शरद पवार और सुप्रिया सुले ने PM मोदी से मुलाकात कर जंतर-मंतर के CJP आंदोलन और छात्रों की मांगों पर चर्चा की। पढ़ें पूरी जानकारी।
(मंत्रालय प्रतिनिधि, मुंबई)
नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में मुलाकात की। यह बैठक एक दिन पहले जंतर-मंतर पहुंचकर CJP आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात करने के बाद हुई। पार्टी के अनुसार, पवार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को प्रधानमंत्री के सामने रखा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (Cockroach Janta Party) आंदोलन के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब जंतर-मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों का आंदोलन जारी है और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की जा रही है।
शरद पवार और सुप्रिया सुले ने PM मोदी से क्या कहा?
शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने आंदोलनकारी छात्रों की मांगों और उनकी चिंताओं को उठाया। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की ओर से बताया गया कि पवार ने प्रदर्शनकारियों की बात को गंभीरता से लेने और उनकी मांगों पर समाधान निकालने की आवश्यकता पर चर्चा की।

पवार ने इससे एक दिन पहले जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की थी। उन्होंने छात्रों की मांगों को सुना और केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की।
एक दिन पहले जंतर-मंतर पहुंचे थे शरद पवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से एक दिन पहले शरद पवार और सुप्रिया सुले जंतर-मंतर पहुंचे। वहां उन्होंने CJP और छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
यह आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और NEET से जुड़े आरोपों को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
PM मोदी से मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चा तेज
शरद पवार और सुप्रिया सुले की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ रिपोर्टों में इस बैठक को लेकर राजनीतिक अटकलों का उल्लेख किया गया है, लेकिन इस मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा या विस्तृत बातचीत सार्वजनिक नहीं की गई है।
इसलिए बैठक को किसी संभावित राजनीतिक गठबंधन या भविष्य के राजनीतिक फैसले से जोड़ना फिलहाल अटकलों के दायरे में है। प्रधानमंत्री कार्यालय और शरद पवार के कार्यालय की ओर से बैठक में हुई पूरी बातचीत का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
BJP नेता प्रवीण दरेकर ने की शरद पवार की पहल की सराहना
महाराष्ट्र बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रवीण दरेकर ने शरद पवार की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ नेता हैं और जब भी कोई गंभीर स्थिति सामने आती है, तो वे समाधान निकालने की कोशिश करते हैं।
दरेकर ने पवार की राजनीतिक शैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी राजनीति को समझना आसान नहीं है, लेकिन छात्रों के आंदोलन को लेकर की गई उनकी पहल की वह सराहना करते हैं।
आंदोलन की पृष्ठभूमि क्या है?
जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और NEET से जुड़े विवादों को लेकर है। प्रदर्शनकारी छात्रों और समर्थकों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की जा रही है।
यह आंदोलन इस वक्त दिल्ली से आगे मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों तक भी चर्चा में है। विरोध के बीच संसद की कार्यवाही पर भी राजनीतिक दबाव बढ़ने की खबरें सामने आ रही है।
शरद पवार और सुप्रिया सुले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को जंतर-मंतर पर चल रहे CJP और छात्र आंदोलन के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। पवार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को प्रधानमंत्री के सामने रखने की बात सामने आई है, लेकिन बैठक में किसी ठोस निर्णय या तत्काल सरकारी घोषणा की आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
आंदोलन और सरकार के बीच आगे कोई औपचारिक बातचीत या निर्णय होता है या नहीं, इस पर अब नजर बनी हुई है।
5. Official / Authoritative Sources
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PM India) — प्रधानमंत्री से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और अपडेट।
FAQ
Q. शरद पवार और सुप्रिया सुले PM मोदी से क्यों मिले?
जंतर-मंतर पर चल रहे CJP और छात्र आंदोलन से जुड़ी मांगों और परीक्षा व्यवस्था संबंधी चिंताओं पर चर्चा के लिए यह मुलाकात हुई।
Q. क्या PM मोदी ने आंदोलन को लेकर कोई फैसला किया है?
अभी तक बैठक के बाद किसी ठोस निर्णय या तत्काल सरकारी घोषणा की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।

