Category: Mumbai Crime

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  • मुंबई में बिना ISI खिलौनों पर BIS की बड़ी कार्रवाई, 1,057 खिलौने जब्त

    मुंबई में बिना ISI खिलौनों पर BIS की बड़ी कार्रवाई, 1,057 खिलौने जब्त

    मुंबई के गोरेगांव में BIS ने बिना ISI मार्क और लाइसेंस के बिक रहे बच्चों के खिलौनों पर छापा मारकर 1,057 खिलौने जब्त किए। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी।

    मुंबई: बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्ती दिखाते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में बड़ी कार्रवाई की है।
    28 जनवरी 2026 को BIS की मुंबई शाखा ने छापा मारकर बिना ISI मार्क और बिना वैध BIS लाइसेंस के बेचे जा रहे 1,057 खिलौनों को जब्त किया है। ये खिलौने 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाए गए थे, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ पाए गए।

    मुंबई के गोरेगांव में खिलौना विक्रेता पर छापा

    BIS अधिकारियों ने गोरेगांव (वेस्ट) स्थित M/s Daddy Drones नाम की फर्म के परिसर में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिकल और नॉन-इलेक्ट्रिकल खिलौने मिले, जिन पर अनिवार्य ISI मार्क मौजूद नहीं था

    इसके अलावा, फर्म के पास BIS Certification Marks (ISI) का कोई वैध लाइसेंस भी नहीं पाया गया।

    कानून का उल्लंघन, आपराधिक कार्रवाई तय

    BIS के अनुसार, यह मामला BIS अधिनियम, 2016 की धारा 17 का सीधा उल्लंघन है।
    धारा 17 को धारा 29 के साथ पढ़ने पर यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में आपराधिक शिकायत दर्ज की जाती है

    अब BIS इस फर्म के खिलाफ अदालत में आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करेगा

    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी रडार पर

    BIS ने साफ किया है कि केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि ऐसे गैर-प्रमाणित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई की जाएगी
    अगर कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना BIS प्रमाणन वाले खिलौनों की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

    कड़ी सजा का प्रावधान

    BIS अधिनियम, 2016 के तहत दोषी पाए जाने पर:

    • पहली बार उल्लंघन पर
      👉 कम से कम ₹2 लाख का जुर्माना या 2 साल तक की जेल, या दोनों
    • दूसरी और आगे की बार उल्लंघन पर
      👉 कम से कम ₹5 लाख का जुर्माना, जो माल की कीमत के 10 गुना तक बढ़ सकता है, या जेल, या दोनों

    सजा का फैसला सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

    बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

    BIS अधिकारियों का कहना है कि खिलौनों में इलेक्ट्रिक शॉक, जहरीले पदार्थ और आग लगने का खतरा हो सकता है।
    इसलिए सरकार ने बच्चों के खिलौनों के लिए ISI मार्क अनिवार्य किया है, ताकि बच्चों की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

    देशभर में लगातार कार्रवाई

    BIS नियमित रूप से देशभर में गुप्त सूचना के आधार पर सर्च और सीज़र ऑपरेशन चलाता है।
    इसका मकसद है:

    • घटिया और असुरक्षित सामान की बिक्री रोकना
    • उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाना
    • मानकों का सख्ती से पालन कराना

    उपभोक्ताओं के लिए BIS की सलाह

    BIS ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सामान खरीदने से पहले:

    • BIS Care App पर लाइसेंस की जांच करें
    • अगर लाइसेंस सस्पेंड, एक्सपायर या रद्द दिखे, तो शिकायत दर्ज करें

    शिकायत कैसे करें?

    यदि कहीं ISI मार्क या BIS हॉलमार्क का दुरुपयोग दिखे, तो जानकारी इस तरह दी जा सकती है:

    • BIS Care App (Android और iOS)
    • ईमेल या लिखित शिकायत
    • BIS कार्यालय से सीधे संपर्क

    👉 सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कार्रवाई कहां हुई?
    मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके में।

    Q2. कितने खिलौने जब्त किए गए?
    कुल 1,057 खिलौने।

    Q3. किस वजह से कार्रवाई हुई?
    बिना ISI मार्क और बिना BIS लाइसेंस के खिलौनों की बिक्री।

    Q4. सजा क्या हो सकती है?
    जुर्माना, जेल या दोनों।

    Q5. असली BIS लाइसेंस कैसे जांचें?
    BIS Care App के जरिए।

  • Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आर्थर रोड जेल में एक कैदी ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

    मुंबई: आर्थर रोड कारागृह, जिसे देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है, वहां से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल के अंदर ही एक कैदी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    कैदी ने दी गालियां, रोकने पर किया हमला

    जानकारी के मुताबिक, लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी इस वक्त आर्थर रोड जेल में सजा काट रहा है। जेल के मुख्य गेट के पास खुली जगह में कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान रावत वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को गालियां देने लगा

    स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस सिपाही वाघ ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन बात उलटी पड़ गई। रावत ने अचानक वाघ पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीट दिया।

    बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी हमला

    जब पुलिस सिपाही वाघ के साथ मारपीट हो रही थी, तब अन्य पुलिसकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। लेकिन रावत इतना आक्रामक हो चुका था कि उसने अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उसे काबू में किया गया।

    इस अचानक हुई घटना से पूरे आर्थर रोड जेल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती

    हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस सिपाही वाघ को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें कई जगह चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    कैदी के खिलाफ नया मामला दर्ज

    इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर लोकेंद्र रावत के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि

    • कैदी इतना आक्रामक क्यों हुआ
    • जेल के भीतर सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई
    • क्या पहले से किसी तरह की शिकायत या चेतावनी मौजूद थी

    Mumbai के सबसे सुरक्षित जेल में सुरक्षा पर सवाल

    आर्थर रोड जेल को हाई-सिक्योरिटी जेल माना जाता है। 26/11 हमले का आतंकी अजमल कसाब भी इसी जेल में बंद था। ऐसे में इस तरह की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी जेल के अंदर कैदियों के बीच झगड़े हो चुके हैं, लेकिन सीधे पुलिसकर्मी पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है।

    अनुशासन और सख्ती की जरूरत

    पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जेल के अंदर अनुशासन और सख्ती बेहद जरूरी है। अगर कैदी खुलेआम पुलिस पर हमला करने लगें, तो यह न सिर्फ जेल स्टाफ बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।

    अब देखना होगा कि इस घटना के बाद

    • जेल प्रशासन क्या कदम उठाता है
    • सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं
    • दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    मुंबई की आर्थर रोड कारागृह में।

    Q2. हमलावर कौन है?
    लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी।

    Q3. घायल पुलिसकर्मी की हालत कैसी है?
    उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालत स्थिर है।

    Q4. क्या कैदी के खिलाफ नया केस दर्ज हुआ है?
    हां, सरकारी काम में बाधा और पुलिस पर हमले का मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं?
    हां, इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

  • Malad Local Train Murder: 12 घंटे में कातिल गिरफ्तार, 200 CCTV और FRS से खुला राज

    Malad Local Train Murder: 12 घंटे में कातिल गिरफ्तार, 200 CCTV और FRS से खुला राज

    मुंबई के Malad Local Train Murder केस में GRP ने 200 CCTV, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम और 5 पुलिस टीमों की मदद से 12 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते वक्त हुए कॉलेज लेक्चरर की हत्या के मामले में GRP ने जबरदस्त तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। करीब 200 CCTV कैमरे, रेलवे का Facial Recognition System (FRS) और 5 पुलिस टीमों की मदद से आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे को मालाड के ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास से दबोचा गया। आरोपी पर 32 साल के लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या का आरोप है।

    क्या है पूरा मामला? (Malad Train Murder Case Details)

    शनिवार को मालाड रेलवे स्टेशन पर एक लोकल ट्रेन से उतरते समय यात्रियों की भीड़ में कॉलेज लेक्चरर आलोक कुमार सिंह (32) और आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते बहस हिंसक हो गई और आरोपी ने गुस्से में आलोक के पेट में नुकीली वस्तु (चिमटी/ट्वीजर) से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    200 CCTV और FRS से कैसे पकड़ा गया आरोपी

    हत्या के तुरंत बाद बोरिवली GRP ने मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    • कुल 5 पुलिस टीमें बनाई गईं, हर टीम में 5–6 अधिकारी थे
    • रेलवे प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, मालाड, दिंडोशी, कुरार और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक के करीब 200 CCTV कैमरे खंगाले गए
    • रेलवे के Facial Recognition System (FRS) से आरोपी की पहचान की गई

    CCTV फुटेज में आरोपी वारदात के बाद घबराया हुआ फुटओवर ब्रिज से भागता दिखा।

    आरोपी की रोज़ की ट्रेन रूटीन बनी गिरफ्तारी की वजह

    GRP के डिटेक्शन ऑफिसर PSI प्रकाश सालुंखे के मुताबिक,

    • आरोपी रोज सुबह 7:18 AM की ट्रेन से मालाड से चारणी रोड जाता था
    • शाम को 4:16 PM की ट्रेन से वापस लौटता था

    इसी रूटीन के आधार पर अंधेरी, बांद्रा, मुंबई सेंट्रल समेत कई स्टेशनों पर FRS से CCTV स्कैन किए गए।

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से हुई गिरफ्तारी

    पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी कुरार गांव के त्रिवेणी नगर इलाके में देखा गया है। इसके बाद लोकल इंटेलिजेंस एक्टिव की गई और एक टीम को मालाड स्टेशन के पास ऑटो रिक्शा स्टैंड पर तैनात किया गया।

    रविवार सुबह करीब 7:40 बजे, आरोपी ऑटो से उतरते ही पुलिस ने उसे घेर लिया और मौके पर गिरफ्तार कर लिया।

    Malad-Local-Train-Murder-Murderer-arrested-within-12-hours-mystery-revealed-through-200-CCTV-and-FRS-news

    पूछताछ में आरोपी का कबूलनामा

    GRP ऑफिस, बोरिवली में पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी को CCTV फुटेज दिखाया।
    आरोपी ने खुद को पहचाना और जुर्म कबूल कर लिया।

    उसने बताया कि:

    • वह अपने पास रखी चिमटी (Tweezer) से आलोक को वार कर बैठा
    • उसे अंदाजा नहीं था कि चोट जानलेवा साबित होगी
    • भीड़ के डर से वह मौके से भाग गया

    कौन है आरोपी ओंकार शिंदे?

    • नाम: ओंकार एकनाथ शिंदे
    • उम्र: लगभग 30 वर्ष
    • रहने वाला: त्रिवेणी नगर, कुरार गांव, मालाड (पूर्व)
    • पेशा: ग्रांट रोड के तांबे गली में इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान
    • मूल निवासी: रत्नागिरी
    • परिवार: माता-पिता और बड़ा भाई (प्राइवेट नौकरी में)

    पुलिस का बयान

    बोरिवली GRP के सीनियर इंस्पेक्टर डी.एम. खुपेरकर ने कहा,

    “सभी सबूतों की पुष्टि कर ली गई है। आरोपी को मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है।”

    कोर्ट ने आरोपी को 29 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड लोकल ट्रेन मर्डर केस में आरोपी कौन है?
    👉 आरोपी का नाम ओंकार एकनाथ शिंदे है।

    Q2. GRP ने कितने समय में आरोपी को गिरफ्तार किया?
    👉 महज 12 घंटे में।

    Q3. आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    👉 200 CCTV कैमरे, Facial Recognition System और लोकल इंटेलिजेंस से।

    Q4. मृतक कौन था?
    👉 आलोक कुमार सिंह, 32 वर्षीय कॉलेज लेक्चरर।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    👉 पुलिस कस्टडी में, 29 जनवरी तक।

  • मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मुंबई के मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए झगड़े में 31 वर्षीय गणित के प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, आरोपी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले के एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे। उनपर एक अज्ञात व्यक्ति ने चाकू से पेट पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

    ट्रेन से उतरते वक्त हुआ विवाद, बना हत्या की वजह

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शाम करीब 6 बजे की है। आलोक कुमार सिंह लोकल ट्रेन से उतर रहे थे, उसी दौरान प्लेटफॉर्म पर किसी अज्ञात व्यक्ति से उनका विवाद हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने अचानक तेज धारदार हथियार से आलोक के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही आलोक लहूलुहान होकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। आसपास मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आरोपी मौके से फरार हो गया।

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    मृतक 31 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की तस्वीर

    मृतक की पहचान और पारिवारिक जानकारी

    मृतक की पहचान आलोक कुमार सिंह (उम्र 31 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कांदिवली के रहने वाले थे और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थे। आलोक की असमय मौत से परिवार, दोस्तों और कॉलेज के सहकर्मियों में शोक की लहर फैल गई है।

    GRP ने दर्ज किया हत्या का मामला

    घटना की पुष्टि करते हुए बोरीवली GRP के वरिष्ठ निरीक्षक दत्ता खुपेकर ने बताया कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
    उन्होंने कहा,

    “आरोपी की पहचान के लिए स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।”

    फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।

    रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई लोकल रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर दिनदहाड़े हत्या जैसी वारदात ने यात्रियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड स्टेशन पर हत्या कब हुई?
    👉 शनिवार शाम करीब 6 बजे।

    Q2. मृतक कौन था?
    👉 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे।

    Q3. हत्या कैसे हुई?
    👉 लोकल ट्रेन से उतरते समय विवाद के बाद आरोपी ने पेट में चाकू मारा।

    Q4. क्या आरोपी पकड़ा गया है?
    👉 नहीं, आरोपी फिलहाल फरार है।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    👉 बोरीवली Government Railway Police (GRP)।

  • कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में मोबाइल स्नैचिंग के बाद साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चोरी हुए फोन से युवक के बैंक खाते से ₹76,269 UPI ट्रांजैक्शन कर निकाल लिए गए। पुलिस जांच में जुटी है।

    मुंबई: मोबाइल स्नैचिंग के बाद डिजिटल ठगी का नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आ रहा है। कांदिवली वेस्ट में एक युवक का मोबाइल फोन छीने जाने के बाद उसी फोन का UPI इस्तेमाल कर आरोपियों ने उसके बैंक खाते से ₹76,269 निकाल लिए। इतना ही नहीं, चोरों ने व्हाट्सऐप पर खुद को पीड़ित बताकर रिश्तेदार से भी पैसे मंगवा लिए। कांदिवली पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई में बढ़ती मोबाइल स्नैचिंग और UPI द्वारा डिजिटल फ्रॉड की वारदातें

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब सड़क पर मोबाइल छीनना ही अपराधियों का मकसद नहीं रह गया है। मोबाइल हाथ लगते ही वे सीधे डिजिटल बैंकिंग और UPI के जरिए खातों पर हाथ साफ कर रहे हैं। कांदिवली की यह घटना इसी बढ़ते साइबर क्राइम पैटर्न की एक बड़ी मिसाल है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    पीड़ित कौन है और क्या करता है?

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता का नाम अंकितकुमार वैकुंठ तिवारी (24) है। वह टीवी सीरियल इंडस्ट्री में लाइट मैन के तौर पर काम करता है।
    12 जनवरी 2026 की रात कांदिवली वेस्ट के भूत बंगला, गार्डन रिट्रीट कॉम्प्लेक्स में एक सीरियल का प्रोमो शूट चल रहा था, जो 13 जनवरी तड़के करीब 3 बजे खत्म हुआ।

    सुबह-सुबह हुआ मोबाइल स्नैचिंग का शिकार

    शूट खत्म होने के बाद अंकितकुमार अपने पॉइंसुर इलाके स्थित घर की ओर पैदल जा रहा था।
    करीब सुबह 4:05 बजे, शताब्दी अस्पताल के पास अचानक बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और तेज़ रफ्तार में फरार हो गए।
    अंधेरा और बाइक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि वह वाहन का नंबर तक नोट नहीं कर पाया।

    ATM पहुंचा तो खुला खाते से पैसे उड़ने का राज

    घटना के अगले दिन जब अंकितकुमार ATM गया, तो उसे मैसेज मिला कि उसका ATM PIN गलत है।
    इसके बाद 15 जनवरी को वह बैंक शाखा पहुंचा, जहां अकाउंट स्टेटमेंट देखने पर उसके होश उड़ गए।
    13 से 15 जनवरी के बीच UPI ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹69,269 उसके खाते से निकाले जा चुके थे।

    व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजकर रिश्तेदार से भी पैसे ठगे

    आरोपियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी।
    चोरी किए गए मोबाइल से उन्होंने अंकितकुमार बनकर उसके बहनोई पवन मिश्रा को व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजे और पैसों की मदद मांगी।
    मैसेज असली समझकर पवन मिश्रा ने ₹8,000 ट्रांसफर कर दिए, जिसे भी आरोपियों ने तुरंत निकाल लिया।
    इस तरह कुल रकम ₹76,269 हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा

    कांदिवली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ

    • मोबाइल स्नैचिंग
    • साइबर फ्रॉड
      की धाराओं में केस दर्ज किया है।

    पुलिस आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल के IMEI नंबर के ज़रिए फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस की अपील: ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुंबई में मोबाइल छीने जाने के बाद डिजिटल ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
    लोगों से अपील की गई है कि:

    • मोबाइल में मजबूत लॉक/बायोमेट्रिक जरूर रखें
    • बैंकिंग और UPI ऐप्स में अतिरिक्त सिक्योरिटी ऑन रखें
    • किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
    • मोबाइल चोरी होते ही बैंक और पुलिस को सूचना दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह घटना कहां हुई?
    👉 मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में, शताब्दी अस्पताल के पास।

    Q2: कुल कितने पैसे निकाले गए?
    👉 कुल ₹76,269।

    Q3: पैसे किस तरह निकाले गए?
    👉 UPI ट्रांजैक्शन और व्हाट्सऐप ठगी के ज़रिए।

    Q4: पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 CCTV फुटेज की जांच और IMEI नंबर से मोबाइल ट्रेस किया जा रहा है।

    Q5: मोबाइल चोरी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और बैंक/UPI सेवाएं ब्लॉक करवाएं।

  • कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    मुंबई के कंदिवली पूर्व में भारत कोऑपरेटिव बैंक के ATM पर लूट की कोशिश नाकाम रही। अज्ञात आरोपी बाहरी दरवाजा तोड़ने में सफल रहे लेकिन अंदर के सुरक्षा गेट को पार नहीं कर पाए। पुलिस जांच जारी है।

    मुंबई: कंदिवली पूर्व, अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के ATM पर चोरी की एक असफल कोशिश सामने आई है। दो अज्ञात बदमाशों ने रात के समय ATM का बाहरी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन मजबूत पिन सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों के चलते वे ATM तक नहीं पहुंच सके। घटना के बाद समता नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत कोऑपरेटिव बैंक की अशोकनगर शाखा और उससे सटे ATM की सुरक्षा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे है।
    9 जनवरी की रात करीब 10.40 बजे सीसीटीवी निगरानी कंपनी के कर्मचारी प्रवीण कोलापते ने ATM पर संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत इसकी सूचना बैंक प्रशासन को दी।

    सूचना मिलते ही बैंक के शाखा प्रबंधक शशांक जगन्नाथ पुजारी (उम्र 31) मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की।

    ATM के सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात

    सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि रात करीब 10.08 बजे दो युवक ATM के पास पहुंचे।

    • एक युवक ने टोपी पहन रखी थी
    • दूसरे ने हेलमेट लगाया हुआ था

    ताकि उनकी पहचान न हो सके। दोनों ने मिलकर ATM का बाहरी दरवाजा जबरदस्ती तोड़ दिया। हालांकि, अंदर लगे पिन सिस्टम वाले सुरक्षा दरवाजे को वे तोड़ नहीं पाए।

    सुरक्षा सिस्टम बना चोरों के लिए दीवार

    ATM के अंदर लगे मजबूत सुरक्षा गेट और पिन सिस्टम की वजह से आरोपी मशीन तक नहीं पहुंच सके। काफी कोशिशों के बाद जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो दोनों बिना कोई नकदी या सामान चुराए वहां से फरार हो गए।

    बैंक प्रशासन की ओर से ATM का पूरा निरीक्षण किया गया, जिसमें यह साफ हुआ कि कोई भी कैश या अन्य सामग्री चोरी नहीं हुई है।

    पुलिस ने दर्ज किया चोरी के प्रयास का मामला

    घटना को गंभीर मानते हुए बैंक प्रशासन ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    इलाके में बढ़ाई गई पुलिस गश्त

    घटना के बाद से अशोकनगर और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    स्थानीय लोगों में चिंता, सुरक्षा पर सवाल

    इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में एटीएम सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि देर रात एटीएम के आसपास निगरानी और लाइटिंग और मजबूत की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कंदिवली पूर्व के अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक के एटीएम पर।

    Q2. क्या एटीएम से पैसे चोरी हुए?
    👉 नहीं, कोई नकदी चोरी नहीं हुई।

    Q3. आरोपियों की पहचान हुई है?
    👉 फिलहाल नहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।

    Q4. किस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है?
    👉 समता नगर पुलिस स्टेशन में।

  • अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    मुंबई के मालाड इलाके में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अवैध संबंध के शक में हुए इस अपराध को कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानने से इनकार किया।

    मुंबई: मालाड इलाके में अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या करने वाले 42 वर्षीय शख्स को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दिंडोशी सत्र न्यायालय ने इस मामले में मृत्युदंड की मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता। घटना के वक्त दंपति की नाबालिग बेटी और एक पड़ोसी मौके पर मौजूद थे।

    क्या है मालाड पूरा मामला

    अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी श्रवणकुमार राउत को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
    यह घटना मालाड स्थित उनकी दुकान में हुई, जहां आरोपी ने सब्जी काटने वाले चाकू से पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

    बेटी और पड़ोसी के सामने हुई वारदात

    कोर्ट में पेश गवाहों के मुताबिक, घटना के समय दंपति की किशोर बेटी और पास में रहने वाला एक पड़ोसी वहां मौजूद था। दोनों ने झगड़े और हमले को अपनी आंखों से देखा।
    अभियोजन ने इन बयानों को अहम सबूत के तौर पर पेश किया, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ।

    मृत्युदंड की मांग, लेकिन कोर्ट ने किया इनकार

    सरकारी वकील रविंद्र सावल ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी।
    हालांकि, दिंडोशी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नंदकिशोर मोरे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध गंभीर जरूर है, लेकिन यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामलों में शामिल नहीं किया जा सकता।
    इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

    कोर्ट का अहम संदेश

    अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शक और घरेलू विवाद किसी की जान लेने का अधिकार नहीं देते।
    यह फैसला समाज के लिए एक सख्त संदेश है कि घरेलू हिंसा और चरित्र पर शक के नाम पर की गई हत्या को कानून किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी को कौन-सी सजा सुनाई गई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    Q2. क्या कोर्ट ने मृत्युदंड दिया?
    👉 नहीं, कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला नहीं मानते हुए मृत्युदंड से इनकार किया।

    Q3. घटना कहां हुई थी?
    👉 यह वारदात मुंबई के मालाड इलाके में आरोपी की दुकान में हुई थी।

  • Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai के मालाड इलाके में अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट सस्ते दामों में दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले फर्जी प्रॉपर्टी रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जानिए पूरा मामला, आरोपी, modus operandi और कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से।

    मुंबई: सस्ते घर का सपना दिखाकर लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी फ्लैट रैकेट का मालाड पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना फरार है। आरोपी Housing.com, NoBroker जैसे बड़े रियल एस्टेट पोर्टल और सोशल मीडिया के ज़रिए करीब 1 करोड़ के फ्लैट को 60–70 लाख में बेचने का झांसा देकर लोगों से एडवांस रकम ऐंठते थे और फिर गायब हो जाते थे।

    🏙️ क्या है पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित प्रॉपर्टी फ्रॉड रैकेट था, जो अंडर-कंस्ट्रक्शन इमारतों को निशाना बनाकर लोगों को फंसाता था। आरोपी असली फ्लैट मालिक के दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ कर खुद को मालिक बताकर सौदा करते थे। कागज़ात इतने असली लगते थे कि आम आदमी तो क्या, अनुभवी खरीदार भी धोखा खा जाते थे।

    👤 शिकायतकर्ता का दर्दनाक अनुभव

    इस केस के शिकायतकर्ता 31 वर्षीय नवलदेव नारायण राजपूत, निवासी मालाड ईस्ट हैं। आरोपियों ने उन्हें मालाड वेस्ट के जकारिया रोड स्थित शुभाश्री ऑर्चर्ड, फ्लैट नंबर 1301 दिखाया और बताया कि यह फ्लैट “पोपटलाल” नामक व्यक्ति का है।
    4 नवंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच हुए इस सौदे में नवलदेव से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की गई। जब आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब 29 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई गई।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    यह मामला मालाड पुलिस स्टेशन (CR No. 943/2025) में दर्ज किया गया है।
    आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें:

    • धोखाधड़ी
    • जालसाज़ी
    • फर्जी पहचान (Impersonation)
    • आपराधिक साजिश
    • विश्वासघात और रकम का गबन

    जैसी धाराएं शामिल हैं।

    🕵️ Modus Operandi: ऐसे चलता था Mumbai में फर्जी फ्लैट रैकेट

    पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग में हर सदस्य की तय भूमिका थी:

    • कासिम रशीद खान उर्फ अमित ठाकुर (फरार) – मास्टरमाइंड
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान – अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग्स की फोटो खींचकर फर्जी विज्ञापन डालता था
    • दीपक किरीट शाह (ब्रोकर) – खरीदारों से संपर्क कर भरोसा जीतता था
    • निमेष अनिल मावणी – फर्जी आधार और पैन कार्ड से असली मालिक बनकर सौदा करता था
    • हितेश केदारी और राजेश बिसुल प्रसाद – बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे

    जैसे ही एडवांस रकम अकाउंट में आती, पैसे निकाल लिए जाते और आरोपी अंडरग्राउंड हो जाते।

    💳 बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज

    पुलिस ने ASP Infra नामक अकाउंट में हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया। अकाउंट होल्डर हितेश केदारी को हिरासत में लेने के बाद तकनीकी जांच और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद मीरा रोड, बोरीवली और कांदिवली से आरोपियों को पकड़ा गया।

    🚨 गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

    पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • हितेश रविंद्र केदारी (30) – डिलीवरी बॉय
    • राजेश बिसुल प्रसाद (37) – डिलीवरी बॉय
    • निमेष अनिल मावणी (49)
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान (38)
    • दीपक किरीट शाह (47) – ब्रोकर
    • राजन हर्षद कक्कड़ (45)

    मुख्य आरोपी कासिम रशीद खान अभी फरार है।

    👮 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व API दीपक रायवाडे और PSI निलोबा जक्कलवाड़ ने किया।
    जांच Additional CP शशि कुमार मीणा, DCP जोन XI संदीप जाधव, ACP प्रकाश बागल के मार्गदर्शन और Senior Inspector दुश्यंत चौहान की निगरानी में हुई।

    🔑 कैसे बचें ऐसे प्रॉपर्टी फ्रॉड से?

    • बहुत सस्ते दाम पर फ्लैट का ऑफर मिले तो सतर्क रहें
    • असली मालिक से सीधे मिलकर दस्तावेज़ सत्यापित करें
    • रजिस्ट्रार ऑफिस से डॉक्यूमेंट्स की क्रॉस-चेकिंग करें
    • बिना एग्रीमेंट और वकील की सलाह के पैसे न दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या बड़े पोर्टल पर विज्ञापन होने से सौदा सुरक्षित होता है?
    👉 नहीं, फ्रॉड लोग बड़े पोर्टल का भी गलत इस्तेमाल करते हैं।

    Q2. क्या अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट लेना सुरक्षित है?
    👉 हां, लेकिन पूरी कानूनी जांच और RERA रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    Q3. धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

  • बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    मुंबई के बोरीवली में ज्वेलरी शॉप से करीब 6.79 करोड़ रुपये के सोने, हीरे और चांदी की चोरी। दो सेल्समैन फरार, राजस्थान तक पहुंची पुलिस जांच।

    मुंबई: बोरीवली इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ज्वेलरी शॉप के दो सेल्समैन दुकान से करोड़ों के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी गए माल की कुल कीमत करीब ₹6.79 करोड़ बताई जा रही है। एमएचबी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

    क्या है पूरा मामला

    यह घटना बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ नामक ज्वेलरी शॉप की है। दुकान के मालिक राकेश पोरवाल रोज़ की तरह मंगलवार रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। दुकान में काम करने वाले दोनों सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह – को रोज़ाना की तरह गहने तिजोरी में रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    कैसे सामने आई बोरीवली की चोरी

    बुधवार दोपहर राकेश पोरवाल दहाणु में निजी काम से गए हुए थे। इसी दौरान एक महिला ग्राहक ने फोन कर बताया कि दुकान बाहर से बंद है। शक होने पर पोरवाल ने दोनों सेल्समैन को कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। तुरंत बोरीवली लौटने पर उन्होंने देखा कि शटर बंद था, बाहर से ताला लगा था और चाबी ताले में ही लगी हुई थी।

    दुकान के अंदर जाकर देखा तो दोनों लोहे की तिजोरियां खुली थीं और

    • सोने के गहने
    • हीरे के आभूषण
    • चांदी की सिल्लियां

    सब गायब थे। कुल चोरी की रकम ₹6,79,85,000 आंकी गई है।

    आरोपी कौन हैं

    दोनों आरोपी – प्रभु सिंह और नारायण सिंह –

    • राजस्थान के राजसमंद जिले के कावरैया गांव के रहने वाले हैं
    • दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे
    • रात में दुकान के अंदर ही रुकते थे

    पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों राजस्थान भाग गए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    एमएचबी पुलिस ने दोनों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

    • क्राइम ब्रांच की दो टीमें राजस्थान भेजी गई हैं
    • मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच जारी है
    • पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इलाके में दहशत, व्यापारियों में चिंता

    इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद बोरीवली इलाके के ज्वेलर्स और व्यापारियों में डर का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच पर ज़ोर देने की मांग की है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. चोरी कहां हुई है?
    👉 मुंबई के बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ ज्वेलरी शॉप में।

    Q2. चोरी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹6.79 करोड़ के सोने, हीरे और चांदी के गहने।

    Q3. आरोपी कौन हैं?
    👉 दुकान के ही दो सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 केस दर्ज कर लिया गया है और राजस्थान में पुलिस टीमें भेजी गई हैं।

    Q5. क्या आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 फिलहाल आरोपी फरार हैं, तलाश जारी है।

  • कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली पुलिस ने शेयर के बदले करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा देकर एक फ्रीलांसर से 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसकी बहन फरार है।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शेयर और लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने एक फ्रीलांसर से करीब 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में जतीन कुमार उनाडकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन हकीकत में पूरा मामला फर्जी निकला।

    3.5 करोड़ के लोन का लालच देकर फंसाया

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा (42), जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है, को आरोपी जतीन कुमार और उसकी बहन संगीता उनाडकट ने नए बिजनेस में निवेश का ऑफर दिया था। दोनों ने दावा किया कि वे “बूम लिफ्ट” नाम से नया कारोबार शुरू कर रहे हैं, जिसके लिए 3.5 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत है।

    पुरानी पहचान का उठाया फायदा

    प्रेमकुमार वर्मा पहले डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में काम करता था और उसने 2022 में संगीता उनाडकट के लिए 25 लाख रुपये का लोन भी पास करवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर संगीता ने अपने भाई जतीन से उसकी मुलाकात करवाई और उसे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताया।

    फ्लैट बेचकर दिया निवेश का पैसा

    आरोपियों की बातों में आकर वर्मा ने जनवरी 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी और निवेश के लिए विरार में स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपये में बेच दिया। जुलाई से अगस्त 2024 के बीच उसने करीब 81 लाख रुपये किस्तों में जतीन कुमार को दिए, ताकि शेयर उसके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएं और उन्हीं शेयरों के बदले बैंक से लोन मिल सके।

    डीमैट अकाउंट का पासवर्ड लेकर की हेराफेरी

    जतीन ने शेयर ट्रांसफर करने के बहाने वर्मा से उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। कुछ दिनों बाद उसने दावा किया कि कई कंपनियों के शेयर अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं। इतना ही नहीं, एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाकर 2.80 करोड़ रुपये का लोन पास होने का भरोसा भी दिलाया।

    जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

    कई महीनों तक पैसा खाते में न आने पर वर्मा को शक हुआ। जब उसने फाइनेंस कंपनी और बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी, वे असली नहीं बल्कि डेमो या वर्चुअल शेयर थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस ट्रेडिंग में होता है। किसी भी तरह का असली लोन मंजूर नहीं हुआ था।

    69 लाख हड़पकर हुए फरार

    जब वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। एक सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गया। बाद में जतीन ने सिर्फ 1.77 लाख रुपये लौटाए और करीब 69.18 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद वर्मा ने कांदिवली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी गिरफ्तार, बहन फरार

    शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतीन कुमार उनाडकट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बहन संगीता के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। संगीता फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने इसी तरीके से और लोगों को तो नहीं ठगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मुंबई के कांदिवली इलाके में।

    Q2: ठगी की कुल रकम कितनी है?
    करीब 69.18 लाख रुपये।

    Q3: आरोपी कौन है?
    जतीन कुमार उनाडकट, जबकि उसकी बहन संगीता उनाडकट फरार है।

    Q4: ठगी का तरीका क्या था?
    फर्जी शेयर और लोन सैंक्शन दिखाकर निवेश के नाम पर पैसा लेना।