वसई विरार के सातिवली में वाटर रिजर्व आरक्षित भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। कमिश्नर ने दिए तोड़क कार्रवाई के निर्देश, सहायक आयुक्त दे रही है अवैध निर्माण को संरक्षण।
आसिफ अंसारी पालघर- वसई विरार महानगर पालिका के प्रभाग ‘जी’ अंर्तगत होने वाले अवैध निर्माण पर प्रभारी आयुक्त रमेश मनाले ने तोड़क करवाई का आदेश जारी किया है। लेकिन इन दिनों प्रभाग ‘जी’ की प्रभारी सहायक आयुक्त मनाली शिंदे एक दीवाल तोड़कर अपनी खूब वाहवाही लूटी रही है। जबकि उनके ही प्रभाग ‘जी’ अंतर्गत सातिवली में सर्वे क्रमांक 50/ 2/1/अ/2 में वाटर रिजर्व के लिए आरक्षित जमीन पर बन रहे अवैध बांधकाम पर मैडम तोड़क कार्रवाई नही कर रहीं हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है, कि जब मैडम लगभग 50 हजार फूट में तोड़क करवाई करने का ढ़िंडोरा पिट रही है। तो दूसरी तरफ, शहजाद मलिक द्वारा आरक्षित जमीन पर 15 हजार फूट से ज्यादा की जमीन पर अवैध बांधकाम किया जा रहे है, तो उसके अवैध बांधकाम पर तोड़क करवाई करने से क्यों परहेज कर रही है शिंदे मैडम। जबकि आरक्षित जमीन पर हो रहे अवैध बांधकाम पर तोड़क करवाई करने का आदेश प्रभारी आयुक्त रमेश मनाले ने दे दिया है।
आयुक्त के आदेश के बाद भी मनाली शिंदे आदेश की धज्जियां उड़ा रही है। वही विश्वस्नीय सूत्र कहते हैं, कि मनाली शिंदे ने शहजाद मलिक के अवैध बांधकाम पर तोड़क करवाई नही करने के बदले में लाखो रुपए रिश्वत लिया है। अवैध निर्माणकर्ता शहजाद मलिक और प्रभाग की सहायक आयुक्त मनाली शिंदे के बीच सेटिंग में यह भी पता चला, कि प्रति स्क्वेर फ़िट 200 रुपये के हिसाब से अवैध निर्माण को संरक्षण देने का सौदा तय हुआ है। लोगों का कहना है, कि वसई विरार महानगर पालिका के इस प्रभारी सहायक आयुक्त मनाली शिंदे पर लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग, महाराष्ट्र की ओर से सर्विस रिकार्ड की जांच करा कर दंडित किया जाना चाहिए। अन्यथा भ्रष्टाचार का यह दीमक पूरे वसई विरार महानगर पालिका को खोखला कर देगा।
बिना इजाज़त सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज।
इस्माईल शेख मुंबई- सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले में आजाद मैदान पुलिस ने विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों और 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति के मोर्चा निकालने का मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai case filed against Varsha Gaikwad)
मुंबई की विशेष मलिन बस्तियों में स्वच्छता के लिए ठेकेदारी प्रथा अपनाई जा रही है। ठेका प्रथा से दैनिक मजदूरों के सामने भुखमरी की नौबत आ जायेगी है। इसलिए सफाई कर्मचारी संगठनों ने बुधवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर मांग किया, कि मनपा (BMC) प्रशासन 1200 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द करें। इस आंदोलन में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार ग्रुप), आप, कम्युनिस्ट पार्टी और इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टियों ने हिस्सा लिया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मनपा मुख्यालय और सामने की सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने इस सड़क को जाम कर मुख्यालय में घुसने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मनपा कमिश्नर इकबाल सिंह चहल से मिलने की कोशिश की। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
पुलिस बल ने उन्हें मुख्यालय जाने से रोक दिया। पुलिस सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आजाद मैदान थाने ले गई। आज़ाद मैदान पुलिस ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के साथ प्रकाश रेड्डी और 15 अन्य पदाधिकारियों के साथ-साथ 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अधिकारी ने बताया, कि बिना इजाजत मोर्चा निकालने और आदेश का उल्लंघन करने का के लिए भारतीय दंड संहिता सहित मुंबई पुलिस की धारा 143, 145, 149 के साथ 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
मंत्रालय के सामने किया सड़क जाम ..
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बुधवार को मंत्रालय के यहां सड़क जाम कर दिया था। उस मामले में मरीन ड्राइव पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राउत और 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इलेक्ट्रो बांड के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई सूची एसबीआई द्वारा अब तक नहीं दिए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने बुधवार को मंत्रालय के पास सड़क रोककर प्रदर्शन किया था। उस वक्त सभी अधिकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इन सभी को नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)
मनपा आर/दक्षिण विभाग व स्थानीय पुलिस की मिली भगत से मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू लैंड जेहाद के तहत गरीब विधवा की जमीन हड़पकर कर रहा है अवैध निर्माण
शेख के गुंडो की स्थानीय जनों में दहशत
सुरेन्द्र राय मुंबई- लव-जेहाद के मामले जहां पूरी तरह चर्चा में है तथा उसका समाधान निकालने की कोशिश शासन/प्रशासन द्वारा की जा रही है। वहीं महानगर मुंबई के कांदिवली पश्चिम में “लैंड जेहाद” का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिसमें एक गरीब 75 वर्षीय विधवा चंद्रावती राजाराम शर्मा के घर में घुसकर 40 से 50 मुस्लिम बदमाशों द्वारा जमीन कब्ज़े का खेल प्रकाशित हो रहा है। पीड़ित परिवार की कांदिवली गांव स्थित 595.2 वर्ग मीटर जमीन को स्थानिक गुंडे मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू और फिरोज शेख द्वारा हड़पने व उसपर अवैध निर्माण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
कांदीवली में “लैंड जेहाद” ..
प्राप्त जानकारी के अनुसार कांदिवली पश्चिम स्थित महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड, आर.एन.ए. कॉम्प्लेक्स के सामने शर्मा कंपाउंड में लगभग 595.2 वर्ग मीटर के भूखंड पर “लैंड जेहाद” के तहत मोइनुद्दीन शेख और फिरोज शेख जबरन कब्जा कर मनपा आर/दक्षिण एवं स्थानी पुलिस की मदद से अवैध निर्माण कर रहे हैं। शिकायतों के उपरांत भी मनपा आर/दक्षिण के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। फिरोज शेख मोइनुद्दीन का भांजा बताया जाता है। उक्त भूखंड गांव-कांदिवली, तालुका-बोरीवली, उत्तर मुंबई उपजिला के अंतर्गत 595.2 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का गरीब विधवा चंद्रावती राजाराम शर्मा के मालिकाना अधिकार की जमीन है।
मनपा आर/ दक्षिण विभाग क्यों है खामोश?
यद्यपि कि शिकायतों के बाद मनपा आर/दक्षिण द्वारा 354 ए के अंतर्गत निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस नंबर (RS/DO1RS/020/354(mmc) Act/RS41 नं. 1) दिनांक- 05/02/2024 Ref.No. 183193 दिया गया है। मुंबई मनपा अधिनियम 1888 के अंतर्गत अधिनियम 351, 352, 352-ए और 354-ए में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग कर उक्त अवैध निर्माण की जांच कर दोषी व्यक्तियों को दंडित करने एवं अवैध निर्माण को रोकने का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद भी मनपा अधिकारियों ने निजी स्वार्थ के चलते कोई कार्रवाई नहीं की है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है, कि मोइनुद्दीन शेख ने डी.ओ. अभय जगताप को मुंह मांगी कीमत देकर अपने भांजे फिरोज शेख के नाम उक्त नोटिस मनपा द्वारा दिलवाया है। इससे यह साफ जाहिर है, कि मोइनुद्दीन शेख की अवैध निर्माण को मानपा अधिकारियों का अर्थ पूर्ण संरक्षण प्राप्त है। पुलिस भी मोइनुद्दीन शेख की गुंडागर्दी की शिकायत पर कार्रवाई न करके उसे अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देती है। मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू जबरदस्ती कब्जे करने के लिए गुंडो की एक फौज पाले हुए हैं। जिसके द्वारा वह स्थानीय जनों को धमकियां दिलवाने, गाली-गलौज करने व डराने तथा मारपीट करने का काम करता है।
अवैध निर्माण के साथ सीसीटीवी फुटेज की तस्वीरकब्जे से पहले एवं पुलिस के साथ सीसीटीवी फुटेज की तस्वीर
मोइनुद्दीन शेख उर्फ मामू पुलिस का हम खास व खबरी बताया जाता है। साथ ही इलाके के सबसे बड़े एसआरए प्रोजेक्ट डेवेलपर “रूपारेल” से जुड़ा होने की वजह से मामू के विरुद्ध आने वाली शिकायतों को स्थानीय पुलिस दर्ज ही नहीं करती। किसी तरह यदि दर्ज भी कर ली, तो कार्रवाई करने में टालमटोल करती रहती है। शिकायतकर्ता गरीब विधवा ने मनपा एवं पुलिस के उच्च अधिकारियों से अपनी जमीन वापस दिलवाने तथा अपने परिवार को संरक्षण प्रदान किए जाने की गुहार की है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अराजकता की नई तस्वीर सामने आ रही है। योगी जी के राज में यहां अवैध रूप से जमीन कब्जा करने के लिए वकीलों को गुंडागर्दी करते विडियो रिकार्ड किया गया। महिलाओं की सुरक्षा चोरी लेकर पुलिस प्रशासन निकम्मी साबित हुई। (Yogi’s slogan in Uttar Pradesh is women are destitute)
वी.बी. माणिक उत्तर प्रदेश/प्रयागराज– अब योगी जी का महिलाओ की सुरक्षा का नारा खोखला साबित होता जा रहा है। महिलाएं अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। कल प्रयागराज के गंगापार सरायइनायत के रेठिया गाँव में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडों और वकीलों के करीब 25 से 30 लोग एक सोनी परिवार के घर मे घुसकर महिलाओ और बच्चों के साथ अश्लील हरकत और जमकर मारपीट किया। इसकी जानकारी सरायइनायत थाने के थानाध्यक्ष पंकज राय को दिया गया। जिस पर अभी तक कोई भी केस दर्ज नही किया गया और न ही घटना स्थल पर पुलिस गयी। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
इस विषय पर पुलिस के कमिश्नर रोनित शर्मा को फोन किया गया तो शर्मा ने फोन नही उठाया। एसपी गंगापार अभिषेक भारती ने फोन पर कार्रवाई का आश्वसन देकर मौन हो गए। लेकिन कार्रवाई कुछ नही किया। इसके बाद डीजी लखनऊ को फोन किया तो फोन नही उठाया। कल पूरे दिन प्रयाराज जिला कचहरी में हड़ताल जारी रहा। वकीलों में दो ग्रुप हो गया था। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
पुलिस थाने के बाहर न्याय के लिए इंतजार करता पीड़ित परिवार की तस्वीर
योगी आदित्य के राज में अराजकता का माहौल
अब उत्तरप्रदेश में वकील वकालत कम गुंडागर्दी ज्यादा करने लगे है। क्योंकि प्रशासन इन गुंडों पर कार्रवाई करने से डरता है। योगी महिलाओ की सुरक्षा और भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते है। पर यहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह निर्लज्ज और कामचोर है। केवल लोगों से अवैध वसूली में व्यस्त रहता है। योगी का शिकायत सेल भी पूरी तरह निष्क्रिय है। योगी सरकार को भी अखिलेश सरकार की हवा लगी है। यहां गुंडा राज कायम है। यहां महिलाओ को अकेले घर मे छोड़ने लायक नही है। क्योंकि कब गुंडे घर मे घुस जाएंगे इसकी कोई गारंटी नही है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
एसीपी थरवई सीपी सिंह तो पूरा लापरवाह है। ऐसा लगता है, कि ये केवल पुलिस विभाग में वसूली के लिए भर्ती हुआ है। दूसरी ओर प्रयागराज के जिला कचहरी में वकील कम वकील के भेष में गुंडे माफिया और वसूली मास्टर ज्यादा है। इस पर उच्चन्यायालय उत्तरप्रदेश कब संज्ञान लेगा ? कब इनका रजिस्ट्रेशन नंबर रदद् करेगा ? न्यायपालिका का डर धीरे धीरे कम होता जा रहा है। पुलिस फर्जी केस बनाने में ज्यादा व्यस्त है। गरीब और मध्य्यम वर्ग के लोगो को अब योगी राज में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। लोगो मे भारी भय व्याप्त है। पीड़ित परिवार केस दर्ज करने को लेकर समय का इंतजार कर रहा है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत अवैध निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए किटी इसोबिस हेडिक्स, डेरीस इसोबिस हेडिक्स, नोएल और जीन इसोबिस द्वारा पूराने जीवित झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है।
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत अवैध निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए पूराने जीवित झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है। इस पर मनपा पी/उत्तर विभाग उद्यान विभाग के सहायक अधीक्षक (Assistant superintendent of Garden department) कछुआ कार्यवाही के नाम पर चुप्पी साध ली है। यहां लगभग 33 गुन्ठा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन वाली जमीन पर अवैध भर्नी को लेकर मनपा पी/उत्तर विभाग के घन-कचरा विभाग ने नोटिस जारी किया है। इसी समय अवैध भर्नी माफिया राजेश चौरसिया के खिलाफ मनपा कानून एमआरटीपी (MRTP) के तहत नोटिस जारी किया गया है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या..
मालाड़ पश्चिम, मार्वे रोड़, कल्पना पार्क के बाजू में कमल तलाव के पीछे सर्वे कंमाक 66/13 भाग सीटीएस. क्रमांक 2248 पार्ट, सर्वे नं 64/1 पार्ट सीटीएस क्रमांक 2249 पार्ट सर्वे क्रमांक 6473 सीटीएस नं 2251 सर्वे क्रमांक 64/4 सीटीएस नं 2497 सर्वे नं 64/2 सीटीएस नं 2250 पार्ट मौजे मालवणी गांव तालुका बरीवली, मार्वे रोड , मालवणी, मालाड़ पश्चिम, मंबई -95 कुल मिलाकर 3069 स्केवर मिटर के एरिया में यानी लगभग 33 गुन्ठा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन वाली जमीन में अवैध निर्माण कर लोगों को यहां फंसाने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके लिए यहां वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
हालांकि पैसों के बल पर यहां अवैध निर्माण के जरिये गाले और रूम बनाकर यहां के जमीन माफिया लोगों को बेचने में कामयाब भी हो जाएंगे। लेकिन मनपा के उच्च अधिकारियों से शिकायत होने पर, वही भ्रष्ट मनपा अधिकारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई कर अवैध बांधकामों को ज़मिदोस्त कर दिया जाएगा। तब यहां गाले और मकान खरीदने वालों के साथ पैसों की ठगी होने की पूरी संभावना है। ऐसे में यहां अपनी पूंजी लगाने से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
आम जनता को इस खबर के माध्यम से सावधान रहने की अपील की जा रही है। अंदाजन 33 गुन्ठे की जमीन पर अवैध गालों का निर्माण कर यहां लगों को बेचकर पैसे ठगने का प्लान बनाया जा रहा है। मनपा नियमानुसार कभी भी इन अवैध बनाए जाने वाले गालों पर तोड़क कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन पैसों की लालच में मनपा पी/उत्तर विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की सहमति प्राप्त होने की भी जानकारियां प्राप्त हो रही है। मनपा पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) किरण शिवाजीराव दिघावकर को अपने विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर ध्यान देने की जरुरत है। जबकि यहां वृक्षों की निर्मम हत्या मामले में पुलिसिया कार्रवाई कर आरोपियों को दंडित किया जाना चाहिए। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
कुछ महीनों पहले जमीन मालिक श्रीमती किटी इसोबिस हेडिक्स, श्री. डेरीस इसोबिस हेडिक्स, श्री नोएल, कमारी जीन इसोबिस इन चारों ने मिलकर मनपा की अनुमति लिए बिना यहा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन की जमीन पर रात दिन ट्रकों के जरिये अवैध भर्नी कर झाड़ियां और वृक्षों को नष्ट कर रहे थे। मनपा पी/उत्तर विभाग के घन-कचरा विभाग के नज़र में आते ही कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी किया। लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार बाद में मनपा अधिकारियों से इनकी पैसों को लेकर सेटिंग हो गई। जिसमें अवैध भर्नी माफिया राजेश चौरसिया के खिलाफ सिर्फ मनपा कानून एमआरटीपी (MRTP) के तहत नोटिस जारी कर ठंडे बक्से में डाल दिया और आगे की पुलिस कार्रवाई अभी तक नहीं की गई। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
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जबकि चारों जमीन मालिकों के खिलाफ सरकारी पक्ष की तरफ से पुलिसिया कार्रवाई कर इन चारों को भर्नी माफिया चौरसिया के साथ गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया। उसी सेटिंग के बल बूते अब बेधड़क रात-दिन यहां पुरानी झाड़ियां और वृक्षों को नष्ट किया जा रहा है। खुले तौर पर मनपा अधिकारियों से यहां अवैध चालियों का निर्माण कर बेचने की मंशा जाहिर कर दी गई है। यहां करोड़ की लेनदेन में अपना हिस्सा पाने के लिए मनपा अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं करते हुए चुप्पी साध ली है। लोगों का कहना है, कि मनपा प्रशासन के उच्च अधिकारियों को इन भ्रष्ट अधिकारियों के कारनामों पर दंडित करते हुए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)
मालवनी के नामचीन व्यक्ति का ओमजी कुमावत के पीछे हाथ।
सरकारी दफ्तरों मे हेराफेरी करने में फैयाज मयस्कार उर्फ टक्कर का साथ।
पुलिस और कानूनी पचड़े से बचने के लिए भाजपा से मिलाया हाथ।
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड़ पश्चिम, मालवनी का इलाका समुद्र किनारे होने की वजह से कलेक्टर और मैंग्रोवस की जमीन से भरा पड़ा है। इसी का फायदा उठाकर ओमप्रकाश कुमावत उर्फ ओमजी जैसे भूमाफिया सरकारी जमीन को बेचकर पैसे कमाने का काम कर रहे है। ओमजी कुमावत के खिलाफ़ कई सरकारी जमीन बेचने मैंग्रोवस को दफ़न करने जैसे अनगिनत अपराधिक मामले दर्ज हैं। लेकिन ओमजी कुमावत हमेशा से राजकिय पार्टियों का फायदा उठाकर पुलिस गिरफ्तारी से बच जाता है। हालही में इसने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा हुआ है उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी को इसपर विचार करने की जरूरत है।
भाजपा को मिल सकती है करारी हार ..
मालवनी का कुख्यात भूमाफिया ओमजी कुमावत एक दल-बदलू नेता है। जो कभी कांग्रेस पार्टी के खेमे में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री असलम शेख के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता के रूप में काम करता था। सरकारी जमीनों को गैरकानूनी बेचना और कुछ पैसे खर्च कर गरीब लोगों को राशन बांटते हुए फ़ोटो खिंचवाने के बल बूते ओमजी लगातार असलम शेख से पार्टी टिकट की डिमांड कर रहा था। ओमजी का आचरण देखते हुए असलम शेख ने कभी भी उसके नगरसेवक बनने के ख्वाब का समर्थन नहीं किया। साथ ही इसके गैरकानूनी कारोबार के खिलाफ हुए पुलिस मुकदमें मे ओमजी कुमावत की कभी भी सहायता नहीं की। फलस्वरूप ओमजी कुमावत पार्टी बदलकर भारतीय जनता पार्टी के उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी के साथ हाथ मिला लिया है।
चुनावी टिकट की चाह में कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ओमजी कुमावत की तस्वीर
लोगों का कहना है, कि भारतीय जनता पार्टी से भी ओमजी कुमावत की चुनाव लड़ने की मंशा पूरी नहीं होगी। लेकिन सत्ताधारी पार्टी भाजपा और सांसद गोपाल शेट्टी के साथ होने से पुलिस प्रशासन पर आसानी से दबाव बनाकर अपराधिक मामलों में गिरफ्तारी से ओमजी कुमावत बचने में हमेशा कामयाब हो जाता है। लोगों का यह भी कहना है, कि भारतीय जनता पार्टी के उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी जी को इसपर विचार करने की जरूरत है। ओमजी कुमावत जैसे भूमाफिया को साथ में रखने से पार्टी की गरिमा ही धूमिल होगी। जबकि सांसद गोपाल शेट्टी केंद्र के संसद से लेकर आम जनता के बीच साफ़ सुथरे छवि के धनी हैं। कहीं ऐसा न हो, कि ओमजी कुमावत जैसे भूमाफिया के चलते उनकी गरिमा कलंकित हो जाए। यदि ऐसा हुआ तो भारतीय जनता पार्टी को उत्तर मुंबई सांसद की सीट पर करारी हार का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसी संभावना स्थानिय जनता ने व्यक्त किया है।
आप को बता दें, कि ओमजी कुमावत के खिलाफ़ मालवनी पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र. 488/23 के तहत सरकारी कलेक्टर की जमीन हथियाने का अपराधिक मामला दर्ज है। यहां सीटीएस क्रमांक 2670 सर्वे क्रमांक 140 राठौड़ी गांव में जुरासिक पार्क के भीतर सरकारी जमीन को कब्जा करने के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इस जमीन का कुछ तुकडा प्राईवेट जमीन बताकर राधेश्याम गुप्ता को 80 लाख रुपये में ओमजी कुमावत ने बेच दिया है। राधेश्याम गुप्ता एक साधारण व्यापारी होने के कारण जमीन के कागजातों की हेराफेरी से अंजान रहे। लेकिन जब पता चला तो दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। राधेश्याम गुप्ता के पैसे वापस मांगने पर ओमजी ने पुलिस केस का हवाला बताकर उसे रफा-दफा कर दिया।
सरकारी जमीनों का मुआयना करते फैयाज मयस्कर उर्फ टक्कर की तस्वीर
कौन है फैयाज टक्कर ?
इसी तरह मालाड़ पश्चिम के मार्वे बीच दरिया पार मनोरी गांव के कुछ लोगों को बहला फुसला कर उनकी जमीन हथिया ली है। ओम जी कुमावत सरकारी जमीन के कागजातों में हेरा फेरी करने के लिए मालवनी के एक नामचीन व्यक्ति के जरिए एक खास व्यक्ति फैयाज मयस्कर उर्फ टक्कर को हमेशा के लिए हायर किया हुआ है। फैयाज मयस्कार उर्फ टक्कर के बारे में आपको बता, दें कि यह सरकारी कलेक्टर, तलाठी और तहसीलदार कार्यालय के छोटे से बड़े अधिकारियों को मैनेज करने में कुख्यात है। फैयाज का कहना है कि सरकारी कागजातों में हेरा फेरी को लेकर कोई भी इसका टक्कर नहीं दे सकता। सरकारी अधिकारी भी इसके टक्कर से मात खा जाते हैं।
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कुछ साल पहले मालवनी अंबोजवाडी के पीछे धारवली गांव में जमीन देने के नाम पर लोगों से पैसे लेकर ठगने का भी फैयाज टक्कर पर आरोप है। जिसको लेकर शिकायतकर्ताओं ने दिंडोशी कोर्ट मे याचिका दायर की है और कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मालवनी का नामचीन व्यक्ति सरकारी और प्राईवेट खाली पड़ी जमीनों का पेपर में हेराफेरी कर कब्जा और बेचने में ओमजी कुमावत का पूरा सहयोग करता है। बताया जाता है, कि फैयाज मयस्कर उर्फ टक्कर मालवनी के इसी नामचीन व्यक्ति का खासमखास बंदा है। जो इसी नामचीन व्यक्ति के इशारे पर सरकारी महकमे के चपरासी से अधिकारी तक को पैसों के बल पर खरीदकर सरकारी कागजातों में हेराफेरी करता है। यदि ऐसा होता रहा तो आम जनता का भरोसा शासन प्रशासन से उठ जाएगा। पढ़िए अगले अंक में …
सहायक आयुक्त ललित तलेकर की निगरानी में मिल बांटकर चल रहा अवैध Avirahi Banquet Hall का गोरखधंधा
इमारत के गिरने और लोगों की जान जाने का जिम्मेदार मनपा आर/दक्षिण विभाग
सुरेन्द्र राय मुंबई- कांदीवली मनपा आर/दक्षिण विभाग पिछले कई सालों से कांदीवली पश्चिम रेलवे स्टेशन स्थित ‘अविराही बैंक्वेट हॉल’ में पार्टनरशिप का काम कर रही है। अविराही होटल की आड़ में इमारत की टेरेस पर अवैध बैंक्वेट हॉल का निर्माण किया गया है। इसके संरक्षण के नाम पर मनपा के संबंधित इमारत बांधकाम, आरोग्य, अनुज्ञापन और जल विभाग के अधिकारियों के इस कारोबार के मुनाफे में सामुहिक पार्टनरशिप की जानकारियां प्राप्त हो रही है। इसको लेकर समाजसेवक मोहम्मद आसिफ अंसारी ने मनपा परिमंडल-7 के उपायुक्त से जांच एवं कार्यवाही हेतु शिकायत दर्ज कराई है। (Avirahi Banquet Hall)
बता दें, कि कांदीवली पश्चिम रेलवे स्टेशन के बगल में स्थित अविराही आर्केड शॉपिंग सेंटर के टेरेस पर बैंक्वेट हॉल के हर प्रोग्राम में हजारों से ज्यादा लोगों का यहां जमावड़ा होता है। हर कार्यक्रम का लगभग 6 लाख रुपये से 11 लाख रुपये के बीच एक बार का बिल बनता है। अंदाजन हर महीने 10 से 12 कार्यक्रम, इस हिसाब से सालाना लगभग 15 करोड़ रुपयों का अवैध बैंक्वेट हॉल के नाम पर कारोबार किया जा रहा हैं। जो मनपा राजस्व के जरिए सरकार को सीधे तौर पर चूना लगाया जा रहा है। यहां भीड़ इकट्ठा होने की वजह से इमारत को नुकसान तो हो रहा है, कोई हादसा हुआ तो सीधे तौर पर लोगों की जान चली जाएगी तब जाकर सरकार को पता चलेगा की मनपा की संरक्षण में यहां क्या हो रहा था। (Avirahi Banquet Hall)
अविराही बैंक्विट हॉल और अविराही होटल की तस्वीर
मनपा की मिली भगत से Avirahi Banquet Hall का अवैध कारोबार
शिकायतकर्ता मोहम्मद आसिफ अंसारी ने मनपा आर/दक्षिण (BMC R/South) विभाग के सहायक आयुक्त (Assessment Commissioner) ललित तलेकर, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता प्रमोद ब्राह्मणकर, डी.ओ. अभय जगताप और कनिष्ठ अभियंता नितिन ठाकुर के साथ आरोग्य विभाग (Health Department) की अधिकारी दिपा जाधव के साथ जल एवं लायसेंस विभाग की मुख्य भुमिका है। जो लगातार शिकायतों के बावजूद इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता प्रमोद ब्राह्मणकर और डी.ओ. अभय जगताप मामले को रफा-दफा करने को पैसा लेकर सटलमेंट करने के लिए दबाव बना रहे हैं। (Avirahi Banquet Hall)
मनपा नियमानुसार इमारत बांधकाम विभाग द्वारा अविराही आर्केड शॉपिंग सेंटर के टेरेस पर बने अवैध बैंक्वेट हॉल के अवैध बांधकाम पर तुरंत तोड़क कार्रवाई कर अवैध बांधकाम निर्माता के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करना चाहिए। यहां खाने पीने की चीजें परोसे जाने के खिलाफ आरोग्य विभाग द्वारा रोक लगानी चाहिए। बीना लायसेंस अवैध कारोबार पर अनुज्ञापन विभाग द्वारा दंडात्मक कार्यवाही करते हुए जल विभाग द्वारा पानी का नल कनेक्शन कांट देना चाहिए। लेकिन भ्रष्टाचार की काली कमाई के चलते यहां मनपा के कोई भी अधिकारी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि समय रहते इस कारोबार पर एक्शन नहीं लिया तो यहां किसी भी तरह की अनहोनी या हादसे होने पर महाराष्ट्र की सरकार को जवाब देना भारी पड़ सकता है। (Avirahi Banquet Hall)
डीओ. अभय जगताप पर कब पड़ेगी एंटी करप्शन की पैनी नजर ?
कब चलेगा मनपा का बुलडोजर?
ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं..
सुरेन्द्र राय मुंबई- कंदिवली मनपा आर/दक्षिण विभाग को सर्वाधिक भ्रष्टाचार वार्ड होने का तमगा दिया जाय तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अधिकारी भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हुए हैं। इन्हे किसी भी तरह का डर नही। चाहे जितनी भी खबर अखबार के माध्यम से प्रकाशित होती रहे। इनकी कानों में जूं तक नहीं रेगति। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको डी.ओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं की कहावत को चरितार्थ करते हुए खुद ही अवैध बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर उसे स्टे ऑर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। कोर्ट में स्टे के खिलाफ नही बोलता है। जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।
ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं
ताज़ा मामला कांदिवली (पश्चिम) महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड़ से लगकर शर्मा कंपाउंड का है। जहां गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (room) का निर्माण बना लिया जिसके एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गयी। जबकि परिमंडल-7 की उपायुक्ता भाग्यश्री कापसे, सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डी.ओ.अभय जगताप ने आपस में रिश्वत के पैसे बांट लिए। दिखाने के लिए 354(A) की नोटिस भेज दी गई। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।
शिकायत कर्ताओं की माने तो…बात बढे नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए सहाय्यक अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया। बता दें, कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354(A) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर अवैध बांधकाम पर तोड़क कार्यवाही जरूरी है। लेकिन गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (Room) का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क करवाई न करनी पड़े। सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे यानी तोड़क कार्यवाही न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए। मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, संयुक्त मनपा आयुक्त (विजलेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो (मुंबई), से हमारी मांग है, कि आर/दक्षिण, वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक करवाई कराए अन्यथा आपकी शाख पर भी बट्टा लगेगा।
मैंग्रोवस को नष्ट करने से, समुद्री तट की स्थिति बिगड़ सकती है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और चक्रवाती तूफान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
चारकोप पुलिस ने किया मामला दर्ज तो अब मालवणी से मैंग्रोवस को खत्म करने की शुरुआत।
इस्माईल शेख मुंबई- शहर के समुद्र तट पर स्थित मैंग्रोवस के जंगल नष्ट किए जा रहे हैं। जो पर्यावरण और समुद्री जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। मालाड़ पश्चिम, मालवणी का कुख्यात भूमाफिया ओमजी कुमावत भरनी माफिया चौरसिया और शिव को साथ लेकर मालवनी चर्च, हिंदू शमशान भूमि के पिछे सर्वे क्र. 27 हिस्सा क्र.1 सीटीएस क्र. 748 की प्लाट से सटा सरकारी जमीन में लगे मैंग्रोवस की झाड़ियों को नष्ट कर रहा है। भूमाफिया ओमजी कुमावत का मकसद बस इस जमीन पर झोपड़पट्टी बनाकर पैसे कमाना है। जब कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार मैंग्रोवस के आसपास 50 मीटर की दूरी पर भरनी या अवैध बांधकाम करना कानूनन अपराध है। इसके तहत आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा सकती है। ऐसा होते हुए भी यहां जमीन मालिक पवन कुमार अग्रवाल को साथ लेकर भूमाफिया ओमजी कुमावत अग्रवाल की जमीन से सटा मैंग्रोवस पर मिट्टी की भरनी कर सरकारी जमीन हथियाने की कोशिश कर रहा है।
ऐसे ही एक मामले में भूमाफिया ओमजी कुमावत के खिलाफ़ मालवनी पुलिस थाने में गु.र.क्र. 488/23 के तहत अपराधिक मामला दर्ज है। यहां सीटीएस क्रमांक 2670 सर्वे क्रमांक 140 राठौड़ी गांव में जुरासिक पार्क के भीतर सरकारी जमीन को कब्जा करने के खिलाफ केस दर्ज है। मालवानी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यहां सरकारी जमीन पर दो महले के गाले बनाकर भूमाफिया ओमजी कुमावत ने करोड़ों रुपयों में बेच दिया है। हर बार पुलिस थाने में केस तो दर्ज किया जाता है लेकिन ओमजी कुमावत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नहीं किया जाता यहां पुलिस प्रशासन कमजोर नज़र आती है। कारण भूमाफिया ओमजी कुमावत पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाने में हमेशा कामयाब हो जाता है। इसका खुलासा भूमाफिया ओमजी कुमावत पर दर्ज विभिन्न अपराधिक मामले के बावजूद गिरफ्तारी का न हो पाना साफ दर्शा रहा है।
बता दे, की ओमजी कुमावत दल बदलू नेता है जो कभी कांग्रेस के खेमे में कार्यकर्ता के रूप में काम करता रहा है। इलेक्शन टिकट की चाह में कांग्रेस से उसे टिकट नहीं मिलने के कारण ओमजी कुमावत ने अब भाजपा का दामन थाम लिया है। भारतीय जनता पार्टी के उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी के शरण में होने से ओमजी कुमावत को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। ऐसा लोगों का कहना है। बोरीवली तहसीलदार के मंडल अधिकारी आशिष पांडुरंग चव्हाण का कहना है, कि इन भूमाफियाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम हो रही है। ओमजी कुमावत के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में सरकारी जमीन कब्जा करने को लेकर लगभग 10 अलग-अलग अपराधिक मामले दर्ज है। लेकिन पुलिस है कि उसे गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश भी नहीं करती। ऐसे में ओमजी जैसे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
शहर के आसपास के मैंग्रोवस के जंगल को खत्म करने से कुछ मुख्य प्रभाव जो निम्नलिखित हैं:
जलवायु परिवर्तन: मैंग्रोव के जंगल समुद्री तट के किनारे को स्थायी तापमान, तैराव, और तटीय अपशिष्टों के लिए संरक्षण प्रदान करते हैं। इनके नष्ट हो जाने से, समुद्री तट की स्थिति बिगड़ सकती है और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से उदासीनता, जलवायु परिवर्तन, और चक्रवाती तूफान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
जल-प्रदूषण: मैंग्रोव जंगल समुद्री तट की प्राकृतिक रक्षा प्रदान करते हैं और जल-प्रदूषण को रोकते हैं। उनके नष्ट हो जाने से, जल-प्रदूषण की संभावना बढ़ सकती है, जो समुद्री जीवन को बाधित कर सकता है और मानव स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है।
जीवनसंस्कृति के हानि: मैंग्रोव जंगल विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के लिए आवास का स्थल प्रदान करते हैं और समुद्री जीवन को संभालते हैं। इनके नष्ट हो जाने से, समुद्री जीवन और वन्यजीवों की संख्या में कमी हो सकती है, जो जीवनसंस्कृति के लिए हानिकारक हो सकता है।
समुद्री सूर्य और तैरने वाले पक्षियों की संरक्षा: मैंग्रोव के जंगल उन जीवों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं जो समुद्री तट पर रहते हैं, जैसे कि समुद्री सूर्य और तैरने वाले पक्षी। इनके नष्ट हो जाने से, इन पक्षियों की संरक्षा में कठिनाई हो सकती है।
दलबदलू राजनीतिक नेता एवं भूमाफिया ओमजी कुमावत की तस्वीर
इसलिए, मैंग्रोव जंगल के नष्ट हो जाने से समुद्र तट की स्थिति बिगड़ सकती है और समुद्री पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पैदा हो सकते हैं। हाईकोर्ट रिट याचिका क्र. 3246/2004 रूपांतरित जनहित याचिका क्र. 86/2006 दिनांक 6 अक्टूबर 2005 के आदेश में कोर्ट में मैंग्रोवस से 50 मीटर के आसपास विकास काम को नहीं करने का आदेश दिया है जो की भूमाफिया ओमजी कुमावत लगातार न्यायालय के आदेशों को भंग कर रहा है।
चारकोप पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र. 498/23 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत 15(1),15(2) के तहत कुल 9 लोगों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज है। जिसमें भूमाफिया ओमजी कुमावत ने सरकारी मैंग्रोवस की जमीन से सट कर मिट्टी की भरनी और पत्रे के 25 रूमों का अवैध निर्माण किया था। जो, कि सर्वे नंबर 216नगर भू क्रमांक 4, मौजे मालवणी, चारकोप गांव, कांदीवली पश्चिम, बोरीवली, मुंबई है। इस केस में चारकोप पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की ऐसे स्वाभाविक है कि भूमाफिया के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं।
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अब ओमजी कुमावत उसी मैंग्रोवस के जंगल को खत्म करने, उस जमीन पर मिट्टी गिराकर भरनी करने और अवैध बांधकाम के जरिए रूम बनाकर बेचने के फिराक में भरनी माफिया चौरसिया और शिव को साथ लेकर मालवनी चर्च, हिंदू शमशान भूमि के पिछे सर्वे क्र. 27 हिस्सा क्र.1 सीटीएस क्र. 748 की प्लाट से सटा सरकारी जमीन में लगे मैंग्रोवस की झाड़ियों को नष्ट कर रहा है। बता दें, कि यह वही मैंग्रोवस के जंगल की जमीन है। जो चारकोप कांदीवली से लेकर मालाड़ के मालवनी इलाके तक फैला हुआ है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब मुंबई शहर प्राकृतिक आपदा के चलते तहस नहस हो जाएगा पुलिस प्रशासन को चाहिए की किसी के भी दबाव में न आकर अपराधियों पर सख्ती से पेश आये जिससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास। 5 लाख रुपये लेनदेन की चर्चा, एंटी करप्शन विभाग।
सुरेन्द्र राय मुंबई– बृहन्मुंबई महानगरपालिका, आर/ दक्षिण (BMC R/South) विभाग के डिओ (D.O) अभय जगताप और अवैध निर्माण (Illegal construction) के ठेकेदार (Contractor) चंचल यादव के बीच चोली दामन का याराना लगता है। भ्रष्टाचार के तहत विडंबना यह है, कि प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर भी अभय जगताप के भ्रष्ट रवैये पर अपनी चुप्पी साध ली है। जबकि महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके एकनाथ शिंदे ने हमेशा ही भ्रष्टाचारियों (Corruption) पर लगाम लगाने की बातें कहीं है। मगर भ्रष्टाचार है कि मनपा (BMC) को कुतर-कुतर कर खाता जा रहा है। आर/दक्षिण विभाग के डिओ अभय जगताप के कारनामे जग जाहिर हो चुके हैं। उक्त डिओ अभय जगताप मनपा और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानून की धज्जियां उड़ाकर दौलत कमा रहे हैं। (भ्रष्टाचार)
मनपा आर/दक्षिण विभाग के अंतर्गत इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत पद निर्देशित अधिकारी व कार्यकारी अभियंता (प्रभारी डिओ) अभय जगताप और अवैध बांधकाम के ठेकेदार चंचल यादव की साठगांठ से धड़ल्ले के साथ अवैध निर्माण का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है, कि कांदिवली (पूर्व), वडारपाड़ा रोड नंबर 2, लोकमान्य चाल, सागर मेडिकल के सामने G+2 (तीन मंजिला) के व्यवसायिक (Commercial) गाले के अति धोखा दायक अवैध निर्माण को जिस ठेकेदार चंचल यादव द्वारा अवैध रूप से किया गया।
उस अवैध निर्माण को मनपा आर/दक्षिण के प्रभारी डिओ अभय जगताप का संरक्षण प्राप्त है। जिसमें 5 लाख रुपए के लेनदेन (आर्थिक व्यवहार) की चर्चा है। जो उक्त अवैध बांधकाम की तमाम शिकायतों के बावजूद न तोड़ा जाना प्रमाणित करता है, कि उक्त अवैध निर्माण को भ्रष्ट (Corrupt) डिओ (प्रभारी) अभय जगताप का वरदहस्त प्राप्त है। अब ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का दम भरने वाली एंटी करप्शन (Anti Corruption) विभाग भी कुंभकरण की नींद में सो रहा है ऐसा स्थानीय समाज सेवकों का मानना है। (भ्रष्टाचार)
कांदिवली पूर्व अवैध निर्माण की तस्वीर
अब देखना यह है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर कौन सी कार्रवाई करेंगे। याद हो, कि उक्त भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास करने की चर्चा है। देखना है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) कौन सी दंडात्मक कार्रवाई करते हैं। (भ्रष्टाचार)