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  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    Mumbai Cyber Crime News: मालाड के एक कारोबारी से फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर 21 लाख रुपये की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने सूरत के युवक को किया गिरफ्तार।

    मुंबई: साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मालाड के एक कारोबारी को WhatsApp पर भेजे गए फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के जरिए 21 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी गई। मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने इस मामले में सूरत के 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को RTO बताकर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

    WhatsApp पर आया फर्जी RTO चालान

    पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय पीड़ित कारोबारी नवंबर महीने में गुजरात में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से “RTO Challan” नाम की फाइल आई। यह फाइल असल में एक APK (Android Package Kit) थी, जिसे खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया।

    APK फाइल से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर कब्जा

    जांच में सामने आया है कि जैसे ही कारोबारी ने फर्जी चालान फाइल डाउनलोड की, ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट, UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप्स से 21 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली।

    सूरत का युवक गिरफ्तार, साइबर गिरोह से कनेक्शन

    मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने जांच के बाद हार्दिक अशोकभाई बोर्डा (25) को गिरफ्तार किया है, जो गुजरात के सूरत का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीकॉम का छात्र है और ऑनलाइन तौल मशीन (Weighing Machine) बेचने का कारोबार करता था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का प्रमुख सदस्य था, जो खुद को RTO अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था।

    RTO के नाम पर ठगी का नया तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी और उसका गिरोह लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा लेता था।

    • WhatsApp पर APK फाइल भेजी जाती
    • फाइल खोलते ही मोबाइल हैक
    • बैंक और UPI से पैसे उड़ाए जाते

    इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है।

    जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

    पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस की चेतावनी: ऐसे रहें सतर्क

    साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—

    • अनजान नंबर से आई APK या लिंक न खोलें
    • RTO या सरकारी चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर ही चेक करें
    • किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    FAQ Section

    ❓ यह ठगी कैसे की गई?

    ➡️ WhatsApp पर फर्जी RTO चालान APK भेजकर मोबाइल हैक किया गया।

    ❓ कितनी रकम की ठगी हुई?

    ➡️ करीब 21 लाख रुपये

    ❓ आरोपी कौन है?

    ➡️ सूरत का 25 वर्षीय युवक, बीकॉम छात्र।

    ❓ क्या पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है?

    ➡️ हां, मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • 16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    मुंबई की एक बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन की जगह प्लाइवुड भेजने वाला वडोदरा का कारोबारी गिरफ्तार। मालाड पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

    मुंबई: शहर में एक चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है, जहां वडोदरा के एक कारोबारी ने 48 वर्षीय बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन भेजने का वादा किया लेकिन बॉक्स खोलने पर अंदर सिर्फ प्लाइवुड और कार्डबोर्ड निकला। शिकायत के बाद मालाड पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।

    पूरी खबर विस्तार में (मुंबई की बोलचाल वाली भाषा में):

    🔹 कैसे शुरू हुआ यह मामला?

    यह मामला मुंबई के मलाड इलाके का है। पीड़िता प्रीति पवार, जो गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड पर मेडिकल सर्विस सेंटर चलाती हैं, अपने सेंटर के लिए Colon Hydrotherapy Machine और Infrared Sauna System जैसी एडवांस हेल्थकेयर मशीनें खरीदना चाहती थीं। उन्होंने इंटरनेट पर खोजकर Nexorth Orthopedic Pvt Ltd नाम की कंपनी ढूंढी, जो गुजरात के वडोदरा में रजिस्टर्ड बताई गई।

    🔹 पहले भरोसा, फिर धोखा

    प्रीति ने कंपनी के मालिक बताए गए डॉ. निशांत मेहता से फोन पर बात की। डील कन्फर्म करने से पहले उन्होंने वडोदरा में अपने जानकार को कंपनी ऑफिस भेजकर वहां की जांच भी करवाई। सब कुछ सही लगने पर उन्होंने:

    • ₹1 लाख एडवांस
    • ₹1,19,250 चेक
    • ₹7,01,600 बैंक लोन
    • और कुल मिलाकर ₹16 लाख ट्रांसफर कर दिए।

    🔹 ड्रामा शुरू — एक्सीडेंट की स्टोरी और फर्जी स्लिप

    17 नवंबर को निशांत ने फोन करके कहा कि मशीनों वाला वाहन एक्सीडेंट में नुकसान पहुंचा है, इसलिए देर होगी। जब पीड़िता को शक हुआ और पैसे वापस मांगे गए, तो उसने नकली ट्रांजैक्शन स्लिप भेज दी।

    पीड़िता ने जब बैंक में चेक जमा किया तो वह चेक भी बाउंस हो गया।

    🔹 अंत में प्लाइवुड वाला पार्सल!

    कुछ दिनों बाद आरोपी ने कहा कि वह एक नया सेट भेज रहा है। लेकिन जब बॉक्स खुला — अंदर मशीन नहीं बल्कि प्लाइवुड और कार्डबोर्ड मिला।

    🔹 पुलिस एक्टिव — गिरफ्तारी और कस्टडी

    5 दिसंबर को पीड़िता ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। जांच में सारे तथ्य सही पाए गए और फिर पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया

    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण ने बताया कि आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।


    FAQ Section

    Q1: आरोपी ने क्या धोखा दिया था?
    ➡ मशीन की जगह उसने बॉक्स में प्लाइवुड और कार्डबोर्ड भेजा।

    Q2: कुल धोखाधड़ी की रकम कितनी है?
    ➡ करीब ₹16 लाख।

    Q3: आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡ 5 दिसंबर को शिकायत और जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

    Q4: आरोपी अभी कहां है?
    ➡ अभी वह पुलिस कस्टडी में तीन दिन के रिमांड पर है।

  • बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बिना हेलमेट बाइक चलाने पर अब चालान की प्रक्रिया बदली जाएगी। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने ई-चालान सिस्टम शुरू किया है, जो AI कैमरों से चालान जनरेट करेगा। जानिए नया नियम क्या कहता है और किन शहरों में लागू हुआ है।

    नई दिल्ली: भारत में बाइक और स्कूटर चलाने वालों के लिए बड़ी खबर आई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बिना हेलमेट चालान से जुड़े नियमों में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब से चालान सीधे मौके पर नहीं, बल्कि ई-चालान सिस्टम के जरिए काटा जाएगा।

    इस बदलाव का मकसद ट्रैफिक सिस्टम को ज़्यादा पारदर्शी, स्मार्ट और रिश्वत-मुक्त बनाना है। हालांकि हेलमेट पहनना अब भी अनिवार्य रहेगा।

    ⚙️ नया नियम क्या कहता है?

    अब ट्रैफिक पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काटने की बजाय AI-सक्षम कैमरा सिस्टम पर निर्भर होगी। अगर किसी सड़क या चौराहे पर CCTV या ट्रैफिक कैमरा लगा है और किसी बाइक सवार ने बिना हेलमेट वाहन चलाया, तो सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर चालान अपने आप जनरेट कर देगा

    ➡️ यानी कि अगर कैमरा कवरेज है, तो चालान ऑटोमेटिक होगा।
    ➡️ अगर कैमरा नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस मौके पर चालान काट सकती है।

    🪖 हेलमेट की अनिवार्यता अब भी बरकरार

    नए नियम का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बिना हेलमेट चलाना अब छूट गया है।
    मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के तहत, बाइक चालक और पीछे बैठने वाला दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। अगर आप बिना हेलमेट पकड़े गए, तो चालान तो कटेगा ही — बस तरीका अब डिजिटल होगा।

    🎥 अब चालान तय करेंगे AI कैमरे

    देशभर के कई शहरों में हाईटेक AI ट्रैफिक कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे न सिर्फ बिना हेलमेट बल्कि सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, मोबाइल यूज़ जैसे उल्लंघनों को भी पहचान सकते हैं।

    इन कैमरों से

    • वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होती है
    • सिस्टम डेटा को ट्रैफिक सर्वर भेजता है
    • और ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम जारी होता है

    इससे भ्रष्टाचार, झगड़े और गलत चालान की संभावना खत्म हो जाती है।

    🏙️ किन राज्यों में लागू हुआ नया ई-चालान सिस्टम?

    फिलहाल यह सिस्टम देश के कई बड़े शहरों में शुरू किया जा चुका है—
    📍 दिल्ली
    📍 लखनऊ
    📍 भोपाल
    📍 पुणे
    📍 जयपुर
    📍 अहमदाबाद

    अब धीरे-धीरे इसे छोटे शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर भी लागू किया जा रहा है।

    ⚠️ सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

    सरकार का लक्ष्य सिर्फ चालान बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।
    सड़क हादसों में सबसे ज़्यादा मौतें बिना हेलमेट के होती हैं।
    AI आधारित सिस्टम से अब यह पता लगाना आसान होगा कि किसने नियम तोड़े, और यह सब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के होगा।


    ❓FAQs

    Q1. क्या अब बिना हेलमेट चलाने पर चालान नहीं कटेगा?
    चालान अभी भी कटेगा, लेकिन अब यह ऑटोमेटिक ई-चालान सिस्टम से कैमरा मॉनिटरिंग के जरिए होगा।

    Q2. क्या हेलमेट पहनना अब वैकल्पिक हो गया है?
    नहीं, हेलमेट अब भी जरूरी है। बिना हेलमेट बाइक चलाना अभी भी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन है।

    Q3. किन शहरों में यह नया सिस्टम लागू हुआ है?
    दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, पुणे, जयपुर और अहमदाबाद में यह सिस्टम सक्रिय है।

    Q4. क्या पुलिस अब चालान नहीं काटेगी?
    जहां कैमरा कवरेज नहीं है, वहां पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काट सकती है।

    Q5. क्या इससे गलत चालान की संभावना कम होगी?
    हां, क्योंकि यह सिस्टम AI आधारित है और मानवीय त्रुटियों या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती।

  • Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।

    गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।

    15 महिलाओं की छुड़ाई गई

    छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।

    दो आरोपी गिरफ्तार

    इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल

    मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?
    👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।

    Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया?
    👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।

    Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
    👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।

    Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं?
    👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं?
    👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।

  • Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    मुंबई लोकल ट्रेन में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और स्टंटबाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बोरीवली रेलवे स्टेशन पर आरोपी युवक ने महिला डिब्बे की ओर अश्लील इशारे किए और चलती ट्रेन में स्टंट किया। वीडियो वायरल होने के बाद GRP ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: शहर की लोकल ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। बोरीवली स्टेशन से छूटते ही एक युवक लगेज डिब्बे के दरवाजे पर खड़ा होकर स्टंट करने लगा। इसी दौरान उसने महिला डिब्बे की तरफ देखकर अश्लील इशारे किए और छेड़छाड़ की हरकतें कीं।

    यह पूरा मामला ट्रेन में मौजूद एक यात्री ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही GRP हरकत में आई और आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी।

    शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    शिकायतकर्ता महिला यात्री विरार से अंधेरी की ओर दादर फास्ट लोकल में सफर कर रही थी। बोरीवली स्टेशन से ट्रेन रवाना होते ही यह घटना हुई। महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

    वीडियो के आधार पर पुलिस ने फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। 29 सितंबर को बोरीवली आरपीएफ की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी कौन है?

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा (35) है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपने अपराध को कबूल कर लिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना एक बार फिर से दिखाती है कि मुंबई लोकल ट्रेनों में स्टंटबाजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। GRP और RPF की मौजूदगी के बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। सोशल मीडिया पर लोग रेलवे पुलिस से निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: बोरीवली स्टेशन की घटना में आरोपी कौन है?
    Ans: आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है।

    Q2: आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    Ans: GRP ने वायरल वीडियो, फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को पहचान कर गिरफ्तार किया।

    Q3: घटना कब हुई?
    Ans: यह घटना 29 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे हुई।

    Q4: आरोपी पर क्या कार्रवाई हुई?
    Ans: आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

    Q5: क्या मुंबई लोकल ट्रेनों में ऐसे मामले पहले भी हुए हैं?
    Ans: हां, पहले भी स्टंटबाजी और छेड़छाड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

  • मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।

    पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।

    कैसे करते थे ठगी?

    पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।

    मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।

    पहले से दर्ज हैं 25 मामले

    पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

    पुलिस की अपील

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

  • गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे। सोमवार को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने किया स्वागत।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत रविवार दोपहर अहमदाबाद से तेजस एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे। उन्हें महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके साथ उनकी पत्नी दर्शनादेवी भी मौजूद थीं।

    मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री मंगल प्रभात लोढा, राज्य के मुख्य सचिव राजेश कुमार और DGP रश्मि शुक्ला ने उनका स्वागत किया।

    रेलवे स्टेशन पर खास स्वागत

    मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आचार्य देवव्रत का स्वागत रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। बाद में जब वे राजभवन पहुंचे तो मुंबई पुलिस ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

    सोमवार को शपथ ग्रहण

    आचार्य देवव्रत सोमवार सुबह 11 बजे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब मौजूदा राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद इस्तीफा दिया।

    आचार्य देवव्रत का परिचय

    • जन्म: 18 जनवरी 1959, समालखा, हरियाणा
    • शिक्षा: गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल रहे और भारतीय पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाया।
    • 2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे।
    • गुजरात में राज्यपाल रहते हुए शिक्षा, समाज और पर्यावरण से जुड़े कई अभियान चलाए।
    • 180 एकड़ ज़मीन पर प्राकृतिक खेती का सफल प्रयोग किया और 10 लाख से ज्यादा किसानों को प्रेरित किया।
    • पद्मश्री सुभाष पालेकर के साथ मिलकर ‘जीवामृत’ खाद का प्रचार-प्रसार किया।
    • आर्य समाज के प्रवक्ता के रूप में सामाजिक सुधार, गौ संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर खास योगदान दिया।

    क्यों है यह नियुक्ति अहम?

    महाराष्ट्र देश का एक अहम राजनीतिक और औद्योगिक राज्य है। यहां का राज्यपाल केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करता है।
    आचार्य देवव्रत की पृष्ठभूमि उन्हें न सिर्फ एक अनुभवी प्रशासक बल्कि सामाजिक सुधारक के तौर पर भी स्थापित करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे महाराष्ट्र में अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभाते हैं।