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  • मुम्बई की एक बैंक ने की 122 करोड़ रुपये की हेराफेरी, पुलिस में मामला दर्ज, RBI का एक्शन

    मुम्बई की एक बैंक ने की 122 करोड़ रुपये की हेराफेरी, पुलिस में मामला दर्ज, RBI का एक्शन

    मुम्बई की एक बैंक के के खिलाफ पुलिस ने 122 करोड़ रुपये की हेरा-फेरी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश प्रवीणचंद मेहता ने इस घोटाले को अंजाम दिया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    मुम्बई: न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) में 122 करोड़ रुपये का घोटाला लोगों को हैरान और परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश प्रवीणचंद मेहता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। खबर के मुताबिक, हितेश प्रवीणचंद मेहता ने 2020 से 2025 तक अपने पद पर रहते हुए पैसों की हेराफेरी की है। जबकि, मेहता के पास दादर और गोरेगांव की ब्रांच का प्रबंधन का काम था। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    किसने की शिकायत?

    न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के चीफ अकाउंट ऑफिसर ने दादर पुलिस स्टेशन पर शिकायत की थी। जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे मामले में मेहता के दोस्त भी शामिल हैं। इसलिए पूरे मामले की जांच मुम्बई पुलिस के ईओडब्ल्यू को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय सहिंता 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    आरबीआई का एक्शन

    शिकायतों और आर्थिक समस्याओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस बैंक पर कड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को आरबीआई ने इस बैंक पर बिना सेंट्रल बैंक की मंजूरी के लोन देने या फिर उसके नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। साथ ही नई जमाराशि को जमा करना या फिर भुगतान करने पर भी आरबीआई ने बैन लगाया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

    एक दिन बाद ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को हटाने का फैसला किया। वहीं, बैंक के संचालन का जिम्मा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व महाप्रबंधक श्रीकांत को सौंपा है। इनकी मदद के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कमेटी बनाई है। जिसमें एसबीआई के पूर्व एमडी रवींद्र सपरा और चार्टेड अकाउंटेंट अभिजीत देशमुख शामिल हैं। बता दें, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा, कि बैंक का प्रशासन मानकों के अनुरुप नहीं चल रहा था। जिसकी वजह से हस्ताक्षेप करना पड़ा है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)

  • महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं- पटोले

    महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं- पटोले

    महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं। ऐसा कहते हुए नाना पटोले ने राज्य की सरकार गठबंधन पर आरोप लगाया। साथ ही संजय राउत के आरोपों के बीच चुनाव में धांधली को लेकर एमवीए नेता ने कोर्ट का रुख अपनाया। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुंबई– कांग्रेस की महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख नाना पटोले ने मंगलवार को राज्य में देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट है बल्कि इसमें शामिल लोग अपराधी हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    पटोले ने यह भी जानना चाहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक मंत्री ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनको लेकर उठे विवाद ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अंदरूनी कलह को सामने ला दिया है। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री पर उठे सवाल

    पटोले ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार न केवल भ्रष्ट है, बल्कि जो लोग इसमें शामिल हैं, वे सभी अपराधी हैं। सिर्फ़ मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरा प्रशासन भ्रष्ट है। धनंजय मुंडे के खिलाफ आरोप गंभीर हैं, लेकिन इन आरोपों के पीछे भाजपा ही है। भाजपा के एक विधायक मुंडे के भ्रष्टाचार को खुलेआम उजागर कर रहे हैं, फिर भी मुख्यमंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की है।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह भाजपा, अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा है? कांग्रेस को उनके अंदरूनी झगड़ों में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की पिछली महायुति सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता धनंजय मुंडे के मंत्री रहते कृषि विभाग में 88 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुंडे पहले से ही बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से संबंधित जबरन वसूली के मामले में अपने सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    पटोले ने कहा कि असली मुद्दे लोगों के सामने हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका बकाया नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, चावल और प्याज के किसान संकट का सामना कर रहे हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बांग्लादेशी महिलाओं को सरकार से लाड़की बहिन योजना का पैसा मिल रहा है, जबकि महाराष्ट्र के नागरिक परेशान हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई है, कल ही शिरडी में दो हत्याएं हुईं। महिलाएं असुरक्षित हैं।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    फर्जी मुठभेड़

    उन्होंने कहा कि परभणी में पुलिस ने युवा आंबेडकरवादी कार्यकर्ता सोमनाथ सूर्यवंशी को कथित तौर पर मार डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि बदलापुर स्कूल यौन उत्पीड़न मामले का आरोपी अक्षय शिंदे फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री का अंधविश्वास

    उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार गंभीर मुद्दों को छिपा रही है, लेकिन विपक्ष चुप नहीं रहेगा। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।’’
    इससे पहले दिन में शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस अंधविश्वास के कारण दक्षिण मुंबई स्थित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में रहने नहीं गए हैं। राउत ने कहा था कि अफवाह यह है कि एकनाथ शिंदे की कामाख्या मंदिर यात्रा के दौरान गुवाहाटी में कथित तौर पर बलि दिये गए भैंसों के सींग को ‘वर्षा’ के परिसर में गाड़ा गया था, ताकि मुख्यमंत्री का पद शिंदे के अलावा किसी और के पास न रहे। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री आवास में रहने से इनकार

    राउत के आरोप पर एक सवाल का जवाब देते हुए पटोले ने कहा, ‘‘जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, देश में काला जादू और अंधविश्वास फैल गया है। क्या महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हो रहा है? क्या वे अपना राजनीतिक भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अनुष्ठान कर रहे हैं? क्या इसीलिए देवेंद्र फडणवीस ‘वर्षा’ में रहने से इनकार कर रहे हैं?’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने अंधविश्वास रोधी कानून बनाया, फिर भी ऐसी प्रथाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, ज्योतिबा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भूमि महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    चुनाव में धांधली का आरोप

    वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर द्वारा हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त करने पर पटोले ने कहा कि कांग्रेस और महा विकास आघाडी (MVA) ने इसी तरह के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ही निर्वाचन आयोग से शिकायत की है, जिसने खुद लोकतंत्र का अपमान किया है। प्रकाश आंबेडकर ने अदालत का रुख किया है, वहीं राहुल गांधी ने भी कल संसद में इस मुद्दे को उठाया। अब जब मामला अदालत में है, तो हमें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

  • Mumbai: 6, 200 करोड़ BMC संपत्ति टैक्स का घोटाला

    Mumbai: 6, 200 करोड़ BMC संपत्ति टैक्स का घोटाला

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने ठेकेदार जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से 550 करोड़ रूपये से अधिक का संपत्ति कर की मांग की है। जो पिछले कई सालों से बकाया चल रहा है। इसके साथ ही 6, 200 करोड़ रुपये का टैक्स घोटाला उजागर हो रहा है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) को अपने ठेकेदार जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर बकाया 550 करोड़ रुपये के संपत्ति कर के बारे में पत्र लिखा है। इस मामले को लेकर एमएमआरडीए और जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड (J Kumar Infrastructure Limited) दोनों ही एक दूसरे पर जिम्मेदारी धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने मनपा को सख्त रुख़ अपनाने का आग्रह किया है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    रेग्युलर पत्र व्यवहार के बावजूद, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने अपने समझौते में एक खंड का हवाला दिया, जो संपत्ति कर भुगतान की जिम्मेदारी एमएमआरडीए पर डालता है, ऐसी खबरें प्रकाशित हो रही है। पिछले महीने भेजे गए एक पत्र में, मूल्यांकन और संग्रह विभाग से बीएमसी के संयुक्त नगर आयुक्त ने इस विवाद को उजागर करते हुए समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही संपत्ति टैक्स के 6, 200 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हो रहा है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    कौन है जिम्मेवार ?

    आप को बता दें कि जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड को चल रहे मेट्रो निर्माण के लिए आवश्यक कास्टिंग यार्ड और रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लॉन्ट की स्थापना के लिए विभिन्न बीएमसी वार्डों-एच/ईस्ट, एच/वेस्ट, के/ईस्ट, पी/नॉर्थ और एम/वेस्ट में सात भूखंड आवंटित किए गए हैं। बीएमसी के अनुसार, निविदा के खंड 2.7 में कहा गया है कि एमएमआरडीए को कास्टिंग यार्ड के रूप में आवंटित भूमि के लिए संपत्ति कर वहन करना होगा, जबकि ठेकेदार अन्य करों के लिए जिम्मेदार है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    क्या है घोटाला ?

    हालांकि, लीज एग्रीमेंट की शर्त संख्या 5 में जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स पर टैक्स भुगतान की जिम्मेदारी रखी गई थी, जिसके कारण ठेकेदार के नाम पर मूल्यांकन किया गया। कंपनी वर्तमान में मुंबई मेट्रो लाइन 2बी (डी एन नगर से मंडले) सहित प्रमुख मेट्रो परियोजनाओं में शामिल है। कई फॉलो-अप के दौरान, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने कहा कि एमएमआरडीए भुगतान के लिए उत्तरदायी है, जिसके कारण बीएमसी ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किए जाने की मांग की है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    6200 करोड़ रूपये का बकाया

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बकाया राशि को बिना किसी देरी के जिम्मेदार पक्ष द्वारा निपटाया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने बीएमसी से जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स सहित प्रमुख संपत्ति कर चूककर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है। “इस वित्तीय वर्ष के लिए बीएमसी का संपत्ति कर लक्ष्य 6,200 करोड़ रुपये है, जिसका भुगतान दिसंबर तक किया जाना है।” (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    देरी से भुगतान पर जुर्माना

    विधायक रईस शेख ने कहा कि “देरी से भुगतान के लिए 2% जुर्माना के बावजूद, कई बड़े चूककर्ताओं ने अभी तक अपना बकाया नहीं चुकाया है। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो भुगतान करने में सक्षम हैं, लेकिन टैक्स की चोरी करना जारी रखते हैं।” इस बीच, एमएमआरडीए के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मेट्रो कार्य के लिए जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को आवंटित खाली भूमि अस्थायी रूप से आवंटित की गई है और प्राधिकरण की शर्तों के अनुसार, ठेकेदार संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

  • Mumbai: महिला IPS अधिकारी के पति पर 25 करोड़ की ठगी का आरोप

    Mumbai: महिला IPS अधिकारी के पति पर 25 करोड़ की ठगी का आरोप

    ईडी की गिरफ्त में एक महिला ips अधिकारी के पति पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 25 करोड़ रुपये की ठगी का अपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोपी पहले से एक मामले में ईडी की गिरफ्त में है। (Mumbai Woman IPS officer’s husband accused of fraud of Rs 25 crore)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक आईपीएस अधिकारी के पति पुरषोत्तम चव्हाण और अन्य के खिलाफ सरकारी कोटे के फ्लैट कम कीमत पर देने का झांसा देकर 25 करोड़ रुपये की ठगी का अपराधिक मामला दर्ज किया है। (Mumbai Woman IPS officer’s husband accused of fraud of Rs 25 crore)

    फ्लैट और प्लॉट देने का झांसा

    न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी पुरषोत्तम चव्हाण पहले से ही एक अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में हैं. अब उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी दफ्तरों में अपने संपर्कों का हवाला देकर मुंबई के प्रभादेवी, दादर, परेल, ठाणे और पुणे में सरकारी कोटे के फ्लैट और प्लॉट कम दामों में दिलाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए हैं। (Mumbai Woman IPS officer’s husband accused of fraud of Rs 25 crore)

    फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप

    चव्हाण के अलावा इस मामले में उनके कुछ साथियों, परेल-शिवड़ी स्टांप रजिस्ट्रेशन कार्यालय के एक सहायक और अन्य अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। इन पर फर्जी बिक्री दस्तावेज तैयार करने में मदद करने का आरोप है। (Mumbai Woman IPS officer’s husband accused of fraud of Rs 25 crore)

    कारोबारी से 3.37 करोड़ की ठगी

    केदार डेगवेकर (57) नाम के एक कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मे फरियादी ने बताया कि जुलाई 2020 में चव्हाण ने उन्हें उनकी पत्नी के आधिकारिक निवास, जो कोलाबा पुलिस स्टेशन के ऊपर स्थित है, वहां बुलाया था। वहां उन्होंने खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले कुछ लोगों की मौजूदगी में डेगवेकर से एक बिक्री अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाए और 3.37 करोड़ रुपये ले लिए। हालांकि, उन्हें अब तक वह तीन बीएचके फ्लैट नहीं मिला, जिसका वादा किया गया था। (Mumbai Woman IPS officer’s husband accused of fraud of Rs 25 crore)

    कोई गिरफ्तारी नहीं

    पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। (Mumbai Woman IPS officer’s husband accused of fraud of Rs 25 crore)

  • GST Fraud: सरकार को लगाया 340 करोड़ का चूना…मुंबई की रितु निकली मास्टरमाइंड

    GST Fraud: सरकार को लगाया 340 करोड़ का चूना…मुंबई की रितु निकली मास्टरमाइंड

    मुंबई की रितु मीनोचा को 325 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। रितु पर फर्जी कंपनियां बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने और सरकार को 340 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। (GST Fraud News Government defrauded of Rs 340 crore…Mumbai’s Ritu turns out to be the mastermind)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    अंधेरी की रहने वाली 49 वर्षीय रितु मीनोचा को सोमवार को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI), बेंगलुरु की टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार रितु मीनाची पर 325 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। यह मामला फर्जी कंपनियां बनाकर बिना किसी असली वस्तु या सेवा की आपूर्ति के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने से जुड़ा है। सरकार को इस घोटाले के कारण 340 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। (GST Fraud News Government defrauded of Rs 340 crore…Mumbai’s Ritu turns out to be the mastermind)

    फर्जी कंपनियों का जाल

    जांचकर्ताओं के अनुसार, रितु मीनोचा एक ऐसे गिरोह का हिस्सा थीं, जो कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से सरकार को चपत लगाने का काम कर रहे थे। इनमें “गिर नेचर व्यू रिसॉर्ट्स” और “एवेंटीज मीडिया एंड टेक्नोलॉजीज” जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि मीनोचा ने अपनी सफाई में कहा, कि उन्हें इन गतिविधियों की जानकारी नहीं थी, लेकिन जांच में यह पाया गया कि उन्होंने इन कंपनियों की डायरेक्टर होने के नाते फर्जी बील जारी किए है। (GST Fraud News Government defrauded of Rs 340 crore…Mumbai’s Ritu turns out to be the mastermind)

    गिरफ्तार कर ले गए बेंगलूर

    गिरफ्तारी के बाद रितु मीनोचा को ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलूर ले जाया गया है। इस दौरान उनके वकील सुजय कांतावाला ने अदालत में यह तर्क दिया कि तलाशी के नाम पर अधिकारियों ने उनके घर पर घंटों समय बिताया, जो कानूनी रूप से गलत है। कोर्ट ने हालांकि मीनोचा को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। (GST Fraud News Government defrauded of Rs 340 crore…Mumbai’s Ritu turns out to be the mastermind)

    सरकारी को बड़ा नुकसान

    जांच एजेंसी का कहना है कि फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के कारण सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। यह मामला न केवल आर्थिक अपराध से जुड़ा है, बल्कि टैक्स प्रणाली के दुरुपयोग का भी गंभीर उदाहरण है। इस मामले में डीजीजीआई की टीम अन्य संदिग्धों और कंपनियों की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का कहना है कि यह घोटाला बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का हिस्सा है, और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। (GST Fraud News Government defrauded of Rs 340 crore…Mumbai’s Ritu turns out to be the mastermind)

  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालाड़ पश्चिम के मालवनी कच्चा रोड़ से एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को लेकर भारतीय जनता पार्टी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों की मुलभुत सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ पश्चिम के एक छोटे से ब्रिज को लेकर राजनीती तेज हो गई है। लेकिन इस राजनीतिक खेल में अकेले भारतीय जनता पार्टी लोगों के मुलभुत सुविधाओं के साथ खेल कर रही है और दूसरी पार्टियों के स्थानीय दिग्गज नेता मुकदर्शी बने तमाशा देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये सारा खेल एवरशाइन नगर के किनारे खाली पड़ी जमीन के बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि यही जमीन कभी मैंग्रोवस से भरी हुआ करती थी। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    भाजपा की दोहरी राजनीति से लोग परेशान

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना एवरशाइन नगर के निवासियों की आवाज बनकर मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर बाइक सवारों की वजह से दुर्घटना का खतरा है। जबकि एक समाजसेवक को यह जानने की जरूरत है कि इस ब्रिज के कारण लाखों लोगों को सफर करने में सहूलियत मिलती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में कोई भी किसी भी रोड़ और रास्ते को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ जाएगा और दूसरी तरफ अगर इस ब्रिज को तोड़ दिया गया तो लाखों लोगों को मालवनी से बाहर निकलने के लिए लंबा और ट्रेफिक से जाम का सफर तय करना पडेगा। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    आम लोगों ने क्या कहा?

    दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को मालवनी की जनता से कोई लेना देना नही है वो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती है। लेकिन हमारे इलाके के विधायक क्यों खामोश हैं। एक तरफ इसी ब्रिज को बनाने के लिए सरकारी खजाने का करोड़ों रूपया खर्च किया जाता है और दूसरी तरफ बेतूके कारण बता कर उसे तोड़कर आम लोगों का नुकसान किया जाता है। ये तो आम जनता के साथ सरासर अन्याय है। बता दें कि भाजपा के तेजिंदर सिंह तिवाना बेतूके कारण बताकर आंदोलन का इशारा दे रहे हैं। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    क्या है पूरा मामला?

    तेजिंदर सिंह ने बताया कि एवरशाइन नगर के निवासियों ने पुल पर अवैध रूप से बनाए गए रैंप को ध्वस्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को अल्टीमेटम देने का फैसला किया है। निवासियों ने इस पैदल यात्री पुल का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए खतरे पर चर्चा करने के लिए शनिवार शाम को एक सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    निवासियों द्वारा BMC और पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रैंप के कारण कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें से कई में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। निवासियों ने बाइकर्स को प्रवेश की अनुमति देने वाले रैंप को ध्वस्त करने, FOB पर बाइकर्स को इसका उपयोग करने से रोकने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात करने और बाइकर्स को पुल पर जाने से रोकने के लिए बोलार्ड लगाने की मांग की है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    विरोध प्रदर्शन की योजना

    निवासियों ने 20 जनवरी तक की समयसीमा तय की है, जिसके विफल होने पर वे एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जिसमें एवरशाइन नगर के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन भी शामिल है। बैठक में तिवाना ने कहा, “हमने इन अवैध रैंपों को गिराने के लिए बीएमसी और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    समाज सेवकों से अपील

    इस ब्रिज को जबरन अगर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। तो मालवनी और मालाड़ के लाखों समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि एवरशाइन से सटे रिक्त भूखंड पर क्या होने वाला है उस पर नजर बनाए रखें। बता दें कि इसके पहले यहाँ मैंग्रोवस की घनी झाडियां हुआ करती थी। कुछ साल पहले इसी ब्रिज के अचानक गिर जाने की वजह से काफी सारे लोग घायल हुए थे। उसी समय धडल्ले से यहा अवैध मिट्टी की भरनी कर मैंग्रोवस को नष्ट कर दिया गया। इस अवैध भरनी की शिकायत पर भरनी माफिया चौरसिया के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज है। जबकि ध्यान देने बात यह है कि आज भी यहां मैंग्रोवस की झाड़ियां मौजूद है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

  • IT Commissioner निकला छठी पास, 40 लोगों की लूट, 2 करोड़ का चूना

    IT Commissioner निकला छठी पास, 40 लोगों की लूट, 2 करोड़ का चूना

    मुंबई में आयकर विभाग का कमिश्नर बनकर 40 से अधिक लोगों को धोखा देने वाले छठी पास बदमाश को क्राईम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सीबीआई में नौकरी दिलाने के बहाने 40 लोगों को 2 करोड़ रुपये चूना लगाने वाले बदमाश के पास से पुलिस ने फर्जी आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई
    – महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पास से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक छठी क्लास पास बदमाश ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया और 40 लोगों को चूना लगा दिया। आरोपी ने इन चालीस लोगों से करीब 2 करोड़ रुपये ठगे हैं। शातिर बदमाश को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से आयकर विभाग की 28 फर्जी ID कार्ड बरामद की है। वहीं, पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र, लेटर हेड और अन्य डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    दरअसल, मुंबई से सटे नालासोपारा क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 ने एक फर्जी आयकर अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया, कि आरोपी आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 से ज्यादा बेरोजगार लोगों से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसा ठग चुका है। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    सिर्फ छठी क्लास पढ़ा है आरोपी

    क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने इस फर्जी अधिकारी को नवी मुंबई के तलोजा इलाके से पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी का नाम रिंकू जीतू शर्मा बताया जा रहा है, जिसकी उम्र 33 साल है। वह पेशे से ड्राइविंग का काम करते हैं और केवल छठी क्लास पास है। इसके बावजूद, बेरोजगारों से वादा करता था कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में उच्च पदों पर नौकरी दिलाएगा। इसी वादे का झांसा देकर लोगों से मुंह मांगी कीमत मांग लेता था। ऐसा करते हुए उसने कई बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा लिया और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड भी दिया। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    IT डिपार्टमेंट और CBI की फर्जी आईडी बरामद

    क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर 7 जनवरी को नवी मुंबई के तलोजा फेज-2 से उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 28 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। इनमें आयकर विभाग के सहायक आयुक्त, गृह विभाग के सहायक आयुक्त और सीबीआई विभाग के पुलिस आयुक्त जैसे पदों के फर्जी आईडी कार्ड शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इसके अलावा, उसके पास से फर्जी स्टांप, नियुक्ति पत्र, और लेटर हेड सहित अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    कब हुआ ठगी का खुलासा ?

    12 दिसंबर 2024 को पेल्हार पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने आयकर कमिश्नर होने का नाटक करते हुए शिकायतकर्ता की बेटी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने 15 लाख रुपये ऐंठने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र दिए। जब बेटी की नौकरी नहीं लगी, तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को आज यानी बुधवार, 8 जनवरी, वसई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

  • Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    मुंबई समुद्र तटीय क्षेत्र में बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। 102 फर्जी प्रॉपर्टी नकशे के आधार पर अवैध निर्माण किए गए। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बीएमसी तथा भूमि रिकॉर्ड विभाग के 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। एसआईटी ने जांच में खुलासा किया है कि उसने मुंबई समुद्र तटरेखा के किनारे मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड और वर्सोवा के तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) और नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) की जमीन पर बड़े स्तर पर कंस्ट्रक्शन पाया। इतना ही नहीं जमीन में निर्माण के लिए संपत्ति रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। जांच के बाद सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी के साथ बड़े स्तर पर जमीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि समुद्र तट के किनारे कम से कम 102 प्रॉपर्टी नकशे से जुड़े घोटाले के लिए पिछले सप्ताह दो पूर्व सरकारी कर्मचारियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कुल मिलाकर, बीएमसी और भूमि रिकॉर्ड अनुभाग के 18 सरकारी कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कहाँ हुआ जमीन घोटाला

    इस घोटाले में कथित तौर पर एस्टेट एजेंट, सरकारी कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हैं, जिन्होंने मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड, वर्सोवा और अन्य पर्यावरण के लिए संवेदनशील स्थानों में भूमि रिकॉर्ड में बदलाव किया। मालाड़ पश्चिम एरंगल के एक किसान वैभव ठाकुर ने सबसे पहले इस हेराफेरी के मामले को उजागर किया। वैभव एक खानदानी किसान है और एक खेती की जमीन के मालिक भी हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एफआईआर पर गिरफ्तारी नही हुई

    वैभव ठाकुर ने 2021 में अपने प्लॉट और आस-पास की जमीनों पर अवैध निर्माण के खिलाफ गोरेगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। ठाकुर ने पाया कि CRZ और NDZ भूखंडों को बनाने के लिए क्षेत्रों के रूप में वर्गीकृत करने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में जालसाजी की गई थी। हालांकि, BMC और गोरेगांव पुलिस सहित अन्य अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    फिर से उछला मामला

    कुछ समय के बाद भूमि अभिलेख उपाधीक्षक नितिन सालुंखे ने 2021 में एक और FIR दर्ज कराइ। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए 2012 और 2020 के बीच नक्शे और दस्तावेजों में जालसाजी की गई है। यह मामला 2022 में विधानसभा में गूंजा और सरकार को एक जांच समिति गठित करनी पड़ी। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    समिति के निष्कर्ष बॉम्बे हाई कोर्ट में तब प्रस्तुत किए गए जब मूल शिकायतकर्ता वैभव ठाकुर ने सरकार के निष्कर्षों के बावजूद निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर की। अक्टूबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर गठित SIT को कुल चार FIR की जांच करने का काम सौंपा गया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम के नेतृत्व में चार गिरफ्तारियां की हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    आरटीआइ के आड़ मे घोटाले

    एसआईटी के अनुसार, चारों आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर पिछले कुछ वर्षों में 102 प्रॉपर्टी नकशे और अभिलेखों में हेराफेरी की। इसमें फर्जी सिटी सर्वे नंबर, गैर-मौजूद निर्माण और बदली हुई सीमाएं जैसे गलत विवरण शामिल थे। आरटीआई अनुरोध दाखिल करने की आड़ में जाली मानचित्र वितरित किए गए। बीएमसी अधिकारियों ने कथित तौर पर इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्माण और बिक्री को मंजूरी दी, इन सरकारी विभाग मे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकार को काफी हद तक राजस्व का नुकसान और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का काम हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    1955 से 1984 के दस्तावेजों में हेरफेर

    जांच में पाया गया कि उप अधीक्षक के कार्यालय में रखे गए 1955-1984 के 884 स्थायी गणना मानचित्रों में से 102 फर्जी थे। इन मानचित्रों के आधार पर निर्माण किया गया, जो 1964 से पहले अस्तित्व में ही नहीं थे। महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी के निष्कर्षों के बाद, शहरी विकास के प्रमुख सचिव और पुणे में भूमि अभिलेखों के निदेशक को सार्वजनिक अभिलेखों में हेराफेरी करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    नागपुर से मूल मानचित्र जब्त

    एसआईटी ने नागपुर में महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से सभी 884 मूल मानचित्र और उनकी डिजिटल प्रतियां जब्त कर ली हैं। आगे की जांच में अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान करने और सभी दस्तावेजों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछले गुरुवार को, एसआईटी ने 50 वर्षीय अवैध ठेकेदार नरशिम पुत्तवल्लू को गिरफ्तार किया, जो सभी चार एफआईआर में आरोपी है, साथ ही सिटी सर्वे ऑफिस के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों देवदास जाधव और मरडे और रियल एस्टेट एजेंट इमाम शेख को भी गिरफ्तार किया है। उन पर बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में जालसाजी करने का मामला दर्ज किया गया था। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    पुलिस ने क्या कहा?

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सीआरजेड और एनडीजेड भूमि पर अवैध निर्माण ने पारिस्थितिकी संतुलन (ecological balance) को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के कुल 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के कारण जांच में देरी हुई।’ (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

  • सोने की तस्करी में एयरपोर्ट स्टाफ को रंगे हाथ पकड़ा, 6.05 KG सोना जब्त

    सोने की तस्करी में एयरपोर्ट स्टाफ को रंगे हाथ पकड़ा, 6.05 KG सोना जब्त

    मुंबई एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी करते हुए दो कर्मचारियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके पर एयरपोर्ट में काम करने वाले दो कर्मचारी तस्करी का सोना लेकर एयरपोर्ट से बाहर ले जा रहे थे। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। (Mumbai Airport staff caught red handed in gold smuggling, 6.05 KG gold seized)

    विशेष संवाददाता
    मुंबईछत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के अधिकारियों ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ये लोग एयरपोर्ट के ड्यूटी फ्री शॉप मे काम करते थे। इसके साथ ही तस्करी का सोना खरीदने वाले दो ग्राहकों को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 6.05 किलोग्राम सोना जब्त किया गया है। जिसकी बाज़ार मूल्यांकन लगभग 4.84 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। (Mumbai Airport staff caught red handed in gold smuggling, 6.05 KG gold seized)

    मुंबई में सोने की तस्करी

    मुंबई एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने सोने की बड़ी तस्करी का खुलासा किया है। डीआरआई ने मुंबई एयरपोर्ट पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को सोने की तस्करी करते हुए पकड़ा है। साथ ही 6.05 किलोग्राम सोना भी जब्त किया है। जिसकी कीमत 4.84 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एयरपोर्ट के स्टाफ सोना चुराकर गिरफ्तार ग्राहकों को बेचने के लिए जा रहे थे। पुलिस इस मामले को लेकर जांच पड़ताल कर रही है। डीआरआई के सूत्रों के अनुसार इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। (Mumbai Airport staff caught red handed in gold smuggling, 6.05 KG gold seized)

    दो एयरपोर्ट स्टाफ और दो ग्राहक गिरफ्तार

    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर “ड्यूटी फ्री शॉप” मे काम करने वाले गिरफ्तार दोनो कर्मचारी एयरपोर्ट पर काम करने के अलावा सोने की तस्करी भी कर रहे थे। ये लोग सोने की छोटी-छोटी खेप को इंटरनेशनल ट्रांजिट टर्मिनल से निकालकर इकट्ठा करते थे। जिसके बाद उसे बाहर ले जाकर बेच देते थे। डीआरआई के अधिकारियों ने दो एयरपोर्ट स्टाफ मेंबर्स को तस्करी किया हुआ सोना हवाई अड्डे से बाहर ले जाते समय गिरफ्तार किया है। जिसके बाद दो ग्राहकों को भी गिरफ्तार किया गया। ये ग्राहक यानी रिसीवर इन एयरपोर्ट स्टाफ के साथ एक सिंडीकेट बनाकर काम कर रहे थे। (Mumbai Airport staff caught red handed in gold smuggling, 6.05 KG gold seized)

    सोने का पाउडर बरामद

    डीआरआई और एयरपोर्ट के कस्टम्स विभाग ने सोने की जांच मे पांच बड़ी गोलियां और दो पैकेट मे सोने का पाउडर बरामद किया है। डीआरआई ने कहा कि कुल 6.05 किलोग्राम सोना जब्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि कस्टम एक्ट 1962 के तहत तस्करी का सोना जब्त किया गया है। साथ ही सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की और अधिक तहकीकात की जा रही है। (Mumbai Airport staff caught red handed in gold smuggling, 6.05 KG gold seized)