क्या कार्रवाई की और क्या कोई शिकायत या मामला दर्ज हुआ है।

    अब नजर किस पर?

    फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कदम आरोपों की स्वतंत्र जांच है। स्टेशन परिसर और आसपास के CCTV, स्थानीय शिकायतें, लॉज के licence और guest records, Fire NOC तथा संबंधित पुलिस रिकॉर्ड की जांच से ही तस्वीर साफ हो सकती है।

    फिलहाल कांदिवली परिसर में इन बाजारू महिलाओं का जमावड़ा सवालों के घेरे में है। इनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

  • Mumbai Accident: बांद्रा में 8 साल के बच्चे की मौत, फोन पर बात करने का आरोप; महिला ड्राइवर गिरफ्तार

    Mumbai Accident: बांद्रा में 8 साल के बच्चे की मौत, फोन पर बात करने का आरोप; महिला ड्राइवर गिरफ्तार

    मुंबई के बांद्रा में सड़क पार कर रहे 8 साल के बच्चे की कार की टक्कर से मौत हो गई। पुलिस ने महिला ड्राइवर को गिरफ्तार कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: बांद्रा में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, जान बैपटिस्ट रोड पर जीजामाता गार्डन के सामने सड़क पार कर रहे बच्चे को एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद पुलिस ने कार चला रही महिला को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त महिला ड्राइवर के मोबाइल फोन पर बात करने और कार तेज रफ्तार में होने का आरोप है। हालांकि, इन पहलुओं की पुलिस अभी जांच कर रही है।

    बांद्रा में सड़क पार करते समय हुआ हादसा

    मृतक बच्चे की पहचान अंश रवींद्र गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, रविवार दोपहर अंश जान बैपटिस्ट रोड पर जीजामाता गार्डन के सामने सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान कार की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    टक्कर के बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    महिला ड्राइवर गिरफ्तार

    हादसे के बाद पुलिस ने कार चला रही करीब 45 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान बांद्रा निवासी मेघा रावल के तौर पर बताई गई है।

    पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में कार की रफ्तार और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल का आरोप सामने आया है। हादसे के वक्त वास्तव में क्या हुआ था, इसे लेकर पुलिस दूसरे पहलुओं को भी verify कर रही है।

    BNS और Motor Vehicles Act के तहत मामला

    पुलिस ने महिला ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ Motor Vehicles Act के तहत भी केस दर्ज किया है।

    अब पुलिस हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। इसमें कार की रफ्तार, घटना के समय ड्राइवर के मोबाइल इस्तेमाल और हादसा किस तरह हुआ, जैसे अहम पहलुओं को verify किया जा रहा है।

    फिलहाल मामले में जांच जारी है। पुलिस की आगे की जांच से यह साफ होगा कि हादसे के वक्त ड्राइविंग में किन परिस्थितियों की भूमिका रही और आरोपी ड्राइवर के खिलाफ दर्ज आरोपों में आगे क्या कार्रवाई होती है।

  • Mumbai Bank Election: Shinde camp की एंट्री से Darekar के गढ़ में मुकाबला, जानिए क्यों खास है ये चुनाव

    Mumbai Bank Election: Shinde camp की एंट्री से Darekar के गढ़ में मुकाबला, जानिए क्यों खास है ये चुनाव

    Mumbai Bank Election में Shinde camp की एंट्री से BJP के Pravin Darekar के गढ़ को चुनौती मिल रही है। जानिए बैंक, redevelopment और politics का पूरा कनेक्शन।

    मुंबई: Mumbai Bank Election को लेकर Maharashtra की सियासत में नया मोड़ आ गया है। Eknath Shinde camp ने Mumbai District Central Cooperative Bank यानी Mumbai Bank के चुनाव में अपना panel उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे BJP के वरिष्ठ नेता और मौजूदा Bank Chairman Pravin Darekar के मजबूत cooperative network को पहली बड़ी राजनीतिक चुनौती मिलती दिख रही है।

    खास बात ये है कि Shinde camp का ये कदम ऐसे समय आया है, जब हाल ही में Thane-Palghar District Central Cooperative Bank चुनाव में Shinde-backed Sahakar Panel ने 21 में से 16 सीटें जीतकर cooperative politics में अपनी ताकत दिखाई है। अब नजर Mumbai Bank पर है, जहां 2021 के चुनाव में Darekar-led Sahakar Panel ने 21 में 21 सीटों पर कब्जा जमाया था।

    Shinde camp की नजर Mumbai Bank पर क्यों?

    Shrikant Shinde की अगुवाई में Shinde camp Mumbai Bank चुनाव में अपनी ताकत आजमाने की तैयारी कर रहा है। मौजूदा स्थिति में इसे BJP और Shinde Sena के बीच सीधी political fight के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इसकी तस्वीर सिर्फ दो पार्टियों के मुकाबले तक सीमित नहीं है।

    Cooperative banks Maharashtra की local politics में काफी अहम माने जाते हैं। इनके जरिए cooperative societies, credit network और स्थानीय नेताओं के बीच लंबे समय से political influence तैयार होता रहा है।

    Mumbai Bank का network भी काफी बड़ा है। Bank के 31 March 2025 के official आंकड़ों के मुताबिक उसकी deposits करीब ₹8,738 करोड़ और loans and advances करीब ₹6,437 करोड़ थे। Working capital ₹10,282 करोड़ से ज्यादा था, जबकि total business करीब ₹15,175 करोड़ रहा।

    यानी चुनाव सिर्फ एक board की कुर्सियों का मामला नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा financial और cooperative network भी है।

    2021 में Darekar camp ने किया था clean sweep

    Mumbai Bank पर BJP camp की पकड़ नई नहीं है। 2021-22 के चुनाव में Pravin Darekar के नेतृत्व वाले Sahakar Panel ने 21 में से सभी 21 elected seats जीत ली थीं।

    इसके बाद Darekar Mumbai Bank के chairman बने और cooperative sector में BJP का influence मजबूत रहा।

    हालांकि Mumbai Bank का इतिहास यह भी बताता है कि director election का result और chairman-level power equation हमेशा एक जैसी नहीं होती। 2022 में chairman चुनाव में NCP के Siddharth Kamble ने BJP के Prasad Lad को 11-9 से हराया था। बाद में political समीकरण बदलने के साथ Pravin Darekar फिर chairman पद पर लौटे।

    यही वजह है कि आने वाले चुनाव में सिर्फ यह देखना महत्वपूर्ण नहीं होगा कि कौन कितनी seats जीतता है, बल्कि चुनाव के बाद board के अंदर power equation कैसी बनती है, इस पर भी नजर रहेगी।

    Thane-Palghar result ने बढ़ाया Shinde camp का confidence

    Shinde camp के लिए Mumbai Bank की चुनौती अचानक नहीं आई है। हालिया Thane-Palghar District Central Cooperative Bank चुनाव में Shinde-backed Sahakar Panel ने 21 में से 16 seats जीती थीं।

    हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है। Sahakar Panel सिर्फ Shiv Sena (Shinde) का अकेला panel नहीं था। इसमें Bahujan Vikas Aghadi और दूसरे स्थानीय राजनीतिक नेताओं का support भी था।

    चुनाव के बाद BJP और Shiv Sena समर्थित directors के बीच फिर Mahayuti-style power arrangement बना और Arun Patil chairman चुने गए।

    इससे Maharashtra की cooperative politics का एक pattern सामने आया है—चुनाव के दौरान अलग-अलग panels के बीच मुकाबला हो सकता है, लेकिन result के बाद सत्ता-साझेदारी की संभावना भी बनी रहती है।

    Mumbai में भी यही सबसे बड़ा सवाल रहेगा।

    Mumbai Bank इतना important क्यों है?

    Bank के financial numbers इसकी importance को समझने में मदद करते हैं।

    Financial position31 March 2025
    Deposits₹8,738.08 करोड़
    Loans & Advances₹6,437.35 करोड़
    Working Capital₹10,282.07 करोड़
    Investments₹2,790.08 करोड़
    Total Business₹15,175.43 करोड़
    Net Profit₹20.25 करोड़

    Bank का network सिर्फ traditional cooperative banking तक सीमित नहीं है। Mumbai में housing societies और self-redevelopment इसका एक बड़ा हिस्सा हैं।

    Housing society और redevelopment से क्या connection है?

    Mumbai Bank अपनी self-redevelopment policy के तहत cooperative housing societies को project finance उपलब्ध कराता है। Bank की official policy के मुताबिक eligible projects में construction cost, rent, shifting expenses, premiums और अन्य project-related खर्चों के लिए funding का provision है। Loan project cost के 85% तक या ₹50 करोड़ तक हो सकता है, applicable norms के अनुसार।

    ऐसे projects में society की consent, technical assessment, financial viability, escrow mechanism और mortgage जैसी conditions भी लागू होती हैं।

    इसका मतलब यह नहीं है कि किसी political camp के bank board में आने से किसी society का redevelopment loan automatically approve हो जाएगा। लेकिन इतना जरूर है कि Mumbai के बड़े cooperative housing ecosystem में bank का governance और decision-making structure महत्वपूर्ण है।

    Bank के official data के मुताबिक 2024-25 में उसके 18,691 society members थे। वहीं bank अपने self-redevelopment programme के तहत 9,000 से ज्यादा cooperative housing societies के network को target करता है।

    Government salary और PSU deposits वाला angle भी अहम

    Mumbai Bank की importance पिछले कुछ सालों में एक और वजह से बढ़ी है।

    January 2025 में Maharashtra government ने Mumbai Bank को government employees के salary और allowances से जुड़े accounts खोलने की अनुमति दी थी। इसके अलावा कुछ government-linked institutions और public-sector entities के surplus funds के investment के लिए भी bank को eligible बनाया गया।

    इस development ने bank और government financial ecosystem के रिश्ते को और महत्वपूर्ण बना दिया।

    यही वजह है कि अब Mumbai Bank की political importance को सिर्फ cooperative societies तक सीमित करके देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी।

    Bank बड़ा है, लेकिन financial picture का दूसरा पहलू भी है

    Bank के कारोबार में growth के साथ उसकी financial health पर भी नजर जरूरी है।

    2024-25 के official आंकड़ों के मुताबिक Mumbai Bank का net profit ₹20.25 करोड़ था और उसे A audit classification मिली थी। लेकिन इसी financial year में उसका Net NPA 10.30% और CRAR 10.03% था।

    इसलिए Mumbai Bank की कहानी सिर्फ “₹10,000 करोड़ से ज्यादा working capital वाला बड़ा bank” कहकर खत्म नहीं होती। आने वाले board के सामने business growth के साथ loan recovery और asset quality भी महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे।

    क्या ये Mahayuti में टकराव का संकेत है?

    Mahayuti सरकार में BJP और Shinde-led Shiv Sena अभी साथ हैं। लेकिन cooperative elections में local-level power और organisational influence का calculation अलग हो सकता है।

    इसका एक ताजा example Thane-Palghar है, जहां चुनाव में अलग-अलग ताकतों के बीच मुकाबला हुआ, लेकिन बाद में Mahayuti के समर्थक directors के बीच power-sharing देखने को मिली।

    Mumbai Bank में भी असली राजनीतिक message सिर्फ जीत या हार से नहीं निकलेगा।

    अगर BJP-led camp अपना मजबूत control बनाए रखता है, तो यह Darekar network की पकड़ कायम रहने का संकेत होगा।

    अगर Shinde camp कुछ महत्वपूर्ण seats हासिल कर लेता है, तो बिना majority हासिल किए भी यह BJP के लंबे समय से चले आ रहे complete dominance को चुनौती का बड़ा संकेत होगा।

    और अगर दोनों camps चुनाव के बाद किसी arrangement पर पहुंचते हैं, तो यह Maharashtra की cooperative politics में Mahayuti के अंदर power-sharing का एक और example बन सकता है।

    Mumbai में इसका असर कहां दिख सकता है?

    Mumbai में cooperative housing और redevelopment का scale लगातार बड़ा है। 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 2026 की पहली तिमाही में housing societies ने 70 redevelopment agreements किए थे और 2020 से ongoing society redevelopment projects की cumulative संख्या 1,094 तक पहुंच गई थी।

    ऐसे माहौल में Mumbai Bank जैसे institution पर control का महत्व और बढ़ जाता है।

    हालांकि किसी particular society, loan या redevelopment project के outcome को सीधे इस election से जोड़ना अभी सही नहीं होगा। उसका फैसला bank की applicable policy, financial assessment और regulatory requirements के आधार पर ही होगा।

    अब नजर किन चीजों पर रहेगी?

    सबसे पहले Mumbai Bank चुनाव का official programme सामने आना बाकी है। फिलहाल reports में December 2026 या January 2027 के आसपास चुनाव होने की संभावना बताई गई है।

    इसके बाद सबसे अहम होंगे:

    • Shinde camp के final candidates और panel की घोषणा
    • BJP/Darekar camp का counter-panel
    • constituency और category-wise electoral arithmetic
    • voter list और eligible cooperative societies
    • दोनों camps के बीच seat-sharing या समझौते की संभावना
    • चुनाव के बाद chairman और key positions को लेकर समीकरण

    फिलहाल इतना साफ है कि Thane-Palghar के बाद Shinde camp ने Mumbai के cooperative sector में अगला बड़ा political test चुन लिया है। Mumbai Bank पर 2021 में 21 में 21 सीटों का कब्जा रखने वाले Darekar camp के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह अपना पुराना dominance दोहरा पाएगा, या Shinde camp पहली बार इस मजबूत गढ़ में अपनी जगह बना पाएगा।

  • BMC की ₹2.46 करोड़ वाली ट्रिप का असली सवाल: 30,714 बच्चों के लिए Keshav Srushti ही क्यों? ₹802 rate, tender और RSS connection की पूरी कहानी

    BMC की ₹2.46 करोड़ वाली ट्रिप का असली सवाल: 30,714 बच्चों के लिए Keshav Srushti ही क्यों? ₹802 rate, tender और RSS connection की पूरी कहानी

    BMC ने 30,714 छात्रों की Keshav Srushti ट्रिप के लिए ₹2.46 करोड़ मंजूर किए। ₹802 rate, tender और RSS connection पर विपक्ष ने सवाल उठाए।

    मुंबई: BMC के 30,714 कक्षा 7 के छात्रों को Keshav Srushti, Uttan ले जाने की ₹2.46 करोड़ की योजना अब सिर्फ एक educational trip का मामला नहीं रह गई है। Standing Committee ने 28 अगस्त को विपक्ष के विरोध के बावजूद proposal को majority से मंजूरी दे दी। लेकिन इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—30 हजार से ज्यादा बच्चों के लिए Keshav Srushti को ही क्यों चुना गया और ₹802 प्रति छात्र का rate किस आधार पर तय हुआ?

    विपक्ष का आरोप है कि Keshav Srushti का RSS के संस्थापक डॉ. K.B. Hedgewar से institutional connection है और BMC के proposal में इस संस्था के लिए “Monopoly” तथा सामान्य tender process में relaxation का सवाल भी सामने आता है। हालांकि, इन आरोपों को अभी भ्रष्टाचार या किसी राजनीतिक साजिश का साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। असली जवाब BMC के selection और costing documents से ही मिलेगा।

    30,714 बच्चों पर ₹2.46 करोड़ का पूरा मामला

    BMC के reported proposal के मुताबिक 2026-27 में municipal schools की कक्षा 7 के छात्रों के लिए “Environment Study and Training Educational Trip” आयोजित की जाएगी।

    कुल 30,714 छात्रों का अनुमान लगाया गया है। इनमें 30,302 primary section और 412 secondary section के छात्र बताए गए हैं।

    कुल खर्च ₹2,46,32,628 यानी करीब ₹2.46 करोड़ है। प्रति छात्र रकम ₹802 है।

    जानकारीविवरण
    कुल छात्र30,714
    कक्षा7वीं
    कुल प्रस्तावित खर्च₹2,46,32,628
    प्रति छात्र₹802
    जगहKeshav Srushti, Uttan, Bhayandar
    Academic Year2026-27
    ProgrammeEnvironment Study & Training Educational Trip

    Reported proposal के मुताबिक package में transport, breakfast, lunch, evening snack और insurance जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    Keshav Srushti को ही क्यों चुना गया?

    यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम सवाल है।

    Keshav Srushti कोई सामान्य picnic spot नहीं है। Uttan में स्थित इस बड़े campus में organic farming, dairy, beekeeping, medicinal plants, waste management, recycling, water management, solar energy और biodiversity जैसी activities होती हैं। BMC के पक्ष में सबसे मजबूत argument भी यही है कि बच्चों को environment का practical exposure दिया जा सकता है।

    लेकिन Mumbai में environmental education और conservation पर काम करने वाली दूसरी institutions भी हैं।

    Congress group leader Ashraf Azmi ने BNHS Conservation Education Centre, Maharashtra Nature Park, CERE, Conservation Action Trust, WWF-India, CEED और Nature Forever Society जैसी institutions का विकल्प गिनाते हुए सवाल किया कि इन organisations को opportunity क्यों नहीं दी गई।

    इसलिए असली सवाल यह नहीं है कि Keshav Srushti में environmental activities हैं या नहीं। सवाल है:

    “BMC ने दूसरी institutions के मुकाबले इसी campus को कैसे evaluate किया?”

    क्या दूसरी organisations से proposals या quotations लिए गए? क्या comparative assessment हुआ? क्या Keshav Srushti की facilities को दूसरे options के मुकाबले बेहतर पाया गया? इसका अब तक बीएमसी प्रशासन की और से कोई भी जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।

    RSS connection कहां से आया?

    Keshav Srushti का RSS connection विपक्ष की तरफ से लगाया गया कोई नया label भर नहीं है। Keshav Srushti की अपनी description में campus को RSS के संस्थापक डॉ. K.B. Hedgewar की स्मृति को समर्पित बताया गया है।

    इसके campus ecosystem में Rambhau Mhalgi Prabodhini यानी RMP से जुड़ी activities भी मौजूद हैं। इसी broader institutional background को लेकर Congress और दूसरे opposition members ने सवाल उठाया कि अलग-अलग medium और communities से आने वाले municipal school students को ऐसे campus में environmental education के नाम पर क्यों ले जाया जा रहा है।

    लेकिन यहां एक जरूरी distinction है।

    अभी ऐसा कोई verified evidence सामने नहीं आया है कि BMC के बच्चों को इस trip के दौरान RSS की political ideology सिखाने का programme बनाया गया है। BMC का official justification environmental education है। इसलिए “RSS से जुड़ी संस्था” और “बच्चों को RSS ideology सिखाई जाएगी”—इन दोनों बातों को एक नहीं माना जा सकता।

    Tender का सवाल इतना बड़ा क्यों है?

    Opposition का दूसरा और ज्यादा administrative सवाल tender process को लेकर है।

    Mumbai Congress ने दावा किया है कि BMC के proposal में Keshav Srushti की “Monopoly” का reference है और normal tender process में relaxation की मांग की गई है।

    Standing Committee में भी विपक्ष ने tender न बुलाए जाने को लेकर सवाल उठाए। खबर के मुताबिक proposal का विरोध करते हुए Congress, Shiv Sena (UBT) और Samajwadi Party के सदस्यों ने selection process पर आपत्ति जताई।

    लेकिन यहां भी एक सावधानी जरूरी है।

    सिर्फ यह कहना कि “tender नहीं हुआ, इसलिए नियम टूटा” अभी सही नहीं होगा। अगर BMC ने किसी specific procurement rule या exemption के तहत direct selection किया है, तो उसकी legality proposal और supporting documents देखकर ही तय होगी।

    इसलिए असली सवाल है:

    “किस rule के तहत Keshav Srushti को चुना गया और tender से relaxation क्यों दी गई?”

    ₹802 का rate भी जांच के दायरे में क्यों?

    30,714 छात्रों के लिए ₹802 प्रति छात्र का मतलब कुल ₹2.46 करोड़ है।

    यही वजह है कि rate calculation भी इस कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।

    Keshav Srushti से जुड़े पुराने published outing rates में 2024-25 के “A Date with Nature” programme की कीमत ₹550 प्रति व्यक्ति बताई गई थी। उस listing में transport शामिल नहीं था।

    2020 के एक अलग organised outing में ₹500-₹550 प्रति व्यक्ति का package था, जिसमें breakfast, lunch, evening refreshments और Keshav Srushti tour शामिल था।

    लेकिन इन पुराने rates को 2026 के BMC package से सीधे compare करके overcharging का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। 2026 के package में transport और insurance भी शामिल बताए गए हैं और services की costing अलग हो सकती है।

    फिर भी एक सवाल जरूर बनता है:

    ₹802 में Keshav Srushti के environmental programme/venue का actual component कितना है?

    Transport पर कितना?

    Food पर कितना?

    Insurance पर कितना?

    और क्या BMC को school students के लिए कोई special institutional rate मिला?

    इन सवालों का जवाब detailed costing sheet से ही मिलेगा।

    क्या यह सिर्फ political controversy है?

    इस समय मामले में दो अलग-अलग layers हैं।

    पहली layer है educational justification। Keshav Srushti में वास्तव में environment, agriculture, biodiversity और waste-management से जुड़ी activities मौजूद हैं। इसलिए environmental study के लिए वहां students को ले जाना अपने आप में असंभव या असंगत फैसला नहीं है।

    दूसरी layer है selection और procurement।

    यहीं ज्यादा गंभीर सवाल हैं—एक ही institution क्यों, ₹802 का rate कैसे तय हुआ, दूसरी organisations को मौका मिला या नहीं और tender relaxation किस आधार पर हुई।

    अगर BMC इन सवालों का documents के साथ जवाब देता है, तो controversy का बड़ा हिस्सा साफ हो सकता है।

    Standing Committee में क्या हुआ?

    Congress के Ashraf Azmi ने proposal को वापस लेने और दूसरी environmental organisations को मौका देने की मांग की। MNS के Yashwant Killadar ने भी विरोध का समर्थन किया।

    दूसरी तरफ ruling side ने environmental education के practical benefit का argument दिया। BJP के Ganesh Khankar ने कहा कि बच्चों को यहां practical experience मिलेगा। Standing Committee chairman Prabhakar Shinde ने opposition की आपत्ति को खारिज करते हुए proposal को majority से मंजूरी दे दी।

    यानी political opposition के बावजूद administrative approval आगे बढ़ चुका है।

    अब सबसे ज्यादा नजर किस पर रहेगी?

    इस पूरे मामले में सबसे अहम अगला document trip की तारीख नहीं, बल्कि BMC की decision-making file होगी।

    अब यह साफ होना जरूरी है कि:

    • Keshav Srushti को select करने का initial proposal किस level पर तैयार हुआ?
    • ₹802 प्रति छात्र का rate किस calculation पर तय हुआ?
    • Keshav Srushti की तरफ से क्या quotation/proposal दिया गया?
    • दूसरी environmental organisations से कोई quotation या proposal लिया गया या नहीं?
    • “Monopoly” और tender relaxation का official आधार क्या है?
    • ₹2.46 करोड़ का component-wise breakup क्या है?
    • final work order किस entity के नाम जारी होगा?

    फिलहाल BMC Standing Committee ने 30,714 छात्रों की Keshav Srushti environmental trip के लिए करीब ₹2.46 करोड़ के proposal को मंजूरी दे दी है। RSS connection और selection process पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि BMC की तरफ से इसे environmental education programme के तौर पर justify किया गया है।

    अब इस मामले की असली तस्वीर इस बात से साफ होगी कि BMC Keshav Srushti के selection, ₹802 rate और tender relaxation का documentary justification कितना स्पष्ट करती है।

  • मुंबई Eid-e-Milad Clash: Viral Video पर 3 Instagram Accounts पर FIR, अब पुलिस का अगला एक्शन

    मुंबई Eid-e-Milad Clash: Viral Video पर 3 Instagram Accounts पर FIR, अब पुलिस का अगला एक्शन

    मुंबई Eid-e-Milad clash के viral video पर 3 Instagram accounts के खिलाफ FIR हुई है। Police अब video source और account operators की जांच कर रही है।

    मुंबई: Parel-Chinchpokli इलाके में Eid-e-Milad procession के दौरान हुआ विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। 26 अगस्त की घटना के बाद सामने आए एक viral video को लेकर Kalachowki Police ने 3 Instagram accounts के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि video कहां से आया, इसे किसने upload किया और इसके साथ किया गया दावा असल घटना से कितना मेल खाता है।

    यानी मामला अब सिर्फ सड़क पर हुए clash तक नहीं है। पुलिस की नजर उस video को social media पर फैलाने के तरीके पर भी है।

    क्या हुआ था Parel-Chinchpokli में?

    26 अगस्त को Eid-e-Milad procession के बाद Parel-Chinchpokli इलाके में दो groups के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद धक्कामुक्की और तनाव की स्थिति बनी और पुलिस को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।

    घटना के बाद social media पर कई तरह के videos और claims सामने आए। इसी वजह से पुलिस ने लोगों से बिना पुष्टि किसी भी जानकारी पर भरोसा नहीं करने की अपील की थी।

    Joint Commissioner of Police (Law and Order) Manoj Sharma ने उस समय कहा था कि senior police officers मौके पर मौजूद हैं और situation control में है। उन्होंने लोगों से rumours से बचने की अपील की थी।

    Original clash में पहले क्या कार्रवाई हुई?

    इस विवाद के मामले में पहले पुलिस ने तीन लोगों को book किया था। Rehan Masood Sayyad, Adil Khan Ahmed Khan और Miraj Mohammad Firoz Rais के नाम सामने आए थे।

    पुलिस दूसरे लोगों की पहचान को लेकर भी जांच कर रही थी। लेकिन अब इस मामले में social media से जुड़ा एक अलग angle सामने आया है।

    29 अगस्त को Police की नजर पड़ी Viral Video पर

    Kalachowki Police के Cyber Squad में तैनात Police Constable Vikram Khaire की complaint के मुताबिक, 29 अगस्त को social-media monitoring के दौरान पुलिस की नजर एक video पर पड़ी।

    Complaint के अनुसार यह video करीब तीन दिन पहले Instagram पर upload किया गया था। Video में दो groups के बीच confrontation दिखाई देता है और police personnel भीड़ को control करते नजर आते हैं।

    लेकिन पुलिस की जांच का सबसे अहम point video के साथ लिखा गया caption है।

    Ganpati banner को लेकर क्या दावा किया गया?

    Police complaint के मुताबिक video के साथ लगाए गए caption में दावा किया गया था कि Parel-Lalbaug इलाके में Ganpati banner को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के reaction में यह confrontation हुआ।

    पुलिस को आशंका है कि इस तरह घटना को धार्मिक angle से जोड़कर पेश करने वाला post लोगों के बीच गलतफहमी या तनाव बढ़ा सकता है।

    Complaint में video के background में “Jalwa Re Jalwa” song इस्तेमाल किए जाने का भी जिक्र है।

    यहीं से सवाल उठता है कि video में जो घटना दिखाई गई, क्या उसके साथ लगाया गया दावा भी सही था?

    फिलहाल पुलिस इसी कड़ी को verify कर रही है।

    3 Instagram Accounts पर FIR

    Kalachowki Police ने complaint के आधार पर 3 Instagram accounts को जांच के दायरे में लिया है। पुलिस का आरोप है कि इन accounts से allegedly ऐसा material circulate किया गया, जिसे misleading और inflammatory माना गया।

    पुलिस यह जांच रही है कि footage असल में कब और कहां record हुआ, उसका original source क्या है और उसे Instagram पर किसने upload किया।

    Police अब किन सवालों के जवाब तलाश रही है?

    सवालपुलिस की जांच
    Video कहां का है?Original footage का source पता किया जा रहा है
    Video किसने upload किया?3 Instagram accounts चलाने वालों की पहचान
    Video कब बना?Recording और upload की timeline की जांच
    Caption में किया गया दावाGanpati banner से जुड़े claim की पड़ताल
    Video का पूरा contextघटना में वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच

    इस जांच का एक अहम हिस्सा उन लोगों तक पहुंचना है जो इन Instagram accounts को operate कर रहे थे।

    Police का पहले भी था साफ message

    Parel-Chinchpokli विवाद के बाद Joint Commissioner Manoj Sharma ने लोगों से social media पर चल रहे rumours पर भरोसा नहीं करने को कहा था। पुलिस ने साफ किया था कि senior officers मौके पर मौजूद हैं और हालात control में हैं।

    अब उसी घटना से जुड़े viral video पर FIR होने के बाद पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि social media पर सामने आई जानकारी original घटना को सही तरीके से दिखाती है या उसे अलग तरीके से पेश किया गया।

    Ganpati Aagman के बीच Parel-Lalbaug में हलचल

    इस बीच Parel-Lalbaug-Chinchpokli belt में Ganpati Aagman को लेकर भी बड़ी भीड़ जुट रही है। Chinchpokli Cha Chintamani Aagman के दौरान भारी police deployment की रिपोर्ट सामने आई थी।

    Aagman के दौरान करीब 800 से 1,000 police personnel deployment में लगाए गए थे।

    हालांकि इस deployment को Instagram FIR से सीधे जोड़ने की कोई official confirmation सामने नहीं आई है।

    अब पुलिस का अगला एक्शन

    3 Instagram accounts पर FIR के बाद अब पुलिस video के original source, उसके साथ किए गए claim और accounts चलाने वाले लोगों की पहचान पर आगे बढ़ रही है।

    फिलहाल investigation जारी है। इसलिए viral video या उसके caption को पूरी घटना का final सच मानना सही नहीं होगा।

    26 अगस्त के Parel-Chinchpokli clash के बाद सामने आया यह नया मामला दिखाता है कि अब पुलिस की जांच सिर्फ मौके पर हुए विवाद तक सीमित नहीं है। Viral video की पूरी कहानी, उसका source और उसके साथ किया गया दावा जांच के बाद ही साफ होगा।

  • चेंबूर में महिला की मौत के बाद Boyfriend गिरफ्तार, लेकिन मौत का राज खुला तो उड़ गए सबके होश

    चेंबूर में महिला की मौत के बाद Boyfriend गिरफ्तार, लेकिन मौत का राज खुला तो उड़ गए सबके होश

    चेंबूर में महिला की अचानक मौत के बाद Boyfriend गिरफ्तार हुआ। शुरुआत में मामला सामान्य लगा, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो Murder का चौंकाने वाला राज सामने आया।

    मुंबई: चेंबूर में एक महिला की अचानक हुई मौत ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में मामला एक सामान्य या संदिग्ध मौत जैसा लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ते ही पूरी कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि महिला की मौत का मामला Murder Case में बदल गया।

    इस मामले में महिला के Boyfriend Ashish Magar को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने उसे पांच दिन की Police Custody में भेजा है। लेकिन पुलिस को आखिर ऐसा क्या मिला, जिससे मौत की पूरी कहानी बदल गई?

    25 अगस्त की रात चेंबूर में क्या हुआ?

    मामला RCF Police Station के तहत आने वाली Mysore Colony के Bungalow No. 57-A का है। खबर के मुताबिक 25 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई।

    पुलिस के मुताबिक इससे कुछ समय पहले महिला और उसके Boyfriend के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी को कथित तौर पर महिला के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई।

    कुछ देर बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इसके बाद महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

    अचानक उल्टी हुई और बिगड़ती चली गई हालत

    महिला को उल्टी होने लगी और उसकी हालत खराब होती गई। परिवार के लोग उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।

    पुलिस के मुताबिक उसे पहले एक Private Hospital ले जाया गया और बाद में चेम्बूर के सरकारी Shatabdi Hospital पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    उस वक्त तक यह मामला एक अचानक हुई मौत जैसा ही नजर आ रहा था।

    लेकिन इसके बाद जांच में ऐसी कड़ी सामने आई, जिसने पुलिस का शक बढ़ा दिया।

    मौत के बाद पुलिस ने जांच का रुख बदला

    महिला की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस ने उसके आसपास मौजूद लोगों और घटना से जुड़े लोगों के बयान लेने शुरू किए।

    मेडिकल और Post-mortem findings को भी जांच में शामिल किया गया। इसी दौरान पुलिस को महिला की मौत सामान्य तरीके से होने पर संदेह हुआ।

    जांच आगे बढ़ी तो उसके Boyfriend की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई।

    यहीं से इस केस का सबसे बड़ा राज सामने आने लगा।

    कहानी में Cold Drink की एंट्री कैसे हुई?

    पुलिस के मुताबिक विवाद के बाद आरोपी ने महिला को एक Cold Drink दी थी। महिला ने उसे पीने के बाद ही तबीयत खराब होने की शिकायत शुरू की और उसकी हालत बिगड़ गई।

    इसके बाद पुलिस ने Cold Drink और उसमें कथित तौर पर मिलाए गए जहरीले पदार्थ के angle से जांच शुरू की।

    यानी जिस चीज को शुरुआत में एक सामान्य पेय समझा जा रहा था, वही अब इस पूरे Murder Investigation की अहम कड़ी बन गई।

    कुछ पुलिस सूत्रों में जहरीले पदार्थ को Mothballs यानी डांबर की गोलियों से जोड़ा गया। लेकिन इसकी exact nature की पुष्टि Forensic जांच के बाद की सामने आएगी।

    पुलिस को Boyfriend पर क्यों हुआ शक?

    पुलिस का आरोप है कि Ashish Magar को महिला के Character और उसके किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध को लेकर शक था।

    इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक इसके बाद महिला को कथित तौर पर जहरीली Cold Drink दी गई।

    जांच में पुलिस इस बात को भी देख रही है कि महिला की मौत को Natural या Accidental Death जैसा दिखाने की कोशिश तो नहीं की गई थी।

    यही वजह है कि मामला सिर्फ एक suspicious death तक सीमित नहीं रहा।

    महिला Pregnant भी थी

    इस मामले को और गंभीर बनाने वाली जानकारी यह है कि महिला करीब 2 से 2.5 महीने की Pregnant बताई जा रही थी।

    यह जानकारी भी Medical और Post-mortem जांच के दौरान सामने आने की बात कही गई है।

    28 अगस्त को Murder Case दर्ज

    जांच आगे बढ़ने के बाद 28 अगस्त को BNS की Section 103(1) के तहत Murder Case दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है।

    इसके बाद पुलिस ने Ashish Magar को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन की Police Custody में भेजा है।

    अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।

    अब पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?

    जांच में कई अहम सवालों का जवाब मिलना बाकी है—

    • Cold Drink में कथित तौर पर कौन-सा पदार्थ मिलाया गया था?
    • वह पदार्थ आरोपी तक कैसे पहुंचा?
    • महिला ने Drink किस परिस्थिति में पी?
    • Medical और Forensic findings क्या कहती हैं?
    • घटना के समय कौन-कौन लोग मौजूद थे?
    • आरोपी के बयान और बाकी सबूतों में कितना मेल है?
    • क्या मौत को सामान्य दिखाने की कोशिश की गई थी?
    • महिला और आरोपी के बीच विवाद का असली कारण क्या था?

    इन सवालों के जवाब इस केस की आगे की दिशा तय करेंगे।

    आरोपी गिरफ्तार है, लेकिन दोषी साबित नहीं हुआ

    फिलहाल Ashish Magar पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। Police Custody में उससे पूछताछ और उपलब्ध सबूतों की जांच की जा रही है।

    यह भी समझना जरूरी है कि गिरफ्तारी का मतलब अदालत में दोष साबित होना नहीं है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध सबूतों के आधार पर होगी।

    चेंबूर केस में सबसे बड़ा सवाल अब यही

    एक महिला की अचानक मौत से शुरू हुई यह कहानी अब Murder Investigation तक पहुंच चुकी है। विवाद, अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत और फिर Cold Drink से जुड़े Poisoning के शक ने इस मामले को पूरी तरह बदल दिया है।

    अब सबकी नजर इस बात पर है कि Police Custody और Forensic जांच के बाद इस केस में और कौन-सी कड़ियां सामने आती हैं और उस रात वास्तव में क्या हुआ था।

  • Mumbai Voter: SIR की लिस्ट हुई जारी, कल Draft Roll; नाम नहीं मिला तो 30 सितंबर तक ऐसे करें Claim

    Mumbai Voter: SIR की लिस्ट हुई जारी, कल Draft Roll; नाम नहीं मिला तो 30 सितंबर तक ऐसे करें Claim

    Mumbai में SIR की ASDD लिस्ट जारी हो गई है। 31 अगस्त को Draft Roll आएगी। नाम नहीं मिला तो 30 सितंबर तक Claim कैसे करें, जानें जरूरी तरीका और तारीखें।

    मुंबई: मुंबई के voters के लिए कल का दिन बेहद important हैं। SIR यानी Special Intensive Revision के तहत Mumbai City और Mumbai Suburban की ASDD voter lists official तौर पर उपलब्ध करा दी गई हैं। अब कल, 31 अगस्त को Maharashtra की Draft Electoral Roll जारी होगी।

    यानी अगर आपको लग रहा है कि SIR के दौरान आपका form collect नहीं हुआ, आपका नाम किसी वजह से ASDD list में आ सकता है या कल draft roll में आपका नाम नहीं दिखता, तो अभी से अपनी entry check करना जरूरी है।

    सबसे राहत की बात यह है कि draft में नाम नहीं मिलने पर मामला वहीं खत्म नहीं होगा। 31 अगस्त से 30 सितंबर तक claims और objections दाखिल करने का मौका रहेगा। Final Electoral Roll 4 नवंबर को जारी होगी।

    जारी SIR की लिस्ट में Mumbai के voters अपना नाम check कर सकते हैं

    BMC ने Mumbai के लिए Assembly Constituency और Part Number-wise ASDD voter lists उपलब्ध कराई हैं। इनमें Mumbai City के AC 178 से 187 और Mumbai Suburban के AC 152 से 177 तक की lists शामिल हैं।

    ASDD का मतलब Absent, Shifted, Dead और Duplicate categories से है। लेकिन ASDD list में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि आपका नाम हमेशा के लिए voter list से हट गया है। Draft Roll और उसके बाद claims-objections की प्रक्रिया में eligible voters को अपनी entry को लेकर दावा करने का मौका मिलेगा।

    Mumbai City की SIR list

    Mumbai City के AC 178 से AC 187 तक Part Number-wise ASDD Voter List यहां check करें:

    Mumbai City — ASDD Voter List देखें

    Mumbai Suburban की SIR list

    Mumbai Suburban के AC 152 से AC 177 तक Part Number-wise ASDD Voter List यहां check करें:

    Mumbai Suburban — ASDD Voter List देखें

    पूरी Assembly Constituency Voter List

    अगर आपको अपनी regular constituency-wise voter list check करनी है, तो BMC का यह official page इस्तेमाल कर सकते हैं:

    BMC Assembly Constituency Voter List देखें

    Claim और Objection कहां करें?

    BMC ने claims और objections के लिए अलग official section भी दिया है:

    BMC Claims & Objections page देखें

    कल 31 अगस्त को Draft Voter Roll आएगी

    आज जारी हुई ASDD list और कल आने वाली Draft Electoral Roll को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए।

    ASDD list में वे records दिख सकते हैं जिनके enumeration forms verification के दौरान collect नहीं हो पाए या जिन्हें संबंधित categories में रखा गया है। वहीं 31 अगस्त को पूरी SIR Draft Electoral Roll सामने आएगी।

    यही draft देखकर voter को सबसे पहले यह check करना होगा कि उसका नाम electoral roll में मौजूद है या नहीं।

    Election Commission ने Maharashtra के लिए revised schedule जारी करते हुए Draft Roll की तारीख 31 अगस्त तय की है। Claims और objections 31 अगस्त से 30 सितंबर तक लिए जाएंगे और notice/disposal की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। Final roll 4 नवंबर को आएगी।

    36 लाख से ज्यादा Mumbai records पर क्यों है नजर?

    SIR के दौरान Maharashtra में करीब 2.07 करोड़ enumeration forms uncollectable category में बताए गए हैं। इनमें Mumbai Suburban के करीब 26.63 लाख और Mumbai City के करीब 9.52 लाख forms शामिल हैं। दोनों को मिलाकर आंकड़ा करीब 36.15 लाख बैठता है।

    लेकिन इसे सीधे “36 लाख voters के नाम कट गए” समझना सही नहीं होगा। यह uncollectable forms का आंकड़ा है। Draft Roll के बाद eligible voters को claim और objection का मौका दिया गया है।

    अगर कल Draft Roll में नाम नहीं मिला तो क्या करें?

    सबसे पहले घबराएं नहीं और 30 सितंबर की deadline याद रखें।

    अगर आपका नाम Draft Electoral Roll में नहीं है, तो inclusion के लिए Form 6 के जरिए आवेदन किया जा सकता है। अगर voter list में नाम, address या दूसरी details में correction चाहिए तो Form 8 इस्तेमाल होता है। किसी गलत inclusion पर objection के लिए Form 7 का इस्तेमाल किया जाता है।

    समस्याक्या करें
    Draft Roll में नाम नहीं हैForm 6
    पहली बार voter बनना हैForm 6
    नाम/पता/details में correctionForm 8
    किसी गलत नाम पर objectionForm 7

    Claims और objections की पूरी प्रक्रिया के दौरान संबंधित ERO/BLO से भी मदद ली जा सकती है।

    Mumbai में redevelopment वालों को खास ध्यान देना होगा

    Mumbai में redevelopment की वजह से बड़ी संख्या में families temporary तौर पर दूसरे address पर रहती हैं। ऐसे voters को अपने voter record की स्थिति जरूर check करनी चाहिए।

    अगर आपका original घर redevelopment में है और आप फिलहाल दूसरे address पर रह रहे हैं, तो अपने BLO या ERO से यह verify करें कि voter record में आपका नाम, address और polling part सही दर्ज है या नहीं।

    सिर्फ temporary तौर पर घर बदलने का मतलब यह नहीं है कि voter का अधिकार खत्म हो गया।

    नाम check करने के साथ polling booth भी देखें

    इस बार सिर्फ voter list में नाम देखना ही काफी नहीं होगा। Polling stations का rationalisation भी किया गया है।

    Maharashtra में polling stations की संख्या 1,00,253 से घटकर 1,00,216 हुई है। यानी net 37 polling stations कम हुए हैं। यह बदलाव draft electoral roll तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

    इसलिए 31 अगस्त को नाम check करने के बाद अपना polling station और part details भी दोबारा verify करना बेहतर रहेगा।

    18 साल के होने वाले युवाओं के लिए भी मौका

    SIR की claims और objections window सिर्फ पुराने voters के लिए नहीं है। Eligible first-time voters भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form 6 के जरिए voter registration के लिए आवेदन कर सकते हैं। Maharashtra के revised SIR schedule में 31 अगस्त से 30 सितंबर तक claims और objections की window रखी गई है।

    SIR के नाम पर आने वाले fraud से भी बचें

    Voter list update करने के नाम पर अगर कोई unknown WhatsApp message, SMS, link या APK भेजता है तो सावधान रहें।

    SIR के नाम पर किसी से OTP, UPI PIN, bank details या दूसरी sensitive information share न करें। किसी unknown app को install करने से भी बचें।

    Voter-related जानकारी और application के लिए official Election Commission और Maharashtra election authorities के channels का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित तरीका है।

    30 सितंबर की deadline सबसे जरूरी

    अब Mumbai voters के लिए sequence बिल्कुल साफ है:

    जारी SIR की ASDD list में अपना नाम check करें। कल 31 अगस्त को Draft Electoral Roll में अपनी entry verify करें। अगर नाम नहीं है या details में गलती है, तो 30 सितंबर तक claim, inclusion या correction की प्रक्रिया पूरी करें।

    इसके बाद claims और objections पर notice और disposal की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। Final Electoral Roll 4 नवंबर 2026 को जारी होगी।

    यानी SIR list सिर्फ जानकारी देखने के लिए नहीं है। यह आपके लिए अपनी voter entry को समय रहते check करने का पहला मौका है। कल Draft Roll आने के बाद अगर कोई गड़बड़ी दिखती है, तो 30 सितंबर तक उसे ठीक कराने का मौका आपके पास रहेगा।

  • नेपाल बाढ़ की खौफनाक कहानी: Mumbai लौटे 37 यात्रियों ने सुनाई आपबीती, 60 महाराष्ट्रवासी अब भी लापता

    नेपाल बाढ़ की खौफनाक कहानी: Mumbai लौटे 37 यात्रियों ने सुनाई आपबीती, 60 महाराष्ट्रवासी अब भी लापता

    नेपाल बाढ़ से Mumbai लौटे 37 यात्रियों ने खौफनाक आपबीती सुनाई। महाराष्ट्र के 404 लोगों में 338 सुरक्षित, लेकिन 60 अब भी लापता हैं। जानिए पूरा अपडेट।

    मुंबई: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद फंसे महाराष्ट्र के यात्रियों की घर वापसी शुरू हो गई है, लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है। Mumbai के 37 यात्री शनिवार शाम सुरक्षित लौट आए और एयरपोर्ट पर परिवार से मिलते ही कई लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े। यात्रियों ने कहा कि उन्हें लगा जैसे भगवान ने उनकी जान बचा ली।

    लेकिन दूसरी तरफ महाराष्ट्र के 60 यात्री और तीर्थयात्री अब भी trace नहीं हो पाए हैं।

    महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक Nepal-Tibet इलाके में फंसे राज्य के 404 लोगों में से 338 से संपर्क हो चुका है और उनकी safety confirm की गई है। 60 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। ऐसे में 37 यात्रियों की वापसी के साथ राहत जरूर मिली है, लेकिन परिवारों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

    Mumbai लौटे 37 यात्रियों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

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    शनिवार शाम Mumbai एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों ने बताया कि Nepal-Tibet इलाके में हालात कितनी तेजी से बदले थे। इनमें कई लोग Kailash Mansarovar यात्रा पर गए थे।

    एक यात्री ने बताया कि उनका group 26 अगस्त को Saga इलाके में था। इसी दौरान उन्हें flash flood से हुई तबाही का अंदाजा हुआ। लौटने में तय schedule से करीब एक दिन की देरी हुई, लेकिन मुश्किल हालात के बावजूद China और Nepal के बीच coordination से उनकी वापसी का रास्ता आगे बढ़ा।

    यात्रियों ने कहा कि वे सुरक्षित Mumbai पहुंच पाए, यह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। परिवार से मिलने के बाद कई यात्री भावुक हो गए।

    एक दिन और रुकते तो हालात और बिगड़ सकते थे

    लौटे यात्रियों की बातों में सबसे ज्यादा डर उस समय का था, जब उन्हें flood की असली तबाही का पता चला।

    कुछ यात्रियों के मुताबिक अगर उनका group एक दिन और उस इलाके में रुक जाता तो वे भी बेहद खतरनाक स्थिति में फंस सकते थे। यही वजह है कि Mumbai पहुंचने के बाद यात्रियों ने अपनी सुरक्षित वापसी को भगवान की कृपा बताया।

    यात्रा का रास्ता आसान नहीं था। खराब मौसम, damaged roads और border इलाके की मुश्किल स्थिति के बीच यात्रियों को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ना पड़ा।

    Nagpur के 102 यात्रियों की भी घर वापसी

    Mumbai के 37 यात्रियों के साथ महाराष्ट्र के दूसरे groups की भी वापसी हुई है। करीब 102 Nagpur pilgrims Kathmandu में फंसने के बाद वापस लौटे। चार अन्य लोग इससे पहले Nagpur पहुंच चुके थे। इस तरह 143 से ज्यादा stranded Maharashtra residents के सुरक्षित भारत पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

    इन यात्रियों की वापसी से परिवारों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन इससे 60 untraceable लोगों को लेकर सवाल और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

    आखिर ये 60 महाराष्ट्रवासी कहां हैं?

    State government के latest आंकड़े के मुताबिक 404 Maharashtra residents में से 338 लोगों से संपर्क हो चुका है, जबकि 60 अभी untraceable हैं। इनमें Mumbai-based Richa Tours के जरिए Nepal जाने वाला group भी शामिल है।

    शुरुआती reports में 66 लोगों के contact से बाहर होने की बात सामने आई थी। बाद के verification में संख्या 60 बताई गई। इसलिए फिलहाल latest state-level figure 60 है।

    यहां एक बात साफ समझना जरूरी है—60 लोगों को अभी “लापता” कहा जा रहा है, लेकिन उनकी मौत की कोई पुष्टि नहीं हुई है। Official स्थिति यही है कि authorities अभी उनकी location या safety confirm नहीं कर पाई हैं।

    नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर उस दिन आखिर हुआ क्या था?

    26 अगस्त को Rasuwa इलाके में अचानक तेज flood और debris flow आया। Bhote Koshi नदी के आसपास पानी और मलबे का सैलाब इतनी तेजी से बढ़ा कि सड़कें, bridges और border infrastructure बुरी तरह प्रभावित हो गए।

    Rasuwagadhi और Timure जैसे इलाके इस disaster की चपेट में आए। यही corridor Nepal को Tibet से जोड़ता है और Kailash Mansarovar जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

    बाढ़ का असर इतना बड़ा था कि सामान्य road connectivity टूट गई और कई tourist तथा pilgrimage groups रास्ते में फंस गए।

    Tibet side पर भी बड़ा संकट

    nepal-floods-mumbai-return

    यह disaster सिर्फ Nepal तक सीमित नहीं रहा। China के Tibet क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है।

    30 अगस्त तक China की तरफ 16 मौतों और 546 लोगों के missing होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 261 foreign nationals भी शामिल हैं। इसलिए Nepal में लौटे कुछ यात्रियों की राहत भरी कहानी के बावजूद Tibet side पर rescue operation अभी भी जारी है।

    Nepal में मौत का आंकड़ा 734 पार

    नेपाल में तबाही का scale भी लगातार बढ़ रहा है। 30 अगस्त के latest आंकड़ों के मुताबिक Nepal में 734 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 2,498 लोग अब भी missing हैं।

    Nepal और Tibet के आंकड़े मिलाने पर मौतों का आंकड़ा 750 से ज्यादा और missing लोगों की संख्या 3,000 से ज्यादा हो चुकी है। आंकड़े लगातार update हो रहे हैं क्योंकि कई प्रभावित इलाकों तक rescue teams को पहुंचने में अभी भी मुश्किल आ रही है।

    Rescue operation अभी खत्म नहीं हुआ

    बाढ़ के बाद search और rescue operation लगातार चल रहा है। हालात इतने मुश्किल हैं कि India, China और दूसरे देशों की specialised teams भी मदद के लिए पहुंची हैं।

    India ने tunnel rescue के लिए 11-member specialised reconnaissance team भेजी है। Nepal में hydropower projects के tunnels में भी workers के फंसे होने की आशंका के चलते rescue operation चल रहा है।

    यानी यह सिर्फ tourists को वापस लाने की कोशिश नहीं है। कई प्रभावित इलाकों में लोगों, workers और infrastructure को बचाने का बड़ा operation चल रहा है।

    खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है

    सबसे बड़ी चिंता यह है कि flood के कई दिन बाद भी खतरा खत्म नहीं हुआ है।

    Bhotekoshi नदी में पानी का level फिर बढ़ने की warning जारी की गई है। प्रभावित इलाकों में पहले से damaged roads और bridges के बीच नए flood और landslide का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से rescue teams को भी बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है।

    Kailash Mansarovar Yatra पर क्या असर पड़ेगा?

    इस disaster का सीधा असर Kailash Mansarovar यात्रा पर पड़ सकता है।

    nepal-flood-mumbai-37-tourists-return-60-maharashtra-missing

    Rasuwagadhi-Kerung corridor इस यात्रा के लिए महत्वपूर्ण रास्ता है और flood में इस इलाके का infrastructure बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसलिए इस route से यात्रा करने वालों के लिए पुराने schedule को final मानना सही नहीं होगा।

    जिन यात्रियों ने Nepal के रास्ते Kailash Mansarovar की booking कर रखी है, उन्हें यात्रा से पहले अपने operator से current route status, border crossing और road connectivity की पुष्टि करनी चाहिए।

    क्या अभी Nepal जाना safe है?

    पूरे Nepal को unsafe कहना सही नहीं होगा। लेकिन Rasuwa, Rasuwagadhi, Timure और Tibet border की तरफ के flood-affected इलाकों को सामान्य tourist route मानकर यात्रा करना फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है।

    Road damage, landslide, अचानक बढ़ता पानी और कमजोर infrastructure की वजह से ground situation तेजी से बदल सकती है।

    इसलिए अगर किसी की Nepal या Kailash यात्रा आने वाले दिनों में है, तो booking के पुराने itinerary के बजाय latest official clearance और route status देखकर ही आगे बढ़ना बेहतर होगा।

    अगर आपका अपना Nepal में फंसा है तो ये नंबर रखें

    अगर परिवार का कोई सदस्य Nepal-Tibet क्षेत्र में है और उससे संपर्क नहीं हो रहा है, तो Indian Embassy Kathmandu की emergency helplines पर संपर्क किया जा सकता है।

    Indian Embassy के नंबर:

    +977 985 131 6807
    +977 970 910 7500
    +977 981 032 6117

    Embassy ने flood-related assistance के लिए email भी जारी किया है: eoikathmandufloodsupport@gmail.com

    Embassy Nepal authorities के साथ मिलकर Indian nationals की safety और identification को लेकर coordination कर रही है।

    अब नजर 60 लोगों और बाकी safe यात्रियों पर

    Mumbai के 37 यात्रियों का घर लौटना बड़ी राहत है। Nagpur के यात्रियों की वापसी से भी Maharashtra के कई परिवारों की चिंता कम हुई है।

    लेकिन इस disaster की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि Maharashtra के बाकी 60 untraceable लोगों की location कब confirm होती है, Tibet side में safe बताए गए भारतीयों की वापसी कब पूरी होती है और Nepal-Tibet का damaged route कब सामान्य होता है।

    जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, Mumbai एयरपोर्ट पर लौटे यात्रियों की राहत भरी तस्वीर के पीछे कई परिवारों की चिंता बनी रहेगी।

  • दहिसर में बाइक चोरी गैंग का पर्दाफाश: 4 गिरफ्तार, 8 बाइक बरामद; 24 बाइक के पार्ट्स मिले, एक रेडियम स्टिकर से खुला पूरा राज

    दहिसर में बाइक चोरी गैंग का पर्दाफाश: 4 गिरफ्तार, 8 बाइक बरामद; 24 बाइक के पार्ट्स मिले, एक रेडियम स्टिकर से खुला पूरा राज

    दहिसर पुलिस ने बाइक चोरी गैंग के 4 आरोपियों को पकड़ा। 8 चोरी की बाइक मिलीं, 24 बाइक के नंबर प्लेट-इंजन-पार्ट्स जब्त हुए। जानिए CCTV से कैसे खुला राज। अब क्या?

    मुंबई: दहिसर में बाइक चोरी के एक केस की जांच करते-करते पुलिस ऐसे नेटवर्क तक पहुंच गई, जहां सिर्फ एक चोरी की बाइक का सुराग नहीं मिला, बल्कि उत्तर मुंबई में दर्ज 8 मोटरसाइकिल चोरी के मामले भी खुल गए। दहिसर पुलिस ने इस कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान 8 चोरी की मोटरसाइकिलें मिलीं, जबकि 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, चेसिस, इंजन और दूसरे पार्ट्स भी जब्त किए गए हैं।

    लेकिन इस पूरे केस में सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाने वाला सुराग कोई बड़ा CCTV चेहरा या नंबर प्लेट नहीं था। एक खास रेडियम स्टिकर ने पूरी कहानी की दिशा बदल दी।

    एक बाइक चोरी हुई और CCTV में दिखा पूरा खेल

    मामला दहिसर ईस्ट के अशोकवन इलाके का है। शिकायतकर्ता ने अपनी Hero Honda Super Splendor मोटरसाइकिल नंबर MH 02 AZ 4549 को 20 अगस्त 2026 की सुबह करीब 10 बजे शिववल्लभ रोड पर पार्क किया था। 21 अगस्त की रात करीब 9 बजे के आसपास जब वह वापस आए तो बाइक वहां नहीं थी।

    शिकायत के बाद दहिसर पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 1244/2026 के तहत BNS की धारा 303(2) में केस दर्ज किया गया। इसके बाद सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गिते और उनकी क्राइम डिटेक्शन टीम ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए।

    फुटेज में तीन लोग एक बाइक पर सवार होकर चोरी की बाइक को धक्का मारते हुए ले जाते दिखाई दिए। यहीं से जांच में एक ऐसा clue मिला, जिसने पुलिस को आगे का रास्ता दिखाया।

    रेडियम स्टिकर बना गैंग तक पहुंचने का सबसे बड़ा सुराग

    CCTV में आरोपियों के साथ चल रही बाइक पर एक खास रेडियम स्टिकर दिखाई दिया। पुलिस ने इसी पहचान के आधार पर उस बाइक को ट्रेस करना शुरू किया।

    जांच आगे बढ़ी तो वही बाइक दहिसर ईस्ट के साईबाबा मंदिर रोड इलाके में मिली। इसके बाद पुलिस को आरोपियों के आनंद नगर परिसर में होने की जानकारी मिली और जांच धीरे-धीरे बाइक चोरी करने वाले लोगों तक पहुंच गई।

    यानी एक चोरी हुई बाइक से शुरू हुई जांच में CCTV, एक रेडियम स्टिकर और दूसरी बाइक की पहचान ने पूरा नेटवर्क खोलने में अहम भूमिका निभाई।

    सिर्फ बाइक चोरी नहीं, उसके बाद भी चलता था पूरा खेल

    पूछताछ में पुलिस के सामने कथित तौर पर एक और अहम pattern आया। आरोपी ऐसी मोटरसाइकिलों पर नजर रखते थे जो लंबे समय से एक ही जगह पार्क रहती थीं। मौका मिलने पर बाइक चोरी की जाती और बाद में उसे एक स्क्रैप डीलर को बेच दिया जाता था।

    पुलिस के मुताबिक, स्क्रैप डीलर चोरी की बाइक को खोलकर उसके अलग-अलग पार्ट्स करता और उन्हें भंगार में बेचता था। इसी कड़ी में पुलिस ने स्क्रैप गोदाम पर कार्रवाई की, जहां से 8 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, इंजन, चेसिस और दूसरे पार्ट्स जब्त किए गए।

    एक नजर में पूरी कार्रवाई

    पुलिस कार्रवाईसंख्या
    गिरफ्तार आरोपी4
    सामने आए मोटरसाइकिल चोरी के केस8
    बरामद चोरी की मोटरसाइकिलें8
    जिन मोटरसाइकिलों से जुड़े पार्ट्स मिले24
    संबंधित पुलिस स्टेशन4

    यहां एक बात साफ समझना जरूरी है: पुलिस ने 24 पूरी मोटरसाइकिलें बरामद नहीं की हैं। 8 चोरी की बाइक मिली हैं, जबकि 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, चेसिस, इंजन और दूसरे पार्ट्स जब्त किए गए हैं।

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    दहिसर पुलिस की इनवेस्टिगेशन टीम के साथ गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर

    8 चोरी के मामले किन इलाकों से जुड़े?

    जांच में उत्तर मुंबई के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज कुल 8 मोटरसाइकिल चोरी के मामले detect हुए हैं।

    पुलिस स्टेशनसामने आए केस
    दहिसर4
    MHB2
    कस्तूरबा1
    मालवणी1
    कुल8

    इससे साफ है कि जांच का दायरा सिर्फ उस एक बाइक चोरी तक सीमित नहीं रहा, जिससे केस की शुरुआत हुई थी।

    कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोनीत भास्कर शेट्टी, उम्र 23 वर्ष, दहिसर पूर्व; पंकज मंगलप्रसाद गुप्ता, उम्र 20 वर्ष, केतकीपाड़ा, दहिसर पूर्व; आशुतोष संतोष दुबे, उम्र 20 वर्ष, धारखाड़ी रोड, दहिसर पूर्व; और पिंटू छोटेलाल गुप्ता, उम्र 29 वर्ष, केतकीपाड़ा, दहिसर पूर्व के रूप में हुई है। पिंटू छोटेलाल गुप्ता पर स्क्रैप गोदाम से जुड़ी भूमिका होने की बात सामने आई है।

    इसके अलावा 17 साल 8 महीने के एक नाबालिग बालक को भी इस मामले में पकड़ा गया था, जिसे बाद में उसके माता-पिता की देखरेख में सौंप दिया गया। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

    अब इस कार्रवाई का असर क्या होगा?

    इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर यह है कि एक ही जांच में उत्तर मुंबई के 8 बाइक चोरी के मामलों की कड़ी सामने आई है। साथ ही 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, इंजन, चेसिस और दूसरे पार्ट्स मिलने से पुलिस के पास आगे की जांच के लिए अहम material आया है।

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    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का इससे ज्यादा चोरी की गाड़ियों या दूसरे लोगों से कोई connection है या नहीं। यानी मामला 4 गिरफ्तारियों पर खत्म नहीं हुआ है और आगे कुछ और वारदातों का खुलासा होने की संभावना की जांच जारी है।

    अगर आपकी बाइक भी चोरी हुई है तो क्या करें?

    अगर आपकी मोटरसाइकिल पहले चोरी हुई है, खासकर दहिसर, MHB, कस्तूरबा या मालवणी इलाके से, तो अपने वाहन का registration number, chassis number और engine number संभालकर रखें। Mumbai Police की official “Stolen & Unclaimed Vehicles” सुविधा में registration, chassis और engine number से वाहन की जानकारी check करने का option उपलब्ध है।

    Mumbai Police – Stolen & Unclaimed Vehicles

    अगर आपकी बाइक इस केस से जुड़ी हो सकती है, तो खुद किसी बरामद वाहन या पार्ट को claim करने की कोशिश करने के बजाय संबंधित पुलिस स्टेशन से संपर्क करना ज्यादा सही रहेगा।

    बाइक मालिकों के लिए इस केस से क्या सीख?

    इस केस में पुलिस के सामने आया pattern यह है कि लंबे समय से एक ही जगह खड़ी रहने वाली बाइकें आरोपियों की नजर में थीं। इसलिए बाइक को संभव हो तो secure parking या अच्छी रोशनी वाली जगह पर पार्क करना, steering lock के साथ अतिरिक्त anti-theft lock इस्तेमाल करना और वाहन की पहचान से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखना जरूरी है।

    Mumbai Police भी secure parking, अच्छी रोशनी वाली जगह और steering/clutch/brake lock जैसे सुरक्षा उपायों की सलाह देती है। वाहन का नंबर कांच पर etch कराने जैसी पहचान संबंधी सावधानी भी पुलिस की safety guidance में शामिल है।

    कार्रवाई के पीछे पूरी पुलिस टीम

    यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त, उत्तर प्रादेशिक विभाग शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त उत्तर परिमंडल-03 गजानन राजमाने, सहायक पुलिस आयुक्त दहिसर विभाग जयराज रणवरे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दहिसर पुलिस स्टेशन सर्जेराव पाटील और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) मारुती सांगळे के मार्गदर्शन में हुई।

    गुन्हे प्रकटीकरण अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गिते के साथ पुलिस हवालदार अमोल जाधव, पुलिस हवालदार अमित पाटील, पुलिस हवालदार शाहनवाज सय्यद, पुलिस सिपाही सुशांत जाधव, कपिल चौधरी, महेंद्र महाले, ओमकार राणे और तकनीकी मदद देने वाले पुलिस हवलदार सागर पवार ने भी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।

    फिलहाल दहिसर पुलिस की जांच जारी है। अब नजर इस बात पर है कि जब्त किए गए पार्ट्स और दूसरे सुरागों से क्या चोरी की और वारदातें या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग सामने आते हैं।