मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

ICMR-NIRRCH ने पुरुषों में पाई जाने वाली दुर्लभ इंफर्टिलिटी CBAVD से जुड़ा एक नया X-लिंक्ड जीन ADGRG2 खोजा है, जो मां से बेटे में आता है। इससे इलाज और IVF प्रक्रिया से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग में मिलेगी नई दिशा।

क्या है CBAVD और क्यों है ये चर्चा में?

मुंबई के Parel स्थित ICMR-National Institute for Research in Reproductive Health (ICMR-NIRRCH) के वैज्ञानिकों ने पुरुषों की एक दुर्लभ इंफर्टिलिटी बीमारी Congenital Bilateral Absence of the Vas Deferens (CBAVD) से जुड़े नए जीन ADGRG2 की खोज की है।

ये बीमारी तब होती है जब पुरुष के शरीर में स्पर्म ले जाने वाली दोनों नलियाँ (vas deferens) जन्म से ही नहीं होतीं। इसका इलाज संभव नहीं है और IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ही एकमात्र उपाय माना जाता है।

रिसर्च में क्या मिला?

इस रिसर्च की शुरुआत 2011 में हुई थी, लेकिन असली गति 2019 से मिली। अब 2025 में प्रकाशित इस पेपर में बताया गया कि:

  • 93 पुरुषों की स्टडी में से 19 में पहले से ज्ञात CFTR जीन की कोई म्युटेशन नहीं मिली।
  • इन 19 मरीजों पर Whole Exome Sequencing तकनीक से जांच की गई।
  • इसमें 2 पुरुषों में एक नया जीन ADGRG2 की म्युटेशन पाई गई। यह जीन X-क्रोमोज़ोम से जुड़ा है और मां से बेटे को ट्रांसफर होता है।

ये भारत में पहली बार है जब इस जीन की CBAVD से कनेक्शन की पुष्टि हुई है।

भारत में CBAVD की स्थिति

  • CBAVD: भारत में पुरुषों की इंफर्टिलिटी के कुल मामलों में से 2-3% इसी से जुड़े होते हैं।
  • CUAVD: जब एक ही नली गायब होती है, तो इसे Congenital Unilateral Absence of the Vas Deferens (CUAVD) कहा जाता है, और यह बहुत ही दुर्लभ (0.04%) होता है।
  • 25% पुरुष जिनमें Obstructive Azoospermia (सीमन में स्पर्म न होना) पाया जाता है, उनमें CBAVD की पुष्टि होती है।

डॉक्टरों की राय

डॉ. प्रकाश पवार (यूरोलॉजिस्ट, सायन हॉस्पिटल) कहते हैं:

“इंफर्टिलिटी को लेकर समाज में काफी कलंक है, और अधिकतर महिलाओं को दोष दिया जाता है, जबकि कारण पुरुषों में होता है।”

डॉ. राहुल गजबिये (प्रमुख वैज्ञानिक, ICMR-NIRRCH) का मानना है कि:

“अब हमें IVF से पहले CFTR, ADGRG2 और अन्य संभावित जीन की जांच करनी चाहिए। Whole Exome Sequencing अब जरूरी बन गई है।”

इलाज में क्या होगा बदलाव?

इस रिसर्च के बाद संभावित बदलाव:

  • IVF से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग का सुझाव।
  • Intracytoplasmic Sperm Injection (ICSI) से पहले जीन चेकअप का सुझाव।
  • सही कारण मिलने से बेहतर जेनेटिक काउंसलिंग और इलाज की दिशा तय होगी।
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