Category: National News

  • तमिलनाडु में हुआ ट्रेन हादसा, तिरुवल्लूर के पास डीजल टैंकर में लगी आग, सेवाएं निलंबित

    तमिलनाडु में हुआ ट्रेन हादसा, तिरुवल्लूर के पास डीजल टैंकर में लगी आग, सेवाएं निलंबित

    तमिलनाडु में मालगाड़ी पटरी से उतरी, 18 बोगियां जलकर हुए खाक। तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन का इलाका खाली करवाया गया। सेवाएं हुई ठप्प। Train accident in Tamil Nadu, diesel tanker catches fire near Tiruvallur, services suspended

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    नेशनल डेस्क
    तमिलनाडु:
    तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन के पास मनाली से जोलारपेट होते हुए कर्नाटक जा रही एक डीजल मालगाड़ी पटरी से उतर गई है।इसके बाद उसमें आग लग गई। शुरुआत में पांच बोगियों में आग लगी। बाद में कुल 18 बोगियां आग की चपेट में आ गईं। घटना रविवार सुबह 5.30 बजे की है। मालगाड़ी में 52 बोगियां थीं। जिला कलेक्टर एम प्रताप ने बताया कि 40 बोगियों को जलती हुई ट्रेन से अलग कर लिया गया है। वहीं, रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। फायर ब्रिगेड की कई टीमें बुलाई गईं है। Train accident in Tamil Nadu, diesel tanker catches fire near Tiruvallur, services suspended

    पुलिस की जांच

    मिली जानकारी के मुताबिक 10 गाड़ियों की मदद से आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। इधर, रेलवे और पुलिस घटना वाली जगह से 100 मीटर दूर पटरी पर मिली दरार की भी जांच कर रहे हैं। रेलवे ने एक बयान में बताया कि मालगाड़ी के तीसरे डिब्बे में आग लगने की खबर मिलते ही, लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। तिरुवल्लूर के स्टेशन मास्टर ने ओवरहेड (OHE) बिजली आपूर्ति बंद कर दी। Train accident in Tamil Nadu, diesel tanker catches fire near Tiruvallur, services suspended

    ट्रेनें हुई रद्द

    हालांकि, जब तक ट्रेन रोकी गई, आग 19वें डिब्बे तक फैल गई थी। इस हादसे के कारण चेन्नई को बैंगलोर, केरल और रेणुगुंटा/तिरुपति से जोड़ने वाले चेन्नई अरकोणम सेक्शन में रेल परिचालन स्थगित करना पड़ा। चेन्नई सेंट्रल से शुरू होने वाली या वहां तक जाने वाली 12 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, और कई अन्य ट्रेनों का या तो रूट बदल दिया गया या उन्हें बीच में ही रोक दिया गया है। ट्रेन हादसे के कारण डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल स्टेशन से रवाना होने वाली ट्रेनों सहित कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं या प्रभावित हुईं। Train accident in Tamil Nadu, diesel tanker catches fire near Tiruvallur, services suspended

    रेलवे की यात्रियों से अपील

    दक्षिण रेलवे ने एक बयान में कहा कि तिरुवल्लूर के पास आग लगने की घटना के कारण सुरक्षा उपाय के तौर पर ओवरहेड पावर बंद कर दिया गया है। इसके कारण ट्रेनों के समय में बदलाव किए गए हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले लेटेस्ट अपडेट देख लें। Train accident in Tamil Nadu, diesel tanker catches fire near Tiruvallur, services suspended

  • कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    मालाड़ और कांदीवली में जर्जर हो चुके 7 पुलों को बीएमसी तोड़ने जा रही है। यहां फिर से नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए बीएमसी ने लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। जबकि प्रोजेक्ट लगभग दो वर्षों में पूरा किए जाने का अनुमान लगाया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने पश्चिमी उपनगर के कांदिवली और मालाड़ इलाके में सात जर्जर पुलों को गिराकर उनकी जगह पुन: र्निर्माण की योजना बनाई है, जिनमें तीन गाडिय़ों के लिए पुल और चार पैदल पुल शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बीएमसी ने लगाई है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाना है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    कहां-कहां का पुल तोड़ा जाएगा?

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सभी पुल कांदीवली के आर/दक्षिण वार्ड और मालाड़ पी/उत्तर वार्ड में स्थित हैं। जिसमें प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित सात पुलों में से दो आरसीसी स्ट्रक्चर हैं, जिनमें मालाड़ पूर्व के अप्पा पाड़ा क्षेत्र के पास 21 मीटर लंबा वाहन पुल और साईनगर कांदिवली पूर्व के पास सुरभि कॉम्प्लेक्स पर एक और वाहन पुल शामिल है। पुनर्विकास के लिए प्रस्तावित पैदल पुलों में कांदिवली पूर्व में रामनगर चॉल के पास 30 मीटर लंबा पैदल पुल, नरवणे ट्रांजिट कैंप के पास पैदल पुल और गावदेवी रोड और हनुमान नगर के महालक्ष्मी डेयरी फार्म पर बने पैदल पुल शामिल हैं। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    पुल स्ट्रक्चर की ऑडिट रिपोर्ट

    अधिकारियों ने बताया कि पुल वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, कम से कम दो पैदल पुल पहले ही बंद कर दिए गए हैं, जबकि अन्य पुल आंशिक रूप से बंद हैं। यह प्रोजेक्ट सलाहकारों द्वारा प्रस्तुत स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित की गई है, जिन्हें पश्चिमी उपनगरों में पुलों का सर्वेक्षण करने के लिए बीएमसी के पुल विभाग द्वारा नियुक्त किया गया था।

    दो एजंसियों ने दिया रिपोर्ट

    अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने एससीजी कंसल्टिंग सर्विसेज़ की सेवाएँ ली थीं, जिनके विश्लेषण में पाया गया कि पश्चिमी उपनगरों में सात पुलों को ध्वस्त करके उनका पुन: र्निर्माण करना आवश्यक है। इसके बाद, बीएमसी ने 2023 में पुलों के पुन: र्मूल्यांकन के लिए एक और एजेंसी, स्ट्रक्चरोनिक्स कंसल्टिंग इंजीनियर्स, को नियुक्त किया था।

    रोडमैप की तैयारी

    दोनों सलाहकारों द्वारा अंतिम रिपोर्ट देने के बाद, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि सात पुलों को ध्वस्त करना आवश्यक होगा, बीएमसी ने एक तकनीकी सलाहकार – फेमस्ट्रक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर्स – को एक रोडमैप तैयार करने के लिए नियुक्त किया, जिसमें संकल्पनात्मक चित्र, डिज़ाइन, बजट और निविदा प्रारूप शामिल थे। प्रस्तावों के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 24 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी।

    बजट हुआ आवंटन

    सलाहकारों की दरों सहित सातों पुलों के पुन: र्निर्माण की लागत 32.64 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह प्रोजेक्ट बीएमसी सेतु विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 8238.73 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

  • मुख्यमंत्री ने किया ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन, कहा- गुलामी की निशानी को हटा दिया।

    मुख्यमंत्री ने किया ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन, कहा- गुलामी की निशानी को हटा दिया।

    Maharashtra News: ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक ब्रिज को समर्पित किया। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन कर इसकी जानकारी दी। Chief Minister inaugurated ‘Sindoor Bridge’ and said that the symbol of slavery has been removed.

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर एक ब्रिज का नाम रखा गया है। आज गुरुवार से ही आम जनता के लिए इसका आगाज कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन किया। इसके पहले यह ब्रिज कार्नैक ब्रिज के नाम से जाना जाता था। इस ब्रिज के उद्घाटन के मौके पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ‘सिंदूर ब्रिज’ के उद्घाटन के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, ‘आज बहुत खुशी की बात है कि मुंबई में ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन हो रहा है। हम सभी जानते हैं कि पुराना कार्नैक ब्रिज बहुत जर्जर हो गया था, इसलिए उसे तोड़ कर वहां एक नया ब्रिज बनाया गया है। ऐसे में उसे उसी पुराने नाम से उद्घाटन करना हमें गलत लगा। क्यों कि पुराना नाम ब्रिटिश शासन के गवर्नर को समर्पित किया गया था।’Chief Minister inaugurated ‘Sindoor Bridge’ and said that the symbol of slavery has been removed.

    हिन्दुस्तानियों पर अत्याचार

    उन्होंने कहा, ‘ब्रिटिश गवर्नर जिसने हिंदुस्तानियों पर बहुत अत्याचार किया था, खासकर सतारा के प्रताप सिंह राजे और नागपुर के उद्धव राजे को अलग-अलग षड्यंत्र में फंसाने का प्रयास किया था। इतना ही नहीं, कई लोगों को जान से मारने का काम किया, इसलिए हमने अत्याचारी गवर्नर का नाम बदलकर सिंदूर का नाम देने का निर्णय लिया।’ उन्होंने आगे कहा, कि “हम सभी जानते हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतवासियों के मन में बस गया है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पहली बार अपनी ताकत को दिखाया और पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को खत्म करने का काम किया।”

    स्वतंत्र भारत का अमृतकाल

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के बयानों को भी दोहराया, उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी ने बार-बार यह कहा है कि स्वतंत्रता के अमृतकाल में गुलामियों की निशानी को मिटाकर हमें अपनी निशानियों को तरजीह देनी है। इसी सिलसिले को जारी रखते हुए ये निर्णय लिया गया है।’ बता दें कि यह पुल दक्षिण मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ता है। इस ब्रिज का नाम बंबई प्रांत के पूर्व गवर्नर जेम्स रिवेट कार्नैक के नाम पर रखा गया था, जिसने 1839 से 1841 तक इस पद पर रहा। अब इस पुल का नाम बदलकर ‘सिंदूर ब्रिज’ कर दिया गया है।

  • “मैंने 26/11 को मुंबई को बचाया, राज ठाकरे के योद्धा कहां थे?”

    “मैंने 26/11 को मुंबई को बचाया, राज ठाकरे के योद्धा कहां थे?”

    पूर्व कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया उन कुछ गैर-राजनीतिक आवाजों में से एक हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सामने आए हैं। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    मुंबई: 26/11 के आतंकवाद के खिलाफ अभियान में शामिल एक पूर्व कमांडो ने मराठी भाषा विवाद को लेकर ठाकरे परिवार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया, कि 2008 में जब मुंबई में आतंकवाद हमला हुआ था, तब राज ठाकरे के समर्थक छिपे हुए थे। उस वक्त आतंकवाद से लड़ने वाले वीर योद्धा कहीं और के नहीं बल्कि यूपी बिहार के सैन्यकर्मी थे। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    प्रवीण कुमार तेवतिया उन कुछ गैर-राजनीतिक आवाजों में से एक हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सामने आकर सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, भाषा विवाद को लेकर राजनीति करना अच्छी बात नही है। इसके अलावा भी राज्य और देश के हितों पर विचार किया जाना चाहिए। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    कौन है प्रवीण कुमार ?

    मरीन कमांडो फ़ोर्स (MCF), जिसे संक्षेप में MARCOS कहा जाता है, भारतीय नौसेना का एक विशेष बल है। भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया उन 26/11 आतंकवादी हमले में आतंकवादीयों की गोलियों के बीच सामना करने वाले एक बहादुर सैनिक है। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    मैने महाराष्ट्र के लिए खून बहाया

    ’26/11 ब्रेवहार्ट: माई एनकाउंटर विद टेररिस्ट्स दैट नाइट’ नामक पुस्तक के लेखक श्री तेवतिया ने कहा, “मैंने 26/11 को मुंबई हमले के दौरान उस वक्त आतंकवादियों का सामना किया था जब हमलावर लोगों को गोलियों से छन्नी कर रहे थे। मैं महाराष्ट्र के लिए खून बहाता हूं और उत्तर प्रदेश से हूं। मैंने ताज होटल को बचाया। राज ठाकरे के तथाकथित योद्धा उस वक्त कहां थे? देश को मत बांटो। मुस्कुराहट के लिए किसी भाषा की जरूरत नहीं होती।” “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    कहां थे राज और उद्धव?

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने अपने दावों को फिर से एक बार दोहराया और कहा कि 26/11 के दौरान आतंकवादियों से लड़ने वाले राज और उद्धव ठाकरे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के सैन्यकर्मी थे। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    आतंकवाद का सामना किया

    उन्होंने कहा, “वह (राज ठाकरे) खुद, उद्धव ठाकरे और उनका परिवार भी उस वक्त उनसे नहीं मिल पाया। जिन लोगों ने दूसरों को बचाया था, जैसे कि सेना के जवान, वे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार से थे। मैं वहां था, मैंने स्थिति को संभाला और आतंकवादियों का सामना किया। मैं भी उत्तर प्रदेश से हूं और (पूर्व प्रधानमंत्री) चौधरी चरण सिंह के गांव से आता हूं।” “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह मराठी विरोधी नहीं हैं और कहा कि भाषा को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

    मराठी और मराठा योद्धाओं पर गर्व

    उन्होंने कहा, “मुझे मराठी और मराठा योद्धाओं पर गर्व है। ऐसे हारे हुए लोगों को हमें बांटने की इजाजत न दें। भाषा को राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी, गरीबी, विकास, उत्पादन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बलात्कार, लंबित अदालती मामले और आतंकवाद हमारे लिए बड़े मुद्दे हैं जिन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    ठाकरे खेमे की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    ठाकरे परिवार मराठी विवाद में सबसे आगे रहा है, जिसे राज्य सरकार की स्कूलों के लिए तीन-भाषा शिक्षा नीति ने फिर से हवा दे दी है। ठाकरे परिवार की आलोचना के बाद शिक्षा नीति को वापस ले लिया गया, जिसके बाद एक बड़े सार्वजनिक मिलन समारोह में दोनों नेताओं ने राज्य के मूल मराठी भाषियों पर हिंदी थोपने के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    गैर मराठी भाषियों पर हमला

    दोनों चचेरे भाइयों में से छोटे राज ठाकरे को भाषा विवाद पर कट्टरपंथी रुख अपनाने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके समर्थक मुंबई में गैर-मराठी भाषियों पर हमला और धमकियाँ देते देखे गए हैं। “गुंडागिरी” के आरोपों से घिरे राज ठाकरे का समर्थन उनके चचेरे भाई उद्धव ने किया है, जिन्होंने कहा है कि मराठी लोगों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते हुए गुंडा बनना बेहतर है। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

  • Shocking: बिना ड्यूटी के 12 सालों तक लेता रहा पुलिस विभाग से वेतन

    Shocking: बिना ड्यूटी के 12 सालों तक लेता रहा पुलिस विभाग से वेतन

    भोपाल के एक पुलिस कांस्टेबल ने न तो कभी विभागीय अनिवार्य प्रशिक्षण ली और ना कभी ड्यूटी ज्वाईन किया, फिर भी पुलिसकर्मी को 12 साल में 35 लाख रुपये का वेतन मिला। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    मध्यप्रदेश: भोपाल से एक विचित्र और चौकादेने वाली घटना प्रकाश में आ रही है। यहां एक पुलिस कांस्टेबल ने 2011-2012 में भर्ती होने के बाद न तो ड्यूटी पर रिपोर्ट किया और न ही अनिवार्य प्रशिक्षण लिया, जबकि उसने 12 सालों में लगभग 35 लाख रुपये का वेतन प्राप्त किया। ड्यूटी से अपनी पूरी अनुपस्थिति के दौरान, अभिषेक ने न तो विभाग को इसकी सूचना दी और न ही कभी छुट्टी के लिए आवेदन किया, फिर भी वह 12 साल तक मासिक वेतन पाने में कामयाब रहा। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था

    मध्य मध्य प्रदेश के विदिशा ज़िले के मूल निवासी, अभिषेक 2011-12 में राज्य पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती होने वालों में से एक था। वह अपने बैच के अन्य कांस्टेबलों की तुलना में काफ़ी देर से भोपाल ज़िला लाइन्स में उपस्थित हुआ था। पुलिस बल में भर्ती होने के बाद, उसे सागर ज़िले के पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था।

    प्रशिक्षण के बजाय घर चला गया

    लेकिन, प्रशिक्षण के लिए जाने के बजाय अभिषेक पड़ोस के अपने विदिशा जिले में अपने घर चला गया और 12 सालों तक न तो प्रशिक्षण लिया और न ही ड्यूटी पर आया। इसी बीच ड्यूटी से गैर हाजिरी की पूरी अवधि के दौरान उसने न तो विभाग को इसकी जानकारी दी और न ही कभी छुट्टी के लिए आवेदन किया, फिर भी वह 12 सालों तक मासिक वेतन पाने में कामयाब रहा। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    कैसे खेल रचाये?

    अभिषेक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए स्पीड पोस्ट के जरिए अपनी सर्विस फाइल भोपाल भेज दिया था। हैरानी की बात यह है कि भोपाल में संबंधित विभाग ने बिना किसी सत्यापन के उसकी सर्विस फाइल स्वीकार कर ली, जिसके परिणामस्वरूप अभिषेक को अगले 12 सालों तक 35 लाख रुपए वेतन के रूप में मिलते रहे। चौंकाने वाली यह अनियमितता 2023 में तब सामने आई, जब 2011-12 बैच के कांस्टेबलों के 10 वर्षीय समयमान वेतन ग्रेड के लिए अनिवार्य प्रक्रिया के तहत सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही थी। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    पैसे लौटाने का किया वादा

    मामले की जांच कर रही एसीपी-भोपाल अंकिता खाटेरकर ने कहा, “सेवा रिकॉर्ड की जांच में कोई पुरस्कार, कोई दंड और कोई ड्यूटी रिकॉर्ड नहीं मिला, जो कि अजीब था। उसे (अभिषेक को) विभाग की स्थापना शाखा ने बुलाया था, जिसके बाद वह आखिरकार पेश हुआ, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसने एक दिन भी पुलिस की सेवा नहीं की है।” पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि उन्होंने विभाग को एक लाख रुपए लौटा दिए हैं और वादा किया है कि 12 साल में मिलने वाला वेतन के पैसे किश्तों में लौटा देंगे। विभागीय जांच चल रही है। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

  • केंद्रीय मंत्री एवं सांसद पीयूष गोयल के हाथों घरों का आवंटन

    केंद्रीय मंत्री एवं सांसद पीयूष गोयल के हाथों घरों का आवंटन

    मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क निर्माण से प्रभावित 68 झोपड़ा धारकों को केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयुष गोयल के हाथों घरों को आवंटित किया गया। मौका था लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार का, कार्यक्रम देर शाम तक चला। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पी/ उत्तर विभाग अंतर्गत मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित झोपड़ा धारकों के पुनर्वास की कड़ी में 68 पात्र परिवारों को नए घरों की आवंटन प्रकृया सोमवार को कांदीवली पश्चिम एसवी रोड़ के लोककल्याण कार्यालय में आयोजित किया गया। जिसमें मनपा परिमंडल-4 की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे एवं मलाड़ बीएमसी के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी की निगरानी में सांसद पीयुष गोयल के हाथों फ्लैटों की चावीयां आवंटित की गई। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    नागरिकों का अधिकार

    मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि, “हमारा प्रयास है, उत्तर मुंबई के हर नागरिक को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवनयापन का अधिकार मिले। विकास कार्यों से प्रभावित परिवारों को समय पर पुनर्वास देना हमारी प्राथमिकता है, ताकि वे आत्मसम्मान और विश्वास के साथ जीवन जी सकें।” केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ मनपा उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और बीएमसी पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने मंच साझा किया और सोमवार के इस कार्यक्रम में भाजपा के उत्तर मुंबई अध्यक्ष दीपक बाळा तावड़े के साथ पूर्व के कई नगरसेवक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    जनता दरबार का आयोजन

    इसी दौरान लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार आयोजन किया गया था। इसमें केंद्रीय मंत्री ने लगभग 300 से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुनी और समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए। नागरिकों ने अपने घरों के पुनर्विकास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भूखंड, कानूनी विवाद में फंसे घर, बिजली पानी जैसी समस्या पर मनपा, वनविभाग, राज्य सरकार जैसे सभी विषयों पर अपने प्रश्न प्रस्तुत किए। सरकारी विभागीय अधिकारियों के साथ यह कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

  • खुशखबरी! मुंबई से उत्तर प्रदेश के लिए बढ़ा दिए गए 52 अतिरिक्त फेरे

    खुशखबरी! मुंबई से उत्तर प्रदेश के लिए बढ़ा दिए गए 52 अतिरिक्त फेरे

    Railway News : सेंट्रल रेलवे ने उत्तर प्रदेश के यात्रियों की सुविधा के लिए मुंबई से चलने वाली विशेष सुपरफास्ट ट्रेन की अतिरिक्त 52 सेवाएं शुरू की हैं, इसमें यात्रियों को और भी ज्यादा आरामदायक सुविधाएं मिलने वाली है। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

    मुंबई: उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए मुंबई स्थित कुर्ला के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) और कानपुर के बीच चलने वाली साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन को अब 52 अतिरिक्त फेरे चलाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि अब यह स्पेशल ट्रेन संशोधित कोच स्ट्रक्चर के साथ चलेगी। इससे यात्रियों को और भी ज्यादा आरामदायक सफर की सुविधा मिलने वाली है। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

    मुंबई से कानपुर

    सेंट्रल रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 04152 जो मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से कानपुर के लिए चलाई जाती है, अब हर शनिवार शाम 5:15 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 3:45 बजे कानपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन अब 27 दिसंबर 2025 से कुल 26 सेवाएं तक चलाई जाएगी। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

    कानपुर से मुंबई

    इसी तरह, ट्रेन संख्या 04151 हर शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे कानपुर से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:55 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 26 दिसंबर 2025 तक यात्रियों को कुल 26 सेवाएं देगी। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

    कहां-कहां रूकेगी?

    इस ट्रेन का मार्ग कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगा जिसमें इगतपुरी, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज, भरवारी, सिराथू और फतेहपुर शामिल हैं। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

    ट्रेन के डिब्बों में होगी बढोतरी

    यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में कोचों की संरचना भी बदली गई है। अब इसमें एक एसी टू-टियर, चार एसी थ्री-टियर, पांच स्लीपर कोच, आठ सामान्य द्वितीय श्रेणी और दो सामान्य श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन लगाए जाएंगे। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

    टिकट की बुकिंग हो गई शुरू

    एलटीटी-कानपुर स्पेशल ट्रेन की विस्तारित सेवाओं के लिए विशेष शुल्क पर टिकट बुकिंग शुरू हो चुकी है। यात्री सभी कंप्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों या IRCTC की अधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना टिकट बुक करा सकते हैं। यात्री किसी भी प्रकार कि जानकारी enquiry.indianrail.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

    त्योहार स्पेशल

    आगामी त्योहारों और छुट्टियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई ये सेवाएं न सिर्फ यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करेंगी, बल्कि मुंबई से उत्तर भारत जाने वाले यात्रियों की यात्रा को भी सुगम बनाएंगी। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh

  • Mumbai: SRA का बहोत बड़ा घोटाला उजागर, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई रोक

    Mumbai: SRA का बहोत बड़ा घोटाला उजागर, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई रोक

    मुंबई के माहिम में एक ऐसे SRA घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जहां बिल्डर मनपा की आरक्षित खेल मैदान को ही हथियाने जा रहा था। बरसों की लडाई के बाद आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगाते हुए नगर आयुक्त से हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिये हैं। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    मुंबई: झोपडपट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के तहत शहर को झोपड़ा मुक्त करने की सरकारी योजना बड़ी जोरों पर चल रही है। सरकार इसमें झोपड़े के बदले 300 से 322 वर्ग फिट का फ्लैट मुहैया कराती है। इसमें सरकारी मुनाफा कमाने के लिए कुछ बिल्डर धांधली और सरकारी अधिकारियों की कालाबाजारी भी हमेशा से उजागर होती रही है। जिसके वजह से शहर में कितने ही प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं और झोपड़ी धारक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन माहिम से तो अलग ही मामला सामने आ रहा है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    केवल 56 झोपड़ा का एसआरए प्रोजेक्ट

    माहिम पश्चिम के नासरवानजी वाडी इलाके में एक बीएमसी के खेल मैदान पर ही बिल्डर ने एसआरए की योजना पेश कर दी। जिसकी शिकायत पर अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के नगर आयुक्त को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया हैं। यहां 3512.35 वर्ग मीटर में फैले झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग और BMC के किराएदारों सहित लगभग 56 किराएदार रहते हैं। उसी प्लॉट के बगल वाले हिस्से का इस्तेमाल पहले से ही खेल के मैदान के रूप में किया जा रहा है। कुल जमीन का क्षेत्रफल 7943.21 वर्ग मीटर है और इसका स्वामित्व BMC के पास है, जबकि विकास योजना के तहत पूरा क्षेत्र खेल के मैदान के उपयोग के लिए आरक्षित है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    एसआरए प्रोजेक्ट को रोकने की मांग

    मुंबई हाईकोर्ट में विचाराधीन प्लॉट क्रमांक 484 (ए) विशेष रूप से खेल के मैदान के रूप में आरक्षित है। शिकायतकर्ता उपासना फ्रांसिस फर्नांडीस, एक गृहिणी और स्थानीय निवासी है। इन्होंने एसआरए योजना के तहत पुनर्विकास परियोजना को रोकने के लिए 2023 में हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी। इसके बाद अदालत ने इस जमीन पर किसी भी एसआरए विकास पर रोक लगा दी है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    साफ करे बीएमसी

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें बीएमसी को स्पष्ट करने को कहा गया हैं कि क्या नगर निकाय स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) योजना के तहत माहिम में बीएमसी के स्वामित्व वाले प्लॉट के पुनर्विकास के साथ आगे बढ़ना चाहता है या भूमि को आरक्षित खेल के मैदान के रूप में बनाए रखना चाहता है? Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    एसआरए की गडबडी

    2 जुलाई को सुनवाई के दौरान, जस्टिस जीएस कुलकर्णी और आरिफ एस डॉक्टर ने कहा: “यह एक ऐसा मामला है, जिसमें नगरपालिका की जमीन, जिसमें सिर्फ 56 अतिक्रमणकारी और कुछ नगरपालिका के किरायेदार हैं, इन्हें एक झुग्गी योजना के तहत विकसित करने की मांग की गई है। बेशक, जैसा कि एसआरए ने हमें बताया, एक झुग्गी योजना को मंजूरी नहीं दी गई है। लेकिन एसआरए ने योजना को खारिज भी नही की है।” Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    अदालत ने क्या कहा?

    अदालत ने आदेश देते हुए कहा, कि “हम नगर निगम आयुक्त को उपरोक्त निर्देशों के अनुसार एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं, और स्पष्ट करते हैं कि क्या नगर निगम इस आरक्षित भुमि को झुग्गी योजना के रूप में विकसित करने की स्वतंत्र रूप से अनुमति देने का प्रस्ताव करती है? हलफनामा केवल नगर निगम आयुक्त द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें अदालत द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं को संबोधित किया जाएगा, और नगर निगम द्वारा अपने पिछले निर्देशों का पालन करने की पुष्टि की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई, 2025 को होगी।” Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    याचिकाकर्ता ने क्या कहा?

    इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता फर्नांडीस ने कहा, कि “मुझे बहुत खुशी है, कि अदालत ने न केवल पुनर्विकास योजना पर रोक लगाई है, बल्कि बीएमसी आयुक्त को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का भी आदेश दिया है। यह सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित खेल का मैदान है, और इसे ऐसे ही रहना चाहिए।” Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    मनपा प्रशासन ने जताई आपत्ति

    2021 में, प्लॉट के निवासियों के एक समूह ने योजना के तहत पुनर्विकास के प्रस्ताव के साथ SRA से संपर्क किया था। हालाँकि, 2023 में, फर्नांडीस ने आपत्ति जताई और फोर्ट में BMC के एस्टेट विभाग को पत्र लिखा। BMC ने एक जाँच की और उनकी शिकायत के बाद, तत्कालीन नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने औपचारिक रूप से SRA को सूचित किया कि भूमि खेल के मैदान के उपयोग के लिए आरक्षित है और किसी भी पुनर्विकास पर मनपा प्रशासन की आपत्ति है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    योजना रद्द नही किया

    SRA ने BMC की आपत्ति के बाद डेवलपर को हटा दिया था। लेकिन उसने SRA योजना को रद्द नहीं किया। परिणामस्वरूप, फर्नांडीस ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की, जिसके कारण ताज़ा घटना की जानकारी प्रकाशक में आई। फर्नांडीस माहिम पश्चिम में नासरवानजी वाडी सहकारी आवास सोसायटी की निवासी हैं और एक गृहिणी होने के कारण उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंस सेकेंड ईयर एजुकेशन पूरा करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। उनके पति फ्रांसिस एक स्वतंत्र कर्मचारी हैं। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

  • रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    मुंबई के भायखला स्थित रानीबाग चिड़ियाघर मे झारखंड से घड़ियाल लाए गए हैं। इसको देखने को मिल बच्चों और पर्यटकों की भीड़ लग रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अनुमान लगाया है, कि इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    मुबई: भायखला सिथित प्रसिद्ध वीरमाता जीजावाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू (रानीबाग) में हालही में नए मेहमानों की एंट्री हुई है, जिससे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। रांची के भगवान बरसा मुंडा प्राणी संग्रहालय से चार घड़ियाल यहां प्रशासन द्वारा लाए गए हैं, जो पैंग्विन के साथ मिलकर पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गए हैं। ये सभी घड़ियाल 6 से 8 साल के हैं। इनके आगमन से रानीबाग में पर्यटकों में खासकर बच्चों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि ये लुप्त हो रही प्रजातियों के प्राणी लोगों को रोमांचक झलक देखने का मौका देंगी। ऐसी जानकारी मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पक्षियों के बदले मिले घड़ियाल

    Gharials-have-been-brought-from-Jharkhand-to-the-Ranibagh-Zoo-in-Mumbai-Byculla

    इन घड़ियाल के बदले, रांची चिडियाधर को एक सफेद कॉकटेल और चार ग्रे कॉकटेल पक्षी दिए गए हैं। इन घड़ियालों को देखने के लिए देश में पहली बार ग्लास प्रदर्शनी लगाई गई है। इस खास व्यवस्था के तहत, पर्यटक कांच के माध्यम से मगरमच्छों की पानी के अंदर की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, जो उन्हें एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भायखला चिड़ियाघर में मगरमचछों और घड़ियालों के लिए समर्पित आवास की कमी थी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पर्यटकों में होगी वृद्धि

    मई 2023 में चिडियाघर ने अपनी तरह का पहला अंडरवाटर यूइंग डेक पेश किया था, जो अब इन नए मेहमानों के साथ और भी आकर्षक हो गया है। इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। ऐसी जानकारी मनपा अधिकारियों से प्राप्त हो रही है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase