Category: Mumbai Crime

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  • Disha Salian Case: Bombay HC ने Mumbai Police को लगाई फटकार, 5 साल बाद भी Final Report नहीं!

    Disha Salian Case: Bombay HC ने Mumbai Police को लगाई फटकार, 5 साल बाद भी Final Report नहीं!

    Disha Salian Death Case में Bombay High Court ने Mumbai Police को देरी पर फटकार लगाई। जानें पूरा मामला, SIT जांच, CBI रिपोर्ट और लेटेस्ट अपडेट।

    मुंबई: 2020 के हाई-प्रोफाइल Disha Salian Death Case लगभग 5 साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। Bombay High Court ने 23 मार्च को सुनवाई के दौरान Mumbai Police को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “Final Report में देरी के लिए कोई भी वजह सही नहीं ठहराई जा सकती।”

    ⚖️ Court Strict: “Delay बिल्कुल भी Acceptable नहीं”

    चीफ जस्टिस Shree Chandrashekhar और जस्टिस Suman Shyam की बेंच ने साफ कहा कि जब preliminary report तैयार है, तो उसे magistrate के सामने पेश क्यों नहीं किया गया?

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई नया evidence आता है, तो उस पर आधारित रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर फाइल करनी होगी

    👨‍👧 Family Angle: पिता ने उठाए सवाल

    दिशा सालियान के पिता Satish Salian ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस में कथित cover-up और बड़े लोगों की भूमिका का आरोप लगाया है।

    उन्होंने pendrive के जरिए कुछ नए सबूत भी दिए हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है।

    👮 Police का जवाब: “Investigation अभी पूरा नहीं”

    सरकार की तरफ से पेश हुईं APP Mankuwar Deshmukh ने कोर्ट को बताया कि preliminary report तैयार है, लेकिन investigation अभी complete नहीं हुआ क्योंकि family की तरफ से नया evidence आया है।

    🏢 Case Background: Malad की घटना से शुरू हुआ मामला

    8 जून 2020 को Disha Salian की मौत Regent Galaxy Building की 12वीं मंजिल से गिरने से हुई थी।

    Malvani Police Station ने उस समय FIR के बजाय ADR (Accidental Death Report) दर्ज की थी, जिससे जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई।

    🧾 ADR vs FIR: जांच पर क्या असर पड़ा?

    ADR दर्ज होने का मतलब था कि केस को सीधे criminal investigation की तरह नहीं लिया गया।

    इससे forensic जांच, arrests और charge sheet जैसे प्रोसेस में देरी हुई और कई अहम पहलुओं की जांच शुरुआती दौर में नहीं हो सकी।

    🔍 Confusion & Theories: Suicide या Murder?

    जहां पुलिस ने इसे suicide बताया, वहीं सोशल मीडिया, कुछ political leaders और public ने murder और conspiracy के एंगल उठाए।

    इसी वजह से केस लगातार controversy में बना रहा।

    🕵️ SIT Probe: जांच बढ़ी, लेकिन speed नहीं

    दिसंबर 2023 में Special Investigation Team (SIT) बनाई गई ताकि केस की फिर से जांच हो सके।

    लेकिन अब तक SIT भी final report पेश नहीं कर पाई है।

    🏛️ Court Hearings और Delay

    पिछले कुछ सालों में इस केस पर कई petitions दायर हुईं—CBI जांच की मांग, FIR दर्ज करने की मांग और documents access की मांग।

    नवंबर 2025 में भी हाई कोर्ट ने delay पर सवाल उठाए थे।

    🧠 CBI Report: Suicide, No Link to SSR Case

    CBI ने अपनी closure report में इसे suicide बताया और Sushant Singh Rajput केस से कोई संबंध नहीं पाया।

    फिर भी परिवार इस रिपोर्ट से सहमत नहीं है।

    Political Pressure & Late Allegations

    इस केस में political angle भी जुड़ा रहा है।

    परिवार ने rape और murder जैसे गंभीर आरोप काफी देर बाद लगाए, जिससे पुराने evidence और witnesses की फिर से जांच करनी पड़ी—और delay बढ़ गया।

    📊 Current Status: 5 साल बाद भी No Closure

    • Mumbai Police और SIT दोनों जांच कर रहे हैं
    • Court लगातार monitoring कर रहा है
    • Family अब भी justice की मांग पर अड़ी है

    लेकिन 5 साल बाद भी केस में final closure नहीं आया है।

    🔗 सरकारी और ऑफिशियल लिंक


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Disha Salian Case क्या है?
    यह 2020 में मुंबई में हुई एक संदिग्ध मौत का मामला है, जिसमें अब तक suicide और murder दोनों एंगल पर बहस जारी है।

    Q2. Bombay High Court ने क्या कहा?
    कोर्ट ने Mumbai Police को delay के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि “कोई भी वजह देरी को justify नहीं करती।”

    Q3. क्या CBI ने केस बंद कर दिया है?
    CBI ने closure report में इसे suicide बताया, लेकिन family इससे सहमत नहीं है।

    Q4. SIT जांच कब शुरू हुई?
    दिसंबर 2023 में SIT बनाई गई थी, लेकिन अभी तक final report नहीं आई।

    Q5. अभी केस की स्थिति क्या है?
    Case ongoing है, कोर्ट monitoring कर रहा है, लेकिन final conclusion अभी बाकी है।

  • Malad Facebook Crime: Astrologer बनकर महिला से ₹33 लाख की ठगी, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल

    Malad Facebook Crime: Astrologer बनकर महिला से ₹33 लाख की ठगी, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल

    Mumbai के Malad-Mira Road Facebook Crime में आरोपी ने Astrologer बनकर महिला को फंसाया, Marve Beach पर जबरदस्ती और Video Blackmail से ₹33 लाख की उगाही। जानें पूरा मामला।

    मुंबई: Mumbai के Malad इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला Facebook Crime सामने आया है, जिसमें आरोपी ने Social Media के जरिए महिला को फंसाकर Sexual Exploitation और Blackmailing के जरिए लाखों रुपये ठग लिए। Police ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    🔴 क्या है पूरा मामला (Malad Facebook Racket)?

    Police के मुताबिक, आरोपी का नाम अमर महागावकर है, जो Mira Road का रहने वाला है।

    शुरुआत में यह जानकारी सामने आई थी कि आरोपी ने खुद को ज्योतिषी बताकर महिला को फंसाया, लेकिन बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि मामला Social Media Friendship से शुरू हुआ था।

    📱 Facebook से शुरू हुई पहचान

    शिकायत के अनुसार:

    • Facebook पर फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच दोनों की पहचान हुई
    • महिला Borivali की रहने वाली है
    • धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हुई और महिला आरोपी पर भरोसा करने लगी
    • इसी भरोसे के चलते वह मिलने के लिए तैयार हो गई

    🎥 Marve Beach पर बुलाकर किया Crime

    आरोपी ने महिला को Marve Beach पर मिलने के लिए बुलाया।

    • वहां से उसे एक होटल में ले जाया गया
    • महिला की मर्जी के बिना जबरदस्ती Physical Relation बनाए गए
    • इस दौरान आरोपी ने अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया

    ⚠️ Video Blackmail और ₹33 लाख की उगाही

    इसके बाद आरोपी ने:

    • वीडियो Viral करने की धमकी दी
    • Suicide Threat देकर मानसिक दबाव बनाया
    • लगातार Blackmail कर करीब ₹33 लाख रुपये वसूले

    यह मामला Cyber Crime + Sexual Exploitation + Extortion का गंभीर उदाहरण बन गया है।

    🚓 Mumbai Police की कार्रवाई

    Mumbai Police ने:

    • पीड़िता की शिकायत के बाद जांच शुरू की
    • आरोपी को गिरफ्तार किया
    • उसके खिलाफ IT Act, Blackmailing और Rape जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया

    ⚠️ क्या सीख मिलती है इस केस से? (Cyber Safety Tips)

    इस मामले ने फिर साबित किया है कि:

    • Social Media पर Unknown People पर Blind Trust खतरनाक हो सकता है
    • “Astrology, Help, Money” जैसे बहानों से सावधान रहें
    • Private Photos/Videos कभी शेयर न करें
    • Blackmail होने पर तुरंत Police से संपर्क करें

    🧾 निष्कर्ष: Dangerous Trend of Online Crime

    यह घटना सिर्फ Fraud नहीं बल्कि:

    👉 Cyber Crime
    👉 Sexual Abuse
    👉 Mental Harassment

    का खतरनाक मिश्रण है।
    Mumbai में इस तरह के Online Scams तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे Citizens को Extra Alert रहने की जरूरत है।

    🔗 Government & Help Links


    FAQ Section

    Q1. आरोपी ने महिला को कैसे फंसाया?
    👉 Facebook पर दोस्ती करके भरोसा जीता।

    Q2. Crime कहां हुआ?
    👉 Marve Beach और एक होटल में।

    Q3. कितने पैसे की ठगी हुई?
    👉 करीब ₹33 लाख।

    Q4. पुलिस ने क्या Action लिया?
    👉 आरोपी गिरफ्तार, IT Act और अन्य धाराओं में केस दर्ज।

  • LPG Crisis: मुंबई में लंबी लाइनें, मलाड में कालाबाजारी का भंडाफोड़, देशभर में Cylinder Theft से हड़कंप

    LPG Crisis: मुंबई में लंबी लाइनें, मलाड में कालाबाजारी का भंडाफोड़, देशभर में Cylinder Theft से हड़कंप

    Mumbai में LPG shortage से Kandivali में लंबी कतारें, Malad में गैस सिलेंडर black marketing का खुलासा, Bengaluru में cylinder theft CCTV में कैद और Jhansi में 500+ सिलेंडर बरामद।

    मुंबई: देशभर में चल रहे LPG crisis का असर अब मुंबई की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। कांदिवली (Kandivali) के चर्कोप इलाके में लोग गैस सिलेंडर refill के लिए घंटों लाइन में खड़े हैं, वहीं मलाड (Malad) में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। इसी बीच बेंगलुरु (Bengaluru) में cylinder चोरी की घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं और झांसी (Jhansi) में 500 से ज्यादा सिलेंडर बरामद किए गए हैं।

    Kandivali में LPG के लिए लंबी कतारें

    मुंबई के चर्कोप (Charkop) इलाके में residents खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए।

    West Asia conflict की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे LPG shortage बढ़ गया है। इसका सीधा असर आम जनता और छोटे व्यवसायों पर पड़ रहा है।

    Malad में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़

    मुंबई के मलाड (Malad) इलाके में गैस की कमी का फायदा उठाकर एक गैंग द्वारा cylinder black marketing करने का मामला सामने आया है।

    मलाड पुलिस को सूचना मिलते ही तुरंत छापा मारकर कार्रवाई की गई, जिसमें 13 लोगों के गिरोह को गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 12 घरेलू और commercial गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। यह गैंग सिलेंडरों को दोगुनी कीमत पर बेच रहा था।

    छोटे दुकानदारों और स्टॉल पर सबसे ज्यादा असर

    LPG shortage का सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों पर पड़ा है।

    • वड़ा पाव और चाय के स्टॉल बंद होने लगे हैं
    • कई खाने-पीने की दुकानों पर ताले लग गए हैं
    • कुछ होटल मालिकों ने भी अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया है

    मुंबई में रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है।

    गैस बुकिंग के नए नियम से बढ़ी टेंशन

    गैस वितरण के नियमों में भी बदलाव किया गया है:

    • शहरी इलाकों में 25 दिन में सिलेंडर
    • ग्रामीण इलाकों में 45 दिन में सिलेंडर

    इन नियमों से लोगों में panic buying बढ़ी है, जिससे shortage और गहरा गया।

    Bengaluru में Cylinder Theft CCTV में कैद

    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में cylinder चोरी के दो मामले सामने आए हैं।

    • कल्याण नगर (Kalyan Nagar) में एक व्यक्ति बाइक पर आकर सिलेंडर चुरा ले गया
    • चन्नपटना (Channapatna) में दो लोग स्कूटर पर सिलेंडर उठाकर फरार हो गए


    इन घटनाओं का CCTV वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस ने जारी किया अलर्ट

    बेंगलुरु पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

    • सिलेंडर घर के अंदर रखें
    • बाहर unattended न छोड़ें
    • संदिग्ध गतिविधि तुरंत रिपोर्ट करें

    Jhansi में 500+ Cylinder बरामद

    उत्तर प्रदेश के झांसी (Jhansi) में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 से ज्यादा LPG cylinders बरामद किए हैं।

    7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें जावेद और रितिक इस चोरी के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं।

    ₹11.10 लाख cash और ₹83,820 अतिरिक्त रकम भी जब्त की गई है।

    कैसे हुआ इतना बड़ा गैस घोटाला

    2 मार्च को 524 सिलेंडरों से भरा ट्रक Bharat Petroleum (BPCL) डिपो से गायब हो गया था।

    बाद में ट्रक बरागांव इलाके में मिला, जिसमें GPS system भी damage किया गया था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जल्दी पैसा कमाने के लिए इस चोरी को अंजाम दिया।

    LPG Crisis के पीछे बड़ी वजह

    Experts के मुताबिक LPG shortage के पीछे मुख्य कारण हैं:

    • West Asia conflict
    • Supply chain disruption
    • Transport issues

    इसका असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है।

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. LPG shortage क्यों हो रहा है?
    West Asia conflict और supply chain issues इसकी मुख्य वजह हैं।

    Q2. Malad में क्या हुआ?
    गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    Q3. Cylinder चोरी से कैसे बचें?
    सिलेंडर घर के अंदर रखें और CCTV निगरानी रखें।

    Q4. क्या गैस जल्दी मिल सकती है?
    नए नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है।

  • मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    Mumbai Kandivali Cyber Cell ने Army soldier के साथ हुए ₹7.25 lakh online investment scam में पूरी रकम recover कर वापस दिलाई। जानिए कैसे हुई कार्रवाई, Cyber Crime Helpline 1930 की पूरी जानकारी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां Cyber Crime के शिकार हुए भारतीय सेना के जवान को उनकी पूरी ठगी गई रकम वापस मिल गई है। Kandivali Police Cyber Cell ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ₹7,25,000 की पूरी रकम recover कर पीड़ित के खाते में जमा कर दी।

    🪖 Army जवान से Online Investment के नाम पर ठगी

    कांदिवली पश्चिम, साईनगर निवासी श्री मनोज पाल, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उच्च क्षेत्र में देश की सेवा दे रहे हैं, अप्रैल 2025 में Online Investment Scam का शिकार हो गए थे।

    ठगों ने उन्हें “High Return Investment” का लालच देकर टप्पों में कुल ₹7,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

    📞 Cyber Helpline 1930 पर शिकायत, तुरंत हुई कार्रवाई

    घटना के बाद मनोज पाल ने तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

    👉 आधिकारिक लिंक:

    🔍 Bank Accounts ट्रैक कर रकम को किया गया Hold

    कांदिवली साइबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत जांच करते हुए उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    👉 संबंधित बैंकों से संपर्क कर पूरी रकम को “Hold” कराया गया ताकि पैसे आगे ट्रांसफर न हो सकें।

    ⚖️ कोर्ट ऑर्डर के बाद पूरी रकम वापस

    इसके बाद बोरिवली के 17वें न्यायालय (प्रथम वर्ग न्यायाधीश) से आदेश प्राप्त कर पूरी ₹7,25,000 की रकम वापस मनोज पाल के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

    यह कार्रवाई Cyber Crime मामलों में एक मिसाल मानी जा रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी सफलता

    यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • पुलिस उपायुक्त (Zone 11) – श्री संदीप जाधव
    • सहायक पुलिस आयुक्त (मालवणी विभाग) – श्रीमती नीता पाडवी
    • वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – करण सोनकवडे
    • पुलिस निरीक्षक (क्राइम) – शेखर शिंदे

    👉 टीम में शामिल अधिकारी:

    • API दीपक कादबाने
    • पुलिस हवलदार बाळकृष्ण खाडे
    • पुलिस कर्मचारी संकेत सावंत
    • महिला पुलिस कर्मचारी जयश्री तलवारे

    इन सभी ने मिलकर बेहद तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की।

    🚨 Cyber Fraud से बचने के लिए जरूरी टिप्स

    • Unknown investment offers से दूर रहें
    • High return का लालच = Scam का संकेत
    • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
    • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Cyber Fraud होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

    Q2. क्या ठगी के पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 हां, अगर समय रहते शिकायत की जाए तो बैंक ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पैसे होल्ड किए जा सकते हैं।

    Q3. Investment Scam कैसे पहचानें?
    👉 High returns, unknown apps/websites, जल्दी पैसा कमाने का लालच – ये सभी Scam के संकेत हैं।

    Q4. Mumbai में Cyber Crime की शिकायत कहां करें?
    👉 मुंबई पुलिस की वेबसाइट या Cyber Cell में सीधे संपर्क करें।

  • Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime News: Bangur Nagar Police ने UP से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने Goregaon West के एक businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी की. Police ने Gazipur से पकड़ा, कोर्ट ने 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा.

    मुंबई: देश में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Goregaon West के एक 34 साल के businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी कर ली गई। इस मामले में Bangur Nagar Police ने Uttar Pradesh से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साधारण कागज को केमिकल और पाउडर से नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।

    Vasai में दिखाई गई फर्जी डेमो से हुआ भरोसा

    पुलिस के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। उस समय आरोपी Vasai में शिकायतकर्ता से मिले थे और fake identities का इस्तेमाल कर रहे थे।

    उन्होंने बिजनेसमैन को एक डेमो दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ₹500 के नोट को “केमिकल और पाउडर” की मदद से दो नोटों में बदलने का दावा किया

    डेमो के बाद आरोपी ने उन्हीं नोटों से बाजार में खरीदारी भी की। जब नोट असली निकले तो बिजनेसमैन को लगा कि यह सचमुच कोई खास तकनीक है, जिससे उनका भरोसा पूरी तरह बन गया।

    Goregaon घर पर आकर किया 7 लाख का खेल

    पुलिस के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को दोनों आरोपी Goregaon West स्थित शिकायतकर्ता के घर पहुंचे

    उन्होंने कहा कि वे ₹7 लाख की रकम को दोगुना करके ₹14 लाख बना सकते हैं। इसके लिए उन्होंने साधारण कागज के बंडलों पर कुछ केमिकल और पाउडर लगाया और उन्हें ब्राउन पेपर में पैक कर दिया

    आरोपियों ने दो पैकेट शिकायतकर्ता को सौंप दिए और ₹7 लाख लेकर मौके से फरार हो गए

    पैकेट खोलते ही सामने आया बड़ा फ्रॉड

    कुछ समय बाद जब बिजनेसमैन ने पैकेट खोले तो उसमें सिर्फ साधारण कागज के बंडल थे। तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ “currency doubling scam” हो चुका है।

    इसके बाद उन्होंने तुरंत Bangur Nagar Police Station में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

    UP और Bihar कनेक्शन से हुआ खुलासा

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एक आरोपी Prakash Kumar Gupta (25) है, जो Buxar, Bihar का रहने वाला है और मजदूरी करता था।

    दूसरा आरोपी Rajsingh Prasad (47) है, जो Uttar Pradesh का रहने वाला है और बेरोजगार बताया गया है।

    पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी Gazipur (UP) में छिपे हुए हैं।

    Gazipur से गिरफ्तार, Mumbai लाकर कोर्ट में पेश

    Bangur Nagar Police ने UP Police की मदद से Gazipur में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    इसके बाद उन्हें Mumbai लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

    कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस तरह की ठगी में और लोग शामिल तो नहीं हैं और क्या आरोपियों ने पहले भी किसी को इसी तरीके से ठगा है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. “Paper to Currency Conversion” स्कैम क्या होता है?
    यह एक फ्रॉड तकनीक है जिसमें ठग केमिकल या पाउडर का इस्तेमाल कर कागज को नोट में बदलने का झांसा देते हैं और लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं।

    Q2. इस केस में कितने पैसे की ठगी हुई?
    Goregaon के businessman से ₹7 लाख की ठगी की गई।

    Q3. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    पुलिस ने उन्हें Gazipur, Uttar Pradesh से गिरफ्तार किया।

    Q4. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Bangur Nagar Police, Mumbai कर रही है।

    Q5. आरोपियों को कब तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है?
    स्थानीय कोर्ट ने उन्हें 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Versova Redevelopment Scam – EOW ने 55 करोड़ रुपये के हाउसिंग फ्रॉड मामले में कोल्हापुर के डेवलपर Amrut Mahendrakar को गिरफ्तार किया। Versova building redevelopment के नाम पर फ्लैट गिरवी रखकर और बेचकर की गई बड़ी ठगी का खुलासा।

    मुंबई: मुंबई में Versova redevelopment scam से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर की Economic Offences Wing (EOW) – Mumbai Police ने 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में कोल्हापुर के एक डेवलपर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि Versova, Andheri स्थित एक पुराने बिल्डिंग के पुनर्विकास (redevelopment project) के नाम पर समाज के सदस्यों के फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना mortgage और sale कर दिया गया। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज, नकली एग्रीमेंट और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया।

    EOW ने कोल्हापुर के डेवलपर को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की EOW Housing Unit ने इस मामले में Amrut Uttam Mahendrakar (34) को गिरफ्तार किया है। महेंद्रकर कोल्हापुर जिले के Ichalkaranji का रहने वाला है।

    पुलिस के मुताबिक वह इस पूरे real estate fraud case में मुख्य आरोपी की मदद कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और फ्लैट्स की अवैध बिक्री व मॉर्गेज प्रक्रिया को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई

    पहले भी हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी

    इस मामले में इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अगस्त 2025 में पुलिस ने Amarjit Shukla को गिरफ्तार किया था, जो Mid City Heights नाम की कंपनी का मालिक बताया गया है।

    पुलिस के अनुसार Mahendrakar इस केस में गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी है और जांच में अभी और लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

    Versova की हाउसिंग सोसाइटी ने दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Versova Police Station में दर्ज किया गया था। शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने दर्ज कराई थी, जो Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society से जुड़ी हैं।

    जानकारी के मुताबिक इस सोसाइटी ने 2015 में Midcity Heights Partnership Firm को अपनी पुरानी बिल्डिंग के redevelopment project के लिए नियुक्त किया था।

    13 परिवारों को नए घर देने का दिया गया था वादा

    डेवलपर कंपनी ने सोसाइटी के 13 निवासियों, जिनके पास कुल 14 फ्लैट थे, उन्हें तय समय सीमा के भीतर नए फ्लैट देने का भरोसा दिया था।

    लेकिन जब प्रोजेक्ट आगे बढ़ा तो सोसाइटी के सदस्यों को शक हुआ कि Permanent Alternate Accommodation Agreement (PAAA) के तहत उन्हें मिलने वाले फ्लैट्स के साथ धोखाधड़ी हो रही है।

    बिना अनुमति फ्लैट्स को गिरवी रखकर बेच दिया गया

    जांच के दौरान सामने आया कि सोसाइटी के सदस्यों को मिलने वाले कई फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना ही बैंकों के पास गिरवी (mortgage) रखा गया

    इतना ही नहीं, इन्हीं फ्लैट्स को तीसरे पक्ष (third parties) को बेचने के भी आरोप लगे हैं। इससे सोसाइटी के सदस्यों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

    फर्जी दस्तावेज और नकली स्टैम्प का इस्तेमाल

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी Amarjit Shukla और उसके साथियों ने कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए

    इनमें कथित तौर पर:

    • Fake agreements for sale
    • Joint Deputy Registrar के जाली हस्ताक्षर
    • Counterfeit stamps और forged paperwork

    का इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर कई बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन उठाए गए, जिससे कुल ठगी का आंकड़ा लगभग ₹55 करोड़ तक पहुंच गया।

    जांच में सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे

    EOW अधिकारियों के मुताबिक यह मामला Mumbai real estate fraud के बड़े मामलों में से एक हो सकता है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस Versova redevelopment scam में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने बैंक या वित्तीय संस्थान इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाला क्या है?

    यह एक real estate fraud case है जिसमें redevelopment के नाम पर सोसाइटी के फ्लैट्स को बिना अनुमति गिरवी रखकर और बेचकर करीब ₹55 करोड़ की ठगी की गई।

    2. इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?

    Amrut Uttam Mahendrakar, जो कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी का निवासी है।

    3. पहले किस आरोपी को गिरफ्तार किया गया था?

    इस केस में पहले Amarjit Shukla, Mid City Heights का मालिक, गिरफ्तार किया गया था।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने Versova पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।

    5. सोसाइटी का नाम क्या है?

    Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society

  • Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    मुंबई के Malad में शेयर बाजार के एक व्यापारी से Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में Delhi के businessman Kailash Agarwal को Malad Police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया था।

    मुंबई: Malad इलाके में Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Malad Police ने इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात Bishnoi Gang का सदस्य बताकर एक शेयर बाजार के कारोबारी को लगातार धमकियां दे रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान Kailash Agarwal के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही है और उसने business losses की वजह से यह साजिश रची थी।

    बार-बार कॉल कर मांगे 5 करोड़ रुपये

    पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से Malad में रहने वाले share market businessman को फोन कर रहा था। वह खुद को Bishnoi Gang से जुड़ा हुआ बताकर कारोबारी को धमकी देता था कि अगर ₹5 करोड़ की फिरौती नहीं दी गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

    लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित कारोबारी ने आखिरकार Malad Police Station में शिकायत दर्ज कराई।

    लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम कर रहा था। वह हर बार फोन कॉल और मैसेज भेजते समय VPN system का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी असली लोकेशन छिपी रहे।

    लेकिन पुलिस की technical investigation के जरिए आखिरकार उस VPN नेटवर्क को ट्रेस कर लिया गया।

    दिल्ली से किया गया आरोपी को गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद Malad Police Station के PSI Bachav और उनकी टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई।

    करीब एक हफ्ते की लगातार जांच और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी Kailash Agarwal को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी खुद भी बड़ा व्यापारी निकला

    पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। DCP Zone 11, Mumbai Police Sandeep Jadhav के अनुसार आरोपी खुद भी दिल्ली का एक बड़ा व्यापारी है और पीड़ित व्यक्ति का रिश्तेदार भी है।

    पुलिस के मुताबिक कारोबार में भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण उसने यह पूरी साजिश रची थी।

    Bishnoi Gang के नाम से फैलाया डर

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर Bishnoi Gang का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की ताकि पीड़ित व्यक्ति जल्दी पैसे दे दे।

    उसने ₹5 करोड़ की बड़ी रकम वसूलने के लिए तकनीक और गैंगस्टर के डर का इस्तेमाल किया

    पुलिस कर रही है आगे की जांच

    अब Malad Police यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में Bishnoi Gang से कोई संबंध है या नहीं

    इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं

    पुलिस का कहना है कि अगर पीड़ित ने समय पर शिकायत नहीं की होती, तो आरोपी बड़ी रकम वसूलने में सफल हो सकता था।


    FAQ

    1. Malad में क्या मामला सामने आया है?

    Malad में एक व्यक्ति ने खुद को Bishnoi Gang का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Kailash Agarwal है और वह दिल्ली का रहने वाला व्यापारी है।

    3. आरोपी ने अपनी लोकेशन कैसे छिपाई?

    आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज करते समय VPN system का इस्तेमाल किया था।

    4. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

    5. आरोपी ने यह अपराध क्यों किया?

    पुलिस के अनुसार business losses और आर्थिक परेशानी के कारण उसने यह साजिश रची।

  • Kandivali Hawker Clash: BMC कर्मचारियों पर हमले के बाद सियासत गरम, 5 गिरफ्तार

    Kandivali Hawker Clash: BMC कर्मचारियों पर हमले के बाद सियासत गरम, 5 गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC कर्मचारियों पर हमला हुआ। Samta Nagar Police ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।

    मुंबई: Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex Kandivali इलाके में फेरीवालों के अवैध कब्जे को हटाने पहुंचे Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के कर्मचारियों पर हमला होने के बाद मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है।

    घटना के बाद Mumbai Police की Samta Nagar Police Station टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद जहां एक तरफ अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।

    Anti-Hawker Drive के दौरान हुआ हमला

    जानकारी के मुताबिक कांदिवली (पूर्व) के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स इलाके में BMC के R/South विभाग की टीम अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इसी दौरान कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    मौके पर मची अफरा-तफरी

    हमले के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया

    बताया जा रहा है कि भीड़ के गुस्से को देखते हुए मनपा अधिकारियों को अपनी सुरक्षा के लिए वहां से हटना पड़ा

    Samta Nagar Police ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

    घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार इस मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    विधायक के बयान से बढ़ा विवाद

    इस घटना के बाद स्थानीय विधायक Atul Bhatkhalkar ने अपने बयान में कहा कि हमला करने वाले फेरीवाले बांग्लादेशी मुस्लिम हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें मुंबई से बाहर निकाला जाएगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ हमलावर अन्य क्षेत्रों से बुलाए गए थे, जिनकी जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    गिरफ्तार आरोपी निकले भारतीय नागरिक

    हालांकि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि गिरफ्तार किए गए फेरीवाले हिंदू हैं और भारतीय नागरिक हैं

    इसके बाद सवाल उठने लगे कि बांग्लादेशी और मुस्लिम का मुद्दा क्यों उठाया गया

    स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

    इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी से माहौल को अनावश्यक रूप से भड़काया जा रहा है

    लोगों का कहना है कि मनपा कर्मचारियों पर हमला करना निंदनीय है, लेकिन उसकी आड़ में जातीय या धार्मिक मुद्दा उठाना भी उतना ही गलत है

    भाजपा पर नफरत की राजनीति का आरोप

    कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि Bharatiya Janata Party (BJP) के नेता इस मुद्दे को जातिवाद और नफरत की राजनीति में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

    उनका कहना है कि विधायक को यह भी याद रखना चाहिए कि **Narendra Modi सरकार ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को भारत में शरण दी हुई है।

    ऐसे में बिना तथ्यों के बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाना उचित नहीं है, ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है।

    “हमला निंदनीय, लेकिन राजनीति उससे भी ज्यादा”

    स्थानीय लोगों ने कहा कि मनपा कर्मचारियों पर हमला करना निश्चित रूप से निंदनीय है और कानून के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

    लेकिन उनका यह भी कहना है कि इस घटना की आड़ में वर्षों से धंधा कर रहे फेरीवालों को हटाने की साजिश करना उससे भी ज्यादा निंदनीय है


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali East के Lokhandwala Complex इलाके में हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC कर्मचारियों पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को Samta Nagar Police ने गिरफ्तार किया है

    4. विवाद क्यों बढ़ गया?

    स्थानीय विधायक के बांग्लादेशी और मुस्लिम होने के बयान के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप लेता जा रहा है।

    5. क्या पुलिस जांच जारी है?

    हाँ, पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

  • Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।

    इस मामले में Mumbai Police ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।

    Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive

    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

    भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट

    पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा

    आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।

    Samta Nagar Police Station में केस दर्ज

    घटना के बाद मामले की शिकायत Samta Nagar Police Station में दर्ज की गई।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    5 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद शहर में Illegal Hawkers, Encroachment Drive और Civic Safety को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali इलाके के Lokhandwala Circle के पास हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों और Earthmover के ड्राइवर पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    मामला Samta Nagar Police Station में दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस किन धाराओं में जांच कर रही है?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

  • Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Mumbai के Borivali में Fake KYC Update Scam का बड़ा मामला सामने आया है। Tata Power के नाम पर आए फोन कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए 69 वर्षीय Senior Citizen के बैंक खाते से ₹9.75 लाख उड़ा लिए गए। Borivali Police और Cyber Cell मामले की जांच में जुटी है।

    मुंबई: Online Fraud और KYC Scam का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले 69 वर्षीय Senior Citizen को Fake KYC Update के नाम पर ठग लिया गया। ठग ने खुद को Tata Power का अधिकारी बताकर पीड़ित को एक फर्जी लिंक भेजा और KYC अपडेट करने के बहाने उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 निकाल लिए।

    इस मामले में Mumbai Police के Borivali Police Station में केस दर्ज कर लिया गया है और Cyber Cell आरोपी की तलाश में जुट गई है।

    फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा Online Fraud

    पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग Borivali इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं

    24 फरवरी को जब वह घर पर थे, तभी उन्हें एक अनजान नंबर से फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को Tata Power Electricity का अधिकारी बताया और कहा कि उनका KYC Update Pending है, जिसे तुरंत पूरा करना जरूरी है।

    WhatsApp पर भेजा गया Fake KYC Link

    फोन कॉल के बाद आरोपी ने पीड़ित को WhatsApp पर एक लिंक भेजा और कहा कि उसी लिंक पर जाकर KYC Update Process पूरा करें।

    क्योंकि बुजुर्ग को इस प्रक्रिया की ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने कॉलर के बताए अनुसार लिंक ओपन किया और अपनी Personal Details भर दीं

    ₹10 UPI ट्रांजेक्शन के बहाने शुरू हुई ठगी

    फर्जी वेबसाइट पर फॉर्म भरने के बाद पीड़ित से कहा गया कि KYC Verification के लिए ₹10 का UPI Payment करना होगा।

    बुजुर्ग ने निर्देशों का पालन करते हुए ₹10 ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ ही समय बाद कॉलर ने फोन काट दिया।

    दोस्त की चेतावनी के बाद डिलीट किया चैट

    बाद में जब पीड़ित ने इस घटना के बारे में अपने एक दोस्त को बताया तो उसने उन्हें चेतावनी दी कि ऐसे लिंक अक्सर Cyber Fraud के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं

    इस बात से घबराकर पीड़ित ने WhatsApp चैट और लिंक दोनों डिलीट कर दिए

    3 मार्च को बैंक मैसेज देख उड़े होश

    कुछ दिन बाद 3 मार्च को पीड़ित के मोबाइल पर Bank Transaction Alerts आने लगे।

    जब उन्होंने मैसेज चेक किए तो वह यह देखकर हैरान रह गए कि उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये डेबिट हो चुके थे

    Borivali Police में दर्ज हुई शिकायत

    अपने साथ हुई ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित तुरंत Borivali Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।

    पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ Cheating और Information Technology Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    Cyber Cell कर रही आरोपी की तलाश

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक Borivali Police Station की Cyber Cell टीम इस मामले की जांच कर रही है।

    जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी लिंक कहां से भेजा गया और बैंक खाते से पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए

    पुलिस की नागरिकों को चेतावनी

    पुलिस ने इस मामले के बाद एक बार फिर नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है।

    अधिकारियों का कहना है कि:

    • किसी भी Unknown Caller पर भरोसा न करें
    • KYC Update Link पर बिना जांच क्लिक न करें
    • Banking Details, OTP या Personal Information किसी से साझा न करें
    • संदेह होने पर तुरंत Police या Cyber Cell से संपर्क करें

    FAQ (People Also Ask)

    1. Borivali KYC Scam में कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये निकाल लिए गए।

    2. आरोपी ने ठगी कैसे की?

    आरोपी ने खुद को Tata Power अधिकारी बताकर Fake KYC Link भेजा और उसी के जरिए बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लिए।

    3. घटना कब हुई?

    फोन कॉल 24 फरवरी को आया था, जबकि 3 मार्च को बैंक मैसेज से ठगी का पता चला।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    इस मामले में Borivali Police Station में केस दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस क्या जांच कर रही है?

    Cyber Cell आरोपी की पहचान और पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए, इसकी जांच कर रही है।