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डिजिटल डेस्क BJP Government: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठे भ्रष्टाचार में फंसाकर सत्ता का खेल खेलने वाली बीजेपी जब सत्ता में आई तो राज्य को विकसित करने का उसका नजरिया भी सामने आने लगा है। यहां जनता को शराबी बनाकर अपनी तिजोरी भरने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है।
सरकार ने 67 शराब की नई दुकानें खोलकर जनता को नशा मुक्त बनाने में लगी है। नशा यानी जीवन। जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए शराब का सहारा ले रही है। अब जनता शराब पीकर मदमस्त रहा करेगी। उसे मंहगाई बेरोजगारी और शिक्षा की चौपट की जा रही व्यवस्था नहीं दिखेगी। छत्तीसगढ़ के विकास रचने के लिए अब 741 सरकारी शराब के ठेके चलेंगे। जिसकी कमाई से सरकार मनमाने ढंग से राजसी जिंदगी जीने की व्यवस्था कर लेगी।
कभी विधायकों के वेतन तो कभी भत्ते में बढ़ोत्तरी करके खुशी मनाएंगे विधायक। और चाहिए ही क्या उन्हें? बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गरीब निम्न मध्यम वर्ग पढ़े लिखे क्योंकि शिक्षा का व्यापारीकरण कर चुकी पार्टी की सरकार जानती है कि गरीब और निम्न वर्ग पढ़ लिख लेगा तो गुलाम बनने से इनकार कर सरकार से रोजगार और अन्य अधिकार मांगने लगेगा।
इसलिए न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी की कहावत को चरितार्थ करने के लिए 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का बीजेपी राज्यसरकार ने फैसला कर लिया है। ऐसा ऐतिहासिक फैसला करने का दुस्साहस केवल बीजेपी सरकार ही कर सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने से सरकार का खजाना भरा रहेगा। क्योंकि तब 35000 शिक्षकों को वेतन देने ही नहीं होंगे। यानी सरकार तीन का एक करके शिक्षक पदों को ही नहीं प्रधानाध्यापकों के पद भी खत्म कर देगी।
इस तरह से सरकार अरबों रुपए खर्च करने से पैसे बचा लेगी। क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि लोग पढ़ें। वह तो जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास करती है। अनपढ़ जनता रहेगी तो ही अनपढ़ लोगों की सरकार दौड़ेगी। बीजेपी को सिर्फ सरकार चलानी है जनता की सेवा नहीं। इसीलिए बीजेपी शिक्षित लोगों को शहरी नक्सली कहती हैं कि वे जनता के अधिकार मांगते हैं। ऐसे लोग सरकार की आंखों में बहुत चुभते हैं जो सरकार के नकारेपन को सार्वजनिक करे।
मुंबई: कोविड महामारी के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की खिचड़ी वितरण योजना में 14.57 करोड़ रुपये की हेराफेरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ किला कोर्ट में मुंबई पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी रेकॉर्ड में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी विस्तृत जांच के बाद EOW ने यह चार्जशीट दायर की है। कल्याण के रहने वाले 36 वर्षीय गोपाल पांडुरंग लवाने ने इसको लेकर शिकायत दर्ज की थी। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)
क्या है घोटाला?
श्री वैष्णवी किचन और सह्याद्री रिफ्रेशमेंट के पार्टनर गोपाल पांडुरंग लवाने की शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2020 से जुलाई 2020 के बीच कोविड संकट के दौरान आरोपियों ने खिचड़ी के 100 और 200 ग्राम वजन के पैकेटों की आपूर्ति की थी और BMC से 300 ग्राम प्रति पैकेट के हिसाब से भुगतान वसूला। इसमें आरोपियों ने 6.27 करोड़ रुपये का घपला किया। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)
आठ आरोपियों में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के सांसद गजानन किर्तिकर के सुपुत्र अमोल किर्तिकर भी शामिल हैं। बता दें कि अमोल किर्तिकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता हैं। जिन्होंने हालही में गोरेगांव पूर्व से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके अलावा आरोप पत्र में सुनील कदम उर्फ बाला कदम, राजीव सालुंखे, सुजीत पाटकर, संजय चंद्रकांत माशेलकर, प्रांजल माशेलकर, प्रीतम माशेलकर और सूरज चव्हाण का नाम दर्ज है। आरोपियों ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। इसके कारण मामले में आईपीसी की धारा 465, 468, 471 (जालसाजी और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा) भी जोड़ दी गई हैं। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)
मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी एवं कर्मचारी हमेशा से ही हेराफेरी और घपले बाज़ी के लिए मशहूर रहे हैं। लेकिन आज आपके सामने कांदीवली पश्चिम का एक ऐसा मामला पेश करने जा रहे हैं, जो घपलेबाजों को भी शर्मसार कर दे। कहते हैं, बीएमसी जो कर दे, कोई पूछने वाला नहीं है। सत्ता या कुर्सी ही सर्वोपरि है। जब तक साहेब कुर्सी पर बैठे रहेंगे दीवान ही रहेंगे। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)
क्या है पूरा मामला ?
वाकया है कि 14 अगस्त 1993 में अपने झोपड़े जिसकी माप 15 गुने 10 फीट रही। जिसके मालिक अब्दुल रहमान 90 हज़ार रुपये में सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या को बेच देते हैं जिसे 1976 के सेंसस में भी 15 गुने 10 का ही दर्ज किया गया है। बीएमसी के जल आपूर्ति विभाग ने 25/09/2017 को पेय जल का कनेक्शन सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या का पता शॉप नियर आकांक्षा बिल्डिंग, त्रिकम दास रोड, कांदिवली (पश्चिम) के नाम पर दिया। जबकि बिजली का बिल आकांक्षा आर्केड CHS वड़ापाव शॉप त्रिकम दास रोड के पते पर आता है यानी फर्जी तरीके से आकांक्षा सोसाइटी द्वारा मौर्या फास्ट फूड टी एंड कोलड्रिंक का प्रीमाइस में होने का पत्र सोसाइटी सेक्रेटरी द्वारा एक पत्र बीएमसी आर/ दक्षिण वॉर्ड को 12/03/2018 को लिखित रूप में दिया गया था। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)
चाय की दुकान या फास्ट फूड की दुकान?
लेकिन बीएमसी रोड ओपनिंग परमिशन 13/03/2018 को मौर्या फास्ट फूड को लेंथ ऑफ फ्रेंच 6.5 मीटर बताया गया। बीएमसी द्वारा यह पत्र mr. सावंत के नाम का केयर ऑफ दिया गया। जबकि बीएमसी स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स को सिर्फ चाय बेचने का लाइसेंस 28/12/2017 को सिर्फ दो साल के लिए दिया गया। जिसमें शॉप आकांक्षा आर्केड का पता दर्ज किया गया था। हैरानी की बात यह कि गुमास्ता लाइसेंस मौर्या फास्ट फूड सेंटर के नाम से वड़ा पाव बेचने का दर्ज किया गया है। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)
क्या है घपला?
इस घपलेबाजी पर तमाम सवाल उठ खड़े होते हैं। वड़ा पाव का लाइट बिल आकांक्षा आर्केड और एप्लिकेशन फॉर्म में नियर आकांक्षा आर्केड क्यों लिखा गया? यदि वड़ा पाव शॉप लाइट बिल आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग का है, तो 394 का लाइसेंस मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स शॉप का एक्सेप्ट कैसे हुआ? नेचर ऑफ बिजनेस के अनुसार सिर्फ मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स लिखा गया है तो लाइट बिल में आकांक्षा वड़ा पाव कैसे लिखा जा सकता है? शॉप एंड एस्टेब्लिश यानी गुमास्ता लाइसेंस में आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग के पते पर नेचर ऑफ बिजनेस वड़ा पाव है, तो टी एंड कोल्ड्रिंक्स का क्यों नहीं है? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)
बिल्डिंग एंड फैक्ट्री विभाग
इतना ही नहीं सवाल यह भी है कि जब सेंसस में 150 वर्ग फीट है तो गुमास्ता में 120 वर्ग फीट कैसे दर्ज किया गया है? इसमें कौन सा सही है? जबकि झोपड़े की खरीदी में एरिया 150 वर्ग फीट है और फॉर्म P में आकांक्षा आर्केड लिखा है तो बिल्डिंग एंड फैक्टरी विभाग की एन ओ सी जो केवल चाल में लिया जाता है, तो बिल्डिंग में कैसे लिया गया? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)
इतने सारे घपलों घोटालों में कौन सा बीएमसी विभाग, एप्लीकेंट और आर्केड बिल्डिंग का सेक्रेटरी सहित तमाम लोग शामिल हैं और तमाम अनियमितताएं हुई या जानबूझकर की गई, कहीं धोखाधड़ी के लिए तो साजिश नहीं की गई? जांच कौन करेगा? और गलत करने वालों को कानून के हवाले कौन करेगा? करेगा भी या नहीं? कौन बता सकता है नियमों कानूनों की हत्या में शामिल तमाम किरदार कौन है? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)
BMC प्रशासन द्वारा जैन मंदिर ध्वस्त किए जाने पर सामुदायिक विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी सहायक आयुक्त नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया। अब मंदिर वहीं बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन द्वारा शहर के विले पार्ले क्षेत्र में एक जैन मंदिर को गिराए जाने के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि शनिवार को जैन समाज के लोगों ने लाखों की संख्या में मोर्चा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। तत्पश्चात मनपा प्रशासन ने उसी दिन आनन फानन में वार्ड के सहायक आयुक्त का तबादला कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
शनिवार को वार्ड कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया। महाराष्ट्र गौशाला संघ के परेश शाह ने दावा किया कि धार्मिक नेताओं और महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा, स्थानीय भाजपा विधायक पराग अलवानी और कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं सहित 20,000 से अधिक लोगों ने मार्च में भाग लिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
परेश शाह ने कहा, “बीएमसी की कार्रवाई से पूरा जैन समुदाय व्यथित है।” उन्होंने मांग की कि महानगर पालिका अधिकारी को निलंबित करे। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्टियों को जवाब देने का समय दिए बिना ही मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, कि बीएमसी पर मुख्यमंत्री कार्यालय और शहरी विकास मंत्री का कार्यालय पूरी तरह से और सीधे तौर पर नियंत्रण रखता है, जिससे पता चलता है कि इस घटना के लिए वे ही जिम्मेदार हैं। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
The Jain Community is protesting against the @mybmc demolishing a Derasar in Mumbai, 2 days ago.
The BMC is now fully and directly controlled by the Chief Minister’s office and UD minister’s office.
शहरी विकास विभाग का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, जो प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के प्रमुख हैं।
खुद के खिलाफ विरोध का ढोंग
“संरक्षक मंत्री (लोढ़ा) किसके खिलाफ विरोध कर रहे थे? वह जो कर रहे हैं वह डेरासर (मंदिर) को बचाने के बजाय संरक्षक मंत्री के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग करके नाटक कर रहे हैं! “उनके पास बीएमसी में ही एक अवैध कार्यालय है, और उन्हें रियल एस्टेट और ऐसे मामलों का बहुत बड़ा अनुभव है। डेरासर की रक्षा करने के बजाय, अब वह विरोध का नाटक कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हर कोई यह समझेगा – भाजपा किसी की नहीं है। यह भाजपा सरकार है जो सीएम कार्यालय के माध्यम से बीएमसी चला रही है, “श्री ठाकरे ने आरोप लगाया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों और धार्मिक ग्रंथों का भी “अपमान” किया गया और इस “षड्यंत्र” के लिए “भाजपा गठबंधन की बुलडोजर सरकार” को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से बात की जिन्होंने आश्वासन दिया कि उसी स्थान पर एक नया मंदिर बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा सरकार पर “अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बिना उचित नोटिस दिए किसी ढांचे को गिराना गलत है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
बृहन्मुंबई महानगर पालिका शहर में मानसून से पहले नाला सफाई अभियान की निगरानी करने के लिए वॉर रूम बनाने जा रहा है। साल 2016 में मुंबई नाला सफाई घोटाला के प्रकाश में आने के बाद ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नालों में गंदगी निकालने के काम की निगरानी करने के लिए एक समर्पित वॉर रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल से हुई थी। इस पहल का उद्देश्य मानसून से पहले पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल कीटाणुशोधन कार्य का लगभग 12 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बीएमसी ने शहर के नालों और मीठी नदी से 9.34 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाने का लक्ष्य रखा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
BMC का वॉर रूम कैसा होगा?
अब तक 1.11 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाई जा चुकी है। स्टॉर्मवॉटर ड्रेन विभाग के एक सिविल अधिकारी ने बताया कि वॉर रूम में तीन अधिकारी और 11 सहायक कर्मचारी होंगे। ये कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करेंगे। वे सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक काम करेंगे।
एक अधिकारी ने बताया, “वॉर रूम नाले से गंदगी ले जाने वाले वाहनों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा। यह ठेकेदारों द्वारा भेजे गए पहले और बाद के वीडियो की तुलना करके किए गए काम की पुष्टि भी करेगा। यह सेटअप सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि गंदगी को निर्धारित स्थान पर ही डाला जा रहा है और ठेकेदारों पर कड़ी नज़र रखी जा सकेगी।”
उन्होंने कहा, “गंदगी हटाने के लिए एक दैनिक योजना पहले ही तैयार कर ली गई है, जिससे प्रगति पर नजर रखना आसान हो जाएगा।” बीएमसी नालों और मीठी नदी से गंदगी हटाने के लिए दो साल में 550 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बीएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले 75 प्रतिशत नालों से गंदगी हटा दी जानी चाहिए और मानसून के मौसम के दौरान 15 प्रतिशत गंदगी हटा दी जानी चाहिए।
हो चुका है घोटाला
मुंबई में 215 किलोमीटर लंबे बड़े नाले, 156 किलोमीटर लंबे छोटे नाले और 22.25 किलोमीटर लंबी मीठी नदी है। 2016 में प्रकाश में आ चुके ‘मुंबई नाला सफाई घोटाले’ में 2005 से लेकर अब तक 1100 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई थीं। इस मामले की जांच फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है।
घोटाले से पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका दो साल के कार्यकाल के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति करती थी। वर्ष 2016 के बाद जवाबदेही में सुधार के लिए प्रतिवर्ष अनुबंध प्रदान किये जा रहे हैं और सिर्फ एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया जा रहा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
Mumbai Cyber Fraud: मुंबई पुलिस को सूचना मिली, कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन शख्स अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। दो अब भी फरार
Mumbai Cyber Crime:मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल द्वारा शहर में 3 शख्स की गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मुंबई, बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दो अब भी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)
पुलिस को सूचना मिली थी कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन व्यक्ति अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। पुलिस टीम को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनके कमरे पर छापा मारा। छापामारी के दौरान पुलिस को कई जाली दस्तावेज मिले। एक ही फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग नामों वाले दस्तावेजों में किया गया।
फर्जीवाडे के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल
पुलिस छापेमारी में आरोपियों में से एक 33 वर्षीय मास्टरमाइंड आरोपी उमेश कुमार पासवान ने पुलिस को बताया कि कैसे वह इन दस्तावेजों को एडिट करने और संशोधित करने के लिए एक प्रिंट पोर्टल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करता था। पुलिस ने 83 आधार और पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन और कई डेबिट कार्ड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक जब्त की है। उसके अन्य साथी राहुल कुमार वर्मा और अमन कुमार को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “ये आरोपी छोटे-छोटे अज्ञात लॉज में रहते थे, जहां से वे काम कर सकते थे और हर तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, ताकि उनका पीछा न किया जा सके। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाने वाला था।” पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया, कि “दस्तावेजों पर नाम, पते, सब कुछ फर्जी हैं। जिन लोगों के नाम छपे हैं, वे उन नामों से मौजूद नहीं हैं, लेकिन सभी दस्तावेजों पर उमेश की फोटो लगी है।”
बिहार से दो गिरफ्तार
पुलिस ने आगे बताया कि बिहार के गया से दो अन्य मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो पास पासबुक और डेबिट कार्ड लेकर फर्जीवाडा किया करते थे। मुकेश और अनीश को पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने लालच दिया, जब उमेश ने उन्हें बताया कि उसके पास पासबुक और डेबिट कार्ड के साथ नए नए खाते खुले हैं। तो नया फर्जीवाडा करने के लिए बिहार से मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह भी सामने आ गए। पुलिस ने कहा कि एक खाता 20,000 और एक 25,000 रुपये में बेचा गया।
पुलिस टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद उमेश ने मुकेश और अनीश को बुलाया। हालांकि, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि मुकेश ने झारखंड में अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर वे खरीदारी करना चाहें तो उनके फर्जी खाते उपलब्ध हैं। पुलिस ने झारखंड के देवगढ़ जिले से छठे आरोपी अब्दुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया। दो और लोग अभी भी फरार हैं।
आरोपियों को मिली न्यायिक हिरासत
इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सामान्य इरादे के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)
कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)
किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही
राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)
Money Laundering Case: ED ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) धोखाधड़ी मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। जहां से अहम दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के सबूत जब्त किए गए। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
ED Raid In Mumbai: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये कार्रवाई रियाल्टो एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड, पुष्पक बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, चंद्रकांत पटेल और बाकी के खिलाफ न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) के साथ धोखाधड़ी के मामले में की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिनमें अचल संपत्ती और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां शामिल है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
ED को जानकारी मिली थी कि ये कंपनियां और आरोपी मिलकर कई बैंकों से फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर कर्ज ले रहे थे और फिर धनराशि को अलग-अलग कंपनियों और खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इस घोटाले में कुछ बैंक अधिकारियों की भी संलिप्तत होने की आशंका जताई जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
छापेमारी मैं क्या मिला ?
ED की टीम ने छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत जुटाए हैं जिनमें बड़ी धनराशि, संपत्तियों के डॉक्यूमेंट्स और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
देश में बैंक धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं। विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे मामलों के बाद भी कई कंपनियां और कारोबारी बैंकों से लोन लेकर उसका गलत इस्तेमाल करने में कामयाब हो रहे हैं। सरकार और जांच एजेंसियां लगातार इन पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं। तब पर भी बैंक से धोखाधड़ी के मामले कम नही हो रहे हैं। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
आरोपियों की गिरफ्तारी
ED के अधिकारी इस घोटाले में शामिल सभी बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके तहत आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। साथ ही संबंधित कंपनियों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई से बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश जा रहा है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
मुम्बई: न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) में 122 करोड़ रुपये का घोटाला लोगों को हैरान और परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश प्रवीणचंद मेहता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। खबर के मुताबिक, हितेश प्रवीणचंद मेहता ने 2020 से 2025 तक अपने पद पर रहते हुए पैसों की हेराफेरी की है। जबकि, मेहता के पास दादर और गोरेगांव की ब्रांच का प्रबंधन का काम था। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
किसने की शिकायत?
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के चीफ अकाउंट ऑफिसर ने दादर पुलिस स्टेशन पर शिकायत की थी। जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे मामले में मेहता के दोस्त भी शामिल हैं। इसलिए पूरे मामले की जांच मुम्बई पुलिस के ईओडब्ल्यू को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय सहिंता 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
आरबीआई का एक्शन
शिकायतों और आर्थिक समस्याओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस बैंक पर कड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को आरबीआई ने इस बैंक पर बिना सेंट्रल बैंक की मंजूरी के लोन देने या फिर उसके नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। साथ ही नई जमाराशि को जमा करना या फिर भुगतान करने पर भी आरबीआई ने बैन लगाया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
एक दिन बाद ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को हटाने का फैसला किया। वहीं, बैंक के संचालन का जिम्मा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व महाप्रबंधक श्रीकांत को सौंपा है। इनकी मदद के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कमेटी बनाई है। जिसमें एसबीआई के पूर्व एमडी रवींद्र सपरा और चार्टेड अकाउंटेंट अभिजीत देशमुख शामिल हैं। बता दें, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा, कि बैंक का प्रशासन मानकों के अनुरुप नहीं चल रहा था। जिसकी वजह से हस्ताक्षेप करना पड़ा है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
पटोले ने यह भी जानना चाहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक मंत्री ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनको लेकर उठे विवाद ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अंदरूनी कलह को सामने ला दिया है। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)
मुख्यमंत्री पर उठे सवाल
पटोले ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार न केवल भ्रष्ट है, बल्कि जो लोग इसमें शामिल हैं, वे सभी अपराधी हैं। सिर्फ़ मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरा प्रशासन भ्रष्ट है। धनंजय मुंडे के खिलाफ आरोप गंभीर हैं, लेकिन इन आरोपों के पीछे भाजपा ही है। भाजपा के एक विधायक मुंडे के भ्रष्टाचार को खुलेआम उजागर कर रहे हैं, फिर भी मुख्यमंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की है।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)
उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार गंभीर मुद्दों को छिपा रही है, लेकिन विपक्ष चुप नहीं रहेगा। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।’’ इससे पहले दिन में शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस अंधविश्वास के कारण दक्षिण मुंबई स्थित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में रहने नहीं गए हैं। राउत ने कहा था कि अफवाह यह है कि एकनाथ शिंदे की कामाख्या मंदिर यात्रा के दौरान गुवाहाटी में कथित तौर पर बलि दिये गए भैंसों के सींग को ‘वर्षा’ के परिसर में गाड़ा गया था, ताकि मुख्यमंत्री का पद शिंदे के अलावा किसी और के पास न रहे। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)
मुख्यमंत्री आवास में रहने से इनकार
राउत के आरोप पर एक सवाल का जवाब देते हुए पटोले ने कहा, ‘‘जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, देश में काला जादू और अंधविश्वास फैल गया है। क्या महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हो रहा है? क्या वे अपना राजनीतिक भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अनुष्ठान कर रहे हैं? क्या इसीलिए देवेंद्र फडणवीस ‘वर्षा’ में रहने से इनकार कर रहे हैं?’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)
उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने अंधविश्वास रोधी कानून बनाया, फिर भी ऐसी प्रथाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, ज्योतिबा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भूमि महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)
चुनाव में धांधली का आरोप
वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर द्वारा हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त करने पर पटोले ने कहा कि कांग्रेस और महा विकास आघाडी (MVA) ने इसी तरह के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ही निर्वाचन आयोग से शिकायत की है, जिसने खुद लोकतंत्र का अपमान किया है। प्रकाश आंबेडकर ने अदालत का रुख किया है, वहीं राहुल गांधी ने भी कल संसद में इस मुद्दे को उठाया। अब जब मामला अदालत में है, तो हमें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)