Category: corruption

  • मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    • सक्षम अधिकारियों की संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपये कमाने का सिलसिला जारी
    • जो पकड़ा जाए भ्रस्ट, जो मैनेज कर ले
    • वह ईमानदार
    • भूमाफिया, मनपा गठबंधन की एक मिसाल…. मनपा का सी, वार्ड…!
    • क़ाली कमाई का रैकेट चला रहे दुय्याम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार
    • 8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रस्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया गिरफ्तार
    • डी एम सी (DMC) डॉ. संगीता हसनाले के निर्देशन में दिया जा रहा था भ्रष्टाचार को अंजाम..!

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    वैसे तो पूरे देश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। जिसके पास जितना बड़ा अधिकार वह उतना ही बड़ा भ्रष्टाचारी होता है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। यहां की मनपा के वार्डों में अवैध निर्माण कार्य कराने और करोड़ों रुपए कमाई करने में होड़ लगी है। जो पकड़ा जाए वह भ्रष्ट, जो मैनेज कर ले वह ईमानदार होने का तमगा हासिल कर लेता है। अखबारों में वार्ड के सक्षम अधिकारियों के संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कमाने का सिलसिला जारी है। नित्य ही ऐसे समाचार छपते रहते हैं अखबारों में, किंतु बड़े अधिकारी उस पर कानूनी कार्रवाई करने से चुप्पी साध लेते हैं। (Mumbai BMC Corruption News)

    भूमाफिया मनपा गठबंधन की एक मिसाल आज सी वार्ड की पेश है। सी वार्ड में दुय्यम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली बहुत समय से काली कमाई का रैकेट चला रहे थे। दुर्भाग्यवश उन्हें 8 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कुल रिश्वत 20 लाख की पहली किस्त बताई जाती है। पकड़े न जाते तो पूरी किश्त वसूल लेते। सी वार्ड में अवैध निर्माण कराने, संरक्षण देने के बदले कैश लेते भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

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    बताया जाता है, कि इस लेन देन में वसूली की भूमिका निभाने वाला निलेश होदर है जो ठेकेदार मनपा अधिकारियों के बीच की वसूली की कड़ी बना है। सी वार्ड में पकड़े गए रिश्वतखोर। लेकिन उसी की बगल में बी वार्ड कुख्यात है भ्रष्टाचार के लिए। जहां दुय्यम अभियंता विशाल सखारकर और कनिष्ठ अभियंता युगंधर मराठे की जोड़ी है जो अवैध निर्माण काम के बदले करोड़ों की रिश्वत लेती है। क्या इनका भी हश्र सी वार्ड के भ्रष्टाचारियों जैसा होगा? इनके द्वारा कराए गए गैरकानूनी बंधकाम 350/354 नरसीनाथ स्ट्रीट 113/113A, आई एम एम रोड 148/150, नागदेवी स्ट्रीट 199, ए बी स्ट्रीट 154, नारायण धुरू स्ट्रीट 51, गार्नेट हाइट 175/177 और इसाजी स्ट्रीट जैसे अनेक स्थानों पर अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कथित तौर पर घूस लेने की चर्चा है।

    मनपा, भ्रष्टाचार,

    मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    बताते चलें, कि ये अधिकारी बिना डी एम सी जोन 1 के डॉक्टर संगीता हसनाले की सहमति के अवैध निर्माण नहीं करा सकते। बी और सी के अधिकारी इन्हीं के निर्देशन और संरक्षण में भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं, ऐसा बताया जाता है। सूत्रों का कहना है, कि इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों को डी एम सी जोन 1 का खुला आशीर्वाद मिला हुआ है। क्या सक्षम उच्च अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के हवाले करेंगे?

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  • लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    गोरेगांव पूर्व इलाके में लाखों रूपये की रिश्वत लेकर मनपा पी/दक्षिण विभाग के अधिकारी अवैध निर्माण करा रहे हैं। देखें पहले और अब की तस्वीर ..

    मन्सूर शेख
    मुंबई-
    गोरेगांव मनपा पी/ दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव की देखरेख में गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड़, सहारा होटल के पास, वार्ड क्रमांक 51, गोरेगांव (पूर्व) स्थित लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण को नज़रंदाज़ करना मनपा अधिकारियों के भ्रष्टाचार को यहां खुले में उजागर कर रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    लाखों रूपये की रिश्वत ..

    बता दें कि “मोबील वन कार केयर शोप” का मालिक लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट में अपने कमर्शियल गाले को मनपा की अनुमति लिए बिना और नाही किसी जानकार इंजीनियर की देखरेख में, खुद ही कडीया, बेगारी लगाकर एक महले का अवैध निर्माण कर रहा है। यहां घटिया बिल्डिंग मटेरियल की जानकारी मनपा अधिकारियों को दी जा रही है। लेकिन मनपा अधिकारियों द्वारा नज़रंदाज़ किए जाने से शिकायतकर्ताओं द्वारा रिश्वत खोरी का गुमान लगाया जा रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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    क्या होना चाहिए?

    आप को जानकारी देते हुए बता दें, कि ऐसे अवैध निर्माणों पर मनपा नियमानुसार स्टॉप वर्क नोटिस जारी कर 24 घंटो के भीतर तोड़क कार्यवाही की जानी चाहिए और तोड़क कार्यवाही में सरकारी यंत्रणा को आए खर्च के पैसे अवैध निर्माणकर्ता से वसूले जाने चाहिए। लेकिन मनपा पी/दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव, इमारत बांध काम विभाग के सहायक अभियंता अमोल बोंमने और एरिया मुकादम जय रिश्वत के लाखों रूपये लेकर शांत बैठ गए हैं। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    रिश्वत,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    क्या है कानून?

    सरकारी फरमान के मुताबिक, किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर कार्यवाही नही करने की स्थिति में वार्ड के सहायक आयुक्त को दोषी ठहराया जाने और दंडित किये जाने का प्रावधान है। तब पर भी सहायक आयुक्त संजय जाधव द्वारा द्वारा शिकायतों पर ध्यान नही देना उनके भ्रष्ट होने का सबूत पेश करती है। यह भी बता दें कि इन अवैध निर्माणों के चलते हमेशा से ही मुंबईकर हादसे का शिकार होते रहते हैं। जिसपर कार्यवाही करना इन मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है। इस कार्य के एवज़ मे जनता के पैसों से इनको पगार दिया जाता है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी इमानदारी की पगार के साथ रिश्वतखोरी भी करना चाहते हैं। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी को तुरंत पद से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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  • INDIA: दिल्ली में परिवार बचाओ रैली

    INDIA: दिल्ली में परिवार बचाओ रैली

    • इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?
    • एक दूसरे के घोर विरोधी सब एक हो गए हैं।
    • INDIA गठबंधन के 28 दलों के नेताओं का मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

    वी बी माणिक
    नई दिल्ली-
    कल पूरा विपक्षी पार्टियों के कुल 28 दलों के नेताओ ने मोदी के विरुद्ध लोकसभा चुनाव में इज्जत और परिवार बचाओ रैली निकाल कर सभी से चुनाव में मतदान करने के लिए आह्वान किया है। जिसमें मुख्य आकर्षण सुनीता केजरीवाल, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी, शरद पवार, महबूबा मुफ्ती, अखिलेश यादव एवं अन्य नेता उपस्थित हुए सभी ने एक स्वर में अरविंद केजरीवाल को जेल से छुड़ाने के लिए आवाज उठाया। (india political news)

    आप को बता दें, कि इसी रामलीला मैदान में 2012 में केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर राजनीति नहीं करने की शपथ ली थी। पर हजारे को धोखा देकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर लिया और घोटाले में जेल की यात्रा पर चले गए। वही राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मोदी ने क्रिकेट में मैच फिक्सिंग की तरह ईडी, सीबीआई और इनकमटैक्स डिपार्टमेंट जैसे सरकारी विभागों को लगाकर चुनाव जीतने की तैयारी में लगे है। (india political news)

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    INDIA गठबंधन..

    राहुल क्या क्या बोलते है ये किसी भी जनता के समझ मे नही आता है। ईवीएम तो कांग्रेस ही लायी थी। आज उसका विरोध कर रहे हैं। संविधान समाप्त हो जाएगा बीजेपी से जनता को छुटकारा पाने का चुनाव है। सुनीता ने कहा कि केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। इस इंडिया गठबंधन में आधे से ज्यादा नेता बेल पर है और कुछ जेल में है। क्या सत्ता धारी पार्टी के नेता ही भ्रष्टाचार में लिप्त है। यहां तो हर छोटे से बड़ा नेता किसी न किसी घोटाले में लिप्त है। (india political news)

    India,
    दिल्ली के रामलीला मैदान से विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

    भाजपा नेताओं ने कहा इस गठबंधन में भ्रष्टाचारी सब एक हो गए है जो कभी एक दूसरे के घोर विरोधी थे। आज सब एक दूसरे की गोद मे बैठे है क्या केवल चुनाव जीतकर जनता को लूटने का संकल्प ले रखा है? अभी तक सीट बंटवारा नही हो सका है बात एकता की कर रहे है। जनता इनको जिताने वाली नही है। क्या करेंगे ? (india political news)

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    अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उत्तरप्रदेश में जो जंगल राज की सरकार चला रहे थे इनके कार्यकर्ता पुलिस थानों, सरकारी कार्यालयों में दलाली करते थे। महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती थी। पुलिस शिकायत नही सुनती थी। पुलिस कर्मी थानों में बैठकर खुलेआम शराब पीते थे। इस पर कितना कंट्रोल किया था। वही मानसिकता पुलिस वालों की आज भी है। भले योगी की सरकार हो। क्योंकि अखिलेश वाली मानसिकता अभी तक गयी नही है। सारे नेता लोकतंत्र की बात करते है इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है? (india political news)

  • इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल।

    इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल।

    • इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
    • कौन से दल ने कितना किया झोल?
    • रिपोर्ट अभी और बाकी है..
    • Electoral Bond Indian Government Political News

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए।
    अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया? (Electoral Bond Indian Government Political News)

    ‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/25/bharatiya-janata-party-leaders-have-cooled-down
    Indian Fasttrack Political News

    किसने कितने खरीदे इलेक्टोरल बॉन्ड ?

    पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    इलेक्टोरल बॉन्ड,

    कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है।
    प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/22/why-do-corporates-donate-its-a-business-but-its-dirty-electoral-bond
    Electoral Bond News

    जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए।
    इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)

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    टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

  • मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    बताया जाता है कि मार खाने के बाद से मालाड़ BMC मालवनी का चाईना मुकादम इमानदार हो गया है। वार्ड क्रमांक 33 में 8 जगहों पर दिन दहाड़े अवैध निर्माण।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में अवैध निर्माणों की भरमार हो रही है। मलबे में दबकर लोगों की मौत के बाद भी यहां अवैध निर्माण को बे-रोक-टोक अंजाम दिया जा रहा है। खास कर वार्ड क्रमांक 33 में 7 जगहों पर खाली पड़ी भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिझवान कंपाउंड के ग्राउंड प्लस एक के अवैध निर्माण की लगातार शिकायतों के बाद भी मनपा सहायक अभियंता सागर राणे की ड्यूटी नकारात्मक साबित हो रही है।

    बताया जाता है कि मालवनी वार्ड क्रमांक 33 का मनपा चाईना मुकादम इस्तेखार और राधे यादव इन अवैध बांधकामों को पैसे लेकर संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक चाईना मुकादम इस्तेखार एक अवैध निर्माण की मनपा कर्मचारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई में मार खाने के बाद से इमानदार हो गया है। यहां पैसे लेकर अवैध बांधकाम को संरक्षण देने का वादा किया गया था। लेकिन मनपा अधिकारियों को पैसे नहीं पहुंचाने की वजह से तोड़क दस्ते ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सरे आम इस्तेखार को पिटना शुरू कर दिया।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/19/malvani-police-is-cleaning

    अवैध निर्माणों की रिपोर्ट ..

    मालवनी वार्ड क्रमांक 33 आज़मी नगर संत. मेथ्यूस इंग्लिश स्कूल के पास लगभग 3 हज़ार स्क्वायर फीट की रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर महबूब द्वारा व्यवसायिक गाले का अवैध निर्माण किया जा रहा है। वहीं खारोडी इलाके के हनुमान मंदिर के पास अदालत कंपाउंड की रिक्त भूखंड पर लगभग 4 हज़ार स्क्वायर फीट में अवैध निर्माण का बांधकाम अवैध कॉन्ट्रैक्टर अदालत द्वारा किया जा रहा है। वहीं खारोडी के काल भैरव मंदिर और गावदेवी मंदिर के पीछे, साई श्रद्धा सोसायटी, फैय्याज की गली में रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर बबलू वेल्डर द्वारा ग्राउंड प्लस दो के 2 रूमों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर विजय जगताप द्वारा राठोडी के ‘अंबेवाडी रहिवासी वेल्फेयर सोसायटी’ में रिक्त भूखंड पर एक अवैध रुम का अवैध बांधकाम कर रहा है। वहीं राठोडी गांव के ओमजी कंपाउंड 16 फिट रोड़ पर पूर्णिमा इलेक्ट्रॉनिक्स के सामने कॉन्ट्रैक्टर ख़ैरियत अली द्वारा एनडी जोन वाली लगभग 600 स्क्वायर फीट जमीन पर 3 रूमों का अवैध बांधकाम कर रहा है। इसके साथ ही राठोडी गांव स्थित ओमजी रिझवान कंपाउंड के ‘ओम विनायक वेलफेयर सोसायटी’ में ग्राउंड प्लस एक महले का अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    चाईना, मुकदमा,
    मालाड़ पी/उत्तर विभाग के दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल की अवैध निर्माण के साथ फाइल तस्वीर

    एक नही दो-दो चाईना मुकादम ..

    बता दें कि यह सारे अवैध निर्माण मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 33 में बे-रोक-टोक चाईना मुकादम के अंडरगाईडेंस में किया जा रहा है। मनपा पी/उत्तर विभाग, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता सागर राणे से लगातार इन अवैध निर्माणों के खिलाफ शिकायतें की जा रही है। वार्ड के मनपा दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल और मुकादम हेनराय गोनसल्वीस रिश्वत खोरी के दाग से बचने के लिए, निजी स्तर पर वार्ड मे इस्तेखार और राधे यादव को चाईना मुकादम के तौर पर नियुक्त किया है। आप को यह भी बता दें कि अवैध निर्माण के इस लेन देन में लाखों रुपयों का खेल चलता है। कभी पकड़े गए तो सरकारी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। लेकिन वार्ड में नियुक्त ये दोनों चाईना मुकादम मनपा सहायक अभियंता सागर राणे और दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल के साथ- साथ वार्ड के मुकादम हेनराय गोनसल्वीस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

    अवैध निर्माण की शुरूआत से पूरा होने तक यहां मनपा के अधिकारी पैसों को हाथ तक नहीं लगाते, सारा लेन देन इन चाईना मुकादमों द्वारा अवैध निर्माणकर्ताओं और मकान मालिकों से किया जाता है। कुछ हफ़्तों बाद जब मामला सलट जाता है। तब, मनपा अधिकारियों द्वारा इन मुकादमों से पूराने पैसों की डिमांड की जाती है। इससे भ्रष्टाचार में उनके फसने का खतरा कम हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में इस्तेखार द्वारा पैसे गबन किए जाने के बाद पूर्व मनपा अधिकारियों ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए पीड़ितों ने प्रशासन के सामने ही चाईना मुकादम की पिटाई कर दी। लेकिन इस घटना के बाद से इस्तेखार सुधार चुका है। मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्वत के पैसे अपने बैंक के खातों मे संभाल कर रखता है और समय पर पेमेंट पूरा भी करता है। इसीलिए इस्तेखार और राधे यादव द्वारा संरक्षित अवैध निर्माणों पर तोड़क कार्रवाई नही होती।

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  • कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    • कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
    • चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
    • Electoral Bond ADR Report

    सुरेंद्र राय
    मुंबई:
    अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

    चंदा देश में गंदा काम ..

    चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

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    Member of Parliament Election 2024 India

    एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)

    किसने कितना दिया चंदा ?

    चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

    Electoral Bond ADR Report

    चंदा, Electoral Bond,

    चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)

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    टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)

    सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

  • वसई विरार को बर्बाद करने के लिए खोला तीन मंजिला जुगार का अड्डा

    वसई विरार को बर्बाद करने के लिए खोला तीन मंजिला जुगार का अड्डा

    कुख्यात नशे का सौदागर विवेक कुबल पिछले 7 साल जेल में सजा काटने के बाद। अपना कारोबार बदल लिया है। इसने वसई विरार को बर्बाद करने के लिए एक तीन मंजिला जुगार का अड्डा खोल दिया है।

    आसिफ अंसारी
    पालघर
    – वसई (पश्चिम), एसटी बस डिपो के सामने, ऋषिकेश वेज होटल के पीछे, अंजलि बार के पास, एक तीन मंजिला इमारत पूरा जुगार का अड्डा बना कर विवेक कुबल लोगों को ड्रग्स की लत और जुगार के साथ पैसों की लूट करने का कारोबार कर रहा है। लिखत शिकायत के बाद माणिकपूर पुलिस ने तातपूर्ता  जुगार के अड्डे को बंद करा दिया है।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/13/police-seized-hashish-worth-rs-2-crore-brought-from-bihar-to-sell-in-mumbai
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    महाराष्ट्र जुगार प्रतिबंध क़ानून 1887 में दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान होने के बावजूद माणिकपूर पुलिस का इस जुगार के अड्डे पर कार्यवाही का नहीं करना। पुलिस की नाकामी का सबूत पेश करती है। जुगार के चलते, ना जाने कितने ही घर बर्बाद हो गए, बच्चे अनाथ हो गए। इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने पुलिस को कार्रवाई का अधिकार दिया है। लेकिन मानिकपुर पुलिस ने यहां पर जुगार के अड्डे को चलता हुआ देख अपने आंख मूंद लिया था। जो पत्रकार के शिकायत पर परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले के आदेश पर खाना पूर्ति करते हुए तत्पूर्ता जुगार के अड्डे को बंद करा दिया गया है।

    जुगार के अड्डे पर दिखावे का एक्शन..

    बताया जाता है, कि तीन मंजिला जुगार के इस अड्डे को कारोबार के मालिक विवेक कुबल ने दो लोगों को पार्टनरशिप के तौर पर रखा हुआ है। जो दूसरे राज्य के जुगारियों को आमंत्रित कर उनके रहने खाने की व्यवस्था करते हैं। सत्तार खान और सुशील चौहान कलब चलाने के लिए गुजरात तथा और राज्यों से जुगारियों को पैसों का प्रलोभन देकर बुलाने का काम करते है। कहां तो यह भी जाता है कि यहां बाहर के बदमाश और वांछित अपराधी पुलिस से बचने के लिए इस जुगार के अड्डे में पनाह लिया करते हैं।

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    पत्रकार ने विडियो ग्राफी निकाल कर पुलिस आयुक्त मधुकर पांडे से शिकायत कर दी। तब जाकर पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले को इसकी जानकारी मिली। आनन फानन में माणिकपूर पुलिस ने जुगार के अड्डे को बंद करा दिया। जबकि कुछ बाहर से आए वांछित अपराधी इस जुगार के अड्डे में शरण लिए हुए थे। पुलिस ने अगर जांच किया तो शातिर चोर उचक्कों की गैंग यहा बंद कमरों में जरूर मिलेंगी।

  • Maharashtra; राज्य सरकार नहीं चाहती निष्पक्ष चुनाव ?

    Maharashtra; राज्य सरकार नहीं चाहती निष्पक्ष चुनाव ?

    चुनाव अधिकारियों के जरिये खुद के पक्ष में जीत हासिल करने के प्रलोभन में महाराष्ट्र की सरकार तबादले को रोके हुए है। शिंदे सरकार पर उठते सवाल?

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    आम चुनाव आते ही बड़े अधिकारियों के ट्रांसफर का दौर शुरू हो जाता है। सरकारें चुनाव आयोग पर दबाव डालती रहती हैं, ताकि ऐसे अधिकारी रहें जो उसकी पार्टी को चुनाव जीताने में मदद करें। महाराष्ट्र के चुनाव आयोग ने बीएमसी में बहुत समय से अपना साम्राज्य बनाकर बैठे अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिए हैं। लेकिन शिंदे सरकार उन्हें हटा नहीं रही। क्यों यह तो सरकार ही बता सकती है?

    महाराष्ट्र चुनाव आयोग के निर्देश।

    सूत्रों के अनुसार बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कमिश्नर इक़बाल सिंह चहल, उपायुक्त अश्विनी भिड़े और बेलरासू चार-चार साल से अपने पदों पर एक ही जगह बैठे हैं। जिन्हें हटाने का आदेश महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने दे दिया है। परन्तु शिंदे सरकार हटाने को तैयार ही नहीं हैं। कारण ये अधिकारी शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के समय पदनिर्देशित किए गए थे। जिन्हें उद्धव ठाकरे गुट के खास भी माने जाते हैं। अगर तीनों बड़े मनपा अधिकारियों के ट्रांसफर नहीं किए गए तो निष्पक्ष चुनाव हो ही नहीं पाएगा। इसकी भी जानकारी सूत्र बताते हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/14/the-slogan-of-every-party-is-all-seats-are-ours
    Indian Political news

    आयुक्त इकबाल सिंह चहल को शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट का माना जाता है। 15 मार्च तक चुनाव आचार संहिता लागू होने वाली है। अतः दो दिनों में तीनों बड़े अधिकारियों को हटाना ज़रूरी है। मगर अभी तक चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद हटाया नहीं गया है। ख़बर के मुताबिक, आयुक्त इक़बाल सिंह चहल को सेक्रेटरी बनाया जाना है। या बनना चाहते हैं। इसलिए वे यहां से हटना नहीं चाहते। इसके साथ ही परदेशी को मनपा आयुक्त बनाने की बात चली लेकिन परदेशी ने रुचि नहीं दिखाई और साफ तौर पर मना कर दिया, कि वे इच्छुक नहीं है।

    चुनाव,

    मुख्यमंत्री के बांधें है किसी ने हाथ ..

    चुनाव आयोग की सख्ती और तीनों पदों पर राज्य सरकार किसे लाती है। इस बात को लेकर मुंबई में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष कांग्रेसी नेता विजय वेडेट्टीवार का कहना है, कि मुख्यमंत्री का हाथ किसने बांध दिया है? क्या इन अधिकारियों का दबाव शिंदे पर है? हो सकता है, शिवसेना में रहते हुए शिंदे के तीनों अधिकारियों से मधुर संबंध रहे हों। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग के साथ ही केंद्रीय चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा है।

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    इसके साथ ही, सुधाकर शिंदे के संदर्भ में आरोप है, कि वे आईएएस नहीं होने के बावजूद भी आईएएस पद पर बैठे हुए हैं।उन्होंने साकीनाका झोपड़पट्टी पुनर्वसन में करोड़ों के घोटाले के साथ ही फर्जी लोगों को जालसाजी कर आवास आवंटन करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीट से जांच कराने की भी मांग की है।

  • हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    देश में चुनावी बिगुल बजने की तैयारी जोरों-शोरों से की जा रही है। किसी का टिकट कटा तो किसी ने पाला बदला। समय ही बताएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – समय आ गया चुनावी बिगुल बजने वाला है। सारे योद्धा मल्ल युद्ध की तैयारी में जी-जान से जुट गए है। जिन पहलवानों को टिकट नही मिलने वाला है वह अपने भाग्य की आज़माइश निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अखाड़े में उतरेंगे और अपने दल का सत्यानाश करेंगे। (indian politics and election News)

    सभी राजनीतिक दल अपने सारे हथियारों पर धार देना शुरू कर दिया है। टीवी चैनलों पर ओपिनियन पोल आने शुरू हो गए है। सारे चैनल कौन जीतेगा? कौन हारेगा? इसकी भविष्यवाणी कर रहे है। जो कि परिणाम के बाद सब गलत साबित होता है। इसके साथ ही इन नेताओं की पत्नियां मन्दिरो में जाकर बड़े-बड़े मन्नत चुनाव जीतने के लिए मांग रही है। भले ही पांच वर्ष मंदिर में पूजा नही करती है। बड़े पैमाने पर दल बदल भी शुरू हो गया है। हर जगह चुनावी सभाएं, संपर्क अभियान, भारत जोड़ो यात्रा, लूट हत्या, अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रही है। (indian politics and election News)

    अपराधियों को लोकसभा में घुसाने की तैयारी ..

    अनेको प्रकार के आश्वासन, प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। इस बार तो कई माफियाओ और अपराधियों को टिकट देकर लोकसभा में भेजने की तैयारी की जा रही है। जन मानस सोच में पड़ गया है कल ये गुंडा इस पार्टी में था अब इसको दूसरी पार्टी ने चुनाव का टिकट दिया? अगर सही मायने में देखा जाय तो करीब 50 प्रतिशत लोग स्वेच्छा से मतदान करना ही नही चाहते 30 प्रतिशत लोग मतदान के दिन अपना घर छोड़कर घूमने निकल जाते है। (indian politics and election News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/10/congress-leader-sanjay-nirupam-angry-at-uddhavs-announcement
    Mumbai congress and shivsena maha vikas aghadi gatbandhan news

    मुफ्त की शराब ..

    इनके नाम पर फर्जी मतदान करवाया जाता है। बूथ कैप्चरिंग, मतपेटी गायब करना बंदूक की नोक पर बूथ पर पूरी तरह कब्जा करके अपने प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए राजनीतिक पार्टीया पूरी तैयारियां करती है। फिर भी साफ सुथरी चरित्रवान छवि ईमानदार कर्मठ नेता कहलाते है और वोट के लिए नोटों के बंडल के साथ शराब मुफ्त में वितरण करवाना ये सब तैयारियां शुरू हो गयी है। (indian politics and election News)

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    Indian वोट किसे दें ?

    सभी राजनीतिक दल नए-नए हथकंडे अपनाएंगे। अभी भी लोग असमंजस में है, वो किसको वोट दें? किसको न दें? वही दूसरी ओर चुनाव आयोग भी पूरी निष्पक्षता से काम नही करता। सभी उम्मीदवारों की आपराधिक घटनाओं की जाँच करवाना चाहिए जिसके ऊपर एक भी केस विचारसधीन हो या पुलिस में दर्ज हो उसको चुनाव लड़ने से वंचित कर देना चाहिए। पर चुनाव आयोग इस तरह की न्यायिक कार्यवाही कर नही सकता। क्योंकि चुनाव आयोग कोई कार्य, निष्पक्षता से नही करता है। अपने समय पर चुनाव करवाये समय पर सारे कार्य करे ये भी राजनीतिक दलों के हाथ की कठपुतली बने हुए हैं। (indian politics and election News)

    आजकल में ही आचार संहिता लगने वाला है ये सभी दलों को मालूम है। कुछ पार्टीयो ने तो अभी तक अपने प्रत्याशियों का चयन भी नही किया है। सभी प्रत्याशियों के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पर चुनाव आयोग ये कभी नही करवाएगा। जो उम्मीदवार पहले जीतकर लोकसभा में रह चुके है। उनकी जाँच काफी गम्भीरतापूर्वक होनी चाहिए, कि इस सांसद के पास इतना धन संपत्ति कहां से आया है। इसके पहले कितना था चुनावी चंदे के चक्कर मे बैंक ही आरोप के कटघरे में खड़ा हो गया। (indian politics and election News)

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    कौन है ईमानदार ?

    अब ईमानदार कौन रह गया? ये सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। जहाँ आचार संहिता लागू हुआ कोई भी आम नागरिक लाख पचास हजार रुपये लेकर नही चल पाएगा। उसको स्थानीय पुलिस परेशान करेगी इसके अलावा ईडी, सीबीआई छापेमारी और तेज हो जाएगी। कुछ पकड़े जाएंगे, कुछ छोड़े जाएंगे। हर पार्टीया दावा कर रही है, कि इस बार सत्ता हमारी आएगी। पर इसका फैसला तो देश का मतदाता करने वाला है। पर नेताओ के दावे बड़े बड़े है काम किसी का नही दिखाई पड़ रहा है। अब आगे चलकर देखना है, कि ऊंट किस करवट बैठता है। (indian politics and election News)

  • Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

    Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

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    • सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघावकर के सलाह और संरक्षण में 43 रुम का अवैध बांधकाम
    • क्या मनपा में एक भी इमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है?

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई
    – एक तरफ राज्य के मुखिया ने आदेश दिया है, कि किसी भी क्षेत्र में अवैध बांधकाम ना किया जाए। अवैध निर्माण कै अचानक ढ़ह जाने से राज्य के कई घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन दूसरी ओर मनपा के वार्ड ऑफिसर और अभियंता, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेश की खुली अवहेलना ही नहीं बगावत करके ढेर सारे गैर कानूनी बांधकाम के निर्माण को शह और संरक्षण देकर मोटी रकम की काली कमाई करते हैं पत्रकार द्वारा निकाली गई गैर कानूनी बांधकाम की वीडियो चिख चिख कर वार्ड ऑफिसर और अभियंता की काली कमाई और अवैध बांधकाम के सबूत दे रही है। मौत के इस खेल की तस्वीर मालवनी इलाके की है। जहां पिछले कई हादसों के नीचे दबकर लोगों की मौत होने की तस्वीरें लोगों ने देखी है। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    कहां हो रहा है अवैध बांधकाम ..?

    विदित हो कि मलाड (पश्चिम), वैति वाडी, मालवनी गांव, सुंदर गली, राम मंदीर के पीछे, मार्वे रोड़, मुंबई- 400095 स्थित ठेकेदार विक्की कमलाकर भंडारी द्वारा 4,500 वर्गफूट के रिक्त भूखंड पर एक दो नहीं अंदाजन 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) की चाली का अवैध निर्माण किया जा रहा है। जिसे गैरकानूनी ढंग से कोई भू माफिया या ठेकेदार नहीं बना सकता जब तक की कोतवाल यानी वार्ड ऑफिसर और अभियंता का वरदहस्त उनके सिर पर न हो। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

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    जांच में सूचना मिली कि पी/नॉर्थ वार्ड के वार्ड ऑफिसर किरण शिवाजीराव दिघावकर और सहायक अभियंता अनिल पुनतांबेकर की सलाह और संरक्षण में 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) रूम की चाली के अवैध बांधकाम कराए जा रहे हैं। यह निर्माण कई करोड़ के हैं। जिसे संरक्षण देने के लिए वार्ड ऑफिसर और सहायक अभियंता के माध्यम से करोड रुपए की रिश्वत ली है। वरना इतने बड़े पैमाने पर गैर कानूनी निर्माण कैसे संभव होता? क्या मनपा में एक भी ईमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है ? जो भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को पद का दुरुपयोग करने, काली कमाई करने वाले भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को सजा दिला सके? अब ऐसे में मुख्यमंत्री जी आपके आदेश की हुक्म उलुदी का मतलब है। आपकी मनपा के अधिकारियों के मन में साख कम हुई है। यह भ्रष्ट मनपा अधिकारी ऐसे ही गैर कानूनी निर्माण कराते रहते हैं। क्योंकि इनको किसी कार्रवाई का डर है ही नहीं। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    अवैध बांधकाम,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    शुबहा तो आप पर भी किया जा सकता है। क्योंकि आपने इतने गैरकानूनी बांधकाम की ‘ indian fasttrack’ न्यूज़ में प्रकाशित खबरों, पर कभी एक्शन ही नहीं लिया। क्या ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए की काली कमाई का हिस्सा आपको और आपके मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री तक जरूर पहुंचता होगा? अन्यथा भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया? हम चाहते हैं, कि आप अपनी छवि को बेदाग रखने के लिए सभी वार्डों में कराए गये और कराए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम की न्यायिक अथवा विजिलेंस के माध्यम से जांच कराकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें। अन्यथा लोग ऐसे ही बेरहमी की मौत मरते रहेंगे और तमाशा देखने वाले नोट गिनते रहेंगे। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    https://indian-fasttrack.com/2023/03/27/strange-hospital-strange-doctor
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