Category: Mumbai Crime

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  • गोरगांव फायरिंग: पुरानी रंजिश में 33 साल के युवक की हत्या, एक गंभीर

    गोरगांव फायरिंग: पुरानी रंजिश में 33 साल के युवक की हत्या, एक गंभीर

    अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में पुरानी दुश्मनी के चलते फायरिंग की वारदात। 33 वर्षीय नितिन शिरसाठ की मौत, सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल। पुलिस जांच में जुटी, महाराष्ट्र क्राइम न्यूज।

    महाराष्ट्र: अहिल्यानगर के गोरगांव इलाके में शुक्रवार देर शाम पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई। इस गोलीबारी में 33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 वर्षीय सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच काफी समय से आपसी दुश्मनी चल रही थी। शुक्रवार शाम दोनों आमने-सामने आए और कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने गोली चला दी। फायरिंग में नितिन शिरसाठ को गंभीर गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं सूरज फुलमाली भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

    👮 पुलिस क्या कह रही है?

    अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ पद्मावती शिदोजीराव घार्गे ने मीडिया को बताया कि यह घटना गोरगांव के एक अस्पताल के पास हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पुराना विवाद था, जो हिंसक झड़प में बदल गया। फिलहाल पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏥 घायल का इलाज जारी

    घायल सूरज फुलमाली की हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है। पुलिस अस्पताल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

    🚨 इलाके में तनाव, पुलिस की सख्ती

    फायरिंग की खबर फैलते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    📊 घटना से जुड़े अहम बिंदु

    • 📍 स्थान: गोरगांव, अहिल्यानगर जिला, महाराष्ट्र
    • 🕒 समय: देर शाम
    • 👤 मृतक: नितिन विलास शिरसाठ (33)
    • 👤 घायल: सूरज फुलमाली (23)
    • 🔫 कारण: पुरानी रंजिश
    • 👮 कार्रवाई: मामला दर्ज, जांच जारी

    ❓ FAQ Section

    Q1: गोरगांव फायरिंग घटना कब हुई?

    यह घटना शुक्रवार देर शाम अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में हुई।

    Q2: इस घटना में कौन मारा गया?

    33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की गोली लगने से मौत हुई।

    Q3: क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

    फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    Q4: घटना की वजह क्या थी?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पुरानी दुश्मनी थी।

  • Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    मुंबई के मालाड में 67 वर्षीय महिला ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का शिकार, जालसाजों ने फर्जी कोर्ट ऑर्डर और पुलिस बनकर 6 दिन वीडियो कॉल पर रखकर ₹12 लाख RTGS से ट्रांसफर कराए। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, FIR दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में 67 साल की एक गृहिणी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। जालसाज खुद को पुलिस और सेंट्रल एजेंसी अधिकारी बताकर छह दिन तक महिला को वीडियो कॉल पर “हाउस अरेस्ट” में रखते रहे। मामला तब खुला जब बेटी ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🔎 कैसे बिछाया गया Malad में जाल?

    पुलिस के मुताबिक महिला को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को Mumbai Police का अधिकारी बताया और प्रोफाइल फोटो में पुलिस का लोगो लगाया हुआ था। उसने कहा कि लखनऊ में महिला के नाम से खुला बैंक अकाउंट “जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग” के लिए 17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में इस्तेमाल हुआ है।

    उसे 10% कमीशन लेने और 10 साल तक की जेल की धमकी दी गई—यहीं से डर की शुरुआत हुई।

    📄 फर्जी दस्तावेज़, असली डर

    विश्वास जमाने के लिए आरोपियों ने कथित Supreme Court of India का आदेश, अरेस्ट वारंट और Reserve Bank of India (RBI) नोटिस के फर्जी कागज भेजे। महिला को कहा गया कि मामला “नेशनल सिक्योरिटी” से जुड़ा है, इसलिए परिवार को कुछ न बताएं।

    साइबर पुलिस का कहना है—यही तरीका है जिससे ठग पहले डर पैदा करते हैं और फिर भरोसा जीतते हैं।

    🏠 ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में 6 दिन

    महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने को कहा गया, रोज़ रिपोर्ट करने को बोला गया—“मैं सुरक्षित हूं।” घबराने पर आरोपी उसे शांत कराता और “मदद” का भरोसा देता। इसी दौरान उसने महिला से सारी बैंक डिटेल्स निकलवा लीं।

    तीसरे दिन महिला से 12 लाख की FD तोड़कर “वेरिफिकेशन” के नाम पर कोयंबटूर के एक अकाउंट में RTGS से ट्रांसफर करा लिया गया।

    📞 ऐसे खुला मामला

    छह दिन बाद बेटी ने फोन चेक किया तो पूरा खेल समझ आया। तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध खातों की पड़ताल की जा रही है।

    🛑 साइबर सेफ्टी एडवाइजरी (जरूर पढ़ें)

    • किसी भी साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत 1930 पर करें
    • पुलिस कभी भी WhatsApp पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती
    • कोई भी सरकारी एजेंसी “वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर नहीं करवाती
    • कोर्ट वारंट/नोटिस मैसेजिंग ऐप से नहीं भेजे जाते

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
    👉 यह एक नया साइबर फ्रॉड तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर वीडियो कॉल पर “नजरबंद” रखते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

    Q2. क्या पुलिस WhatsApp पर अरेस्ट करती है?
    👉 नहीं। पुलिस कभी भी WhatsApp या वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती।

    Q3. साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

    Q4. क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 जल्दी शिकायत करने पर बैंक अकाउंट फ्रीज होने की संभावना रहती है, जिससे रिकवरी संभव हो सकती है।

  • Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    मुंबई के कांदिवली में MHADA अधिकारी पर पत्नी की आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज। वहीं ठाणे में घरेलू विवाद से परेशान मां ने तीन नाबालिग बेटियों को जहर देकर मार डाला। पढ़ें पूरी क्राइम रिपोर्ट।

    मुंबई: मुंबई और ठाणे से सामने आई दो दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। कांदिवली में एक वरिष्ठ MHADA अधिकारी पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है, जबकि ठाणे जिले में एक मां ने घरेलू कलह से परेशान होकर अपनी तीन मासूम बेटियों को जहर देकर मार डाला। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।

    कांदिवली में महिला की आत्महत्या, MHADA अधिकारी पति पर FIR

    राज्य की हाउसिंग एजेंसी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ उनकी पत्नी की कथित आत्महत्या के मामले में केस दर्ज किया गया है।

    यह घटना मुंबई के कांदिवली ईस्ट स्थित लोखंडवाला इलाके की है। 42 वर्षीय महिला ने शनिवार शाम अपने फ्लैट में कथित तौर पर जान दे दी। मामले की जांच समता नगर पुलिस स्टेशन कर रही है।

    भाई की शिकायत पर मामला दर्ज, सास भी नामजद

    पुलिस के मुताबिक, मृतका के भाई की शिकायत पर पति और सास यमाबाई काटरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की गई है।

    भाई का आरोप है कि महिला को दहेज को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    घटना से पहले डॉक्टर को किया था फोन

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन महिला ने अपने फैमिली डॉक्टर को फोन कर बताया था कि परिवार के सदस्य उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद कॉल कट गया।

    डॉक्टर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो उन्होंने महिला के मायके वालों को सूचना दी। पुणे से पहुंचे परिजनों ने फ्लैट पर पहुंचकर देखा कि महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

    ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर देकर मारा

    इसी बीच, महाराष्ट्र के मुंबई से सटे ठाणे जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। 27 वर्षीय महिला को अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

    यह घटना शाहपुर तालुका के आसनोली गांव की है, जहां आरोपी महिला ने कथित तौर पर “फ्राइड चावल” में कीटनाशक मिलाकर अपनी 5, 8 और 10 साल की बेटियों को खिला दिया।

    अस्पताल में मौत, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि

    बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर दो बच्चियों को मुंबई और एक को नाशिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 और 25 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

    शुरुआत में खिनावली पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का केस दर्ज कर मां को तड़के 2 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

    घरेलू विवाद और आर्थिक तंगी बनी वजह?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला घरेलू समस्याओं से जूझ रही थी। पति के शराब पीने की आदत और अलगाव के बाद वह तीनों बेटियों की परवरिश अकेले कर रही थी।

    प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव ने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली आत्महत्या मामले में किस पर केस दर्ज हुआ है?

    MHADA के डिप्टी रजिस्ट्रार और उनकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है।

    Q2. किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत।

    Q3. ठाणे में मां ने क्या किया?

    आरोप है कि मां ने अपनी तीन बेटियों को जहर देकर मार डाला।

    Q4. बच्चियों की मौत कैसे हुई?

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई है।

    Q5. क्या दोनों मामलों की जांच जारी है?

    हां, पुलिस दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।

  • Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    मुंबई के Malad में हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में SUV ने 4 साल के बच्चे को कुचला। आरोपी ने कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए चला गया। पुलिस ने पहले लापरवाही का केस दर्ज किया, बाद में BNS की सख्त धाराएं लगाकर दोबारा गिरफ्तार किया।

    मुंबई: Malad East में नीलयोग विराट हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में 7 फरवरी को तेज रफ्तार SUV ने 4 साल के मासूम लक्ष सिंह को कुचल दिया। आरोपी व्यवसायी रमेश जतारा (45) ने बच्चे को टक्कर मारने के बाद कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए वहां से चला गया। घायल बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। पहले पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे छुट्टी अदालत से जमानत मिल गई थी। बाद में परिवार की शिकायत पर पुलिस ने BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की गंभीर धाराएं जोड़कर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया।

    📍 Malad East की सोसायटी में दर्दनाक हादसा

    यह हादसा मालाड ईस्ट, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित नीलयोग विराट हाईराइज सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में हुआ। बताया जा रहा है कि यहां दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे और सोसायटी के बच्चे अक्सर बेसमेंट में खेलते थे।

    7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे लक्ष अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी एक SUV तेज रफ्तार से नीचे उतरी और बच्चे को टक्कर मारते हुए घसीटती चली गई।

    🚗 आरोपी ने कार पार्क की और चला गया

    ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुनील जायसवाल (38) ने बताया कि टक्कर के बाद बच्चे की चीख सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि SUV ने बच्चे को टक्कर मारकर आगे बढ़ा दिया था।

    गार्ड के मुताबिक,

    “ड्राइवर ने पहले कार पार्क की और फिर हमें कहा कि बच्चे के घरवालों को बुलाकर उसे घर छोड़ दो। इसके बाद वह वहां से चला गया।”

    यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब पूरे मुंबई में गुस्से का कारण बना हुआ है।

    🏥 अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ी हालत

    गार्ड बच्चे के घर का पता नहीं जानते थे। कुछ देर बाद बच्चे का चचेरा भाई उसे ढूंढते हुए बेसमेंट में पहुंचा और घायल हालत में पाया। परिवार तुरंत उसे पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की सटीक वजह सामने आएगी।

    👨‍👩‍👦 20 साल बाद घर में आई थी खुशियां

    लक्ष सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पिता जयप्रकाश सिंह होलसेल किराना व्यापारी हैं। परिवार के मुताबिक, शादी के करीब 20 साल बाद उनके घर में बच्चे का जन्म हुआ था।

    पिता ने रोते हुए कहा:

    “अगर आरोपी मेरे बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाता तो शायद वह बच सकता था।”

    ⚖️ पहले जमानत, फिर दोबारा गिरफ्तारी

    दिंडोशी पुलिस ने पहले आरोपी पर लापरवाही से मौत (Negligence) का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छुट्टी अदालत ने अगले ही दिन जमानत दे दी।

    हालांकि, बाद में परिवार के रिश्तेदार ने बयान दिया कि आरोपी को पहले भी सोसायटी में तेज गाड़ी चलाने को लेकर चेतावनी दी गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की गंभीर धाराएं जोड़ दीं और आरोपी को ठाणे जेल से दोबारा गिरफ्तार किया।

    🔎 सोसायटी में पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

    परिवार का दावा है कि आरोपी रमेश जतारा पहले भी सोसायटी परिसर में तेज गाड़ी चलाता था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके उसने अपनी आदत नहीं सुधारी।

    अब यह मामला Mumbai Road Safety, Society Basement Accident, Rash Driving Case in Mumbai जैसे कीवर्ड्स के साथ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

    📌 परिवार की मांग: सख्त से सख्त सजा

    लक्ष की मां ने कहा:

    “वो हमारी आंखों का तारा था। इतनी छोटी उम्र में हमसे छीन लिया गया।”

    परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। रविवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजन पुलिस स्टेशन के बाहर न्याय की मांग को लेकर जुटे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड ईस्ट हादसा कब हुआ?
    यह घटना 7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे हुई।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी का नाम रमेश जतारा (45) है, जो एक व्यवसायी बताया गया है।

    Q3. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    पहले लापरवाही की धारा लगाई गई थी, बाद में BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई।

    Q4. बच्चा कहां खेल रहा था?
    बच्चा सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में दोस्तों के साथ खेल रहा था।

    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिल गई थी?
    हाँ, पहले जमानत मिली थी, लेकिन बाद में गंभीर धाराएं जोड़ने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया।

  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड वेस्ट में स्कूल के पास 5 साल की बच्ची से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्कूल के चपरासी को गिरफ्तार किया है, जबकि कार्रवाई में देरी के आरोप में स्कूल के CEO पर भी केस दर्ज किया गया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक स्कूल के पास 5 साल की मासूम बच्ची से कथित यौन दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। मालाड पुलिस ने इस मामले में स्कूल के 30 वर्षीय चपरासी अनिल पांचाळ को गिरफ्तार किया है। बच्ची की मां का आरोप है कि आरोपी ने बच्ची को धमकाया और गलत तरीके से छुआ। शिकायत स्कूल प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO अनंत यज्ञीक के खिलाफ भी लापरवाही का केस दर्ज किया है।

    📍 कहां और कैसे हुआ मामला

    यह कथित घटना मालाड वेस्ट के एसवी रोड स्थित एक शैक्षणिक संस्थान के पास हुई। पीड़ित बच्ची रोज़ की तरह स्कूल जा रही थी, तभी आरोपी कर्मचारी ने उसे डरा-धमकाकर उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की, ऐसा मां का आरोप है।

    🚨 स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की डिटेक्शन टीम ने शुक्रवार को 30 साल के आरोपी स्कूल चपरासी को उसके रिहायशी इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी स्कूल में निचले स्तर पर काम करता था और बच्चों की आवाजाही से अच्छी तरह वाकिफ था।

    🏫 स्कूल प्रशासन पर भी सवाल

    पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले स्कूल प्रशासन को इस घटना की जानकारी दी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, उन पर समय पर कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने का आरोप है।

    👮 पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए और कहां-कहां लापरवाही हुई। पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जांच जारी है।

    ⚖️ कानूनी धाराएं और बच्चों की सुरक्षा

    इस मामले में POCSO Act की धारा 10, 17 और 21(2) एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां हुई है?
    मालाड वेस्ट, एसवी रोड के पास एक स्कूल के नजदीक।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी 30 वर्षीय स्कूल का चपरासी है।

    Q3. क्या स्कूल प्रशासन पर भी केस दर्ज हुआ है?
    हां, स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. मामला किस कानून के तहत दर्ज है?
    POCSO Act और IPC की संबंधित धाराओं के तहत।

    Q5. पुलिस आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
    पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 22 साल के कारपेंटर से चाकू दिखाकर मोबाइल और ATM से कैश लूटा गया। CCTV फुटेज के आधार पर RPF ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, मास्टरमाइंड फरार।

    मुंबई: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 30 जनवरी की रात उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक 22 वर्षीय कारपेंटर को चाकू की नोंक पर लूट लिया गया। यह सनसनीखेज वारदात रात करीब 9:30 बजे स्टेशन के ब्रिज पर, भीड़ के बीच अंजाम दी गई। तीन युवकों ने पीड़ित से पहले मोबाइल छीना, फिर ATM कार्ड और PIN लेकर पास के ATM से कैश भी निकाल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 3 फरवरी को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरा आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है।

    कैसे हुई पूरी वारदात?

    पीड़ित सिराज खान, जो पेशे से कारपेंटर हैं, जोगेश्वरी में दिनभर काम करने के बाद अपने दो दोस्तों के साथ साकीनाका जाने के लिए मेट्रो पकड़ने अंधेरी स्टेशन पहुंचे थे।
    स्टेशन के ब्रिज पर ही तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।

    सिराज के मुताबिक,

    “एक आरोपी ने कमर में चाकू फंसाया हुआ था और बोला – ‘मेरे पास चाकू है, मैं तुम्हें मार दूंगा’। डर के मारे मुझे अपना मोबाइल देना पड़ा।”

    ATM से भी निकलवाए पैसे

    मोबाइल छीनने के बाद आरोपियों ने सिराज को धमकाकर ATM कार्ड और उसका PIN भी उगलवा लिया। इसके बाद तीनों ने पास के ATM से कैश निकाला और जाते-जाते सिराज को धमकी दी कि वह वहीं खड़ा रहे और हिले नहीं।

    पीड़ित ने बताया कि यह सब अंधेरी ब्रिज जैसी बेहद व्यस्त जगह पर हुआ, जिससे वह पूरी तरह सदमे में आ गया।

    दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन…

    जब सिराज को लूटा जा रहा था, उसके दोस्तों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन चाकू से लैस आरोपियों ने उन्हें भी डरा-धमकाकर पीछे हटा दिया। वारदात रेलवे परिसर में होने के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने किसी से डर महसूस नहीं किया।

    CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

    पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में जब सिराज ने अंधेरी GRP से संपर्क किया, तो GRP ने RPF को मेमो देकर CCTV फुटेज खंगालने को कहा।

    इसके बाद RPF के

    • सब-इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी
    • इंस्पेक्टर राजीव सलारिया

    ने आरोपियों पर नजर रखनी शुरू की।

    3 फरवरी को 2 आरोपी दबोचे गए

    3 फरवरी को प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर CCTV में दिख रहे हुलिए से मिलते-जुलते दो युवक घूमते नजर आए।
    RPF के कॉन्स्टेबल अंकित पटेल और दीपक वर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान और CCTV फुटेज दिखाने पर दोनों ने अपराध कबूल कर लिया

    FIR दर्ज, तीसरा आरोपी फरार

    हालांकि वारदात 30 जनवरी को हुई थी, लेकिन FIR 4 फरवरी को अंधेरी GRP में दर्ज की गई।
    GRP के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन लोंढे ने बताया:

    • FIR धारा 309(4) के तहत दर्ज
    • गिरफ्तार आरोपी: अयान शेख और अभिषेक केवट
    • फरार आरोपी: अनस शेख (19), धारावी निवासी

    उन्होंने यह भी बताया कि अयान शेख पहले भी मोबाइल चोरी के मामले में बांद्रा GRP द्वारा पकड़ा जा चुका है।

    मोबाइल और ATM कार्ड अब तक बरामद नहीं

    दोनों आरोपियों को अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस पीड़ित का मोबाइल फोन और ATM कार्ड बरामद करने की कोशिश में जुटी है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. अंधेरी स्टेशन पर लूट कब हुई?
    👉 30 जनवरी को रात करीब 9:30 बजे।

    Q2. पीड़ित कौन है?
    👉 22 वर्षीय कारपेंटर सिराज खान।

    Q3. कितने आरोपी थे और कितने पकड़े गए?
    👉 कुल 3 आरोपी थे, 2 गिरफ्तार, 1 फरार।

    Q4. पुलिस को सबूत कैसे मिला?
    👉 स्टेशन के CCTV फुटेज से।

    Q5. क्या पीड़ित का मोबाइल और ATM कार्ड मिल गया है?
    👉 नहीं, अभी बरामदगी बाकी है।

  • नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    मुंबई के बोरीवली के व्यापारी से नकली ट्रेडिंग ऐप और WhatsApp ग्रुप के जरिए 48.5 लाख की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने पुणे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: साइबर पुलिस ने नकली शेयर मार्केट ट्रेडिंग ऐप स्कैम का बड़ा खुलासा करते हुए पुणे के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोरीवली के एक बिजनेसमैन को WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप के जरिए 48.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच जारी है।

    📍 कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी

    पीड़ित, 43 वर्षीय कारोबारी, बीकेसी के डायमंड मार्केट में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर काम करता है।
    अक्टूबर 2025 में उसे एक अंजान महिला का कॉल आया, जिसने अपना नाम “रिया” बताया और खुद को SEBI से जुड़े ब्रोकर्स के साथ काम करने वाला बताया।

    इसके बाद पीड़ित को “Daily Recommendations 602” नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोज़

    • शेयर टिप्स
    • IPO अपडेट
    • QIB इन्वेस्टमेंट
    • मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट

    शेयर किए जाते थे।

    📲 VIP ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप का जाल

    विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को बिना अनुमति “VIP Study Group” में भी जोड़ दिया गया।
    यहां उसे एक लिंक भेजकर TMGPLUS नाम का ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया।

    यह ऐप दिखने में असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा था और उसमें

    • फर्जी मुनाफा
    • बढ़ती हुई रकम
      दिखाई जाती थी, जिससे पीड़ित और ज्यादा निवेश करने लगा।

    💰 48.50 लाख रुपये कैसे निकाले गए

    पुलिस के अनुसार,
    18 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने

    • IMPS
    • NEFT
    • RTGS

    के जरिए 48.50 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए।

    शुरुआत में छोटी रकम निकालने दी गई, ताकि भरोसा बने।
    लेकिन जब बड़ी रकम निकालने की कोशिश की गई, तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

    🧾 IPO अलॉटमेंट का बहाना

    जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने कहा कि

    • पैसा IPO अलॉटमेंट में फंसा है
    • रकम रिलीज करने के लिए 50 लाख रुपये और जमा करने होंगे

    इसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उसने

    • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की
    • फिर पुलिस से संपर्क किया।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की कार्रवाई कैसे हुई

    बैंक ट्रांजैक्शन, WhatsApp ग्रुप्स, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल की तकनीकी जांच के बाद
    नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने
    30 जनवरी 2026 को पुणे के अंबेगांव पुलिस स्टेशन की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    टीम का नेतृत्व

    • इंस्पेक्टर किरण आहेर
    • एपीआई सुदर्शन पाटिल

    ने किया।

    🧑‍⚖️ गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

    • अमर बापू शिंदे (31)
    • प्रशांत सुनील कडव (33)
    • प्रणिल संजय राठोड (25)

    तीनों पुणे के रहने वाले हैं और पढ़े-लिखे हैं।

    🔍 आरोपियों की भूमिका

    पुलिस जांच में सामने आया कि:

    • शिंदे ने अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए
    • कडव ने मिडलमैन बनकर दूसरे अकाउंट्स जुटाए
    • राठोड ने खातों से पैसा निकालकर मास्टरमाइंड तक पहुंचाया

    तीनों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था।

    🏦 33 लाख का अहम ट्रांजैक्शन ट्रेस

    पुलिस ने RBL बैंक के एक अकाउंट से जुड़े
    33 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया,
    जो Sunenergier Solutions Pvt Ltd, पुणे के नाम पर रजिस्टर्ड था।

    इससे तीनों की संलिप्तता पुख्ता हुई।

    ⚠️ पुलिस की जनता से अपील

    मुंबई साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

    • अनजान WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप से दूर रहें
    • किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच करें
    • बिना वेरिफिकेशन निवेश न करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 48.50 लाख रुपये।

    Q2. ठगी कैसे की गई?
    👉 WhatsApp ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप के जरिए।

    Q3. आरोपी कहां के रहने वाले हैं?
    👉 पुणे के।

    Q4. शिकायत कहां दर्ज की गई थी?
    👉 साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन।

    Q5. क्या जांच अभी जारी है?
    👉 हां, मास्टरमाइंड और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

  • फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    मुंबई के मालवनी इलाके में एक ऑटो चालक से फर्जी POCSO और रेप केस दर्ज कराने की धमकी देकर 8.63 लाख रुपये और सोना वसूलने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

    मुंबई: मालवनी इलाके में रहने वाले एक ऑटो रिक्शा चालक ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसके बेटे और बेटी के खिलाफ POCSO और रेप जैसे झूठे केस दर्ज कराने की धमकी देकर उससे कुल 8 लाख 63 हजार रुपये नकद और सोना वसूला गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार परिवार को डराते रहे और नए-नए केस में फंसाने की धमकी देकर खंडणी मांगते रहे।

    👤 कौन है शिकायतकर्ता

    शिकायतकर्ता अब्दूल गफूर बाबू पटेल (उम्र 55 वर्ष) पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और मालवनी, मालाड पश्चिम में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार की रोज़ी-रोटी पूरी तरह ऑटो चलाकर होने वाली कमाई पर निर्भर है।

    ⚖️ कैसे शुरू हुआ POCSO का पूरा मामला

    पीड़ित के अनुसार, 4 जुलाई 2025 को मिरारोड के गिता नगर की रहने वाली जैनब बानो जाकीर सय्यद नाम की महिला ने मालवनी पुलिस स्टेशन में उनके बेटे आकीब अब्दूल गफूर पटेल और बेटी समीना के खिलाफ गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त जैनब बानो के साथ उनका पडोसी अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू भी पुलिस स्टेशन आया हुआ था।
    इस केस में POCSO एक्ट 2012 समेत भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गईं और उसी दिन बेटे की गिरफ्तारी भी हो गई।

    😨 डर और दबाव का खेल

    पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज होते ही उनका पडोसी जो मालवनी कच्चा रोड़ स्थित झूनका भाकर के सामने अल अजिज सिख कार्नर के नाम से सिख पराठा का धंधा करता है अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू उनसे मिला और कहा कि

    “अगर केस खत्म कराना है तो सेटलमेंट करना पड़ेगा, नहीं तो और FIR होगी।”

    इसके बाद पीड़ित और उसके परिवार को बार-बार फोन, मुलाकात और धमकियों के जरिए डराया गया।

    🏢 ऑफिस बुलाकर दी गई धमकी

    8 जुलाई 2025 को पीड़ित और उसकी बेटी शुमाईला को गेट नंबर 3 स्थित एक ऑफिस में बुलाया गया, जहां जाकीर डॉटकॉम नाम का व्यक्ति मौजूद था।
    यहां साफ कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार पर नालासोपारा और मिरारोड में और भी झूठे केस दर्ज किए जाएंगे। परिवार में पीड़ित की बेटी शुमाईला का खास नाम लिया गया था। जिससे पीड़ित परिवार और ज्यादा घबरा गया।

    💰 सोना और नकद की मांग

    आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि

    • जैनब बानो का 6 तोला सोना जो ज्वेलर्स के पास गिरवी है, उसे छुड़वाना होगा
    • साथ ही 5 लाख रुपये कैश भी देने होंगे

    धमकी दी गई कि ऐसा न करने पर नालासोपारा और मिरारोड के नयानगर में नए रेप केस दर्ज कराए जाएंगे।

    📞 कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद

    पीड़ित का दावा है कि बेटी शुमाईला के जरिए हुई कई बातचीत की WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसमें पैसे की मांग और धमकियां साफ सुनी जा सकती हैं।

    🏠 घर तक गिरवी रखना पड़ा

    डर और दबाव में आकर पीड़ित ने

    • 2.63 लाख रुपये रौनक ज्वेलर्स को देकर सोना छुड़वाया
    • फिर 5 लाख रुपये कैश दिए
    • इसके अलावा 1 लाख रुपये अलग से जाकीर डॉटकॉम को देने का भी आरोप है

    इतना ही नहीं, पीड़ित ने बताया कि अपने ही घर को 7.50 लाख रुपये की हेवी डिपॉजिट पर देकर उसे किराए पर रहना पड़ा।

    📌 कुल कितनी वसूली का आरोप

    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर उससे
    👉 कुल 8,63,000 रुपये (नकद + सोना) की खंडणी वसूली।

    🚔 पुलिस से क्या मांग

    पीड़ित ने मांग की है कि

    • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
    • झूठे केस दर्ज कराने और खंडणी मांगने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
    • POCSO जैसे गंभीर कानून का गलत इस्तेमाल करने वालों को सजा मिले

    आप को बता दें कि जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम पहले ही एक रेप के केस में गिरफ्तार हो चुका है। जो न्यायिक हिरासत में सजा काट रहा है। पुलिस ने अब्दूल गफूर बाबू पटेल की शिकायत में अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू और जैनब बानो जाकीर सय्यद को गिरफ्तार कर पैसे और सोने की रिकवरी कर रही है। इस केस के सिलसिले में माननीय न्यायालय के समक्ष मालवनी पुलिस जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम की कस्टडी की मांग कर रही है। जाकिर की गिरफ्तारी से और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या यह मामला अभी जांच में है?
    हाँ, पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी है और जांच की मांग की है।

    Q2. क्या पीड़ित के पास सबूत हैं?
    पीड़ित का दावा है कि उसके पास कॉल रिकॉर्डिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मौजूद हैं।

    Q3. किन लोगों पर आरोप हैं?
    अब्दूल अजीज कादर शेख, जाकीर डॉटकॉम, जैनब बानो और उनकी बेटी नुसरत पर आरोप लगाए गए हैं।

    Q4. कितनी रकम की खंडणी का आरोप है?
    कुल 8.63 लाख रुपये नकद और सोने की वसूली का आरोप है।