मुंबई के रानीबाग में 12 साल बाद एशियाई शेरों की वापसी का रास्ता साफ हुआ है। गुजरात से 2 नर और 2 मादा शेर मिलेंगे, बदले में 6 बंदर दिए जाएंगे।
मुंबई: भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान एवं प्राणिसंग्रहालय (रानीबाग) में 12 साल बाद एशियाई शेरों की वापसी की उम्मीद बढ़ गई है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ के साकरबाग प्राणिसंग्रहालय और मुंबई के रानीबाग के बीच वन्यजीवों की अदला-बदली के लिए समझौते की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के तहत मुंबई को दो नर और दो मादा सहित कुल चार एशियाई शेर मिलेंगे। इसके बदले रानीबाग प्रशासन साकरबाग को टफ्टेड कैपुचिन बंदरों के तीन जोड़े देगा।

मुंबई की महापौर रितु राजेश तावड़े ने 4 नवंबर 2026 को गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भूपेंद्र पटेल से मुलाकात कर इस प्रस्ताव पर चर्चा की। बैठक के बाद गुजरात सरकार ने संबंधित प्रशासन को जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका को गुजरात सरकार की ओर से लिखित मंजूरी और दोनों प्राणिसंग्रहालयों के बीच समझौते का मसौदा मिलने की उम्मीद है।
चार एशियाई शेरों के बदले दिए जाएंगे छह बंदर
इस वन्यजीव अदला-बदली योजना में जूनागढ़ के साकरबाग प्राणिसंग्रहालय से मुंबई को चार एशियाई शेर दिए जाने हैं। इनमें दो नर और दो मादा शामिल होंगे। इसके बदले मुंबई का रानीबाग साकरबाग को टफ्टेड कैपुचिन बंदरों के छह जोड़े नहीं, बल्कि तीन जोड़े यानी कुल छह बंदर देगा। इनमें तीन नर और तीन मादा होंगे।

दोनों प्राणिसंग्रहालय इस प्रस्ताव पर पहले ही सहमति जता चुके हैं। बंदरों की व्यवस्था विदेश से अधिकृत एजेंसी के माध्यम से किए जाने की योजना है। इन्हें भारत लाने के बाद सीधे साकरबाग पहुंचाने का प्रस्ताव भी सामने आया था, ताकि उन्हें पहले मुंबई लाकर दोबारा स्थानांतरित न करना पड़े। इस प्रक्रिया में बंदरों की स्वास्थ्य जांच और नए वातावरण के अनुकूल होने की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
2014 में आखिरी शेरनी की मौत के बाद खाली है बाड़ा
रानीबाग में शेरों की वापसी की योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां लंबे समय से शेर मौजूद नहीं हैं। चिड़ियाघर की आखिरी शेरनी जिमी की 9 दिसंबर 2014 को मृत्यु हो गई थी। उसकी उम्र करीब 16 साल 8 महीने थी। जिमी अफ्रीकी नर शेर अमर और एशियाई शेरनी अनीता की संतान थी।

इसके बाद से रानीबाग में शेरों का बाड़ा खाली पड़ा था। मुंबई में एशियाई शेर लाने के लिए पहले भी प्रयास किए गए थे। वर्ष 2019 में भी साकरबाग से शेर लाने की योजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन उस समय जानवरों की अदला-बदली से जुड़ी व्यवस्था पूरी नहीं हो सकी और प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। अब नए सिरे से हुई बातचीत के बाद इस योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रगति हुई है।
गिर वन की तर्ज पर तैयार किया गया शेरों का बाड़ा
रानीबाग में एशियाई शेरों के रहने के लिए आधुनिक बाड़ा तैयार किया गया है। इसका निर्माण केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की मंजूरी वाले अंतिम मास्टर प्लान के अनुसार किया गया है। करीब 2,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में तैयार इस बाड़े को गुजरात के गिर वन के प्राकृतिक वातावरण की तर्ज पर विकसित किया गया है।

इसमें शेरों के आराम करने, घूमने और रहने के लिए जरूरी सुविधाएं बनाई गई हैं। पर्यटकों के लिए भी शेरों को देखने की विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे में शेरों के मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें रखने के लिए बुनियादी ढांचा पहले से तैयार रहेगा।
रानीबाग में बढ़ सकता है पर्यटकों का आकर्षण
रानीबाग मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां पेंगुइन और बाघ सहित कई वन्यजीव पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान चिड़ियाघर में करीब 25.42 लाख पर्यटक पहुंचे थे और इससे लगभग 9.85 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई थी।
एशियाई शेरों के आने से रानीबाग में एक नया आकर्षण जुड़ने की उम्मीद है। इससे खासकर बच्चों, परिवारों और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोगों को शेरों को करीब से देखने और उनके संरक्षण के बारे में जानने का मौका मिलेगा। हालांकि, पर्यटकों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका अभी कोई निश्चित अनुमान सामने नहीं आया है।
गुजरात के वन राज्यमंत्री से भी मिलीं महापौर
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात के अलावा महापौर रितु तावड़े ने गुजरात के वन राज्यमंत्री प्रवीणकुमार माली से भी गांधीनगर में मुलाकात की। उन्होंने मुंबई के रानीबाग को जल्द एशियाई शेर उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग को जरूरी निर्देश देने का अनुरोध किया।

वन राज्यमंत्री ने महापौर का निवेदन स्वीकार करते हुए उस पर तत्काल टिप्पणी दर्ज की और वन विभाग के प्रधान सचिव को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में ध्रांगध्रा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रकाशभाई वरमोरा, गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव संजीव कुमार, भारतीय गुणवत्ता परिषद के अध्यक्ष जक्षय शाह, बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चिड़ियाघर निदेशक डॉ. संजय त्रिपाठी और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
समझौते के बाद आगे बढ़ेगी शेरों को लाने की प्रक्रिया
गुजरात के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब दोनों प्राणिसंग्रहालयों के बीच औपचारिक समझौते और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम आगे बढ़ेगा। इसके बाद वन्यजीवों के स्थानांतरण, स्वास्थ्य जांच और परिवहन से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी।
शेरों के मुंबई पहुंचने और पर्यटकों के लिए उन्हें देखने की सुविधा शुरू होने की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। हालांकि, गुजरात सरकार की ओर से प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश मिलने के बाद रानीबाग में एशियाई शेरों की वापसी की उम्मीद मजबूत हुई है।
