Category: National News

  • Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आमदनी तो बढ़ा दी गई। लेकिन अब भी ये लोग गरीबी रेखा का हवाला देकर लाभ कमा रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त होते हुए बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। Mumbai: BMC government employees received warning

    मुबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने स्थायी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत, जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों के पास केसरी राशन कार्ड हैं, उन्हें अब उसे बदलकर सफेद राशन कार्ड बनवाना होगा। ऐसा नही करने पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    क्यों की जा रही है सख्ती?

    बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अपने पास मौजूद राशन कार्ड के रंग की जानकारी अपने विभाग प्रमुख के पास जमा करनी होगी। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केसरी राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर (EOW) तबके के परिवारों को जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थियों को गेहं, चावल, चीनी जैसे आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी इन्हीं कार्ड धारकों को मिलता है। गौरतलब हैं कि पीले कार्ड गरीब परिवारों के लिए होते हैं, जबकि सफेद कार्ड उच्च आय वर्ग के लिए जारी किए जाते हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    सर्कुलर मे क्या कहा?

    सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रय खाद्य सूरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार केवल उन्हीं लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। जिनकी वार्षिक आय 59.000 रुपये या उससे कम है। महाराष्टू राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, बीएमसी के ग्रुप ‘सी’ और ग्रूप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन क्रमशः 18.000 रुपये और 15.000 रुपये है। इस आय-सीमा को देखते हुए, बीएमसी के ये कर्मचारी केसरी राशन कार्ड के लाभ के पात्र नहीं हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारकर ने बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्कुलर में साफ लिखा है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी केसरी राशन कार्ड नही बदलवाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नारकर ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी इस सर्कुलर का पालना करंगे। Mumbai: BMC government employees received warning

  • नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर नकली पासपोर्ट बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को मुंबई पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस वेरिफ़िकेशन में हुआ खुलासा। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई पुलिस थाने में एक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के एप्लीकेशन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नकली पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बिहार के रहने वाले एक मुंबई निवासी का जब पासपोर्ट वेरिफिकेशन का आवेदन मिला, तो उसमें जन्म प्रमाणपत्र फर्जी नजर आ रहा था। पूछताछ और जांच में इसका खुलासा हुआ, कि बिहार के एक कंप्यूटर सेंटर से यह फर्जीवाडा किया गया है, जिसके खिलाफ अपराध दर्ज कर बिहार के कुकुराढ़ गांव से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    बिहार से हुई थी नकली पासपोर्ट की अर्जी

    गोराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश निवटकर ने बताया, कि आरोपी सोमप्रकाश गुप्ता बिहार के कैमूर में भभुआ शहर के गुरुद्वारा के पास एक कंप्यूटर सेंटर चलाता था। वहीं से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया गया था। मामले की पड़ताल में गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर बिहार के लिए रवाना किया गया था। जहां भभुआ पुलिस थाना की मदद से आरोपी को कुकुराढ़ गांव के कंप्यूटर सेंटर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया, कि अपराध में इस्तेमाल उपकरणों को भी हस्तगत किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    बिहार पुलिस का मिला सहयोग

    गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल ने बताया कि सोमवार को जब हम बिहार के कैमूर में भभूआ पुलिस थाना पहुंचे तो वहां के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शिव शंकर कुमार का हमें अच्छा सहयोग मिला। तुरंत उन्होंने भभूआ पुलिस की मदद से सोनहन थाना क्षेत्र के कुकुराढ़ गांव स्थित कंप्यूटर सेंटर में हमारी टीम के साथ छापेमारी करवाई और घटना स्थल पर पंचनामा करने में हमारी मदद की। इसके बाद सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर हमें रवाना किया गया। पॉल ने यह भी बताया, कि आरोपी का पिछला रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

  • तेलगी के बाद नासिक के ‘सुपर सेफ’ प्वाइंट को 7 बिहारियों ने किया ब्रेक! पवई पुलिस ने मोर्चा संभाल

    तेलगी के बाद नासिक के ‘सुपर सेफ’ प्वाइंट को 7 बिहारियों ने किया ब्रेक! पवई पुलिस ने मोर्चा संभाल

    नासिक करेंसी नोट प्रेस में अब्दुल करीम तेलगी के स्टॉप घोटाले के बाद एक बार फिर सेंधमारी होने जा रही थी। इसके लिए कुछ बिहारियों ने पुरी तैयारी कर ली थी। लेकिन समय रहते पुलिस ने सारा खेल समाप्त कर दिया। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    मुंबई: पुरानी कहानी फिर एक बार दोहराई जाने वाली थी। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने खेला कर दिया। खबर नासिक सिक्यूरिटी प्रेस यानी नासिक करेंसी नोट प्रेस और नासिक के सरकारी टकसाल की है। जहां कभी अब्दुल करीम तेलगी ने सेंध लगाई थी। तेलगी ने अपना नेटवर्क तैयार करके अभेद माने जाने वाले प्रेस की पुरानी और खारिज हो चुकीं ‘मशीनें’ खरीदें जिससे स्टांप पेपर पर सुरक्षा चिन्ह (सिक्योरिटी मार्क्स) छापे जा सकें। इसी तरीके के अपराध होने से पहले ही मुंबई पुलिस ने बिहार से 7 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी हांसिल की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    मामले की तहकीकात

    खबर के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने सोमवार को बिहार के नालंदा जिले के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जीवाड़ा करके करंसी नोट प्रेस नासिक में नकली सर्टिफिकेट की मदद से योग्यता परीक्षा पास की और नौकरी हासिल कर ली। फिलहाल पवई पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मिलि नौकरी

    आरोपियों ने नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे। पवई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो इसका खुलासा हुआ। शिकायत के मुताबिक, करेंसी नोट प्रेस नासिक ने 2022-23 में जूनियर टेक्नीशियन (स्टाम्प/कंट्रोल), जूनियर टेक्नीशियन (वर्कशॉप/इलेक्ट्रिकल) और सुपरवाइजर के पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें उचित प्रक्रिया के बाद रिक्त पदों को भर दिया गया था। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    सीसीटीवी कैमरे से हुआ खुलासा

    कुछ हफ़्ते पहले ही करेंसी नोट प्रेस को सूचना मिली, कि कुछ उम्मीदवारों ने नौकरी पाने के लिए धोखाधड़ी करके परीक्षा पास किया है। जांच शुरू की गई और अधिकारियों ने पवई में आईओएन डिजिटल ज़ोन में परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया, जहाँ 13 मार्च, 2022 और 4 मार्च, 2023 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें पाया गया कि जिन उम्मीदवारों को नौकरी मिली है उनकी जगह पर दूसरे लोगों ने एक्जाम दिया है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    अधिकारियों ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता अधिकारी ने एफआईआर में कहा कि यह पाया गया कि बिहार के सात उम्मीदवारों ने कभी परीक्षा ही नहीं दी थी और उन्होंने फर्जी उम्मीदवार भेजे थे, जिन्होंने उनकी जगह परीक्षा दी। आरोपी उम्मीदवारों की पहचान रवि रंजन कुमार, संदीप कुमार, शिशुपाल कुमार, आयुष्य राज, राजीव सिंह, संदीप कुमार और आशुतोष कुमार के रूप में की गई है। ये सभी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। जांच अधिकारियों ने इसके बाद नौकरी पाने वाले और काम कर रहे उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों की प्रमाणिकता की जांच की। एफआईआर में कहा गया है कि यह पता चला कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए आईटीआई प्रमाण पत्र और डिप्लोमा प्रमाण पत्र फर्जी हैं। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    नासिक पुलिस ने मुंबई को किया ट्रांसफर

    एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह के धोखाधड़ीपूर्ण कार्यों से आरोपियों ने योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया है और करेंसी नोट प्रेस, नासिक के साथ धोखाधड़ी की है। करेंसी नोट प्रेस ने नासिक के उपनगर पुलिस स्टेशन में सात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नासिक पुलिस ने डेप्यूटी मैनेजर (लीगल) 30 वर्षीय विक्रमसिंह चौधरी की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए पवई पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    आपराधिक षड्यंत्र

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र आदि के लिए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा (कदाचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उन डमी अभ्यर्थियों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने परीक्षा में आरोपियों की मदद की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

  • मराठी नहीं बोल पाने पर MNS कार्यकर्ताओं ने व्यापारी को पीटा, भाजपा नेता ने कहा- मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    मराठी नहीं बोल पाने पर MNS कार्यकर्ताओं ने व्यापारी को पीटा, भाजपा नेता ने कहा- मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    मुंबई के नजदीक ‘हिंदी’ विवाद के बीच मराठी नहीं बोल पाने पर एक व्यापारी की पिटाई का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर व्यापारी की पिटाई करने का आरोप है। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर भारतीय जनता पार्टी ने घटना की निंदा की है। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा को लेकर लगातार विवाद बढ़ाया जा रहा है। यहां सियासती जंग के बीच ज़बरन आम लोगों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी बीच मिराभाईंदर से एक व्यापारी को मराठी नही बोल पाने के कारण पिटाई करने की खबर सामने आ रही है। यहां एक व्यापारी के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के तथाकथित कार्यकर्ता बहस कर रहे थे। मनसे के कार्यकर्ता उस व्यापारी को मराठी बोलने के लिए जोर दे रहे थे। इस दौरान बहस हो गई और व्यापारी की पिटाई कर दी गई। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    महाराष्ट्र में लगातार हो रहे हैं हमले

    महाराष्ट्र में शिक्षा निती को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार राजनैतिक पार्टियों द्वारा हमले किए जा रहे हैं। इसी ‘हिंदी’ विवाद के बीच मराठी नहीं बोल पाने को लेकर एक व्यापारी की पिटाई का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर व्यापारी की पिटाई करने का आरोप है। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर भारतीय जनता पार्टी ने घटना की निंदा की और कहा किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नही है और मानवता की सीमा को न भूलें। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    किस बात है विवाद?

    जानकारी के मुताबिक, मुंबई में मिराभाईंदर इलाके में एक व्यापारी के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के तथाकथित कार्यकर्ता बहस कर रहे थे। इस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा गया कि मनसे के कार्यकर्ता उस व्यापारी को मराठी बोलने के लिए कह रहे थे। इसी दौरान व्यापारी ने कहा, कि मराठी सीखनी पड़ेगी। साथ ही उसने कहा कि महाराष्ट्र में सभी भाषाएं बोली जाती हैं। इसपर मनसे कार्यकर्ताओं ने दबंगई दिखाते हुए पीटना शुरू कर दिया। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    चुनाव को लेकर बना मुद्दा

    महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने कहा, पिछले कई महीनों से हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ लोग आगामी नगर निगम चुनावों को ध्यान में रखते हुए इसे मुद्दा बना लिए हैं। उन्होंने कहा, कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। हमारे राज्य में मराठी भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। हमारी सरकार मराठी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    इसी घटना को लेकर भाजपा नेता नरेंद्र मेहता ने कहा, “मराठी हमारी गौरव है, लेकिन मानवता की सीमा को नहीं भूलें!” उन्होंने एक पुराने वीडियो को भी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि मीरा-भायंदर इलाके में मराठी में बातचीत करने से इनकार करने पर एक व्यापारी की पिटाई कर दी गई। महाराष्ट्र में मराठी भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और गौरव का हिस्सा है। मराठी का प्रचार और प्रसार भी जरूरी है- लेकिन ये प्यार, समझ और सहिष्णुता के साथ किया जाना चाहिए। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    कार्रवाई की मांग

    नरेंद्र मेहता ने कहा, “किसी व्यक्ति की भाषा के चयन के कारण मनसे कार्यकर्ताओं की ओर से की गई यह हिंसक घटना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है और महाराष्ट्र की सहिष्णु परंपरा को आघात पहुंचाती है। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं और मेरा स्पष्ट रुख है, कि संबंधित सुरक्षा विभागों को इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

  • थाईलैंड से 16 खतरनाक सांप लेकर आए नागरिक को अधिकारियों ने किया गिरफ्तार

    थाईलैंड से 16 खतरनाक सांप लेकर आए नागरिक को अधिकारियों ने किया गिरफ्तार

    चॉकलेट के बैग में छिपाकर मुंबई पहुंचे यात्री को चैकिंग के दौरान अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। जांच अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मूल निवासी थाईलैंड से मुंबई गैरकानूनी तरीके से 16 विदेशी सांप लाने की कोशिश करते हुए पकड़ गया है। Authorities arrested a citizen who brought 16 dangerous snakes from Thailand

    Mumbai Airport: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर कस्टम अथिकारियों ने एक ऐसे यात्री को पड़ा है, जिसके पास से हैरान कर देने वाली चीजें बरामद हुई है। अधिकारियों ने एक भारतीय यात्री को विदेशी सांपों की तस्करी करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान अधिकारियों को चॉकलेट के बैग में छिपाए गए 16 विदेशी सांप मिले। बता दें कि ये घटना 27 जून की है, जब तमिलनाडु निवासी गुडमैन लिनफोर्ड लियो नामक शख्स की हरकतें संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने उसके सामान की जांच की। Authorities arrested a citizen who brought 16 dangerous snakes from Thailand

    एयरपोर्ट पर मचा हडकंप

    बता दें कि ये शख्स थाईलैंड से मुंबई आ रहा था और गैरकानूनी तरीके से 16 विदेशी सांप लाने की कोशिश करते हुए पकड़ गया है। चैकिंग के दौरान बैग की तलाशी लेने पर इसमें विदेशी सांप मिलने से एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने बताया, कि आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया है। Authorities arrested a citizen who brought 16 dangerous snakes from Thailand

    Authorities-arrested-a-citizen-who-brought-16-dangerous-snakes-from-Thailand-mumbai-airport

    सामान की हुई स्कैनिंग

    स्कैनिंग के दौरान अधिकारियों को आरोपी के बैग से कई दुर्लभ प्रजाति के विदेशी सांप मिले। इनमें पांच एल्बिनो होंडुरन मिल्क स्नेक्स, दो गाटर स्नेक्स, दो केन्याई सैंड बोआ, एक तटीय बंडेड कैलिफोर्निया किंग स्नेक, पांच गैंडे के चूहे के सांप और एक एल्बिनो रेट स्नेक शामिल थे। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने बताया कि ये सभी सांप सफेद थैलियों में और चॉकलेट के बीच छिपाए गए थे। गौर करने वाली बात यह है कि इस महीने में ऐसी यह तीसरी तस्करी की कोशिश पकड़ी गई है। Authorities arrested a citizen who brought 16 dangerous snakes from Thailand

    इसके पहले मिले 52 जिंदा सांप

    बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भी इसी तरह का मामला पेश हुआ था। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतराष्ट्रीय हवाई आड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने एक यात्री को पकड़ा, जो बैंकॉक से थाई एयरवेज की प्लाइट TG317 से आया था। उस यात्री के व्यवहार में कुछ गड़बड़ी दिखने पर अधिकारियों को शक हुआ और उन्होंने उसका सामान चेक किया। तलाशी के दौरान बैग से 52 जिंदा सांप मिलने पर सभी हैरान रह गए थे। यह तस्करी की एक और गंभीर कोशिश थी जिसे समय रहते रोक लिया गया। Authorities arrested a citizen who brought 16 dangerous snakes from Thailand

    खतरनाक सांपों की तस्करी

    जब अधिकारियों ने बैग की जांच की तो उन्हें तीन स्पाइडर- टेल्ड हॉर्नड वाइपर मिले, जो रेगिस्तान में पाए जाने वाले दुर्लभ सांप हैं। इसके अलावा, पांच एशियाई लीफ़ टर्टल भी बरामद हुए, जो दक्षेण-पूर्व एशिया में पाए जाते हैं और अक्सर विदेशी पालतू जानवरों की तस्करी में इस्तेमाल होते हैं। जांच में 44 इंडोनेशियाई पिट वाइपर भी मिले, जो इन तस्करों की बड़ी योजना का हिस्सा माने जा रहे हैं। जनकारी के अनुसार, स्पाइडर-टेल्ड हॉर्नड वाइपर और एशियाई लीफ़ टर्टल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित जीवों की लिस्ट और भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 4 में शामिल किया गया है, जिससे इनकी तस्करी करना कानूनन अपराध है। Authorities arrested a citizen who brought 16 dangerous snakes from Thailand

  • महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ बीजेपी नेता को पड़ा भारी, पुलिस ने किया एफआईआर दर्ज

    महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ बीजेपी नेता को पड़ा भारी, पुलिस ने किया एफआईआर दर्ज

    पुणे शहर के एक बीजेपी नेता पर महिला पुलिस अधिकारी के साथ छेड़छाड़ के मेमले में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के चलते नेता को पार्टी से इस्तीफा देना पड़ा। चित्रा वाघ ने भी की कड़ी कार्रवाई की मांग.. BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र:
    पुणे में एक महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ करने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पुणे इकाई के एक पदाधिकारी के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुणे पुलिस ने इसकी जानकारी दी। आरोपी प्रमोद कोंधरे भाजपा की पुणे इकाई के महासचिव के पद पर हुआ करता था जब उसने अपराध को अंजाम दिया। हालांकि केस दर्ज होने के बाद प्रमोद कोंधरे के एक वरिष्ठ सहयोगी ने बताया कि कोंधरे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    घिनौनी हरकत

    पुलिस ने बताया कि घटना सोमवार को शनिवार वाड़ा इलाके में एक चाय की दुकान के पास हुई थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी प्रमोद कोंधरे ने कथित रूप से महिला अधिकारी से दुर्व्यवहार किया और महिला अधिकारी का यौन उत्पीड़न करते हुए किसी को भी शर्म आ जाए ऐसी घिनौनी हरकत की। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद

    अधिकारी ने बताया, सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से कथित घटना का पता चला और महिला अधिकारी ने भी कोंधरे पर अनुचित कृत्य में शामिल होने का आरोप लगाया। हमने महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और यौन उत्पीड़न से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 के तहत मामला दर्ज किया है। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    कड़ी कार्रवाई की मांग

    इस बीच, भाजपा के नगर अध्यक्ष धीरज घाटे ने कहा कि कोंधरे ने अपना इस्तीफा दे दिया है और पार्टी ने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, पत्र में कोंधरे ने कहा कि उनके खिलाफ जांच पूरी होने तक उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाना चाहिए। हमने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) चित्रा वाघ ने कोंधरे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

  • महाराष्ट्र में NCP शरद पवार गुट ‘हिंदी थोपे जाने’ के खिलाफ मोर्चे का समर्थन करेगी।

    महाराष्ट्र में NCP शरद पवार गुट ‘हिंदी थोपे जाने’ के खिलाफ मोर्चे का समर्थन करेगी।

    महाराष्ट्र में मातृभाषा के संरक्षण में शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकारी नीतियों के खिलाफ 5 जुलाई को विरोध मोर्चे का समर्थन किए जाने का ऐलान किया है। शुक्रवार को पार्टी नेता ने इसकी घोषणा कर दी। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने शुक्रवार को कहा कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से महाराष्ट्र में स्कूली पाठ्यक्रम में हिंदी को ‘थोपे जाने’ के खिलाफ पांच जुलाई को होने वाले विरोध मोर्चे का समर्थन करेंगे। पार्टी नेता ने इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से पांच जुलाई को विरोध मोर्चे में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    उद्धव और राज ने मिलाया हाथ

    राज्य सरकार द्वारा नयी शिक्षा नीति के तहत तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की योजना के खिलाफ यह विरोध आयोजित किया जा रहा है। आप को बता दें कि भाषा विवाद पर 5 जुलाई को उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त रैली होने जा रही है। मराठी मुद्दे को लेकर 20 साल बाद दोनों मंच पर साथ नजर आएंगे। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    राकांपा शरद पवार गुट की घोषणा

    शिक्षा नीति के तहत पहली कक्षा से हिंदी को अनिवार्य बनाना शामिल किया गया है। राकांपा शरद पवार गुट की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल ने एक खुले पत्र में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा, कि उनकी पार्टी क्षेत्रीय हितों के मामलों में महाराष्ट्र के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    शरद पवार ने क्या कहा?

    इसके पहले पार्टी प्रमुख शरद पवार ने भी ठाकरे भाइयों को समर्थन देते हुए कहा, कि “महाराष्ट्र में कक्षा 1 से हिंदी अनिवार्य नहीं की जानी चाहिए। अगर कोई नई भाषा शुरू की जानी है तो उसे कक्षा 5 के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए।” In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    सरकार ने लिया यू टर्न

    दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल अप्रैल में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बना दिया था। विरोध के बाद उन्होंने फैसले में बदलाव किया। कक्षा 1 से 5वीं तक पढ़ने वाले स्टूडेंट्स तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी के अलावा भी दूसरी भारतीय भाषाएं चुन सकते हैं। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    महाराष्ट्र में मराठी भाषी आबादी का मुद्दा

    एनसीपी शरद पवार गुट के महाराष्ट्र अध्यक्ष पाटिल ने कहा कि इस कदम का शिक्षाविदों, अभिभावकों, भाषाविदों एवं कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है और वे सभी दलील दे रहे हैं कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चे की मातृभाषा में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में मराठी भाषी आबादी हिंदी सहित कई भाषाओं को सीखने के खिलाफ नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, कि लेकिन प्राथमिक स्तर पर हिंदी को थोपना हमें अस्वीकार्य है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, कि “अगर तीन-भाषा नीति का इस्तेमाल मातृभाषा को दरकिनार करने के लिए किया जा रहा है, तो मराठी भाषी समुदाय एकजुट होकर ऐसे कदमों का विरोध करेगी।” In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    मराठी भूमिका की रक्षा

    शरद पवार गुट के नेता ने इस मुद्दे को भाषाई और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा बताते हुए पार्टी पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से पांच जुलाई को विरोध मोर्चे में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।पाटिल ने कहा कि इस मोर्चे का उद्देश्य स्कूली शिक्षा में मराठी भाषा की भूमिका की रक्षा करना है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

  • दिल्ली-मुंबई हाईवे सरकार ने बनाए ‘अपना घर’, सफर के दौरान इसमें लोगों को मिलेगी सुविधाएं

    दिल्ली-मुंबई हाईवे सरकार ने बनाए ‘अपना घर’, सफर के दौरान इसमें लोगों को मिलेगी सुविधाएं

    दिल्ली-मुंबई हाईवे के कॉरिडोर पर चार अपना घर बन चुके हैं। हर 30 किलोमीटर पर हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, टॉयलेट, ईवी चार्जिंग स्टेशन और अपना घर विश्राम केंद्र बनाए जा रहे हैं। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने दिल्ली मुंबई हाईवे पर आपको कई जगहों पर ‘अपना घर’ नाम से इमारतों का निर्माण कर रही है। इन इमारतों को हाईवे पर चलने वाली गाड़ियों की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल लंबी दूरी के हाईवे पर नींद आने की वजह से सड़क दुर्घटना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब ट्रक ड्राइवरों को ढाबे के पीछे या सड़क के किनारे सोने की जरूरत न पड़े, इसलिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ‘अपना घर’ नाम से आधुनिक और सुरक्षित रेस्ट एरिया तैयार किया गया है। यहां उन्हें आराम करने, नहाने, खाना बनाने और नींद पूरी करने के लिए घर जैसा माहौल मिलेगा। हालांकि इसके लिए किमत अदा करनी पडेगी। लेकिन इसका किराया बहोत ही ज्यादा कम होने वाला है। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    नींद की वजह से होती हैं दुर्घटना

    भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें से लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। 70% हादसे ड्राइवर की थकान और नींद पूरी न होने की वजह से होते हैं। लंबी दूरी पर चलने वाले ट्रक ड्राइवर अक्सर बिना आराम किए चलते रहते हैं। इसकी वजह से उनकी सेहत पर असर पड़ता है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। NHAI कोटा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया, कि “ट्रक ड्राइवर लगातार सफर करते हैं और ठीक से सो नहीं पाते। इसके कारण सड़क दुर्घटना होती है। इसी के कारण अपना घर योजना की शुरुआत की गई, ताकि वे सुरक्षित जगह पर आराम कर सकें और हादसे से बच सकें।” The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    अपना घर में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

    • 8 घंटे के लिए ठहराव – सिर्फ 112 रुपए
    • एसी रूम और सीसीटीवी की निगरानी
    • टीवी और मनोरंजन की सुविधा
    • कपड़े धोने और सुखाने का इंतजाम
    • किचन-जहां ड्राइवर खुद खाना बना सकते हैं।
    • साफ-सुथरा टॉयलेट और बाथरूम
    • कीमती सामान रखने के लिए लॉकर की सुविधा

    अगर ड्राइवर खुद खाना नहीं बनाना चाहते तो पास के ढाबे में सिर्फ 130 रुपए में भरपेट थाली मिलेगी। इसमें सब्जी, दाल, रोटी, चावल, सलाद, पापड़ और अचार शामिल रहने वाला हैं। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    कहां-कहां बने हैं अपना घर?

    फिलहाल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे के कॉरिडोर पर चार ‘अपना घर’ बन चुके हैं। हर 30 किलोमीटर पर हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, टॉयलेट, ईवी चार्जिंग स्टेशन और अपना घर विश्राम केंद्र बनाए जा रहे हैं। योजना है कि भविष्य में हर नेशनल हाईवे और बड़े ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर इसे लागू किया जाएगा। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

  • महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों को बर्बाद किए जाने को लेकर राजनैतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। पिछले दिनों महाराष्ट्र विधान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चांदी की प्लेटों में खाना परोसा गया था। जिसका 27 लाख रुपये खर्च आया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    नेशनल डेस्क: मुंबई के विधान भवन में बीते कुछ दिनों पहले संसद की अनुमान समिति की ‘हीरक जयंती’ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन पर खाने-पीने को लेकर भारी-भरकम खर्च किया गया। जिसको लेकर घमासान बहस छिड़ गई है। इस आयोजन में परोसे गए भोजन की कीमत, आलिशान मेहमान नवाज़ी और जिस थाली में खाने को परोसा गया? इन सबके चलते आम लोगों के टैक्स के पैसों से 27 लाख रुपये का खर्च अब राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    समाजसेवक विजय कुंभार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसको लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पोस्ट में कहा, कि “यह वही समिति है, जो सादगी और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की बात करती है। लेकिन वही समिति खुद 27 लाख रुपये सिर्फ खाने पर खर्च कर दिए।” कुंभार ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी बताया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    गटक लिया जनता के पैसे

    विजय कुंभार ने अपनी पोस्ट में विस्तार से लिखते हुए बताया, कि मुंबई के विधान भवन में पूरे देश से आए बजट समिति के सदस्यों के लिए “राजाओं जैसे दावत” का आयोजन किया गया। इस दावत में प्रति व्यक्ति लागत 4,500 रुपये बताई गई है। खाने को चांदी की प्लेटों में परोसा गया, जिनकी प्रति प्लेट कीमत 550 रुपये बताई जा रही है। करीब 600 मेहमानों के लिए कुल खर्च 27 लाख रुपये हो गया। कुंभार ने कटाक्ष करते हुए कहा, यह वही समिति है जो सादगी का पाठ पढ़ाती है लेकिन खुद जनता के पैसों की बर्बादी कर गटक रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    600 मेहमानों के ठाठ-बाठ

    विजय कुंभार ने आगे कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से 600 मेहमान (अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारी) शामिल हुए थे। उनके स्वागत में विधान भवन के बाहर 40 फुट ऊंचा बोर्ड लगाया गया, मानो यह कोई शाही स्वागत समारोह मनाया जा रहा हो। अध्यक्षों और सदस्यों के लिए होटल ताज पैलेस में ठहरने की सुविधा की गई और बाकि अधिकारियों के लिए होटल ट्राइडेंट में व्यवस्था की गई थी। इतना ही नहीं विधान सभा परिसर में मलमल के कपड़े से डाइनिंग मंडप बनाए गया। बड़े-बड़े झूमर लगाए गए और हॉल से लेकर डाइनिंग एरिया तक लाल कालीन बिछाई गई। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    कुंभार ने सवाल उठाया, कि इस शाही व्यवस्था को देखकर आम आदमी के टैक्स के पैसे को इस तरह लूटने वाले इन समूहों को शर्म कैसे नही आई? क्या जनता के पैसों को इस तरह बर्बाद करने वाले वाकई किफायत की भाषा समझते हैं? यह सवाल अब हर नागरिक के मन में पनपने लगा है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    महाराष्ट्र में दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला’

    इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर सबसे बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक ने सरकार पर “दोहरे मानदंड” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास गरीबों के लिए कोई पैसा नहीं है लेकिन साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीतिक अभिजात वर्ग पर खर्च करने में कोई संयम नहीं दिखा रहा है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस भोज समारोह को लेकर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है, कि “महाराष्ट्र में हो रहे भ्रष्टाचार की तुलना दुनिया के किसी भी घोटाले से नहीं की जा सकती। यह बहुत ही उच्च स्तरीय घोटाला है।” Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    आप को बता दें कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में आर्थिक व्यवस्था को लेकर किफायती और सार्वजनिक धन के सदुपयोग पर लगातार बहस चल रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

  • गरीब न पढ़े अंग्रेजी ताकि आगे न बढे न सरकार गिरे

    गरीब न पढ़े अंग्रेजी ताकि आगे न बढे न सरकार गिरे

    • बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ
    • शिक्षा को व्यापार की तरह चलाया जा रहा माफियाओं के हाथों
    • पचास हजार के ऊपर सरकारी स्कूल बंद
    • हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां
    • निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें
    • दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार
    • सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..
    • 18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित
    • गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक
    • उत्तर प्रदेश के 70 प्रतिशत इंजीनियर बेकार
    • देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के…!
    • धर्म की सियासत चमकाने में व्यस्त बीजेपी सरकार
    • बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद
    • पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की बूंद जैसा
    • मुफ्त राशन प्रचार में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन का खर्च
    • विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार
    • 95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र

    मुंबई: बीजेपी के कथित चाणक्य अमित शाह ने अंग्रेजी नहीं पढ़ने की वकालत की है। लेकिन सबसे पहले उन्हें अपने बेटे को जिसे बीसीसीआई का सेक्रेटरी दबाव में बनाया है, इससे कहें कि अंग्रेजी न बोले। इसके साथ ही अपनी सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पार्टी से बाहर करें जो विदेश से पढ़कर आए हैं क्योंकि वहां अंग्रेजी ही पढ़ाई जाती है। साथ ही उन मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी जिनके बेटे, बेटियां विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे और जो वहां सेटल्ड हो चुके हैं।

    देश के सारे कॉन्वेंट स्कूल बंद कर दें। सीबीएससी जिसमें अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा दी जाती है उसकी मान्यताएं खत्म कर दें। संसद में अंग्रेजी बोलने, सेक्रेटरियो द्वारा अंग्रेजी बोलने लिखने की मनाही कर दें। यहां तक कि संसद में अंग्रेजी बोलने वालों को बरखास्त कर दें। तब आम गरीब आदमी या देशवासियों से अंग्रेजी पढ़ने को मना करें।
    लेकिन अब कोई छात्र किस मीडियम में पढ़ेगा। किस भाषा में बात करेगा सरकार इस पर रोक कैसे लगा सकती है?

    इसे भी पढ़े:- लाल गमछा डाले घूम रहा था, बैग में ठूस-ठूस कर रखे थे ’52 करोड़’, असलियत जानकर हैरान रह जाओगे ..

    बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ

    एक तो वैसे ही बीजेपी सरकार ने शिक्षा को माफियाओं के हाथों में सौप दिया है, जिसे व्यापार की तरह चलाया जा रहा है। मनमानी फीस की वसूली की जा रही है। स्कूल बैग, जूता, मोजा और किताबें वह भी प्राइवेट स्कूलों की जिनका मूल्य चार सौ से कम नहीं है। उसमें भी कमीशन मिलता है। तमाम प्राइवेट स्कूलों में न लाइब्रेरी है, न कंप्यूटर हाल और ना ही साइंस लैब।

    फिर भी स्कूलों को दो चार लाख रुपए लेकर मान्यताएं दी जा रही है, जहां शिक्षा के नाम पर नील बटा सन्नाटा है। ट्यूशन पढ़ने के लिए बच्चों पर दबाव डाला जाता है। सरकार जिसका दायित्व है कि निःशुल्क शिक्षा देना।नहीं दे रही। तमाम सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। स्कूलों को मर्च किया जा रहा दूर के स्कूलों में।

    इसे भी पढ़े:- 100 करोड़ लोगों को भीख का कटोरा थमा देंगे महामानव?

    हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां

    शिक्षक आंदोलन रत हैं। बिजली कर्मचारी आंदोलन रत हैं, लेकिन बीजेपी सरकारें दो कार्य कर रही। अब तक पचास हजार से ऊपर तक के सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां किए जाने पर हाईकोर्ट ने सारी नियुक्तियां रद्द कर दी हैं। वहीं शिक्षा निःशुल्क देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें। प्राइवेट स्कूलों की सालाना फीस लाखों में रखी गई है।

    उसके अलावा हर वर्ष एडमिशन फीस और तमाम तरह की फीस की वसूली की जा रही है। यहां तक कि फीस जमा नहीं कर पाने वाले छात्रों को गेट से ही घर लौटाया जा रहा। केंद्र सरकार की नाक के नीचे दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल द्वारा तीन साल में हजारों रुपए बढ़ा दिए जाने और छात्रों के घर लौटाए जाने के कारण अभिभावकों को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।

    दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार

    दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन में बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिया गया। अगर पांच दस वर्ष जीवित रहते तो शिक्षा को समवर्ती सूची से निकालकर समूचे देश में एक ही शिक्षा पद्धति लागू कर देते। पाठ्यक्रम भी एक होते ताकि असमय स्थल परिवर्तन का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। छः से चौदह वर्ष आयु तक शिक्षा का अधिकार देने के बाद उनकी योजना कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी निःशुल्क शिक्षा का अधिकार दे देते। लेकिन देश का दुर्भाग्य उनकी मृत्यु की साजिश रची गई।जिससे उनका शिक्षा को लेकर सारी योजना ही बंद हो गई।

    Right-to-education

    इसे भी पढ़े:- मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..

    अब तो सरकारें सारे के सारे सरकारी स्कूल बंद करने पर तुली हुई हैं। हमारी सरकारों ने नारे बड़े लोकलुभावन दिए थे, कि “पड़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया” लेकिन कार्य उसके ठीक विपरित किए जा रहे हैं। भारी भरकम फीस के कारण लाखों छात्र पांचवीं और आठवी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के लिए बाध्य हो जाते हैं। प्राइवेट स्कूलों कॉलेजों में पढ़ा पाना देश के नब्बे प्रतिशत लोगों के बूते में नहीं है।

    18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित

    शिक्षा पर 18% की जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया है। कैसे पड़ेगा इंडिया और कैसे बढ़ेगा इंडिया?
    देश में एक भी कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसा नहीं है जो दुनिया के टॉप दो सौ विश्वविद्यालयों में स्थान पा सके। इसका कारण है शिक्षा मद में केंद्र सरकार द्वारा कटौती।

    Indian-government-school-education-system

    गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक

    अंग्रेजी भाषा अंतरराष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी पढ़े लिखे छात्रों को ही खुद अपने ही देश में प्राइवेट जॉब मिल पाता है। बिना अंग्रेजी के कहीं भी कोई पूछता तक नहीं है। विदेश जाने, उच्च शिक्षा प्राप्ति अथवा जॉब पाने के लिए अंग्रेजी टेस्ट अनिवार्य है। ज्ञान विज्ञान की समस्त पुस्तकें अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए अरबों खरबों रूपये व्यय करने होंगे। बिना अंग्रेजी ज्ञान के कोई भी विदेश जाकर उच्च शिक्षा या नौकरी या व्यवसाय कर ही नहीं सकता। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी नहीं पढ़ाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक है।केंद्रीय मंत्री को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।

    इसे भी पढ़े:- महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें

    जबकि शिक्षा को व्यापार करने की छूट कदापि नहीं दी जानी चाहिए। सरकार का दायित्व है, कि सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करना। लेकिन सरकार अपने दायित्व पालन से भाग रही है। निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देकर प्रति परिवार एक रोजगार के संसाधन जुटाना सरकार का दायित्व है। जब नब्बे प्रतिशत बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो आगे कैसे बढ़ेंगे। शिक्षा का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि उत्तर प्रदेश के सत्तर प्रतिशत इंजीनियर बेकार हैं। उन्हें ज्ञान ही नहीं है कि प्राइवेट शिक्षा संस्थान प्रैक्टिकल कहां करते हैं? बिना प्रेक्टिकल के ज्ञान कैसे आयेगा?

    देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के हैं जिनका लक्ष्य दौलत अर्जित करना है। इसीलिए सरकार शिक्षा को माफियाओं के हाथों सौंप चुकी है। सरकार डरती है कि कहीं शिक्षा व्यवसाय पर नकेल कसी गई तो उसके लोग ही सरकार गिरा देंगे। सत्ता बचाने के लिए देश के एक सौ चालीस करोड़ लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना सरकार को शोभा नहीं देता। शायद यही वजह है, कि सरकार को चुनाव जीतने के लिए धर्म, नफरत का सहारा लेना पड़ रहा है। अपने वादों को जो कभी पूरे ही नहीं किए सरकार ने, वोट मांगने की हिम्मत ही नहीं है। इसलिए धर्म की सियासत चमकाने का कार्य कर रही सरकार।

    इसे भी पढ़े:- बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद

    सिर्फ़ दो बीजेपी शासित राज्यों मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में ही 60% सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। दोनों राज्यों के दो करोड़ बच्चे चौथी या आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। महंगाई इतनी बढ़ गई है, कि पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की भी बूंद जैसा नहीं है। माता पिता मेहनत करते हैं। महीने में आठ से दस दिन मजदूरी मिलती है शेष दिन फांका कटता है। परिवार का पेट भरे कि बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में महंगी शिक्षा लेने भेजें?

    Indian-education-system

    95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र

    दरअसल पांच किलो मुफ्त राशन का प्रचार करने में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन खर्च आ जाता है। विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकारें नहीं चाहती कि अस्सी करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाएं। ऊपर से अंग्रेजी नहीं पढ़ाने की वकालत? यह वकालत वे लोग करते हैं जो कभी अंग्रेजों की दलाली करते और गांधी के आंदोलन को कुचलने के लिए वायसराय को खत लिखा करते थे। आज उन्हीं की औलादें सत्ता में आई हैं, तो देश को निरक्षर रखने के तमाम उपाय करते रहते हैं। विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था चंद पूंजीपतियों की है जबकि सच तो यह है कि देश की 95% आबादी बीजेपी शासन में हैंड टू माउथ हो चुकी है।

    इसे भी पढ़े:- भारत ने की पूर्ण बंदी की घोषणा: 7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित

    विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार

    इतने टैक्स तो लुटेरे अंग्रेजों ने भी नहीं लगाए थे जितनी हिंदुत्ववादी सरकार टैक्स लगाकर 95% जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र करती है। गरीबी झेली है। गरीब मां का बेटा हूं। बर्तन माजती थी मां कहने वाले पीएम दिन में पांच ड्रेस वह भी लाखों के बदलते रहते हैं। नेहरू पर आरोप लगाने वाले सोचें कहां राजा भोज कहां गंगू तेली। नेहरू परिवार आजादी के पहले से ही संपन्न रहा था। उनकी बराबरी तो क्या पैरों की धूल बराबर आज कोई नेता नहीं। हर मोर्चे पर नाकाम सरकार केवल विज्ञापनों, व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के द्वारा ब्रेन वाश करके मूर्ख बनाती और धर्म आस्था के नाम पर वोट मांगती सरकार।