मुंबई के माहिम में एक ऐसे SRA घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जहां बिल्डर मनपा की आरक्षित खेल मैदान को ही हथियाने जा रहा था। बरसों की लडाई के बाद आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगाते हुए नगर आयुक्त से हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिये हैं।
मुंबई: झोपडपट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के तहत शहर को झोपड़ा मुक्त करने की सरकारी योजना बड़ी जोरों पर चल रही है। सरकार इसमें झोपड़े के बदले 300 से 322 वर्ग फिट का फ्लैट मुहैया कराती है। इसमें सरकारी मुनाफा कमाने के लिए कुछ बिल्डर धांधली और सरकारी अधिकारियों की कालाबाजारी भी हमेशा से उजागर होती रही है। जिसके वजह से शहर में कितने ही प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं और झोपड़ी धारक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन माहिम से तो अलग ही मामला सामने आ रहा है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay
केवल 56 झोपड़ा का एसआरए प्रोजेक्ट
माहिम पश्चिम के नासरवानजी वाडी इलाके में एक बीएमसी के खेल मैदान पर ही बिल्डर ने एसआरए की योजना पेश कर दी। जिसकी शिकायत पर अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के नगर आयुक्त को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया हैं। यहां 3512.35 वर्ग मीटर में फैले झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग और BMC के किराएदारों सहित लगभग 56 किराएदार रहते हैं। उसी प्लॉट के बगल वाले हिस्से का इस्तेमाल पहले से ही खेल के मैदान के रूप में किया जा रहा है। कुल जमीन का क्षेत्रफल 7943.21 वर्ग मीटर है और इसका स्वामित्व BMC के पास है, जबकि विकास योजना के तहत पूरा क्षेत्र खेल के मैदान के उपयोग के लिए आरक्षित है।
एसआरए प्रोजेक्ट को रोकने की मांग
मुंबई हाईकोर्ट में विचाराधीन प्लॉट क्रमांक 484 (ए) विशेष रूप से खेल के मैदान के रूप में आरक्षित है। शिकायतकर्ता उपासना फ्रांसिस फर्नांडीस, एक गृहिणी और स्थानीय निवासी है। इन्होंने एसआरए योजना के तहत पुनर्विकास परियोजना को रोकने के लिए 2023 में हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी। इसके बाद अदालत ने इस जमीन पर किसी भी एसआरए विकास पर रोक लगा दी है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay
साफ करे बीएमसी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें बीएमसी को स्पष्ट करने को कहा गया हैं कि क्या नगर निकाय स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) योजना के तहत माहिम में बीएमसी के स्वामित्व वाले प्लॉट के पुनर्विकास के साथ आगे बढ़ना चाहता है या भूमि को आरक्षित खेल के मैदान के रूप में बनाए रखना चाहता है?
एसआरए की गडबडी
2 जुलाई को सुनवाई के दौरान, जस्टिस जीएस कुलकर्णी और आरिफ एस डॉक्टर ने कहा: “यह एक ऐसा मामला है, जिसमें नगरपालिका की जमीन, जिसमें सिर्फ 56 अतिक्रमणकारी और कुछ नगरपालिका के किरायेदार हैं, इन्हें एक झुग्गी योजना के तहत विकसित करने की मांग की गई है। बेशक, जैसा कि एसआरए ने हमें बताया, एक झुग्गी योजना को मंजूरी नहीं दी गई है। लेकिन एसआरए ने योजना को खारिज भी नही की है।” Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने आदेश देते हुए कहा, कि “हम नगर निगम आयुक्त को उपरोक्त निर्देशों के अनुसार एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं, और स्पष्ट करते हैं कि क्या नगर निगम इस आरक्षित भुमि को झुग्गी योजना के रूप में विकसित करने की स्वतंत्र रूप से अनुमति देने का प्रस्ताव करती है? हलफनामा केवल नगर निगम आयुक्त द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें अदालत द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं को संबोधित किया जाएगा, और नगर निगम द्वारा अपने पिछले निर्देशों का पालन करने की पुष्टि की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई, 2025 को होगी।”
याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता फर्नांडीस ने कहा, कि “मुझे बहुत खुशी है, कि अदालत ने न केवल पुनर्विकास योजना पर रोक लगाई है, बल्कि बीएमसी आयुक्त को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का भी आदेश दिया है। यह सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित खेल का मैदान है, और इसे ऐसे ही रहना चाहिए।” Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay
मनपा प्रशासन ने जताई आपत्ति
2021 में, प्लॉट के निवासियों के एक समूह ने योजना के तहत पुनर्विकास के प्रस्ताव के साथ SRA से संपर्क किया था। हालाँकि, 2023 में, फर्नांडीस ने आपत्ति जताई और फोर्ट में BMC के एस्टेट विभाग को पत्र लिखा। BMC ने एक जाँच की और उनकी शिकायत के बाद, तत्कालीन नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने औपचारिक रूप से SRA को सूचित किया कि भूमि खेल के मैदान के उपयोग के लिए आरक्षित है और किसी भी पुनर्विकास पर मनपा प्रशासन की आपत्ति है।
योजना रद्द नही किया
SRA ने BMC की आपत्ति के बाद डेवलपर को हटा दिया था। लेकिन उसने SRA योजना को रद्द नहीं किया। परिणामस्वरूप, फर्नांडीस ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की, जिसके कारण ताज़ा घटना की जानकारी प्रकाशक में आई। फर्नांडीस माहिम पश्चिम में नासरवानजी वाडी सहकारी आवास सोसायटी की निवासी हैं और एक गृहिणी होने के कारण उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंस सेकेंड ईयर एजुकेशन पूरा करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। उनके पति फ्रांसिस एक स्वतंत्र कर्मचारी हैं। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay
