Category: Corruption

Read the latest corruption news, investigations and in-depth reports from India and around the world. Stay informed with coverage on scams, bribery, financial fraud, government irregularities, public accountability and anti-corruption actions, only on Indian FastTrack.

  • गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने हालही में मराठी भाषा दिवस पर बड़ी धूमधाम से जिस स्टूडियो का उद्घाटन किया वह पहली बारिश मे गलने लगा है। इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए आरपीआई ने जांच की मांग की है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी स्टूडियो, जिसका उद्घाटन सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मराठी भाषा दिवस पर बड़े धमाके के साथ किया था, भारी बारिश के दौरान टपकने लगा है। इसके कारण यहां की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

    फिल्मसिटी पर निकलेगा मोर्चा

    स्टूडियो के निर्माण और नवीनीकरण कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने कार्य की जांच की मांग की है। यहां 2 जुलाई फिल्मसिटी पर मोर्चा निकालने का भी नावकर ने इशारा दिया है।

    कौन है जिम्मेदार ?

    विजय बापट, डिप्टी इंजीनियर (सिविल इंजीनियरिंग), गोरेगांव दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी में स्टूडियो नंबर 8,9,10,11 और 12 के रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण के कामों को ठेकेदार कंपनी से करवाने के लिए जिम्मेदार थे। लेकिन उन्होंने अपनी पसंद की ठेकेदार कंपनी को मरम्मत का काम दे दिया और उसी से काम कराया है। इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नावकर ने कहा, कि “यह काम सरकारी मानकों के अनुसार नहीं किया गया है और प्राक्कलन पत्र के प्रावधानों की भी इसमें अनदेखी की गई है।”

    इसे भी पढ़े:- बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    स्टूडियो में भरा पानी

    रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने मीडिया को बताया, कि इसी वजह से इस काम में गलती हुई और कुछ ही महीनों में पहली बारिश का पानी छत से रिसाव होने लग गया। आलम ऐसा है कि पूरे स्टूडियो में पानी भर गया। उन्होंने मंगलवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, मामले की गहन जांच की भी मांग की।

    नई टाइलों की जगह पूरानी लगी

    हालांकि अनुमान पत्र में स्टूडियो की छत पर नई टाइलें लगाने का प्रावधान शामिल था, लेकिन नई टाइलें लगाने के बजाय पुरानी टाइलें हटा कर वापस से उन्हीं पुरानी टाइलों को फिर से लगा दी गया। इससे साफ जाहिर होता है कि पैसों की लेनदेन के खातिर जिम्मेदार डिप्टी इंजीनियर ने अपनी जवाबदेही का गलत इस्तेमाल किया है।

  • मुंबई एअरपोर्ट पर 1.41 करोड़ का सोना बरामद, एअर इंडिया का क्रू मेंबर गिरफ्तार

    मुंबई एअरपोर्ट पर 1.41 करोड़ का सोना बरामद, एअर इंडिया का क्रू मेंबर गिरफ्तार

    मुंबई एयरपोर्ट पर 1 करोड़ 41 लाख रूपये का सोना पकड़ा गया है। इसमें अमेरिका से सोने की तस्करी के आरोप में एक क्रूमेंबर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    मुंबई: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर न्यूयार्क से मुंबई पहुंचे एअर इंडिया की फ्लाइट Ai116 के एक पुरुष क्रू मेंबर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी क्रू मेंबर के पास से 1, 373 ग्राम सोने की ईंटें बरामद की गई है। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 1 करोड़ 41 लाख रुपए बताई जा रही है। यह गिरोह अमेरिका से भारत में सोने की तस्करी कर रहा था। डीआरआई के अधिकारियों के अनुसार मुंबई एअरपोर्ट पर यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। डीआरआई अधिकारियों ने पहले आरोपी को हिरासत में लिया।

    इसे भी पढ़े:- Mumbai Crime: अर्ली मॉर्निंग वर्ली में चली गोली दो की मौत

    भारत में सोने की तस्करी

    शुरूआती तलाश में उसके पास से कोई सोना बरामद नहीं हुआ, लेकिन गहन पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी क्रू मेंबर ने बैगेज सेवा क्षेत्र में डक टेप में लपेटकर सोने का एक पाउच छिपा दिया है। इसके बाद डीआरआई ने उस पाउच को बरामद किया, जिसमें 1,373 ग्राम सोने की ईंटें मिलीं। इस बरामदगी के बाद आरोपी ने पूछताछ में पहले भी देश में सोने की तस्करी करने की बात स्वीकार की है। इसके बाद डीआरआई ने इस तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया, जो एअरलाइन कर्मचारियों का इस्तेमाल कर भारत में सोना मंगवाता था।

  • Maharashtra Breaking News LIVE Updates: किसान मुआवजा घोटाला- जालना में 10 तलाठी निलंबित

    Maharashtra Breaking News LIVE Updates: किसान मुआवजा घोटाला- जालना में 10 तलाठी निलंबित

    महाराष्ट्र में किसान मुआवजा घोटाले को लेकर अबतक 87 सरकारी अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। हालही में जालना के 10 तलाठी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसी के साथ महाराष्ट्र की और भी ताज़ा खबरें यहा अपडेट किए गये हैं।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: महाराष्ट्र के जालना जिले में 34.97 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के सिलसिले में शुक्रवार को दस तलाठी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में एक अधिकारी ने कहा कि यह घोटाला 2022 और 2024 के बीच अंबड़ और घनसावंगी तहसीलों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे से संबंधित हुआ था। जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, कि ‘प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाए जाने के बाद दस तलाठी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और कई अन्य तलाठी से जवाब मांगा गया है।’

    इससे पहले 74 अधिकारी दोषी

    इससे पहले, एक जांच समिति ने 74 अधिकारियों को दोषी ठहराया था, जिनमें 26 तलाठी, 31 ग्राम सेवक और 17 कृषि सहायक शामिल थे। समिति में अंबड़ उप-मंडल अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर (पुनर्वास) और एक नायब तहसीलदार शामिल थे। अधिकारी ने कहा, “जांच में पता चला कि फर्जी लाभार्थी बनाए गए हैं, क्रेडेंशियल का दुरुपयोग किया गया है, दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई और एक ही व्यक्ति को कई बार भुगतान किए गए हैं। जांच 54 अधिकारियों और इस उद्देश्य के लिए तैनात छह समर्पित टीमों की मदद से की गई।”

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

    ठाणे में नाबिलग लड़की से दुष्कर्म का आरोपी IIT छात्र गिरफ्तार

    महाराष्ट्र के ठाणे में 13 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर के एक छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि लड़की की मां की शिकायत के आधार पर 23 वर्षीय आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी कलवा इलाके का रहने वाला है। उसने दिव्यांग लड़की को नए कपड़े पहनाने के बहाने बहलाया-फुसलाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। अधिकारी के अनुसार, जांच टीम ने आरोपी के मोबाइल फोन से यौन उत्पीड़न का वीडियो बरामद किया है, जिसमें अन्य लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें भी हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी ने इससे पहले और भी महिलाओं को निशाना बनाया होगा। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

    भिवंडी के महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने पर UP के व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में एक महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बताया कि घटना मार्च 2024 की है। पीड़िता रीता साहनी 22 मार्च को कल्हेर इलाके में अपने घर में फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। हाल ही में रीता की बहन ने मामले में पुलिस को शिकायत दी। उसे आरोपी के नाम के कुछ सूसाइड नोट मिले थे। जिसमें लिखा था, कि वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले नवनीत राजपूत के साथ रिलेशनशिप में थी। वह किसी और से शादी कर रहा था। पीड़िता ने अपने नोट में व्यक्ति पर गुमराह करने और धमकाने का आरोप लगाया था। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुणे में वृद्ध महिला नाले में गिरी, एक दिन बाद मिला शव

    पुणे के नार्हे इलाके में एक 65 वर्षीय महिला की लापता होने के एक दिन बाद शुक्रवार को उसका शव बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार महिला भारी बारिश के दौरान नाले में गिर गई थी। भारती विद्यापीठ पुलिस थाने के निरीक्षक राहुल खिलारे ने बताया कि मृतका की पहचान फुरसुंगी निवासी शोभा माहिमाने के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात अपने परिजनों के साथ कोल्हापुर से कार में बैठकर लौट रही थीं।

    इसे भी पढ़े:- बकरी पालन की आड़ में ड्रग्स की फैक्ट्री, 24 करोड़ रुपये का माल जब्त

    अधिकारी ने बताया, कि उनके रिश्तेदार उसी कार से पिंपरी जा रहे थे, इसलिए शोभा माहिमाने मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर नवले ब्रिज के पास रात करीब 10 बजे गाड़ी से उतरीं ताकि वे फुरसुंगी जा सकें। तभी तेज बारिश के बीच सड़क पार करते समय वह हाईवे और सर्विस रोड के बीच स्थित एक नाले में गिर गईं।

  • BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मालाड़ पी उत्तर विभाग अंतर्गत जाली दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए 4 अवैध निर्माणों को मनपा प्रशासन ने भारी पुलिस बंदोबस्त के ध्वस्त कर दिया है। जिसमें एक रिसॉर्ट भी शामिल है।

    मुंबई: जाली दस्तावेजों के आधार पर बने अवैध इमारतों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) लगातार तोड़क कार्रवाई कर निस्तो नाबूद कर रही है। इसी कड़ी में मालाड़ पी उत्तर विभाग के अंतर्गत मनोरी गांव में बने चार अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है। जिसमें ‘जिनेवा’ नामक एक रिसॉर्ट भी शामिल है। यह कार्रवाई मनपा परिमंडल-4 की मनपा उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे और पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वाल्वी के नेतृत्व में एक अहम अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    44 अवैध निर्माणों पर हुई कार्रवाई

    मनपा सूत्रो एवं अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल मढ़ क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों को खड़ा करने के लिए फर्जी बिल्डिंग प्लान का इस्तेमाल किया गया था। इसके जवाब में, बीएमसी नियमित रूप से तोड़फोड़ अभियान चला रही है, जिसमें पिछले महीने ही 44 ऐसे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच हुई कार्रवाई

    3 से 5 जून के बीच की गई इस नवीनतम कार्रवाई में चार संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। जिसमें एक 6,900 वर्ग फीट, दूसरा 2,300 वर्ग फीट और 150 वर्ग फीट के दो छोटे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच तोड़क कार्रवाई की प्रक्रिया में दो जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इस तोड़क कार्रवाई से बीएमसी ने साफ कर दिया, कि शहर भर में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

  • Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे गैर कानूनी करार दिया है। जबकि स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सरकारी ई-सेवा केंद्रों में विभिन्न शैक्षणिक प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के लिए सौ रुपए और पांच सौ रुपए के स्टाम्प पेपर मांगने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, जबकि स्टाम्प पेपर की मांग को रद्द कर दिया गया है तो अनावश्यक लोगों से अधिकारी स्टाम्प पेपर कैसे मांग सकते हैं?

    गैरकानूनी है स्टाम्प पेपर की मांग

    उन्होंने स्टाम्प पेपर की मांग करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसको गैर कानूनी करार दिया है। बावनकुले ने इस संबंध में राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को पत्र भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों को माफ नहीं किया जाएगा।

    स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं

    बावनकुले ने कहा कि दो महीने पहले ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, पक्षकारों और किसानों को जाति पड़ताल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, रहिवासी प्रमाणपत्र, नॉन क्रिमी लेयर सर्टिफिकेट, राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र के लिए स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। इससे सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र और न्यायालय में शपथपत्र जमा करने के लिए स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती है।

    नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट क्या है?

    नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों, शिक्षा और छात्रवृत्तियों में आरक्षण के लाभ लेने में मदद करता है। यह प्रमाणपत्र उन्हें प्रमाणित करता है कि वे ‘क्रीमी लेयर’ (जो अपेक्षाकृत समृद्ध हैं) में नहीं आते हैं, बल्कि वे ‘नॉन-क्रीमी लेयर’ से संबंधित हैं।

    किसे मिला फायदा?

    बावनकुले ने कहा, केवल कागज पर स्वयं-प्रमाणित शपथपत्र जमा करना होता है। उन्होंने कहा, कि स्टाम्प पेपर जमा नहीं करने के फैसले का आर्थिक रूप से कमजोर तबके के नागरिकों को फायदा हो रहा है। लेकिन कई जगहों पर नागरिकों से स्टाम्प पेपर मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए अधिकारियों को स्टाम्प पेपर मांगना बंद कर देना चाहिए।

  • दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    मुंबई सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन पर 74 वर्षीय क्लाइंट से 2.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसके पहले भी एड्वोकेट पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के मामले दर्ज हैं।

    मुंबई: सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। खातू पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की रहने वाली 74 वर्षीय महिला क्लाइंट के साथ धोखाधड़ी की है। आरोप है कि विनय कुमार खातू ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जाली आदेश दिखाकर महिला से 2.57 करोड़ रुपये की ठगी की। न्यायालय ने कहा, कि अगर इस मामले में विनय कुमार खातू को जमानत दी जाती है, तो समाज में गलत संदेश जाएगा। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट के खिलाफ कई मामले दर्ज

    सत्र न्यायाधीश वीजी रघुवंशी ने कहा कि यह अदालत खातू के पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज नहीं कर सकता। पहले भी विनय कुमार खातू पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के दो मामले दर्ज हैं। अगर अदालत खातू के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो यह समाज के लिए गलत संदेश होगा। उन्होंने कहा, “आरोपों की गंभीरता और खातू के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए, मैं उन्हें जमानत नहीं दे सकता।

    वॉट्सएप पर भेजे फर्जी दस्तावेज

    जज ने यह भी कहा कि अगर कोई WhatsApp चैट पर भरोसा करता है, तो उसे यह भी देखना होगा कि आरोपी ने अकाउंटेंट के साथ चैट में हाईकोर्ट से स्टे मिलने की बात कही थी। यह भी साफ है कि जाली आदेशों की तारीख के बाद बड़ी रकम उसके दोस्तों और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पर आपराधिक विश्वासघात और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    जज ने कहा कि सिविल कोर्ट के फैसले को भी एक मूल्यवान सुरक्षा माना जा सकता है। अदालती फैसले अक्सर कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को बनाते या बदलते हैं। इसलिए, ये फैसले मूल्यवान सुरक्षा की परिभाषा में आते हैं।

    क्या है पूरा मामला ?

    पीड़ित महिला, उर्मिला ताल्यार खान, अलीबाग में एक जमीन के विवाद में फंसी हुई थीं। निचली अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद ताल्यार खान ने जिला अदालत में अपील की थी। उनके वकील सुनवाई के लिए नहीं आए, जिसके कारण 13 मार्च, 2018 को उनकी अपील खारिज हो गई। उस समय दिल्ली में रहने के कारण, उन्हें इस बारे में 2022 तक पता ही नहीं चला, क्योंकि उनके वकील ने उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी थी। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    दो करोड़ रुपये किया ट्रांसफर

    आरोप है कि ताल्यार खान की मुलाकात एक व्यापारी के जानकार के जरिए विनय कुमार खातू से हुई थी। उन्होंने खातू को छह मामलों के लिए वकील रखा, जिसमें जमीन विवाद की अपील और उनके पति के खिलाफ मुकदमा भी शामिल था। खातू ने कथित तौर पर प्रति मामले 10 लाख रुपये की भारी फीस ली। आरोप है कि उन्होंने अपने दोस्त के खाते से आरोपी से जुड़े लोगों के खातों में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट ने दी सफाई

    एड्वोकेट विनय कुमार खातू की सलाह पर, उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में दूसरी अपील दायर की, जिसमें चार साल की देरी को माफ करने और स्टे ऑर्डर के लिए आवेदन किया गया था। फिलहाल आरोपों को नकारते हुए, आरोपी ने कहा कि उन्हें 19 अक्टूबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वकील ने कहा कि उनसे कुछ भी बरामद करने की जरूरत नहीं है। सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

  • Mumbai: सांसद कोटे से ट्रेन की टिकट लेने की कोशिश, रेलवे पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Mumbai: सांसद कोटे से ट्रेन की टिकट लेने की कोशिश, रेलवे पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Mumbai News: मुंबई में रेलवे टिकट की धोखाधड़ी मामले में सीएसएमटी पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपी ने NCP सांसद सुरेश म्हात्रे के जाली हस्ताक्षर कर सांसद कोटे से रेलवे टिकट प्राप्त करने की कोशिश की। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    Maharashtra News: मुंबई की CSMT रेलवे पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि सईद एजाज नामक एक व्यक्ति ने सांसद कोटे से रेलवे टिकट हासिल करने के लिए सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल किया और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित एक जाली सिफारिशी पत्र रेल प्रशासन को प्रेषित किया। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    आप को बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट के भिवंडी से सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा विदेश यात्रा पर थे। जब रेल प्रशासन ने पूछताछ की तो सांसद के सहायक ने साफ इनकार कर दिया। रेलवे पुलिस ने म्हात्रे के निजी सहायक आकाश पाटिल की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की बाद में सईद एजाज के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    क्या है पूरा मामला?

    रेलवे पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित एक जाली सिफारिशी पत्र के जरिए देवगिरी एक्सप्रेस के दो टिकट सांसद कोटे से हासिल करने की कोशिश की थी। यह पत्र मुंबई से नांदेड़ की यात्रा के लिए 31 मई की तारीख को टिकट मांगने हेतु जारी किया गया था। जो मध्य रेलवे के आरक्षण विभाग के सहायक प्रबंधक को 30 मई को प्राप्त हुआ। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    हाथ से लिखा था सिफारिश पत्र

    उक्त पत्र रेलवे के कन्फर्मेशन ड्रॉपबॉक्स में डाला गया था। इसमें सांसद सुरेश म्हात्रे के नाम और हस्ताक्षर का उपयोग किया गया था। लेकिन रेलवे अधिकारियों को पत्र की भाषा और फॉर्मेट पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने सांसद के निजी सहायक आकाश पाटिल से संपर्क किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पत्र हाथ से लिखा गया था, जबकि सामान्यतः सांसद के पत्र उनके सहायक द्वारा टाइप किए जाते हैं। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    कहीं कोई रैकेट तो नही?

    पत्र में सांसद का नाम, सिग्नेचर और आवक-जावक विवरण सभी संदिग्ध पाए गए। पत्र पर जिस तारीख का उल्लेख था, उस दौरान सांसद सुरेश म्हात्रे विदेश में थे और विदेश से लौटने के बाद खुद सांसद ने पुष्टि की कि पत्र और उस पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। CSMT रेलवे पुलिस ने आरोपी सईद एजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत FIR दर्ज किया है। रेलवे पुलिस अब यह भी जांच कर रही है, कि आरोपी ने कहीं पहले भी ऐसी कोशिशें की हैं या किसी रैकेट से उसका कोई संबंध है। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    सांसद कोटे का दुरुपयोग

    भारतीय रेलवे में सांसदों के लिए एक विशेष कोटा होता है, जिसके तहत वे सिफारिश पत्र के जरिए यात्रियों को टिकट दिलवा सकते हैं। इस मामले ने इस व्यवस्था के दुरुपयोग की आशंका को उजागर किया है और रेलवे अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत पर बल दिया है। फिलहाल आरोपी से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और रेलवे पुलिस इस मामले को गहराई से खंगाल रही है। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

  • मुंबई में ई-चालान की 59 प्रतिशत शिकायतें पुलिस ने कर दी खारिज: RTI से हुआ खुलासा

    मुंबई में ई-चालान की 59 प्रतिशत शिकायतें पुलिस ने कर दी खारिज: RTI से हुआ खुलासा

    पिछले एस साल के बीच लोगों ने 1,81,613 ई-चालानों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करवाई थीं। लेकिन इनमें से 1,07,850 शिकायतें पुलिस ने खारिज कर दिया। वन स्टेट वन चालान पर पारदर्शिता लाना बहोत जरूरी है।

    Mumbai News: मुंबई ट्रैफिक पुलिस (MTP) ने ‘वन स्टेट वन चालान’ (Parivahan) डिजिटल पोर्टल के जरिए 1 जनवरी 2024 से 28 फरवरी 2025 के बीच कुल 556.64 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। यह चौंकाने वाली जानकारी केंद्र शासित सूचना का अधिकार (RTI) के तहत सामने आई है। आरटीआइ कार्यकर्ता अनिल गलगली की तरफ से दायर एक आरटीआई आवेदन के जवाब में इसका खुलासा हुआ है। Mumbai police rejected 59 percent of e-challan complaints: RTI revealed

    59 प्रतिशत शिकायतें ख़ारिज

    इस पिछले एक साल की अवधि में नागरिकों ने 1 लाख 81 हजार 613 ई-चालानों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करवाई थीं। लेकिन इनमें से 1,07,850 शिकायतें मुंबई पुलिस द्वारा खारिज कर दी गईं। यानी कुल 59 प्रतिशत शिकायतें अस्वीकार कर दी गईं। इसके पीछे का कारण चौंकाने वाला है।

    Mumbai: ट्रैफिक पुलिसकर्मी को ‘चोर’ कहने पर ट्रक ड्राइवर पर मामला दर्ज

    श्रेणी के हिसाब से डेटा होने चाहिए थे।

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने यह भी बताया कि फिलहाल पोर्टल पर शिकायतों का वर्गीकरण वाहन श्रेणी (दोपहिया, चार पहिया, यात्री वाहन, मालवाहक) आदि के आधार पर जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस कारण यह पता लगाना संभव नहीं है कि किस प्रकार के वाहनों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। Mumbai police rejected 59 percent of e-challan complaints: RTI revealed

    शिकायतों की जांच कैसे होती है?

    ‘वन स्टेट वन चालान’ पोर्टल पर आई शिकायतों की वरली स्थित मल्टीमीडिया सेल में जांच की जाती है। इसमें वाहन की तस्वीरें और अन्य दृश्य साक्ष्यों का मूल्यांकन किया जाता है। यदि साक्ष्य अस्पष्ट होते हैं, तो शिकायत को आगे की जांच के लिए संबंधित ट्रैफिक विभाग को भेज दिया जाता है। Mumbai police rejected 59 percent of e-challan complaints: RTI revealed

    पारदर्शिता और जवाबदेही ज़रूरी

    आरटीआइ कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा,“ई-चालान प्रणाली पारदर्शी होनी चाहिए, नागरिकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए और हर शिकायत की निष्पक्ष व गहराई से जांच होनी चाहिए। बीना कारण के शिकायतों को खारिज कर देना अन्याय पूर्ण है। इसपर विभाग को ध्यान देने की जरुरत है।” Mumbai police rejected 59 percent of e-challan complaints: RTI revealed

  • गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    Mumbai-BMC-cm-devendrafadnavis
    मनपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर
    • मनपा आर/दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त मनीष सालवे भ्रष्टाचार में लिप्त
    • मनपा नियमों का हो रहा चीर हरण
    • मनपा नियमों की धज्जियां उड़ाने पर अमादा है जिम्मेदार अधिकारी

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किया है कि मुंबई में अब और गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। गैरकानूनी बांधकाम के भरमार के कारण मुंबईकर जीवनोपयोगी सुविधाओं से वंचित होते हैं। लेकिन सुनता और मानता कौन है? मुख्यमंत्री का आदेश।

    जिम्मेदार अधिकारी

    कांदीवली बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/दक्षिण वार्ड के भ्रष्ट वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे और पदनिर्देशित अधिकारी (D.O) अभय जगताप दौलत कमाने के लिए गैरकानूनी बांधकाम को संरक्षण दे रहे और उसके बदले लाखों रुपयों की वसूली हो रही है। आइए अवैध ठेकेदार जलील खान द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम का जायजा लेते है।

    मनपा नियमों का चीर हरण

    कांदीवली पूर्व, सिंह ईस्टेट, रोड़ नंबर 3, नवजीवन सोसायटी ग्राउंड प्लस दो महले का कमर्शियल अवैध निर्माण

    हमने कांदिवली (पूर्व) स्थित सिंह ईस्टेट के रोड नंबर -३, में जैसे ही प्रवेश किया। नवजीवन सोसाइटी में ही ग्राउंड +२ (तीन मंजिला), के दो कमर्शियल गालों का गैरकानूनी तरीके से बांधकाम किया जा रहा है। यहां दिन के उजाले में अवैध निर्माण इतेने आराम से किया जा रहा है कि ठेकेदार को किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई दे रही है। यहां अवैध निर्माण को पूरा करने में आश्वस्त से लग रहे है मजदूर, मिस्त्री और ठेकेदार।

    भ्रष्टाचार में लिप्त

    ठेकेदार ने बताया कि आर/दक्षिण, वार्ड को वे लाखों रुपए दे चुके हैं। यहां तो एक ही फंडा चलता है, नोट दो गैरकानूनी बांधकाम करते रहो। उक्त गैरकानूनी बांधकाम का ठेकेदार है जलील खान। जिसके चेहरे पर जंग जीतने की खुशी झलक रही थी। ठेकेदार जलील खान मूंछों पर ताव देते हुए कहता है, कि “यहां का वार्ड और नेता उसके साथ है! कोई मेरी कितनी भी कंप्लेन करे, मेरा कुछ नहीं उखड़ेगा।” वाह..! मानना पडेगा गैरकानूनी बांधकाम करने वाले अवैध ठेकेदार जलील खान की हेकड़ी को। जिसके सामने वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे या तो विवश हैं या उनकी जेबें गर्म हो चुकी हैं।

    BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    डीएमसी पर भी उड़े छींटे

    सहायक अभियंता संतोष भेंडवडेकर ने बताया कि परिमंडल -७, के उपायुक्त (DMC) संजय कुर्हाडे बेहद प्रभावशाली अधिकारी हैं। जिनका सम्बंध राज्य के कई नेताओं से है। जिनका संरक्षण भी उन्हें प्राप्त है। यह भी ज्ञात हुआ कि अपने पद और पॉवर का नाजायज फायदा उठाते हुए उपायुक साहब ने सहायक आयुक्त मनीष सालवे और डी. ओ. अभय जगताप पर दबाव बनाकर गैरकानूनी बांधकाम कराते और संरक्षण देते हैं। लाखों में खेलते है।

    दंडात्मक कार्यवाही की पहल

    इस काले कारोबार में सहायक आयुक्त और डी. ओ. लिप्त। ये दोनों भी भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद भी मालामाल हो रहे हैं। राज्य के मुखिया से हमारी मांग है कि निष्पक्ष पारदर्शी जांच पूरे मुंबई शहर में कराएं। अवैध बांधकाम की सूची बनवाएं। गैरकानूनी बांधकाम पर तोड़क कार्रवाई करें साथ ही भूमाफियों और ठेकेदारों को कानूनी ढंग से दंडित करने की पहल करें।

  • मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    Mithun chakrabarti bungalow in malad west mudh marve
    मिथुन चक्रवर्ती के दोनों बंगलों की अलग-अलग तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मालाड़ बीएमसी ने बॉलीवुड सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के नाम नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाय, उसमें बदलाव क्यों न किया जाय या फिर उस जगह का इस्तेमाल पर क्यों न रोक लगा दी जाए।

    मुंबई: मालाड़ (पश्चिम), आक्सा चौपाटी के नजदीक मढ़ आईलैंड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) गंभीर हो गई है। अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मालाड पश्चिम के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मालाड़ पी/ उत्तर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    बीएमसी कर देगी बंगले को ध्वस्त

    अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे। अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कोई एक मामला नहीं है। बीएमसी ने मढ़ इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बनाया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे। मनपा पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं।

    बिना अनुमति बंगले में अवैध निर्माण

    बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ‘एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान एक से अधिक दो मेग्जनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंट, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए। ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मि​थुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मालाड़ बीएमसी ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    मिथुन चक्रवर्ती के नाम कारण बताओ नोटिस

    बंगले के मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार एवं भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है, कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए। अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो मालाड़ बीएमसी संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक ​​कि जेल भी हो सकती है। इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने बीएमसी नोटिस पर जानकारी देते हुए कहा, कि ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है। कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपना जवाब भेज रहे हैं।’

    एसआईटी कर रही है जांच

    आप को बता दें कि महाराष्ट्र के सदन में अवैध निर्माण को लेकर आवाज उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने एक एसआईटी की टीम गठित कर जांच का जिम्मा सौंपा था। सदन में बताया गया था कि सरकारी विभागों को गुमराह कर कागजातों में हेराफेरी की गई है। इसमें यह भी कहा गया था, कि सरकारी विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने भी इसमें अवैध निर्माणकर्ताओं का साथ दिया है जिसकी जांच होना जरूरी है। फिलहाल एसआईटी की टीम मालाड़ पश्चिम के मढ़ आईलैंड इलाके में संरचनाओं और उनके पेपरों की जांच कर रही है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Islan