महाराष्ट्र विधान परिषद में बड़ा फैसला: NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे के खिलाफ 30 दिन की जेल की सिफारिश

महाराष्ट्र विधान परिषद की Privilege Committee ने NCP-SP नेता Suryakant More के खिलाफ 30 दिन की civil imprisonment की सिफारिश की है। उन पर Legislative Council Chairman Ram Shinde के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। महाराष्ट्र विधान परिषद (Maharashtra Legislative Council) की Privilege Committee ने NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे (Suryakant More) के खिलाफ 30 दिन की सिविल जेल (Civil Imprisonment) की सिफारिश की है। यह कार्रवाई उस बयान को लेकर की गई है जिसमें मोरे ने कथित तौर पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे (Ram Shinde) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

मंगलवार को समिति ने अपनी रिपोर्ट परिषद में पेश की, जिसके बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है।

Privilege Committee ने पेश की रिपोर्ट

महाराष्ट्र विधान परिषद की Privilege Committee के चेयरमैन और भाजपा MLC प्रसाद लाड (Prasad Lad) ने मंगलवार को परिषद में अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे को 30 दिनों की सिविल कैद दी जाए

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उस समय परिषद की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने घोषणा की कि समिति की रिपोर्ट परिषद को सौंप दी गई है।

Winter Session में लाया गया था Privilege Motion

यह मामला तब शुरू हुआ जब भाजपा MLC प्रवीण दरेकर (Praveen Darekar) ने Winter Session के दौरान सूर्यकांत मोरे के खिलाफ Breach of Privilege Motion पेश किया था।

दरेकर ने आरोप लगाया था कि मोरे ने अपने भाषण में विधान परिषद और उसके सभापति के पद का अपमान करने वाली टिप्पणी की है, जो विधानसभा की गरिमा के खिलाफ है।

उपसभापति ने जांच के आदेश दिए

इस मामले को गंभीर मानते हुए विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोऱ्हे (Neelam Gorhe) ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की पूरी जांच की जाए और सूर्यकांत मोरे के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए

चुनावी रैली में दिया था विवादित बयान

जानकारी के अनुसार यह विवादित बयान 23 नवंबर 2025 को अहमदनगर जिले के जामखेड़ (Jamkhed) नगर परिषद चुनाव के प्रचार के दौरान दिया गया था।

रैली में बोलते हुए सूर्यकांत मोरे ने कथित तौर पर कहा था कि:

  • “लाल रंग के बैज की किसी को परवाह नहीं है…”
  • “विधान परिषद के सभापति के पास पंचायत समिति के अध्यक्ष जितनी भी ताकत नहीं है…”
  • “स्पीकर का काम सिर्फ वोट गिनने तक सीमित है…”
  • “विधान परिषद का लाल रंग सूखे का प्रतीक है…”

इन टिप्पणियों को विधान परिषद की गरिमा के खिलाफ माना गया।

रोहित पवार के करीबी माने जाते हैं मोरे

सूर्यकांत मोरे NCP-SP के सक्रिय नेता हैं और उन्हें स्थानीय विधायक रोहित पवार (Rohit Pawar) का करीबी सहयोगी माना जाता है।

इस वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।

महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

Privilege Committee की यह सिफारिश आने के बाद Maharashtra politics में हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि विधान परिषद इस रिपोर्ट पर क्या अंतिम फैसला लेती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि परिषद समिति की सिफारिश को स्वीकार करती है, तो यह राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।


FAQ

1. सूर्यकांत मोरे कौन हैं?

सूर्यकांत मोरे NCP-SP के नेता हैं और अहमदनगर जिले की राजनीति में सक्रिय हैं।

2. उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों हो रही है?

उन पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

3. Privilege Committee ने क्या सिफारिश की है?

समिति ने 30 दिन की सिविल जेल की सिफारिश की है।

4. यह बयान कब दिया गया था?

यह बयान 23 नवंबर 2025 को जामखेड़ नगर परिषद चुनाव की रैली में दिया गया था।

5. मामला किसने उठाया था?

भाजपा MLC प्रवीण दरेकर ने Winter Session में Privilege Motion लाकर यह मामला उठाया था।


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