Category: Corruption

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  • मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    बताया जाता है कि मार खाने के बाद से मालाड़ BMC मालवनी का चाईना मुकादम इमानदार हो गया है। वार्ड क्रमांक 33 में 8 जगहों पर दिन दहाड़े अवैध निर्माण।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में अवैध निर्माणों की भरमार हो रही है। मलबे में दबकर लोगों की मौत के बाद भी यहां अवैध निर्माण को बे-रोक-टोक अंजाम दिया जा रहा है। खास कर वार्ड क्रमांक 33 में 7 जगहों पर खाली पड़ी भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिझवान कंपाउंड के ग्राउंड प्लस एक के अवैध निर्माण की लगातार शिकायतों के बाद भी मनपा सहायक अभियंता सागर राणे की ड्यूटी नकारात्मक साबित हो रही है।

    बताया जाता है कि मालवनी वार्ड क्रमांक 33 का मनपा चाईना मुकादम इस्तेखार और राधे यादव इन अवैध बांधकामों को पैसे लेकर संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक चाईना मुकादम इस्तेखार एक अवैध निर्माण की मनपा कर्मचारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई में मार खाने के बाद से इमानदार हो गया है। यहां पैसे लेकर अवैध बांधकाम को संरक्षण देने का वादा किया गया था। लेकिन मनपा अधिकारियों को पैसे नहीं पहुंचाने की वजह से तोड़क दस्ते ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सरे आम इस्तेखार को पिटना शुरू कर दिया।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/19/malvani-police-is-cleaning

    अवैध निर्माणों की रिपोर्ट ..

    मालवनी वार्ड क्रमांक 33 आज़मी नगर संत. मेथ्यूस इंग्लिश स्कूल के पास लगभग 3 हज़ार स्क्वायर फीट की रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर महबूब द्वारा व्यवसायिक गाले का अवैध निर्माण किया जा रहा है। वहीं खारोडी इलाके के हनुमान मंदिर के पास अदालत कंपाउंड की रिक्त भूखंड पर लगभग 4 हज़ार स्क्वायर फीट में अवैध निर्माण का बांधकाम अवैध कॉन्ट्रैक्टर अदालत द्वारा किया जा रहा है। वहीं खारोडी के काल भैरव मंदिर और गावदेवी मंदिर के पीछे, साई श्रद्धा सोसायटी, फैय्याज की गली में रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर बबलू वेल्डर द्वारा ग्राउंड प्लस दो के 2 रूमों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर विजय जगताप द्वारा राठोडी के ‘अंबेवाडी रहिवासी वेल्फेयर सोसायटी’ में रिक्त भूखंड पर एक अवैध रुम का अवैध बांधकाम कर रहा है। वहीं राठोडी गांव के ओमजी कंपाउंड 16 फिट रोड़ पर पूर्णिमा इलेक्ट्रॉनिक्स के सामने कॉन्ट्रैक्टर ख़ैरियत अली द्वारा एनडी जोन वाली लगभग 600 स्क्वायर फीट जमीन पर 3 रूमों का अवैध बांधकाम कर रहा है। इसके साथ ही राठोडी गांव स्थित ओमजी रिझवान कंपाउंड के ‘ओम विनायक वेलफेयर सोसायटी’ में ग्राउंड प्लस एक महले का अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    चाईना, मुकदमा,
    मालाड़ पी/उत्तर विभाग के दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल की अवैध निर्माण के साथ फाइल तस्वीर

    एक नही दो-दो चाईना मुकादम ..

    बता दें कि यह सारे अवैध निर्माण मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 33 में बे-रोक-टोक चाईना मुकादम के अंडरगाईडेंस में किया जा रहा है। मनपा पी/उत्तर विभाग, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता सागर राणे से लगातार इन अवैध निर्माणों के खिलाफ शिकायतें की जा रही है। वार्ड के मनपा दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल और मुकादम हेनराय गोनसल्वीस रिश्वत खोरी के दाग से बचने के लिए, निजी स्तर पर वार्ड मे इस्तेखार और राधे यादव को चाईना मुकादम के तौर पर नियुक्त किया है। आप को यह भी बता दें कि अवैध निर्माण के इस लेन देन में लाखों रुपयों का खेल चलता है। कभी पकड़े गए तो सरकारी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। लेकिन वार्ड में नियुक्त ये दोनों चाईना मुकादम मनपा सहायक अभियंता सागर राणे और दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल के साथ- साथ वार्ड के मुकादम हेनराय गोनसल्वीस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

    अवैध निर्माण की शुरूआत से पूरा होने तक यहां मनपा के अधिकारी पैसों को हाथ तक नहीं लगाते, सारा लेन देन इन चाईना मुकादमों द्वारा अवैध निर्माणकर्ताओं और मकान मालिकों से किया जाता है। कुछ हफ़्तों बाद जब मामला सलट जाता है। तब, मनपा अधिकारियों द्वारा इन मुकादमों से पूराने पैसों की डिमांड की जाती है। इससे भ्रष्टाचार में उनके फसने का खतरा कम हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में इस्तेखार द्वारा पैसे गबन किए जाने के बाद पूर्व मनपा अधिकारियों ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए पीड़ितों ने प्रशासन के सामने ही चाईना मुकादम की पिटाई कर दी। लेकिन इस घटना के बाद से इस्तेखार सुधार चुका है। मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्वत के पैसे अपने बैंक के खातों मे संभाल कर रखता है और समय पर पेमेंट पूरा भी करता है। इसीलिए इस्तेखार और राधे यादव द्वारा संरक्षित अवैध निर्माणों पर तोड़क कार्रवाई नही होती।

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  • कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    • कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
    • चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
    • Electoral Bond ADR Report

    सुरेंद्र राय
    मुंबई:
    अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

    चंदा देश में गंदा काम ..

    चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

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    Member of Parliament Election 2024 India

    एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)

    किसने कितना दिया चंदा ?

    चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

    Electoral Bond ADR Report

    चंदा, Electoral Bond,

    चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)

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    टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)

    सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

  • वसई विरार को बर्बाद करने के लिए खोला तीन मंजिला जुगार का अड्डा

    वसई विरार को बर्बाद करने के लिए खोला तीन मंजिला जुगार का अड्डा

    कुख्यात नशे का सौदागर विवेक कुबल पिछले 7 साल जेल में सजा काटने के बाद। अपना कारोबार बदल लिया है। इसने वसई विरार को बर्बाद करने के लिए एक तीन मंजिला जुगार का अड्डा खोल दिया है।

    आसिफ अंसारी
    पालघर
    – वसई (पश्चिम), एसटी बस डिपो के सामने, ऋषिकेश वेज होटल के पीछे, अंजलि बार के पास, एक तीन मंजिला इमारत पूरा जुगार का अड्डा बना कर विवेक कुबल लोगों को ड्रग्स की लत और जुगार के साथ पैसों की लूट करने का कारोबार कर रहा है। लिखत शिकायत के बाद माणिकपूर पुलिस ने तातपूर्ता  जुगार के अड्डे को बंद करा दिया है।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/13/police-seized-hashish-worth-rs-2-crore-brought-from-bihar-to-sell-in-mumbai
    indian fasttrack news

    महाराष्ट्र जुगार प्रतिबंध क़ानून 1887 में दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान होने के बावजूद माणिकपूर पुलिस का इस जुगार के अड्डे पर कार्यवाही का नहीं करना। पुलिस की नाकामी का सबूत पेश करती है। जुगार के चलते, ना जाने कितने ही घर बर्बाद हो गए, बच्चे अनाथ हो गए। इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने पुलिस को कार्रवाई का अधिकार दिया है। लेकिन मानिकपुर पुलिस ने यहां पर जुगार के अड्डे को चलता हुआ देख अपने आंख मूंद लिया था। जो पत्रकार के शिकायत पर परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले के आदेश पर खाना पूर्ति करते हुए तत्पूर्ता जुगार के अड्डे को बंद करा दिया गया है।

    जुगार के अड्डे पर दिखावे का एक्शन..

    बताया जाता है, कि तीन मंजिला जुगार के इस अड्डे को कारोबार के मालिक विवेक कुबल ने दो लोगों को पार्टनरशिप के तौर पर रखा हुआ है। जो दूसरे राज्य के जुगारियों को आमंत्रित कर उनके रहने खाने की व्यवस्था करते हैं। सत्तार खान और सुशील चौहान कलब चलाने के लिए गुजरात तथा और राज्यों से जुगारियों को पैसों का प्रलोभन देकर बुलाने का काम करते है। कहां तो यह भी जाता है कि यहां बाहर के बदमाश और वांछित अपराधी पुलिस से बचने के लिए इस जुगार के अड्डे में पनाह लिया करते हैं।

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    पत्रकार ने विडियो ग्राफी निकाल कर पुलिस आयुक्त मधुकर पांडे से शिकायत कर दी। तब जाकर पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले को इसकी जानकारी मिली। आनन फानन में माणिकपूर पुलिस ने जुगार के अड्डे को बंद करा दिया। जबकि कुछ बाहर से आए वांछित अपराधी इस जुगार के अड्डे में शरण लिए हुए थे। पुलिस ने अगर जांच किया तो शातिर चोर उचक्कों की गैंग यहा बंद कमरों में जरूर मिलेंगी।

  • Maharashtra; राज्य सरकार नहीं चाहती निष्पक्ष चुनाव ?

    Maharashtra; राज्य सरकार नहीं चाहती निष्पक्ष चुनाव ?

    चुनाव अधिकारियों के जरिये खुद के पक्ष में जीत हासिल करने के प्रलोभन में महाराष्ट्र की सरकार तबादले को रोके हुए है। शिंदे सरकार पर उठते सवाल?

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    आम चुनाव आते ही बड़े अधिकारियों के ट्रांसफर का दौर शुरू हो जाता है। सरकारें चुनाव आयोग पर दबाव डालती रहती हैं, ताकि ऐसे अधिकारी रहें जो उसकी पार्टी को चुनाव जीताने में मदद करें। महाराष्ट्र के चुनाव आयोग ने बीएमसी में बहुत समय से अपना साम्राज्य बनाकर बैठे अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिए हैं। लेकिन शिंदे सरकार उन्हें हटा नहीं रही। क्यों यह तो सरकार ही बता सकती है?

    महाराष्ट्र चुनाव आयोग के निर्देश।

    सूत्रों के अनुसार बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कमिश्नर इक़बाल सिंह चहल, उपायुक्त अश्विनी भिड़े और बेलरासू चार-चार साल से अपने पदों पर एक ही जगह बैठे हैं। जिन्हें हटाने का आदेश महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने दे दिया है। परन्तु शिंदे सरकार हटाने को तैयार ही नहीं हैं। कारण ये अधिकारी शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के समय पदनिर्देशित किए गए थे। जिन्हें उद्धव ठाकरे गुट के खास भी माने जाते हैं। अगर तीनों बड़े मनपा अधिकारियों के ट्रांसफर नहीं किए गए तो निष्पक्ष चुनाव हो ही नहीं पाएगा। इसकी भी जानकारी सूत्र बताते हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/14/the-slogan-of-every-party-is-all-seats-are-ours
    Indian Political news

    आयुक्त इकबाल सिंह चहल को शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट का माना जाता है। 15 मार्च तक चुनाव आचार संहिता लागू होने वाली है। अतः दो दिनों में तीनों बड़े अधिकारियों को हटाना ज़रूरी है। मगर अभी तक चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद हटाया नहीं गया है। ख़बर के मुताबिक, आयुक्त इक़बाल सिंह चहल को सेक्रेटरी बनाया जाना है। या बनना चाहते हैं। इसलिए वे यहां से हटना नहीं चाहते। इसके साथ ही परदेशी को मनपा आयुक्त बनाने की बात चली लेकिन परदेशी ने रुचि नहीं दिखाई और साफ तौर पर मना कर दिया, कि वे इच्छुक नहीं है।

    चुनाव,

    मुख्यमंत्री के बांधें है किसी ने हाथ ..

    चुनाव आयोग की सख्ती और तीनों पदों पर राज्य सरकार किसे लाती है। इस बात को लेकर मुंबई में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष कांग्रेसी नेता विजय वेडेट्टीवार का कहना है, कि मुख्यमंत्री का हाथ किसने बांध दिया है? क्या इन अधिकारियों का दबाव शिंदे पर है? हो सकता है, शिवसेना में रहते हुए शिंदे के तीनों अधिकारियों से मधुर संबंध रहे हों। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग के साथ ही केंद्रीय चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा है।

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    इसके साथ ही, सुधाकर शिंदे के संदर्भ में आरोप है, कि वे आईएएस नहीं होने के बावजूद भी आईएएस पद पर बैठे हुए हैं।उन्होंने साकीनाका झोपड़पट्टी पुनर्वसन में करोड़ों के घोटाले के साथ ही फर्जी लोगों को जालसाजी कर आवास आवंटन करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीट से जांच कराने की भी मांग की है।

  • हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    देश में चुनावी बिगुल बजने की तैयारी जोरों-शोरों से की जा रही है। किसी का टिकट कटा तो किसी ने पाला बदला। समय ही बताएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – समय आ गया चुनावी बिगुल बजने वाला है। सारे योद्धा मल्ल युद्ध की तैयारी में जी-जान से जुट गए है। जिन पहलवानों को टिकट नही मिलने वाला है वह अपने भाग्य की आज़माइश निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अखाड़े में उतरेंगे और अपने दल का सत्यानाश करेंगे। (indian politics and election News)

    सभी राजनीतिक दल अपने सारे हथियारों पर धार देना शुरू कर दिया है। टीवी चैनलों पर ओपिनियन पोल आने शुरू हो गए है। सारे चैनल कौन जीतेगा? कौन हारेगा? इसकी भविष्यवाणी कर रहे है। जो कि परिणाम के बाद सब गलत साबित होता है। इसके साथ ही इन नेताओं की पत्नियां मन्दिरो में जाकर बड़े-बड़े मन्नत चुनाव जीतने के लिए मांग रही है। भले ही पांच वर्ष मंदिर में पूजा नही करती है। बड़े पैमाने पर दल बदल भी शुरू हो गया है। हर जगह चुनावी सभाएं, संपर्क अभियान, भारत जोड़ो यात्रा, लूट हत्या, अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रही है। (indian politics and election News)

    अपराधियों को लोकसभा में घुसाने की तैयारी ..

    अनेको प्रकार के आश्वासन, प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। इस बार तो कई माफियाओ और अपराधियों को टिकट देकर लोकसभा में भेजने की तैयारी की जा रही है। जन मानस सोच में पड़ गया है कल ये गुंडा इस पार्टी में था अब इसको दूसरी पार्टी ने चुनाव का टिकट दिया? अगर सही मायने में देखा जाय तो करीब 50 प्रतिशत लोग स्वेच्छा से मतदान करना ही नही चाहते 30 प्रतिशत लोग मतदान के दिन अपना घर छोड़कर घूमने निकल जाते है। (indian politics and election News)

    Mumbai congress and shivsena maha vikas aghadi gatbandhan news

    मुफ्त की शराब ..

    इनके नाम पर फर्जी मतदान करवाया जाता है। बूथ कैप्चरिंग, मतपेटी गायब करना बंदूक की नोक पर बूथ पर पूरी तरह कब्जा करके अपने प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए राजनीतिक पार्टीया पूरी तैयारियां करती है। फिर भी साफ सुथरी चरित्रवान छवि ईमानदार कर्मठ नेता कहलाते है और वोट के लिए नोटों के बंडल के साथ शराब मुफ्त में वितरण करवाना ये सब तैयारियां शुरू हो गयी है। (indian politics and election News)

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    Indian वोट किसे दें ?

    सभी राजनीतिक दल नए-नए हथकंडे अपनाएंगे। अभी भी लोग असमंजस में है, वो किसको वोट दें? किसको न दें? वही दूसरी ओर चुनाव आयोग भी पूरी निष्पक्षता से काम नही करता। सभी उम्मीदवारों की आपराधिक घटनाओं की जाँच करवाना चाहिए जिसके ऊपर एक भी केस विचारसधीन हो या पुलिस में दर्ज हो उसको चुनाव लड़ने से वंचित कर देना चाहिए। पर चुनाव आयोग इस तरह की न्यायिक कार्यवाही कर नही सकता। क्योंकि चुनाव आयोग कोई कार्य, निष्पक्षता से नही करता है। अपने समय पर चुनाव करवाये समय पर सारे कार्य करे ये भी राजनीतिक दलों के हाथ की कठपुतली बने हुए हैं। (indian politics and election News)

    आजकल में ही आचार संहिता लगने वाला है ये सभी दलों को मालूम है। कुछ पार्टीयो ने तो अभी तक अपने प्रत्याशियों का चयन भी नही किया है। सभी प्रत्याशियों के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पर चुनाव आयोग ये कभी नही करवाएगा। जो उम्मीदवार पहले जीतकर लोकसभा में रह चुके है। उनकी जाँच काफी गम्भीरतापूर्वक होनी चाहिए, कि इस सांसद के पास इतना धन संपत्ति कहां से आया है। इसके पहले कितना था चुनावी चंदे के चक्कर मे बैंक ही आरोप के कटघरे में खड़ा हो गया। (indian politics and election News)

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    कौन है ईमानदार ?

    अब ईमानदार कौन रह गया? ये सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। जहाँ आचार संहिता लागू हुआ कोई भी आम नागरिक लाख पचास हजार रुपये लेकर नही चल पाएगा। उसको स्थानीय पुलिस परेशान करेगी इसके अलावा ईडी, सीबीआई छापेमारी और तेज हो जाएगी। कुछ पकड़े जाएंगे, कुछ छोड़े जाएंगे। हर पार्टीया दावा कर रही है, कि इस बार सत्ता हमारी आएगी। पर इसका फैसला तो देश का मतदाता करने वाला है। पर नेताओ के दावे बड़े बड़े है काम किसी का नही दिखाई पड़ रहा है। अब आगे चलकर देखना है, कि ऊंट किस करवट बैठता है। (indian politics and election News)

  • Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

    Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

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    • सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघावकर के सलाह और संरक्षण में 43 रुम का अवैध बांधकाम
    • क्या मनपा में एक भी इमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है?

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई
    – एक तरफ राज्य के मुखिया ने आदेश दिया है, कि किसी भी क्षेत्र में अवैध बांधकाम ना किया जाए। अवैध निर्माण कै अचानक ढ़ह जाने से राज्य के कई घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन दूसरी ओर मनपा के वार्ड ऑफिसर और अभियंता, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेश की खुली अवहेलना ही नहीं बगावत करके ढेर सारे गैर कानूनी बांधकाम के निर्माण को शह और संरक्षण देकर मोटी रकम की काली कमाई करते हैं पत्रकार द्वारा निकाली गई गैर कानूनी बांधकाम की वीडियो चिख चिख कर वार्ड ऑफिसर और अभियंता की काली कमाई और अवैध बांधकाम के सबूत दे रही है। मौत के इस खेल की तस्वीर मालवनी इलाके की है। जहां पिछले कई हादसों के नीचे दबकर लोगों की मौत होने की तस्वीरें लोगों ने देखी है। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    कहां हो रहा है अवैध बांधकाम ..?

    विदित हो कि मलाड (पश्चिम), वैति वाडी, मालवनी गांव, सुंदर गली, राम मंदीर के पीछे, मार्वे रोड़, मुंबई- 400095 स्थित ठेकेदार विक्की कमलाकर भंडारी द्वारा 4,500 वर्गफूट के रिक्त भूखंड पर एक दो नहीं अंदाजन 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) की चाली का अवैध निर्माण किया जा रहा है। जिसे गैरकानूनी ढंग से कोई भू माफिया या ठेकेदार नहीं बना सकता जब तक की कोतवाल यानी वार्ड ऑफिसर और अभियंता का वरदहस्त उनके सिर पर न हो। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/09/deadly-attack-on-jewelers-for-money-in-kandivali
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    जांच में सूचना मिली कि पी/नॉर्थ वार्ड के वार्ड ऑफिसर किरण शिवाजीराव दिघावकर और सहायक अभियंता अनिल पुनतांबेकर की सलाह और संरक्षण में 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) रूम की चाली के अवैध बांधकाम कराए जा रहे हैं। यह निर्माण कई करोड़ के हैं। जिसे संरक्षण देने के लिए वार्ड ऑफिसर और सहायक अभियंता के माध्यम से करोड रुपए की रिश्वत ली है। वरना इतने बड़े पैमाने पर गैर कानूनी निर्माण कैसे संभव होता? क्या मनपा में एक भी ईमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है ? जो भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को पद का दुरुपयोग करने, काली कमाई करने वाले भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को सजा दिला सके? अब ऐसे में मुख्यमंत्री जी आपके आदेश की हुक्म उलुदी का मतलब है। आपकी मनपा के अधिकारियों के मन में साख कम हुई है। यह भ्रष्ट मनपा अधिकारी ऐसे ही गैर कानूनी निर्माण कराते रहते हैं। क्योंकि इनको किसी कार्रवाई का डर है ही नहीं। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    अवैध बांधकाम,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    शुबहा तो आप पर भी किया जा सकता है। क्योंकि आपने इतने गैरकानूनी बांधकाम की ‘ indian fasttrack’ न्यूज़ में प्रकाशित खबरों, पर कभी एक्शन ही नहीं लिया। क्या ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए की काली कमाई का हिस्सा आपको और आपके मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री तक जरूर पहुंचता होगा? अन्यथा भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया? हम चाहते हैं, कि आप अपनी छवि को बेदाग रखने के लिए सभी वार्डों में कराए गये और कराए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम की न्यायिक अथवा विजिलेंस के माध्यम से जांच कराकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें। अन्यथा लोग ऐसे ही बेरहमी की मौत मरते रहेंगे और तमाशा देखने वाले नोट गिनते रहेंगे। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    https://indian-fasttrack.com/2023/03/27/strange-hospital-strange-doctor
    Malad Marve Road, charkop signal, Raksha Hospital News
  • सातिवली में वाटर रिजर्व आरक्षित भूखंड पर अवैध निर्माण

    सातिवली में वाटर रिजर्व आरक्षित भूखंड पर अवैध निर्माण

    वसई विरार के सातिवली में वाटर रिजर्व आरक्षित भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। कमिश्नर ने दिए तोड़क कार्रवाई के निर्देश, सहायक आयुक्त दे रही है अवैध निर्माण को संरक्षण।

    आसिफ अंसारी
    पालघर-
    वसई विरार महानगर पालिका के प्रभाग ‘जी’ अंर्तगत होने वाले अवैध निर्माण पर प्रभारी आयुक्त रमेश मनाले ने तोड़क करवाई का आदेश जारी किया है। लेकिन इन दिनों प्रभाग ‘जी’ की प्रभारी सहायक आयुक्त मनाली शिंदे एक दीवाल तोड़कर अपनी खूब वाहवाही लूटी रही है। जबकि उनके ही प्रभाग ‘जी’ अंतर्गत सातिवली में सर्वे क्रमांक 50/ 2/1/अ/2 में वाटर रिजर्व के लिए आरक्षित जमीन पर बन रहे अवैध बांधकाम पर मैडम तोड़क कार्रवाई नही कर रहीं हैं।

    शिकायतकर्ताओं का कहना है, कि जब मैडम लगभग 50 हजार फूट में तोड़क करवाई करने का ढ़िंडोरा पिट रही है। तो दूसरी तरफ, शहजाद मलिक द्वारा आरक्षित जमीन पर 15 हजार फूट से ज्यादा की जमीन पर अवैध बांधकाम किया जा रहे है, तो उसके अवैध बांधकाम पर तोड़क करवाई करने से क्यों परहेज कर रही है शिंदे मैडम। जबकि आरक्षित जमीन पर हो रहे अवैध बांधकाम पर तोड़क करवाई करने का आदेश प्रभारी आयुक्त रमेश मनाले ने दे दिया है।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/08/case-registered-against-16-officials-including-congress-mla-varsha-gaikwad

    सातिवली में अवैध निर्माण ..

    अवैध निर्माण,
    नोटिस कॉपी

    आयुक्त के आदेश के बाद भी मनाली शिंदे आदेश की धज्जियां उड़ा रही है। वही विश्वस्नीय सूत्र कहते हैं, कि मनाली शिंदे ने शहजाद मलिक के अवैध बांधकाम पर तोड़क करवाई नही करने के बदले में लाखो रुपए रिश्वत लिया है। अवैध निर्माणकर्ता शहजाद मलिक और प्रभाग की सहायक आयुक्त मनाली शिंदे के बीच सेटिंग में यह भी पता चला, कि प्रति स्क्वेर फ़िट 200 रुपये के हिसाब से अवैध निर्माण को संरक्षण देने का सौदा तय हुआ है। लोगों का कहना है, कि वसई विरार महानगर पालिका के इस प्रभारी सहायक आयुक्त मनाली शिंदे पर लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग, महाराष्ट्र की ओर से सर्विस रिकार्ड की जांच करा कर दंडित किया जाना चाहिए। अन्यथा भ्रष्टाचार का यह दीमक पूरे वसई विरार महानगर पालिका को खोखला कर देगा।

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  • कांग्रेस विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

    कांग्रेस विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

    बिना इजाज़त सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले में आजाद मैदान पुलिस ने विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों और 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति के मोर्चा निकालने का मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai case filed against Varsha Gaikwad)

    मुंबई की विशेष मलिन बस्तियों में स्वच्छता के लिए ठेकेदारी प्रथा अपनाई जा रही है। ठेका प्रथा से दैनिक मजदूरों के सामने भुखमरी की नौबत आ जायेगी है। इसलिए सफाई कर्मचारी संगठनों ने बुधवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर मांग किया, कि मनपा (BMC) प्रशासन 1200 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द करें। इस आंदोलन में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार ग्रुप), आप, कम्युनिस्ट पार्टी और इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टियों ने हिस्सा लिया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

    इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मनपा मुख्यालय और सामने की सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने इस सड़क को जाम कर मुख्यालय में घुसने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मनपा कमिश्नर इकबाल सिंह चहल से मिलने की कोशिश की। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

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    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़..

    पुलिस बल ने उन्हें मुख्यालय जाने से रोक दिया। पुलिस सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आजाद मैदान थाने ले गई। आज़ाद मैदान पुलिस ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के साथ प्रकाश रेड्डी और 15 अन्य पदाधिकारियों के साथ-साथ 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अधिकारी ने बताया, कि बिना इजाजत मोर्चा निकालने और आदेश का उल्लंघन करने का के लिए भारतीय दंड संहिता सहित मुंबई पुलिस की धारा 143, 145, 149 के साथ 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

    कांग्रेस,

    मंत्रालय के सामने किया सड़क जाम ..

    युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बुधवार को मंत्रालय के यहां सड़क जाम कर दिया था। उस मामले में मरीन ड्राइव पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राउत और 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इलेक्ट्रो बांड के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई सूची एसबीआई द्वारा अब तक नहीं दिए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने बुधवार को मंत्रालय के पास सड़क रोककर प्रदर्शन किया था। उस वक्त सभी अधिकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इन सभी को नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

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  • Mumbai: कांदिवली पश्चिम में “लैंड जेहाद” का खुला खेल

    Mumbai: कांदिवली पश्चिम में “लैंड जेहाद” का खुला खेल

    • मनपा आर/दक्षिण विभाग व स्थानीय पुलिस की मिली भगत से मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू लैंड जेहाद के तहत गरीब विधवा की जमीन हड़पकर कर रहा है अवैध निर्माण
    • शेख के गुंडो की स्थानीय जनों में दहशत

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    लव-जेहाद के मामले जहां पूरी तरह चर्चा में है तथा उसका समाधान निकालने की कोशिश शासन/प्रशासन द्वारा की जा रही है। वहीं महानगर मुंबई के कांदिवली पश्चिम में “लैंड जेहाद” का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिसमें एक गरीब 75 वर्षीय विधवा चंद्रावती राजाराम शर्मा के घर में घुसकर 40 से 50 मुस्लिम बदमाशों द्वारा जमीन कब्ज़े का खेल प्रकाशित हो रहा है। पीड़ित परिवार की कांदिवली गांव स्थित 595.2 वर्ग मीटर जमीन को स्थानिक गुंडे मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू और फिरोज शेख द्वारा हड़पने व उसपर अवैध निर्माण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

    कांदीवली में “लैंड जेहाद” ..

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कांदिवली पश्चिम स्थित महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड, आर.एन.ए. कॉम्प्लेक्स के सामने शर्मा कंपाउंड में लगभग 595.2 वर्ग मीटर के भूखंड पर “लैंड जेहाद” के तहत मोइनुद्दीन शेख और फिरोज शेख जबरन कब्जा कर मनपा आर/दक्षिण एवं स्थानी पुलिस की मदद से अवैध निर्माण कर रहे हैं। शिकायतों के उपरांत भी मनपा आर/दक्षिण के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। फिरोज शेख मोइनुद्दीन का भांजा बताया जाता है। उक्त भूखंड गांव-कांदिवली, तालुका-बोरीवली, उत्तर मुंबई उपजिला के अंतर्गत 595.2 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का गरीब विधवा चंद्रावती राजाराम शर्मा के मालिकाना अधिकार की जमीन है।

    मनपा आर/ दक्षिण विभाग क्यों है खामोश?

    यद्यपि कि शिकायतों के बाद मनपा आर/दक्षिण द्वारा 354 ए के अंतर्गत निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस नंबर (RS/DO1RS/020/354(mmc) Act/RS41 नं. 1) दिनांक- 05/02/2024 Ref.No. 183193 दिया गया है। मुंबई मनपा अधिनियम 1888 के अंतर्गत अधिनियम 351, 352, 352-ए और 354-ए में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग कर उक्त अवैध निर्माण की जांच कर दोषी व्यक्तियों को दंडित करने एवं अवैध निर्माण को रोकने का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद भी मनपा अधिकारियों ने निजी स्वार्थ के चलते कोई कार्रवाई नहीं की है।

    https://indian-fasttrack.com/2024/02/20/r-south-department-of-pura-municipal-corporation-involved-in-illegal-construction
    इससे संबंधित पहली खबर:-

    शिकायतकर्ताओं का कहना है, कि मोइनुद्दीन शेख ने डी.ओ. अभय जगताप को मुंह मांगी कीमत देकर अपने भांजे फिरोज शेख के नाम उक्त नोटिस मनपा द्वारा दिलवाया है। इससे यह साफ जाहिर है, कि मोइनुद्दीन शेख की अवैध निर्माण को मानपा अधिकारियों का अर्थ पूर्ण संरक्षण प्राप्त है। पुलिस भी मोइनुद्दीन शेख की गुंडागर्दी की शिकायत पर कार्रवाई न करके उसे अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देती है। मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू जबरदस्ती कब्जे करने के लिए गुंडो की एक फौज पाले हुए हैं। जिसके द्वारा वह स्थानीय जनों को धमकियां दिलवाने, गाली-गलौज करने व डराने तथा मारपीट करने का काम करता है।

    मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू पुलिस का हम खास व खबरी बताया जाता है। साथ ही इलाके के सबसे बड़े एसआरए प्रोजेक्ट डेवेलपर “रूपारेल” से जुड़ा होने की वजह से मामू के विरुद्ध आने वाली शिकायतों को स्थानीय पुलिस दर्ज ही नहीं करती। किसी तरह यदि दर्ज भी कर ली, तो कार्रवाई करने में टालमटोल करती रहती है। शिकायतकर्ता गरीब विधवा ने मनपा एवं पुलिस के उच्च अधिकारियों से अपनी जमीन वापस दिलवाने तथा अपने परिवार को संरक्षण प्रदान किए जाने की गुहार की है।

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  • उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

    उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

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    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अराजकता की नई तस्वीर सामने आ रही है। योगी जी के राज में यहां अवैध रूप से जमीन कब्जा करने के लिए वकीलों को गुंडागर्दी करते विडियो रिकार्ड किया गया। महिलाओं की सुरक्षा चोरी लेकर पुलिस प्रशासन निकम्मी साबित हुई।

    वी.बी. माणिक
    उत्तर प्रदेश/प्रयागराज
    – अब योगी जी का महिलाओ की सुरक्षा का नारा खोखला साबित होता जा रहा है। महिलाएं अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। कल प्रयागराज के गंगापार सरायइनायत के रेठिया गाँव में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडों और वकीलों के करीब 25 से 30 लोग एक सोनी परिवार के घर मे घुसकर महिलाओ और बच्चों के साथ अश्लील हरकत और जमकर मारपीट किया। इसकी जानकारी सरायइनायत थाने के थानाध्यक्ष पंकज राय को दिया गया। जिस पर अभी तक कोई भी केस दर्ज नही किया गया और न ही घटना स्थल पर पुलिस गयी।

    इस विषय पर पुलिस के कमिश्नर रोनित शर्मा को फोन किया गया तो शर्मा ने फोन नही उठाया। एसपी गंगापार अभिषेक भारती ने फोन पर कार्रवाई का आश्वसन देकर मौन हो गए। लेकिन कार्रवाई कुछ नही किया। इसके बाद डीजी लखनऊ को फोन किया तो फोन नही उठाया। कल पूरे दिन प्रयाराज जिला कचहरी में हड़ताल जारी रहा। वकीलों में दो ग्रुप हो गया था।

    योगी,
    पुलिस थाने के बाहर न्याय के लिए इंतजार करता पीड़ित परिवार की तस्वीर

    योगी आदित्य के राज में अराजकता का माहौल

    अब उत्तरप्रदेश में वकील वकालत कम गुंडागर्दी ज्यादा करने लगे है। क्योंकि प्रशासन इन गुंडों पर कार्रवाई करने से डरता है। योगी महिलाओ की सुरक्षा और भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते है। पर यहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह निर्लज्ज और कामचोर है। केवल लोगों से अवैध वसूली में व्यस्त रहता है। योगी का शिकायत सेल भी पूरी तरह निष्क्रिय है। योगी सरकार को भी अखिलेश सरकार की हवा लगी है। यहां गुंडा राज कायम है। यहां महिलाओ को अकेले घर मे छोड़ने लायक नही है। क्योंकि कब गुंडे घर मे घुस जाएंगे इसकी कोई गारंटी नही है।

    एसीपी थरवई सीपी सिंह तो पूरा लापरवाह है। ऐसा लगता है, कि ये केवल पुलिस विभाग में वसूली के लिए भर्ती हुआ है। दूसरी ओर प्रयागराज के जिला कचहरी में वकील कम वकील के भेष में गुंडे माफिया और वसूली मास्टर ज्यादा है। इस पर उच्चन्यायालय उत्तरप्रदेश कब संज्ञान लेगा ? कब इनका रजिस्ट्रेशन नंबर रदद् करेगा ? न्यायपालिका का डर धीरे धीरे कम होता जा रहा है। पुलिस फर्जी केस बनाने में ज्यादा व्यस्त है। गरीब और मध्य्यम वर्ग के लोगो को अब योगी राज में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। लोगो मे भारी भय व्याप्त है। पीड़ित परिवार केस दर्ज करने को लेकर समय का इंतजार कर रहा है।