Category: Mumbai Crime

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  • कांदिवली में चली गोली 45 वर्षीय व्यक्ति की हुई मौके पर मौत

    कांदिवली में चली गोली 45 वर्षीय व्यक्ति की हुई मौके पर मौत

    मुंबई के कांदिवली पूर्व पोईसर इलाके में 45 वर्षीय व्यक्ति ने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में दहशत, समता नगर पुलिस जांच कर रही है।

    मुंबई: कांदिवली पूर्व पोईसर इलाके में सोमवार को एक 45 वर्षीय व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मृतक ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद पर गोली चलाई। घटना की जानकारी मिलते ही समता नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

    🔴 कांदिवली पूर्व के पोईसर इलाके में हुई घटना

    यह घटना मुंबई के कांदिवली पूर्व स्थित पोईसर क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय व्यक्ति ने अपने ही घर में यह कदम उठाया। गोली चलने की आवाज़ सुनते ही आसपास के लोग सहम गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    👤 मृतक की पहचान प्रभाकर ओझा के रूप में

    पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम प्रभाकर चंद्रशेखर ओझा (उम्र 45 वर्ष) बताया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रभाकर ओझा के पास वैध लाइसेंस वाली पिस्तौल थी, जिससे उन्होंने खुद को गोली मारी।

    🚓 सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची

    घटना की जानकारी मिलते ही समता नगर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित कर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए शताब्दी अस्पताल भेज दिया।

    🕵️ आत्महत्या के कारणों की जांच जारी

    फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है।
    प्रभाकर ओझा ने यह कदम क्यों उठाया,
    क्या वह किसी मानसिक तनाव में थे,
    या किसी पारिवारिक अथवा आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे—
    इन सभी पहलुओं की पुलिस गहराई से जांच कर रही है।

    समता नगर पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    ⚠️ इलाके में दहशत और चिंता का माहौल

    इस घटना के बाद कांदिवली पूर्व के पोईसर इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय नागरिकों में चिंता देखी जा रही है, वहीं पुलिस लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच में सहयोग करने की अपील कर रही है।

    🧠 मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ी

    देश के साथ-साथ मुंबई में भी आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक तनाव, अकेलापन और समय पर मदद न मिलना ऐसे मामलों की बड़ी वजह बन सकता है।

    अगर आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव में है, तो मदद लेना बेहद जरूरी है।

    ☎️ मदद के लिए संपर्क करें (Helpline):

    • Kiran Mental Health Helpline: 1800-599-0019
    • AASRA: 91-9820466726

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    कांदिवली पूर्व के पोईसर इलाके में।

    Q2. मृतक की पहचान क्या है?
    मृतक का नाम प्रभाकर चंद्रशेखर ओझा (45 वर्ष) है।

    Q3. आत्महत्या किस तरीके से की गई?
    प्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतक ने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारी।

    Q4. क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया है?
    हां, समता नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    Mumbai Cyber Crime News: मालाड के एक कारोबारी से फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर 21 लाख रुपये की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने सूरत के युवक को किया गिरफ्तार।

    मुंबई: साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मालाड के एक कारोबारी को WhatsApp पर भेजे गए फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के जरिए 21 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी गई। मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने इस मामले में सूरत के 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को RTO बताकर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

    WhatsApp पर आया फर्जी RTO चालान

    पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय पीड़ित कारोबारी नवंबर महीने में गुजरात में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से “RTO Challan” नाम की फाइल आई। यह फाइल असल में एक APK (Android Package Kit) थी, जिसे खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया।

    APK फाइल से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर कब्जा

    जांच में सामने आया है कि जैसे ही कारोबारी ने फर्जी चालान फाइल डाउनलोड की, ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट, UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप्स से 21 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली।

    सूरत का युवक गिरफ्तार, साइबर गिरोह से कनेक्शन

    मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने जांच के बाद हार्दिक अशोकभाई बोर्डा (25) को गिरफ्तार किया है, जो गुजरात के सूरत का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीकॉम का छात्र है और ऑनलाइन तौल मशीन (Weighing Machine) बेचने का कारोबार करता था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का प्रमुख सदस्य था, जो खुद को RTO अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था।

    RTO के नाम पर ठगी का नया तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी और उसका गिरोह लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा लेता था।

    • WhatsApp पर APK फाइल भेजी जाती
    • फाइल खोलते ही मोबाइल हैक
    • बैंक और UPI से पैसे उड़ाए जाते

    इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है।

    जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

    पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस की चेतावनी: ऐसे रहें सतर्क

    साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—

    • अनजान नंबर से आई APK या लिंक न खोलें
    • RTO या सरकारी चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर ही चेक करें
    • किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    FAQ Section

    ❓ यह ठगी कैसे की गई?

    ➡️ WhatsApp पर फर्जी RTO चालान APK भेजकर मोबाइल हैक किया गया।

    ❓ कितनी रकम की ठगी हुई?

    ➡️ करीब 21 लाख रुपये

    ❓ आरोपी कौन है?

    ➡️ सूरत का 25 वर्षीय युवक, बीकॉम छात्र।

    ❓ क्या पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है?

    ➡️ हां, मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

  • कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज से सुराग मिला, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिरों की दानपेटियों को ही निशाना बनाते थे और इससे पहले भी कई जगह ऐसी वारदात कर चुके हैं।

    कांदीवली में कहां और कैसे हुई चोरी

    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम स्थित एस.वी. रोड पर मौजूद शंकर मंदिर में हुई। यह मंदिर जलई लोहाणा मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
    आरोपियों ने देर रात मंदिर की दानपेटी तोड़ी और उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

    इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विपुल जतानीय (57) ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –

    • प्रशांत पांडुरंग चोराट (30)
    • अलीराज उर्फ अली सईनुर खान (38)

    अलीराज खान को मीरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रशांत चोराट को महाराष्ट्र के सतारा जिले से पकड़ा गया। इस चोरी में शामिल तीसरा आरोपी गणेश उर्फ गन्या फिलहाल फरार है।

    क्या है आरोपियों का तरीका (Modus Operandi)

    पुलिस के मुताबिक,

    • अलीराज खान पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और पोलियो की वजह से उसका एक पैर कमजोर है।
    • वहीं प्रशांत चोराट आदतन अपराधी है और मंदिरों की दानपेटी चोरी करने में माहिर बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर कांदिवली मंदिर की चोरी की थी। चोरी के पैसों में से अलीराज खान को 15 हजार रुपये का हिस्सा मिला था।

    CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

    डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर करण सोनकावड़े के मार्गदर्शन में एपीआई हेमंत गीते और उनकी टीम ने जांच शुरू की।
    आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक ऑटो रिक्शा चोरी के समय संदिग्ध रूप से नजर आया।

    ऑटो की जानकारी जुटाते हुए पुलिस मीरा रोड के पेनकरपाड़ा इलाके तक पहुंची। वहां से अलीराज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम बताए।

    सतारा से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

    अलीराज की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत उर्फ पक्या चोराट सतारा जिले में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर पुलिस टीम सतारा गई और वाई तालुका के कोंडावली खुर्द गांव से उसे गिरफ्तार किया।

    तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 13 हजार रुपये से ज्यादा नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।

    और भी मंदिर चोरी में शामिल होने का शक

    पूछताछ में प्रशांत चोराट ने कबूल किया कि कांदिवली की घटना के कुछ दिन बाद उसने कुरार इलाके में भी एक मंदिर में चोरी की थी।
    पुलिस का कहना है कि आरोपी पेशेवर चोर है और खासतौर पर मंदिरों को ही निशाना बनाता है।

    पुलिस कस्टडी और आगे की कार्रवाई

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गणेश उर्फ गन्या की तलाश में जुटी हुई है और अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है।


    FAQ

    Q1. कांदिवली मंदिर चोरी कब हुई थी?
    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में हुई थी।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

    Q3. चोरी में कितनी रकम गई थी?
    करीब 50 हजार रुपये की चोरी हुई थी।

    Q4. क्या आरोपी पहले भी चोरी कर चुके हैं?
    हां, मुख्य आरोपी ने कुरार इलाके में मंदिर चोरी की बात भी कबूल की है।

  • 15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    मालाड ईस्ट के शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट में 15 साल की देरी पर MahaRERA ने शेठ डेवलपर्स को 15 फ्लैट खरीदारों को ब्याज देने और बिक्री समझौता रजिस्टर करने का आदेश दिया।

    मुंबई: मालाड ईस्ट में शेठ डेवलपर्स की आवासीय परियोजना शेठ ब्लू आइवी में करीब 15 साल की देरी को गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (MahaRERA) ने बड़ा फैसला सुनाया है। MahaRERA ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह 15 फ्लैट खरीदारों को जुलाई 2022 से फ्लैट का कब्जा मिलने तक ब्याज दे और साल 2010 से लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित कर रजिस्टर करे।

    क्या है पूरा मामला

    शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट, जिसे शुरुआत में वसंत पर्ल नाम से बेचा गया था, उसमें 2010 से 2012 के बीच 15 लोगों ने फ्लैट बुक किए थे। उस समय बिल्डर ने 36 महीने में निर्माण पूरा करने और 42 महीने में कब्जा देने का वादा किया था। लेकिन सालों बीतने के बावजूद खरीदारों को न तो फ्लैट मिले और न ही पक्का जवाब।

    लंबे इंतजार और परेशानी के बाद इन सभी खरीदारों ने 2023 से 2025 के बीच MahaRERA का दरवाजा खटखटाया।

    खरीदारों की शिकायत क्या थी

    खरीदारों की ओर से पेश वकीलों गिरीश केडिया और हर्षद भडभडे ने बताया कि बिल्डर ने सिर्फ अलॉटमेंट लेटर दिया था, लेकिन बिक्री का एग्रीमेंट कभी रजिस्टर नहीं किया।
    इस बीच प्रोजेक्ट का लेआउट बदला गया, फ्लैट नंबर बदले गए और कब्जे की तारीख का कोई जिक्र नहीं किया गया।

    खरीदारों का कहना था कि

    • 2013 से 2023 तक उन्होंने कई बार जानकारी मांगी
    • साइट पर लंबे समय तक काम बंद रहा
    • कई खरीदार किराए के मकानों में रहने को मजबूर हुए
    • आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा

    इसी आधार पर उन्होंने 42.8 लाख रुपये से लेकर 2.28 करोड़ रुपये तक मुआवजे की मांग की थी।

    बिल्डर का पक्ष

    MahaRERA में शेठ डेवलपर्स ने सफाई देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले की वजह से करीब छह साल तक अटका रहा। कोर्ट के आदेश के चलते न तो निर्माण हो सका और न ही एग्रीमेंट रजिस्टर हो पाए।
    बिल्डर के मुताबिक अप्रैल 2024 में काम दोबारा शुरू हुआ।

    कंपनी ने यह भी कहा कि उसने सभी खरीदारों को रिफंड का विकल्प दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने प्रोजेक्ट में बने रहने का फैसला किया।

    प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति

    MahaRERA की वेबसाइट के अनुसार

    • पहले प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख: 30 जून 2022
    • संशोधित तारीख: 30 जून 2023
    • अब नई डेडलाइन: 28 नवंबर 2027

    यानी खरीदारों को अभी भी और इंतजार करना होगा।

    MahaRERA का फैसला

    MahaRERA के अध्यक्ष मनोज सौनिक ने 11 दिसंबर को आदेश दिया कि

    • बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक खरीदारों को ब्याज देना होगा
    • जितनी रकम खरीदारों ने दी है, उस पर ब्याज लागू होगा
    • सभी लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित और रजिस्टर करना होगा

    हालांकि, MahaRERA ने देरी के लिए अलग से मुआवजा और बढ़ी हुई स्टांप ड्यूटी की भरपाई की मांग को खारिज कर दिया।

    क्यों अहम है यह फैसला

    यह आदेश उन हजारों घर खरीदारों के लिए अहम माना जा रहा है, जो सालों से अटके प्रोजेक्ट्स में फंसे हैं। इससे यह साफ संदेश गया है कि लंबी देरी पर बिल्डरों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।


    FAQ

    Q1. MahaRERA ने बिल्डर को क्या आदेश दिया है?
    बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक ब्याज देने और बिक्री समझौते रजिस्टर करने का आदेश दिया गया है।

    Q2. कितने खरीदारों को राहत मिली है?
    कुल 15 फ्लैट खरीदारों को यह राहत मिली है।

    Q3. क्या खरीदारों को मुआवजा मिलेगा?
    नहीं, MahaRERA ने अलग से मुआवजे और स्टांप ड्यूटी की मांग खारिज कर दी है।

    Q4. प्रोजेक्ट कब तक पूरा होना है?
    नई समयसीमा के अनुसार 28 नवंबर 2027 तक।

  • मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई के मालाड ईस्ट स्थित एक होटल के कमरे में इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर छुपा कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। कपल की शिकायत पर दिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में एक होटल के कमरे में छुपा कैमरा मिलने से मेहमानों की सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक युवा कपल ने इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर लगे मिनी स्पाई कैमरे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिंडोशी पुलिस ने डिवाइस जब्त कर फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    मालाड ईस्ट के होटल में चौंकाने वाली घटना

    यह घटना दफ्तरी रोड, मालाड ईस्ट स्थित प्रगति शॉपिंग सेंटर की तीसरी मंज़िल पर मौजूद A1 होटल की है। शिकायतकर्ता 21 वर्षीय युवती अपने मंगेतर के साथ 27 दिसंबर की रात करीब 9:40 बजे होटल में चेक-इन कर रूम नंबर A-3 में ठहरी थी।

    अगली सुबह करीब 9 बजे, युवती की नज़र कमरे के दरवाज़े के पास एक ऐसे इलेक्ट्रिक सॉकेट पर पड़ी, जो इस्तेमाल में नहीं था। वहां से एक पतली वायर बाहर निकली हुई दिखाई दी।

    इलेक्ट्रिक प्लग के अंदर छुपा था मिनी कैमरा

    सॉकेट की बारीकी से जांच करने पर कपल को उसके अंदर मिनी स्पाई कैमरा छुपा हुआ मिला। यह देखते ही दोनों घबरा गए और तुरंत 103 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

    दिंडोशी पुलिस मौके पर पहुंची और कैमरे को जब्त कर लिया।

    होटल मालिक और स्टाफ पर गंभीर आरोप

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि
    होटल मालिक, मैनेजर और अन्य संबंधित लोगों ने जानबूझकर कैमरा लगाया, ताकि होटल में ठहरने वाले मेहमानों की बिना अनुमति गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग की जा सके।

    आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
    जब्त किए गए कैमरे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

    फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस यह जांच कर रही है कि

    • क्या होटल के अन्य कमरों में भी ऐसे कैमरे लगे हैं?
    • क्या पहले भी मेहमानों की रिकॉर्डिंग की गई है?

    होटल मैनेजमेंट से संपर्क नहीं

    मामले पर होटल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन होटल स्टाफ ने मैनेजर का संपर्क नंबर देने से इनकार कर दिया।

    स्पाई कैमरा कैसे पहचानें? (Safety Tips)

    साइबर और सुरक्षा विशेषज्ञ दीप मेहता (Ernst & Young LLP) ने कुछ आसान उपाय बताए हैं:

    • 📱 फोन कॉल टेस्ट: संदिग्ध जगह के पास कॉल करें, अगर आवाज़ में रुकावट आए तो डिवाइस हो सकता है
    • 📻 FM रेडियो: फोन का FM रेडियो चालू कर सॉकेट, बाथरूम या दीवारों के पास रखें
    • 🔍 बग डिटेक्टर डिवाइस: अक्सर यात्रा करने वालों को पोर्टेबल डिटेक्टर साथ रखना चाहिए
    • इलेक्ट्रिक टेस्टर: सॉकेट के पास लगाने से नकली या डमी फिटिंग का पता चलता है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    मालाड ईस्ट, दफ्तरी रोड स्थित A1 होटल में।

    Q2. कैमरा कहां छुपाया गया था?
    कमरे के दरवाज़े के पास एक अनयूज्ड इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर।

    Q3. पुलिस ने कौन-सी कार्रवाई की?
    कैमरा जब्त कर फॉरेंसिक जांच भेजा गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. क्या कोई गिरफ्तारी हुई है?
    फिलहाल नहीं, जांच जारी है।

    Q5. होटल में ठहरते समय क्या सावधानी रखें?
    कमरे के सॉकेट, बाथरूम, दीवारों और लाइट फिटिंग की जांच ज़रूर करें।

  • वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने का मामला सामने आया है। ASI के नियमों के उल्लंघन पर वसई पुलिस ने प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच जारी है।

    वसई (पालघर): ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाने के आरोप में वसई पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि चूल्हा उन पत्थरों पर जलाया गया, जिन पर सैकड़ों साल पुराने शिलालेख मौजूद हैं। इस घटना से पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है।

    ASI के नियमों का उल्लंघन

    पुलिस के मुताबिक, मुंबई के मालाड स्थित ‘आरंभ एंटरटेनमेंट’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी को 18 और 19 दिसंबर को वसई किले में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सख्त शर्तों के साथ दी गई थी।
    इसके बावजूद शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के भीतर चूल्हा जलाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

    संरक्षित स्मारक को खतरा

    पुरातत्व विभाग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कृत्य प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है। जिस स्थान पर चूल्हा जलाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
    यही वह स्थान बताया जाता है, जहां मराठों और पुर्तगालियों के बीच ऐतिहासिक संधि वार्ता हुई थी।

    वसई किले का ऐतिहासिक महत्व

    1536 में पुर्तगालियों द्वारा निर्मित वसई किला 109 एकड़ में फैला हुआ है। तीन तरफ से समुद्र और दलदली इलाके से घिरा यह किला करीब 30 फीट ऊंची दीवारों से सुरक्षित है।
    बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति चिमाजी अप्पा ने इसे जीतकर मराठा शौर्य का प्रतीक बना दिया। किले में फ्रांसिस्कन चर्च समेत कई रोमन कैथोलिक मिशनों के अवशेष मौजूद हैं।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि इससे पहले भी फिल्म ‘कांतारा 2’ की शूटिंग के दौरान किले के भीतर जलती मशालें फेंके जाने का आरोप लगा था। उस समय भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    विरासत प्रेमियों का आरोप

    हेरिटेज एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि शूटिंग फीस के बदले नियमों की अनदेखी की जाती है।
    एक स्थानीय इतिहास प्रेमी ने कहा,

    “अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही, तो वसई किले की ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी।”

    पुलिस जांच जारी

    वसई पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    FAQ

    Q1. वसई किले में क्या घटना हुई?
    फिल्म शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाया गया।

    Q2. किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
    मुंबई की आरंभ एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ।

    Q3. किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
    प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत।

    Q4. पुलिस जांच की स्थिति क्या है?
    मामले की जांच जारी है।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत फेम अभिनेता गजेंद्र चौहान साइबर फ्रॉड का शिकार हुए। फेसबुक विज्ञापन के जरिए ₹98 हजार की ठगी हुई, लेकिन मुंबई पुलिस की तत्परता से पूरी रकम वापस मिली।

    मुंबई: टीवी धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए। फेसबुक पर दिखे एक फर्जी विज्ञापन के झांसे में आकर उनके बैंक खाते से ₹98,000 कट गए। हालांकि, ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरी रकम कुछ ही समय में अभिनेता के खाते में वापस करा दी।

    📍 कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?

    69 वर्षीय गजेंद्र चौहान अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला-ओशिवारा इलाके में रहते हैं।
    10 दिसंबर को उन्होंने फेसबुक पर
    👉 डी-मार्ट के नाम से ड्राई फ्रूट्स पर भारी छूट का एक विज्ञापन देखा

    • लिंक पर क्लिक कर ऑर्डर किया
    • मोबाइल पर OTP आया
    • कुछ ही देर बाद मैसेज मिला कि
      👉 HDFC बैंक अकाउंट से ₹98,000 डेबिट हो गए

    तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत की पुलिस से शिकायत

    धोखाधड़ी का एहसास होते ही
    👉 गजेंद्र चौहान ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की
    👉 साथ ही ओशिवारा पुलिस से संपर्क किया

    पुलिस ने बिना देरी किए केस की जांच शुरू कर दी।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की फुर्ती लाई रंग

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चव्हाण और पुलिस निरीक्षक आनंद पगारे के मार्गदर्शन में
    ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम ने तेजी से कार्रवाई की।

    इस टीम में शामिल थे:

    • साइबर सब-इंस्पेक्टर शरद देवरे
    • एपीआई अशोक कोंडे
    • कॉन्स्टेबल विक्रम सरनोबत

    जांच में सामने आया कि
    👉 ठगी की रकम Razorpay के जरिए Croma से जुड़े एक अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी।

    💰 ऐसे वापस मिले पूरे ₹98,000

    पुलिस ने तुरंत
    👉 HDFC बैंक
    👉 Razorpay
    👉 Croma

    के नोडल अधिकारियों से ई-मेल के जरिए संपर्क किया।
    समय रहते ट्रांजैक्शन होल्ड कराया गया और
    👉 पूरी रकम अभिनेता के अकाउंट में वापस ट्रांसफर कर दी गई।

    🙏 अभिनेता ने पुलिस को कहा धन्यवाद

    गजेंद्र चौहान ने
    👉 मुंबई पुलिस
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम

    की तारीफ करते हुए कहा कि
    “अगर समय पर कार्रवाई न होती तो पैसा वापस मिलना मुश्किल था।”

    🎭 गजेंद्र सिंह चौहान के बारे में

    • जन्म: 10 अक्टूबर 1956, दिल्ली
    • शिक्षा:
    • रामजस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दिल्ली
    • AIIMS से रेडियोग्राफी में डिप्लोमा
    • अभिनय प्रशिक्षण: रोशन तनेजा एक्टिंग स्कूल, मुंबई

    करियर:

    • टीवी डेब्यू: Paying Guest (1983)
    • चर्चित सीरियल: राजनी, एयर होस्टेस, अदालत
    • फिल्म डेब्यू: मैं चुप नहीं रहूंगी (1986)
    • सबसे बड़ी पहचान: बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में युधिष्ठिर

    ⚠️ साइबर सेफ्टी पर पुलिस की सलाह

    • सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करें
    • अनजान लिंक पर क्लिक न करें
    • OTP किसी से साझा न करें
    • ठगी होते ही 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. गजेंद्र चौहान के साथ कितनी रकम की ठगी हुई?
    👉 ₹98,000

    Q2. ठगी किस माध्यम से हुई?
    👉 फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन के जरिए

    Q3. पैसा वापस कैसे मिला?
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से

    Q4. शिकायत कहां की गई थी?
    👉 1930 साइबर हेल्पलाइन और ओशिवारा पुलिस स्टेशन

  • Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में चार aspiring actors ने एक कारोबारी को उसका Nude Video वायरल करने की धमकी देकर 6 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की। पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मायानगरी मुंबई शहर में ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चार उभरते कलाकारों (aspiring actors) ने एक कारोबारी को उसके न्यूड वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने की कोशिश की। पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस ने गोराई इलाके में जाल बिछाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।

    🚨 क्या है Nude Video का पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के मुताबिक,

    • पीड़ित कारोबारी की उम्र 37 साल है
    • सोमवार को उसे अचानक उसके न्यूड वीडियो भेजे गए
    • साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई

    आरोपियों ने पहले
    👉 9 लाख रुपये की मांग की
    बाद में रकम घटाकर
    👉 6 लाख रुपये कर दी

    घबराए कारोबारी ने पैसे देने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क किया।

    Malad-pilice-station-latest-news

    👥 कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

    पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • अनमोल राज अरोड़ा
    • लकी संतोष वर्मा
    • हिमांशु योगेश कुमार
    • दीपाली विनोद सिंह

    पुलिस के अनुसार, ये सभी
    👉 फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम पाने की कोशिश कर रहे aspiring actors हैं।

    🎥 कैसे रिकॉर्ड हुआ न्यूड वीडियो?

    जांच में सामने आया कि:

    • आरोपी अनमोल अरोड़ा पीड़ित का परिचित था
    • दोनों साथ में पार्टी किया करते थे
    • इसी दौरान अनमोल ने चुपचाप न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लिया

    बाद में उसी वीडियो का इस्तेमाल कर
    👉 कारोबारी को ब्लैकमेल किया गया।

    🚔 पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?

    मालाड पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद
    👉 पीड़ित को निर्देश दिया कि वह आरोपियों को
    👉 गोराई इलाके में पैसे लेने के लिए बुलाए

    जैसे ही चारों आरोपी तय जगह पर पहुंचे,
    👉 पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • आईटी एक्ट (Information Technology Act)

    के तहत
    👉 ब्लैकमेलिंग
    👉 जबरन वसूली
    👉 साइबर अपराध
    जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    🔍 आगे की जांच जारी

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या आरोपियों ने पहले भी किसी और को ब्लैकमेल किया है?
    • वीडियो कहां-कहां शेयर किया गया?
    • क्या इसमें कोई और भी शामिल है?

    डिजिटल सबूतों और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि
    👉 निजी पलों के वीडियो/फोटो को लेकर सतर्क रहें
    👉 ब्लैकमेलिंग की स्थिति में डरें नहीं
    👉 तुरंत पुलिस से संपर्क करें


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 चार आरोपी।

    Q3. कितनी रकम की मांग की गई थी?
    👉 पहले 9 लाख, बाद में 6 लाख रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 सभी उभरते अभिनेता (aspiring actors) हैं।

  • मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई के बोरीवली में एग्जाम पेपर लीक का मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर ने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान से गणित की परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में परीक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। बोरीवली की एक ट्यूशन टीचर पर आरोप है कि उसने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान के साथ परीक्षा में बैठाया और उससे गणित का प्रश्नपत्र लीक करवाया। मामला सामने आने के बाद बोरीवली पुलिस ने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    📚 किस परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा?

    यह मामला एक प्रतिष्ठित मैथ्स फोरम द्वारा आयोजित की जाने वाली मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम से जुड़ा है।
    यह परीक्षा हर साल
    👉 कक्षा 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

    परीक्षा के लिए:

    • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है
    • फीस जमा करनी होती है
    • उम्मीदवार को हॉल टिकट दिया जाता है

    🏫 गोराई परीक्षा केंद्र पर कैसे खुला राज?

    रविवार को बोरीवली के गोराई स्थित परीक्षा केंद्र पर

    • दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा थी
    • चार कमरों में 139 छात्र परीक्षा दे रहे थे

    करीब 1:30 बजे एक कमरे के सुपरवाइजर को
    👉 एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं
    👉 वह बार-बार प्रश्नपत्र लेकर वॉशरूम जा रहा था

    तलाशी लेने पर:

    • छात्र के पास मोबाइल फोन मिला
    • मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप पर दोपहर 12 बजे से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे

    📱 “राखी बहन” को भेज रहा था पेपर!

    फोन चेक करने पर छात्र ने दावा किया कि
    👉 वह प्रश्नपत्र अपनी “राखी बहन” को भेज रहा है

    लेकिन जब उसकी जानकारी ली गई तो:

    • हॉल टिकट पर नाम फर्जी निकला
    • माता-पिता के फोन नंबर गलत थे
    • स्कूल का नाम भी झूठा बताया
    • जन्मतिथि बताने से इनकार कर दिया

    इसके बाद केंद्र के प्रिंसिपल छात्र को लेकर सीधे बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचे।

    👩‍🏫 पुलिस स्टेशन पहुंची ‘मां’, निकली ट्यूशन टीचर

    पुलिस स्टेशन में एक महिला पहुंची और
    👉 खुद को छात्र की मां बताने लगी

    लेकिन जब पुलिस ने

    • आधार कार्ड या पहचान पत्र मांगा
      तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।

    जांच में खुलासा हुआ कि:

    • छात्र मालाड के एक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है
    • महिला उसकी ट्यूशन टीचर है
    • वह गणित और अंग्रेजी पढ़ाती थी

    🚔 टीचर ने रची पूरी साजिश

    पुलिस के मुताबिक:
    👉 ट्यूशन टीचर ने ही छात्र को
    👉 फर्जी पहचान से परीक्षा में बैठने को कहा
    👉 और प्रश्नपत्र बाहर भेजने की योजना बनाई

    चौंकाने वाली बात यह है कि
    ❗ छात्र के माता-पिता को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी

    ⚖️ पुलिस की कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस ने

    • परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है
    • मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है
    • व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी है

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
    👉 क्या पहले भी इस तरह से परीक्षा में धांधली की गई है।

    ⚠️ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने

    • परीक्षा केंद्र की सुरक्षा
    • पहचान जांच की प्रक्रिया
      पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
    👉 ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई
    👉 और तकनीकी निगरानी जरूरी है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के बोरीवली इलाके का।

    Q2. छात्र की उम्र कितनी है?
    👉 14 साल।

    Q3. किस परीक्षा का पेपर लीक हुआ?
    👉 मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 छात्र की ट्यूशन टीचर।