Category: Mumbai Crime

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  • Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai में स्कूल, Stock Exchange और Metro Stations को Bomb Threat Email भेजने वाले 28 वर्षीय आरोपी को Gujarat Police ने गिरफ्तार किया। Dindoshi Police अब MaladGoregaon केस में उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।

    मुंबई: Bomb Threat Email Case को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले एक 28 वर्षीय युवक को Gujarat Police ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इन धमकी भरे ईमेल्स के पीछे उसका असली मकसद क्या था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी धमकियां Hoax Bomb Threat यानी झूठी निकलीं।

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    Gujarat Police ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक आरोपी को Ahmedabad की Cyber Police ने 1 मार्च को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसने सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि देश के कई शहरों में ईमेल भेजकर Bomb Blast Threat दी थी।

    इन शहरों में शामिल हैं:

    • Mumbai
    • Delhi
    • Punjab
    • Ahmedabad

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग संस्थानों और सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाते हुए धमकी भरे ईमेल भेजे थे।

    Mumbai के Malad-Goregaon इलाके में भेजे थे ईमेल

    मुंबई में यह मामला Dindoshi Police Station के अधिकार क्षेत्र में दर्ज हुआ था।

    पुलिस के अनुसार आरोपी ने 26 फरवरी को ईमेल भेजकर धमकी दी थी कि स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations पर बम धमाके होंगे।

    ये सभी संस्थान मुख्य रूप से Malad-Goregaon belt में आने वाले इलाकों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

    सभी जगहों की हुई जांच, कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

    ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।

    पुलिस टीमों ने जिन जगहों को धमकी दी गई थी, वहां पूरी तरह से सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि यह Hoax Bomb Threat था।

    Bhartiya Nyaya Sanhita के तहत दर्ज हुआ केस

    मुंबई पुलिस ने इस मामले में Bhartiya Nyaya Sanhita की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

    अब Dindoshi Police आरोपी को मुंबई लाकर पूछताछ करने के लिए उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सब Prank था या इसके पीछे कोई और बड़ा मकसद था।

    पुलिस कर रही है Motive की जांच

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने देशभर में इस तरह के Bomb Threat Emails क्यों भेजे।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

    • क्या यह सिर्फ मजाक (Prank) था
    • या फिर किसी को डराने की कोशिश
    • या इसके पीछे कोई Cyber Crime Network जुड़ा है

    जांच एजेंसियां आरोपी के ईमेल अकाउंट, डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Mumbai Bomb Threat Case में आरोपी कौन है?

    इस मामले में 28 वर्षीय युवक को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    2. आरोपी को कब और कहां गिरफ्तार किया गया?

    उसे 1 मार्च को Ahmedabad Cyber Police ने गिरफ्तार किया।

    3. मुंबई में धमकी कब दी गई थी?

    मुंबई में 26 फरवरी को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।

    4. किन जगहों को Bomb Threat मिला था?

    स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम धमाके की धमकी दी गई थी।

    5. क्या धमकी सच थी?

    नहीं, पुलिस जांच में यह Hoax Bomb Threat यानी झूठी धमकी निकली।

  • Mumbai Court का बड़ा फैसला: मां की हत्या में बेटे को Life Imprisonment

    Mumbai Court का बड़ा फैसला: मां की हत्या में बेटे को Life Imprisonment

    Mumbai Session Court ने Dahisar में मां की हत्या के मामले में आरोपी बेटे को IPC Section 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। Court ने Circumstantial Evidence के आधार पर दोषी ठहराया, Police Confession को सबूत नहीं माना।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक सनसनीखेज Crime News सामने आई है। मुंबई की सेशन कोर्ट ने अपनी मां की हत्या करने वाले बेटे को Life Imprisonment की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि Circumstantial Evidence के आधार पर यह साबित होता है कि आरोपी ही हत्या के लिए जिम्मेदार है।

    🏛️ Court का फैसला: “Homicidal Death हुई, आरोपी जिम्मेदार”

    Additional Sessions Judge M Mohiuddin ने 24 फरवरी के अपने Judgment में कहा कि मृतका ललिता शेनॉय की मौत आरोपी की कस्टडी में हुई और यह Homicidal Death है।

    कोर्ट के मुताबिक:

    • घटना के समय घर में सिर्फ आरोपी मौजूद था
    • Crime Scene से Blood-Stained Items बरामद हुए
    • आरोपी यह नहीं बता सका कि मां को चोटें कैसे आईं

    जज ने कहा कि आरोपी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण झूठा प्रतीत होता है, जो उसके खिलाफ मजबूत परिस्थिति जन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) है।

    📍 Dahisar की Chawl में रहता था आरोपी

    यह मामला मुंबई के Dahisar इलाके का है। आरोपी अपनी मां के साथ एक Chawl में रहता था।

    कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार:

    • घटना के समय घर में कोई अन्य परिवार सदस्य मौजूद नहीं था
    • पड़ोसियों ने बताया कि मां-बेटे के बीच कभी-कभी झगड़ा होता था

    📞 सुबह पुलिस को दी थी “Unknown Person” वाली जानकारी

    हत्या की रात के बाद अगली सुबह आरोपी ने पुलिस को फोन कर बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां की हत्या कर दी है।

    जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मां अपने कमरे में मृत पाई गई। कमरे से कई खून से सने सामान बरामद हुए, जिनमें शामिल थे:

    • Paper Cutter
    • खून से सने कपड़े
    • Pillow Cover

    🧾 कथित कबूलनामा, लेकिन Court ने नहीं माना

    कोर्ट ने नोट किया कि आरोपी ने पुलिस के सामने कथित रूप से कबूल किया था कि:

    • उसने मां को 30 Sleeping Tablets दीं
    • तकिए से मुंह दबाया
    • Paper Cutter से गला काटा

    उसने कहा कि झगड़े के बाद उसने “हमेशा के लिए बहस खत्म करने” के लिए यह कदम उठाया।

    लेकिन Indian Evidence Act की Section 25 और Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita की Section 23 के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession अदालत में मान्य नहीं होता।

    इसलिए कोर्ट ने आरोपी के बयान पर भरोसा नहीं किया और फैसला Circumstantial Evidence के आधार पर सुनाया।

    🔬 Forensic Report और Medical Evidence

    जांच के दौरान पुलिस ने कमरे से कई सामान जब्त किए:

    • Paper Cutter
    • Blood-Stained Clothes
    • Pillow
    • Mattress का टुकड़ा

    Forensic Tests में कुछ सामान पर Human Blood की पुष्टि हुई। Medical Examination में पाया गया कि मौत गर्दन पर गहरे कट (Deep Incised Neck Injuries) के कारण हुई।

    हालांकि Paper Cutter पर आरोपी के Fingerprints नहीं मिले, लेकिन कोर्ट ने कहा कि घटना के समय घर में और कोई नहीं था।

    ❗ आरोपी का “Unnatural Conduct” भी बना सबूत

    कोर्ट ने आरोपी के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

    जज ने कहा:

    • अगर कोई अज्ञात व्यक्ति हत्या करता, तो आरोपी शोर मचाता
    • पड़ोसियों को बुलाता
    • मां को अस्पताल ले जाने की कोशिश करता

    लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया और सुबह तक चुप रहा। कोर्ट ने इसे “Unnatural Conduct” मानते हुए आरोपी के खिलाफ मजबूत परिस्थिति माना।

    ⚖️ सजा और जुर्माना

    कोर्ट ने आरोपी को Indian Penal Code की Section 302 के तहत Murder का दोषी ठहराया।

    सजा:

    • Life Imprisonment
    • ₹5,000 Fine
    • Fine नहीं भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा

    कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी 29 नवंबर 2018 से न्यायिक हिरासत में है और Code of Criminal Procedure की Section 428 के तहत जेल में बिताया गया समय सजा में Adjust किया जाएगा।

    👩‍⚖️ कौन थे वकील?

    • आरोपी की ओर से Advocate Shashikant Damodarlal Chandak (Legal Aid) और Kanchan Chandak पेश हुए।
    • राज्य की ओर से Additional Public Prosecutor PS Rathod ने पैरवी की।

    ❓ FAQ Section

    1. आरोपी को किस धारा में सजा मिली?

    IPC Section 302 (Murder) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

    2. क्या आरोपी का Confession कोर्ट में माना गया?

    नहीं, Indian Evidence Act और BNSS Act के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession मान्य नहीं होता।

    3. सजा क्या है?

    Life Imprisonment और ₹5,000 जुर्माना।

    4. घटना कब की है?

    आरोपी को 29 नवंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है।

  • Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Samata Nagar staff quarters redevelopment मामले में MSFC ने SD Corporation के खिलाफ legal action शुरू किया। MahaRERA और Bombay High Court में मामला, consent agreement breach और ₹88 लाख के rent-deposit विवाद ने बढ़ाई हलचल।

    मुंबई: Kandivali के Samata Nagar में स्थित staff quarters के redevelopment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Maharashtra State Financial Corporation (MSFC) ने developer SD Corporation के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला अब Bombay High Court और MahaRERA तक पहुंच चुका है, जहां consent agreement breach और alleged misconduct के आरोपों की जांच चल रही है।

    📍 क्या है पूरा Kandivali Staff Quarters Dispute?

    MSFC ने अपने Kandivali स्थित staff quarters के redevelopment के लिए SD Corporation को नियुक्त किया था। शर्त साफ थी — redevelopment के बाद 40 flats MSFC को सौंपे जाएंगे।

    लेकिन 2019 में मामला उस वक्त उलझ गया जब यह सामने आया कि MSFC के आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से ₹88 लाख rent और deposits के रूप में allegedly मिले थे।

    💰 ₹88 लाख Rent-Deposit और ₹12.45 लाख का नया खुलासा

    जांच में यह भी सामने आया कि चार कर्मचारियों ने MSFC से ही ₹12.45 लाख का rent वसूला।

    इतना ही नहीं, developer ने तय 40 flats में से आठ flats इन्हीं कर्मचारियों को उनके इस्तेमाल के लिए सौंप दिए थे।

    MSFC ने इसे redevelopment agreement का सीधा breach और कर्मचारियों की misconduct करार दिया।

    📜 MSFC ने Developer को भेजा Notice

    इन घटनाओं के बाद MSFC ने SD Corporation को औपचारिक notice जारी किया।

    Corporation का कहना है कि redevelopment terms का उल्लंघन हुआ है और बिना consent के flats कर्मचारियों को देना agreement breach है।

    ⚖️ Bombay High Court में मामला, Arbitrator की नियुक्ति

    सितंबर 2023 में Bombay High Court ने इस मामले में retired chief justice RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया।

    मामला अदालत में लंबित रहते हुए भी developer ने MSFC के साथ consent agreement करने की इच्छा जताई। यह consent agreement 21 जून 2025 को execute किया गया।

    🤝 Consent Agreement में क्या था?

    Consent agreement के तहत developer ने 40 redevelopment flats के अलावा 650 sq ft carpet area के 12 और flats MSFC को देने पर सहमति दी।

    साथ ही यह भी तय हुआ कि अगर समय पर delivery नहीं हुई तो developer एक और अतिरिक्त flat MSFC को देगा।

    ❌ फिर हुआ Agreement Breach

    MSFC का आरोप है कि consent agreement के बावजूद developer ने शर्तों का पालन नहीं किया।

    40 flats में से आठ flats MSFC की अनुमति के बिना कर्मचारियों को दे दिए गए।

    इसके बाद MSFC ने उन कर्मचारियों को notice भेजा जो इन flats में रह रहे हैं और उनसे rent वापस करने को कहा है।

    🏠 Retired Employees से Recovery की मांग

    MSFC ने उन retired कर्मचारियों से भी रकम की recovery की मांग की है, जो allegedly अवैध रूप से premises में रह रहे हैं और जिन्होंने developer से रकम ली थी।

    🏛️ MahaRERA और High Court में Legal Action

    राज्य के industries minister Uday Samant ने legislative council में लिखित जवाब में बताया कि MSFC ने developer के खिलाफ legal process शुरू कर दिया है।

    Samant के अनुसार:

    • MSFC ने High Court में consent agreement breach के खिलाफ जाने के लिए legal counsel नियुक्त किया है।
    • साथ ही MahaRERA (Maharashtra Real Estate Regulatory Authority) से developer के खिलाफ regulatory action की मांग की है।

    🔎 Urban Redevelopment और Governance पर सवाल

    Kandivali redevelopment dispute ने Mumbai redevelopment projects में transparency, accountability और governance को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Experts का कहना है कि staff quarters और सरकारी जमीनों के redevelopment में clear compliance और monitoring बेहद जरूरी है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. विवाद किस प्रोजेक्ट को लेकर है?
    Kandivali के Samata Nagar स्थित MSFC staff quarters के redevelopment को लेकर।

    Q2. MSFC ने developer पर क्या आरोप लगाए हैं?
    Agreement breach, बिना consent flats सौंपने और कर्मचारियों को rent-deposit देने के आरोप।

    Q3. ₹88 लाख का मामला क्या है?
    आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से allegedly ₹88 लाख rent और deposit के रूप में मिले थे।

    Q4. मामला किस कोर्ट में है?
    Bombay High Court में मामला लंबित है और RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया गया है।

    Q5. MahaRERA की क्या भूमिका है?
    MSFC ने developer के खिलाफ regulatory action के लिए MahaRERA से संपर्क किया है।

  • Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai के Andheri West में 71 वर्षीय senior citizen से Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की ठगी हुई। Oshiwara Police Cyber Cell ने 1930 helpline और HDFC Bank की मदद से पूरा पैसा recover कर लिया।

    मुंबई: Mumbai में एक बार फिर online fraud का मामला सामने आया, लेकिन इस बार राहत की खबर भी है। Andheri West के Lokhandwala इलाके में रहने वाले 71 वर्षीय Ashok Dingrani को Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की चपत लग गई थी। लेकिन Oshiwara Police Station के Cyber Cell ने फुर्ती दिखाते हुए पूरा पैसा वापस दिला दिया।

    🛑 Fake RTO e-Challan से Senior Citizen बना शिकार

    पुलिस के मुताबिक, Ashok Dingrani को WhatsApp पर एक मैसेज मिला जिसमें लिखा था कि उनके वाहन पर ₹2,000 का traffic fine पेंडिंग है। मैसेज में एक लिंक दिया गया था, जो बिल्कुल असली RTO e-challan जैसा दिख रहा था।

    बुजुर्ग ने मैसेज को असली समझकर लिंक पर क्लिक किया और वहां अपनी गाड़ी की डिटेल्स के साथ HDFC Bank का credit card details भर दिया। कुछ ही देर में उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके कार्ड से ₹2.5 lakh डेबिट हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत Police Station पहुंचे, दर्ज कराई शिकायत

    जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वे cyber fraud का शिकार हो गए हैं, वे तुरंत Oshiwara Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    Senior Police Inspector Sanjay Chavan के मार्गदर्शन में Cyber Team ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

    📞 1930 Helpline और National Cyber Crime Portal से मिली मदद

    पुलिस ने तुरंत National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज की और 1930 helpline पर अलर्ट जारी किया। बैंक से मिले transaction alert की जांच में पता चला कि रकम Croma को ट्रांसफर की गई थी।

    Cyber टीम ने तुरंत HDFC Bank के nodal officers से संपर्क किया और urgent email communication के जरिए transaction को hold करवाया। फुर्ती दिखाते हुए पूरा ₹2.5 lakh फ्रीज कर लिया गया और बाद में बुजुर्ग को refund कर दिया गया।

    ⚠️ Police Advisory: ऐसे Fake Links से रहें सावधान

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि WhatsApp या SMS पर आने वाले किसी भी Fake RTO e-Challan, traffic fine या government notice वाले लिंक पर क्लिक न करें।

    ✔️ केवल official government portal पर ही challan verify करें
    ✔️ कभी भी banking details या OTP शेयर न करें
    ✔️ Fraud होने पर तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें


    ❓ FAQ Section

    Q1: Fake RTO e-Challan scam क्या है?
    यह एक online fraud है जिसमें WhatsApp या SMS के जरिए फर्जी challan लिंक भेजकर लोगों से banking details ली जाती है।

    Q2: अगर ऐसे scam का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
    तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें और National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें।

    Q3: क्या Mumbai Police पैसे वापस दिला सकती है?
    अगर तुरंत शिकायत की जाए और transaction freeze हो जाए तो recovery संभव है, जैसा इस केस में हुआ।

    Q4: Official RTO challan कैसे check करें?
    सिर्फ government के official website पर जाकर ही challan verify करें, किसी third-party link पर भरोसा न करें।

  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग बनकर 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले 4 गिरफ्तार

    मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग बनकर 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले 4 गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली के ज्वेलर से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले झारखंड के चार आरोपियों को पुलिस ने महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी से गिरफ्तार किया। आरोपियों का असली गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    मुंबई: बोरीवली स्थित एक ज्वेलरी दुकान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले चार आरोपियों को मुंबई पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सभी आरोपी झारखंड के वासेपुर इलाके के रहने वाले हैं और उनका असली Lawrence Bishnoi गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर दी धमकी

    आरोपियों ने बोरीवली के ज्वेलर को मोबाइल नंबर पर कॉल और मैसेज कर धमकी दी थी कि अगर 30 लाख रुपये नहीं दिए तो “बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम होगा।”

    धमकी भरे संदेश में लिखा था कि 24 घंटे के अंदर “लॉरेंस बिश्नोई गैंग अमेरिका” के लिए पैसे का इंतजाम करो, वरना ज्वेलर और उसके परिवार को गोलियों से भून दिया जाएगा।

    18 फरवरी से शुरू हुई धमकियों की श्रृंखला

    18 फरवरी को सुबह करीब 7:20 बजे दुकान के मोबाइल नंबर पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से मैसेज आया। उसमें लिखा था:

    “Rs 30 lakh firauti tumko dena hai Lawrence Bishnoi giroh ko, agar manage na kiya toh jaise Baba Siddiqui ko mare hai, waisa hi tumko bhi maarenge…”

    स्टाफ ने यह संदेश दुकान मालिक को बताया।

    19 फरवरी को आया व्हाट्सऐप कॉल

    19 फरवरी को फिर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने पूछा कि पैसे का इंतजाम क्यों नहीं हुआ और बातचीत रिकॉर्ड करने की चुनौती भी दी।

    उसने फिर से जान से मारने की धमकी दी और कहा कि “बोरीवली में कोई भी तुम्हें बचा नहीं पाएगा।” बाद में दोबारा कॉल आया, लेकिन स्टाफ ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद एक और मैसेज आया जिसमें ज्वेलर को जल्द गोली मारने की धमकी दी गई।

    शुरुआत में स्टाफ ने इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया।

    21 फरवरी को तड़के फिर धमकी

    21 फरवरी को सुबह 3:10 बजे फिर धमकी भरा संदेश आया। इस बार स्टाफ ने जवाब दिया कि वे ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपये दे सकते हैं और आगे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते।

    इस पर आरोपी ने जवाब दिया कि “10 लाख रुपये तो बच्चे सिगरेट खरीदने में खर्च कर देते हैं” और ज्वेलर को अपनी जान के लिए तैयार रहने को कहा।

    बातचीत के दौरान स्टाफ ने 4 लाख रुपये देने की बात कही और बैंक खाता नंबर मांगा। आरोपी ने कहा कि वह अगले दिन बताएगा क्योंकि रात ज्यादा हो गई है।

    इसके बाद दुकान मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।

    पुलिस ने बिछाया जाल, सोने के सिक्कों के बहाने पकड़े गए

    मुंबई पुलिस ने जाल बिछाकर ज्वेलर से आरोपियों को यह कहने को कहा कि वह सोने के सिक्के देने को तैयार है। जैसे ही आरोपी सोने के सिक्के लेने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

    चारों आरोपियों को महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया गया।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

    • रियाजुद्दीन बशीर (29)
    • मोहम्मद फैयाज मंसूरी (27)
    • मोहम्मद अशरफुल (36)
    • मोहम्मद अरबाज अंसारी (27)

    सभी झारखंड के वासेपुर क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

    पहले भी कर चुके हैं रंगदारी की वारदात

    पुलिस के अनुसार, आरोपी विले पार्ले और डीएन नगर इलाके में भी इसी तरह की रंगदारी और धमकी के मामलों में शामिल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद वे मामले भी सुलझा लिए गए हैं।


    FAQ

    Q1: ज्वेलर से कितनी रकम की मांग की गई थी?
    30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।

    Q2: क्या आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध है?
    नहीं, पुलिस के अनुसार उनका गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    Q3: आरोपी कहां से गिरफ्तार किए गए?
    महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी के अलग-अलग स्थानों से।

    Q4: धमकी कब से मिलनी शुरू हुई?
    18 फरवरी को पहली बार धमकी भरा मैसेज आया था।

    Q5: आरोपियों ने किसका नाम लेकर धमकी दी?
    उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर और बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम देने की धमकी दी।

  • Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    कांदिवली वेस्ट के महावीर नगर में BJP विधायक योगेश सागर ने अचानक निरीक्षण किया। गांजा, हुक्का मटेरियल और बैन तंबाकू की खुलेआम बिक्री के आरोप। पुलिस ने 5 मामले दर्ज किए, पहले 99 पान स्टॉल्स पर भी कार्रवाई।

    मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगर कांदिवली वेस्ट में बैन तंबाकू, गांजा और हुक्का मटेरियल की खुलेआम बिक्री की शिकायतों के बीच BJP विधायक Yogesh Sagar ने गुरुवार को अचानक निरीक्षण किया। महावीर नगर इलाके में तीन पान दुकानों की जांच के दौरान कई प्रतिबंधित सामान मिलने का दावा किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पांच अपराध दर्ज किए हैं।

    🔎 जांच के दौरान क्या मिला?

    विधायक योगेश सागर ने आरोप लगाया कि:

    • बैन तंबाकू उत्पाद (गुटखा, लूज तंबाकू)
    • हुक्का से जुड़ा मटेरियल
    • संदिग्ध नशीला पाउडर
    • अवैध गांजा सप्लाई

    खुलेआम बेचे जा रहे थे। उनका कहना है कि कुछ दुकानदार पड़ोसी दुकानों में प्रतिबंधित सामान छिपा रहे थे।

    🚔 पुलिस का बयान

    स्थानीय पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच, गुरुवार की कार्रवाई को छोड़कर, 99 पान स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 18 अवैध स्टॉल्स को तोड़ दिया गया।

    गुरुवार की कार्रवाई में 5 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू पर हुई थी।

    🏛️ राजनीतिक दबाव और नाराजगी

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इलाके के ही एक अन्य विधायक Sanjay Upadhyay ने भी:

    • अवैध हुक्का पार्लर
    • खुले में शराबखोरी
    • देर रात तक चलने वाले कैफे
    • ट्रैफिक नियम तोड़ते शेयर ऑटो

    को लेकर शिकायत उठाई थी।

    लगातार आ रही शिकायतों से साफ है कि सत्ताधारी दल के विधायकों में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

    🗣️ MLA Yogesh Sagar का आरोप

    योगेश सागर ने कहा, “लोकल लेवल पर सबको पता है क्या चल रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। कानून तोड़ने वालों में डर नहीं है। पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए।”

    उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आसपास की दुकानें भी प्रतिबंधित सामान छिपाने में मदद करती पाई गईं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

    📌 सरकार की नीति बनाम जमीनी हकीकत

    मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पहले ही अवैध हुक्का, तंबाकू और ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

    लेकिन लगातार हो रही विधायकों की शिकायतें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि नीति और जमीनी अमल के बीच अंतर है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: यह कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली वेस्ट में तीन पान दुकानों पर।

    Q2: कितने केस दर्ज हुए?
    पुलिस ने पांच मामले दर्ज किए हैं।

    Q3: पहले भी कार्रवाई हुई थी?
    जनवरी-फरवरी में 99 पान स्टॉल्स पर कार्रवाई और 18 को हटाया गया।

    Q4: क्या मादक पदार्थ मिले?
    पुलिस के अनुसार पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई बैन तंबाकू पर थी।

  • Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले कॉन्स्टेबल सुनील टोके को मिली हाई कोर्ट से राहत। विभागीय उत्पीड़न, निलंबन की धमकियों और “रिश्वत रेट-कार्ड” के आरोपों का पूरा सच पढ़ें।

    मुंबई: मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल Sunil Toke (सुनील टोके) ने जब अपने ही विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और “रिश्वत रेट-कार्ड” का खुलासा किया, तो उन्हें लगातार विभागीय दबाव, ट्रांसफर की धमकी और सस्पेंशन की चेतावनी का सामना करना पड़ा। मामला इतना बढ़ा कि आखिरकार उन्हें Bombay High Court का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    मुंबई ट्रैफिक विभाग के अंदर कथित तौर पर अलग-अलग उल्लंघनों के लिए “फिक्स रेट” पर रिश्वत वसूली का आरोप सामने आया था। सुनील टोके ने दावा किया कि यह वसूली संगठित तरीके से हो रही थी और आम जनता से नकद लेन-देन के जरिए चालान से बचाने का खेल चल रहा था।

    जब उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही निशाना बनाया गया।

    ⚠️ शिकायत के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

    सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद:

    • बार-बार स्पष्टीकरण नोटिस
    • अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
    • ड्यूटी में बदलाव
    • निलंबन की धमकी

    जैसी कार्रवाइयाँ शुरू हो गईं। टोके ने इसे “व्हिसलब्लोअर के खिलाफ प्रतिशोध” बताया।

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    ⚖️ हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

    मामला जब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने यह साफ कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से जांचना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना या दंडात्मक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जाएगी जब तक निष्पक्ष जांच पूरी न हो।

    इस आदेश के बाद विभाग को अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करना पड़ा।

    📊 क्यों अहम है यह मामला?

    • पुलिस विभाग के अंदर से भ्रष्टाचार का खुलासा
    • व्हिसलब्लोअर सुरक्षा पर बड़ा सवाल
    • न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका
    • ट्रैफिक चालान और वसूली सिस्टम पर बहस

    यह मामला सिर्फ एक कॉन्स्टेबल का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गया है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: सुनील टोके कौन हैं?
    वे मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल हैं जिन्होंने विभाग में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया।

    Q2: उन्होंने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए “रिश्वत रेट-कार्ड” चल रहा था।

    Q3: हाई कोर्ट ने क्या कहा?
    कोर्ट ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना न की जाए।

    Q4: क्या जांच अभी जारी है?
    मामला जांच प्रक्रिया में है और विभागीय स्तर पर समीक्षा चल रही है।

  • Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई। ₹1 लाख की रिश्वत लेते सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, केबिन से ₹6.34 लाख कैश बरामद। कोर्ट ने 23 फरवरी तक कस्टडी दी।

    मुंबई: मालाड इलाके में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti-Corruption Bureau (ACB) ने कुरार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने ₹1 लाख की रिश्वत ली। छापेमारी के दौरान पुलिस स्टेशन के केबिन से ₹6.34 लाख कैश भी बरामद किया गया।

    📍 Kurar Police Station में ट्रैप ऑपरेशन

    यह पूरी कार्रवाई मालाड स्थित Kurar Police Station में हुई। ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप लगाया।

    जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। मौके पर ही गिरफ्तारी की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    👮 कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी?

    गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में:

    • Sanjeev Tawade – सीनियर इंस्पेक्टर
    • Dnyaneshwar Junne – सब-इंस्पेक्टर

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की।

    💰 केबिन से मिला ₹6.34 लाख कैश

    गिरफ्तारी के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन के केबिन की तलाशी ली। इस दौरान एक छिपी जगह से ₹6.34 लाख नकद बरामद हुआ।

    सूत्रों के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर अन्य लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह पैसा किन मामलों से संबंधित है।

    ⚖️ कोर्ट ने 23 फरवरी तक दी कस्टडी

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ACB अब बैंक अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है।

    🔎 मुंबई में करप्शन पर सख्त एक्शन

    महाराष्ट्र ACB पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। मालाड की यह घटना मुंबई पुलिस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।

    ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. ACB ने कितनी रकम बरामद की?
    👉 कुल ₹6.34 लाख नकद बरामद किए गए।

    Q2. किस पुलिस स्टेशन में कार्रवाई हुई?
    👉 मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में।

    Q3. रिश्वत की रकम कितनी थी?
    👉 ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी पकड़े गए।

    Q4. आरोपियों को कब तक कस्टडी मिली है?
    👉 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

  • Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    मुंबई लोकल के कल्याण स्टेशन पर फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर विवाद हिंसक हो गया। अज्ञात महिला ने यात्री प्रियंका थोरात के हाथ पर काटा और उंगली मरोड़ दी। GRP CCTV के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर चौंकाने वाली घटना सामने आई है। Kalyan railway station पर First Class डिब्बे में चढ़ने को लेकर हुए विवाद में एक अज्ञात महिला ने क्रूरता की हद पार कर दी। महिला यात्री के हाथ पर जोर से काटने और उंगली मरोड़ने का मामला सामने आया है।

    🚆 भीड़ में भड़का विवाद, First Class बना रणक्षेत्र

    मंगलवार सुबह करीब 8 बजे, प्लेटफॉर्म नंबर 6 से मुंबई की ओर जाने वाली फास्ट लोकल में चढ़ते वक्त भारी भीड़ थी। उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

    इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने दूसरी महिला यात्री को अंदर आने से रोका और “जगह नहीं है” कहकर धक्का देने लगी। देखते ही देखते मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया।

    👩‍💼 कौन हैं पीड़िता?

    मिली जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय प्रियंका थोरात, जो कल्याण पूर्व के मलगंगड रोड इलाके में रहती हैं, अंधेरी की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। रोज की तरह वह काम पर जा रही थीं और फर्स्ट क्लास डिब्बे से सफर कर रही थीं।

    विवाद के दौरान आरोपी महिला ने उनके हाथ के दंड पर जोर से काट लिया और फिर उनकी उंगली पकड़कर बुरी तरह मरोड़ दी।

    🩺 काम के दबाव में जारी रखा सफर

    अचानक हुए हमले से प्रियंका को तेज दर्द हुआ, लेकिन ऑफिस पहुंचने की जल्दी और भीड़ के माहौल में उन्होंने सफर जारी रखा।

    शाम को घर लौटने के बाद दर्द बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टर से जांच करवाई। जांच में उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान की पुष्टि हुई।

    🚔 GRP ने दर्ज किया मामला, CCTV खंगाल रही पुलिस

    घटना के बाद प्रियंका ने Government Railway Police (GRP) में शिकायत दर्ज करवाई।

    पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्लेटफॉर्म नंबर 6 के CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है। आरोपी महिला किस स्टेशन पर उतरी और उसकी पहचान क्या है, इसकी तलाश जारी है।

    ⚠️ मुंबई लोकल में बढ़ती मारपीट की घटनाएं

    मुंबई लोकल में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। भीड़, सीट को लेकर विवाद और चढ़ने-उतरने की हड़बड़ी के कारण कई बार झगड़े होते हैं। लेकिन इस तरह हाथ पर काटने और उंगली मरोड़ने जैसी घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


    ❓ FAQ

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर।

    Q2. किस बात पर विवाद हुआ?
    👉 फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान।

    Q3. पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 GRP ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है।

    Q4. पीड़िता की हालत कैसी है?
    👉 डॉक्टरों के मुताबिक उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान हैं।