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Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News
वी बी माणिक मुंबई- महानगर पालिका का जनसंपर्क विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया है। जनसंपर्क अधिकारी अब बिना टेंडर के अखबारों को विज्ञापन भी जारी नही कर रहे है। कुछ अखबार वाले दैनिक अखबार के नाम पर मनपा से विज्ञापन ले रहे है जिनका अखबार डेली आता ही नहीं है और तो और अखबार मुंबई में नही महराष्ट्र के बाहर छपता है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
यही नहीं मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी इस धोखाधड़ी में शामिल है। जो डीजीपीआर में अपात्र अखबारों को लिस्टेड कर रहे है। क्या राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस पर ध्यान देते है? इसमें केंद्र सरकार के लोग भी शामिल है। सबसे बड़ी बात ये है कि ऐसे फर्जी अखबार मालिकों पर कार्रवाई क्यों नही की जाती है? मनपा का जनसंपर्क अधिकारी ऐसे भ्रष्ट कार्यो में पूरी तरह लिप्त है। लेकिन ईमानदारी के साथ केवल लूट और अवैध लेनदेन करने में व्यस्त रहता है। वही मनपा मुख्यालय स्थित पत्रकार रूम में अवैध तरीके से रात 11 बजे तक कुछ कथित पत्रकार अपना अड्डा बनाकर बैठते है। जिस पर जनसंपर्क अधिकारी का पूरा आशीर्वाद है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
मनपा मुख्यालय शाम 6 बजे बंद हो जाता है। पर कथित पत्रकार रात के 11 बजे तक यहां बैठकर क्या करते हैं? कौन सी खबर का आधी रात में विशलेषण किया जाता है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। ये तो पत्रकार और जनसंपर्क अधिकारी ही बता सकते है। जिम्मेदार जनसंपर्क अधिकारी दोपहर को आते है और शाम को 7 बजे के आसपास चले जाते है। ऐसे अवैध कार्यो पर मनपा आयुक्त लगाम लगाएंगे या इनको लूट पाट करने का आशीर्वाद देंगे। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
अंधेरी ईस्ट के चार मंजिला अवैध इमारत को संरक्षण देने की मंदार तारी ने मांगी दो करोड़ की रिश्वत। 75 लाख की पहली किश्त लेते उसके दो निजी सहायक गिरफ्तार..
सुरेंद्र राजभर मुम्बई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के शीर्ष अधिकारी भले ही दावा करते फिरें, कि मनपा में हर कार्य न्याय संगत व विधि विधान से होता है। किंतु समय-समय पर अधिकारियों, कर्मचारियों का भ्रष्टाचार उजागर हो ही जाता है। जब कि वे रिश्वत लेते हुए पकड़े जाते हैं। तभी यह पता चल जाता है, कि आरोपी अधिकारी के द्वारा ली जाने वाली रिश्वत के पैसों में कितने शीर्ष अधिकारियों का कितना हिस्सा होता है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
ऐसी ही एक घटना अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड में कार्यरत कार्यकारी अभियंता (D.O) मंदार अशोक तारी द्वारा एक अवैध निर्माण कर्ता से 2 करोड़ रुपयों की रिश्वत की पहली किश्त-75 लाख रुपये लेते हुए पकड़े जाने के उपरांत उजागर हुई है। जिसे कि भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
क्या है मामला?
प्राप्त सुचनाओं के अनुसार जे. बी. नगर अंधेरी ईस्ट में शहीद भगत सिंह कॉलोनी अंतर्गत प्लॉट नं.191, 192 के भूखंड पर एक चार मंजिला इमारत है। जिसकी दो मंजिले अवैध रूप से निर्मित की गई है। उसी अवैध दो मंजिलों को बचाने के लिए उक्त कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी (DO) मंदार अशोक तारी ने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बताया जाता है, कि मंदार तारी की जब से डी.ओ. के पद पर नियुक्ति हुई है, तभी से अंधेरी व विलेपार्ले के क्षेत्रों में अंधाधुंध अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। जिन्हे कि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी का संरक्षण प्राप्त है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
2 करोड़ रुपये की रिश्वत ..
किंतु उक्त जे.बी. नगर की इमारत की दो अवैध मंजिलों को संरक्षण देने के लिए नियुक्त डी.ओ. मंदार तारी का 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग करना अवैध निर्माणकर्ता को रास नहीं आया और उसने 31 जुलाई 2024 को इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कर दी। मामले की गंभीरतानुसार ए.सी.बी. ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए, 6 अगस्त 2024, को मंदार तारी के दो निजी वसूली कर्ताओं मोहम्मद यासीन शहा और ड्राईवर प्रतिक पिसे को दो करोड़ की तय रिश्वत की रकम की पहली किश्त 75 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
दो की गिरफ्तारी ..
गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उक्त रकम वे अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड मे इमारत व कारखाना विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी मंदार अशोक तारी के लिए उनके ही दिशा निर्देश पर रिश्वत के पैसे ली है। ए.सी.बी. के अधिकारी उक्त दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रहे हैं। जबकि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी फरार बताया जाता है। ए.सी.बी. अधिकारी मंदार तारी के अन्य ठिकानों पर छापे मारी कर रहे हैं। जहां, उन्हें जांच के दौरान उसकी अवैध संम्पतियाँ (चल/अचल) मिली है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी ..
जानकारों का कहना है कि उसी के/पूर्व, वार्ड से लगभग दो साल पहले भी कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार को ए.सी.बी. ने 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जबकि सतीश पोवार की गिरफ्तारी से कार्यकारी अभियंता मंदार तारी को सबक लेना चाहिए था। उक्त कारवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगले के मार्ग दर्शन में पुलिस निरीक्षिका सुप्रिया नाटे, अपराध अन्वेषण अधिकारी गणेश पिंगुवाले ने उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पूर्व कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार की तरह ही ए.सी.बी. ने छापामारी की कारवाई कर कार्यकारी अभियंता मंदार तारी की करोड़ों की चल-अचल संम्पति बरामद की है। मनपा प्रशासन कब अपने अधिकारियों पर ध्यान देगा? या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को ही संपूर्ण मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मुसल्लत कर देना चाहिए। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
मनपा कानून क्या कहता है?
उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।
कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी
वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।
सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?
हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।
जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये सोसायटी में रहने वालों से 50 रुपये काटे जाते है।
पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है।
Mumbai GRP Corruption News
वी बी माणिक मुंबई- जब से होर्डिंग कांड हुआ है, तब से जीआरपी के नए नए घपले खुलने लगे है। जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये वेलफेयर के नाम पर काटे जाते है और जो उस सोसायटी में रहता है उसके पगार से 50 रुपये कट जाते है। इसके अलावा पतपेढ़ी से भी करीब बीसो लाख का घपला है। पेट्रोलपंप मैदान और हॉल से भी बड़े पैमाने पर भाड़ा लिया जाता है। ये सब पैसे किधर गायब हुए कितने पुलिस कर्मियों को वेलफेयर का लाभ मिला है? इनके परिवार को कितनी सहायता दिया गया है? (Mumbai GRP Corruption News)
पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है। उसमें रहने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की हालत काफी डरी हुई है। इसकी शिकायत बार बार पुलिस आयुक्त से किया गया है। फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है। पुलिस महासंचालक प्रज्ञा सरोदे और पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे ने क्या किया है? कौन सी ईमानदारी दिखा रहे है? सहायक आयुक्त (प्रभारी) शहाजी निकम भी इसके लिए दोषी है। इन पर कार्रवाई कब होगी? ये पुलिसकर्मी जानकारी प्राप्त करना चाहते है। (Mumbai GRP Corruption News)
पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे की फाइल तस्वीर
जीआरपी में घपले को लेकर जांच की मांग ..
यहां अधिकारी, पुलिसकर्मियों के जानमाल से खिलवाड़ कर रहे है। घाटकोपर स्थित पुलिस वसाहत की हालत काफी खस्ता है।पुलिसकर्मियों में इसकी चर्चा जोरों पर है, कि हमारी पगार से पैसा भी कटता है और सुविधा भी नही मिलती है। जो हाल पेट्रोलपंप का हुआ वही हाल हमारी बिल्डिंग का भी न हो जाय। अधिकारियों की मनमानी काफी बढ़ गयी है। ईमानदारी का ढोंग बंद करके सही काम होना चाहिए। कितने करोड़ का घपला हुआ है। इसकी जांच किसी सेंट्रल एजेंसी से करवानी चाहिए, जिससे ये लूट का खेल बंद होना चाहिए। (Mumbai GRP Corruption News)
जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों? पुरा देश क्यों नहीं?
Global Warming पर सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहाँ ?
अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही है जिम्मेदार..
क्या हर बात के लिए न्यायालयों पर ही आश्रित रहें?
शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं ?
सुरेंद्र राजभर मुंबई- Global Warming आज धरती, पर्यावरण खतरे में है।ग्लोबल वार्मिंग के खतरे वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद जंगल काटे जा रहे हैं। हसदेव जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों आंदोलित हैं। पूरा देश क्यों नहीं? हसदेव के लाखों पेड़ मात्र एक व्यक्ति के लिए काटे जा रहे हैं, जो पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है। मुंबई में समुद्र तट से 500 मीटर दूर ही निर्माण का कानून बना है, लेकिन महानगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों को मुंबई और मुंबईकरों की तनिक भी चिंता नहीं है। बीएमसी के उच्च जिम्मेदार अधिकारी और राज्य सरकार आंखें मूंदे हुए हैं।
मुंबई में मनपा की खाली जमीनों का अधिकारी और नेता सौदा कर अपनी जेबें भर रहे हैं। चुनाव का पर्व भूमाफियाओं और बीएमसी अधिकारियों के लिए अवैध निर्माण का सुनहरा मौका देता है कालाधन अर्जित करने का। पत्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं। फोटो सहित गैरकानूनी निर्माण की घटना प्रकाशित करते हैं। बीएमसी आयुक्त, शहरी विकास मंत्री सहित सभी जिम्मेदार चुप रहते हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। अवैध निर्माण में पुलिस, विधायक, सांसद और कार्पोरेटरों का भी सहयोग होता है। सभी अपने हिस्से का कमीशन लेकर अनदेखा अनसुना कर देते हैं। Global Warming
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Global Warming News
अहमदाबाद से लेकर सुदूर साउथ में भी अवैध रूप से जंगल, सरकारी जमीन, चारागाह, तालाब सब पर कब्जा किया जाता है। कुछ समय पूर्व रामटेक की घटना का स्मरण होगा ही। उत्तराखंड में खुद सरकार प्रकृति के विरुद्ध निर्माण कर रही है, जिससे जोशी मठ को खतरा हो गया है। उसका अस्तित्व मिटने की कगार पर है। उत्तराखंड की त्रासदी याद होगी जब नदी की सीमा में चार चार महल के होटल ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी की धार में बह गए थे। Global Warming
अवैध निर्माण मात्र ग्रामप्रधानों, विधायकों, सांसदों और पुलिस जवाबदेह होती है। उत्तर प्रदेश में जिन माफियाओं के होटल रेस्टोरेंट भव्य अट्टालिकाएं योगी ने बुलडोज कराई उसके गैर कानूनी तरीके से निर्माण के समय कौन कौन अधिकारी, विधायक, सांसद थे उनका पता लगाकर साथ में उनके घर भी बुलडोजर से गिराना चाहिए था लेकिन सरकारें ऐसा नहीं करेंगी। जब कोई संपत्ति ढहाई या तोड़ी जाती है तो देश की संपत्ति का नुकसान होता है। Global Warming
गैरकानूनी निर्माण ढहाने या तोड़ने की जगह गरीबों का आशियाना और सरकारी दफ्तर बैंक को दे देना चाहिए। सारे बैंक की अपनी बिल्डिंग नहीं है। उनसे भाड़ा सरकार ले सकती थी। यह सकारात्मकता होती लेकिन हमारी सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहां? अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही जिम्मेदार होता है। अवैध निर्माण न गिराकर अधिकारियों विधायकों सांसदों के शीश महल जब्त कर सरकारी उपक्रमों और निर्धन बिना पक्की छत वाले गरीबों को दे देना ही सकारात्मक कदम होगा। Global Warming
धरती के पर्यावरण की रक्षा वृक्ष ही करते हैं।अब अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए वहां झोपड़ियां बनाकर सदियों से रहने और जंगल से ही अपनी रोजी रोटी कमाने वाले गरीबों को क्यों उजाड़ा जाए, एक धनवान के लिए जैसा कि हसदेव जंगल के लाखों पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। याद रहे सुप्रीमकोर्ट ने सही कहा, धरती सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं हैं। यहां विभिन्न तरह के पशु पक्षी और अन्य जीव भी रहते हैं। वे जंगल और खाली जमीन पर ही आश्रित रहते हैं। पहले लोग अपने धोर लेकर सुबह जंगल जाते थे। पशुओं को जंगल में चारा मिलता है। चारागाह खत्म पशुओं का चारा खत्म। Global Warming
क्या हर बात के लिए हम न्यायालयों पर ही आश्रित रहें? शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं है। अवैध निर्माण के लिए राजनीति का वोट बैंक प्रमुख होता है। इसीलिए जासंबिखकार अवैध निर्माण कराए जाते हैं।जैसे लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही बीएमसी के जिम्मेदार भूमाफियाओं से साठ गांठ कर उनसे करोड़ों रुपए वसूली कर अपने सरकारी आकाओं तक पहुंचाते रहते हैं जिससे कभी अवैध बांधकाम नहीं टूटते।
सुरेंद्र राजभर/ मंसूर शेख मुंबई- ए.डी.आर. की रिपोर्ट पढ़ने पर सिंगापुर के प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया भाषण अक्षरशः सत्य प्रमाणित होता है। उन्होंने कहा था, नेहरू के देश में संसद अपराधियों का गढ़ बन गया है। कैसी राजनीति बना दी गई है भारत की जिसमें अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के होते चले आ रहे हैं। देश का दुर्भाग्य ही है यह। कौन कहेगा भारत राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर जैन और सिख गुरुओं का है? कौन कहेगा संतों, ऋषियों, महर्षियों, ज्ञानियों, विज्ञानियों का देश है यह भारत? स्वार्थलिप सत्तासुख भोग करने, देश को लूटने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अपराधियों को टिकट देंगे। कौन कह सकता है यह वही देश है जहां वेद, शास्त्र, उपनिषद, पुराण लिखे गए? कौन कहेगा कि दुनिया को अशिक्षा के अंधकार से निकालने के लिए ज्ञान विज्ञान का परिचय देने वाला देश है भारत? कौन कहेगा कि यही वह पवित्र भारत की भूमि है जहां गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन का व्यामोह दूर कर कर्तव्य पथ पर लाने के लिए ज्ञान दिया था? कौन कहेगा कि आज का भारत ही सीता, सावित्री, अनुसूया, गार्गी जैसी सती नारियों का देश है? कौन कहेगा आजादी के लिए आंदोलन करने वाले सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जैसे महात्मा का यह देश है? कौन कहेगा यह अमर क्रांतिकारियों सुभाषचंद्र बोस, शहीदे आजम भगत सिंह, लाहिरी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, असफाक उलाह खान और सरहदी गांधी का यह देश है? कौन कहेगा रामायण के अमर गायक महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास, रघुवंशम महाकाव्य के महाकवि कालीदास, मीरा, सुर जायसी, कबीर, रहीम, संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम की धरती है यह? कौन कहेगा आजादी की मशाल जलाने वाले, अंग्रेज की छाती में बंदूक की गोलियां उतारने वाले मंगल पांडेय का भारत है यह? कौन कहेगा गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और वंदे मातरम के गायक बंकिम चंद्र की तपोभूमि है भारत?
शर्म आती है आधुनिक राजनीति में…!
आधुनिक राजनीति में अपराधियों के राजनीतीकरण करने पर शर्म आती है। उन्हें माननीय बनाने पर, कोफ्त होती है देश की नासमझ जनता की सोच पर जो सच्चे और झूठे, साधु और शैतान, सज्जन और दुर्जन में अंतर न कर पाने की मूढ़ स्थिति पर। कौन कहता है भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है? देश की जनता जागरूक हो चुकी है? वह अपना हित अहित सोच ही नहीं सकती!
गलती जनता की है जो मुट्ठीभर अन्न और चंद सिक्कों के बदले अपना अमूल्य वोट बेच देती है…! अनपढ़ जनता भेड़ की तरह झुंड, विवेकहीन होती है। तभी अपात्र नेता चुनती और भोगती है। दरअसल पार्टियों में इतना अधिक सत्तामोह है कि कोई भी दागी प्रत्याशी को खड़ा करने में परहेज नहीं करता। ऐसे में जनता का दायित्व है दलबदलु अपराधी और धनवान लोगों को वोट ही न दें।
पहले फेज का चुनाव 19 अप्रैल को है जिसमें 19 राज्यों के 102 सीटों पर चुनाव होंगे। ए डी आर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 102 सीटों के लिए 1618 उम्मीदवार खड़े हैं। जिनमें 16% यानी 252 प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। 19 ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश। 15 पर महिलाओं के साथ रेप और 35 पर भड़काऊ भाषण देकर देश में दंगे फैलाने की कोशिश के मामले दर्ज हैं। अपराधी मानसिकता के लोगों को टिकट देने में कोई भी दल पीछे नहीं है। क्योंकि उनकी जीत 200% पक्की मानी जाती है। जिनमे ए आई डी एम के ने 36% , बी एस पी ने 13% , आर एल डी ने 100% , टी एम सी ने 40% , कांग्रेस ने 34% , डी एम के ने 59% , एस पी ने 43% , बी जे पी ने 36% अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को टिकट दिए हैं। ऐसे कुल केवल एक फेज में 1625 लोग हैं जिनमें 28% धनवान भी शामिल हैं। 10% लोगों पर गंभीर अपराध, और 42 सीटें तो ऐसी हैं जहां तीन और इससे अधिक दागी उम्मीदवार खड़े हैं। 7 हत्या के मामले 19 हत्या की कोशिश और 15 तो ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट दोषी करार दे चुका है।
याद हो कि सुप्रीमकोर्ट ने दागी या आपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवार बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा था, लेकिन सत्ता लोलूप दलों ने कानून नहीं बनाया। जनता को सोचना और निर्णय करना होगा कि पहले फेज में जब इतने अपराधी उम्मीदवार खड़े हैं तो शेष छः में कितने होंगे और अगर ये चुनकर सांसद के तौर पर संसद में पहुंचे तो कैसा और किसके भले का कानून बनाएंगे? याद रहे कि अपराधी और धनवान जनता की समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें डर लगता रहेगा कि सवाल पूछा तो एन आई ए, आई टी, सी बी आई और ई डी जैसी सरकारी एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाएगी। जिससे उनकी काली कमाई का कच्चा चिट्ठा खुल जायेगा और वे संसद की जगह जेल में होंगे।
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कैसे करें जनता अपने सांसद का चयन ?
इन्हीं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के माननीय बनने से ही उनसे संबंधित गुर्गों सहित लाखों केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े रहते हैं। जिसमें दोष न्यायालयों का दिया जाता है। कारण चुनाव जीत कर वह जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला माननीय सांसद बन चुका होगा। आप लोगों से हम कहना चाहते हैं, कि “हे जनता जनार्दन अपना और अपने देश का भविष्य तुम्हें अपने एक वोट से लिखना है। ऐसे दागी और धनवान लोग ही नहीं दलबदलुओं की जमानत जब्त कराकर उन्हें उनकी सही जगह जेल में भेजें। इसी में जनता और राष्ट्र का भला होगा।”
सक्षम अधिकारियों की संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपये कमाने का सिलसिला जारी
जो पकड़ा जाए भ्रस्ट, जो मैनेज कर ले
वह ईमानदार
भूमाफिया, मनपा गठबंधन की एक मिसाल…. मनपा का सी, वार्ड…!
क़ाली कमाई का रैकेट चला रहे दुय्याम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार
8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रस्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया गिरफ्तार
डी एम सी (DMC) डॉ. संगीता हसनाले के निर्देशन में दिया जा रहा था भ्रष्टाचार को अंजाम..!
सुरेंद्र राजभर मुंबई- वैसे तो पूरे देश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। जिसके पास जितना बड़ा अधिकार वह उतना ही बड़ा भ्रष्टाचारी होता है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। यहां की मनपा के वार्डों में अवैध निर्माण कार्य कराने और करोड़ों रुपए कमाई करने में होड़ लगी है। जो पकड़ा जाए वह भ्रष्ट, जो मैनेज कर ले वह ईमानदार होने का तमगा हासिल कर लेता है। अखबारों में वार्ड के सक्षम अधिकारियों के संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कमाने का सिलसिला जारी है। नित्य ही ऐसे समाचार छपते रहते हैं अखबारों में, किंतु बड़े अधिकारी उस पर कानूनी कार्रवाई करने से चुप्पी साध लेते हैं। (Mumbai BMC Corruption News)
भूमाफिया मनपा गठबंधन की एक मिसाल आज सी वार्ड की पेश है। सी वार्ड में दुय्यम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली बहुत समय से काली कमाई का रैकेट चला रहे थे। दुर्भाग्यवश उन्हें 8 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कुल रिश्वत 20 लाख की पहली किस्त बताई जाती है। पकड़े न जाते तो पूरी किश्त वसूल लेते। सी वार्ड में अवैध निर्माण कराने, संरक्षण देने के बदले कैश लेते भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
बताया जाता है, कि इस लेन देन में वसूली की भूमिका निभाने वाला निलेश होदर है जो ठेकेदार मनपा अधिकारियों के बीच की वसूली की कड़ी बना है। सी वार्ड में पकड़े गए रिश्वतखोर। लेकिन उसी की बगल में बी वार्ड कुख्यात है भ्रष्टाचार के लिए। जहां दुय्यम अभियंता विशाल सखारकर और कनिष्ठ अभियंता युगंधर मराठे की जोड़ी है जो अवैध निर्माण काम के बदले करोड़ों की रिश्वत लेती है। क्या इनका भी हश्र सी वार्ड के भ्रष्टाचारियों जैसा होगा? इनके द्वारा कराए गए गैरकानूनी बंधकाम 350/354 नरसीनाथ स्ट्रीट 113/113A, आई एम एम रोड 148/150, नागदेवी स्ट्रीट 199, ए बी स्ट्रीट 154, नारायण धुरू स्ट्रीट 51, गार्नेट हाइट 175/177 और इसाजी स्ट्रीट जैसे अनेक स्थानों पर अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कथित तौर पर घूस लेने की चर्चा है।
मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।
बताते चलें, कि ये अधिकारी बिना डी एम सी जोन 1 के डॉक्टर संगीता हसनाले की सहमति के अवैध निर्माण नहीं करा सकते। बी और सी के अधिकारी इन्हीं के निर्देशन और संरक्षण में भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं, ऐसा बताया जाता है। सूत्रों का कहना है, कि इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों को डी एम सी जोन 1 का खुला आशीर्वाद मिला हुआ है। क्या सक्षम उच्च अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के हवाले करेंगे?
गोरेगांव पूर्व इलाके में लाखों रूपये की रिश्वत लेकर मनपा पी/दक्षिण विभाग के अधिकारी अवैध निर्माण करा रहे हैं। देखें पहले और अब की तस्वीर ..
मन्सूर शेख मुंबई- गोरेगांव मनपा पी/ दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव की देखरेख में गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड़, सहारा होटल के पास, वार्ड क्रमांक 51, गोरेगांव (पूर्व) स्थित लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण को नज़रंदाज़ करना मनपा अधिकारियों के भ्रष्टाचार को यहां खुले में उजागर कर रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)
लाखों रूपये की रिश्वत ..
बता दें कि “मोबील वन कार केयर शोप” का मालिक लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट में अपने कमर्शियल गाले को मनपा की अनुमति लिए बिना और नाही किसी जानकार इंजीनियर की देखरेख में, खुद ही कडीया, बेगारी लगाकर एक महले का अवैध निर्माण कर रहा है। यहां घटिया बिल्डिंग मटेरियल की जानकारी मनपा अधिकारियों को दी जा रही है। लेकिन मनपा अधिकारियों द्वारा नज़रंदाज़ किए जाने से शिकायतकर्ताओं द्वारा रिश्वत खोरी का गुमान लगाया जा रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)
आप को जानकारी देते हुए बता दें, कि ऐसे अवैध निर्माणों पर मनपा नियमानुसार स्टॉप वर्क नोटिस जारी कर 24 घंटो के भीतर तोड़क कार्यवाही की जानी चाहिए और तोड़क कार्यवाही में सरकारी यंत्रणा को आए खर्च के पैसे अवैध निर्माणकर्ता से वसूले जाने चाहिए। लेकिन मनपा पी/दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव, इमारत बांध काम विभाग के सहायक अभियंता अमोल बोंमने और एरिया मुकादम जय रिश्वत के लाखों रूपये लेकर शांत बैठ गए हैं। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)
अवैध निर्माण की तस्वीर
क्या है कानून?
सरकारी फरमान के मुताबिक, किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर कार्यवाही नही करने की स्थिति में वार्ड के सहायक आयुक्त को दोषी ठहराया जाने और दंडित किये जाने का प्रावधान है। तब पर भी सहायक आयुक्त संजय जाधव द्वारा द्वारा शिकायतों पर ध्यान नही देना उनके भ्रष्ट होने का सबूत पेश करती है। यह भी बता दें कि इन अवैध निर्माणों के चलते हमेशा से ही मुंबईकर हादसे का शिकार होते रहते हैं। जिसपर कार्यवाही करना इन मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है। इस कार्य के एवज़ मे जनता के पैसों से इनको पगार दिया जाता है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी इमानदारी की पगार के साथ रिश्वतखोरी भी करना चाहते हैं। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी को तुरंत पद से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)
इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?
एक दूसरे के घोर विरोधी सब एक हो गए हैं।
INDIA गठबंधन के 28 दलों के नेताओं का मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
वी बी माणिक नई दिल्ली- कल पूरा विपक्षी पार्टियों के कुल 28 दलों के नेताओ ने मोदी के विरुद्ध लोकसभा चुनाव में इज्जत और परिवार बचाओ रैली निकाल कर सभी से चुनाव में मतदान करने के लिए आह्वान किया है। जिसमें मुख्य आकर्षण सुनीता केजरीवाल, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी, शरद पवार, महबूबा मुफ्ती, अखिलेश यादव एवं अन्य नेता उपस्थित हुए सभी ने एक स्वर में अरविंद केजरीवाल को जेल से छुड़ाने के लिए आवाज उठाया। (india political news)
आप को बता दें, कि इसी रामलीला मैदान में 2012 में केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर राजनीति नहीं करने की शपथ ली थी। पर हजारे को धोखा देकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर लिया और घोटाले में जेल की यात्रा पर चले गए। वही राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मोदी ने क्रिकेट में मैच फिक्सिंग की तरह ईडी, सीबीआई और इनकमटैक्स डिपार्टमेंट जैसे सरकारी विभागों को लगाकर चुनाव जीतने की तैयारी में लगे है। (india political news)
राहुल क्या क्या बोलते है ये किसी भी जनता के समझ मे नही आता है। ईवीएम तो कांग्रेस ही लायी थी। आज उसका विरोध कर रहे हैं। संविधान समाप्त हो जाएगा बीजेपी से जनता को छुटकारा पाने का चुनाव है। सुनीता ने कहा कि केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। इस इंडिया गठबंधन में आधे से ज्यादा नेता बेल पर है और कुछ जेल में है। क्या सत्ता धारी पार्टी के नेता ही भ्रष्टाचार में लिप्त है। यहां तो हर छोटे से बड़ा नेता किसी न किसी घोटाले में लिप्त है। (india political news)
दिल्ली के रामलीला मैदान से विरोध प्रदर्शन की तस्वीर
भाजपा नेताओं ने कहा इस गठबंधन में भ्रष्टाचारी सब एक हो गए है जो कभी एक दूसरे के घोर विरोधी थे। आज सब एक दूसरे की गोद मे बैठे है क्या केवल चुनाव जीतकर जनता को लूटने का संकल्प ले रखा है? अभी तक सीट बंटवारा नही हो सका है बात एकता की कर रहे है। जनता इनको जिताने वाली नही है। क्या करेंगे ? (india political news)
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अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उत्तरप्रदेश में जो जंगल राज की सरकार चला रहे थे इनके कार्यकर्ता पुलिस थानों, सरकारी कार्यालयों में दलाली करते थे। महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती थी। पुलिस शिकायत नही सुनती थी। पुलिस कर्मी थानों में बैठकर खुलेआम शराब पीते थे। इस पर कितना कंट्रोल किया था। वही मानसिकता पुलिस वालों की आज भी है। भले योगी की सरकार हो। क्योंकि अखिलेश वाली मानसिकता अभी तक गयी नही है। सारे नेता लोकतंत्र की बात करते है इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है? (india political news)
इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
कौन से दल ने कितना किया झोल?
रिपोर्ट अभी और बाकी है..
Electoral Bond Indian Government Political News
सुरेन्द्र राय मुंबई- हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है।
हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए। अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया?
‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले।
किसने कितने खरीदे इलेक्टोरल बॉन्ड ?
पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए।
कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है। प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए।
जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए। इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले।
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टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए।
जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए।