Category: corruption

  • पत्रकारों को संरक्षण कब मिलेगा ?

    पत्रकारों को संरक्षण कब मिलेगा ?

    देश की सरकार पत्रकारों को संरक्षण देने से रही। लेकिन देश के नेताओं ने राजनीति का अपराधीकरण जरूर कर दिया है। कहीं इनके खिलाफ जागरुकता ना फैल जाए, इसी को लेकर पत्रकारों की आवाज कुचली जा रही है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – भारत सरकार ने पत्रकरो के लिए कानून तो बना दिया है पर उसका अनुपालन कब से होगा? नेता,मंत्री, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, खाकी वर्दी जब धन उगाही करती है तब तो उनको भी संरक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा न्यायपालिका में खुलेआम फाइल को इधर-उधर करने के लिए वसूली किया जाता है। तब कहाँ चली जाती है नियम कानून जब इन मामलों की हकीकत देश के सामने उजागर करने वाले पत्रकार वर्ग सुरक्षा पर बात आती तो सांप सूंघ जाता है।

    जनता का हक और सरकारी संरक्षण

    सरकार और नेताओं की तनख्वाह जनता अदा करती है। जिसके फलस्वरूप देश की जनता वास्तविकता की जानकारी रखने की हकदार हैं और इस जनता जनार्दन के हक को अदा करने वाला पत्रकार वर्ग इनसे न सरकार से अपना मेहनताना मांगता है। मीडिया वर्ग को अपने कर्तव्यों को पूरा करने में जानमाल का जोखिम रहता है। ऐसे में पत्रकारों को संरक्षण नहीं मिलना सच्चाई का गला घोटने जैसा ही है। इसमें कोई एक हो तो सुनवाई हो चुकी होती पर पूरा सिस्टम ही भ्रष्टाचार में लिप्त होता जा रहा है।

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    पत्रकार, संरक्षण,
    पत्रकार संरक्षण कानून को लेकर बेसबरी से इंतजार करता मीडिया वर्ग की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पत्रकारों को संरक्षण ..

    आज देश मे अधिकांश नेता अपराधी है जिनके ऊपर केस चल रहे है और वो खुलेआम छुट्टे सांड की तरह घूम रहे गरीबो की जमीनों पर अपने गुर्गो द्वारा जब्ती, कब्जा कर रहे है। मकानों पर अवैध कब्जा कर रहे है। मामला न्यायालय में दो तीन पीढ़ी तक चलता है। इस पर कोई पत्रकार खबर लिखता है, तो उसको धमकी दिया या आजाती है। पुलिस कुछ नही करती धमकी देने वाले गुंडों का स्वागत लोग भी करते है।

    देश को मिल रही खुली झूठ ..

    आज पत्रकार सबसे कमजोर वर्ग बन गया है। सच्चाई लिखना जुर्म बन गया है। नेताओ का स्वाभिमान पूरी तरह खत्म हो गया है। कुछ पत्रकार तो विधायको, मंत्रियों, सांसदों के पिए और चाटुकार बन गए है। दिन पर दिन पत्रकारिता समाप्ति की ओर बढ़ने लगी है। अब नेता टीवी पर बैठकर सीधा झूठ बोलते हैं।

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    चुनाव आयोग भी गुमराह ..

    इस पर चुनाव आयोग कब संज्ञान लेगा की जिस नेता पर एक भी केस हो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार नही होना चाहिए। अगर वो झूठ बोलकर चुनाव लड़ता है, तो उसकी मान्यता रदद् कर देना चाहिए। चुनाव आयोग किन कामों में ग़ुम है। इसका देश की जनता को कोई जानकारी नहीं है। सवाल करने वाले पूछ तो रहें हैं जवाब देना जरूरी नहीं। आने वाला दिन भारत का अंधकार मय दिखाई पड़ रहा है।

  • चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    अपनादल के विधायक विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    वी बी माणिक
    लखनऊ-
    उत्तरप्रदेश के शोहरतगढ़ से अपनादल अनुप्रिया पटेल गुट के विधायक विनय कुमार वर्मा ने अपने स्वर्णकार समाज के कई लोगो से चुनाव लड़ने के नाम पर उधारी के तौर पर लिए गए करोड़ो रूपये का घपला कर दिया है। जिन-जिन लोगो ने पैसा दिया है, वह अपना पैसा मांगते है, तो वर्मा धमकी देकर सीधा कहता है, “मैं पैसा नही दूंगा। जो करते बने कर लो।”

    इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान अपनादल के वर्मा ने जिससे अपने लिए चार बॉडी गार्ड लिया था। उसका भी लाखों रुपये डकार गया है। उन सभी चारो बॉडी गार्डो का भी पैसा नही दिया है। कुल 4 महीना इक्कीस दिन तक बॉडीगार्डों ने चौबीसों घंटे अपनादल के वर्मा की सुरक्षा में तैनात थे। सभी बॉडीगार्ड अपने मालिक से पैसे के लिए झगड़ा कर रहे है। मालिक ने समाज के ठेकेदारों से इसकी शिकायत किया, कि ऐसे समाज के नेता जो गरीबो का ही खून पीकर विधायक बने है।

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    अपनादल,
    अपना दल का विधायक विनय वर्मा की फाइल तस्वीर

    अपनादल का विधायक ..

    अब सुरक्षा गार्ड कंपनी का मालिक दर-दर भटक कर समाज के ठेकेदारों के सामने गुहार लगा रहा है। ऐसे विधायक को चुल्लूभर पानी मे डूब मरना चाहिए। विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    क्या ऐसे लोग समाज के लिए योग्य है? क्या समाज ऐसे लोगो का सामाजिक बहिष्कार करेगा? या ऐसे विधायको का सत्कार करेगा और अवैध कारोबार को बढ़ावा देगा? इस पर समाज को विचार करना है। समाज के अंदर काफी तोश व्याप्त है। लोग अपनादल के विधायक के नाम से डर रहे है। क्या अनुप्रिया पटेल इस विधायक पर कार्रवाई करेंगी या ऐसे विधायको का सत्कार करेंगी? जो लूटपाट, बेईमानी, ठगी में माहिर हो खबर लिखने के बाद क्या कार्रवाई होगी? ये नागरिकों और समाज को जानकारी मिलनी चाहिए सुर सभी गरीबो का पैसा वापस मिलना चाहिए।

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  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

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    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

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    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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    ट्रैफिक पुलिस की मनमानी ..

    ट्रैफिक पुलिस,
    पुलिस के रिश्वतखोरी की फाइल तस्वीर

    मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे।
    इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News)
    अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया।
    पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया।
    ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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  • MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    स्वच्छता अभियान के तहत पखवाड़ा का ड्रामा कर कल्याण रेलवे स्टेशन पर अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी पैसों का बंटाधार कर रहे हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – मध्यरेल के पांचों मंडलो में इस समय स्वच्छता पखवाड़ा का दिखावा जोर-शोर से चल रहा है। सारे अधिकारी अपने मंडलो में फोटो खिंचवाकर वाह-वाही लूट रहे है। जो कार्य नित्य करना है वो कार्य वर्ष में पखवाड़ा मनाकर यात्रियों को खुलेआम मूर्ख बनाकर अधिकारी अपनी झोली भरने का कार्य कर रहे है।

    मुंबई के सभी लोकल स्टेशनों पर शौचालय इतने गंदे है, कि यात्रियों को उसके दुर्गंध से ही बेहोशी आने लगती है शिकायत करने पर कोई कार्यवाही तक नही होती। कोई सुनने वाला नही है। महिला शौचालयों में भारी लूटपाट की जाती है। क्या इस पर कोई कार्रवाई अभी तक की गई है? अगर की गई है उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती है। रेलवे अधिकारियों को चुल्लू भर पानी मे डूब मरना चाहिए।

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    स्वच्छता,

    स्वच्छता पखवाड़ा ..

    ये जो पखवाड़ा बाजी करते है स्वच्छता प्रतिदिन होना चाहिए। जो नही किया जाता। केवल सफाई करने वाले ठेकेदारों से हफ्ता वसूली बड़े पैमाने पर चल रहा है और स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा और वो भी केवल चिन्हित गाड़ियों और स्थानों पर इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है।

    कल्याण स्टेशन पर तो महिलाओ के लिए शौचालय की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है जो कि मध्यरेल के महाप्रबंधक नरेश लालवानी ने आदेश भी जारी किया है। फिर भी कोई कार्य शुरू नही किया गया है। अभी टेंडरिंग प्रोसेस में है। कल्याण स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर महिलाये परेशान रहती है।

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  • बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    • क्राइम ब्रांच यूनिट 1 की टीम ने ‘ गौतम एग्रो इण्डिया ‘ कंपनी में बनावटी तेल बनाते रंगेहाथ पकड़ा।
    • केशव राई तेल- गुजरात सींग तेल- सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल।
    • कॉसमॉस नामक केमिकल मिलाकर खाने का तेल तैयार किया जाता है।

    वी.बी.माणिक
    मुंबई-
    महानगर में कुछ ऐसे लघु उद्योग हैं जो लोगों के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना अपने लाभ के लिए नकली सरसों और सींग का तेल बनाते हैं। उसको बनाने के लिए वह केमिकल का सहारा लेते हैं। उन्हें इस बात की चिंता नहीं कि देश के नागरिक उनका उपयोग करके कई शारीरिक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं किंतु उन्हें तो अधिक से अधिक पैसा कमा कर अपनी तिजोरी भरनी होती है ऐसे ही एक कारखाने को नवी मुंबई की क्राइम ब्रांच यूनिट नंबर-1 ने खुलासा किया है।

    अपने मुखबिरों से सूचना पाकर क्राइम ब्रांच की यूनिट -1 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक आबासाहेब पाटिल की टीम ने उस कंपनी में छापा मार कर, उस कंपनी में सरसों और सींग का तेल बनाते रंगे हाथ पकड़ा तो काम करने वाले लोगों ने बताया कि यह लघु उद्योग ‘गौतम एग्रो इंडिया’ के नाम से चलाया जाता है तथा इसका मालिक विशाल सेठ है। पुलिस के पूछने पर कामगारों ने बताया कि टैंकरों से ‘सुपर पाम’ नाम का तेल आता है जिसे वह 10 से 20 टन क्षमता वाली 8 से 10 टंकियों में रखते हैं।

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    केमिकल,
    पुलिस की रेड की तस्वीर

    केमिकल से तैयार किया जाता है खाने का तेल

    इन्हीं टंकियों में सींग तेल के लिए एक सुपर केमिकल नामक थिनर मिलाया जाता है ताकि तेल गाढ़ा न हो। उसके बाद 4 से 5 टन सींग तेल बनाने के लिए डेढ़ से दो किलोग्राम कॉसमॉस नामक केमिकल का उपयोग किया जाता है। फिर उसे टंकी में ही अच्छी तरह मिला देते हैं और तेल को दूसरी यूनिट में भेज कर उसकी पैकिंग कर दी जाती है। सींग तेल के ब्राडों में उन्होंने बताया कि गुजरात सींग तेल, सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल कहा जाता है।

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    पुलिस ने बताया है कि इसी तरह उसी सुपर पाम तेल में एक केमिकल मिलाया जाता है, जिसके एक बाॅटल मिलाने पर ही, लगभग चार से पांच टन राई का तेल तैयार हो जाता है। फिर इसे ‘केशव राई तेल’ के ब्रांड वाली पैकिंग में पैक किया जाता है। क्राइम ब्रांच ने उक्त कारखाने को सील कर दिया है और तेल बनाने में उपयोग किये जाने वाले केमिकल्स एवं सुपर पाम ऑयल का सैम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोग शाला में भेज दिया है। मामला दर्ज कर पुलिस उस कंपनी की गहन जांच करने में जुट गई है।

  • अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    • महाराष्ट्र सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महासमुद्र जैसी है मुंबई की महानगर पालिका ! यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जो पकड़ा गया चोर, नही कार्यवाही हुई तो वह ईमानदार। यही सिलसिला दशकों से चल रहा है। सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर मकान और इमारतें बनवाने, मनपा अधिकारियों द्वारा संरक्षण देकर धन कमाने का काम अवैध गति से चलता रहता है।

    एक ऐसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के मामले में बम्बई हाईकोर्ट (Bombay High court) ने सोमवार को अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का वक्त आ गया है, कि इस तरह के ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, कि ‘क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का कोई समाधान है?’ हाईकोर्ट ने कहा, “अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा।”

    अवैध निर्माणों पर Bombay HC ने लिया संज्ञान..

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाटा की खंड पीठ ने कहा, कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है, कि इस तरह के अवैध निर्माण नहीं होने दिये जाएंगे। पीठ ने पिछले महीने नवीं मुंबई में चार मंजिला एक अनधिकृत आवासीय इमारत के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैट में से 23 में लोग रह रहे हैं। पांच में ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

    Bombay,
    Bombay high court के भीतर की तस्वीर

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    बम्बई उच्च न्यायालय ने चिंता जताते हुए कहा, कि 23 फ्लैटों को लेने वाले लोगों को यह कहते हुए इसे खरीदने के लिए मनाया गया कि कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा, अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा। पीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा, कि स्थिति की गंभीरता इतनी है कि इमारत में बिजली और पानी का कनेक्शन अवैध रूप से लिया गया है।

    मा.न्यायालय ने कहा बिना देर किए कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायपीठ ने कहा, कि कई बार लोग दीवानी अदालतों का रुख करते हैं और नगर निकाय अधिकारियों की प्रस्तावित कठोर कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश जारी करने का अनुरोध करते हैं। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, इसे रोके जाने की जरूरत है। हमारा मानना है, कि हमें बगैर कोई देर किये कार्रवाई करनी होगी। “मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हमारी जानकारी रहने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।” ऐसी चीजें अधिकतर निचली अदालतों के चलते होती हैं। धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो जाती हैं।

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    न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, हमें खुद से कुछ कड़े सवाल करने होंगे। इस नवी मुंबई की इमारत के मामले में नियमों का घोर उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार से यह जवाब चाहता है, कि क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का उसके पास किसी तरह का समाधान है अदालत ने कहा, ‘हम उस स्थिति पर विचार नहीं कर सकते, जहां सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो गई है।’

    पीठ ने अदालत के अधिकारी को जमीन और चार मंजिला इमारत का कब्जा लेने का निर्देश दिया तथा बिल्डर और इमारत के 23 फ्लैट में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश किया है। पीठ ने नवीं मुंबई स्थित इमारत के मामले की सुनवाई की अगली तारीख 4 अक्टूबर मुकर्रर की है।

  • भूमाफिया मयूर केनी के गैरकानूनी निर्माण को बचाने में लगे जिम्मेदार अधिकारी

    भूमाफिया मयूर केनी के गैरकानूनी निर्माण को बचाने में लगे जिम्मेदार अधिकारी

    • भू-माफिया मयूर केनी के अवैध निर्माणों में धड़ल्ले से अपनी काली कमाई लगाकर दोगुना लाभ कमा रहे हैं मनपा पी/उत्तर के अधिकारी
    • क्या इन अवैध निर्माणों को धराशाई कर भूमाफिया के विरुद्ध एमआरटीपी के तहत दंडात्मक कार्रवाई कर पाएगा मनपा प्रशासन?

    मन्सूर शेख
    मुंबई-
    रिक्त भूखंड (Open Plot) पर बड़े बड़े गैरकानूनी तरीके से निर्माण कार्य होते नही, मनपा अधिकारी खुद अपना कालाधन (BlackMoney) लगाकर गैरकानूनी तरीके से निर्माण कार्य करते हुए भ्रष्टाचार (Corruption) की सीमा लांघकर खूब दौलत जमा करते हैं। ऐसा ही गैरकानूनी (illegal) निर्माण कार्य वार्ड क्रमांक 32, जय भोले सोसायटी, पठारे वाड़ी रोड़ से बाजार गली रोड़, नियर दीना सिरामिक्स, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई – 400095 स्थित रिक्त भूखंड पर 24, रूम का ग्राउंड +1 (दो मंजिला), निवास का अवैध निर्माण कर्ता व भूमाफिया मयूर केनी द्वारा बनाकर बेचा भी जा रहा है।

    निश्चित ही मनपा पी/उत्तर (BMC, P/North) विभाग के डीओ, राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने अपने पद और पावर का दुरुपयोग करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को मजबूर किया हो या फिर कुछ धन दिया हो। दोनो ही स्थिति में डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ही गैरकानूनी बांधकाम (illegal Construction) के लिए जवाबदेह हैं। इस भ्रष्ट (Corruption) आचरण वाले जिम्मेदार अधिकारियो ने अपने पद और पावर का दुरुपयोग किया है, जिसके चलते ये दोनो सजा के लिए भी पात्र है। अतः डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर के खिलाफ अविलंब गैरकानूनी बांधकाम की उपेक्षा ही नहीं अधिनस्थों को भी अपने भ्रष्ट व्यापार (Corrupt Business) में शामिल करने के कारण सेक्शन 56(ए) महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नागरीय प्लानिंग एक्ट 1966 और मनपा सर्विसेज एंड कंडक्ट रूल्स 1989 के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाय।

    http://indian-fasttrack.com/2023/08/30/encroachment-and-illegal-construction-on-plots-reserved-for-public-utility-constructions-with-the-connivance-of-municipal-corporation
    Indian fasttrack news
    मनपा, पी/उत्तर,
    अवध निर्माण की तस्वीर

    मनपा पी/उत्तर वार्ड अवैध निर्माण का अड्डा..

    जैसे एक मछली पूरे तालाब को गंदा करती है।उसी तरह डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने पूरे वार्ड को ही भ्रष्ट (Corrupt) बना दिया है। इसलिए इन दोनो अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाय।
    पता चला है कि चूंकि उक्त अवैध निर्माण में डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर का पैसा लगा हुआ है, इसलिए सारे अधिकारी मिलकर उक्त अवैध निर्माण को बचाने में लगे हुए हैं। इसका प्रमाण यह है कि गैरकानूनी निर्माण के रूप में 24, रूम, वह भी दो मंजिला मकान बनाए जा रहे हैं। अब ऐसे में मनपा का पी/ उत्तर, वार्ड अवैध निर्माण का अड्डा बन चुका है।

    अब देखना यह है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का तोड़क दस्ता गैरकानूनी निर्माण यानी 24, रूम, ग्राउंड +1, के (दो मंजिला) मकान पर तोड़क कार्रवाई करते है या नहीं? बताया जाता है, कि मयूर केनी ने सरकारी भूखंडों पर कब्जा कर अवैध निर्माण के जरिए करोड़ों की चल अचल संपत्ति (BlackMoney) अर्जित कर ली है। हम मांग करते हैं, कि अवैध निर्माण कर्ता व भूमाफिया मयूर केनी द्वारा अवैध रूप से सरकारी भखंडो पर कब्जा कर सैकड़ों की संख्या में चालियां बनाकर बेचे जाने पर क्या महाराष्ट्र सरकार के मुखिया एकनाथ शिंदे आरोपी मयूर केनी के उपर कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजेंगे या लीपापोती की जाएगी।

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  • ठेकेदार की काली करतूतों का शिकार हुआ दुपहिया चालक

    ठेकेदार की काली करतूतों का शिकार हुआ दुपहिया चालक

    • मनपा आर/दक्षिण के क्षेत्र में कांदिवली (पश्चिम) में हुआ घटिया सामग्री से घटिया सड़क निर्माण (भ्रष्टाचार)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर मुंबई में सर्वसामान्य लोगों की नागरिक सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए गठित बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC), कुछ करे या न करे किंतु नागरिकों (Citizens) को भ्रष्टाचार (Corruption) से किसी न किसी रूप में रूबरू अवश्य कराती है। मनपा कर्मियों की इसी भ्रष्ट (Corrupt) करतूतों का शिकार एक दुपहिया वाहन चालक (two wheelers Driver) शिव प्रसाद यादव हो गया है। जिसे घटिया सामग्री व तकनीक से बनाए गए डिवाइडर में यूटर्न लेते समय गंभीर चोटें आई हैं।

    सड़क निर्माण मे भ्रष्टाचार

    भुक्त भोगी यादव ने कांदिवली पुलिस थाने में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र देकर सड़क निर्माण के ठेकेदार (Contractor) व निर्माण स्तर के निरीक्षक अभियंताओं (engineer’s) के विरुद्ध अपराध (Crime) दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई (legally Action) किए जाने की अपील की है।
    उक्त शिकायती पत्र पुलिस व मनपा (BMC) के वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित किया है। पत्र में दर्शाया गया है, कि शिकायत कर्ता शिव प्रसाद यादव गत 30 अगस्त 2023 कांदिवली (पश्चिम) स्थित माथुरादास रोड़ पर जा रहे थे। जहां श्री राम स्वीट्स के पास वह यू – टर्न लेने लगे तो डिवाइडर में उनका पैर फंस जाने से उन्हें गंभीर चोट आई है।

    http://indian-fasttrack.com/2023/08/30/encroachment-and-illegal-construction-on-plots-reserved-for-public-utility-constructions-with-the-connivance-of-municipal-corporation
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    भ्रष्टाचार, मनपा,
    घटना स्थल की तस्वीर

    पीड़ित एवं शिव प्रसाद यादव कांदिवली (पश्चिम) स्थित शताब्दी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। बता दें कि उक्त क्षेत्र मनपा आर/ दक्षिण (R/South) विभाग के कार्य क्षेत्र में आता है। शिकायत कर्ता शिव प्रसाद यादव का कहना है, कि अधिकतम काली कमाई (BlackMoney) करने के लिए उक्त सड़क के निर्माण का ठेकेदार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता से सांठगांठ कर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर घटिया तकनीक से नौसिखिये कारीगरों द्वारा रोड़ का निर्माण कराया है। जिसके कारण डिवाइडर की सेटिंग में काम गैप होने से शिकायतकर्ता का पैर फंसा है।

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    शिकायत कर्ता ने ठेकेदार व मनपा अभियंताओं, जिसने कि सड़क पास किया है, के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने तथा उक्त रोड़ के निर्माण की तटस्त जांच विशेषज्ञों की टीम से कराने का निवेदन पुलिस व मनपा (BMC) के उच्च अधिकारियों से किया है। शिकायतकर्ता शिव प्रसाद यादव का आरोप है, कि ठेकेदार व मनपा अधिकारी सड़क टेंडर का पैसा आपस में बंदरबाट करते है तथा ठेकेदार सड़क निर्माण सस्ती सामग्री व तकनीक से कर देता है। ठेकेदार व सड़क की रिपोर्ट करने वाले अभियंता के विरुद्ध जनोपयोगी निर्माण में कम लागत लगाने व घटिया निर्माण कर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) व जनता (Public) से धोखाधड़ी करने का अपराध दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई किये जाने की अपील की है।

  • मनपा में सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा रही है सायली गावड़े

    मनपा में सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा रही है सायली गावड़े

    निष्क्रिय अयोग्य महिला को जबाबदारी देकर मनपा सुरक्षा प्रमुख क्या दिखाना चाहते है? ऐसे भ्रष्टाचारी को ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर नियुक्त किया गया है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के परिमंडल 1 की उप प्रमुख सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सायली गावड़े खुलेआम अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रही है। गावड़े अपने अधीन कार्यरत सुरक्षा कर्मियों से पार्किंग के नाम पर अवैध तरीके से ए वार्ड के क्रॉफर्ड मार्किट और सी वार्ड के मुंबादेवी परिसर में खुलेआम लूट मचा रखा है।

    इसके अलावा झूठ बोलने में पीएचडी कर रखा है। कोई भी नागरिक शिकायत करना चाहता है तो सुनने को तैयार नही है। क्या मनपा प्रशासन इनको मुफ्त का पगार देती है ? परिमंडल 1 काफी महत्वपूर्ण इलाका है। जिसमे मनपा मुख्यालय, रानी बाग़, ए, बी, सी, डी और ई वार्ड शामिल है। सी वार्ड में तो एशिया का सबसे बड़ा मार्किट है। गावड़े झूठ बोलकर और महिला होने का फायदा उठाकर अपने वरिष्ठों को भी गुमराह करती है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/20/illegal-3-studios-running-in-p-south-theft-of-2-crore-70-lakh-revenue-per-month
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    मनपा,
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका की फाइल तस्वीर

    मनपा की सुरक्षा व्यवस्था..

    अब प्रश्न ये है कि मुंबादेवी परिसर के आसपास 3 बार बम धमाके हो चुके हैं। जिसमे सैकड़ो निर्दोष लोगों ने अपनी जान गवाई है। फिर भी इनको ध्यान नही है ऐसे निष्क्रिय अयोग्य महिला को जबाबदारी देकर मनपा सुरक्षा प्रमुख क्या दिखाना चाहते है? ऐसे भ्रष्टाचारी को ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर नियुक्त किया गया है। अब देखना यह है कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल इस निष्क्रिय और अयोग्य सुरक्षा कर्मी की कार्यशैली पर जांच करा कर दंडात्मक कार्रवाई करते हैं कि नहीं?

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