Category: Mumbai Crime

Read the latest Mumbai crime news, police investigations and exclusive reports from across the city. Stay informed with updates on cybercrime, fraud, murders, theft, narcotics cases, gang activity, court proceedings and major law enforcement developments, only on Indian FastTrack.

  • Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    मुंबई के Borivali में एक ज्वेलर से नकली सोने की ईंटें देकर ₹1.60 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एलटी मार्ग पुलिस ने हैदराबाद के ज्वेलर समेत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में रहने वाले एक ज्वेलर के साथ ₹1.60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नकली गोल्ड बार देकर असली सोना हड़पने वाले दो आरोपी फिलहाल फरार हैं। एलटी मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    💎 Borivali के ज्वेलर के साथ कैसे हुई ठगी?

    पीड़ित ज्वेलर का नाम अजय धरमजी वाया है, जो बोरीवली में “कृषा आर्ट” नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करते हैं।
    अजय लंबे समय से सुरेश वैष्णव नाम के सप्लायर से सोना खरीदते थे, जो हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    🤝 भरोसे का खेल और नई पहचान

    पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरेश वैष्णव ने अजय वाया की पहचान रामलाल गुर्जर से करवाई।
    गुर्जर ने सस्ते और फायदे वाले गोल्ड डील्स का लालच दिया।

    शुरुआत में:

    • एक लेन-देन सही तरीके से हुआ
    • असली गोल्ड बार दिए गए
    • भरोसा मजबूत हो गया

    इसी भरोसे के चलते आगे बड़ा सौदा किया गया।

    📦 21 अक्टूबर का सौदा, फिर 25 दिसंबर की ठगी

    • 21 अक्टूबर को अजय ने
      👉 1.8 किलो सोने के मंगलसूत्र रामलाल को भेजे
      👉 बदले में असली गोल्ड बार मिले
    • लेकिन 25 दिसंबर को
      👉 अजय ने 2,045 ग्राम सोने के गहने, कीमत करीब ₹1.60 करोड़,
      👉 सुरेश वैष्णव के जरिए होटल में एक्सचेंज के लिए भेजे

    होटल में वैष्णव ने दो गोल्ड बार दिए,
    लेकिन जांच में वे पूरी तरह नकली निकले।

    📵 ठगी का खुलासा और आरोपियों का फरार होना

    जैसे ही अजय वाया को ठगी का एहसास हुआ,
    उन्होंने सुरेश वैष्णव और रामलाल गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की।

    लेकिन:

    • दोनों के मोबाइल फोन बंद थे
    • दोनों गायब हो चुके थे

    इसके बाद अजय ने तुरंत एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    एलटी मार्ग पुलिस ने

    • धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है
    • दोनों आरोपी फरार हैं
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
      👉 कहीं इसी तरह से अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना तो नहीं बनाया गया

    ⚠️ ज्वेलर्स कारोबारियों के लिए चेतावनी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
    इस तरह के मामलों में आरोपी पहले

    • छोटी और सही डील करते हैं
    • भरोसा जीतते हैं
    • फिर बड़ी रकम या सोने पर हाथ साफ करते हैं

    ज्वेलर्स को लेन-देन के दौरान
    👉 सोने की तुरंत जांच
    👉 लिखित समझौते
    👉 भरोसेमंद चैनल का ही इस्तेमाल
    करने की सलाह दी गई है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹1.60 करोड़ (2,045 ग्राम सोना)।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 सुरेश वैष्णव (ज्वेलर/सप्लायर) और रामलाल गुर्जर।

    Q3. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    👉 एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन, मुंबई।

    Q4. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    👉 नहीं, दोनों फिलहाल फरार हैं।

  • 2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    मुंबई के कांदीवली निवासी को 2025 में खरीदी कार पर 2023 का हेलमेट चालान मिला। इस अजीब मामले ने ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में ई-चालान सिस्टम की एक चौंकाने वाली गलती सामने आई है। कांदीवली के रहने वाले एक स्कूल प्रिंसिपल को ऐसी कार पर हेलमेट न पहनने का चालान भेजा गया, जो उन्होंने चालान काटने के करीब दो साल बाद शो रूम से नई कार खरीदी की थी। मामला सामने आने के बाद अब ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    कार खरीदी 2025 में, चालान आया 2023 का

    कांदीवली निवासी राजेश यादव, जो पेशे से स्कूल प्रिंसिपल हैं, ने बताया कि उनके परिवार ने महिंद्रा XUV कार 14 फरवरी 2025 को खरीदी थी। लेकिन अक्टूबर 2025 में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसमें 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    जब उन्होंने चालान की जानकारी खोली, तो हैरान रह गए। चालान की तारीख थी 5 जून 2023, यानी उस वक्त उनकी कार अस्तित्व में ही नहीं थी।

    Why-did-I-buy-a-car-in-2025-but-get-an-invoice-for-2023-Questions-about-Mumbai-e-challan-system-kandivali

    हेलमेट चालान और फोटो में दिखी बाइक

    राजेश यादव ने बताया कि चालान में लिखा था कि हेलमेट नहीं पहनने का अपराध किया गया है। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा,
    “एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद अब कार चलाने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ेगा।”

    लेकिन जब उन्होंने चालान के साथ अटैच की गई तस्वीर देखी, तो उसमें साफ तौर पर दो लोगों की बाइक नजर आ रही थी, जिनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। तस्वीर में दिख रहा वाहन उनकी कार से बिल्कुल अलग था।

    स्पीडिंग चालान सही थे, लेकिन ये मामला अलग

    यादव ने बताया कि अगस्त 2025 में वह अपनी मां को कोस्टल रोड के रास्ते बॉम्बे हॉस्पिटल ले जा रहे थे। उस दौरान उन्हें ओवरस्पीडिंग के दो चालान मिले थे, जिन्हें उन्होंने बिना किसी विवाद के तुरंत भर दिया।

    लेकिन अक्टूबर में आया यह हेलमेट चालान न सिर्फ गलत था, बल्कि कार के रजिस्ट्रेशन से पहले का था, इसलिए उन्होंने इसे भरने से इनकार कर दिया।

    ट्रैफिक विभाग ने माना “मानवीय गलती”

    ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह चालान असल में एक दोपहिया वाहन चालक के खिलाफ जारी किया गया था।
    वाहन नंबर में समानता होने की वजह से यह चालान गलती से राजेश यादव के मोबाइल नंबर पर चला गया।

    अधिकारी के मुताबिक,
    “यह मानवीय त्रुटि है। वाहन मालिक MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द करवा सकता है।”

    ई-चालान सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    इस घटना के बाद नागरिकों का कहना है कि कम से कम चालान भेजने से पहले यह तो जांच होनी चाहिए कि वाहन दोपहिया है या चारपहिया। बिना बुनियादी जांच के भेजे जा रहे चालान आम लोगों को मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

    Timeline: पूरा मामला एक नज़र में

    • 📅 कथित अपराध की तारीख: 5 जून 2023
    • 🚗 कार खरीदने की तारीख: 14 फरवरी 2025
    • 📲 चालान मिलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2025

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: क्या कार पर हेलमेट चालान लगाया जा सकता है?
    👉 नहीं, हेलमेट चालान केवल दोपहिया वाहनों पर लागू होता है।

    Q2: इस मामले में गलती किसकी थी?
    👉 ट्रैफिक विभाग के अनुसार, यह मानवीय गलती और नंबर मैचिंग की वजह से हुआ।

    Q3: गलत चालान मिलने पर क्या करें?
    👉 MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द कराया जा सकता है।

    Q4: क्या चालान भरना जरूरी है?
    👉 नहीं, अगर चालान गलत है तो पहले स्पष्टीकरण लें।

  • PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    मुंबई में पीएनबी घोटाले की जांच के तहत ईडी ने बोरीवली स्थित चार अटैच संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंपीं। कुल ₹2,565 करोड़ से अधिक की संपत्तियों की जब्ती और नीलामी प्रक्रिया जारी।

    मुंबई: पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज करते हुए मुंबई के बोरीवली ईस्ट में स्थित चार अटैच संपत्तियों को कंपनी लिक्विडेटर के हवाले कर दिया है। यह कदम पीड़ित बैंकों, निवेशकों और अन्य दावेदारों को आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है। यह कार्रवाई 21 नवंबर को ईडी की मुंबई जोनल यूनिट द्वारा की गई।

    🏷️ ईडी की कार्यवाही और उद्देश्य

    ईडी की ओर से बताया गया कि यह संपत्तियां पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा हैं। एजेंसी ने अब तक मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित करीब ₹310 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेटर के अधीन सौंप दिया है, जो गितांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी हैं।

    🏷️ मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

    ईडी की जांच में पाया गया कि भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपने साथियों और PNB के कुछ अधिकारियों की मदद से 2014 से 2017 के बीच फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) और फॉरेन क्रेडिट लेटर्स के जरिए बैंक से ₹6,097.63 करोड़ का बड़ा वित्तीय घोटाला किया।

    इसके अलावा चोकसी ने आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए लोन का भी भुगतान नहीं किया और जानबूझकर डिफॉल्ट किया।

    🏷️ जांच के दौरान जब्ती और सील की गई संपत्तियां

    जांच के दौरान ईडी ने देशभर में 136 से ज्यादा स्थानों पर छापे मारे और गितांजलि ग्रुप की करीब:

    • ₹597 करोड़ की ज्वेलरी और कीमती चीजें जब्त कीं
    • ₹1,968 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्तियां अटैच कीं
    • जिनमें शामिल हैं:
      ✔️ देश और विदेश की प्रॉपर्टी
      ✔️ वाहन
      ✔️ बैंक खाते
      ✔️ सूचीबद्ध शेयर
      ✔️ फैक्ट्री परिसर

    कुल मिलाकर अब तक ₹2,565.90 करोड़ मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं।

    🏷️ आगे की कानूनी प्रक्रिया

    पीड़ित बैंकों को जल्द भुगतान दिलाने के लिए ईडी और बैंकों ने मिलकर मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में एक संयुक्त आवेदन दिया, जिसे मंजूरी मिल गई है।

    अब इन संपत्तियों की वैल्यूएशन और नीलामी की प्रक्रिया लिक्विडेटर और बैंक की निगरानी में होगी और बिक्री से प्राप्त राशि PNB और ICICI बैंक के खाते में फिक्स्ड डिपॉज़िट के रूप में जमा की जाएगी।

    ईडी ने बताया कि शेष अटैच संपत्तियों को भी जल्द ही इसी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया जाएगा।


    🔹 FAQ सेक्शन

    📌 प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है?
    यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।

    📌 प्रश्न 2: कुल कितनी संपत्तियां बरामद या जब्त की गई हैं?
    अब तक लगभग ₹2,565.90 करोड़ की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं।

    📌 प्रश्न 3: इन संपत्तियों का क्या किया जाएगा?
    इनकी नीलामी कर राशि पीड़ित बैंकों को दी जाएगी।

    📌 प्रश्न 4: मेहुल चोकसी कहां है?
    चोकसी फिलहाल भगोड़ा घोषित है और विदेश में छिपा है।

  • NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के पूर्व राज्य सचिव नोवेल साल्वे पर उल्हासनगर में हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू।

    मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के पूर्व महाराष्ट्र स्टेट सेक्रेटरी नोवेल साल्वे पर हुए कथित हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना आंदोलन शुरू हो गया है। साल्वे का आरोप है कि उल्हासनगर में 9 जून को उन पर हमला हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की और अब वह न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

    🔹 हमला कैसे हुआ?

    जानकारी के मुताबिक, 9 जून की शाम नोवेल साल्वे उल्हासनगर कैंप-3, सेक्शन 17 के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक बुजुर्ग सिंधी व्यक्ति को पीट रहे हैं। साल्वे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन उन लोगों में से एक ने पीछे से बांस लेकर साल्वे पर हमला कर दिया।

    हमले के बाद साल्वे की हालत बिगड़ गई, उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें कार्डियक अटैक आया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल आनंद हॉस्पिटल पहुंचाया।

    🔹 परिवार ने की पुलिस से शिकायत

    घटना के तुरंत बाद साल्वे की पत्नी और बेटे ने उल्हासनगर के सेंट्रल पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने:

    • आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की
    • बाेले के बयान दर्ज किए बिना ही केस दर्ज कर दिया
    • जांच में जानबूझकर लापरवाही बरती

    🔹 आनंद अस्पताल से आजाद मैदान तक आंदोलन

    अपनी हालत सुधरने के बाद साल्वे ने सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन शुरू किया है। उन्होंने कहा:

    “जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे और पुलिस की मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन रुकेगा नहीं।”

    🔹 साल्वे की स्थिति गंभीर थी, हुआ ओपन हार्ट सर्जरी

    हमले के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि साल्वे की ओपन हार्ट सर्जरी करानी पड़ी। उनका कहना है कि इस हमले का सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ा है और जिम्मेदार लोग आज भी खुले घूम रहे हैं।

    🔹 मांगें क्या हैं?

    नोवेल साल्वे ने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

    1. हमले में शामिल आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो
    2. जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
    3. केस की सुनवाई तेजी से की जाए

    FAQ सेक्शन:

    Q1: आंदोलन कहां हो रहा है?
    ➡ आंदोलन मुंबई के आजाद मैदान में चल रहा है।

    Q2: हमला कब हुआ था?
    ➡ हमला 9 जून 2025 को उल्हासनगर में हुआ था।

    Q3: आरोपी अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए?
    ➡ साल्वे का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है और ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

    Q4: साल्वे की सेहत पर क्या असर हुआ?
    ➡ हमले के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके कारण उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई।

  • 16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    मुंबई की एक बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन की जगह प्लाइवुड भेजने वाला वडोदरा का कारोबारी गिरफ्तार। मालाड पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

    मुंबई: शहर में एक चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है, जहां वडोदरा के एक कारोबारी ने 48 वर्षीय बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन भेजने का वादा किया लेकिन बॉक्स खोलने पर अंदर सिर्फ प्लाइवुड और कार्डबोर्ड निकला। शिकायत के बाद मालाड पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।

    पूरी खबर विस्तार में (मुंबई की बोलचाल वाली भाषा में):

    🔹 कैसे शुरू हुआ यह मामला?

    यह मामला मुंबई के मलाड इलाके का है। पीड़िता प्रीति पवार, जो गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड पर मेडिकल सर्विस सेंटर चलाती हैं, अपने सेंटर के लिए Colon Hydrotherapy Machine और Infrared Sauna System जैसी एडवांस हेल्थकेयर मशीनें खरीदना चाहती थीं। उन्होंने इंटरनेट पर खोजकर Nexorth Orthopedic Pvt Ltd नाम की कंपनी ढूंढी, जो गुजरात के वडोदरा में रजिस्टर्ड बताई गई।

    🔹 पहले भरोसा, फिर धोखा

    प्रीति ने कंपनी के मालिक बताए गए डॉ. निशांत मेहता से फोन पर बात की। डील कन्फर्म करने से पहले उन्होंने वडोदरा में अपने जानकार को कंपनी ऑफिस भेजकर वहां की जांच भी करवाई। सब कुछ सही लगने पर उन्होंने:

    • ₹1 लाख एडवांस
    • ₹1,19,250 चेक
    • ₹7,01,600 बैंक लोन
    • और कुल मिलाकर ₹16 लाख ट्रांसफर कर दिए।

    🔹 ड्रामा शुरू — एक्सीडेंट की स्टोरी और फर्जी स्लिप

    17 नवंबर को निशांत ने फोन करके कहा कि मशीनों वाला वाहन एक्सीडेंट में नुकसान पहुंचा है, इसलिए देर होगी। जब पीड़िता को शक हुआ और पैसे वापस मांगे गए, तो उसने नकली ट्रांजैक्शन स्लिप भेज दी।

    पीड़िता ने जब बैंक में चेक जमा किया तो वह चेक भी बाउंस हो गया।

    🔹 अंत में प्लाइवुड वाला पार्सल!

    कुछ दिनों बाद आरोपी ने कहा कि वह एक नया सेट भेज रहा है। लेकिन जब बॉक्स खुला — अंदर मशीन नहीं बल्कि प्लाइवुड और कार्डबोर्ड मिला।

    🔹 पुलिस एक्टिव — गिरफ्तारी और कस्टडी

    5 दिसंबर को पीड़िता ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। जांच में सारे तथ्य सही पाए गए और फिर पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया

    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण ने बताया कि आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।


    FAQ Section

    Q1: आरोपी ने क्या धोखा दिया था?
    ➡ मशीन की जगह उसने बॉक्स में प्लाइवुड और कार्डबोर्ड भेजा।

    Q2: कुल धोखाधड़ी की रकम कितनी है?
    ➡ करीब ₹16 लाख।

    Q3: आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡ 5 दिसंबर को शिकायत और जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

    Q4: आरोपी अभी कहां है?
    ➡ अभी वह पुलिस कस्टडी में तीन दिन के रिमांड पर है।

  • Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    मुंबई के मुलुंड में 71 वर्षीय बुजुर्ग से फर्जी पुलिस बनकर 2 करोड़ 24 लाख का सोना ठगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार। CCTV और तकनीकी जांच से 24 घंटे में पूरा सोना बरामद।

    मुंबई: मुलुंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक 71 वर्षीय बुजुर्ग से ₹2,24,000 के सोने के गहने ठगकर फरार हो गए थे। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के चलते घटना के 24 घंटे के भीतर पूरा चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है

    🔍 घटना कैसे हुई?

    यह घटना 2 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग जटाशंकर डोसा रोड, मुलुंड वेस्ट के पास स्थित अतिथि होटल के पास अपने व्यक्तिगत काम से आए थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लोग उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया।

    उन्होंने बुजुर्ग को “सुरक्षा जांच” के नाम पर गले की चेन और दो सोने की अंगूठियां हटाने को कहा और मौका देखकर वहां से फरार हो गए।

    🎥 CCTV फुटेज ने खोला राज

    शिकायत दर्ज होने के बाद मुलुंड पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले। जांच में एक संदिग्ध की गतिविधि कैमरे में कैद मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और जानकारी के लिए मरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, जहां आरोपी पहले भी ऐसी वारदात में पकड़ा जा चुका था।

    🚓 तकनीकी जांच और कमाल की तेजी में तीनों सलाखों के पीछे

    • सबसे पहले पुलिस की टीम मीरा रोड (ईस्ट) पहुंची, जहां पहला आरोपी तौफीक मोफिद सिद्दीकी (41) पकड़ा गया।
    • पूछताछ में उसने बताया कि चोरी किए गए गहने उसके साथी के पास हैं जो वसई (ईस्ट) में है।
    • पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए उसी रात दूसरे आरोपी सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस (63) को गिरफ्तार किया।
    • इसके बाद टीम कुर्ला (ईस्ट) पहुंची और तीसरे आरोपी मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी (52) को भी हिरासत में लिया।

    पुलिस ने तीनों से 100% चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है।

    ⚖ कानूनी कार्रवाई

    तीनों आरोपियों पर धारा 318(4), 204 और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उन्हें 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    🏷 मुख्य आरोपी और उनके पते:

    आरोपी का नामउम्रक्षेत्र
    तौफीक मोफिद सिद्दीकी41मीरा रोड (ईस्ट)
    सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस63वसई (ईस्ट)
    मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी52कुर्ला (ईस्ट)

    ❓ FAQ SECTION

    Q1. क्या आरोपी पहले भी अपराध में शामिल थे?
    हाँ, एक आरोपी पर पहले भी मेरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है।

    Q2. क्या पूरा चोरी किया गया सोना वापस मिल गया?
    हाँ, पुलिस ने 24 घंटे में पूरा ₹2,24,000 का सोना बरामद कर लिया।

    Q3. क्या पीड़ित सुरक्षित हैं?
    हाँ, पीड़ित पूरी तरह सुरक्षित हैं और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

    Q4. आरोपियों को कितने दिन की कस्टडी मिली है?
    कोर्ट ने तीनों को 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • नकली RTO ऐप के नाम पर 65 वर्षीय मालाड निवासी से ₹7.6 लाख की ठगी

    नकली RTO ऐप के नाम पर 65 वर्षीय मालाड निवासी से ₹7.6 लाख की ठगी

    मुंबई के मालाड में 65 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति को फर्जी RTO चालान ऐप के जरिए निशाना बनाया गया। ऐप डाउनलोड करवाकर स्कैमर ने मोबाइल फोन का कंट्रोल हासिल किया और खाते से ₹7.60 लाख उड़ा लिए। केस साइबर क्राइम और IT एक्ट के तहत दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में एक 65 वर्षीय रिटायर्ड नागरिक कमलेश चौक्षी को ऑनलाइन चालान और RTO वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर ठगों ने बड़ा झांसा दिया। फेक ऐप इंस्टॉल करवाकर स्कैमर्स ने पीड़ित के मोबाइल की पूरी एक्सेस ले ली और बैंक अकाउंट से धीरे-धीरे ₹7.6 लाख उड़ा लिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    🔍 घटना कैसे हुई — पूरी कहानी

    ➡ फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर जाल बिछाया

    सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित ने हाल ही में सेकेंड-हैंड कार खरीदी थी।
    कार बेचने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि RTO का ₹2,000 चालान बाकी है, जिसे उन्हें मोबाइल ऐप के जरिए भरना होगा।

    कमलेश ने बताए अनुसार ऐप डाउनलोड किया और ₹2,000 जमा कर दिए।

    🟢 अगले ही दिन — पूरा पैसा वापस आ गया, ताकि पीड़ित का भरोसा जीत सकें।
    पुलिस का मानना है कि यह साइबर ठगों की सोची-समझी तकनीक थी।

    ➡ मोबाइल कंट्रोल में लेने के बाद फ्रॉड शुरू

    26 नवंबर को पीड़ित के फोन पर अचानक HDFC बैंक की लगातार तीन ट्रांजेक्शन अलर्ट आए:

    लेनदेन प्रकारराशि
    NEFT ट्रांसफर₹4.90 लाख
    मोबाइल बैंकिंग₹1 लाख
    मोबाइल बैंकिंग₹1.70 लाख

    पीड़ित ने जब अलर्ट देखा, तब तक उनका मोबाइल स्क्रीन अनजाने में खुद चल रहा था — यानी हैकर फोन रिमोट कंट्रोल से ऑपरेट कर रहा था।

    ➡ परिवार ने उठाया कदम, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी

    पीड़ित ने तत्काल अपने बेटे को सूचना दी।
    बेटा दौड़कर बैंक पहुंचा और अकाउंट को फ्रीज कराया — लेकिन तब तक पूरी रकम खाते से निकल चुकी थी।

    👮‍♂️ पुलिस कार्रवाई

    मालाड पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। FIR में धोखाधड़ी की धारा और IT एक्ट शामिल किए गए हैं।

    जांच में पाया गया कि ‘RTO Challan Payment’ नाम का ऐप फेक था, और इसी के जरिए फोन हैक किया गया।

    🧠 साइबर विशेषज्ञों की सलाह

    ✔ RTO, बैंक या सरकारी ऐप हमेशा सरकारी वेबसाइट और Play Store Verified Source से डाउनलोड करें।
    ✔ किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका डोमेन जांचें।
    ✔ फोन स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।


    🔎 FAQ — आम सवाल और जवाब

    1️⃣ सवाल: क्या यह ऐप असली RTO से जुड़ा था?
    👉 नहीं, पुलिस जांच में यह नकली और फ्रॉड एप्लिकेशन पाया गया।

    2️⃣ सवाल: क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 साइबर पुलिस पैसे ट्रेस कर रही है, पर वापसी की गारंटी नहीं होती — लेकिन तुरंत रिपोर्ट से संभावना बढ़ जाती है।

    3️⃣ सवाल: ऐसे मामले की शिकायत कहाँ करें?
    👉 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

  • मलाड वेस्ट में इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

    मलाड वेस्ट में इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के मलाड वेस्ट में रात के समय टहल रही 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच जारी।

    मुंबई: देर रात टहल रही मलाड वेस्ट की एक 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। घटना 26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे हुई, जब एक युवक ने उसके साथ बदसलूकी की और मौके से फरार हो गया। पीड़िता को पुलिस कंट्रोल रूम से तत्काल मदद नहीं मिल पाई, जिसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर पूरी घटना पोस्ट की। पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता फोन पर बात करते हुए एस.वी. रोड पर रैडिसन होटल ब्रिज के पास टहल रही थी। तभी अचानक पीछे से एक युवक आया, उसे पकड़कर छेड़छाड़ की और सड़क पार कर भाग गया। पीड़िता ने मदद के लिए चीखा, लेकिन कोई भी राहगीर उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।

    पुलिस हेल्पलाइन नंबर क्यों नहीं लगे?

    पीड़िता ने घटना के तुरंत बाद 100 और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो पाया। परेशान होकर उसने अपनी मां को फोन किया, जो मौके पर पहुंचीं और उसे घर ले गईं।

    अगले दिन पीड़िता ने पूरी घटना इंस्टाग्राम पर विस्तृत रूप से बताया और Mumbai Police और बाकी काफी सारे लोगों को टैग किया।

    सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

    जैसे ही पोस्ट वायरल हुई, मुंबई पुलिस हरकत में आ गई। यह मामला गोरगांव पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने के कारण वहां FIR दर्ज की गई। जांच ACP प्रकाश बागल और DCP संदीप यादव की देखरेख में शुरू हुई। जिसमें मालाड़, गोरेगांव और बांगूरनगर पुलिस की तीन टीम तैयार की गई जिसका नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत खरात को सौंपा गया।

    • तीन पुलिस टीम बनाई गईं
    • होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
    • तकनीकी जांच के जरिए पहचान हुई

    हालांकि घटना स्थल के पास सीसीटीवी नहीं था, मगर होटल रैडिसन की फुटेज ने जांच में अहम भूमिका निभाई।

    आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

    पुलिस ने 24 वर्षीय आरोपी कुलदीप कन्नौजिया को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला है और मलाड–गोरगांव के बीच उधोग नगर में स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता था।

    पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।

    पीड़िता की पोस्ट ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    पीड़िता ने अपनी पोस्ट में लिखा:

    “मुंबई को सुरक्षित शहर कहा जाता है, लेकिन सड़क के बीच एक आदमी ने ये हरकत की और कोई भी मदद के लिए नहीं आया। हेल्पलाइन नंबर भी काम नहीं कर रहे थे।”

    इस बयान ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।


    FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    घटना कब हुई?26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे।
    पीड़िता कौन है?20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर, नाम गोपनीय रखा गया है।
    आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?हाँ, पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।
    पुलिस ऐक्शन कब हुआ?सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के तुरंत बाद।
    क्या हेल्पलाइन नंबर काम नहीं कर रहे थे?पीड़िता के अनुसार, उस समय कॉल कनेक्ट नहीं हुआ।
  • DRI ने 11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग में ‘अन्ना’ को पकड़ा

    DRI ने 11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग में ‘अन्ना’ को पकड़ा

    मुंबई एयरपोर्ट से जुड़े 11 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी केस में DRI ने अंबरनाथ के पुजारी वीरन मुनुस्वामी उर्फ अन्ना को गिरफ्तार किया है। अन्ना पर आरोप है कि वह गोल्ड खरीदकर ब्लैक मार्केट में बेचता था और पैसे हवाला के जरिए भेजता था।

    मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़े गए ₹11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग केस में DRI ने अब एक बड़े खिलाड़ी वीरन मुनुस्वामी उर्फ अन्ना को गिरफ्तार किया है। अन्ना पर आरोप है कि वह विदेश से आने वाले तस्करों से सोना लेकर उसे ब्लैक मार्केट में बेचता था। इस केस में इससे पहले 6 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं जिनमें एयरपोर्ट स्टाफ भी शामिल थे।

    📍 Background: मामला कब और कैसे शुरू हुआ?

    यह पूरा केस पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ जब कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट से 12.5 किलो सोना बरामद किया था। यह सोना कैप्सूल के रूप में काले वेलवेट बैग्स में छिपाया गया था।

    जिन 6 आरोपियों को पहले पकड़ा गया था, उनके नाम:

    • अनिल चव्हाण (29)
    • रोहन चव्हाण (20)
    • विवेक रेवले (36)
    • अरशद शेख (26)
    • अनस पटेल (26)
    • अरबाज तांबोली (21)

    इनमें से तीन आरोपी विदेश से गोल्ड लेकर आते थे और तीन एयरपोर्ट के अंदर काम करके उसे बाहर निकालते थे।

    🧾 अन्ना कैसे फंसा?

    📱 मोबाइल रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल्स ने खोला राज़

    DRI को आरोपी अरशद शेख के फोन से कुछ ऑडियो क्लिप्स और कॉल रिकॉर्डिंग्स मिलीं। इनमें एक व्यक्ति, जिसे “अन्ना” कहा जा रहा था, को सोना डिलीवर करने की बात हो रही थी।

    कॉल डिटेल्स में देखा गया कि:

    • अन्ना बार-बार तस्करों से संपर्क में था
    • वह कई बार एयरपोर्ट के पास मौजूद पाया गया
    • उसने अपने कॉल और विज़िट का कोई सही कारण नहीं बताया

    💰 ब्लैक मार्केट में बिकता था सोना

    जांच में पता चला कि अन्ना सोना खरीदकर ब्लैक मार्केट में बेचता था और वहां से मिलने वाली रकम को हवाला चैनल्स के जरिए विदेश भेजा जाता था।

    इसी वजह से DRI ने उसे “सिंडिकेट का की-प्लेयर” बताया है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नजवाब
    अन्ना कौन है?अन्ना यानी वीरन मुनुस्वामी, अंबरनाथ का निवासी और इस गोल्ड तस्करी गिरोह का मुख्य खरीदार बताया जा रहा है।
    कितना सोना बरामद हुआ?अब तक लगभग 13 किलो सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹11 करोड़ बताई जा रही है।
    कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?अब तक 7 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें एयरपोर्ट स्टाफ भी शामिल हैं।
    सोना विदेश से कैसे लाया जा रहा था?सोना पाउडर के रूप में कैप्सूल में भरकर यात्रियों द्वारा एयरपोर्ट पर लाया जा रहा था।
  • 5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    मुंबई के वाकोला पुलिस ने अपहृत 5 वर्षीय बच्ची को पनवेल से बरामद कर लिया। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: वाकोला पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए 5 साल की अपहृत बच्ची को पनवेल से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक ऑटो चालक, बच्ची के मामा-मामी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था।

    शिकायत के बाद दो दिनों तक चली खोज

    पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर 12:30 बजे बच्ची की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी अचानक लापता हो गई है। चूंकि मामला एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का था, इसलिए इसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस ने 48 घंटे तक लगातार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूत्रों की मदद से ऑटो रिक्शा की पहचान की, जिसमें बच्ची को आखिरी बार देखा गया था।

    पहला सुराग: ऑटो चालक की गिरफ्तारी

    जांच में पता चला कि संदिग्ध ऑटो चालक पनवेल के आसपास चलता है। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार को लतीफ अब्दुल मजीद शेख (52) को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची के अपहरण में उसके मामा लॉरेंस निकोलस फर्नांडिस (42) और मामी मंगल दगडू जाधव (38) शामिल थे।

    बच्ची को पहले ₹90,000 और फिर ₹1.80 लाख में बेचा गया

    पुलिस के अनुसार—

    • पहले बच्ची को करण मारुति सानस को ₹90,000 में बेचा गया।
    • बाद में सानस ने बच्ची को दो महिलाओं — वृंदा विनेह चव्हाण (60) और अंजली कोरगांवकर (57) को ₹1.80 लाख में बेच दिया।

    पनवेल से बच्ची बरामद

    पुलिस टीम ने जब पनवेल स्थित घर में तलाशी ली, तो बच्ची सही सलामत मिली। मंगलवार को बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारी ने बताया—

    “मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हम अपहरण और बच्ची को बेचने की वजह की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. बच्ची का अपहरण कब हुआ था?

    शनिवार को बच्ची लापता हुई और दो दिनों की जांच के बाद उसे बरामद किया गया।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

    3. क्या अपहरण में बच्ची के परिवार वाले शामिल थे?

    हाँ, बच्ची का मामा और मामी भी इस मामले में शामिल थे।

    4. बच्ची कहाँ से बरामद हुई?

    पुलिस ने उसे पनवेल से बरामद किया।

    5. बच्ची को कितने में बेचा गया था?

    पहले ₹90,000 और बाद में ₹1.80 लाख में।