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Malad car fire में ऑटो से टक्कर के बाद कार में आग लग गई। 24 वर्षीय ड्राइवर की मौत, ऑटो चालक घायल; पुलिस जांच में जुटी।
मुंबई: Malad इलाके में शुक्रवार शाम एक कार और ऑटोरिक्शा की टक्कर के बाद कार में आग लग गई। हादसे में 24 वर्षीय कार चालक Abdul Matten की मौत हो गई। ऑटोरिक्शा चालक घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने दुर्घटना की वजह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
Malad में टक्कर के बाद कार में लगी आग
मुंबई के Malad इलाके में शुक्रवार शाम एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, JJ Road पर एक कार की ऑटोरिक्शा से टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई। हादसे की सूचना Mumbai Fire Brigade को शाम करीब 6:41 बजे मिली।
आग लगने के बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, करीब 7:12 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।
हादसे में कार चालक की पहचान Abdul Matten (24) के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए BDBA Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद कार में आग लगने से वाहन को काफी नुकसान पहुंचा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि टक्कर के तुरंत बाद आग लगने की वजह क्या थी। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
ऑटोरिक्शा चालक घायल, हालत स्थिर
इस हादसे में ऑटोरिक्शा चालक को भी चोटें आई हैं। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद Mumbai Fire Brigade, पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं।
पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार और ऑटोरिक्शा के बीच टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। हादसे का सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस की जांच जारी है। दुर्घटना की परिस्थितियों और आग लगने के कारणों के बारे में आगे की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Malad में हुई इस दुर्घटना में कार चालक की जान चली गई, जबकि ऑटोरिक्शा चालक घायल हुआ है। दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है और पुलिस हादसे की वजह की जांच कर रही है।
मुंबई की वर्सोवा खाड़ी में मानसून मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी के उल्लंघन के आरोप में तीन ट्रॉलरों पर संयुक्त कार्रवाई की गई।
मुंबई: वर्सोवा खाड़ी में मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी के बावजूद मछली पकड़ने के आरोप में तीन ट्रॉलरों की जांच की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई के दौरान सागरी पुलिस, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) और वर्सोवा के लाइसेंस अधिकारी ने संयुक्त रूप से तीनों नौकाओं की जांच की। जांच के बाद मामले में महाराष्ट्र समुद्री मत्स्य अधिनियम, 1981 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
20 जुलाई 2026 को वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर वर्सोवा खाड़ी के बाहर तीन ट्रॉलर लंगर डालकर खड़े होने की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद अधिकारियों ने रात के समय मौके पर जाकर जांच की। इन नौकाओं के मछली पकड़कर लौटने और मछली उतारने की तैयारी में होने का संदेह जताया गया।
जानकारी के मुताबिक, तीन नौकाओं के वर्सोवा खाड़ी के बाहर खड़े होने की सूचना मिलने के बाद वर्सोवा जेटी पर तैनात लाइसेंस अधिकारी और सुरक्षाकर्मियों ने रातभर गश्त की। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना था कि संबंधित नौकाएं जेटी पर आती हैं या नहीं।
हालांकि, उस रात तेज हवा और भारी बारिश के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। बताया गया कि संबंधित नौकाएं जेटी पर न रुककर खाड़ी के अंदर की ओर चली गईं।
रात 3 बजे के आसपास अंधेरे में नौकाएं नजरों से ओझल
जानकारी के अनुसार, संबंधित नौकाएं रात करीब 3 बजे खाड़ी के अंदर की दिशा में चली गईं। तेज बारिश, अंधेरे और खराब मौसम के कारण अधिकारियों को यह स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका कि नौकाएं आगे किस दिशा में गईं।
इसके अलावा, वर्सोवा में उस समय गश्ती नौका उपलब्ध नहीं थी। इसलिए इतनी रात में संबंधित नौकाओं का पीछा कर पाना भी संभव नहीं था।
अगली सुबह संबंधित नौकाओं की तलाश और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद सागरी पुलिस, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) और वर्सोवा के लाइसेंस अधिकारी ने संयुक्त रूप से तीनों नौकाओं की जांच की।
जांच के दौरान अधिकारियों के मुताबिक, तीनों नौकाओं द्वारा मानसून के दौरान लागू मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी का उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा, कुछ नौकाओं पर आवश्यक कानूनी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी भी दी गई है।
महाराष्ट्र में समुद्री मछली पकड़ने से जुड़े नियमों और प्रतिबंधों का नियमन महाराष्ट्र समुद्री मत्स्य विनियमन अधिनियम, 1981 के तहत किया जाता है।
जांच के दायरे में आईं तीन नौकाएं
1. अमरनाथ (AMARNATH)
पंजीकरण नंबर: IND-MH-7-MM-2615
पंजीकरण की तारीख: 4 जनवरी 2019
मूल मछली पकड़ने का बंदरगाह: न्यू फेरी व्हार्फ (New Ferrywharf)
2. जय बाबा अमरनाथ (JAY BABA AMARNATH)
पंजीकरण नंबर: IND-MH-7-MM-2683
पंजीकरण की तारीख: 13 फरवरी 2019
मूल मछली पकड़ने का बंदरगाह: ससून डॉक (Sassoon Dock)
3. जरीमरी तिसाई (JARI MARI TISAI)
पंजीकरण नंबर: IND-MH-7-MM-2170
पंजीकरण की तारीख: 19 दिसंबर 2019
मूल मछली पकड़ने का बंदरगाह: न्यू फेरी व्हार्फ (New Ferrywharf)
महाराष्ट्र समुद्री मत्स्य विनियमन अधिनियम के तहत कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित तीनों नौकाओं के खिलाफ महाराष्ट्र समुद्री मत्स्य विनियमन अधिनियम, 1981 के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। दंड या अन्य अंतिम कार्रवाई के संबंध में निर्णय संबंधित विभागीय और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
वर्सोवा खाड़ी में मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी के उल्लंघन के आरोप में तीन ट्रॉलरों की जांच की गई। खराब मौसम और रात के अंधेरे के कारण शुरुआती निगरानी के दौरान नौकाओं का पीछा नहीं किया जा सका। हालांकि, अगले दिन सागरी पुलिस, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और लाइसेंस अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई कर तीनों नौकाओं की जांच की। मामले में संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी का उल्लंघन किए जाने का मामला सामने आया है। कुछ नौकाओं पर आवश्यक कानूनी दस्तावेज नहीं होने की जानकारी भी दी गई है।
किस कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है?
मामले में महाराष्ट्र समुद्री मत्स्य विनियमन अधिनियम, 1981 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
मुंबई के दादर में वायरल वीडियो को लेकर पुलिस अधिकारी पर महिला प्रदर्शनकारी से बदसलूकी का आरोप लगा। मुंबई पुलिस ने आरोपों को खारिज कर सफाई दी।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई के दादर में छात्र प्रदर्शन के दौरान एक वायरल वीडियो को लेकर मुंबई पुलिस विवादों में है। वीडियो के आधार पर एक सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस अधिकारी पर महिला प्रदर्शनकारी को कथित तौर पर गलत तरीके से पकड़ने और घसीटने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रहा था और महिला अचानक बीच में आ गई।
वायरल वीडियो को लेकर मुंबई पुलिस पर उठे सवाल
दादर में छात्र प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। वीडियो में एक सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों के बीच एक महिला को पकड़ता हुआ दिखाई देता है। विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस दृश्य को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
वीडियो के आधार पर आरोप लगाया गया कि पुलिस अधिकारी ने महिला प्रदर्शनकारी के साथ अनुचित तरीके से व्यवहार किया और उसे पकड़कर घसीटा। हालांकि, वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोपों और घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
वर्षा गायकवाड़ और रोहित पवार ने कार्रवाई की मांग की
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने वीडियो साझा करते हुए पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए पूछा कि एक पुरुष पुलिसकर्मी महिला प्रदर्शनकारी के साथ इस तरह क्यों पेश आया और महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई।
Ma’am, please note, this is being irresponsibly misinterpreted- the official, while managing law & order there, was trying to hold on to a male protestor when a lady unknowingly stepped in between, while he was looking away- Being a public figure, you are expected to verify… https://t.co/xwVqirsYf1
— मुंबई पोलीस Mumbai Police (@MumbaiPolice) July 24, 2026
एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने भी पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मी का उद्देश्य किसी पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ना था और उसे बाद में पता चला कि बीच में महिला आ गई है, तो उसे अपना हाथ तुरंत पीछे हटा लेना चाहिए था। इस मामले में उन्होंने पुलिस अधिकारी के आचरण पर सवाल उठाए।
मुंबई पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
विवाद बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर अपना पक्ष रखा। पुलिस के मुताबिक, वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रहा था और उसी दौरान महिला प्रदर्शनकारी अचानक बीच में आ गई।
मुंबई पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो की जांच की और उन्हें अधिकारी के व्यवहार में कोई अनुचित हरकत नहीं मिली। पुलिस ने आरोपों को गलत बताया है।
वीडियो को लेकर जारी है विवाद
पुलिस की सफाई के बावजूद वीडियो को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वीडियो में अधिकारी को महिला की मौजूदगी का पता चलने के बाद भी उसे पकड़े हुए देखा जा सकता है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि वीडियो को पूरे घटनाक्रम के संदर्भ से अलग करके देखा जा रहा है।
इसलिए फिलहाल वायरल वीडियो में दिख रहे दृश्य और पुलिस के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बीच स्पष्ट मतभेद नजर आ रहा है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित बदसलूकी का आरोप अभी आरोप के स्तर पर है और इस संबंध में किसी न्यायिक निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।
लगातार दूसरे दिन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब छात्र प्रदर्शनों से जुड़े एक अन्य वायरल वीडियो को लेकर भी मुंबई पुलिस की आलोचना हुई थी। उस मामले में एक पुलिसकर्मी पर प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर ड्रग्स से जुड़े झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगा था। विवाद के बाद पुलिसकर्मी को निलंबित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी और मामले में जांच शुरू की गई।
दादर के इस नए मामले में मुंबई पुलिस ने फिलहाल वायरल वीडियो की अपनी जांच के आधार पर अधिकारी के खिलाफ अनुचित आचरण के आरोपों को खारिज किया है। मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सोशल मीडिया पर बहस जारी है।
दादर के छात्र प्रदर्शन से जुड़े वायरल वीडियो ने पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां विपक्षी नेताओं ने अधिकारी पर महिला प्रदर्शनकारी से बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं मुंबई पुलिस ने कहा है कि अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रहा था और महिला अचानक बीच में आ गई। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच विवाद जारी है।
क्या मुंबई पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हुई है?
इस मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार मुंबई पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच के बाद अधिकारी के आचरण में कोई अनुचित हरकत नहीं पाए जाने की बात कही है। अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो में क्या आरोप लगाया गया है?
वीडियो के आधार पर आरोप लगाया गया कि एक सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस अधिकारी ने महिला प्रदर्शनकारी को गलत तरीके से पकड़ा और घसीटा। मुंबई पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया है।
मुंबई पुलिस ने क्या सफाई दी?
पुलिस के मुताबिक अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रहा था और महिला अचानक बीच में आ गई थी
मुंबई में मानसून की बारिश जारी है। IMD ने आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। 24 जुलाई को भी तेज बारिश का अनुमान है।
मुंबई: मुंबई में मानसून की बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। IMD के 23 जुलाई 2026 के ताजा अपडेट के अनुसार, मुंबई-सांताक्रूज में पिछले 24 घंटों के दौरान 63.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आज भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है और 24 जुलाई को भी बारिश का तेज दौर जारी रहने की संभावना है।
मुंबईकरों के लिए मानसून से जुड़ी बड़ी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, मुंबई में आज भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मुंबई-सांताक्रूज मौसम केंद्र के आंकड़ों में 23 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है।
पिछले 24 घंटों में मुंबई-सांताक्रूज में 63.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में आज आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ भारी बारिश हो सकती है।
मुंबई में आज भी भारी बारिश, IMD की चेतावनी
IMD के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, 23 जुलाई को मुंबई में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने मुंबई-सांताक्रूज के लिए Heavy to Very Heavy Rainfall की चेतावनी दर्ज की है।
बारिश की तीव्रता अलग-अलग इलाकों में अलग हो सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश के तेज दौर के कारण सड़क यातायात, दृश्यता और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
मुंबई के लिए अगले दिन का मौसम पूर्वानुमान भी बारिश की ओर इशारा कर रहा है। IMD के अनुसार, 24 जुलाई को भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। 25 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 26 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है।
इसका मतलब है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।
मुंबईकरों के लिए जरूरी सावधानी
बारिश के इस दौर में बाहर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें।
जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने से बचें।
तेज बारिश में दृश्यता कम होने पर वाहन की गति नियंत्रित रखें।
पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े न हों।
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें।
यात्रा से पहले लोकल ट्रेन, सड़क और अन्य परिवहन सेवाओं की स्थिति जांच लें।
26 जुलाई: मध्यम बारिश की संभावना, कोई चेतावनी दर्ज नहीं।
27 से 29 जुलाई: बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश का अनुमान।
मुंबई में मानसून का असर अभी कम नहीं हुआ है। IMD के 23 जुलाई के ताजा अपडेट में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है और 24 जुलाई को भी बारिश का तेज दौर जारी रहने की संभावना है। मुंबईकरों को अगले 48 घंटों में मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए सावधानी से यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
मुंबई में आज रात भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD के ताजा अपडेट में 22 जुलाई के लिए Heavy to Very Heavy Rainfall की चेतावनी।
मुंबई: बुधवार शाम 7:33 बजे तक बारिश का खतरा खत्म नहीं हुआ है। IMD के ताजा आधिकारिक अपडेट के अनुसार, 22 जुलाई को मुंबई-सांताक्रूज क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। 23 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में मुंबईकरों को आज रात और कल सुबह यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मुंबई में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और बुधवार, 22 जुलाई 2026 की शाम तक बारिश का खतरा बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, मुंबई-सांताक्रूज के लिए 22 जुलाई को Heavy to Very Heavy Rainfall की चेतावनी दर्ज की गई है।
इसका मतलब है कि पहले जारी किए गए सामान्य बारिश वाले अपडेट की तुलना में मौजूदा स्थिति को अधिक गंभीरता से लेना जरूरी है। मुंबई में रात के दौरान भी बारिश के तेज दौर की संभावना बनी हुई है।
मुंबई में आज रात भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
IMD के आधिकारिक मुंबई-सांताक्रूज मौसम अपडेट में 22 जुलाई के लिए Generally Cloudy Sky with Heavy Rain का पूर्वानुमान दिया गया है और Heavy to Very Heavy Rainfall कि चेतावनी दी गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सांताक्रूज में 48.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
इसलिए शाम और रात के समय मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
23 जुलाई को भी बारिश से राहत की उम्मीद कम
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 23 जुलाई को भी मुंबई में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 24 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने का अनुमान है और मौसम सामान्य रूप से बादलों से घिरा रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।
इसका मतलब है कि मुंबईकरों को अगले 24 घंटों के दौरान मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
आज रात मुंबई में बाहर निकलने वालों के लिए जरूरी सावधानी
भारी बारिश की चेतावनी के बीच आज रात यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर:
निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों से बचें।
तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा टालें।
वाहन चलाते समय कम दृश्यता और फिसलन का ध्यान रखें।
पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें।
समुद्र किनारे जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की चेतावनी जरूर देखें।
लोकल ट्रेन, सड़क और अन्य परिवहन सेवाओं के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।
मुंबई में स्कूल बंद होने को लेकर क्या अपडेट है?
उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार, मुंबई में सभी स्कूलों और कॉलेजों के लिए शहरव्यापी बंदी की कोई नई आधिकारिक घोषणा इस अपडेट के समय तक सामने नहीं आई है।
हालांकि, भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय प्रशासन, शिक्षा विभाग या संबंधित स्कूल अपने स्तर पर निर्णय ले सकते हैं। इसलिए अभिभावकों और छात्रों को स्कूल प्रबंधन तथा प्रशासन की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता देनी चाहिए।
25 से 28 जुलाई: सामान्य रूप से बादल और मध्यम बारिश की संभावना।
मुंबई में बुधवार रात बारिश का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। IMD के ताजा आधिकारिक अपडेट में 22 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। 23 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसलिए मुंबईकरों को आज रात गैर-जरूरी यात्रा से बचने और स्थानीय मौसम व प्रशासनिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
यह अपडेट 22 जुलाई 2026 की शाम उपलब्ध IMD जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है।
IMD के ताजा अपडेट में 22 जुलाई के लिए मुंबई-सांताक्रूज क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है।
क्या 23 जुलाई को भी मुंबई में बारिश होगी?
हां, IMD के अनुसार 23 जुलाई को भी मुंबई में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
क्या मुंबई में आज रात यात्रा करना सुरक्षित है?
बारिश की तीव्रता और स्थानीय जलभराव के आधार पर स्थिति बदल सकती है। गैर-जरूरी यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन व परिवहन सेवाओं के आधिकारिक अपडेट देखना बेहतर है।
Mumbai Protest Today: शिवाजी पार्क में प्रदर्शन जारी, चेंबूर में भी विरोध की खबर। मुंबई पुलिस ने कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई और निषेधाज्ञा लागू की।
मुंबई: CJP आंदोलन के समर्थन में मुंबई में भी विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। 22 जुलाई को शिवाजी पार्क में छात्रों और समर्थकों की भीड़ जुटी है, जबकि चेंबूर में भी पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने दक्षिण मुंबई सहित कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है। 23 जुलाई से 6 अगस्त तक पांच या उससे अधिक लोगों के सार्वजनिक जमावड़े पर प्रतिबंध का आदेश भी जारी किया गया है।
मुंबई में आज, 22 जुलाई 2026, CJP आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस कार्रवाई के विरोध में मुंबई के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार, शिवाजी पार्क, दादर और चेंबूर इस पूरे घटनाक्रम के प्रमुख केंद्र रहे हैं। वहीं, दक्षिण मुंबई में आजाद मैदान, CSMT और BMC मुख्यालय के आसपास पुलिस की भारी तैनाती की गई है।
Mumbai Protest Today: आज मुंबई में कहां-कहां प्रदर्शन ?
शिवाजी पार्क, दादर
आज के लिए सबसे स्पष्ट और प्रमुख प्रदर्शन स्थल शिवाजी पार्क रहा। खबर के मुताबिक, मंगलवार शाम यहां 500 से अधिक युवा और छात्र प्रदर्शन में शामिल हुए। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी यहां मौजूद रहे और शिक्षा व्यवस्था तथा CJP आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें थोड़े समय के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी गई।
चेंबूर
चेंबूर के शिवाजी नगर/शिद्धार्थ कॉलोनी क्षेत्र में भी दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन हुए। यहां के स्थानीय निवासियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया।
आजाद मैदान और दक्षिण मुंबई
आजाद मैदान, CSMT और BMC मुख्यालय के आसपास मुंबई पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। यह तैनाती संभावित विरोध प्रदर्शनों और भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए की गई है। इन इलाकों को मुख्य रूप से संवेदनशील या संभावित सभा स्थलों के रूप में बताया जाता है। इसलिए पुलिस ने दक्षिण मुंबई के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और पुलिस मार्च भी किए।
मुंबई पुलिस ने सुरक्षा क्यों बढ़ाई?
यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्च से जुड़ा हुआ है। CJP आंदोलन के समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
20 जुलाई को दिल्ली में CJP के संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद मुंबई सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन तेज हुए। इसके बाद मुंबई पुलिस ने संभावित सभाओं को रोकने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को नोटिस, कई FIR दर्ज
मुंबई में पिछले दिनों हुए प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार, रविवार और सोमवार को आजाद मैदान, शिवाजी पार्क और चैत्यभूमि में हुए प्रदर्शनों के संबंध में करीब 1,000 लोगों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा और नोटिस जारी किए गए। इस सिलसिले में लगभग 12 FIR दर्ज की गई हैं।
मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। पुलिस के अनुसार, यह आदेश शांति भंग और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लागू किया गया है।
इसका मतलब यह है कि इस अवधि में किसी भी सार्वजनिक सभा या प्रदर्शन के लिए लागू स्थानीय अनुमति और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पहले नागरिकों को स्थानीय पुलिस और प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों की जानकारी लेनी चाहिए।
आज मुंबई में पुलिस की तैनाती कहां-कहां?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस की विशेष मौजूदगी और निगरानी इन प्रमुख क्षेत्रों में रही:
शिवाजी पार्क और दादर
चेंबूर के कुछ इलाके
आजाद मैदान
CSMT
BMC मुख्यालय के आसपास
दक्षिण मुंबई के अन्य संवेदनशील क्षेत्र
हालांकि, यह सूची पुलिस तैनाती और रिपोर्ट किए गए प्रदर्शन स्थलों पर आधारित है। इसे मुंबई में आज होने वाले सभी प्रदर्शन स्थलों की आधिकारिक और पूर्ण सूची नहीं माना जाना चाहिए।
मुंबई में विरोध प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर कई संदेश और पोस्ट तेजी से साझा किए जा रहे हैं। इनमें शिवाजी पार्क, चेंबूर और अन्य स्थानों के नाम शामिल हैं। लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई जानकारी हमेशा आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं होती।
इसलिए नागरिकों को किसी भी वायरल पोस्ट के आधार पर किसी स्थान पर पहुंचने के बजाय मुंबई पुलिस, स्थानीय प्रशासन या विश्वसनीय समाचार स्रोतों से ताजा जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
Mumbai Protest Today के तहत 22 जुलाई को सबसे स्पष्ट रूप से सामने आया प्रमुख प्रदर्शन शिवाजी पार्क, दादर में रहा, जबकि चेंबूर में भी विरोध प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई है। दूसरी ओर, आजाद मैदान, CSMT और BMC मुख्यालय सहित दक्षिण मुंबई के महत्वपूर्ण इलाकों में पुलिस की भारी तैनाती की गई है।
मुंबई पुलिस ने संभावित सभाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई है। 23 जुलाई से 6 अगस्त तक पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध लागू होने के कारण आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई पर नजर बनी रहेगी।
Q. आज मुंबई में सबसे प्रमुख प्रदर्शन कहां हुआ? शिवाजी पार्क, दादर में प्रदर्शन प्रमुख रूप से सामने आया है। इसके साथ ही, चेंबूर में भी विरोध प्रदर्शन की रिपोर्ट है।
Q. क्या आज मुंबई में सभी प्रदर्शन स्थलों की आधिकारिक सूची जारी हुई है? उपलब्ध जानकारी में ऐसी कोई पूर्ण और आधिकारिक शहरव्यापी सूची नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर प्रसारित स्थानों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
Q. मुंबई में निषेधाज्ञा कब से लागू है? पांच या उससे अधिक लोगों के सार्वजनिक जमावड़े पर प्रतिबंध 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक लागू किया गया है
मुंबई के मलाड में 3,135 वर्गफुट पार्किंग एरिया को ऑफिस यूनिट बताकर मॉर्गेज कराने के आरोप में डेवलपर समेत 5 पर FIR हुई है।
मुंबई: मलाड ईस्ट के Atharva Landmark CHS में कथित तौर पर 3,135 वर्गफुट के कॉमन पार्किंग एरिया को कमर्शियल ऑफिस यूनिट के रूप में दिखाकर मॉर्गेज कराने के मामले में डिंडोशी पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में डेवलपर दीपक शाह और Khush Housing Finance Pvt. Ltd. से जुड़े अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मलाड में पार्किंग एरिया को ऑफिस यूनिट बताने का आरोप
मुंबई के मलाड ईस्ट में एक हाउसिंग सोसाइटी के कॉमन पार्किंग एरिया को कथित रूप से कमर्शियल ऑफिस यूनिट के रूप में दिखाकर वित्तीय लेनदेन में इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। Atharva Landmark CHS के निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी के दूसरे पोडियम पर मौजूद करीब 3,135 वर्गफुट के पार्किंग क्षेत्र को दस्तावेजों में तीन कथित ऑफिस यूनिट—201, 202 और 203—के रूप में दिखाया गया।
इस मामले में दिंडोशी पुलिस ने अमित मागिया, किरण मागिया, कल्पेश डेडिया, हर्षिता कनोजिया और डेवलपर दीपक शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपों में कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और cheating शामिल हैं। मामले की जांच अभी जारी है।
सोसाइटी के अनुसार, पार्किंग को लोन की सुरक्षा के तौर पर रखा गया
सोसाइटी के सदस्यों के अनुसार, वर्ष 2011 से 2021 के बीच कई फ्लैट खरीदारों ने अपने घरों के साथ बेसमेंट, ग्राउंड, पहले और दूसरे पोडियम लेवल पर पार्किंग स्पेस खरीदे थे।
बाद में निवासियों को कथित तौर पर पता चला कि दूसरे पोडियम का पार्किंग क्षेत्र Khush Housing Finance Pvt. Ltd. (KHFL) के पास डेवलपर के लोन के लिए सुरक्षा के तौर पर मॉर्गेज किया गया था।
इसके बाद वित्तीय संस्था ने SARFAESI Act के तहत कथित तीन “ऑफिस यूनिट्स” पर कब्जे की कार्रवाई शुरू की। सोसाइटी का दावा है कि ये ऑफिस यूनिट वास्तव में मौजूद ही नहीं हैं और संबंधित क्षेत्र स्वीकृत योजना के अनुसार पार्किंग के लिए निर्धारित है।
दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियों का आरोप
सोसाइटी ने Sub-Registrar कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों और अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के बीच कथित अंतर होने का दावा किया है।
सोसाइटी के आरोपों के अनुसार, दस्तावेजों में कथित तौर पर:
मॉर्गेज की तारीखों में अंतर था
खाली स्थानों को बाद में भरे जाने का संदेह है
कुछ दस्तावेजों में स्टांप से जुड़ी विसंगतियां थीं
हस्तलिखित बदलाव किए गए
संपत्ति का विवरण बदला हुआ दिखाई दिया
प्रॉपर्टी शेड्यूल में असंगतियां थीं
कथित रूप से हस्ताक्षरों में छेड़छाड़ की गई
तारीखों में कथित बदलाव कर मॉर्गेज को लोन जारी होने से पहले का दिखाने का आरोप है
सोसाइटी ने यह भी दावा किया कि कुछ दस्तावेजों में 23वीं और 24वीं मंजिल का संदर्भ है, जबकि उसके अनुसार BMC की स्वीकृत योजना में इमारत को 22वीं मंजिल तक मंजूरी मिली थी।
इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कैलाशनाथ डी यादव (बाएं), सचिव, और जगदीश राजपोपत, अध्यक्ष, अथर्व लैंडमार्क
सोसाइटी सचिव ने क्या कहा?
Atharva Landmark CHSL के सचिव कैलाशनाथ डी. यादव के अनुसार, स्वीकृत योजनाओं के मुताबिक दूसरा पोडियम केवल पार्किंग के लिए है। उनका आरोप है कि इसी क्षेत्र को वित्तीय संस्था (बैंक) के सामने ऑफिस यूनिट के रूप में पेश किया गया और डेवलपर के लोन के लिए मॉर्गेज किया गया।
सोसाइटी का यह भी कहना है कि उसे SARFAESI Act के तहत कथित कार्रवाई की कोई उचित नोटिस नहीं दी गई, जिसके बाद निवासियों में चिंता पैदा हो गई।
मामला DRT और Bombay High Court तक पहुंचा
विवाद अब केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं है। Atharva Landmark CHSL और Khush Housing Finance के बीच SARFAESI कार्रवाई को लेकर मामला Debt Recovery Tribunal और Debt Recovery Appellate Tribunal के समक्ष भी चल रहा है।
Bombay High Court ने 25 मार्च 2026 को मामले में सीमित राहत देते हुए विवादित secured assets का physical possession लेने की कार्रवाई को 2 अप्रैल 2026 तक स्थगित किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उसने मामले के merits पर कोई राय व्यक्त नहीं की है और संबंधित पक्षों को वैधानिक अपील के माध्यम से DRAT में जाने का निर्देश दिया था।
बाद में DRAT से जुड़े घटनाक्रम में KHFL की कब्जे की कार्रवाई पर रोक लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, विवादित संपत्तियों में दो आवासीय फ्लैट और एक पार्किंग पोडियम शामिल था।
KHFL ने आरोपों को बताया निराधार
Khush Housing Finance ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसे शिकायत की विस्तृत जानकारी और दस्तावेजों की जांच करने का अवसर अभी नहीं मिला है।
वित्तीय संस्था के अनुसार, उसने डेवलपर को लोन दिया था और डेवलपर ने फ्लैट्स, ऑफिस और प्रोजेक्ट कैश फ्लो को सुरक्षा के रूप में मॉर्गेज किया था। KHFL का कहना है कि डेवलपर के डिफॉल्ट के बाद SARFAESI Act के तहत कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई शुरू की गई।
KHFL ने अपने खिलाफ लगाए गए जालसाजी के आरोपों को “पूरी तरह निराधार” बताया है। कंपनी का दावा है कि संभव है कि डेवलपर ने सोसाइटी और वित्तीय संस्था—दोनों को गुमराह किया हो। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत उसकी वैध वसूली कार्रवाई को रोकने के लिए की गई है।
पुलिस जांच में अब किन बिंदुओं पर फोकस?
पुलिस के सामने अब मुख्य रूप से इन बिंदुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी:
विवादित पार्किंग क्षेत्र का वास्तविक कानूनी और स्वीकृत उपयोग
कथित ऑफिस यूनिट्स का अस्तित्व और वैधता
मॉर्गेज दस्तावेजों की वास्तविकता
दस्तावेजों में कथित बदलाव और तारीखों की जांच
कथित हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच
डेवलपर और वित्तीय संस्था के अधिकारियों की भूमिका
लोन और मॉर्गेज प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और विवादित संपत्ति के मॉर्गेज तथा संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच की जाएगी।
इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है, लेकिन अभी किसी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है। दस्तावेजों में कथित जालसाजी, पार्किंग क्षेत्र के कथित गलत इस्तेमाल और मॉर्गेज प्रक्रिया में किसी भी पक्ष की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
विवादित संपत्तियों को लेकर कानूनी कार्यवाही DRT/DRAT और अदालतों के समक्ष जारी है। Bombay High Court ने भी अपने 25 मार्च 2026 के आदेश में मामले के merits पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की थी।
मलाड के Atharva Landmark CHS का मामला एक ओर कथित दस्तावेजी हेरफेर और कॉमन पार्किंग एरिया के इस्तेमाल के आरोपों से जुड़ा है, तो दूसरी ओर डेवलपर के लोन और वित्तीय संस्था की SARFAESI कार्रवाई से भी संबंधित है। अब पुलिस जांच और चल रही न्यायिक प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि विवादित दस्तावेज कैसे तैयार हुए और इस पूरे मामले में किसकी वास्तविक भूमिका थी।
क्या इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है?
हां। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डिंडोशी पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में डेवलपर दीपक शाह और चार अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
विवादित संपत्ति क्या है?
सोसाइटी के अनुसार, करीब 3,135 वर्गफुट का दूसरा-पोडियम क्षेत्र कॉमन पार्किंग के लिए निर्धारित है, जबकि आरोप है कि इसे तीन कथित ऑफिस यूनिट्स के रूप में दिखाया गया।
क्या आरोपियों को दोषी ठहराया गया है?
नहीं। मामला पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया में है। अभी अदालत ने किसी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया है।
SARFAESI Act क्या है?
SARFAESI Act के तहत पात्र बैंक और वित्तीय संस्थाएं डिफॉल्ट किए गए secured loans की वसूली के लिए कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत secured assets पर कार्रवाई कर सकती हैं।
मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त तक जमावबंदी लागू की है। सार्वजनिक जगहों पर 5 या ज्यादा लोगों के जमावड़े, जुलूस और लाउडस्पीकर पर रोक रहेगी।
मुंबई: मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक शहर में जमावबंदी लागू करने का आदेश जारी किया है। इस अवधि में सार्वजनिक जगहों पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने और कुछ अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस के मुताबिक, यह कदम शांति भंग और सार्वजनिक व्यवस्था में खलल की आशंका को देखते हुए उठाया गया है।
मुंबई में 23 जुलाई से लागू होगी जमावबंदी
मुंबई पुलिस ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया। यह आदेश मुंबई पुलिस आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों में 23 जुलाई को रात 12:01 बजे से 6 अगस्त 2026 की आधी रात तक लागू रहेगा।
आदेश पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन्स) अकबर पठान द्वारा जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी में शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।
किन गतिविधियों पर रहेगी रोक?
जमावबंदी के दौरान सार्वजनिक जगहों पर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी। इसके अलावा आदेश के तहत निम्न गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है:
जुलूस या प्रोसेशन निकालना
लाउडस्पीकर और आवाज बढ़ाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल
म्यूजिकल बैंड का उपयोग
जुलूस के दौरान पटाखे फोड़ना
ऐसी अन्य गतिविधियां जिनसे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था प्रभावित हो सकती है
पुलिस के मुताबिक, इन प्रतिबंधों का उद्देश्य संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति को रोकना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इन आयोजनों को दी गई छूट
आदेश में कुछ सामाजिक, धार्मिक और आधिकारिक गतिविधियों को छूट दी गई है। इनमें शादी-ब्याह और उससे जुड़े कार्यक्रम, अंतिम संस्कार के लिए होने वाला जमावड़ा और अंतिम संस्कार से संबंधित जुलूस शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनियों, क्लबों और सहकारी समितियों की कानूनी बैठकों तथा क्लबों और एसोसिएशनों के नियमित कामकाज से जुड़ी सामाजिक सभाओं को भी छूट दी गई है।
सिनेमा हॉल, थिएटर और अन्य मनोरंजन स्थलों पर सामान्य रूप से होने वाले जमावड़े भी इस आदेश के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
सरकारी कामकाज और शिक्षण संस्थानों पर लागू नहीं होगा आदेश
मुंबई पुलिस के आदेश के अनुसार, अदालतों, सरकारी कार्यालयों और स्थानीय निकायों में आधिकारिक कार्यों के लिए होने वाले जमावड़े पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
इसी तरह स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी गतिविधियां भी इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगी। फैक्ट्रियों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में सामान्य व्यापारिक और कामकाजी गतिविधियों के लिए लोगों के इकट्ठा होने पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था को बताया मुख्य कारण
पुलिस के अनुसार, विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को लेकर संभावित खतरे का आकलन किया गया। आदेश में सार्वजनिक व्यवस्था में खलल, लोगों की जान को खतरा और संपत्ति को नुकसान की आशंका का उल्लेख किया गया है।
महाराष्ट्र पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधात्मक आदेश सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किए जा सकते हैं और ऐसे आदेशों में सभा या जुलूस जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
मुंबई में जमावबंदी कब तक रहेगी?
मुंबई पुलिस का यह प्रतिबंधात्मक आदेश 23 जुलाई 2026 को रात 12:01 बजे से 6 अगस्त 2026 की आधी रात तक लागू रहेगा। आदेश मुंबई पुलिस आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों पर लागू होगा।
मुंबई पुलिस ने संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों को देखते हुए 23 जुलाई से 6 अगस्त तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया है। हालांकि, रोजमर्रा के कामकाज, शैक्षणिक गतिविधियों, आधिकारिक कार्यों और आदेश में विशेष रूप से छूट प्राप्त आयोजनों को इससे बाहर रखा गया है।
क्या मुंबई में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है?
हां। 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक सार्वजनिक जगहों पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध रहेगा, हालांकि आदेश में कई गतिविधियों को छूट दी गई है।
यह प्रतिबंध कब से कब तक लागू रहेगा?
यह आदेश 23 जुलाई 2026 को रात 12:01 बजे से 6 अगस्त 2026 की आधी रात तक लागू रहेगा।
क्या स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे?
नहीं। आदेश में स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी गतिविधियों को छूट दी गई है।
मुंबई के मानखुर्द ब्रिज पर BEST बस हादसे में 62 वर्षीय पैदल यात्री की मौत हो गई और ड्राइवर-कंडक्टर समेत 10 लोग घायल हो गए।
मुंबई: मानखुर्द ब्रिज पर BEST बस हादसे में एक पैदल यात्री की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर, कंडक्टर और यात्रियों समेत 10 लोग घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस के ब्रेक फेल होने के बाद वह अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। हादसा सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे हुआ है।
मानखुर्द ब्रिज पर कैसे हुआ BEST बस हादसा?
मुंबई के मानखुर्द इलाके में सोमवार सुबह BEST बस एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रतिक्षानगर (मातेश्वरी) डिपो की बस संख्या MH-01 EM-3777 कुर्ला पूर्व बस स्टेशन से ऐरोली की ओर जा रही थी।
बताया गया है कि मानखुर्द ब्रिज पर बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद चालक बस को नियंत्रित नहीं कर सका और वाहन पुल की रेलिंग से जा टकराई। हादसे के दौरान पुल के पास मौजूद एक पैदल यात्री बस की चपेट में आ गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, 62 वर्षीय भास्कर रावसाहेब कागदे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
BEST बस हादसे में बस चालक और कंडक्टर समेत कुल 10 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में चालक बनवारीलाल शर्मा और कंडक्टर वैभव सुखदेव वाघमारे भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, घायल यात्रियों में शिवमंगल मैथी, गणेश पटेल, लता वागेला, राजेश वरुगणिये, अंकिता जाधव, रंजना घोरपडे, शंकर साठे और संकेत नाकती शामिल हैं। इनमें गणेश पटेल की हालत गंभीर बताई गई है।
घायल यात्रियों को पुलिस की मदद से चेंबुर के शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जबकि बस चालक और कंडक्टर को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर लिखे जाने तक, चालक और कंडक्टर की हालत स्थिर बताई जा रही है।
शुरुवाती जानकारी में बस के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि बस में तकनीकी खराबी थी या दुर्घटना के पीछे कोई अन्य कारण था।
मुंबई पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर मामलों के लिए संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया बताई गई है। पुलिस का आधिकारिक नियंत्रण कक्ष और BEST कंट्रोल रूम भी उपलब्ध हैं।
मुंबई में हाल के दिनों में BEST बसों से जुड़े कई सड़क हादसों के बाद सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा और तकनीकी जांच को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, प्रत्येक दुर्घटना के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
मानखुर्द हादसे में भी बस के तकनीकी निरीक्षण और पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि ब्रेक फेल होने की वजह क्या थी और दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
हादसे की मुख्य बातें
स्थान: मानखुर्द ब्रिज, मुंबई
बस: BEST बस MH-01 EM-3777
रूट: कुर्ला पूर्व से ऐरोली
हादसे का समय: सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे
मौत: 1 पैदल यात्री
घायल: 10 लोग, ड्राइवर और कंडक्टर समेत
प्रारंभिक कारण: ब्रेक फेल होने की जानकारी
जांच: पुलिस द्वारा जारी
मानखुर्द ब्रिज पर हुए इस BEST बस हादसे में एक पैदल यात्री की मौत और 10 लोगों के घायल होने से इलाके में चिंता का माहौल है। प्रारंभिक जानकारी में ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इस मामले में पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
BMC No Entry Rules: मुंबई में अस्पतालों और मनपा कार्यालयों में गुटखा-तंबाकू खाकर आने वालों पर प्रवेश रोकने की तैयारी है। जानें प्रस्तावित नियम और कार्रवाई।
BMC No Entry Rules: गुटखा-तंबाकू खाकर अस्पताल पहुंचे तो मुश्किल बढ़ सकती है
मुंबई: मुंबई में सार्वजनिक स्थानों पर थूककर गंदगी फैलाने और तंबाकू उत्पादों के सेवन पर रोक लगाने के लिए बीएमसी सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। प्रस्तावित नियमों के तहत पान, गुटखा या तंबाकू का सेवन कर अस्पतालों और मनपा कार्यालयों में आने वाले लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस संबंध में अंतिम नियमावली और उसके लागू होने की आधिकारिक तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अस्पतालों, डिस्पेंसरी और मनपा कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर जांच की जा सकती है। यदि किसी व्यक्ति के पास गुटखा या तंबाकू पाया जाता है, तो उसे जब्त करने के साथ-साथ प्रवेश से रोकने का प्रावधान किया जा सकता है।
मनपा सदन में उठाया गया था मुद्दा
इस मामले को मनपा सदन में सभागृह नेता गणेश खणकर ने उठाया था। प्रस्ताव में मांग की गई थी कि गुटखा, तंबाकू या पान का सेवन करके आने वाले लोगों को मनपा मुख्यालय, विभागीय कार्यालयों, अस्पतालों और डिस्पेंसरी में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए।
प्रस्ताव का उद्देश्य केवल तंबाकू सेवन पर रोक लगाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखना भी बताया गया है। प्रशासन ने इस सुझाव पर विचार करते हुए नियम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है।
प्रवेश द्वार पर हो सकती है जांच
प्रस्तावित नियमों के अनुसार अस्पतालों और अन्य मनपा संस्थानों के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों को जांच की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यदि किसी व्यक्ति के पास गुटखा या तंबाकू उत्पाद पाया जाता है, तो उसे परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
यह व्यवस्था मरीजों के साथ आने वाले परिजनों और अन्य आगंतुकों पर भी लागू हो सकती है। हालांकि, जांच की प्रक्रिया, प्रतिबंध की अवधि और कार्रवाई का अंतिम स्वरूप नई नियमावली जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बीएमसी की प्रस्तावित व्यवस्था में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और परिसर को गंदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, संबंधित व्यक्ति से सफाई करवाने या दंडात्मक कार्रवाई जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया जा सकता है।
महाराष्ट्र में सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन और थूकने के खिलाफ पहले भी सरकारी स्तर पर नियम और कार्रवाई की व्यवस्था की जा चुकी है। वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में तंबाकू सेवन और तंबाकू थूकने पर सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए थे।
स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा है नियमावली
प्रस्तावित नियमों को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी मनपा के स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हो सकती है। इसमें प्रवेश पर रोक, तंबाकू उत्पादों की जब्ती और सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जैसे पहलुओं को शामिल किया जा सकता है।
हालांकि, अंतिम नियम, लागू होने की तारीख और कार्रवाई की सटीक प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इसलिए फिलहाल इसे बीएमसी की प्रस्तावित कार्रवाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मुंबईकरों पर क्या होगा असर?
अगर यह नियम लागू होता है, तो बीएमसी अस्पतालों और मनपा कार्यालयों में आने वाले लोगों को प्रवेश से पहले तंबाकू उत्पादों के संबंध में जांच का सामना करना पड़ सकता है। इससे अस्पताल परिसरों और सरकारी कार्यालयों में थूकने से होने वाली गंदगी को कम करने में मदद मिल सकती है।
वहीं, इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी और नागरिकों को पहले से जानकारी देना जरूरी होगा। नियम लागू होने के बाद इसकी वास्तविक प्रभावशीलता कार्रवाई की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
बीएमसी अस्पतालों और मनपा कार्यालयों में गुटखा, तंबाकू और पान के सेवन से जुड़ी गंदगी पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में प्रवेश से पहले जांच, तंबाकू उत्पादों की जब्ती और प्रवेश पर रोक जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम नियमावली और इसके लागू होने की आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बीएमसी किस तरह की कार्रवाई करेगी।
महाराष्ट्र में तंबाकू सेवन और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के खिलाफ पहले से मौजूद सरकारी नियमों की जानकारी के लिए ऊपर दिए गए आधिकारिक और प्राधिकृत स्रोत देखें।
FAQ
क्या गुटखा खाने वालों की BMC अस्पतालों में तुरंत नो एंट्री शुरू हो गई है?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था प्रस्तावित नियमों के स्तर पर है। अंतिम नियमावली और लागू होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
क्या अस्पताल के प्रवेश द्वार पर जांच होगी?
प्रस्तावित नियमों के तहत अस्पतालों और मनपा संस्थानों के प्रवेश द्वार पर तंबाकू उत्पादों की जांच की जा सकती है।
गुटखा या तंबाकू मिलने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
प्रस्तावित व्यवस्था में तंबाकू उत्पादों की जब्ती और संबंधित व्यक्ति को प्रवेश से रोकने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। अंतिम कार्रवाई नियमावली जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।
क्या थूककर गंदगी फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी?
प्रस्तावित नियमों में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई या सफाई से जुड़े प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है।