मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

मुंबई के मालाड पूर्व में 60 वर्षीय बुज़ुर्ग आत्महत्या के लिए 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे थे, लेकिन कुुरार पुलिस और फायर ब्रिगेड की समय रहते कार्रवाई से उनकी जान बच गई। तलाक के बाद तनाव में चल रहे व्यक्ति को पुलिस ने काउंसलिंग देकर सुरक्षित घर भेज दिया।

मुंबई: मालाड पूर्व इलाके में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक 60 वर्षीय बुज़ुर्ग व्यक्ति ने आत्महत्या करने की कोशिश की।
वह दुर्गामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट (जेपी डेक्स के पास) की 22वीं मंज़िल से कूदने की तैयारी कर रहे थे।

सूचना मिलते ही कुरार पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से बुज़ुर्ग को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
इस त्वरित कार्रवाई ने एक ज़िंदगी बचा ली।

कंट्रोल रूम की कॉल से शुरू हुई बचाव कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, 4 नवंबर की सुबह करीब 8 बजे, नॉर्थ कंट्रोल रूम से कॉल मिला कि एक व्यक्ति इमारत की 22वीं मंज़िल से छलांग लगाने की कोशिश कर रहा है।
शख्स की पहचान विवेक गोगटे (60) के रूप में हुई, जो पेशे से वॉचमैन हैं और उसी बिल्डिंग के एक रूम में रहते हैं।

जानकारी मिलते ही नाइट शिफ्ट सुपरवाइजर संदीप वेदपाठक, ऑफिसर मनोज क्षीरसागर, और बीट मार्शल 1 टीम लेकर मौके पर पहुंचे।
साथ ही दिंडोशी फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।

फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर बचाई जान

जब टीम पहुंची, तब विवेक गोगटे इमारत की दीवार पर चढ़ चुके थे और छलांग लगाने ही वाले थे।
टीम ने तेजी से एक्शन लेते हुए सुरक्षा रस्सियों और नेट का इस्तेमाल किया, और उन्हें नीचे उतारने में सफलता पाई।

बचाव के बाद उन्हें कुरार पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां काउंसलिंग दी गई और मानसिक रूप से शांत करने का प्रयास किया गया।

तलाक के बाद मानसिक तनाव से जूझ रहे थे विवेक गोगटे

पूछताछ में विवेक गोगटे ने बताया कि पिछले साल उनका तलाक हो गया था, और तब से वे अकेले रह रहे थे।
पारिवारिक परेशानियों और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की।

पुलिस ने गोगटे से उनके किसी परिचित का नंबर मांगा, जिसके बाद उन्होंने अपने मित्र अमर उमेश सिंह (47) का नाम बताया।
सिंह को बुलाकर पूरा मामला समझाया गया, और गोगटे को उनकी देखरेख में घर भेज दिया गया।

पुलिस ने दी मानसिक स्वास्थ्य सहायता

कुरार पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई के बजाय मानसिक सहायता देना अधिक ज़रूरी है।
टीम ने बताया कि उन्होंने “संकट में फंसे व्यक्ति की काउंसलिंग” कराई है ताकि आगे वह ऐसा कदम न उठाएं।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. घटना कब और कहाँ हुई?
A1. यह घटना 4 नवंबर की सुबह मालाड ईस्ट के दुरगामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट में हुई।
Q2. आत्महत्या की कोशिश करने वाला व्यक्ति कौन था?
A2. 60 वर्षीय विवेक गोगटे, जो वहां वॉचमैन के रूप में काम करते हैं।
Q3. पुलिस को घटना की जानकारी कैसे मिली?
A3. नॉर्थ कंट्रोल रूम से सुबह 8 बजे फोन आने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
Q4. व्यक्ति को कैसे बचाया गया?
A4. फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर सुरक्षा उपकरणों की मदद से उन्हें 22वीं मंज़िल से नीचे उतारा।
Q5. क्या व्यक्ति पर कोई कानूनी कार्रवाई की गई?
A5. नहीं, पुलिस ने उन्हें काउंसलिंग देकर मानसिक सहायता दी और एक परिचित के साथ घर भेज दिया।


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