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  • फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    Mumbai Cyber Crime News: मालाड के एक कारोबारी से फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर 21 लाख रुपये की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने सूरत के युवक को किया गिरफ्तार।

    मुंबई: साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मालाड के एक कारोबारी को WhatsApp पर भेजे गए फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के जरिए 21 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी गई। मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने इस मामले में सूरत के 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को RTO बताकर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

    WhatsApp पर आया फर्जी RTO चालान

    पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय पीड़ित कारोबारी नवंबर महीने में गुजरात में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से “RTO Challan” नाम की फाइल आई। यह फाइल असल में एक APK (Android Package Kit) थी, जिसे खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया।

    APK फाइल से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर कब्जा

    जांच में सामने आया है कि जैसे ही कारोबारी ने फर्जी चालान फाइल डाउनलोड की, ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट, UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप्स से 21 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली।

    सूरत का युवक गिरफ्तार, साइबर गिरोह से कनेक्शन

    मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने जांच के बाद हार्दिक अशोकभाई बोर्डा (25) को गिरफ्तार किया है, जो गुजरात के सूरत का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीकॉम का छात्र है और ऑनलाइन तौल मशीन (Weighing Machine) बेचने का कारोबार करता था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का प्रमुख सदस्य था, जो खुद को RTO अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था।

    RTO के नाम पर ठगी का नया तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी और उसका गिरोह लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा लेता था।

    • WhatsApp पर APK फाइल भेजी जाती
    • फाइल खोलते ही मोबाइल हैक
    • बैंक और UPI से पैसे उड़ाए जाते

    इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है।

    जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

    पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस की चेतावनी: ऐसे रहें सतर्क

    साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—

    • अनजान नंबर से आई APK या लिंक न खोलें
    • RTO या सरकारी चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर ही चेक करें
    • किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    FAQ Section

    ❓ यह ठगी कैसे की गई?

    ➡️ WhatsApp पर फर्जी RTO चालान APK भेजकर मोबाइल हैक किया गया।

    ❓ कितनी रकम की ठगी हुई?

    ➡️ करीब 21 लाख रुपये

    ❓ आरोपी कौन है?

    ➡️ सूरत का 25 वर्षीय युवक, बीकॉम छात्र।

    ❓ क्या पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है?

    ➡️ हां, मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • 16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    मुंबई की एक बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन की जगह प्लाइवुड भेजने वाला वडोदरा का कारोबारी गिरफ्तार। मालाड पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

    मुंबई: शहर में एक चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है, जहां वडोदरा के एक कारोबारी ने 48 वर्षीय बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन भेजने का वादा किया लेकिन बॉक्स खोलने पर अंदर सिर्फ प्लाइवुड और कार्डबोर्ड निकला। शिकायत के बाद मालाड पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।

    पूरी खबर विस्तार में (मुंबई की बोलचाल वाली भाषा में):

    🔹 कैसे शुरू हुआ यह मामला?

    यह मामला मुंबई के मलाड इलाके का है। पीड़िता प्रीति पवार, जो गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड पर मेडिकल सर्विस सेंटर चलाती हैं, अपने सेंटर के लिए Colon Hydrotherapy Machine और Infrared Sauna System जैसी एडवांस हेल्थकेयर मशीनें खरीदना चाहती थीं। उन्होंने इंटरनेट पर खोजकर Nexorth Orthopedic Pvt Ltd नाम की कंपनी ढूंढी, जो गुजरात के वडोदरा में रजिस्टर्ड बताई गई।

    🔹 पहले भरोसा, फिर धोखा

    प्रीति ने कंपनी के मालिक बताए गए डॉ. निशांत मेहता से फोन पर बात की। डील कन्फर्म करने से पहले उन्होंने वडोदरा में अपने जानकार को कंपनी ऑफिस भेजकर वहां की जांच भी करवाई। सब कुछ सही लगने पर उन्होंने:

    • ₹1 लाख एडवांस
    • ₹1,19,250 चेक
    • ₹7,01,600 बैंक लोन
    • और कुल मिलाकर ₹16 लाख ट्रांसफर कर दिए।

    🔹 ड्रामा शुरू — एक्सीडेंट की स्टोरी और फर्जी स्लिप

    17 नवंबर को निशांत ने फोन करके कहा कि मशीनों वाला वाहन एक्सीडेंट में नुकसान पहुंचा है, इसलिए देर होगी। जब पीड़िता को शक हुआ और पैसे वापस मांगे गए, तो उसने नकली ट्रांजैक्शन स्लिप भेज दी।

    पीड़िता ने जब बैंक में चेक जमा किया तो वह चेक भी बाउंस हो गया।

    🔹 अंत में प्लाइवुड वाला पार्सल!

    कुछ दिनों बाद आरोपी ने कहा कि वह एक नया सेट भेज रहा है। लेकिन जब बॉक्स खुला — अंदर मशीन नहीं बल्कि प्लाइवुड और कार्डबोर्ड मिला।

    🔹 पुलिस एक्टिव — गिरफ्तारी और कस्टडी

    5 दिसंबर को पीड़िता ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। जांच में सारे तथ्य सही पाए गए और फिर पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया

    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण ने बताया कि आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।


    FAQ Section

    Q1: आरोपी ने क्या धोखा दिया था?
    ➡ मशीन की जगह उसने बॉक्स में प्लाइवुड और कार्डबोर्ड भेजा।

    Q2: कुल धोखाधड़ी की रकम कितनी है?
    ➡ करीब ₹16 लाख।

    Q3: आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡ 5 दिसंबर को शिकायत और जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

    Q4: आरोपी अभी कहां है?
    ➡ अभी वह पुलिस कस्टडी में तीन दिन के रिमांड पर है।

  • बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बिना हेलमेट बाइक चलाने पर अब चालान की प्रक्रिया बदली जाएगी। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने ई-चालान सिस्टम शुरू किया है, जो AI कैमरों से चालान जनरेट करेगा। जानिए नया नियम क्या कहता है और किन शहरों में लागू हुआ है।

    नई दिल्ली: भारत में बाइक और स्कूटर चलाने वालों के लिए बड़ी खबर आई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बिना हेलमेट चालान से जुड़े नियमों में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब से चालान सीधे मौके पर नहीं, बल्कि ई-चालान सिस्टम के जरिए काटा जाएगा।

    इस बदलाव का मकसद ट्रैफिक सिस्टम को ज़्यादा पारदर्शी, स्मार्ट और रिश्वत-मुक्त बनाना है। हालांकि हेलमेट पहनना अब भी अनिवार्य रहेगा।

    ⚙️ नया नियम क्या कहता है?

    अब ट्रैफिक पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काटने की बजाय AI-सक्षम कैमरा सिस्टम पर निर्भर होगी। अगर किसी सड़क या चौराहे पर CCTV या ट्रैफिक कैमरा लगा है और किसी बाइक सवार ने बिना हेलमेट वाहन चलाया, तो सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर चालान अपने आप जनरेट कर देगा

    ➡️ यानी कि अगर कैमरा कवरेज है, तो चालान ऑटोमेटिक होगा।
    ➡️ अगर कैमरा नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस मौके पर चालान काट सकती है।

    🪖 हेलमेट की अनिवार्यता अब भी बरकरार

    नए नियम का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बिना हेलमेट चलाना अब छूट गया है।
    मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के तहत, बाइक चालक और पीछे बैठने वाला दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। अगर आप बिना हेलमेट पकड़े गए, तो चालान तो कटेगा ही — बस तरीका अब डिजिटल होगा।

    🎥 अब चालान तय करेंगे AI कैमरे

    देशभर के कई शहरों में हाईटेक AI ट्रैफिक कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे न सिर्फ बिना हेलमेट बल्कि सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, मोबाइल यूज़ जैसे उल्लंघनों को भी पहचान सकते हैं।

    इन कैमरों से

    • वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होती है
    • सिस्टम डेटा को ट्रैफिक सर्वर भेजता है
    • और ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम जारी होता है

    इससे भ्रष्टाचार, झगड़े और गलत चालान की संभावना खत्म हो जाती है।

    🏙️ किन राज्यों में लागू हुआ नया ई-चालान सिस्टम?

    फिलहाल यह सिस्टम देश के कई बड़े शहरों में शुरू किया जा चुका है—
    📍 दिल्ली
    📍 लखनऊ
    📍 भोपाल
    📍 पुणे
    📍 जयपुर
    📍 अहमदाबाद

    अब धीरे-धीरे इसे छोटे शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर भी लागू किया जा रहा है।

    ⚠️ सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

    सरकार का लक्ष्य सिर्फ चालान बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।
    सड़क हादसों में सबसे ज़्यादा मौतें बिना हेलमेट के होती हैं।
    AI आधारित सिस्टम से अब यह पता लगाना आसान होगा कि किसने नियम तोड़े, और यह सब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के होगा।


    ❓FAQs

    Q1. क्या अब बिना हेलमेट चलाने पर चालान नहीं कटेगा?
    चालान अभी भी कटेगा, लेकिन अब यह ऑटोमेटिक ई-चालान सिस्टम से कैमरा मॉनिटरिंग के जरिए होगा।

    Q2. क्या हेलमेट पहनना अब वैकल्पिक हो गया है?
    नहीं, हेलमेट अब भी जरूरी है। बिना हेलमेट बाइक चलाना अभी भी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन है।

    Q3. किन शहरों में यह नया सिस्टम लागू हुआ है?
    दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, पुणे, जयपुर और अहमदाबाद में यह सिस्टम सक्रिय है।

    Q4. क्या पुलिस अब चालान नहीं काटेगी?
    जहां कैमरा कवरेज नहीं है, वहां पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काट सकती है।

    Q5. क्या इससे गलत चालान की संभावना कम होगी?
    हां, क्योंकि यह सिस्टम AI आधारित है और मानवीय त्रुटियों या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती।

  • Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।

    गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।

    15 महिलाओं की छुड़ाई गई

    छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।

    दो आरोपी गिरफ्तार

    इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल

    मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?
    👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।

    Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया?
    👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।

    Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
    👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।

    Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं?
    👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं?
    👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।

  • Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    मुंबई लोकल ट्रेन में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और स्टंटबाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बोरीवली रेलवे स्टेशन पर आरोपी युवक ने महिला डिब्बे की ओर अश्लील इशारे किए और चलती ट्रेन में स्टंट किया। वीडियो वायरल होने के बाद GRP ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: शहर की लोकल ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। बोरीवली स्टेशन से छूटते ही एक युवक लगेज डिब्बे के दरवाजे पर खड़ा होकर स्टंट करने लगा। इसी दौरान उसने महिला डिब्बे की तरफ देखकर अश्लील इशारे किए और छेड़छाड़ की हरकतें कीं।

    यह पूरा मामला ट्रेन में मौजूद एक यात्री ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही GRP हरकत में आई और आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी।

    शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    शिकायतकर्ता महिला यात्री विरार से अंधेरी की ओर दादर फास्ट लोकल में सफर कर रही थी। बोरीवली स्टेशन से ट्रेन रवाना होते ही यह घटना हुई। महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

    वीडियो के आधार पर पुलिस ने फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। 29 सितंबर को बोरीवली आरपीएफ की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी कौन है?

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा (35) है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपने अपराध को कबूल कर लिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना एक बार फिर से दिखाती है कि मुंबई लोकल ट्रेनों में स्टंटबाजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। GRP और RPF की मौजूदगी के बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। सोशल मीडिया पर लोग रेलवे पुलिस से निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: बोरीवली स्टेशन की घटना में आरोपी कौन है?
    Ans: आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है।

    Q2: आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    Ans: GRP ने वायरल वीडियो, फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को पहचान कर गिरफ्तार किया।

    Q3: घटना कब हुई?
    Ans: यह घटना 29 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे हुई।

    Q4: आरोपी पर क्या कार्रवाई हुई?
    Ans: आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

    Q5: क्या मुंबई लोकल ट्रेनों में ऐसे मामले पहले भी हुए हैं?
    Ans: हां, पहले भी स्टंटबाजी और छेड़छाड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

  • मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।

    पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।

    कैसे करते थे ठगी?

    पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।

    मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।

    पहले से दर्ज हैं 25 मामले

    पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

    पुलिस की अपील

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

  • गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे। सोमवार को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने किया स्वागत।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत रविवार दोपहर अहमदाबाद से तेजस एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे। उन्हें महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके साथ उनकी पत्नी दर्शनादेवी भी मौजूद थीं।

    मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री मंगल प्रभात लोढा, राज्य के मुख्य सचिव राजेश कुमार और DGP रश्मि शुक्ला ने उनका स्वागत किया।

    रेलवे स्टेशन पर खास स्वागत

    मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आचार्य देवव्रत का स्वागत रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। बाद में जब वे राजभवन पहुंचे तो मुंबई पुलिस ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

    सोमवार को शपथ ग्रहण

    आचार्य देवव्रत सोमवार सुबह 11 बजे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब मौजूदा राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद इस्तीफा दिया।

    आचार्य देवव्रत का परिचय

    • जन्म: 18 जनवरी 1959, समालखा, हरियाणा
    • शिक्षा: गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल रहे और भारतीय पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाया।
    • 2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे।
    • गुजरात में राज्यपाल रहते हुए शिक्षा, समाज और पर्यावरण से जुड़े कई अभियान चलाए।
    • 180 एकड़ ज़मीन पर प्राकृतिक खेती का सफल प्रयोग किया और 10 लाख से ज्यादा किसानों को प्रेरित किया।
    • पद्मश्री सुभाष पालेकर के साथ मिलकर ‘जीवामृत’ खाद का प्रचार-प्रसार किया।
    • आर्य समाज के प्रवक्ता के रूप में सामाजिक सुधार, गौ संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर खास योगदान दिया।

    क्यों है यह नियुक्ति अहम?

    महाराष्ट्र देश का एक अहम राजनीतिक और औद्योगिक राज्य है। यहां का राज्यपाल केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करता है।
    आचार्य देवव्रत की पृष्ठभूमि उन्हें न सिर्फ एक अनुभवी प्रशासक बल्कि सामाजिक सुधारक के तौर पर भी स्थापित करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे महाराष्ट्र में अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभाते हैं।

  • मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    सूरत से अपहरण कर 3 साल के बच्चे की हत्या, शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर ट्रेन टॉयलेट में मिला। आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    एक दिल दहला देने वाली घटना ने सूरत और मुंबई दोनों शहरों को हिला कर रख दिया है। सूरत से अपने तीन साल के कज़िन का अपहरण कर हत्या करने वाले युवक ने बच्चे का शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर खड़ी ट्रेन के टॉयलेट में छोड़ दिया। यह मामला सामने आया जब ट्रेन के सफाईकर्मी ने शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान विकास शाह (25 वर्ष) के रूप में हुई है।

    • उसे मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से गिरफ्तार किया गया।
    • आरोपी मूल रूप से सूरत का रहने वाला है और वह पिछले हफ्ते अपनी मां के साथ रिश्तेदार के घर आया था।
    • बच्चे की मां से झगड़े के बाद उसने 22 अगस्त को मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया।

    सूरत क्राइम ब्रांच के DCP बी. राजिया ने पुष्टि की कि आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर सूरत ले जाया गया है और जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

    • आरोपी ने बच्चे को सूरत रेलवे स्टेशन से उठाया और उसे लेकर ट्रेन में बैठ गया।
    • वह सौराष्ट्र एक्सप्रेस से मुंबई आया।
    • इसके बाद उसने बच्चे की हत्या की और शव को कुशीनगर एक्सप्रेस की एसी कोच B2 के टॉयलेट में छोड़ दिया।
    • फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या कहां और कैसे हुई।

    GRP अधिकारी ने बताया –
    “बच्चे की मां ने उसी दिन शाम को अमरोली पुलिस स्टेशन, सूरत में शिकायत दर्ज कराई थी। हमें सूचना मिली कि आरोपी मुंबई भाग आया है। बाद में लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर शव बरामद हुआ।”

    बच्चे की मां और परिवार

    बच्चे की मां बिहार की रहने वाली हैं और सूरत में अपने परिवार के साथ रहती हैं।

    • पति दुबई में नौकरी करते हैं।
    • परिवार में आठ साल की बेटी और पांच साल का बेटा भी है।
    • आरोपी विकास शाह रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था और वारदात से पहले वह शिकायतकर्ता का मोबाइल भी ले गया था।

    पुलिस जांच जारी

    • सूरत पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्या की असल वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने बच्चे की हत्या किस परिस्थिति में और कहां की।
    • मुंबई और सूरत पुलिस इस मामले में संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।
  • वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाते हुए एक स्पेशल टीम का गठन किया है। आरपीएफ की यह टीम सादे कपड़ो में तैनात कर दी गई है। आईजी अजय सादानी ने दिये आदेश ..

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    चर्चगेट से गुजरात के सूरत तक चलने वाली मुंबई लोकल ट्रेन और मेल एक्सप्रेस में अवैध फेरीवालों, किन्नरों और अवैध यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद आरपीएफ के आईजी चर्चगेट अजय सादानी ने इसको लेकर सख्त आदेश दिए हैं। सादे कपड़ो में आरपीएफ की टीम निगरानी के लिए तैनात कर दिए गए हैं। पिछले 12 दिनों में 1632 लोगों की धरपकड़ हो चुकी है। इसमे 298 अवैध होकर, 100 किन्नर , विकलांग कोच से 889 और महिला कोच में 80 पुरुष यात्रियों की पकड़ा गया है।

    लगातार हो रही थी शिकायत

    बता दें कि मुंबई लोकल में भीड़ के समय यात्रा के दौरान अवैध हाकर, भीख मांग कर परेशान करने वाले किन्नर, विकलांगों के लिए आरक्षित कोच में अवैध यात्री और महिला कोच में पुरुष यात्रियों से लोग परेशान हो गए थे। जिसको लेकर लगातार रेल प्रशासन को शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आई जी आरपीएफ चर्चगेट अजय सादानी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसपर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने एक विशेष टीम का गठन किया, जो हर रेलवे स्टेशनों पर सादे कपड़ो में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

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    विशेष चैकिंग अभियान

    वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने बताया, कि मुंबई मंडल द्वारा सादे कपड़ों में अवैध गतिविधियों की धरपकड़ और रोकथाम लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है। जिनके द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 12 दिनों में कुल 1632 लोगों की धरपकड़ की है जिनमे 298 अवैध होकर, ट्रेनों में भीख मांगकर यात्रियों को परेशान करने वाले 100 किन्नर, विकलांग कोच में अनाधिकृत यात्रा करने वाले 889 गैर विकलांग यात्री और महिला कोच में यात्रा करने वाले 80 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के समक्ष पेश कर चालान किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    अपराधियों की धरपकड़

    उन्होंने आगे कहा, कि गाड़ी संख्या 20907/08 सयाजी नगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 244 जनरल यात्रियों को 132855 रुपए का जुर्माना करवाया गया। पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मंडल यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी बताया, कि चालू वर्ष 2025 में रेलवे सुरक्षा बल मुंबई सेंट्रल द्वारा यात्रियों के सामानों की चोरी करने वाले 328 अपराधियों की धरपकड़ कर जीआरपी को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंपा गया है। साथ ही 563 शराब तस्करों को 20,09,786/-रु मूल्य की शराब के साथ पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया है घर से भागे हुए और परिजनों से बिछड़े हुए 191 बच्चों को एनजीओ या उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes