गणेशोत्सव 2025 की शुरुआत धूमधाम से हो चुकी है। मुंबई BMC ने इस बार 288 कृत्रिम तालाब बनवाए हैं ताकि गणपति विसर्जन पर्यावरण अनुकूल तरीके से हो सके। साथ ही मुफ्त शाडू माटी और नेचुरल पेंट भी वितरित किए गए हैं।
डिजिटल डेस्क
मुंबई: महाराष्ट्र और मुंबई में इस बार गणेशोत्सव 2025 बेहद खास अंदाज़ में मनाया जा रहा है। बुधवार से शुरू हुए दस दिवसीय उत्सव में भक्तों ने गली-गली और घर-घर अपने विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का स्वागत बड़े उत्साह के साथ किया। शहर के हर कोने में “गणपति बप्पा मोरया” और “मंगल मूर्ति मोरया” के जयकारे गूंज रहे हैं।
BMC की बड़ी पहल – 288 कृत्रिम तालाब
ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस बार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए खास तैयारी की है। गणेश विसर्जन के लिए मुंबई शहर में 288 कृत्रिम तालाब (Artificial Lakes/Ponds) तैयार किए गए हैं। इन तालाबों की पूरी सूची बीएमसी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट [mcgm.gov.in](https://www.mcgm.gov.in) पर उपलब्ध कराई है। साथ ही क्यूआर कोड्स के ज़रिए भी यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है ताकि श्रद्धालु आसानी से नज़दीकी तालाब ढूंढ सकें।
महाराष्ट्र सरकार की गाइडलाइन
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस साल नया नियम लागू किया है। 6 फीट तक की प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों का विसर्जन सिर्फ कृत्रिम तालाबों में ही किया जाएगा। इस फैसले का मकसद समुद्र और नदियों में प्रदूषण रोकना है। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News
महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य उत्सव घोषित किया
इस बार पहली बार महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य उत्सव (State Festival) घोषित किया है। इसका उद्देश्य है पूरे राज्य में त्योहार को भव्य तरीके से मनाना और साथ ही ईको-फ्रेंडली कल्चर को बढ़ावा देना।
ईको-फ्रेंडली मूर्तियों को प्रोत्साहन
पर्यावरण बचाने और प्राकृतिक संसाधनों का ध्यान रखने के लिए BMC ने इस साल बड़ी पहल की है।
- 990 टन मुफ्त शाडू माटी मूर्तिकारों को वितरित की गई।
- लगभग 10,800 लीटर नेचुरल पेंट प्रयोग के तौर पर दिया गया।
- इनमें से 7800 लीटर पेंट और 3000 लीटर ईको-प्राइमर पहले ही मूर्तिकारों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
बीएमसी ने अपील की है कि छोटे आकार की गणेश मूर्तियों का विसर्जन भक्त अपने घरों में बाल्टी या टब में ही करें। इससे न सिर्फ प्रदूषण घटेगा बल्कि पानी की बचत भी होगी।
मुंबई की सड़कों पर सजावट और उत्सव का माहौल
पूरे मुंबई में भव्य पंडाल, आकर्षक सजावट और ढोल-ताशे की गूंज हर जगह देखने को मिल रही है। गणपति बप्पा की मूर्तियों को बड़े ही स्नेह और श्रद्धा के साथ घरों और सार्वजनिक मंडपों में विराजित किया गया है।
गणेशोत्सव 2025 न सिर्फ भक्ति और आस्था का पर्व है, बल्कि इस बार यह प्रकृति और पर्यावरण को बचाने का संदेश भी दे रहा है। BMC और महाराष्ट्र सरकार की पहल से यह उत्सव और भी खास बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबईकर कितनी बड़ी संख्या में ईको-फ्रेंडली विसर्जन को अपनाते हैं। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

