Read today’s national news, breaking updates and top headlines from across India. Stay informed with the latest coverage on politics, government policies, crime, economy, education, technology, sports and major events, only on Indian FastTrack.
दो बेस्ट बसों के टक्कर से 2 लोगों की मौत। बस के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया। लेकिन बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने से बस फिसल गई और आगे की बस से टकरा गई।
इस्माईल शेख मुंबई- शनीवार रात हुई एक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई है। ये दुर्घटना दो बेस्ट बसों के आपस में टकराने की वजह से हुई। दरअसल बेस्ट की दो बसें पोइसर डिपो से घाटकोपर डिपो की ओर डिपो ट्रांसफर के लिए जा रही थीं। तभी ऑटोरिक्शा से सफर कर रहे एक महिला और पुरुष की एक्सीडेंट के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही ऑटो ड्राइवर को मामूली चोट पर इलाज़ के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
Indian fasttrack newsगोरेगांव बीएसटी बस एक्सीडेंट की तस्वीर
दो बेस्ट बसों की टक्कर..
हादसे पर मिली जानकारी के मुताबिक, गोरेगांव में लगभग 01.45 बजे एक बस के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया। इसी दौरान पीछे चल रही बस के ड्राइवर ने भी ब्रेक लगाया। लेकिन बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने के से बस फिसल गई और आगे की बस से टकरा गई।
इस बीच अचानक ब्रेक लगने से एक ऑटो रिक्शा भी टकरा गया। इससे ऑटोरिक्शा में सफर कर रहे जॉनी शंखराम और सुजाता पंचकी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें तुरंत पुलिस द्वारा ट्रॉमा केयर अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां डॉ. प्रसाद ने लगभग 02.45 बजे जॉनी शंखराम को मृत घोषित कर दिया। सुजाता पंचकी को अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉ. सुषमा के साथ और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ऑटोरिक्शा ड्राइवर के बाएं गाल पर मामूली चोट आई है। जिसका इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- वैसे तो देश भर में पीएम मोदी के मन की बात का विरोध करते और कहते हैं हमारे मन की बात क्यों नहीं सुनी जाती? विरोध करने पर एफआईआर और जेल होती है। मणिपुर को एफआईआर और अस्फा से डराया नहीं जा सकता। मन की बात में पीएम द्वारा मणिपुर के नाम पर चुप्पी खल गई।
मन की बात के लेखक सलाहकार ने शायद महिला पहलवानों पर चुप्पी, किसानों पर चुप्पी, पुरानी पेंशन बहाली पर चुप्पी, सेवानिवृत्त सैनिकों, वन नेशन वन रैंक और वन सैलरी की घोषणा के बाद चुप्पी, मॉरीशस की फेक कंपनी द्वारा अडानी डिफेंस में बीस हजार इन्वेस्ट पर चुप्पी, चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में सौ गांव बसा लेने पर चुप्पी, किसान आत्महत्या पर कहना कि वे मेरे लिए थोड़े ही मरे? मणिपुर पर चुप्पी के बाद मणिपुर के लोगों ने बैनर्स पोस्टर्स लगाकर अपनी-अपनी रेडियो ट्रांजिस्टर सड़कों पर तोड़कर टुकड़े-टुकड़े करते हुए कहा, हम नहीं सुनेंगे पीएम के मन की बात। कितनी नफरत जुड़ गई होगी?
Indian fasttrack newsआरएसएस दत्तात्रेय होसबले की फाइल तस्वीर
चुप्पी ने बढ़ाई मणिपुर संकट..
याद रहे मणिपुर के पहले भी पूर्वोत्तर में ऐसी आग सुलगती रही थी जिसे डायलॉग से सुलझाया गया और अब वह आदर्श राज्य बन गया। आरएसएस के बड़े नेता दत्तात्रेय होसबले ने कहा, हिंसा कोई भी उचित नहीं। हर समस्या का हल है संवाद। यहीं चूक गई केंद्र और मणिपुर सरकार। हाइकोर्ट के फैसले पर डबल इंजन की सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उपेक्षा की। जिसका अंजाम मणिपुर हिंसा में सौ से अधिक लोगों की हत्या, साठ हजार लोगों का पलायन, हजारों घरों का जलना, बीजेपी मंत्री का घर जलाना आदि पर चुप्पी।
सोनिया गांधी की पहल पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई जिसमें मैत्री और कुकी समुदाय और मणिपुर सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं होना।सिर्फ एक कांग्रेसी का शामिल होना। केंद्र सरकार के बीजेपी नेताओं और अफसरों की चली ढाई घंटे बैठक में मणिपुर कांग्रेस के प्रतिनिधि को चंद मिनट से अधिक नहीं बोलने देना, राहुल गांधी का विरोध कर लौटने को मजबूर करना बताता है, कि केंद्र सरकार मणिपुर को लेकर संजीदा नहीं है। सच कहा जाय तो बीजेपी सरकार नहीं चाहती की डायलॉग हो और समस्या का समाधान निकले।
Live video on Indian fasttrack news channel
केंद्र सरकार याद रखे मणिपुर को बुलडोजर से रौंदकर डराया नहीं जा सकता। दशक पहले से मणिपुर को सैनिक छावनी में बदल दिया गया फिर भी कुकी या मैत्री समुदाय को डराया नहीं जा सका। जरूरत है कि जिस प्रकार कांग्रेस की केंद्र सरकार ने संवाद के जरिए मिजोरम को दहकने से बचा लिया था। उसी तरह मणिपुर में शांति बहाली के लिए आर्मी नहीं, सरकार से सशस्त्र युद्ध नहीं प्रेम पूर्वक संवाद से बचाया जा सकता है। लेकिन इच्छा शक्ति की कमी से बीजेपी सरकार कदम नहीं उठा सकी है।
Maharashtra News: मुंबई पुलिस ने BMC अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस्माईल शेख मुंबई– वकोला पुलिस ने बीएमसी अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व राज्यमंत्री अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसे पुलिस ने कन्फर्म किया है। शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की, जिन्होंने पिछले सप्ताह बांद्रा पूर्व के निर्मल नगर में अवैध शाखा कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था। (Maharashtra News)
Indian fasttrack newsहमले के दूसरे दिन मंगलवार की तस्वीर जहां बांद्रा बीएमसी कार्यालय के कर्मचारियों ने विरोध जताया।
क्या है मामला?
अनिल परब के साथ आए शिवसैनिकों ने दावा किया कि ढांचे को गिराने से पहले इसे कार्यालय से हटाने के बार-बार अनुरोध के बावजूद स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ ढांचा ढहा दिया गया था। उग्र कार्यकर्ता बांद्रा पूर्व स्थित बीएमसी वार्ड कार्यालय में घुस गए। हमले का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें पूर्व राज्य ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब और अन्य कार्यकर्ता संबंधित अधिकारियों को उनके हवाले करने की मांग करते नजर आ रहे हैं। जब अधिकारी आगे आये तो यूबीटी कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। (Maharashtra News)
#WATCH | Mumbai's Vakola Police have registered a case against more than 15 people including Uddhav Thackeray faction leader and former minister Anil Parab for allegedly assaulting a BMC official. Police have arrested 4 people in the case: Mumbai Police
परब ने कहा, “बांद्रा वार्ड कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में एसे कई अवैध इमारतें हैं। अगर प्रशासन को वे ढांचे नजर नहीं आए तो मैं उनका कॉलर पकड़ कर दिखाऊंगा।” उन्होंने मांग की है, कि बांद्रा में कई तीन से चार मंजिला अवैध संरचनाएं हैं जो बीएमसी अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में, ये संरचनाएं बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।” परब ने पूछा कि अगर एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं, तो उन्होंने उस शाखा पर कार्रवाई का निर्देश कैसे दिया, जहां दीवारों पर बालासाहेब और शिवाजी महाराज की तस्वीरें लगाई गई थीं। (Maharashtra News)
Live video on Indian fasttrack news channel
Maharashtra News..
युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने कहा, “महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के लाखों समर्थक हैं। अगर कोई उनकी तस्वीरों पर हथौड़ा मारता है तो कड़ी प्रतिक्रिया सामने आएगी।” (Maharashtra News)
Mumbai: भारी बारिश के कारण दो घटना में चार की मौत। इमारत के मलबे में छह लोग दब गए, जिनमें से चार को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दो लोग मलबे में दबे थे। अब इन दोनों की मौत हो गई है।
इस्माईल शेख मुंबई- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में मानसून के दस्तक देते ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। शनिवार रात से हो रही भारी बारिश के चलते मुंबई के घाटकोपर इलाके में एक रिहायशी इमारत ढह गई है। इस इमारत के मलबे में छह लोगों के दबने की जानकारी प्राप्त हो रही थी, जिनमें से चार को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दो लोग मलबे में फंसे रह गए। अब खबर आई है कि मलबे में दबे इन दोनों लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान 94 वर्षीय अल्का महादेव पलांडे और 56 वर्षीय नरेश पलांडे के रूप में हुई है। दोनों के शव सोमवार को मलबे से बाहर निकाले गए। इसके साथ ही एक और दूसरी घटना में और दो लोगों की मौत हो गई है। बरसात के शुरुआती दौर में ही शहर में भारी बारिश के कारण दो घटना में चार की मौत।
Indian fasttrack newsनानावटी अस्पताल के पास बालकनी हादसे की तस्वीर
ट्रेसिंग कैमरों की मदद से हो रही है खोजबीन ..
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट सारंग कुर्वे ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए ट्रेसिंग कैमरों की मदद ली जा रही है। जैसे ही पीड़ितों का पता चल जाएगा, उन्हें मलबे से निकालने के लिए ड्रीलिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि इमारत का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह से ढह गया है। जिसकी वजह से पूरी इमारत गिर गई। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने जानकारी देते हुए कहा था, कि घाटकोपर पूर्वी की राजावाड़ी कालोनी में इमारत का एक हिस्सा ढहा। चार लोगों को बचा लिया गया है और दो लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं।
Live video on Indian fasttrack news channel
दो घटना में चार की मौत ..
शहर में दूसरी घटना, नानावती अस्पताल के पास एक इमारत की बालकनी का हिस्सा गिरने से पांच लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव और राहत कार्य के लिए दो दमकल गाड़ियां, एक रिस्पांस वाहन, 108 एम्बुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंचे। हादसा विले पार्ले गावठान के पास सेंट ब्रेज रोड पर हुआ है। बीएमसी के मुताबिक, इलाज के लिए अस्पताल लाए गए 65 वर्षीय प्रिशिला मिसौइता और 70 वर्षीय रोबी मिसौइता नामक दो लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायल लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
हिंदू लड़कियां ही क्यों लव जिहाद की शिकार होती है?
हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमों को मारते हैं।
गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
बीजेपी के साथ वही संत है जो जानते ही नहीं कि सनातन धर्म क्या है?
अपराधियों को बचने के लिए दो ही रास्ते एक राजनीति दुसरा धर्म का चोला।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बीजेपी दो मुहीं नहीं तीन-तीन मुहिं चाल चलती है। एक तरफ बीजेपी के तमाम बड़े नेता अपनी बेटियों को मुस्लिम से व्याहते हैं। तो दूसरी तरफ गौवंश को लेकर मुस्लिमों की हत्या भी करते हैं। लव जिहाद की बात कर प्रताड़ित करते हैं। जहां तक लव जिहाद का मामला है इसमें हिंदू लड़की की रजामंदी रहती है। जब गोमांस खाने,शमजहब बदलने की बात होती है। तो तब हिंदू लड़कियों का इश्क और मोहब्बत फना हो जाता है।
संभव है कुछ हिंदू लड़कियां अपहृत कर चंगुल में फंसाई जाती हैं। लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं इशारेबाजी होती ही है। क्यों नहीं हिंदू अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते? क्यों हिंदू लड़कियां ही लव जिहाद की शिकार होती हैं? तड़क-भड़क पसंद करने वाली लड़कियां चंगुल में आसानी से फंसती हैं। इसका अर्थ है, कि हिंदू अपनी लड़कियों की परवरिश और संस्कार उपयुक्त तरीके से नहीं देते। दोषी हिंदू ही हैं।
Indian fasttrack newsशंकराचार्य महाराज की फाइल तस्वीर
यक्षप्रश्न है, कि केवल हिंदू पुरुष ही सहपरिवार धर्म बदलते हैं। कोई मुस्लिम या ईसाई नहीं। खासकर दलित अधिकतर धर्म बदलते देखे जाते हैं। ईसाई का एजेंट गैदरिंग करता है जिसमें ओबीसी और एस सी की महिलाएं अधिकतर जाती और ज्ञान लेती हैं। फिर ईसाई बन जाती हैं। धन का लोभ खुली जिंदगी छुआछूत का अभाव। जातियों का बंधन नहीं। हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
एक तरफ आर एस एस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमो को मारते हैं। तो दूसरी तरफ कथित रूप से हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली सरकार गोमांश निर्यात में विश्व का प्रथम राष्ट्र बनाने के लिए करोड़ों रुपए सब्सिडी देती है। देश की सबसे बड़ी गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाली चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों हैं? बीजेपी की सरकार हिंदुत्व का नाम केवल हिंदुओं को मूर्ख बनाकर वोट लेने और सत्ता में आने पर मनमानी करती है।
Live video on Indian fasttrack news channel
बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर नंद ने बीजेपी और आर एस एस की कलई खोल कर रख दिया है। जिन हिंदू साधु संतों को बीजेपी अपने खेमे में लाकर चुनाव में पोलराइजेशन करना चाहती है। उनमें किसी का भी कद शंकराचार्य के पैरों से अधिक नहीं है। शंकराचार्य परिपाटी ढाई हजार साल पूर्व आदि शंकर ने चलाई थी। बीजेपी के साथ वही संत हैं, जो जानते ही नहीं, कि सनातनधर्म क्या है। ऐसे लोगों का बैकग्राउंड तलाशा जाए तो अधिकांश क्रिमिनल्स होंगे। अपराधियों के बचने के लिए दो ही रास्ते हैं एक राजनीति दूसरा धर्म का चोला गेरुआ ओढ़ लो। यदि ये सच्चे संत होते तो महिला पहलवानों के यौन शोषण करने के आरोपी बृजभूषण का साथ क्यों देते? मैत्री समान विचारधारा वालों में ही होती है।
Monsoon in Mumbai पूरे देश को मौसम ने उलटफेर कर रख दिया है। उत्तर भारत में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं तो वहीं पूर्वोत्तर में बाढ़ आ गई है। जबकि मुंबई के लोगों के इंतजार पर ब्रेक लग गया है। शनिवार सुबह मानसून ने दस्तक दे दी है।
इस्माईल शेख मुंबई- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में लोगों की आज की सुबह काफी खुशनुमा रही। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मानसून ने मुंबई में दस्तक दे दी है। इससे पहले, मौसम विभाग ने 24 जून के आसपास मुंबई और कोकन के कई इलाकों में मानसून पहुंचने की भविष्यवाणी की थी। मौसम विभाग द्वारा यलो अलर्ट जारी किया गया है। (Mumbai Happy Monsoon)
Indian fasttrack newsमुंबई में मानसून की ताजा तस्वीर
Mumbai Monsoon: दो दिन का अलर्ट
पूरे देश को मौसम ने उलटफेर कर रख दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कोई बारिश के इंतजार में है तो कोई बारिश के बंद होने के इंतजार में है। उत्तर भारत में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं तो वहीं पूर्वोत्तर में बाढ़ आ गई है। जबकि मुंबई के लोगों के इंतजार पर ब्रेक लग चुका है। मुंबई में मानसून पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई में दो दिन का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, 26-27 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का संकेत दिया है। (Mumbai Happy Monsoon)
Live video on Indian fasttrack news channel
कितनी मि.मी. हुई बारिश?
मुंबई में मानसून के पहुंचते ही झमाझम बारिश हुई। आईएमडी के अनुसार, सोमवार को मुंबई में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी बारिश हुई है और मंगलवार को 54.5 मिमी से 94.5 मिमी बारिश होने का अनुमान जताया जा रहा है। शहर में पिछले 24 घंटों में 10.5 मिमी बारिश अब तक हो चुकी है। आईएमडी ने दोनों दिनों में बिजली के साथ आंधी और तूफान की भी भविष्यवाणी की है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान घर से बाहर निकलने से बचने को कहा है। (Mumbai Happy Monsoon)
मुंबई से दिल्ली जाने वाली Vistara Airlines की फ्लाइट मे एक यात्री ने फोन पर Hijack से संबंधित बात की। शिकायत पर सहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस्माईल शेख मुंबई- विस्तार एयरलाइन (Vistara Airlines) के विमान (Flight) में चालक दल के एक सदस्य ने एक यात्री को फोन पर ‘हाईजैक’ (Hijack) के बारे में बात करते हुए सुना जिसके बाद मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना गुरुवार रात को यहां छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई।
पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “दिल्ली जाने वाली विस्तार एयरलाइन की उड़ान के चालक दल के एक सदस्य ने यात्री को अपने फोन पर विमान ‘हाईजैक’ के बारे में बात करते सुना था। चालक दल के सदस्य ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया और पुलिस को भी इसकी सूचना मिली।”
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रितेश संजयकुकर जुनेजा के रूप में हुई है। यह व्यक्ति विस्तारा एयरलाइंस (Vistara Airlines) की फ्लाइट में सवार था। सहार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय गोविलकर ने जानकारी देते हुए बताया, कि “यात्री मानसिक रूप से अस्थिर है और 2021 से उसका उपचार चल रहा है।”
Live video on Indian fasttrack news channel
उन्होंने कहा, कि यात्री के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 336 (लापरवाही या गलत इरादे से लोगों के जीवन या व्यक्ति अथवा अन्य की सुरक्षा को खतरे में डालना) और 505(2) (जो अफवाहें फैलाने या चिंताजनक समाचार फैलाने जैसे अपराधों से संबंधित) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात सहार पुलिस कर रही है।
दंगो से बचने के लिए तमाम समुदाय के लोगों ने पड़ोसी राज्यों में शरण ली।
गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं।
अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?
चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए।
देश के भीतर हिंसा को रोकना सरकार का दायित्व।
बीजेपी नेताओं को खुद, अब केंद्र की डबल इंजन की सरकार पर भरोसा नहीं।
पीएम मोदी का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बड़ी गजब की खबर है। जैसे रोम जल रहा था, तो वहां का राजा नीरो बंशी बजाने में तल्लीन था। कुछ हालत ठीक वैसे ही हमारे देश में है। मणिपुर महीने भर से सांप्रदायिक हिंसा से ग्रस्त है। लगभग तीन सौ गांव अग्नि की भेंट चढ़ चुके हैं। सैकड़ों निरपराध लोगों की हत्या की जा चुकी है। हजारों घायल हैं। तमाम समुदाय दंगों से बचने के लिए पड़ोसी राज्यों में शरण ली है। मणिपुर सरकार के हाथ पांव फूल रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। आर्मी और पुलिस पर हमले हो रहे हैं।
अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?
आर्मी के एक अधिकारी ने केंद्र सरकार को चेताया है। लेकिन मणिपुर को जलता छोड़ मोदी अमेरिका राजभोज में शामिल होने पहुंच गए हैं। अमेरिका जाने से पहले ही दो बिलियन अमेरिकी डॉलर्स के ड्रोन खरीदने का सौदा पक्का कर चुके हैं। कारण बताया जाता है, देश की सुरक्षा के लिए हथियार खरीदना ज़रूरी है। देश पर 155 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज है। यानी हर भारतीय एक लाख के कर्ज में है। 140 करोड़ में गिरवी रख दी गई है जनता।
आजादी के बाद से 2014 तक भारत पर कुल विदेशी कर्ज मात्र 55 लाख डॉलर्स था। मोदी सीएम थे तब मन मोहन सिंह द्वारा लिए गए विदेशी कर्ज की बड़ी आलोचना की थी। उनके पीएम बनने से पूर्व 65 साल में 55 लाख डॉलर्स का कर्ज था। जिसकी आलोचना ही नहीं खिल्ली उड़ाने वाले मोदी ने मात्र 9 वर्षो में 100 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज ले लिए जिसे कथित रूप से मुफ्त अनाज बांटने, किसान सम्मान निधि देने, पीएम आवास योजना और उज्वला योजना में मुफ्त सिलेंडर बांटने जिन्हे फिर कभी रीफिल कराया ही नहीं जाता।
ऋण लेकर घी पीना शायद इसे ही कहते हैं।विदेशी ऋण केवल ऐसे उपयोग के लिए लिये जाते हैं जिनसे राष्ट्र को आय हो लेकिन जब सवाल अपनी छवि बनाने की हो तो क्या कहा जाए? अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी? चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए है। पाकिस्तान आंखें तरेर रहा है। चीन के खिलाफ एक शब्द बोल नहीं सकते।
सरकार का दायित्व है कि देश के भीतर हिंसा को रोकना जरूरी है। यहां तो हिंसाग्रस्त मणिपुर छोड़कर पीएम दावत खाने पहुंच गए। मणिपुर की चिंता नहीं। वहां की सरकार में शामिल मंत्रियों की फिक्र नहीं। हिंसाग्रस्त मणिपुर का तीन गुट मोदी से मिलने आया।चिट्ठी भी लिखी गई। मणिपुर भाजपा में भगदड़ मची हुई है। मंत्री के घर फूंके गए हैं। बीजेपी के नेताओं को खुद अब केंद्र की डबल इंजिन सरकार पर भरोसा नहीं है। मणिपुर के बीजेपी नेताओं ने राज्यभर में मोदी मिसिंग के पोस्टर चिपकाए हैं।
स्थानीय पुलिस और आर्मी में झड़प की खबर है। अरुणाचल प्रदेश जिसका भूभाग कब्जे में लेकर चीन ने सौ गांव बसा लिए हैं। उसके बाद भी मणिपुर दंगाग्रस्त राज्य बेहद ज़रूरी है शांति स्थापना के लिए। लेकिन पीएम लापता, गृहमंत्री मौन। मौन तो मोदी भी हैं। एक शब्द तक नहीं बोले। मणिपुर का नाम लेने से उसी तरह बचते रहे हैं जैसे महिला पहलवानों के यौन शोषण के खिलाफ धरना देने से उपजी स्थिति के संदर्भ में भी एक शब्द नहीं बोले जिससे यह संदेश विश्व भर में गया, कि मोदी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला है।
indian fasttrack news
देश की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। मंहगाई चरम सीमा पार कर गई है। टैक्स मनमाना, पेनाल्टी मनमानी लगाई जा रही। सच तो यह है कि देश चलाना, हिंसा रोकना मोदी सरकार के बूते का नहीं। अब मणिपुर वाले पूछ रहे हैं कि हम देश के नागरिक हैं या नहीं? वोटर हैं या नहीं? जिसका जवाब बीजेपी के किसी भी नेता के पास नहीं है।
कुकी, नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति होगी अत्यंत भयंकर।
गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के सांसद, मंत्री चुप।
आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मणिपुर की हिंसा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ पांव फूला देने के लिए काफी है। पीएम नरेंद्र मोदी मणिपुर जलता छोड़ विदेश चले गए। जो उन्हें देश की नहीं अपनी छवि बनाने की चिंता है। लेकिन छवि बनाते-बनाते कब मटिया मेट हो गई पता नहीं चला। दरअसल झूठ की भी हद होती है। महिला पहलवान अब उनकी और देश की बेटियां नहीं रही। वे अपने बाहुबली आरोपी सांसद को बचाने में लगे रहे इसी बीच विदेशों में भी उनकी छवि धूमिल हो गई।
ये राहुल गांधी हैं कि अमेरिका में जाकर मोदी की यात्रा के पहले सारा गुड गोबर कर दिए। बीजेपी की ऐसी तैसी कर दी। दूसरी तरफ गुजरात लॉबी द्वारा महिला पहलवानों की उपेक्षा से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और माफियाओं बलात्कारियों को मटियामेट करने का एलान करने वाले यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हे लगता है गुजरात लॉबी बीजेपी का सत्यानाश कर देगी।
बाहुबली को पीएम, गृहमंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग पहलवान के यौनशोषण मामले में क्लीन चिट देकर पॉक्सो कानून से हटाने का असर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं पर पड़ेगा। यदि उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो बीजेपी को खत्म होने से कोई रोक नहीं पाएगा।
मणिपुर हिंसा बीजेपी की ही बोई गई है। मैती समुदाय को आरक्षण देने का वादा गुजरात लॉबी का था। तो मणिपुर हिंसा आगजनी का श्रेय भी इन्ही के माथे जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौरा कर चुके हैं। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीजेपी मंत्री एवं बीजेपी सचिव के घर की आगजनी बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा है। आरक्षण का पेच कुछ इस तरह फंस गया है, कि अमित शाह के सम्मुख एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अगर बीजेपी मैती समुदाय को आरक्षण देती है तो यह कुकी, नगा और अन्य आदिवासियों के लिए निर्धारित कोटे में से दिया जाएगा जिसे ये अपने हक पर डाका डालना समझेंगे।
मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।
अभी तो मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में है। कल कुकी नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति अत्यंत भयंकर होगी। गृहयुद्ध भीषण रूप से फैलेगा। अमित शाह को शायद इसी बात की चिंता हो। उनकी समझ में नहीं आ रहा, कि करें तो क्या करें? मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसमे खुद अब बीजेपी के घर भी जद में आ गए हैं। अमित शाह के बूते का नहीं रहा मणिपुर। पीएम तो विदेश यात्रा के द्वारा अपनी नष्ट हो चुकी छवि को सुधारने में लगे हैं।
Live video on Indian fasttrack news channel
आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।
आश्चर्य नहीं होगा कि आज गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के जो सांसद, मंत्री चुप हैं। मूक दर्शक बने हुए हैं कल सारे के सारे गुजरात लॉबी के विरुद्ध उठ खड़े हों। आसार तो यही नजर आते है, कि बीजेपी आत्मघात के रास्ते पर बहुत आगे निकल गई है जहां से लौटना असंभव है। आरएसएस के सामने अब नहीं तो कभी नहीं की विकट स्थिति आ खड़ी हुई है। देखना मजेदार होगा कि क्या आरएसएस गुजरात लॉबी को बीजेपी से अलग-थलग करेगी या बीजेपी को नष्ट होने देती है।
2024 के चुनाव में सेंट्रल जांच एजेंसियों पर रोक का होगा कितना असर?
नितिन तोरस्कर ( मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- विपक्ष शासित राज्यों में सीबीआई-ईडी जैसी सेंट्रल जांच एजेंसियों की एंट्री और एक्शन पर सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर सीबीआई और ईडी विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। विपक्ष शासित 10 राज्य ऐसे हैं, जहां सीबीआई बिना राज्य सरकार के परमिशन के कोई जांच या धर-पकड़ नहीं कर सकती। ताजा मामला तमिलनाडु का है। एमके स्टालिन सरकार के गृह मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर कहा है, कि किसी भी तरह की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।
तमिलनाडु सरकार का यह फैसला तब आया है, जब ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद एक्साइज मिनिस्टर बालाजी सेंदिल को गिरफ्तार कर लिया। तमिलनाडु सरकार ने यह आदेश दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैबलिशमेंट एक्ट 1946 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किया है। बिहार में लालू यादव के परिवार के लोग भी यही आरोप लगाते हैं, कि केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI) का इस्तेमाल केंद्र सरकार अपने मतलब के लिए करती है। इसे एकतरफा कार्रवाई या बदले के भावना बताया जाता रहा है। चुनाव के संदर्भ में यह दलील दी जाती है, कि सिर्फ विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच हो रही है। क्या इसका चनावों पर असर पड़ेगा, यह देखना बाकी है।
भारत के कुल 10 राज्यों में सेंट्रल एजेंसियों (CBI) पर बैन लगा दिया गया है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल, मिजोरम, मेघालय और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु भी केंद्रीय जांच एजेंसियों पर बैन लगाने वाले राज्यों में शुमार हैं। इन राज्यों में सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां किसी भी शिकायत पर बिना राज्य सरकार की सहमति के कोई कार्रवाई नहीं कर सकतीं। हां, इसमें एक छूट जरूर शामिल है। अगर जांच किसी न्यायालयी आदेश या राज्य सरकार की संस्तुति पर हो रही हो, तो इस पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हकीकत यह है कि जब भी किसी मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच की जरूरत महसूस होती है तो लोग हाईकोर्ट की शरण में जाते हैं। कोर्ट अगर इजाजत देता है तो जांच होती है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फाइल तस्वीर
बंगाल और झारखंड में बैन का कोई असर नहीं।
बैन के बावजूद सेंट्रल एजेंसियां कुछ राज्यों में आराम से अपने काम को कर रही है। पड़ोस की बात करें तो बंगाल और झारखंड में भी केंद्रीय एजेंसियों (CBI) की जांच पर रोक है। बंगाल में शिक्षक नियुक्ति घोटाला की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रहे हैं। यह जांच भी राज्य सरकार की मर्जी के खिलाफ है। लेकिन बाध्यता यह है कि इसकी जांच का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया है। जांच का परिणाम यह है कि सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कई नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है तो कुछ अन्य की गिरफ्तारियां कभी भी हो सकती हैं। यहां राज्य सरकार की बंदिश का कोई रोड़ा सेंट्रल एजेंसियों की जांच या गिरफ्तारी में अटक नहीं रहा है।
Live video on Indian fasttrack news channel
सेंट्रल एजेंसियों के खिलाफ 14 दल..
सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) के एक्शन से नाराज 14 राजनीतिक दलों के नेतों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसमें बिहार से आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव, झारखंड से सीएम हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया कि सेंट्रल एजेंसियों की जांच नहीं रोकी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट जाने वालों में अधिकतर वैसे दल शामिल थे, जिसके नेता या कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ अदालतों ने सेंट्रल एजेंसियों से जांच की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट से निराश होकर ये नेता जांच से बचने की नयी तरकीब तलाश रहे हैं।
एजेंसियों की जांच का, चुनाव पर असर…
केंद्रीय जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्हें जांच के लिए कोर्ट या राज्य सरकारों ने ही कहा है। आम आदमी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जांच के लपेटे में उनके पसंदीदा नेता रहे हैं या विरोधी। सामान्य भाव यही है कि चोर या भ्रष्टाचारी पकड़ा जाना चाहिए। लालू यादव के परिवार की बात करें तो उनके मामले में भी स्वजातीय को छोड़ कर किसी को इसकी परवाह नहीं है कि जांच एजेंसियां उनके परिवार के खिलाफ जांच कर रही हैं।
हां, थोड़ा-बहुत संदेह तब तक बरकरार रहता है, जब तक दोष न सिद्ध हो जाए। सुखद पहलू यह है कि ईडी ने जितने मामलों की अब तक जांच की है, उनमें अधिकतर के खिलाफ दोष सिद्ध हुए हैं और सजा भी हुई हैं। सामाजिक न्याय के मसीहा, समाज के वंचित लोगों को स्वर्ग नहीं, स्वर देने का दावा करने वाले लालू प्रसाद के बारे में भी जब चारा घोटाले में सीबीआई जांच शुरू हुई थी तो यही कहा जाता था कि उन्हें फंसाया गया है। दोष सिद्ध होने और सजा के बाद सबकी बोलती बंद हो गई थी।