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  • 2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    मुंबई के कांदीवली निवासी को 2025 में खरीदी कार पर 2023 का हेलमेट चालान मिला। इस अजीब मामले ने ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में ई-चालान सिस्टम की एक चौंकाने वाली गलती सामने आई है। कांदीवली के रहने वाले एक स्कूल प्रिंसिपल को ऐसी कार पर हेलमेट न पहनने का चालान भेजा गया, जो उन्होंने चालान काटने के करीब दो साल बाद शो रूम से नई कार खरीदी की थी। मामला सामने आने के बाद अब ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    कार खरीदी 2025 में, चालान आया 2023 का

    कांदीवली निवासी राजेश यादव, जो पेशे से स्कूल प्रिंसिपल हैं, ने बताया कि उनके परिवार ने महिंद्रा XUV कार 14 फरवरी 2025 को खरीदी थी। लेकिन अक्टूबर 2025 में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसमें 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    जब उन्होंने चालान की जानकारी खोली, तो हैरान रह गए। चालान की तारीख थी 5 जून 2023, यानी उस वक्त उनकी कार अस्तित्व में ही नहीं थी।

    Why-did-I-buy-a-car-in-2025-but-get-an-invoice-for-2023-Questions-about-Mumbai-e-challan-system-kandivali

    हेलमेट चालान और फोटो में दिखी बाइक

    राजेश यादव ने बताया कि चालान में लिखा था कि हेलमेट नहीं पहनने का अपराध किया गया है। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा,
    “एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद अब कार चलाने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ेगा।”

    लेकिन जब उन्होंने चालान के साथ अटैच की गई तस्वीर देखी, तो उसमें साफ तौर पर दो लोगों की बाइक नजर आ रही थी, जिनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। तस्वीर में दिख रहा वाहन उनकी कार से बिल्कुल अलग था।

    स्पीडिंग चालान सही थे, लेकिन ये मामला अलग

    यादव ने बताया कि अगस्त 2025 में वह अपनी मां को कोस्टल रोड के रास्ते बॉम्बे हॉस्पिटल ले जा रहे थे। उस दौरान उन्हें ओवरस्पीडिंग के दो चालान मिले थे, जिन्हें उन्होंने बिना किसी विवाद के तुरंत भर दिया।

    लेकिन अक्टूबर में आया यह हेलमेट चालान न सिर्फ गलत था, बल्कि कार के रजिस्ट्रेशन से पहले का था, इसलिए उन्होंने इसे भरने से इनकार कर दिया।

    ट्रैफिक विभाग ने माना “मानवीय गलती”

    ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह चालान असल में एक दोपहिया वाहन चालक के खिलाफ जारी किया गया था।
    वाहन नंबर में समानता होने की वजह से यह चालान गलती से राजेश यादव के मोबाइल नंबर पर चला गया।

    अधिकारी के मुताबिक,
    “यह मानवीय त्रुटि है। वाहन मालिक MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द करवा सकता है।”

    ई-चालान सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    इस घटना के बाद नागरिकों का कहना है कि कम से कम चालान भेजने से पहले यह तो जांच होनी चाहिए कि वाहन दोपहिया है या चारपहिया। बिना बुनियादी जांच के भेजे जा रहे चालान आम लोगों को मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

    Timeline: पूरा मामला एक नज़र में

    • 📅 कथित अपराध की तारीख: 5 जून 2023
    • 🚗 कार खरीदने की तारीख: 14 फरवरी 2025
    • 📲 चालान मिलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2025

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: क्या कार पर हेलमेट चालान लगाया जा सकता है?
    👉 नहीं, हेलमेट चालान केवल दोपहिया वाहनों पर लागू होता है।

    Q2: इस मामले में गलती किसकी थी?
    👉 ट्रैफिक विभाग के अनुसार, यह मानवीय गलती और नंबर मैचिंग की वजह से हुआ।

    Q3: गलत चालान मिलने पर क्या करें?
    👉 MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द कराया जा सकता है।

    Q4: क्या चालान भरना जरूरी है?
    👉 नहीं, अगर चालान गलत है तो पहले स्पष्टीकरण लें।

  • BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC ने नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की। पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों लोकार्पण। अब मुंबईकरों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी एक ही नंबर पर।

    मुंबई: स्वास्थ्य सेवाओं को और आसान व डिजिटल बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ा कदम उठाया है। बीएमसी ने नागरिकों के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की है, जिसका लोकार्पण राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी व सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिले के पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों किया गया। इस चॅटबॉट के जरिए अब नागरिक घर बैठे स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी और सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

    डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बीएमसी का कदम

    BMC लगातार अपने कामकाज में तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर रही है। इसी डिजिटल पहल के तहत हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की गई है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़े और नागरिकों तक सुविधाएं तेजी से पहुंच सकें।
    बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने यह डिजिटल सुविधा तैयार की है।

    क्या है BMC हेल्थ चॅटबॉट?

    बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट नागरिकों को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देने वाला एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
    इसके लिए 9892993368 नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर व्हाट्सऐप या चैट के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है।

    इन सुविधाओं की मिलेगी जानकारी

    हेल्थ चॅटबॉट के माध्यम से नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी मिलेगी, जैसे—

    • बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य जागरूकता
    • बीएमसी की स्वास्थ्य योजनाएं और अभियान
    • नजदीकी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र
    • स्वास्थ्य केंद्र में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट
    • स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और लाइसेंस की प्रक्रिया
    • जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र
    • विवाह पंजीकरण
    • दिव्यांग प्रमाणपत्र
    • प्रसूतिगृह और स्वास्थ्य परवाने से जुड़ी जानकारी

    ऑनलाइन पंजीकरण से बचेगा समय

    इस चॅटबॉट के जरिए नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। आपातकालीन स्थिति में यह सुविधा निर्णय लेने में भी मददगार साबित होगी।

    राज्य और केंद्र की योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी

    आने वाले समय में इस चॅटबॉट के जरिए राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
    इसके साथ ही बीएमसी जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट और OPD व बेड उपलब्धता डैशबोर्ड भी शुरू करने जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट का नंबर क्या है?
    9892993368

    Q2. इस चॅटबॉट से क्या जानकारी मिलेगी?
    स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल जानकारी, प्रमाणपत्र, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और योजनाओं की जानकारी।

    Q3. क्या यह सेवा मुफ्त है?
    हां, यह सेवा नागरिकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क है।

    Q4. इसका फायदा किसे होगा?
    मुंबई के सभी नागरिकों को।

  • योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ और ‘मिशन टू सक्सेस’ पुस्तक के लेखक डॉ. बिजयकुमार महाराणा को गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।

    नई दिल्ली: गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क योग चिकित्सा और जागरूकता फैलाने वाले जाने-माने अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ डॉ. बिजयकुमार महाराणा को वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में दिया गया। गृह कल्याण केंद्र के माध्यम से किए जा रहे उनके परोपकारी योग कार्यों को देशभर में सराहना मिली है।

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    भव्य सम्मान समारोह

    यह प्रतिष्ठित सम्मान गृह कल्याण केंद्र द्वारा प्रदान किया गया, जो भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तत्वावधान में कार्यरत एक पंजीकृत संस्था है। समारोह में देशभर से सामाजिक, चिकित्सा और योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    ओडिशा के गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

    ओडिशा के क्योंझर जिले के खलियामेंटा गांव से आने वाले डॉ. बिजयकुमार महाराणा वर्तमान में गृह कल्याण केंद्र (जी.के.के.) में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

    100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    मुंबई स्थित गृह कल्याण केंद्र के प्रभारी जे. एम. सिंह ने बताया कि डॉ. महाराणा को योग गतिविधियों के संचालन और सामाजिक सेवा के लिए अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान गृह कल्याण केंद्र से जुड़े सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।

    गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग सेवा

    डॉ. महाराणा ने अपने कार्यकाल में कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम चलाए, जिनका उद्देश्य शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संबल भी देना रहा है।
    नई दिल्ली स्थित मां कल्याणी सेवा संगठन के त्रिलोक कुमार झा और अरुण अग्रवाल ने कैंसर रोगियों के लिए आयोजित योग गतिविधियों हेतु गृह कल्याण केंद्र का आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता भी हैं डॉ. महाराणा

    गृह कल्याण केंद्र, नई दिल्ली के सचिव कर्नल राजीव वर्मा ने बताया कि डॉ. बिजयकुमार महाराणा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के जी.के.के. केंद्र में योग सिखाकर समाज में योग जागरूकता फैला रहे हैं।

    सीपीडब्ल्यूडी मुंबई का सहयोग

    मुंबई स्थित सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने कहा कि गरीब कैंसर रोगियों को निःशुल्क योग चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सीपीडब्ल्यूडी मुंबई ने आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।
    उन्होंने डॉ. महाराणा के कार्य को प्रेरणादायक बताया।

    युवाओं के आदर्श बने डॉ. बिजय महाराणा

    नेशनल यूथ अवॉर्डीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (NYAFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जावेद जमादार ने कहा कि डॉ. महाराणा देश के युवाओं के लिए एक आदर्श हैं और माननीय प्रधानमंत्री के योग मिशन को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. डॉ. बिजय महाराणा को कौन सा सम्मान मिला है?
    उन्हें वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” मिला है।

    Q2. यह सम्मान कहां प्रदान किया गया?
    नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में।

    Q3. डॉ. महाराणा किस क्षेत्र में कार्य करते हैं?
    वे योग प्रशिक्षक हैं और गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा प्रदान करते हैं।

    Q4. क्या उन्हें पहले भी पुरस्कार मिले हैं?
    हां, उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

  • KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    मुंबई के केईएम अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया। यहां अब महिला, पुरुष और बच्चों समेत सालाना 150 से अधिक जले हुए मरीजों का आधुनिक इलाज संभव होगा।

    मुंबई: परेल स्थित केईएम अस्पताल में जले हुए मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया है। इस केंद्र में अब महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ पुरुष मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी। अत्याधुनिक आईसीयू, वेंटिलेटर और संक्रमण से बचाव की विशेष व्यवस्था के साथ यह केंद्र हर साल करीब 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज में सक्षम होगा।

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    केईएम अस्पताल में बर्न केयर सेंटर का लोकार्पण

    राजे एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन 13 दिसंबर 2025 को श्री शैलेश लिमडी के हाथों किया गया। इस अवसर पर अस्पताल की अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत, प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।

    महिला, बच्चे और पुरुष मरीजों को समान सुविधा

    इस बर्न केयर सेंटर में अब जले हुए मरीजों के लिए सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पहले जहां सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब महिला, बालक और पुरुष सभी मरीजों को एक ही केंद्र में उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा।

    सालाना 150 से 170 मरीजों के इलाज की क्षमता

    नवीनीकरण किए गए इस केंद्र की क्षमता सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज की है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को समय पर और सही इलाज मिल सके, इसके लिए इस केंद्र को विशेष रूप से विकसित किया गया है।

    आईसीयू में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इस बर्न केयर सेंटर में कुल 12 बेड उपलब्ध कराए गए हैं।
    यहां मौजूद सुविधाओं में शामिल हैं—

    • पूरी तरह सुसज्जित अतिदक्षता उपचार कक्ष (ICU)
    • वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम
    • मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर
    • डायलिसिस मशीन
    • आधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इन सुविधाओं के चलते जले हुए मरीजों में इलाज के दौरान आने वाली जटिलताओं पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण संभव होगा।

    संक्रमण से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था

    जले हुए मरीजों को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए—

    • वार्ड में नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था
    • मरीजों की सुरक्षित आवाजाही
    • अलग और संरक्षित उपचार कक्ष

    की योजना बनाई गई है, जिससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    मरीजों की मानसिक स्थिति का भी रखा गया ध्यान

    इलाज के दौरान मरीजों को दर्द और तनाव से कुछ राहत मिले, इसके लिए—

    • बेहतर प्रकाश व्यवस्था
    • आधुनिक फर्नीचर
    • मरीजों का ध्यान भटकाने के लिए टीवी की सुविधा

    भी उपलब्ध कराई गई है।

    बीएमसी आयुक्त के निर्देश पर हुआ नवीनीकरण

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने जले हुए मरीजों को समय पर और आधुनिक इलाज देने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त आयुक्त और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में इस बर्न केयर सेंटर का नवीनीकरण पूरा किया गया।

    सरकारी योजनाओं के तहत गरीब मरीजों को इलाज

    उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघडे ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

    डॉक्टरों का कहना

    प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी ने कहा कि जले हुए मरीजों को शारीरिक चोट के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक आघात भी झेलना पड़ता है। यह बर्न केयर सेंटर मरीजों को इलाज के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद देने का प्रयास करेगा।


    FAQ

    प्रश्न 1: बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन कब हुआ?
    उत्तर: 13 दिसंबर 2025 को।

    प्रश्न 2: यहां कितने मरीजों का इलाज हो सकता है?
    उत्तर: सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों का।

    प्रश्न 3: क्या पुरुष मरीजों को भी इलाज मिलेगा?
    उत्तर: हां, अब पुरुष मरीजों को भी सुविधा उपलब्ध है।

    प्रश्न 4: इस केंद्र में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
    उत्तर: आईसीयू, वेंटिलेटर, डायलिसिस मशीन और संक्रमण नियंत्रण की विशेष व्यवस्था।

  • 40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने से 40 वर्षीय मरीज की मौत का आरोप। परिवार का आरोप—वरिष्ठ डॉक्टर नहीं थे, इसलिए दूसरे अस्पताल भेजा गया। BMC अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था और अन्य गंभीर बीमारी की आशंका।

    मुंबई: कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में एक 40 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजन भड़क गए। उनका आरोप है कि सोमवार रात पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द के साथ भर्ती किए गए मरीज को समय पर उचित उपचार नहीं मिला और डॉक्टरों ने “वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं” कहकर दूसरे अस्पताल भेज दिया। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद मंगलवार सुबह मरीज की मौत हो गई।

    रजनीकांत यादव (40) को सोमवार रात तेज पेट दर्द के बाद शताब्दी अस्पताल लाया गया, जहां आपातकालीन विभाग में केवल प्राथमिक इलाज करके उन्हें कूपर, KEM या नायर अस्पताल जाने की सलाह दी गई। परिवार उन्हें पहले प्राइवेट अस्पताल ले गया, फिर हालत बिगड़ने पर बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर में भर्ती किया, लेकिन सुबह उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर शताब्दी अस्पताल ने समय पर और सही इलाज किया होता तो मरीज की जान बच सकती थी।

    🟥 मरीज को शताब्दी में लाया गया, पर वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिले

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात लगभग 8:30 बजे रजनीकांत यादव को तेज पेट दर्द के कारण शताब्दी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया।

    • ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक जांच की
    • बताया कि वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं हैं
    • और मरीज को “उच्च स्तरीय उपचार” के लिए कूपर, KEM या नायर अस्पताल ले जाने को कहा

    परिवार ने डॉक्टरों से बार-बार विनती की कि मरीज की हालत खराब है, लेकिन उन्हें आगे का इलाज नहीं दिया गया।

    🟥 निजी अस्पताल और ट्रॉमा केयर के चक्कर में बिगड़ी तबीयत, हुई मौत

    वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिलने पर मरीज को परिजन मजबूरी में निजी अस्पताल ले गए।
    लेकिन—

    • रात में हालत अचानक बिगड़ गई
    • उन्हें बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर ले जाया गया
    • जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई

    परिवार का आरोप—
    “अगर शताब्दी में समय पर इलाज मिला होता तो वह बच जाते।”

    🟥 नातेवाईकों का आक्रोश—एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकाते रहे

    परिजनों का कहना है—
    “रात भर हम लोग अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे। शताब्दी के डॉक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया और सीधे रेफर कर दिया। अगर तुरंत ट्रीटमेंट शुरू होता तो ऐसा नहीं होता।”

    🟥 अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था, गंभीर बीमारी की आशंका

    शताब्दी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय गुप्ता ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा—

    • मरीज के पास पहले से ही कुछ जांच रिपोर्ट थीं
    • इसलिए टेस्ट में समय नहीं लगाया
    • प्राथमिक इलाज दिया गया
    • DNB परीक्षा होने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे
    • मरीज स्थिर था इसलिए “हायर सेंटर” की सलाह दी गई

    डॉ. गुप्ता का दावा—
    “सिर्फ पित्ताशय के दर्द से मौत नहीं हो सकती। उन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी रही होगी।”


    FAQ

    1. मरीज को किस बीमारी की शिकायत थी?

    उन्हें पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द की शिकायत थी।

    2. मौत किस अस्पताल में हुई?

    बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में।

    3. परिजनों का आरोप क्या है?

    कि शताब्दी अस्पताल ने समय पर इलाज नहीं दिया और दूसरे अस्पताल भेज दिया।

    4. अस्पताल प्रशासन क्या कहता है?

    मरीज स्थिर था और घबराने जैसी स्थिति नहीं थी। मौत की वजह कोई अन्य गंभीर बीमारी हो सकती है।

    5. क्या वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे?

    नहीं। DNB परीक्षा चलने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।

  • BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर दर्ज 11,497 आपत्तियों में से 10,668 पर निर्णय हो चुका है। 829 मामले डुप्लीकेट वोटरों से जुड़े हैं। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची से पहले कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 पर निर्णय हो गया है। शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। बीएमसी ने 26 वार्डों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी है और अंतिम मतदाता सूची के लिए कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है। जिन प्रभागों में 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे हैं, उनकी Google Map पर सीमाओं के अनुसार फील्ड-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC चुनाव 2025: मतदाता सूची पर आई आपत्तियों पर तेज़ी से काम

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2025 के आगामी चुनावों के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची पर लोगों से मिली आपत्तियों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई की है। बीएमसी की ओर से कुल 11,497 हरकतियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 मामलों पर निर्णय दे दिया गया है। यह जानकारी बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने मीडिया को दी।

    प्रेस वार्ता के दौरान सह आयुक्त (करनिर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार और सहायक आयुक्त डॉ. गजानन बेल्लाळे भी मौजूद थे।

    BMC-decides-on-10668-objections-to-voter-lists-news

    26 प्रशासनिक विभागों से आई थीं शिकायतें

    बीएमसी के 26 प्रशासनिक विभागों में मतदाता सूची को लेकर लोगों ने बदलाव और सुधार से जुड़ी 11,497 आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।

    • इनमें से 10,668 का निपटारा कर दिया गया है।
    • शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

    इसके लिए हर वॉर्ड के सहायक आयुक्तों को “प्राधिकृत अधिकारी” नियुक्त किया गया है।

    अंतिम मतदाता सूची से पहले तैयार हो रहा ‘कंट्रोल चार्ट’

    डॉ. जोशी ने बताया कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्णयों के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए “कंट्रोल चार्ट” बनाया जा रहा है, जो अंतिम सूची का आधार होगा।

    जहां 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य

    बीएमसी ने खास तौर पर उन प्रभागों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां
    100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिख रहे हैं।

    इस प्रक्रिया में—

    • Google Map पर दिखाई गई प्रभाग सीमाएँ
    • ज़मीन पर मौजूद घर, इमारतें, चॉल, वसाहतें
      इनकी भौतिक जांच कराई जाएगी, ताकि कोई गलती न रहे।
      सभी संबंधित उपायुक्तों और सह आयुक्तों को
      फोटो और प्रमाण-पत्र सहित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    डुप्लीकेट मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर जांच

    बीएमसी ने डुप्लीकेट वोटर मामलों के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की है।

    • BLO (Booth Level Officer) और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
    • मतदाता से “परिशिष्ट-1” फॉर्म भरवाया जाएगा।
    • यदि मतदाता घर पर नहीं मिले, तो उनके घर के दरवाज़े पर नोटिस चिपकाया जाएगा।
    • नोटिस में वॉर्ड कार्यालय से संपर्क करने की अपील होगी।

    बीएमसी ने मतदाताओं से इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने की अपील की है।

    BMC का लक्ष्य: अंतिम मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिविहीन बनाना

    मोटे तौर पर देखें, तो बीएमसी की कोशिश है कि 2025 के चुनाव से पहले मतदाता सूची से—

    • डुप्लीकेट नाम
    • गलत पतों वाले मतदाता
    • स्थानांतरित लोग
    • गलत प्रविष्टियाँ

    इन सभी को हटाकर एक सटीक और साफ मतदाता सूची बनाई जाए।


    FAQ Section

    1. बीएमसी को कुल कितनी आपत्तियाँ मिली थीं?

    मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे।

    2. इनमें से कितने मामलों पर फैसला हो चुका है?

    10,668 आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है।

    3. 829 शेष आपत्तियाँ किस बारे में हैं?

    ये सभी मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं।

    4. डुप्लीकेट वोटरों की जांच कैसे होगी?

    BLO और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और परिशिष्ट-1 फॉर्म भरवाएँगे। उपलब्ध न होने पर घर पर नोटिस लगाया जाएगा।

    5. बीएमसी गूगल मैप का उपयोग क्यों कर रही है?

    उन प्रभागों में, जहाँ 100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां Google Map पर सीमाओं की तुलना कर फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।

  • मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का प्रस्ताव

    मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का प्रस्ताव

    मुंबई के मालाड़ पश्चिम, मालवनी में नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ। सहपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने केंद्र को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम रखने का प्रस्ताव दिया।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में निर्मित नए नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का आज उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुंबई उपनगर जिल्हे के सहपालकमंत्री एवं कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने घोषणा करते हुए कहा कि इस केंद्र को भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर रखा जाना चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

    यह उद्घाटन डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर होने से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।

    🏥 इस केंद्र से कौन लाभान्वित होगा?

    इस नए हेल्थ सेंटर का उद्देश्य मालाड, मालवनी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 3.5 लाख से अधिक लोगों को प्राथमिक और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज और केईएम अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों द्वारा संभाली जाएगी।

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    🎤 मंच पर उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

    कार्यक्रम में कई नामी लोग मौजूद रहे जिनमें शामिल हैं:

    • स्थानीय विधायक अस्लम शेख
    • उपआयुक्त (परिमंडल 4) डॉ. भाग्यश्री कापसे
    • उपआयुक्त (आरोग्य) शरद उघडे
    • अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत
    • सहायक आयुक्त कुंदन वळवी

    🏗 संरचना और सुविधाएँ

    यह भवन 5 मंजिलों में बना है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ कम्युनिटी हेल्थ सर्विसेज़ के लिए निर्धारित हैं।

    इस केंद्र में उपलब्ध होंगी:

    ✔ सामान्य चिकित्सा
    ✔ महिला स्वास्थ्य सेवा
    ✔ त्वचा रोग उपचार
    ✔ दंत चिकित्सा
    ✔ टीबी उपचार
    ✔ विशेष OPD सेवा

    सेवा समय: सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक

    प्रतिदिन 250–300 मरीजों को संभालने की क्षमता बनाई गई है।

    🧪 मेडिकल सिस्टम और भविष्य की योजनाएँ

    केंद्र में जल्द ही लागू होंगे:

    • हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफ़ॉर्मेशन सिस्टम (HMIS)
    • शोध केंद्र
    • सार्वजनिक स्वास्थ्य संग्रहालय
    • शिक्षण सभागार
    • टीकाकरण सुविधा

    भविष्य में यहां विशेष चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और मेडिकल सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।


    ❓ FAQ SECTION

    Q. क्या यह केंद्र आम लोगों के लिए मुफ्त सेवा देगा?
    हाँ, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ सरकारी दरों पर और कई सेवाएँ मुफ्त उपलब्ध रहेंगी।

    Q. क्या यह केंद्र भविष्य में अस्पताल के रूप में बदल सकता है?
    हाँ, अधिकारियों के अनुसार चरणबद्ध विकास योजना अंतर्गत विस्तार संभव है।

    Q. रोज कितने मरीजों को इलाज मिलेगा?
    इस केंद्र में प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों को सेवा देने की क्षमता है।

    Q. इस केंद्र का नाम कब बदलेगा?
    सहपालकमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

  • मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालाड पश्चिम के मालवनी में नया नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र शुरू। मंगलप्रभात लोढा और अशिष शेलार की मौजूदगी में लोकार्पण। अब 3.5 लाख नागरिकों को नज़दीक इलाज मिलेगा।

    मुंबई: पश्चिम उपनगर में रहने वाले करीब साढ़े तीन लाख लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मालाड मालवनी में बने नए नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (Urban Health Training Centre) का उद्घाटन मुंबई उपनगर के सहपालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा के हाथों आज किया जाएगा। इस मौके पर महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशिष शेलार भी मौजूद रहेंगे।

    यह स्वास्थ्य केंद्र उन लोगों के लिए बड़ा बदलाव साबित होने वाला है, जिन्हें अब तक इलाज के लिए दूर-दराज स्थित बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था।

    🏥 क्यों खास है यह नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र?

    यह सेंटर खासतौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तैयार किया गया है। इस मेडिकल सेंटर को सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और KEM अस्पताल टीम के डॉक्टर्स, रेजिडेंट्स, कर्मचारियों व मेडिकल स्टूडेंट्स चलाएंगे।

    यहां रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक OPD सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

    📌 उपलब्ध मेडिकल सुविधाएं

    इस सेंटर में कई अहम मेडिकल विभाग शामिल किए गए हैं, जिनमें—

    • जनरल ओपीडी
    • महिला एवं प्रसूति स्वास्थ्य सेवाएं
    • दंत चिकित्सा (Dental care)
    • त्वचा रोग विभाग
    • एक्स-रे व TB से रिलेटेड उपचार
    • लसीकरण व बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं

    रोजाना यहां 250–300 मरीजों के इलाज की क्षमता है।

    🧑‍⚕ स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव

    इस सेंटर में उपचार के बाद गंभीर मरीजों को आस-पास के बीएमसी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा, जैसे—

    • भगवती अस्पताल
    • भाभा अस्पताल बांद्रा
    • कूपर अस्पताल विले पार्ले
    • HBT मेडिकल कॉलेज तथा डॉ. R.N. कूपर रुग्णालय

    इससे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और छोटे इलाकों के लोगों को घर के पास ही इलाज मिल सकेगा।

    🏢 बिल्डिंग और भविष्य की योजनाएं

    यह एक 5 मंजिला बिल्डिंग है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ मेडिकल टीम और सुविधाओं के लिए रिज़र्व रखी गई हैं।

    जल्द ही यहां:

    • HMIS डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम
    • रिसर्च सेंटर
    • लाइब्रेरी
    • हेल्थ म्यूज़ियम
    • सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम

    भी शुरू किए जाएंगे।

    इसके अलावा जगह-जगह स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम, मेडिकल कैम्प, रैली और NGO के साथ कम्युनिटी हेल्थ प्रोजेक्ट भी चलाए जाएंगे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. यह स्वास्थ्य केंद्र किसके लिए बनाया गया है?
    यह सेंटर खासकर मालाड-मालवनी और आसपास के लगभग साढ़े तीन लाख नागरिकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया गया है।

    Q2. क्या यहां इलाज मुफ्त होगा?
    हाँ, बीएमसी की अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की तरह यहां भी ज़्यादातर उपचार मुफ्त या कम शुल्क पर उपलब्ध होंगे।

    Q3. इस सेंटर का समय क्या है?
    सेंटर की OPD सेवा सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक खुलेगी।

    Q4. क्या यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलेंगे?
    हाँ, यहां महिला स्वास्थ्य, त्वचा रोग, दंत सेवा और टीबी उपचार जैसे विशेष विभाग उपलब्ध रहेंगे।

  • मुंबई BMC चुनाव तैयारी तेज, अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

    मुंबई BMC चुनाव तैयारी तेज, अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

    BMC चुनाव 2025 की तैयारियों में तेजी। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने और शिकायतों की现场 जांच के निर्देश दिए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपस में लगातार संवाद रखें और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना हो।

    बैठक के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों और सुझावों की जांच (Field Verification) करके ही निर्णय लिया जाए ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और सुनियोजित रहे।

    📍 प्रारंभिक मतदाता सूची पर हो रही कार्रवाई

    बैठक में BMC के सह आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, उपचुनाव अधिकारी और प्रशासनिक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    इस दौरान चुनाव संबंधी प्रगति, मतदाता सूची अपडेट और दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई।

    डॉ. जोशी ने कहा:

    “यह चुनाव करीब आठ साल बाद हो रहा है, इसलिए हर चरण बेहद गंभीरता और नियमों के तहत पूरा होना चाहिए।”

    ⚠️ फील्ड विजिट बिना नहीं हटेगा नाम

    चुनाव विभाग को नागरिकों से मृत मतदाताओं के नाम हटाने की मांग और गलत पते पर दर्ज मतदाताओं को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं।

    इस पर निर्देश दिया गया कि:

    • मृत मतदाताओं के नाम हटाने से पहले मृत्यु प्रमाणपत्र और BMC रिकॉर्ड से मिलान किया जाए।
    • पता गलत या विवादित होने पर सर्वे के बाद ही सुधार किया जाए।

    🗳️ मतदान केंद्र सूची 12 दिसंबर तक अनिवार्य

    डॉ. जोशी ने अधिकारियों से कहा कि:

    • 12 दिसंबर 2025 तक सभी मतदान केंद्रों की अंतिम सूची चुनाव शाखा में जमा होनी चाहिए।
    • जहां पुरानी इमारतें गिर चुकी हैं, वहां वैकल्पिक मतदान केंद्र तुरंत प्रस्तावित किए जाएं।
    • हाउसिंग सोसायटियों में बनाए गए मतदान केंद्रों के लिए No Objection Certificate (NOC) अनिवार्य होगा।

    ⚖️ गैर-सहयोग करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई

    उन्होंने चेतावनी दी कि:

    “जो कर्मचारी चुनावी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे या कार्य से बचने की कोशिश करेंगे, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।”


    ❓ FAQ Section

    प्रश्नउत्तर
    BMC चुनाव कब होने वाले हैं?आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
    मतदाता सूची में बदलाव कैसे किया जाएगा?现场 सत्यापन और दस्तावेज़ों के आधार पर संशोधन किए जाएंगे।
    पुरानी इमारत गिर चुकी होने पर मतदान केंद्र कहाँ होगा?उसके स्थान पर वैकल्पिक मतदान केंद्र तय किए जाएंगे।
    कर्मचारी चयन से इनकार कर सकते हैं?नहीं, ऐसा करने वालों को नोटिस भेजा जाएगा।

  • BMC: कांदिवली-बोरीवली में 4-5 दिसंबर को 18 घंटे पानी बंद

    BMC: कांदिवली-बोरीवली में 4-5 दिसंबर को 18 घंटे पानी बंद

    मुंबई के कांदिवली और बोरिवली में BMC ने 4-5 दिसंबर को 18 घंटे पानी कटौती की घोषणा की है। रखरखाव और पाइपलाइन कनेक्शन के चलते कई इलाकों में सप्लाई बंद रहेगी। नागरिकों को पानी स्टोर करने की सलाह।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने घोषणा की है कि 4 दिसंबर की रात से 5 दिसंबर तक लगभग 18 घंटे के लिए पानी सप्लाई बंद रहेगी। ये पानी कटौती कांदिवली और बोरिवली के कई इलाकों में लागू होगी। यह कदम पानी की सप्लाई सिस्टम को सुधारने और नई 900 mm पाइपलाइन जोड़ने के लिए लिया जा रहा है।

    🏛️ BMC का बड़ा ऐलान – 18 घंटे पानी नहीं मिलेगा

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मुंबई के नॉर्थ ज़ोन के बड़े हिस्से को प्रभावित करने वाली पानी कटौती का ऐलान किया है। यह पानी बंदी 4 दिसंबर की रात 10 बजे से लेकर 5 दिसंबर की दोपहर 4 बजे तक रहेगी।

    यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि दो 900 mm डायमीटर की एक्वाडक्ट पाइपलाइनों को आपस में जोड़कर पानी सप्लाई सिस्टम को और बेहतर किया जा सके। इस कनेक्शन के बाद पानी का प्रवाह ज्यादा सुचारू और प्रेशर बेहतर होने की उम्मीद है।

    📍 किन इलाकों पर असर पड़ेगा?

    नागरिकों की सुविधा के लिए प्रभावित इलाके की लिस्ट इस प्रकार है —

    ✔ कांदिवली वेस्ट
    ✔ बोरीवली वेस्ट
    ✔ चीकूवाड़ी
    ✔ जानूपाड़ा
    ✔ गोराई
    ✔ एस्सेलवर्ल्ड के आसपास के इलाके
    ✔ गोराई बीच और आसपास की सोसायटी
    ✔ शांतीनगर ज़ोन
    ✔ रावलपाडा क्षेत्र
    ✔ लिंक रोड के आसपास की सोसायटियां

    (कुछ और सोसायटी और सेक्टरों की लिस्ट BMC जल्द जारी करेगी।)

    🛠 पानी क्यों बंद किया जा रहा है?

    BMC ने बताया कि मौजूदा पाइपलाइन सिस्टम कई साल पुराना हो चुका है। इसलिए इसे मॉडर्नाइज करने और पानी सप्लाई को भविष्य के हिसाब से मजबूत करने के लिए यह काम किया जा रहा है।

    ये काम होने के बाद:

    💧 पानी का प्रेशर सुधरेगा
    💧 सप्लाई में बार-बार फॉल्ट नहीं आएगा
    💧 पानी की वितरण क्षमता और बढ़ेगी

    📦 BMC की सलाह नागरिकों के लिए

    👉 पानी कटौती से पहले पर्याप्त पानी स्टोर कर लें।
    👉 पानी का उपयोग जरूरत के हिसाब से करें।
    👉 सोसायटी मैनेजमेंट को स्टोरेज टैंक्स चेक करने की सलाह।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: पानी कब बंद रहेगा?
    👉 4 दिसंबर रात 10 बजे से 5 दिसंबर दोपहर 4 बजे तक।

    Q2: कौनसे इलाके प्रभावित होंगे?
    👉 कांदिवली, बोरिवली, गोराई, चीकूवाड़ी और आसपास के क्षेत्र।

    Q3: यह काम क्यों हो रहा है?
    👉 दो नई 900 mm पाइपलाइन जोड़ने और सप्लाई सिस्टम सुधारने के लिए।

    Q4: क्या कटौती बढ़ सकती है?
    👉 अभी ऐसा ऐलान नहीं है, पर काम में देरी होने पर BMC अपडेट देगी।

    Q5: क्या टैंकर उपलब्ध होंगे?
    👉 जरूरी संस्थानों को टैंकर मिल सकते हैं, पर घरेलू उपयोग के लिए व्यवस्था खुद करनी होगी।