Category: corruption

  • क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो चुका है मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड ?

    क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो चुका है मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड ?

    • ‘द मॉल’ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बना ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट
    • कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति,
    • ‘द डिजर्ट लाउंज’ बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (DMC) है जिम्मेदार:आनंद नेरूरकर (दुय्यमअभियंता)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जिम्मेदार अधिकारी चाहे जितनी ऊंची कुर्सी पर बैठे हों सबका लक्ष्य अपने निर्धारित ओहदे का निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर काली कमाई कर अपना घर भरना होता है। ऐसे भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर (Bribable) अधिकारियों (Officer’s) को कानून का कोई भय नहीं होता। क्योंकि ऊपर से ऊपर तक काली कमाई (Black Money Income) का हिस्सा पहुंचता है। भ्रष्टाचार..

    फिर इनके भ्रष्टाचार की जांच (investigation of Corruption) कराने की जरूरत ही क्या? सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को ये हलाल नहीं करेंगे, ताकि कल वह फिर कोई गैरकानूनी (illegal) तरीके से निर्माण (construction) करें और काली कमाई कराए।
    बेशक यही होता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) वार्डों (Ward) में ज्यादे शिकायत हुई तो नोटिस (NOTICE) दे दो। बस हो गयो काम की इति।
    एक ऐसा ही मामला पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North Ward) मालाड (पश्चिम) रेल्वे स्टेशन के पास स्थित ‘ द मॉल ‘ (The Mall) के चौथे महले की टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण बिना नक्शा (build without map) पास कराए (Approval) ही बनाया
    गया है। जो भ्रष्टाचार (Corruption) और सत्ता (Power) के बीच अटूट और अंतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है।

    BMC प्रशासन का भ्रष्टाचार DMC जिम्मेदार..

    ‘ द मॉल ‘ (The Mall) के टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण का मतलब है करोड़ों का लेनदेन! बेशक बिना बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारियों (Officer’s) की अनुमति, सहमति के 3,000 (तीन हजार) वर्गफीट के अंतर्गत ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण हो ही नहीं सकता !

    इसी खबर से संबंधित इसे भी पढ़ें –

    https://indian-fasttrack.com/2023/05/25/the-desert-lounge-municipal-corporations-p-north-ward-sold-on-notes-of-illegal-builder-hussain-makrani
    Indian fasttrack news
    भ्रष्टाचार, DMC, जिम्मेदार, BMC, प्रशासन,
    मलाड बीएमसी किए the mall में कार्रवाई की तस्वीर

    बता दें, कि दुय्यम अभियंता आनंद नेरूरकर के अनुसार बिना नक्शा पास कराए ही ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को लेकर जो भी तोड़क कार्रवाई हुई है। वह सिर्फ कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की गई है। क्योंकि हुसैन मकरानी के उक्त गैरकानूनी बार & रेस्टोरेंट के निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (Deputy Municipal Commissioner) जिम्मेदार हैं। इतना कहकर अभियंता आनंद नेरूरकर ने अपनी वाणी को विराम दिया।
    बताया जा रहा है, कि ‘द मॉल ‘ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी तरीके से बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट में एक कच्चे दीवाल का बांधकाम कर नई पार्टिशन डाली गई ताकि पी/नॉर्थ वार्ड तोड़क कार्रवाई कर इसकी खानापूर्ति कर सके।

    ऐसे में पी/नॉर्थ, वार्ड की तरफ से बस हो गयो काम की इति! वहीं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता की जांच को भुला बैठे है सहाय्यक आयुक्त किरण दीघावकर और डीओ राजन प्रभु ! क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो  चुके हैं पी/नॉर्थ, वार्ड के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी? जो यह सवाल आज भी यक्ष प्रश्न (Questions) की तरह मुंह बाए खड़ा है?
    ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट पर दिखावे के तौर पर की गई कार्रवाई की हमें घोर निन्दा (blasphemy) करनी चाहिए।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    इसके लिए एक निश्चित दंड विधान (penal law) बनाने की आवश्यकता है ताकि भ्रष्टाचार (Corruption) पर लगाम लगाया जा सके।
    मालाड (पश्चिम) स्थित ‘ द मॉल ‘ (the mall) की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बनाए गए ‘ द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट पर राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल उक्त मामले पर संज्ञान लेकर बिना नक्शा पास कराए ही बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलते ही जांच कराएं और फिर कानून (Law) के हवाले कर दें। आशा है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका भ्रष्टाचार (BMC Corruption) पर जीरो टॉलरेंस (Zero tolerance) की नीति अपनाएगी।

  • रेल अधिकारी यात्रियों को गुमराह कर रहे है।

    रेल अधिकारी यात्रियों को गुमराह कर रहे है।

    रेल अधिकारियों का भ्रष्टाचार यात्रियों को परेशान करता दिखाई दे रहा है और यह लो जवाब देने को तैयार नहीं है। Indian Railway

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी यात्रियों को पूरी तरह गुमराह करते है। आज मुंबई और थाने में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। सभी लोकल गाड़िया करीब एक घन्टे देरी से चल रही है। क्योंकि कल्याण स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर 1, 2 और 3 के ट्रैक पर पानी भर गया। जिसके कारण सभी धीमी लोकल गाड़िया 1 घन्टा देरी से चल रही है। Indian Railway

    अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो गाड़िया बंद भी हो सकती है। ये रेल प्रशासन की पूरी लापरवाही है। ये पानी इसलिए भरता है, क्योंकि नालो की सफाई नही होती है। शहरों की नगर निगम यानी मनपा, टीएमसी, केडीएमसी ने करोड़ो रूपये सफाई के लिए रेल प्रशासन को दिए है। फिर भी सफाई नही किया गया। इसकी जबाबदारी कौन लेगा? Indian Railway

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/19/mumbai-11-arrested-including-hospital-staff-for-referring-patients-to-private-labs
    Indian fasttrack news
    Indian Railway,
    मौसम विभाग की जानकारी

    Indian Railway

    ये बारिश के मौसम के पूर्व साफ-सफाई के बड़ी-बड़ी मीटिंगे होती है। ऐसी मीटिंग का क्या फायदा जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेल कर्मी रात दिन काम करते है, ये कौन सा कार्य करते है? सभी परेशान रहते है। अभी कल्याण के आसपास काफी भारी बारिश हो रही है। मध्यरेल के उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तो किसी काम के नही है। जिसको कोई जानकारी रहती ही नही है। Indian Railway

    ये कहावत सत्य बैठती है। उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन फूल पगारी फोकटिया अधिकारी। ऐसे लोगो को रेलवे किस आधार पर रखती है? ये तो ऊपर वाला ही जाने। आज सभी नागरिक अपने घर पर अच्छे से पहुँच जाए और रेलवे सुचारू रूप से चले सभी लोग सुरक्षित रहे। यही अभिलाषा हम रखते हैं। Indian Railway

    Live video on Indian fasttrack news channel
  • पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल…

    पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल…

    • मलाड BMC का भ्रष्टाचार।
    • भ्रटाचार की नींव पर हो रहा है पांच मंजिला इमारतों का अवैध निर्माण।
    • बिना नक्शा पास कराए मनपा नियमों को ताक पर रख बनाई जा रही पांच मंजिला इमारतें।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    यूं तो सम्पूर्ण बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) भ्रष्टाचार के मामले में स्पर्धा करती रहती है। हर वार्ड के जिम्मेदार डी ओ, वार्ड ऑफिसर, अभियंताओं में भ्रष्टाचार की कमाई वाला माल बनाने की मानों होड़ सी लगी दिखती है। यदि अवैध बांधकाम कराने, उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को कोई पुरस्कार देने की योजना बनाई जाए तो पी/नॉर्थ, वार्ड टॉप पर होगा। अधिकारियों की बात करें तो पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु ही बाजी मारकर टॉप पुरस्कार प्राप्त करने में सफल होंगे। (मलाड BMC का भ्रष्टाचार)

    पांच मंजिला भ्रष्टाचार…

    बताया जा रहा है, कि पी/नॉर्थ वार्ड के चीकू वाड़ी, रोड नंबर -१, मालवणी चर्च, बस स्टॉप नियर एनथोनी स्कूल, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम) में ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के आर सी सी (RCC) का अवैध बांधकाम कराने और संरक्षण देने का कार्य डीओ राजन प्रभु द्वारा किया गया है। जबकी उक्त पांच मंजिला इमारत के निर्माण  कार्य को गैरकानूनी तरीके से कराया जा रहा है। आरोपित डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल करने के साथ ही भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है।

    http://indian-fasttrack.com/2023/05/05/gang-arrested-for-looting-money-by-demanding-bank-otp-from-common-people-sitting-in-jamtara
    Indian fasttrack news
    मालाड़, BMC, भ्रष्टाचार,
    चीकू वाड़ी,रोड नंबर-१,, मालवणी चर्च,बस स्टॉप नियर एंथोनी स्कूल,मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम), स्थित ग्राउंड+४(पांच मंजिला)इमारत के आरसीसी का अवैध निर्माण की तस्वीर

    मलाड BMC का भ्रष्टाचार…

    इसी तर्ज पर दुर्गा निवास, बाजार गली, भंडारवाड़ा रोड़, बस स्टॉप, मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम) में खाली भूखंड  (open plot) पर ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के ४० रूम का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नियमों को ताक पर रख कर उक्त दोनो पांच मंजिला इमारतों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है और लाखों की काली कमाई की जा रही है। जिस पर तोड़क कार्रवाई नहीं करना क्या मतलब है? क्या बिना लेन-देन किए ऐसा संभव है?

    Live video on Indian fasttrack news channel

    आला अधिकारियों का दुधारू गाय…

    झोपड़ी रिपेयर करते समय नोटिस पर नोटिस देने वाले अधिकारी जब गैरकानूनी निर्माण नहीं तोड़े तो! क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? लगता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी कोमा में हैं। जो भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। चर्चा है आम, कि इन अवैध निर्माणों में डीओ राजन प्रभु का पैसा लगा है। जो काली कमाई खपाने का उत्तम माध्यम है। सूत्र बताते हैं, कि इसके पीछे की मुख्य वजह भ्रष्ट डीओ राजन प्रभु को आला अधिकारियों का दुधारू गाय होना मान रहे हैं।

  • मनपा आर/दक्षिण का भ्रष्ट सहाय्यक आयुक्त व ट्रैफिक पुलिस अधिकारी करते हैं फेरीवालों से मनमानी वसूली।

    मनपा आर/दक्षिण का भ्रष्ट सहाय्यक आयुक्त व ट्रैफिक पुलिस अधिकारी करते हैं फेरीवालों से मनमानी वसूली।

    • अधिकारियों व स्थानीय नेताओं में क्षेत्रवाद का महारोग है संक्रमित।
    • लेबर हीरा परमार के माध्यम से फेरीवालों से जबरन की जा रही है वसूली।
    • सरकार को रुचि नहीं है, फेरीवाला कानून को मंजूरी देने में।
    • वसूली बंद होने से काली कमाई के खत्म होने का सता रहा है डर।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है देश में कहीं बसने, व्यापार करने, संपत्ति बनाने, बोलने, लिखने का। लेकिन क्षुद्र नेता इसमें राजनीति और पक्षपात कर मौलिक अधिकारों का क्षेत्रीय आधार पर अन्याय कर इसका हनन करते हैं। सरकारें दौलत कमाने के लिए उन्हें हटाने या भगाने का षडयंत्र रचती हैं। इसमें राजनीतिक दलों का स्वार्थ, पूर्ण रवैया अन्याय और लूट को बढ़ावा देता है। (फेरीवाला कानून ..)

    केंद्र सरकार ने रोजगार मुहैया कराने के लिए देश भर में फेरीवालों को लाइसेंस देने का बिल पास किया। सुप्रीमकोर्ट ने भी आदेश दिया है, लेकिन महाराष्ट्र खासकर मुंबई में फेरीवालों से अवैध रूप से वसूली करने के लिए फेरीवालों को नियमित नहीं किया जा रहा।
    बता दें, कि ऐसा जनता के सेवकों को फेरीवाला संगठन में शामिल नहीं किए जाने पर किया जा रहा है। सबसे बड़ा तोड़ा महाराष्ट्र की आघाड़ी सरकार है। याद हो कि लगभग तीन लाख फेरी वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था ।केंद्र सरकार ने 2014 में कानून बनाया मनपा ने 2018 में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। तब से दो दो सरकारें आईं लेकिन वसूली से आमदनी करने के लिए किसी भी सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/22/you-will-be-shocked-to-see-left-back-in-the-pond-impossible-pacu-fish
    Indian fasttrack news
    फेरीवाला कानून,
    प्रतिकारातमक फ़ाईल तस्वीर Indian fasttrack

    फेरीवाला कानून ..

    सरकार फेरीवाला कानून को लेकर अभी तक फैसला नहीं कर पा रही है। जिससे फेरीवालों को बिना लाइसेंस के ही अपना व्यवसाय करना पड़ रहा है। इसी की आड़ में आर/दक्षिण, अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग की तरफ से फेरीवालों से अवैध वसूली की जा रही है। जिससे फेरीवाले त्रस्त हो रहे हैं। भला सोने के अंडे देने वाली मुर्गियां कोई आजाद करना क्यों चाहेगा। फेरीवालों से अवैध तरीके से मनपा कर्मी, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय नेता 400 से 500 करोड़ रुपए वसूलते हैं।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    मौलिक अधिकार की सुरक्षा..

    कांदिवली के आर/दक्षिण वार्ड में कुछ ज्यादा ही वसूली का रिकार्ड बनाया जा रहा है। आर/दक्षिण वार्ड की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर के आदेश पर अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक सैफुद्दीन सैयद शेख अपने लेबर हीरा परमार के साथ कुछ ज्यादा ही वसूली करते हैं। नहीं देने वालों के सामान गाड़ी में भरवा लेते हैं। फेरीवाले अवैध वसूली से त्रस्त हैं। डबल इंजन की सरकार को जानना होगा कि केंद्र में भी बीजेपी सरकार है तो शीघ्र ही मनपा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और रिमाइंडर का ध्यान रख तुरंत आदेश दे, ताकि फेरी वालों से अवैध वसूली नहीं हो और मौलिक अधिकार की सुरक्षा के साथ न्याय हो।

  • मुंबई: मरीजों को निजी लैब में रेफर करने के आरोप में अस्पताल के कर्मचारियों समेत 11 गिरफ्तार

    मुंबई: मरीजों को निजी लैब में रेफर करने के आरोप में अस्पताल के कर्मचारियों समेत 11 गिरफ्तार

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में कुछ कर्मचारियों ने मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में डायग्नोस्टिक स्कैन कराने के लिए कहा और उन्हें बताया कि अस्पताल में मरीजों के लगे कतार के कारण लंबे समय तक इंतजार करना होगा।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लूटने का मामला सामने आ रहा है। जांच के लिए निजी लैब को रेफर करने के आरोप में टाटा मेमोरियल अस्पताल के कर्मचारियों समेत 11 लोगों को भोइवाडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। शहर में ऐसे कितने ही सरकारी अस्पताल हैं जहां ऐसी घटनाओं की जानकारी तो मिलती है। लेकिन शिकायतें दर्ज नहीं हो पाती।

    भोइवाड़ा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुभाष आनंदराव बोराटे ने बुधवार को कहा कि कैंसर रोगियों को कमीशन के लिए निजी प्रयोगशालाओं में रेफर करने के आरोप में “टाटा मेमोरियल अस्पताल” के कुछ कर्मचारियों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। परमाणु ऊर्जा विभाग के दायरे में आने वाला यह अस्पताल उन्नत कैंसर उपचार और अनुसंधान के लिए जाना जाता है और इसमें देश भर से मरीज आते हैं।

    मुंबई का सरकारी अस्पताल..

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/16/5-boys-drowned-on-marve-beach-two-rescued-three-still-missing
    Indian fasttrack news
    मुंबई, सरकारी अस्पताल,
    मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल की फाइल तस्वीर

    पुलिस अधिकारी ने कहा, कुछ कर्मचारियों ने मरीजों को निजी इमेजिंग केंद्रों और प्रयोगशालाओं में डायग्नोस्टिक स्कैन कराने के लिए कहा, और उन्हें बताया कि अस्पताल में स्कैन के लिए लंबी प्रतीक्षा का समय लगेगा कारण यहां ज्यादा मरीज होने के कारण लोगों को कतार में समय लग रहा है। आप को बता दें, कि कैंसर पीड़ित मरीजों को इलाज की जल्दी रहती है कारण उनकी जान जब तक इलाज पूरा ना हो जाए खतरे में बनी हुई रहती है। ऐसे में उन्हें एक्स्ट्रा पैसे देकर लैब की सेवाल लेना सही लगता है। इसी का यहां फायदा उठाया जा रहा था। आरोपियों में एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी, वार्डबॉय, आया, नौकर और सफाई कर्मचारी शामिल हैं।

    मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आरोपी गिरोह को कथित तौर पर निजी प्रयोगशालाओं से कमीशन मिला, जिनकी दरें अस्पताल की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने कहा, इस प्रकार आरोपियों ने मरीजों के साथ-साथ सरकार को भी लाखों रुपये का चूना लगाया। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल के एक अधिकारी द्वारा दायर शिकायत के आधार पर, 16 जुलाई को भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक निजी प्रयोगशाला के कर्मचारी सहित 21 लोगों के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही मामले की और अधिक तहकीकात जांच जारी है।

    एक अधिकारी ने कहा, परेल के “टाटा मेमोरियल अस्पताल” के सुरक्षा गार्डों ने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जहां कर्मचारी कैंसर रोगियों को सरकारी सुविधा पर सब्सिडी वाले परीक्षणों से गुजरने के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक्स सेंटर में रेफर करते थे। हाल ही में दो वार्ड बॉय को उनकी सेवाओं के लिए सेंटर के प्रबंधक से 3 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था।
    यह घटना 15 जुलाई की शाम को सामने आई जब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों ने पैसे के आदान-प्रदान को देखा। यह नकदी सिर्फ एक सप्ताह की सेवाओं के लिए बकाया (Advance) थी। कथित तौर पर इसे शनिवार को दिया गया क्योंकि सप्ताह के अंत में अस्पताल की ओपीडी बंद रहती है। पुलिस के मुताबिक, मरीजों की संख्या के आधार पर कमीशन 3 लाख रुपये से 4 लाख रुपये के बीच हो जाता है।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं और जांच कर रहे हैं कि क्या डॉक्टर इस रैकेट में शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्डों को “इन्फिनिटी इमेजिंग सेंटर” के एक कर्मचारी और कुछ वार्ड बॉय के बीच एक सौदे के बारे में सूचना मिली थी। गार्डों ने उन दोनों का पीछा किया जो अस्पताल परिसर से बाहर चले गए और एक सरकारी अस्पताल के पास किसी का इंतजार कर रहे थे।

  • क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    • BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल का कार्यालय निरूत्तर।
    • BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार
    • मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल के कार्यालय के माध्यम से वर्ष, 2019 और 2021 के मध्य मुंबई को और अधिक खूबसूरत बनाने के नाम पर अनेकों सड़कें कंक्रीट की बनवाई हैं। जो बेहद खराब गुणवत्ता वाली हैं, जिनके विरुद्ध अनेकानेक शिकायतें भेजी गईं लिखित रूप से लेकिन उन पर कान नहीं दिया गया। तो कानूनी कार्रवाई तो बड़ी दूर की बात है। जिससे जान पड़ता है बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए जेब में भरे गए हैं। जो मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा है।

    BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/06/stainless-steel-grills-to-be-installed-on-74000-manholes-in-mumbai
    Indian fasttrack news
    BMC, भ्रष्टाचार,
    प्रतिकारात्मक ताज़ा तस्वीर

    शिकायतों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का जवाब नहीं देना और कोई कार्रवाई नहीं करना प्रमाण है, कि खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है। महानगर की ये प्रमुख सड़कें हैं, जिसे मेसर्स भव्य एंटरप्राइजेज, मेसर्स प्रगति एंटरप्राइजेज, मेसर्स एम बी ब्रॉडर्स, मेसर्स एम ई इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, मेसर्स कमला, मेसर्स आर जे शाह, मेसर्स कोणार्क कंपनी, मेसर्स मुकेश, मेसर्स ए पी आई सिविल कॉन, मेसर्स मनसा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बिकोन, मेसर्स एच बी, मेसर्स आर के मदानी को ठेका दिया गया हैं। जिनके माध्यम से पी एन वॉर्ड, पी साउथ, के वेस्ट, के ईस्ट, एच ईस्ट, एच वेस्ट, आर नॉर्थ, आर सेंट्रल, आर साउथ इन सभी वार्डों में बनवाई गई तमाम सड़कों में खराब गुणवत्ता के मैटिरियल्स लगाए गए, जो उच्च गुणवत्ता के नहीं हैं।

    क्या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

    Live video on Indian fasttrack news channel

    मुंबईकरों के साथ यह बहुत बड़ा छल किया गया है। जिनमे अधिकांश सड़कें मात्र दो महीने में ही टूट फूट गई। सोचिए कंक्रीट की सड़कें दो महीने भी सही सलामत नहीं रह पाएं तो इसे क्या भ्रष्टाचार का खेल नहीं कहा जाएगा? इस संबंध में तात्कालीन मनपा (BMC) आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यालय में अनेकों लिखित शिकायतें दी हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये तमाम सड़कें उन्हीं ठेकेदारों द्वारा पुनः निर्माण उच्च क्वालिटी का कराया जाना ही मुंबईकरों के साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आशा की जा सकती है, कि वे न्यायोचित जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे? या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

  • मुंबई में 6000 किलोग्राम के लोहे का पुल चोरी, पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

    मुंबई में 6000 किलोग्राम के लोहे का पुल चोरी, पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

    मुंबई में 6000 किलो का लोहे का पुल चोरी हो गया है। जिसकी शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार। लोहा भी बरामद।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    पुलिस ने पिछले सप्ताह के शनिवार को पश्चिमी उपनगर में एक नाले पर बने 6000 किलो ग्राम के लोहे के पुल को चुराने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। खबरों के मुताबिक, मलाड पश्चिम के 6000 किलो ग्राम के लोहे का पुल चोरी मामले में टेंडर प्राप्त करने वाली कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति के साथ 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें खुद पुल बनाने का काम सौंपा गया था।

    क्या है हकीकत..?

    आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि मलाड (पश्चिम) में 90 फुट लंबी लोहे की संरचना का पुल का निर्माण विशाल बिजली तारों को स्थानांतरित करने के लिए किया गया था। इसके तहत नाले पर एक स्थायी पुल बनाने के बाद, अस्थायी संरचना को कुछ महीने पहले क्षेत्र में दूसरी जगह ले जाया गया था। लेकिन पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक लोहे का पुल अचानक गायब हो गया।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/05/an-engine-worth-rs-5-crore-a-contract-case-of-rs-4-lakh-25-was-registered
    Indian fasttrack 2
    मुंबई, 6000 किलो,
    चोरी हुए लोहे की ब्रिज की तस्वीर

    मुंबई में 6000 किलो के लोहे का पुल..

    पुलिस को मिली शिकायत में कहा गया है, कि अस्थायी पुल 26 जून को गायब पाया गया। जिसके बाद निर्माण कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस की पड़ताल में पाया कि पुल को आखिरी बार 6 जून को अपनी जगह पर देखा गया था। लेकिन दिक्कत यह थी कि वहां किसी भी तरह का सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा होने के कारण आगे का हाल-चाल पता करना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा था।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चूंकि घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है, इसलिए पुलिस ने आस-पास के इलाकों में लगे निगरानी कैमरों के फुटेज को स्कैन किया। इसमें पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बारीकी से हर कैमरे की फुटेज को खंगाला गया। आखिरकार वहां उन्होंने 11 जून को पुल की दिशा में एक बड़ा वाहन चलते हुए कैमरे में पाया।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    पुलिस ने उसके पंजीकरण नंबर के आधार पर वाहन का पता लगाया। वाहन में गैस-काटने वाली मशीनें थीं जिनका उपयोग पुल को तोड़ने और 6000 किलोग्राम वजन वाले लोहे को चुराने के लिए किया गया था। आगे की जांच में पुलिस उस फर्म के एक कर्मचारी तक पहुंची जिसे पुल बनाने का ठेका दिया गया था। पुलिस ने पिछले सप्ताह कर्मचारी और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसमें बताया गया कि साइट से चुराई गई सामग्री बरामद कर ली गई है।

  • यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    • गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू।
    • महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
    • बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।

    भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है,  झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/04/uddhav-thackerays-shiv-sena-is-holding-a-meeting-in-matoshree
    Indian fasttrack news
    गुजरात, महाराष्ट्र,
    महाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर

    गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..

    लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।

  • मनपा सी विभाग के अधिकारी वसूली से चला रहे है जीविका

    मनपा सी विभाग के अधिकारी वसूली से चला रहे है जीविका

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।

    वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।

    BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..

    बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/03/foreign-national-reached-mumbai-with-cocaine-worth-rs-13-crore-in-bag-arrested-by-customs
    Indian fasttrack news
    BMC, वसूली,
    प्रतिक्रियात्मक तस्वीर

    मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?

    सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..

    मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।

  • भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन

    भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन

    • Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack
    • गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है डीओ राजन प्रभु।
    • मनपा का पी/उत्तर वार्ड भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर पालिका पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपए की रिश्वत लेकर गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान करने एवं उसे बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है। इस वार्ड के लगभग सभी कर्मी, अधिकारी सत्ता के मद में चूर भूमाफियाओं द्वारा व्यापारिक गाले गैरकानूनी तरीके से बनवाकर दौलत कमाने में लगे हैं। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)

    Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका

    पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु ने विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर गैरकानूनी तरीके से पांच व्यापारिक गाले के निर्माण हेतु ठेकेदार उस्मान को मौखिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर उसके द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण देने की एवज में 60 लाख रुपये की रिश्वत ली है। तो क्या मैं उसे मान लूंगा! नही! क्या जनता भी इसे मान लेगी कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी है? (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)

    Live video on Indian fasttrack news channel
    Malad, bmc, illegal, construction, mumbai, बृहन्मुंबई महानगर पालिका, indian fasttrack,
    मालाड़ के विवादित अवैध निर्माण की तस्वीर

    लेकिन मैं तो नहीं मानता कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी होगी! बताया जाता है, कि 60 लाख रुपये की जो रिश्वत डीओ ने ठेकेदार उस्मान से ली थी वह भी कम थी। जिससे और रकम की मांग की गई। बाकी के 40 लाख रुपये न मिलने पर उसके निर्माण कार्य को बचाने की बजाय उसे जमींदोज कर दिया गया। क्या वाकई में बाकी के 40 लाख रुपए न मिलने पर ठेकेदार उस्मान के गैरकानूनी निर्माण कार्य को जमींदोज कर दिया गया? मैं तो नहीं मानता! (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack

    मामला पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु द्वारा ठेकेदार उस्मान के गैरकानुनी निर्माण कार्य को बचाने की एवज में रिश्वत की उगाही कर मनपा के राजस्व को चुना लगाने और खुद की जेब भरने का है। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
    मलाड (पूर्व), वार्ड क्रमांक, 38 श्री कृष्णा बाल गोपाल सेवा संघ, गांधी नगर, कटिंग नंबर,10, पटेल कंपाउंड,भीम नगर, कुरार विलेज स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिन पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य को डीओ राजन प्रभु के संचालन में जमीदोज किया गया था। अब ये निर्माण कार्य किन परिस्थितियों में पुनः कराए जा रहे हैं। यह सवाल यक्ष प्रश्न की तरह मुंह बाए खड़ा है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/24/phool-pagari-phokatiya-public-relations-officer-anil-jain
    indian fasttrack news

    Indian fasttrack

    मनपा पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों में से एक डीओ राजन प्रभु ने ठेकेदार उस्मान से भारी धनराशि लेकर उसके गैरकानूनी निर्माण को बचाने की कोशिश किए जाने की बात सूत्र से ज्ञात हुई है।
    ऐसे में मनपा का पी/उत्तर,वार्ड पूरी तरह से भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में है तो अतिरंजना नही होगी। जिसके चलते भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन कार्य कर रहा है। क्या मनपा में एक भी अधिकारी ईमानदार नहीं है जो डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दीघावकर के भ्रष्टाचार की बिना भेद भाव किए कानूनी कार्रवाई करें। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)