कांदिवली स्टेशन के बाहर कथित देह व्यापार के आरोप, लॉज और Fire Safety पर उठे सवाल

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कांदिवली स्टेशन के आसपास कथित देह व्यापार और लॉज को लेकर शिकायतों से सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। Fire NOC और पुलिस कार्रवाई पर भी नजर।

मुंबई: कांदिवली पश्चिम रेलवे स्टेशन के आसपास कथित देह व्यापार और एक लॉज की गतिविधियों को लेकर स्थानीय नागरिकों की शिकायतों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि स्टेशन परिसर और स्टेशन के बाहर के रास्तों, पोस्ट ऑफिस गली और फाटक रोड इलाके में रात के समय संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इन शिकायतों के बीच अब लॉज की licensing, fire-safety compliance और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग उठ रही है।

रात में स्टेशन के बाहर क्या आरोप लगाए गए?

स्थानीय लोगों का दावा है कि शाम करीब 8 बजे के बाद पोस्ट ऑफिस गली, फाटक रोड और स्टेशन परिसर और आसपास कुछ महिलाएं और अन्य लोग व्यभिचार की लेनदेन करते हुए जमा देखे जाते हैं। इसका एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया है। नागरिकों के मुताबिक, इसका असर वहां से गुजरने वाले यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा और सहज आवाजाही पर पड़ रहा है।

Happy Guest House को लेकर भी सवाल

स्थानीय स्तर पर Happy Guest House/Happy Lodge को लेकर भी जांच की मांग की गई है। आरोप लगाए गए हैं कि वहां ठहरने वाले लोगों के दस्तावेजों और बांग्लादेशी नागरिकों के verification की जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस लॉज के खिलाफ मौजूदा समय में देह व्यापार, अवैध विदेशी नागरिकों को ठहराने या अन्य अपराध को लेकर कोई आधिकारिक FIR या पुलिस कार्रवाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

ऐसे में अब सबसे अहम सवाल यही है कि संबंधित प्रशासन ने इस लॉज की licensing, guest records और सुरक्षा मानकों की जांच की है या नहीं।

Fire Safety को लेकर चिंता क्यों बढ़ी?

कांदिवली स्टेशन रोड पर 17 अगस्त 2026 को एक commercial building में आग लगी थी। दमकल विभाग ने smoke-filled building से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। इस घटना के बाद स्टेशन रोड और आसपास के lodging establishments में fire-safety व्यवस्था की जांच का सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है।

हालांकि, Happy Guest House के पास Fire NOC नहीं होने का specific दावा अभी किसी आधिकारिक स्रोत से confirm नहीं हुआ है। इसलिए इसकी जांच Mumbai Fire Brigade और संबंधित civic authorities के रिकॉर्ड से होना जरूरी है।

GRP, RPF और स्थानीय पुलिस की भूमिका भी अहम

रेलवे परिसर में GRP और RPF की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। GRP रेलवे परिसर में law and order और criminal cases देखती है, जबकि RPF की प्रमुख जिम्मेदारी रेलवे संपत्ति और सुरक्षा से जुड़ी है।

स्टेशन से बाहर के इलाके में स्थानीय पुलिस और civic authorities की भूमिका बनती है। इसलिए नागरिकों की शिकायत पर यह स्पष्ट होना जरूरी है कि किस agency ने क्या कार्रवाई की और क्या कोई शिकायत या मामला दर्ज हुआ है।

अब नजर किस पर?

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कदम आरोपों की स्वतंत्र जांच है। स्टेशन परिसर और आसपास के CCTV, स्थानीय शिकायतें, लॉज के licence और guest records, Fire NOC तथा संबंधित पुलिस रिकॉर्ड की जांच से ही तस्वीर साफ हो सकती है।

फिलहाल कांदिवली परिसर में इन बाजारू महिलाओं का जमावड़ा सवालों के घेरे में है। इनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

Surendra Rajbhar Avatar
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