Mumbai News: वर्सोवा से दहिसर तक 22 किमी लंबे सागरी किनारा मार्ग को CRZ और वन विभाग की मंजूरी मिल गई है। जानिए लागत, रूट, फायदे और लेटेस्ट अपडेट।
मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगरों के लिए गेमचेंजर माने जा रहे वर्सोवा से दहिसर Coastal Road को लेकर बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से CRZ (कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन) की वजह से अटका हुआ प्रोजेक्ट अब तेज़ी से आगे बढ़ेगा। वन विभाग की ज़रूरी मंजूरी मिलते ही इस रूट के CRZ इलाकों में रुका काम दोबारा शुरू होने जा रहा है। करीब 22 किलोमीटर लंबे इस सागरी मार्ग के पूरा होने से पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
CRZ की वजह से क्यों रुका था काम?
वर्सोवा–दहिसर Coastal Road के कुछ हिस्से ऐसे इलाकों से गुजरते हैं, जहां कांदळवन (मैंग्रोव) और घने पेड़ मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण के लिए CRZ के तहत अलग-अलग मंजूरियां जरूरी थीं।
हालांकि ज़्यादातर अनुमति पहले ही मिल चुकी थीं, लेकिन वन विभाग की अंतिम मंजूरी न मिलने से इन हिस्सों का काम ठप पड़ा था।
अब मुंबई महानगरपालिका (BMC) को यह मंजूरी मिल गई है, जिससे लंबे समय से रुका काम दोबारा रफ्तार पकड़ेगा।
BMC का बयान: अब तेज़ी से आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट
BMC के अतिरिक्त आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर के मुताबिक,
“वन विभाग से जरूरी अनुमति मिल चुकी है। CRZ क्षेत्र में भी जल्द काम शुरू किया जाएगा। बाकी हिस्सों में निर्माण पहले से जारी है।”
इस मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट की टाइमलाइन पर पड़े असर को कम करने की कोशिश की जाएगी।
छह चरणों में बनेगा 22 KM लंबा Coastal Road
वर्सोवा से दहिसर तक बनने वाला यह सागरी किनारा मार्ग कुल छह चरणों (Phases) में विकसित किया जाएगा।
मुख्य डिटेल्स:
- 📏 कुल लंबाई: लगभग 22 किलोमीटर
- 💰 कुल लागत: करीब ₹16,621 करोड़
- 🛣️ डिज़ाइन:
- कुछ हिस्सों में डबल डेकर एलिवेटेड रोड
- कुछ जगहों पर खाड़ी के नीचे टनल (Tunnel)
यह प्रोजेक्ट टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों के लिहाज से मुंबई के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
पश्चिम–पूर्व एक्सप्रेस हाईवे को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
इस सागरी मार्ग को गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड (GMLR) से जोड़ा जाएगा। इससे:
- पश्चिमी उपनगरों से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक पहुंच आसान होगी
- रोज़ाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी
इसके अलावा, इस रोड को भविष्य में दहिसर–भाईंदर एलिवेटेड रोड से जोड़ने का भी प्रस्ताव है, जिससे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
ट्रैफिक में बड़ा बदलाव, सफर होगा फास्ट
मरिन ड्राइव–वरळी सागरी मार्ग के बाद अब वर्सोवा–दहिसर सागरी रोड से मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
- लिंक रोड और SV रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा
- पीक आवर्स में सफर का समय घटेगा
- पश्चिमी उपनगरों का कोस्टल एरिया सीधे हाई-स्पीड रोड से जुड़ेगा
FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. वर्सोवा–दहिसर सागरी मार्ग की कुल लंबाई कितनी है?
👉 लगभग 22 किलोमीटर।
Q2. यह प्रोजेक्ट क्यों अटका हुआ था?
👉 CRZ क्षेत्र में वन विभाग की मंजूरी न मिलने के कारण।
Q3. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
👉 करीब ₹16,621 करोड़।
Q4. इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
👉 ट्रैफिक कम होगा, सफर तेज़ और आरामदायक बनेगा।
Q5. क्या यह रोड पूर्वी मुंबई से भी जुड़ेगा?
👉 हां, गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड के ज़रिए।
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