कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज से सुराग मिला, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

मुंबई: कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिरों की दानपेटियों को ही निशाना बनाते थे और इससे पहले भी कई जगह ऐसी वारदात कर चुके हैं।

कांदीवली में कहां और कैसे हुई चोरी

यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम स्थित एस.वी. रोड पर मौजूद शंकर मंदिर में हुई। यह मंदिर जलई लोहाणा मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
आरोपियों ने देर रात मंदिर की दानपेटी तोड़ी और उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विपुल जतानीय (57) ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –

  • प्रशांत पांडुरंग चोराट (30)
  • अलीराज उर्फ अली सईनुर खान (38)

अलीराज खान को मीरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रशांत चोराट को महाराष्ट्र के सतारा जिले से पकड़ा गया। इस चोरी में शामिल तीसरा आरोपी गणेश उर्फ गन्या फिलहाल फरार है।

क्या है आरोपियों का तरीका (Modus Operandi)

पुलिस के मुताबिक,

  • अलीराज खान पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और पोलियो की वजह से उसका एक पैर कमजोर है।
  • वहीं प्रशांत चोराट आदतन अपराधी है और मंदिरों की दानपेटी चोरी करने में माहिर बताया जा रहा है।

जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर कांदिवली मंदिर की चोरी की थी। चोरी के पैसों में से अलीराज खान को 15 हजार रुपये का हिस्सा मिला था।

CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर करण सोनकावड़े के मार्गदर्शन में एपीआई हेमंत गीते और उनकी टीम ने जांच शुरू की।
आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक ऑटो रिक्शा चोरी के समय संदिग्ध रूप से नजर आया।

ऑटो की जानकारी जुटाते हुए पुलिस मीरा रोड के पेनकरपाड़ा इलाके तक पहुंची। वहां से अलीराज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम बताए।

सतारा से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

अलीराज की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत उर्फ पक्या चोराट सतारा जिले में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर पुलिस टीम सतारा गई और वाई तालुका के कोंडावली खुर्द गांव से उसे गिरफ्तार किया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 13 हजार रुपये से ज्यादा नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।

और भी मंदिर चोरी में शामिल होने का शक

पूछताछ में प्रशांत चोराट ने कबूल किया कि कांदिवली की घटना के कुछ दिन बाद उसने कुरार इलाके में भी एक मंदिर में चोरी की थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पेशेवर चोर है और खासतौर पर मंदिरों को ही निशाना बनाता है।

पुलिस कस्टडी और आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गणेश उर्फ गन्या की तलाश में जुटी हुई है और अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है।


FAQ

Q1. कांदिवली मंदिर चोरी कब हुई थी?
यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में हुई थी।

Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

Q3. चोरी में कितनी रकम गई थी?
करीब 50 हजार रुपये की चोरी हुई थी।

Q4. क्या आरोपी पहले भी चोरी कर चुके हैं?
हां, मुख्य आरोपी ने कुरार इलाके में मंदिर चोरी की बात भी कबूल की है।

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