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मुंबई रेलवे में प्रतिबंधित गुटखा तस्करी के आरोप में दो GRP कांस्टेबल निलंबित। गुजरात से ट्रेनों के जरिए खेप पहुंचाने के आरोपों की जांच जारी।
मुंबई:मुंबई रेलवे पुलिस ने प्रतिबंधित गुटखे की कथित तस्करी में मदद करने के आरोप में दो कांस्टेबलों को निलंबित किया है। 7 सितंबर को की गई इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा केवल दो पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहने के संकेत हैं। आरोप है कि गुजरात से मुंबई तक गुटखे की खेप पहुंचाने के लिए रेलवे की लंबी दूरी की ट्रेनों और उनके भंडारण क्षेत्रों का इस्तेमाल किया जाता था।
निलंबित पुलिसकर्मियों की पहचान अनिल गुजर, बोरीवली रेलवे पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल और तुषार ठाकुर, वसई रेलवे पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल के रूप में हुई है। वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारी के अनुसार, दोनों के खिलाफ एक नागरिक की शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच की गई थी। जांच में उनकी कथित भूमिका सामने आने के बाद मुंबई रेलवे पुलिस आयुक्त एम. राकेश कलासागर ने निलंबन की कार्रवाई की।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों पुलिसकर्मी गुटखा आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में थे और प्रतिबंधित माल की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद करते थे। जांच के दौरान उनकी कथित भूमिका सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई।
मामले को गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि सूत्रों ने आरोप लगाया है कि केवल पुलिसकर्मियों की भूमिका नहीं थी। कथित तौर पर कुछ भंडारण ठेकेदारों को भुगतान कर खेपों की आवाजाही आसान बनाई जाती थी। कुछ रेलवे सुरक्षा बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों को भी नियमित रूप से खेप गुजरने देने के लिए भुगतान किए जाने का आरोप है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच में संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है।
जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक गुटखे के पैकेट काले बैगों में रखकर ट्रेनों में छिपाए जाते थे। एक वीडियो में वातानुकूलित कोच के भंडारण हिस्से में गुटखे से भरे बैग दिखाई देने का दावा किया गया है।
आरोप है कि कुछ खेपें वसई या बोरीवली से ट्रेनों में चढ़ाई जाती थीं और बाद में बांद्रा टर्मिनस पहुंचने के बाद टैक्सी या दूसरे वाहनों के जरिए आगे भेजी जाती थीं। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है।
जिन ट्रेनों के नाम इस मामले से जुड़े आरोपों में सामने आए हैं, उनमें सूर्यनगरी एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल मेल, गरीब रथ एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, भावनगर एक्सप्रेस और हरिद्वार एक्सप्रेस शामिल हैं। हालांकि, इन सभी ट्रेनों के जरिए नियमित रूप से गुटखा तस्करी होने की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
जुलाई में 320 किलो गुटखा पकड़ा गया था
इस कार्रवाई से पहले 30 जुलाई 2026 को बोरीवली रेलवे स्टेशन पर प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। रेलवे विजिलेंस ने बांद्रा टर्मिनस-अजमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कोच एस-2 से करीब 320 किलोग्राम तंबाकू, पान मसाला और गुटखा उत्पाद जब्त किए थे। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.70 लाख रुपये बताई गई थी। एक व्यक्ति को पकड़े जाने के बाद आरोपी और जब्त माल को रेलवे पुलिस के हवाले किया गया था।
हालांकि, जुलाई में पकड़ी गई इस खेप और सितंबर में निलंबित किए गए दोनों कांस्टेबलों के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए दोनों घटनाओं को एक ही गिरोह या नेटवर्क की कार्रवाई के रूप में देखना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
GRP के साथ RPF की भूमिका पर भी सवाल
मौजूदा आरोपों में कुछ रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों की कथित भूमिका का भी उल्लेख है। ऐसे में जांच का एक अहम सवाल यह है कि यदि प्रतिबंधित सामान नियमित रूप से रेलवे के जरिए पहुंच रहा था, तो सुरक्षा और जांच की अलग-अलग व्यवस्थाओं के बावजूद वह लगातार कैसे आगे बढ़ता रहा।
रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की जिम्मेदारियां अलग हैं। GRP राज्य पुलिस व्यवस्था का हिस्सा होकर रेलवे परिसर में अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को संभालती है, जबकि RPF रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित जिम्मेदारियां निभाती है। इसलिए दोनों एजेंसियों से जुड़े किसी भी कर्मचारी की कथित मिलीभगत की पुष्टि होने पर मामला सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का सवाल भी उठेगा।
मुंबई रेलवे में पहले भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई
मुंबई रेलवे पुलिस में पिछले वर्ष भी पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत और भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले सामने आए थे। सितंबर 2025 में पांच महीनों के भीतर 13 GRP कर्मियों को यात्रियों से कथित जबरन वसूली के आरोप में निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई मुंबई सेंट्रल, दादर, कुर्ला, बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली, ठाणे, कल्याण और पनवेल जैसे स्टेशनों से जुड़े मामलों में हुई थी।
इन मामलों में यात्रियों के सामान की जांच के दौरान कथित तौर पर उन्हें ऐसे कमरों में ले जाने की शिकायतें सामने आई थीं, जहां सीसीटीवी निगरानी नहीं थी। बाद में रेलवे पुलिस ने सामान की जांच सीसीटीवी की निगरानी में करने और प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए दिशानिर्देशों पर काम किया था।
इसी दौरान वसई रेलवे स्टेशन से जुड़े एक मामले में तीन GRP कांस्टेबलों को भी कथित वसूली के आरोप में निलंबित किया गया था।
हालांकि, इन पुराने मामलों और वर्तमान गुटखा तस्करी मामले के बीच कोई सीधा संबंध आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।
गुटखा और तंबाकू-युक्त ऐसे खाद्य उत्पादों पर महाराष्ट्र में प्रतिबंध लंबे समय से लागू है। प्रतिबंध का आधार खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत खाद्य पदार्थों में तंबाकू और निकोटीन के इस्तेमाल पर रोक है। इसलिए मामला केवल अवैध बिक्री का नहीं, बल्कि प्रतिबंधित उत्पाद के निर्माण, भंडारण, परिवहन और वितरण से भी जुड़ सकता है।
गुटखा स्वास्थ्य के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और कैंसर अनुसंधान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय स्रोतों के अनुसार धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल मुंह और अन्य कैंसर सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है।
दो कांस्टेबलों के निलंबन के बाद जांच के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। क्या कथित आपूर्तिकर्ताओं की पहचान हुई है? क्या भंडारण ठेकेदारों से पूछताछ की जा रही है? क्या किसी RPF या अन्य सुरक्षा कर्मचारी की भूमिका की औपचारिक जांच हो रही है? क्या जुलाई में पकड़ी गई 320 किलो की खेप और मौजूदा मामले के बीच कोई संबंध सामने आया है?
इसके अलावा, जिन ट्रेनों के नाम जांच से जुड़े आरोपों में सामने आए हैं, उनके सीसीटीवी फुटेज, स्टेशन स्तर के रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी मामले की दिशा स्पष्ट कर सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर दो GRP कांस्टेबलों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है, जबकि कथित व्यापक नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
गोरखपुर से दिल्ली और मुंबई के लिए अमृत भारत ट्रेन की तैयारी है। जानें 14045/14046 का रूट, टाइमिंग, स्टॉपेज और मुंबई सेवा की पूरी जानकारी।
गोरखपुर और पूर्वांचल के रेल यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से बड़ी सुविधा सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे (NER) को Amrit Bharat की दो Sleeper Class रेक आवंटित की हैं। रेलवे की योजना के मुताबिक इनमें से एक रेक को गोरखपुर-दिल्ली और दूसरी को गोरखपुर-मुंबई रूट पर इस्तेमाल किया जाना है। दोनों रूटों पर यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए नई सेवाओं से लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है। दोनों सेवाओं से करीब 3,200 यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लेकिन इस खबर में यात्रियों के लिए एक जरूरी बात है। गोरखपुर-दिल्ली Amrit Bharat की ट्रेन संख्या, समय और प्रस्तावित स्टॉपेज की जानकारी सामने आ चुकी है, जबकि गोरखपुर-मुंबई सेवा के अंतिम ट्रेन नंबर, टर्मिनल, पूरे स्टॉपेज और नियमित परिचालन की तारीख को लेकर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है। आने वाले समय में रेल मंत्रालय इसकी भी विस्तृत घोषणा करने वाली है।
गोरखपुर-दिल्ली Amrit Bharat का ट्रेन नंबर क्या है?
गोरखपुर-दिल्ली के लिए प्रस्तावित Amrit Bharat Express के ट्रेन नंबर 14045 और 14046 हैं।
14045 गोरखपुर से दिल्ली और 14046 दिल्ली से गोरखपुर की दिशा में है। Railway Board से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह सेवा साप्ताहिक होगी और मंगलवार के आसपास overnight operation के साथ चलने की योजना बताई गई है।
प्रस्तावित समय के अनुसार:
ट्रेन
रूट
प्रस्थान
आगमन
14045
Gorakhpur → Old Delhi
रात 9:40 बजे
अगले दिन दोपहर 12:50 बजे
14046
Old Delhi → Gorakhpur
रात 12:40 बजे
अगले दिन दोपहर 3:50 बजे
इस हिसाब से दोनों दिशाओं में यात्रा का समय करीब 15 घंटे 10 मिनट होने का अनुमान है।
हालांकि यात्रियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग online railway platforms पर इस ट्रेन की operational status को लेकर अभी असंगत जानकारी दिखाई देती है। इसलिए actual यात्रा से पहले official railway timetable और booking availability को ही अंतिम मानना बेहतर होगा।
गोरखपुर-दिल्ली Amrit Bharat किन स्टेशनों पर रुकेगी?
Railway Board से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नई गोरखपुर-दिल्ली सेवा के लिए 11 intermediate stoppages बताए गए हैं। प्रमुख route इस प्रकार है:
गोरखपुर → आनंद नगर → सिद्धार्थनगर → बढ़नी → बलरामपुर → गोंडा → बुढ़वल → सीतापुर → शाहजहांपुर → बरेली → मुरादाबाद → गाजियाबाद → Old Delhi
इस route की खास बात यह है कि नई ट्रेन Barhni और Siddharth Nagar के रास्ते दिल्ली जाएगी। इससे इस क्षेत्र के यात्रियों को दिल्ली के लिए अतिरिक्त direct connectivity मिल सकती है।
Basti, Lucknow, Kanpur और Agra को लेकर भ्रम क्यों है?
आपने इस खबर से जुड़ी कई reports में बस्ती, लखनऊ, कानपुर, टूंडला और आगरा जैसे शहरों के नाम देखे होंगे। लेकिन इन स्टेशनों को नई 14045/14046 Gorakhpur-Delhi Amrit Bharat के confirmed stoppages के रूप में नहीं बताया गया है।
इन स्टेशनों वाला corridor दूसरी Amrit Bharat service से संबंधित है। इसलिए यात्रियों को सिर्फ शहर का नाम देखकर नहीं, बल्कि ट्रेन नंबर देखकर अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
गोरखपुर से मुंबई के लिए Amrit Bharat का क्या प्लान है?
रेलवे बोर्ड द्वारा NER को आवंटित दो Amrit Bharat रेक में से एक को गोरखपुर-मुंबई रूट पर चलाने की योजना बताई गई है। खबर के मुताबिक, गोरखपुर से मुंबई के लिए पहले से कई ट्रेनें चलने के बावजूद यात्रियों की मांग काफी ज्यादा है। इसी वजह से अतिरिक्त Amrit Bharat सेवा को उपयोगी माना जा रहा है।
लेकिन यहां सबसे जरूरी सवाल है—मुंबई ट्रेन का final route क्या होगा?
फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय जानकारी में Mumbai service के लिए एक साथ ये सभी चीजें स्पष्ट रूप से confirm नहीं हैं:
ट्रेन नंबर
Mumbai का final terminal
गोरखपुर से departure time
Mumbai arrival time
सप्ताह में कितने दिन चलेगी
सभी confirmed stoppages
regular commercial operation की तारीख
IRCTC booking शुरू होने की तारीख
क्या Mumbai ट्रेन Kota, Ratlam, Vadodara और Surat होकर जाएगी?
रेलवे द्वारा दी गई Online जानकारी में गोरखपुर-मुंबई के संभावित route को लेकर अलग-अलग station lists दिखाई गई है। इनमें Kota, Ratlam, Vadodara, Surat और Borivali जैसे स्टेशन भी बताए गए हैं। लेकिन हम इन सभी स्टेशनों की सूची को नई Gorakhpur-Mumbai Amrit Bharat की final official stoppage list के रूप में पुष्टि नहीं कर सकते।
जब तक Railway Board/Indian Railways का अंतिम timetable सामने नहीं आता, संभावित Mumbai route को confirmed route न मानें।
खबर के मुताबिक, वर्तमान में गोरखपुर से मुंबई के लिए छह ट्रेनें चल रही है, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों के बीच reservation को लेकर लगातार दबाव रहता है। इसी passenger demand को देखते हुए दो नई Amrit Bharat सेवाओं के लिए रेक उपलब्ध कराने की योजना सामने आई।
इसका उद्देश्य उन यात्रियों के लिए अतिरिक्त capacity उपलब्ध कराना है जिन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए affordable Sleeper या General Class विकल्प चाहिए।
किन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
नई सेवाओं का असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ सकता है जो रोजगार, पढ़ाई, इलाज या परिवार से जुड़े कारणों से पूर्वांचल और बड़े महानगरों के बीच नियमित यात्रा करते हैं।
नौकरी और रोजगार के लिए जाने वाले यात्री
दिल्ली और मुंबई दोनों देश के बड़े employment centres हैं। पूर्वांचल से इन शहरों की ओर बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए जाते हैं। अतिरिक्त रेल service उन्हें यात्रा का एक और विकल्प दे सकती है।
प्रवासी कामगार
कम लागत वाली लंबी दूरी की Sleeper connectivity उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो नियमित रूप से काम के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं और समय-समय पर अपने घर लौटते हैं।
Delhi और Mumbai जैसे शहरों में पढ़ने वाले छात्रों को भी अतिरिक्त rail connectivity का फायदा मिल सकता है, खासकर छुट्टियों और परीक्षा के बाद घर लौटने के समय।
मरीज और उनके परिजन
बड़े शहरों में इलाज के लिए जाने वाले यात्रियों के लिए affordable long-distance rail service एक महत्वपूर्ण travel option हो सकती है।
परिवार
दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त ट्रेन का मतलब त्योहारों और पारिवारिक अवसरों पर घर आने-जाने का एक और विकल्प हो सकता है।
Amrit Bharat ट्रेन में क्या खास है?
Amrit Bharat Express को Indian Railways ने मुख्य रूप से affordable long-distance travel के लिए विकसित किया है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक देश में अबतक 72 Amrit Bharat train services उपलब्ध है। सरकार के अनुसार ये trains affordable long-distance connectivity देने पर केंद्रित हैं और low- तथा middle-income families के लिए उपयोगी हैं।
Amrit Bharat trains में General और Sleeper Class coaches के साथ passenger-focused सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें CCTV surveillance, fire detection and suppression systems, emergency communication, बेहतर toilets, charging facilities, improved seats और berths तथा Divyangjan-friendly सुविधाएं शामिल हैं।
इन ट्रेनों का उद्देश्य Vande Bharat जैसी premium service देना नहीं, बल्कि कम और मध्यम आय वाले यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ लंबी दूरी की affordable rail connectivity उपलब्ध कराना है।
क्या Amrit Bharat में AC coach होता है?
Amrit Bharat की मौजूदा service configuration मुख्य रूप से non-AC General और Sleeper Class पर आधारित है।
इसलिए अगर कोई यात्री AC यात्रा की उम्मीद कर रहा है तो उसे Amrit Bharat को Vande Bharat या Rajdhani जैसी AC-focused service से अलग समझना चाहिए।
नई ट्रेन का किराया कितना होगा?
गोरखपुर-दिल्ली और प्रस्तावित गोरखपुर-मुंबई service का final fare official booking data के बिना निश्चित रूप से बताना उचित नहीं होगा।
Amrit Bharat का उद्देश्य affordable travel है, लेकिन किसी specific journey का actual fare दूरी, class, reservation और लागू railway charges के अनुसार तय होता है।
इसलिए किसी दूसरी Amrit Bharat का किराया देखकर Gorakhpur-Delhi या Gorakhpur-Mumbai का exact fare अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
क्या नई ट्रेनों से मौजूदा ट्रेनों की भीड़ कम होगी?
इसका सबसे संभावित फायदा passenger capacity बढ़ने के रूप में हो सकता है।
अगर नई services नियमित रूप से शुरू होती हैं और उनका timetable मौजूदा trains से अलग रहता है, तो कुछ यात्रियों के पास अतिरिक्त विकल्प होगा। इससे खास तौर पर peak travel periods में reservation pressure कम करने में मदद मिल सकती है।
एक आकलन के मुताबिक, दोनों सेवाओं से करीब 3,200 यात्रियों को सुविधा मिलने का अनुमान लगाया जा सकता है। इसे दोनों सेवाओं से जुड़ी reported passenger benefit के रूप में समझना चाहिए, न कि रोजाना 3,200 नए यात्रियों की गारंटी के रूप में।
इसका प्रभाव सिर्फ रेलवे यात्रियों तक सीमित नहीं हो सकता।
पूर्वांचल और बड़े महानगरों के बीच बेहतर rail connectivity से लोगों की employment mobility, education access, medical travel और family mobility आसान हो सकती है।
रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। छात्रों और मरीजों को लंबी दूरी की यात्रा में एक और affordable option मिल सकता है। वहीं त्योहारों और छुट्टियों में घर लौटने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त capacity उपयोगी हो सकती है।
रेलवे स्टेशनों के आसपास छोटे कारोबार, स्थानीय transport, food vendors और अन्य passenger-oriented businesses को भी अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है। हालांकि इन संभावित आर्थिक प्रभावों को अभी किसी निश्चित रकम में नहीं बांधा जा सकता।
क्या गोरखपुर को आगे भी नई Amrit Bharat सेवाएं मिल रही हैं?
गोरखपुर से जुड़ी Amrit Bharat connectivity को केवल Delhi और Mumbai तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए।
2026 में Indian Railways देशभर में Amrit Bharat network का विस्तार कर रही है। सरकार इसे affordable long-distance connectivity बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
इसी व्यापक विस्तार के बीच गोरखपुर जैसे बड़े regional railway hub से Delhi और Mumbai जैसे प्रमुख employment और economic centres को जोड़ने की योजना का महत्व और बढ़ जाता है।
अगर आप गोरखपुर से Delhi या Mumbai जाने की योजना बना रहे हैं तो सिर्फ सोशल मीडिया posts या third-party railway websites देखकर टिकट बुक करने की कोशिश न करें।
खासकर तीन चीजें जरूर जांचें:
पहली: ट्रेन नंबर।
दूसरी: official running date और frequency।
तीसरी: IRCTC/Indian Railways पर वास्तविक booking availability।
Gorakhpur-Delhi के लिए 14045/14046 की route और timing की जानकारी विभिन्न reports में सामने आ चुकी है, लेकिन online railway listings में इसके operational status को लेकर अभी भी अंतर दिखाई देता है।
वहीं Gorakhpur-Mumbai service के मामले में अभी final train number, terminal, stoppages और regular start date की official clarity का इंतजार करना बेहतर है।
Gorakhpur से Delhi Amrit Bharat का ट्रेन नंबर क्या है?
Gorakhpur-Delhi Amrit Bharat के लिए 14045 और 14046 ट्रेन नंबर रिपोर्ट किए गए हैं। 14045 Gorakhpur से Delhi और 14046 Delhi से Gorakhpur की दिशा में है।
Gorakhpur से Delhi Amrit Bharat कितने बजे चलेगी?
प्रस्तावित timetable के अनुसार 14045 Gorakhpur से रात 9:40 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 12:50 बजे Old Delhi पहुंचेगी।
Delhi से Gorakhpur Amrit Bharat कितने बजे चलेगी?
14046 के लिए Old Delhi से रात 12:40 बजे प्रस्थान और अगले दिन दोपहर 3:50 बजे Gorakhpur पहुंचने का समय बताया गया है।
Gorakhpur-Delhi Amrit Bharat किन स्टेशनों पर रुकेगी?
11 intermediate stoppages में आनंद नगर, सिद्धार्थनगर, बढ़नी, बलरामपुर, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद शामिल हैं।
क्या नई Gorakhpur-Delhi Amrit Bharat Lucknow और Kanpur होकर जाएगी?
नहीं। उपलब्ध Railway Board-derived route information के अनुसार नई 14045/14046 service का reported route Lucknow और Kanpur होकर नहीं जाता। Basti-Lucknow-Kanpur-Tundla वाला route दूसरी Amrit Bharat service से संबंधित है।
क्या Gorakhpur से Mumbai के लिए Amrit Bharat चलेगी?
NER को आवंटित दो Amrit Bharat रेक में से एक को Gorakhpur-Mumbai route पर चलाने की योजना है। लेकिन इसकी final timetable और operational details को अभी official confirmation के आधार पर देखना जरूरी है।
क्या Gorakhpur-Mumbai Amrit Bharat Kota, Ratlam और Surat होकर जाएगी?
इन स्टेशनों को लेकर online अलग-अलग route lists उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें अभी नई Gorakhpur-Mumbai Amrit Bharat की final confirmed stoppage list नहीं माना जा सकता।
Gorakhpur-Mumbai Amrit Bharat कब शुरू होगी?
दो रेक आवंटित होने और Mumbai service की योजना की रिपोर्ट सामने आई है, लेकिन final commercial start date को official railway notification से confirm करना जरूरी है।
क्या Amrit Bharat Express AC ट्रेन है?
मौजूदा Amrit Bharat services मुख्य रूप से non-AC General और Sleeper Class configuration पर आधारित हैं। जुलाई 2026 की PIB जानकारी भी इसकी affordable long-distance positioning और मौजूदा coach composition को रेखांकित करती है।
Amrit Bharat में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
इन ट्रेनों में CCTV, fire detection और suppression systems, emergency communication, बेहतर toilets, charging facilities, improved seats और berths तथा Divyangjan-friendly सुविधाएं दी जाती हैं।
क्या नई Amrit Bharat से यात्रियों को फायदा होगा?
हां, नई सेवाओं से long-distance passenger capacity बढ़ सकती है। खासकर रोजगार, शिक्षा, इलाज और परिवार से जुड़े कारणों से Delhi और Mumbai जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त travel option मिल सकता है। दोनों सेवाओं से करीब 3,200 यात्रियों को सुविधा मिलने की बात कही गई थी।
गोरखपुर से Delhi और Mumbai के लिए Amrit Bharat connectivity बढ़ाने की योजना पूर्वांचल के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। रेलवे बोर्ड द्वारा NER को दो Sleeper Class rakes आवंटित किए जाने की रिपोर्ट है, जिनमें एक को Delhi और दूसरी को Mumbai route के लिए इस्तेमाल करने की योजना बताई गई है।
Gorakhpur-Delhi service के लिए 14045/14046, timing और Barhni-Siddharth Nagar वाले route की जानकारी सामने आ चुकी है। वहीं Mumbai service में अभी सबसे जरूरी चीज final timetable है। इसलिए Kota, Ratlam, Vadodara, Surat या Borivali जैसे संभावित stoppages को official confirmation से पहले अंतिम मानना सही नहीं होगा।
यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि नई ट्रेन की घोषणा, रेक आवंटन और actual commercial operation तीन अलग-अलग operational stages हो सकते हैं। टिकट बुक करने से पहले official railway timetable और वास्तविक booking availability जरूर जांचें।
इस तरह नई Amrit Bharat सेवाएं केवल दो नई रेलगाड़ियों का मामला नहीं हैं। इनके जरिए पूर्वांचल को देश के दो बड़े employment और economic centres से affordable long-distance rail connectivity देने की कोशिश दिखाई देती है—और यही इस फैसले का सबसे बड़ा passenger benefit है।
एमएचबी पुलिस ने छह सेंधमारी की वारदातों का खुलासा करते हुए 26 वर्षीय आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी से ₹45.26 लाख का मुद्देमाल बरामद हुआ।
मुंबई: मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की छह वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय आरोपी कुलजीत सिंह उर्फ सनी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से सोने के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच समेत कुल ₹45 लाख 26 हजार 690 रुपये का मुद्देमाल बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपियों की तलाश और मामलों के खुलासे के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपराध प्रकटीकरण टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और वारदात के तरीके का विश्लेषण करते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने के तरीके और आरोपी की गतिविधियों की तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया।
जांच में आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद पुलिस ने मुंबई के अलावा नवी मुंबई, तुर्भे, वाशी और कोपरखैरणे इलाके में उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई से बाहर निकल गया है। इसके बाद उसकी संभावित आवाजाही और ठिकानों पर नजर रखी गई।
राजस्थान जाने की खबर, गुजरात में पुलिस ने पकड़ा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी राजस्थान के जयपुर की ओर जा रहा है। जांच के दौरान उसके गुजरात की तरफ जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने गुजरात पुलिस की मदद से उसकी तलाश तेज की।
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में आरोपी के खिलाफ दादर, माहिम, कांदिवली, आरसीएफ, धारावी, भायखला, खेरवाड़ी और मानपाडा समेत अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में भी सेंधमारी के मामले दर्ज होने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने की अपराध प्रकटीकरण टीम ने की। प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त संदीप पुणे, सहायक पुलिस आयुक्त सुधाकर हुंबे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विवेक सोनवणे के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई।
वहीं, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे (अपराध) के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने के अपराध प्रकटीकरण अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक वत्रे तथा पुलिसकर्मी साळुंखे, ढामळे, पवार, मस्के और घाडगे ने तकनीकी जांच और मैदानी स्तर पर जानकारी जुटाकर आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी के मुंबई से बाहर निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम उसकी तलाश करते हुए गुजरात पहुंची और नियोल चेक पोस्ट के पास उसे गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पूरी अपराध प्रकटीकरण टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गुजरात के मोरबी जिले में एक कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह हिलने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में दहशत फैल गई। जानिए वैज्ञानिकों ने इसकी असली वजह क्या बताई।
गुजरात: क्या किसी कुएं में भी समुद्र जैसी लहरें उठ सकती हैं? सुनने में यह सवाल अजीब लग सकता है, लेकिन गुजरात के मोरबी जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने लाखों लोगों को हैरान कर दिया है। वीडियो में एक कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह तेज़ी से एक किनारे से दूसरे किनारे तक हिलता दिखाई दे रहा है। इस अनोखे नज़ारे को देखकर कई लोगों ने इसे भूकंप का संकेत माना, जबकि कुछ ने इसे रहस्यमयी घटना बताया। हालांकि, विशेषज्ञों की जांच में इसके पीछे की असली वजह सामने आ गई है।
🎥 Viral Video:
#watch 18 फीट गहरे कुएं में उठीं समुद्र जैसी लहरें,आखिर क्या है इस रहस्यमयी घटना का सच? वैज्ञानिकों ने बताया सच ! . .
गुजरात के मोरबी जिले में 18 फीट गहरे एक नए बने कुएं में अचानक समुद्र जैसी लहरें और लगातार उठते बुलबुले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गए हैं। पानी लगातार कुएं से… pic.twitter.com/h714tYTbs9
यह मामला गुजरात के मोरबी जिले के वीरपारड़ा गांव का है। यहां स्थानीय किसान प्रांजीवन सादरिया के खेत में बने करीब 18 फीट गहरे कुएं का पानी लगातार समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि यह कुआं करीब तीन महीने पहले बनाया गया था और इसके पास से राष्ट्रीय राजमार्ग भी गुजरता है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बड़ी संख्या में लोग इस अनोखी घटना को देखने के लिए मौके पर पहुंचने लगे।
आसपास के कुएं शांत, इसी ने बढ़ाई लोगों की चिंता
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस कुएं का पानी लगातार लहरों की तरह हिल रहा था, उसके आसपास मौजूद दूसरे कुओं का पानी पूरी तरह शांत था। इसी वजह से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। किसी ने इसे भूकंप की आहट बताया तो किसी ने इसे चमत्कार या अलौकिक घटना मान लिया।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि क्या यह किसी बड़े भूकंप की चेतावनी है?
विशेषज्ञों का जवाब है—बिल्कुल नहीं।
जिला भू-वैज्ञानिक जे. एस. वधेरा के अनुसार, यह घटना भूकंप से जुड़ी नहीं है। वहीं, गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) ने भी स्पष्ट किया है कि इस क्षेत्र में कोई सक्रिय फॉल्ट लाइन नहीं है।
आखिर क्यों हिल रहा था कुएं का पानी?
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण भूजल स्तर में बदलाव आया। इससे चट्टानों के भीतर फंसी हवा बाहर निकलने लगी और पानी में दोलन (Oscillation) पैदा हुआ। कुएं की संरचना, आसपास की भूगर्भीय स्थिति और बाहरी कंपन भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
इसी वजह से पानी कुछ समय तक समुद्र की लहरों की तरह एक किनारे से दूसरे किनारे तक झूलता दिखाई देता है।
वैज्ञानिक इस प्राकृतिक घटना को ‘Well Seiche’ कहते हैं। इसमें किसी बंद जल स्रोत, जैसे कुएं या टैंक, का पानी भूजल स्तर में बदलाव या बाहरी कंपन के कारण कुछ समय तक आगे-पीछे झूलता रहता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसे सीधे भूकंप से जोड़ना सही नहीं माना जाता।
गुजरात के मोरबी जिले का यह वायरल वीडियो जितना रहस्यमयी दिखाई देता है, उसकी वजह उतनी ही वैज्ञानिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारी बारिश के बाद भूजल स्तर में बदलाव और Well Seiche जैसी प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखाई दिया। इसलिए ऐसे वीडियो देखकर अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों को समझना जरूरी है।
Fact Box
स्थान: वीरपारड़ा गांव, मोरबी (गुजरात)
घटना: कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखा
उत्तन-विरार सी लिंक को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के प्रस्ताव को केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी मिली। जानिए मुंबई, विरार और वधावन पोर्ट पर इसका असर।
मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल उत्तन-विरार सी लिंक को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के बाद मुंबई, वसई-विरार, पालघर और प्रस्तावित वधावन पोर्ट को देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अगर परियोजना तय समयसीमा के भीतर पूरी होती है, तो दक्षिण मुंबई से विरार तक का सफर मौजूदा दो से ढाई घंटे के बजाय एक घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा का समय करीब 12 घंटे तक सिमट सकता है।
उत्तन-विरार सी लिंक मुंबई के उत्तन, मीरा-भायंदर, वसई और विरार को जोड़ने वाली एक विशाल समुद्री परियोजना है। प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 55.12 किलोमीटर होगी, जिसमें करीब 24.35 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के ऊपर बनाया जाएगा।
यह सिर्फ एक समुद्री पुल नहीं होगा, बल्कि इसे कई एक्सप्रेसवे और कोस्टल रोड परियोजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे मुंबई महानगर क्षेत्र की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल सकती है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कैसे जुड़ेगा सी लिंक?
योजना के अनुसार, विरार के पास खारडी क्षेत्र में उत्तन-विरार सी लिंक को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इससे मुंबई-वधावन एक्सप्रेस कॉरिडोर राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे माना जाता है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,350 किलोमीटर है। यह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ता है।
उत्तन-विरार सी लिंक के जुड़ने के बाद दक्षिण मुंबई से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
पालघर जिले में विकसित किए जा रहे वधावन पोर्ट को देश के सबसे बड़े गहरे समुद्री बंदरगाहों में शामिल करने की योजना है। ऐसे में उत्तन-विरार सी लिंक और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का सीधा कनेक्शन इस पोर्ट के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत, गुजरात और राजस्थान से आने वाला माल भविष्य में सीधे वधावन पोर्ट तक पहुंच सकेगा। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
मुंबई और एमएमआर के लोगों को क्या फायदा होगा?
इस परियोजना का सबसे बड़ा असर मुंबई महानगर क्षेत्र के लाखों लोगों पर पड़ सकता है।
संभावित फायदे:
दक्षिण मुंबई से विरार तक यात्रा का समय कम होगा।
वसई-विरार और पालघर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
ट्रैफिक जाम में कमी आ सकती है।
ईंधन की बचत होगी।
वधावन पोर्ट तक माल ढुलाई तेज होगी।
पश्चिमी उपनगरों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के विस्तृत तकनीकी प्रस्ताव, पर्यावरणीय मंजूरियों और वित्तीय स्वीकृतियों पर काम होगा। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में मुंबई, वसई-विरार और पालघर की तस्वीर बदल सकती है।
हालांकि, फिलहाल यात्रियों को इस परियोजना के पूरी तरह तैयार होने के लिए इंतजार करना होगा।
IndiGo की दुबई से मुंबई आ रही फ्लाइट 6E1452 की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग हुई। कार्गो होल्ड में धुआं मिलने के बाद विमान सुरक्षित उतरा।
मुंबई: दुबई से मुंबई आ रही IndiGo की फ्लाइट 6E1452 को सोमवार, 27 जुलाई 2026 को गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान के कार्गो होल्ड एरिया में धुआं detect होने के बाद फ्लाइट को राजकोट डायवर्ट किया गया। विमान सुरक्षित लैंड हुआ और उसमें सवार सभी 194 लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
कार्गो होल्ड में धुआं मिलने के बाद लिया गया फैसला
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, IndiGo की फ्लाइट दुबई से मुंबई के लिए उड़ान भर रही थी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो होल्ड क्षेत्र में धुएं का संकेत मिलने के बाद चालक दल ने एहतियाती कदम उठाया।
इसके बाद विमान को राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, राजकोट एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी गई।
194 यात्री और क्रू सुरक्षित
विमान के राजकोट एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरने के बाद सभी यात्रियों को विमान से उतार लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में कुल 194 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे।
राजकोट एयरपोर्ट के निदेशक दिगंत बोरा के अनुसार, विमान सुरक्षित रूप से लैंड हुआ और सभी यात्री सुरक्षित हैं। एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सहित आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया था।
फिलहाल विमान की तकनीकी जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में कार्गो होल्ड में धुआं detect होने की बात सामने आई है, लेकिन धुआं किस वजह से उठा, इसकी अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अधिकारियों की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारण की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। अभी तक किसी बड़े नुकसान या यात्रियों के घायल होने की सूचना नहीं है।
मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए अहम अपडेट
यह फ्लाइट दुबई से मुंबई जा रही थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे राजकोट डायवर्ट किया गया। इसलिए मुंबई पहुंचने वाले यात्रियों की आगे की यात्रा और फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर IndiGo तथा एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
Kalyan Baby Kidnapping Case: छह महीने के बच्चे के अपहरण की शिकायत जांच में झूठी निकली। CCTV जांच में सामने आया कि बच्चा पहले ही वाराणसी में नाना-नानी के पास था।
Kalyan Baby Kidnapping Case: कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर छह महीने के बच्चे के कथित अपहरण की शिकायत ने पुलिस को चौंका दिया। जांच के दौरान CCTV फुटेज और पूछताछ से सामने आया कि बच्चा वाराणसी में अपने नाना-नानी के पास सुरक्षित था। पुलिस के अनुसार, बच्चे की मां ने पति से अलग रहने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रची थी।
मुंबई से सटे कल्याण में छह महीने के बच्चे के कथित अपहरण का मामला अब एक अलग ही मोड़ ले चुका है। शुरुआत में पुलिस ने मां की शिकायत पर बच्चे की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर जांच शुरू की थी। हालांकि, CCTV फुटेज की जांच के दौरान महिला के बयान और उसकी यात्रा से जुड़ी जानकारी में कई विरोधाभास सामने आए।
पुलिस के अनुसार, गुजरात के वापी की रहने वाली 21 वर्षीय रोशनी सूरज साहू ने शिकायत दी थी कि 14 जुलाई की सुबह कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर स्काईवॉक/फ्लाईओवर के नीचे सोते समय उसके छह महीने के बेटे आर्यन का अपहरण हो गया।
शुरुआती शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण और चोरी के मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले। शुरुआती जांच में महिला के मोबाइल फोन के गायब होने की बात भी सामने आई थी।
CCTV फुटेज से खुलने लगा पूरा मामला
जांच के दौरान पुलिस को महिला के बयान और CCTV फुटेज में अंतर दिखाई दिया। महिला ने शुरुआत में बताया था कि वह वापी से कल्याण आई थी। हालांकि, पुलिस को वह वापी से आने वाली ट्रेन से कल्याण स्टेशन पर उतरती हुई दिखाई नहीं दी।
इसके बाद जांचकर्ताओं ने दूसरी दिशाओं से आने वाली ट्रेनों और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की। पुलिस के अनुसार, महिला वाराणसी से आने वाली महानगरी एक्सप्रेस से कल्याण पहुंची थी। फुटेज में उसके साथ बच्चा दिखाई नहीं दिया।
पुलिस ने इसके बाद महिला से लगातार पूछताछ की। उसके बयानों में बदलाव आने के बाद जांचकर्ताओं का शक और गहरा गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला ने स्वीकार किया कि उसके बेटे आर्यन का कल्याण स्टेशन के बाहर से अपहरण नहीं हुआ था। उसने बच्चे को कल्याण आने से पहले ही वाराणसी में अपने माता-पिता के पास छोड़ दिया था।
इसके बाद उसने बच्चे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, महिला ने यह कहानी अपने पति के साथ आगे नहीं रहना चाहने के कारण रची थी।
कल्याण डिवीजन के एसीपी अशोक होनमाने के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि महिला के बदलते बयानों के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
बच्चा कहां था? वाराणसी में मिला आर्यन
जांच में पता चला कि छह महीने का आर्यन वाराणसी में अपने नाना-नानी के पास था। इसके बाद महात्मा फुले पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को अपनी कस्टडी में लिया।
पुलिस टीम बच्चे और उसकी मां को लेकर कल्याण लौट रही है। बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि झूठी अपहरण की शिकायत दर्ज कराने के मामले में महिला के खिलाफ आगे कौन-सी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, महिला की पहले भी शादी हो चुकी थी और पहली शादी से उसका एक बच्चा है, जो उसके माता-पिता के साथ रहता है। जांचकर्ताओं के अनुसार, दूसरी शादी के बाद उसने अपने छह महीने के बेटे आर्यन को भी अपने माता-पिता के पास छोड़ दिया था।
हालांकि, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। महिला के खिलाफ किसी विशेष कानूनी धारा में कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी अलग से सामने नहीं आई है।
Important Points
छह महीने के बच्चे के कथित अपहरण की शिकायत दर्ज हुई थी।
पुलिस ने कल्याण स्टेशन और आसपास के CCTV फुटेज की जांच की।
महिला के बयानों में कथित तौर पर विरोधाभास सामने आया।
पुलिस के अनुसार, बच्चा पहले ही वाराणसी में नाना-नानी के पास था।
बच्चे को पुलिस ने वाराणसी से अपनी कस्टडी में लिया।
झूठी शिकायत के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर पुलिस विचार कर रही है।
कल्याण रेलवे स्टेशन के बाहर छह महीने के बच्चे के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह बदल गया। पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज और पूछताछ के बाद सामने आया कि बच्चा वाराणसी में अपने नाना-नानी के पास सुरक्षित था और अपहरण की कहानी कथित तौर पर उसकी मां ने रची थी। अब पुलिस बच्चे को सुरक्षित कल्याण ला रही है और झूठी शिकायत के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
कल्याण में बच्चे के अपहरण का मामला झूठा कैसे सामने आया?
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज और महिला से पूछताछ के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास सामने आया। इसके बाद जांच में पता चला कि बच्चा पहले ही वाराणसी में उसके माता-पिता के पास था।
छह महीने का बच्चा कहां मिला?
पुलिस के अनुसार, बच्चा वाराणसी में अपने नाना-नानी के पास सुरक्षित था। पुलिस टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे अपनी कस्टडी में लिया।
क्या बच्चे की मां के खिलाफ मामला दर्ज होगा?
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर झूठी अपहरण शिकायत दर्ज कराने के मामले में उसके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अंतिम कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
Apply for PM Awas Yojana 2026 online. Check PMAY 2.0 eligibility, ₹1.80 lakh subsidy, documents, beneficiary list & status.
How to Apply for PM Awas Yojana 2026 Online Complete PMAY 2.0 Guide
Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) is one of India’s biggest affordable housing schemes. Under PMAY 2.0, eligible families can receive financial support, interest subsidy, and housing assistance to build or buy a permanent home.
In 2026, PMAY searches are rising rapidly because the government has extended the PMAY 2.0 implementation period from 2024 to 2029. The scheme now includes updated income categories, new subsidy rules, digital verification, and additional benefits for middle-income families.
This complete guide explains PMAY 2026 apply online process, eligibility, subsidy amount, documents required, beneficiary list, status check, PMAY Gramin, PMAY Urban, Awaas+ App process, BHARAT App geo-tagging, rejection reasons, scam alerts, and official portals.
PMAY is a flagship housing scheme launched under the “Housing for All” mission. The scheme supports economically weaker and middle-income families by helping them purchase, construct, or upgrade homes.
PMAY is divided into two categories:
PMAY Urban (PMAY-U 2.0)
PMAY Urban is designed for people living in cities and urban regions. It provides interest subsidy, housing support, and affordable housing options.
PMAY Gramin (PMAY-G)
PMAY Gramin focuses on rural households that still live in kutcha or damaged houses. Financial assistance is provided for permanent housing construction.
PMAY 2.0 New Features in 2026
PMAY 2.0 includes several major updates that most websites still do not explain properly.
MIG-II Category is Now Eligible
Families earning between ₹9 lakh and ₹15 lakh annually are now eligible under the new PMAY 2.0 structure.
Female Co-Ownership Rule
In many cases, female ownership or co-ownership is mandatory. This rule increases women’s participation in property ownership.
5-Year Lock-In Period
Properties purchased with PMAY benefits may have restrictions on sale or transfer for five years.
BHARAT App Geo-Tagging
Construction progress must now be geo-tagged at five different stages:
Foundation
Lintel Level
Roof Casting
Door and Window Fitting
Final Completion
Missing geo-tagging updates may delay subsidy release.
PMAY Eligibility Criteria 2026
PMAY eligibility depends on annual income, property ownership status, and location.
The Interest Subsidy Scheme (ISS) is one of the biggest benefits under PMAY 2.0.
Eligible applicants can receive subsidy support on housing loans up to ₹8 lakh.
How to Check PMAY Beneficiary List 2026
PMAY Urban Beneficiary List
Open the PMAY portal
Click “Search Beneficiary”
Enter Aadhaar or Assessment ID
View beneficiary details
PMAY Gramin Beneficiary List
Visit the PMAY-G portal and open the beneficiary section to check approved names.
PMAY Status Check 2026
Track Using Assessment ID
Applicants can track application progress using their Assessment ID.
Track Using Name and Mobile Number
Some states also allow tracking using applicant details and registered mobile number.
PMAY 2026 Last Date
PMAY 2.0 currently operates under the 2024–2029 implementation window. However, state governments may release separate deadlines for application submission and verification.
Applicants should regularly check official notifications.
Common Reasons for PMAY Rejection
Many applications are rejected because of simple mistakes.
Common Issues
Aadhaar mismatch
Duplicate applications
Incorrect income proof
Invalid bank details
Missing geo-tagging
Property ownership conflicts
How to Avoid Rejection
Verify all documents carefully before final submission.
PMAY Scam Alert
PMAY fraud cases are increasing rapidly across India.
Applicants facing delays or subsidy issues can file complaints through:
CPGRAMS Portal
State Housing Department
District Housing Office
Official PMAY support channels
State-Wise PMAY Updates 2026
Several Indian states are accelerating PMAY approvals and housing construction.
High Activity States
Uttar Pradesh
Maharashtra
Gujarat
Rajasthan
Madhya Pradesh
Odisha
Some states also provide additional subsidy support.
PMAY 2026 Progress Report
Metric
Data
Houses Sanctioned
125.31 Lakhs
Houses Grounded
119.35 Lakhs
Houses Completed
98.1 Lakhs
Central Assistance
₹2.09 Lakh Crore
Released Assistance
₹1,78,233 Crore
Frequently Asked Questions
How to apply for PMAY 2026 online?
Visit the official PMAY portal, complete Aadhaar verification, and submit the application form online.
What is the PMAY 2.0 subsidy amount?
Eligible applicants may receive up to ₹1.80 lakh subsidy.
What is PMAY Gramin subsidy?
₹1.20 lakh for plain areas and ₹1.30 lakh for hilly areas.
How to check PMAY status?
Applicants can track status using Assessment ID or Aadhaar details.
Is MIG-II eligible under PMAY 2.0?
Yes. Families earning ₹9–15 lakh annually are now eligible.
What is the Awaas+ App?
It is the official PMAY-G survey and registration application.
Why do PMAY applications get rejected?
Aadhaar mismatch, incorrect documents, and duplicate entries are the most common reasons.
What is the PMAY lock-in period?
Properties under PMAY may have a 5-year transfer restriction.
Conclusion
PM Awas Yojana 2026 has become one of India’s most important housing support programs. PMAY 2.0 introduces major updates including expanded eligibility, digital verification, geo-tagging, and higher accessibility for middle-income families.
Applicants should carefully verify eligibility, prepare documents properly, and use only official government portals for registration and status tracking.
With proper planning and accurate information, PMAY 2026 can help millions of families achieve permanent housing support.
Disclaimer
This article is for informational and educational purposes only.
PMAY rules, subsidy amounts, eligibility criteria, and application processes may change according to official government notifications.
Please verify all information from official government portals before applying.
NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।
मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।
CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?
CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।
जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:
परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की
CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।
जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।
कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?
शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।
लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
भारतीय न्याय संहिता (BNS)
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:
धोखाधड़ी
आपराधिक साजिश
राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी
जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?
CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
इसके बदले कितने पैसे लिए गए
क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था
Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में
इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।
NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।
सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
FAQ
Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।
Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?
आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।
Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।
Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?
CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।
Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।
NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
Mumbai Burglary Case: मुंबई के बोरिवली में समर वेकेशन के दौरान बंद घरों में चोरी करने वाले दो आरोपी गुजरात से गिरफ्तार। पुलिस ने CCTV से किया ट्रेस।
मुंबई: समर वेकेशन के दौरान बंद घरों को निशाना बनाने वाले दो कथित चोरों को आखिरकार गुजरात से गिरफ्तार कर लिया गया है। Mumbai Burglary Case में कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने तकनीकी निगरानी और CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों को नवसारी, गुजरात से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी बोरिवली ईस्ट समेत कई इलाकों में बंद घरों की रेकी करते थे और रात में खिड़की की ग्रिल काटकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी चोरी के पैसों से अलग-अलग राज्यों में घूम रहे थे।
बोरिवली ईस्ट में बंद घर बना चोरों का निशाना
Mumbai Burglary Case का यह मामला तब सामने आया जब बोरिवली ईस्ट स्थित शिवाशिव बिल्डिंग के एक निवासी ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक 21 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच अज्ञात लोगों ने घर की खिड़की की ग्रिल काटकर अंदर प्रवेश किया। आरोपियों ने घर से करीब ₹1 लाख नकद और चांदी के कीमती सामान चोरी कर लिए।
घटना के समय परिवार घर से बाहर गया हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी खास तौर पर उन्हीं घरों को निशाना बनाते थे जो कई दिनों से बंद रहते थे।
Mumbai Burglary दिन में रेकी, रात में चोरी
पुलिस जांच में आरोपियों के काम करने का तरीका भी सामने आया है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी दिन के समय रिहायशी इलाकों में घूमकर यह पता लगाते थे कि कौन से घर बंद हैं। इसके बाद वे रात में वापस लौटते थे और चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी:
बंद घरों की पहचान करते थे
दिन में रेकी करते थे
रात में ग्रिल काटकर अंदर घुसते थे
चोरी के बाद दूसरे राज्यों में निकल जाते थे
CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग
शिकायत मिलने के बाद कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
PSI धीरज वैकोस की अगुवाई में पुलिस टीम ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले। इसके बाद संदिग्धों की पहचान की गई।
तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि आरोपी गुजरात के नवसारी इलाके में छिपे हुए हैं। इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम गुजरात पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई Zone XII के DCP महेश चिमटे और कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।
चोरी के पैसों से अलग-अलग राज्यों में घूमते रहे आरोपी
पुलिस का दावा है कि आरोपी चोरी के पैसों और कीमती सामान का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में घूमने के लिए कर रहे थे।
जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी चोरी करने के बाद गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में घूमते रहे। बाद में वे फिर गुजरात लौटे, जहां पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब चोरी का सामान और बेची गई कीमती वस्तुओं को बरामद करने की कोशिश कर रही है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
यह मामला बोरिवली ईस्ट के कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है।
आरोपी कहां से गिरफ्तार हुए?
दोनों आरोपी गुजरात के नवसारी इलाके से गिरफ्तार किए गए।
आरोपियों ने चोरी कैसे की?
पुलिस के अनुसार आरोपी खिड़की की ग्रिल काटकर बंद घरों में घुसते थे।
चोरी में क्या-क्या सामान गया?
करीब ₹1 लाख नकद और चांदी के कीमती सामान चोरी हुए।
पुलिस लोगों को क्या सावधानी बरतने की सलाह दे रही है?
पुलिस ने खाली घरों की सुरक्षा बढ़ाने और सोशल मीडिया पर यात्रा की जानकारी शेयर न करने की सलाह दी है।
मुंबई में समर वेकेशन के दौरान बंद घरों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने तकनीकी जांच और CCTV की मदद से आरोपियों को गुजरात से पकड़ लिया, लेकिन यह मामला लोगों के लिए भी चेतावनी है कि छुट्टियों में घर खाली छोड़ते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। आने वाले दिनों में पुलिस ऐसे मामलों पर और सख्ती से निगरानी रखने की तैयारी में है।