Category: National News

  • मुंबई में मेट्रो स्टेशन के बाहर बस में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    मुंबई में मेट्रो स्टेशन के बाहर बस में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    मुंबई में बोरीवली इलाके में मेट्रो स्टेशन के बाहर एक खाली बस में आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि कोई हताहत की खबर नहीं है। जबकि पूरी बस जलकर खाक हो गई है। Bus catches fire outside Mumbai metro station, no casualties

    मुंबई: मंगलवार को बोरीवली पूर्व वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे स्थित उन्नत देविपाड़ा मेट्रो स्टेशन के बाहर दोपहर के समय एक खाली बस में आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बस ड्राइवर बस को कहीं ले जा रहा था। Bus catches fire outside Mumbai metro station, no casualties

    अधिकारी ने क्या कहा?

    मुंबई फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की दो गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और अभियान जारी है। Bus catches fire outside Mumbai metro station, no casualties

    आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

  • महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में पुलिस रिकार्ड के मुताबिक एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां औरतन रोजाना 200 से अधिक लोग गायब हो रहे हैं। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में अचानक लापता होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले 5 महीने में पूरे राज्य में 30,000 से अधिक लोग लापता हो गए हैं।
    पुलिस के आंकड़ों के हवाले से पता चला है कि लापता होने वालों में मुंबई शहर को सबसे अव्वल बताया जा रहा है। राज्य में और शहरों के मामले में मुंबई सबसे आगे है, जहां जनवरी से मई के बीच में 3475 लोग गायब हुए हैं। जो कुल मामलों का 10 प्रतिशत से अधिक मालूम होता है। जबकि यह आंकड़े पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    रोज लापता हो रहे 200 लोग

    खबरों के मुताबिक, राज्य में पिछले 5 महीने में 30,113 लोग, यानी रोजाना औसतन 200 लोग गायब हो रहे हैं।
    लापता लोगों के मामले में मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर ठाणे का नंबर सामने आ रहा है। जहां 5 महीन में 2,003 लोगों की गुगशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वैसे भी यहां अक्सर लापता व्यक्तियों की संख्या ज्यादा होती है। इसके बाद तीसरे स्थान पर अहिल्याबाई नगर बताया जा रहा है, जो आबादी में बेहद कम है। लेकिन यहां 1411 गुमशुदगी के मामले दर्ज हैं।More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    लापता लोगों में महिलाएं अधिक

    सबसे अधिक गुमशुदगी के मामले मुंबई, ठाणे और अहिल्या नगर के बाद पुणे और नासिक ग्रामीण में हैं। पुणे में 1,364 और नासिक में 1,338 लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हैं। ये राज्य के शीर्ष-5 शहर हैं, जहां लापता व्यक्तियों की संख्या अधिक है।
    लापता कुल 30,113 लोगों में 12,467 पुरुष और 17,646 महिलाएं हैं। इसमें नाबालिग शामिल नहीं है क्योंकि उनका केस अपहरण में दर्ज किया जाता है। फरवरी में लापता लोगों की संख्या कम है, जबकि मार्च में 17 प्रतिशत बढ़ी है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    गुमशुदा होने के क्या कारण हो सकते हैं?

    पुलिस रिकार्ड में दर्ज मामलों के मुताबिक, लापता होने के अलग-अलग कारण होते हैं। इन लापता लोगों में खुद से घर छोड़ने वाले, मानसिक बीमारी, मानव तस्करी और प्राकृतिक आपदा में गायब लोग शामिल हैं। इनका पता लगाने के लिए पुलिस तकनीक का सहारा ले रही है। साथ ही सार्वजनिक सहयोग को भी बढ़ा रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

  • अब मुंबई की सड़कों से हटेंगे बेकार, कबाड़ और लावारिश गाड़ियां, बीएमसी ने शुरू की सख्त कार्रवाई

    अब मुंबई की सड़कों से हटेंगे बेकार, कबाड़ और लावारिश गाड़ियां, बीएमसी ने शुरू की सख्त कार्रवाई

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका अब सड़कों पर खड़े बेकार, टूटे-फूटे लावारिश गाडिय़ों पर कार्रवाई करते हुए कबाड़ में बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुलिस की मदद से एक्शन लेने के बीएमसी कमिश्नर ने आदेश दे दिए हैं। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    मुंबई: शहर की सड़कों पर खड़े बेकार, टूटे-फूटे और लावारिश गाड़ियों को अब तुरंत हटाया जाएगा। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कमिश्नर भूषण गगराणी ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे वाहनों को तुरंत हटाकर उनकी सही तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू करें। मुंबई जैसे बड़े शहर में लावारिश और कबाड़ गाड़ियों को सड़कों के किनारे खड़े रहने से ट्रैफिक में परेशानी होती है। आम लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कत होती है। इसी वजह से बीएमसी ने यह फैसला लिया है कि अब ऐसे वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    ट्रैफिक में रुकावट और लोगों को परेशानी

    पत्रकारों से एक ख़ास बातचीत में भूषण गगराणी ने कहा कि सड़कों को साफ और अड़चन मुक्त बनाना बीएमसी की प्राथमिकता है। बीएमसी ने मई 2025 से हर वॉर्ड में बाहरी एजेंसियों को नियुक्त किया गया हैं जो बीएमसी अधिकारियों के साथ मिलकर बेकार और भंगार गाड़ियों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें हटाने के लिए प्रोसिजर चालू कर दिया हैं। अब इस काम में तेजी लाने के लिए सभी को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    सिर्फ जुर्माना नहीं, मकसद है सड़कें खाली करना – मुंबई बीएमसी

    भूषण गगराणी ने कहा कि “हमारा उद्देश्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि सड़कों को बेकार वाहनों और कबाड़ से मुक्त करना है ताकि मुंबई के लोग आराम से चल-फिर सकें।” Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    क्या-क्या हटेगा?

    टूटे-फूटे, छोड़े हुए वाहन, बेकार स्क्रैप और कबाड़, सड़क पर छोड़ी गई अनाधिकृत चीजें।

    आगे क्या होगा?

    पुलिस की मदद से चलाए जाएंगे विशेष अभियान, हर वॉर्ड में एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा जो बीएमसी, पुलिस और ठेकेदारों के बीच तालमेल बनाएगा, जिन लोगों ने सड़क पर वाहन या कबाड़ छोड़ा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अब बीएमसी ने सड़कों को साफ और सुगम बनाने के लिए कमर कस ली है। अगर आपके इलाके में कोई बेकार वाहन या कबाड़ सड़क पर पड़ा है, तो वह जल्द ही हटाया जाएगा। इस कदम से मुंबई की ट्रैफिक और सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

  • Mumbai: महिला पायलेट के साथ कैब में गंदी हरकत, ड्राइवर गिरफ्तार, दो साथी फरार

    Mumbai: महिला पायलेट के साथ कैब में गंदी हरकत, ड्राइवर गिरफ्तार, दो साथी फरार

    मुंबई पुलिस ने कैब ड्राइवर साजिद गुलहसन को गिरफ्तार किया है। उस पर 19 जून को अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक महिला पायलट को गंदी हरकतों के साथ अश्लील छेड़छाड़ का आरोप है। पायलट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ड्राइवर ने दो अन्य लोगों को कैब में चढ़ने दिया और बाद में उनके साथ गंदी हरकत हुई। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर चिंताजनक मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने 19 जून को एक महिला पायलट के साथ कैब में हुई छेड़छाड़ के आरोप में घाटकोपर पुलिस ने कैब ड्राइवर साजिद गुलहसन को गिरफ्तार किया है। पीड़ित पायलेट एक भारतीय नौसेना अधिकारी की पत्नी हैं। उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    पुलिस ने रविवार को आरोपी कैब ड्राइवर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उपायुक्त राकेश ओला ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और ड्राइवर के दो और फरार साथियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    ड्राइवर ने रास्ता बदला

    पुलिस के मुताबिक, महिला पायलट का पति फिलहाल नेवी के कोलाबा स्थित आवास में रहता है जबकि पायलट घाटकोपर में रहती हैं। दोनों 19 जून की रात साउथ मुंबई के फोर्ट इलाके में मिले और डिनर के बाद, रात 10:45 बजे महिला ने कैब बुक की। करीब 25 मिनट की यात्रा के बाद, ड्राइवर ने अचानक रास्ता बदल दिया और रास्ते में अपने दो साथियों को कैब में बैठा लिया। इनमें से एक महिला के पास पीछे बैठ गया और दूसरा ड्राइवर के साथ आगे बैठा था। पायलट का आरोप है कि पीछे बैठे व्यक्ति ने उसका हाथ पकड़ लिया और अश्लील हरकत की। जब उसने विरोध करने की कोशिश की, तो दूसरा आदमी जो आगे की सीट पर बैठा था उसने उन्हें चुप रहने की धमकी दी। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    पुलिस चेकिंग देखकर भागे आरोपी

    घटना के दौरान कैब ड्राइवर ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया और चुपचाप गाड़ी चलाता रहा। महिला के मुताबिक, जब कार एक पुलिस चेकिंग पॉइंट के पास पहुंची तो दोनों आरोपी गाड़ी से उतरकर फरार हो गए। बारिश की वजह से महिला लोकेशन को ठीक से पहचान नहीं पाई। घाटकोपर पहुंचने पर जब महिला ने ड्राइवर से इस बारे में पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। अगले दिन, पायलट और उनके पति ने घाटकोपर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई और रविवार को ड्राइवर साजिद गुलहसन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    पुलिस ने की महिलाओं से अपील

    घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ड्राइवर के अतीत की भी जांच कर रही है कि कहीं वह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल तो नहीं रहा है। पुलिस ने अपील की है कि लोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और विशेषकर महिलाओं से अनुरोध किया है कि रात के समय यात्रा करते समय सतर्कता बरतें। मुंबई पुलिस का कहना है कि हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

  • Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

    Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

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    मुंबई के गोरेगांव फिल्मसिटी में सोमवार तडके आग लगने से अफरा तफरी मच गई है। यहां अचानक आग लगने से टीवी सीरियल के फेमस शो अनुपमा का पूरा सेट जलकर खाक हो गया है। किसी के हताहत होने की जानकारी नही .. Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के फिल्मसिटी में टीवी के फेमस शो ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया है। सेट पर अचानक आग लगने से करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। सेट पर मौजूद लोगों ने धुआं उठते देखकर सीधे फायर ब्रिगेड को बुला लिया था। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    बड़ी दुर्घटना टली

    अधिकारियों ने बताया कि सुबह 6.10 बजे गोरेगांव (पूर्व) इलाके में स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) में मराठी बिग बॉस के सेट के पीछे बने अनुपमा के सेट पर आग लगी। आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की लगभग चार गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान युद्धस्तर पर शुरू किया। सुबह होने की वजह से सेट पर शूटिंग नहीं चल रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMc) गोरेगांव पी दक्षिण विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मौके पर एक सहायक संभागीय अग्निशमन अधिकारी और तीन स्टेशन अधिकारियों के अलावा स्थानीय पुलिस और बीएमसी की टीमें मौजूद हैं। ये सभी आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    राहत की खबर क्या है?

    ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर हुए इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। सेट पर मौजूद सभी कलाकार और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    आग कैसे लगी?

    बता दें कि प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारण का पता लगा रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि शायद शॉर्ट सर्किट की वजह से सेट में आग लगी है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टी हो पाएगी। वहीं, इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने भी जानकारी दी। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    वर्कर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?

    इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन अपने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया, कि “मुंबई की फिल्म सिटी में आज सुबह 5 बजे ‘अनुपमा’ शो के सेट पर भयंकर आग लग गई। सुबह 7 बजे शूटिंग शुरू होनी थी। लेकिन उससे ठीक दो घंटे पहले ही आग ने पूरा सेट तबाह कर दिया। उस वक्त शूटिंग की तैयारियां चल रही थीं। कई कर्मचारी और क्रू मेंबर उस समय सेट पर मौजूद थे।” Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

  • भारत ने की पूर्ण बंदी की घोषणा: 7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित

    भारत ने की पूर्ण बंदी की घोषणा: 7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित

    भारत सरकार क्या आम लोगों की तरक्की के लिए काम कर रही हैं या सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को गिनाने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रही है। हालही में भारत सरकार ने देशव्यापी बंद का ऐलान कर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की घोषणा कर दी है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    सोमवार 7 जुलाई 2025 को पूर्ण बंद घोषित करने के भारत के फैसले ने पूरे देश में व्यापक रुचि और जिज्ञासा पैदा कर दी है। जबकि यह जानना जरूरी है कि एक दिन के बंद से देश की अर्थव्यवस्था पर इसका कितना असर पडेगा? सरकार फिलहाल इतिहास में अपना नाम दर्ज करने में सबसे ज्यादा रुची दिखा रही है। उसे फर्क नही पड़ता की इससे देश की जनता पर कैसा असर पड सकता है। जबकि कानून व्यवस्था में इस तरह की कोई भी निति मौजूद नही है। बंद सिर्फ सार्वजनिक हितों के मुद्दों को प्रबलता के साथ सरकार को समझने और अपनी बात मनवाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन यहां तो सरकार खुद की महिमा बखान करने के लिए सार्वजनिक नुकसान करने पर उतारु हो गई है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    बंद से हागा नुकसान

    सीआईआई (Confederation of Indian Industry) के एक अनुमान के मुताबिक एक दिन के बंद से देश की अर्थव्यवस्था को तुरंत के तुरंत 25 से 90 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है। सेवाओं के दोबारा शुरू होने के बाद भी नुकसान चलता रहता है और इसकी भरपाई कभी नहीं हो पाती है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    सरकारी फरमान

    सरकारी घोषणा के मुताबिक, सार्वजनिक अवकाश मनाने का यह अभूतपूर्व कदम देश के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मनाने के साधन के रूप में पेश किया गया है। सरकार ने देश की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं को पहचानने और उन पर विचार करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी ठहराव की योजना बनाई है। इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में शामिल होने के लिए एक दिन प्रदान करना है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में समुदाय की भावना बढ़े। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    बंद का कानूनी प्रावधान

    आपको जानकारी देते हुए बता दें कि बंद का प्रावधान क्यों अपनाया जाता है? ये दक्षिण एशियाई देशों जैसे भारत और नेपाल में सरकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर असंतोष जताने का तरीका है। भारत में नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए बंद का अधिकार है। संविधान की धारा 19 के तहत राइट टू प्रोटेस्ट मिला हुआ है, जिसे इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 का सहारा मिलता है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    इसके तहत सेवाएं ठप पड़ जाती हैं, फिर चाहे वो बैंकिंग हो या फिर ट्रांसपोर्ट और स्वास्थ्य। इससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है और कई बार मारपीट और खूनखराबे की नौबत भी आ जाती है। कई बार राजनैतिक पार्टियां अपने नीतिगत विरोधों के चलते बंद बुलाती हैं। उनसे असहमत लोग बंद के दौरान अपनी सेवाएं जारी रखने की कोशिश करते हैं तब मारपीट और लूटपाट जैसी घटनाएं होती हैं। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    एक दिन के बंद से कितना नुकसान होता है?

    फिक्की (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry) के एक अनुमान के मुताबिक एकदिवसीय देशबंद से लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का सीधा नुकसान होता है। अलग-अलग सेक्टरों में बंद से होने वाला नुकसान अलग-अलग है। जैसे देशभर के बैंक कर्मचारी एक दिन के बंद पर चले जाएं तो तकरीबन 25 हजार करोड़ का नुकसान होता है। रेलवे का नुकसान एक दिन में 24 सौ करोड़ है, वहीं देशभर के मजदूर (असंगठित सेवा) एक दिवसीय हड़ताल करें तो 26 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    महामारी के बाद के प्रयास

    महामारी के दौरान, मोदी सरकार ने बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया और गैरजरूरी खर्चों को सीमित रखा. इससे जीडीपी तो बढ़ी लेकिन वेतन और खपत में सुधार नहीं हुआ। सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस के वरिष्ठ फेलो संजय कथूरिया कहते हैं, “भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह 6.5 से 7.5 फीसदी की विकास दर बनाए रख पाएगी या 5-6 फीसदी तक गिर जाएगी।” India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    माधवी अरोड़ा कहती हैं कि भारत फिलहाल एक ऊहापोह की स्थिति में है, जहां लोग खर्च नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक रोजगार में सुधार नहीं होता और वेतन वृद्धि धीमी रहती है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश को समझना

    • गृह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।
    • छुट्टियों का असर सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों पर पड़ेगा।
    • दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
    • परिवहन सेवाएँ केवल आवश्यक आवश्यकताओं तक ही सीमित रहेंगी।

    राष्ट्रव्यापी बंद का सरकारी ऐलान क्या है?

    7 जुलाई 2025 को होने वाले पूर्ण बंद से अर्थव्यवस्था, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं सहित कई क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। सरकार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी, जबकि अन्य क्षेत्रों में अस्थायी रूप से रुकावट आ सकती है। शटडाउन का उद्देश्य व्यवधानों को कम करना और नागरिकों को नियोजित सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति देना है। व्यवसायों को किसी भी संभावित आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए पहले से तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, और स्कूल इस अवसर का उपयोग छात्रों को देश के इतिहास और उपलब्धियों के बारे में शिक्षित करने के लिए करेंगे। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    शहरकार्यक्रम स्थल
    दिल्लराष्ट्रीय परेड राजपथ
    मुंबईसांस्कृतिक शो गेटवे ऑफ इंडिया
    बेंगलुरुटेक एक्सपो पैलेस ग्राउंड्स
    कोलकातालिटरेरी फेस्ट विक्टोरिया मेमोरियल
    चेन्नईसंगीत समारोह मरीना बीच
    हैदराबादफूड फेस्टिवल चारमीनार
    जयपुरकला प्रदर्शनी अल्बर्ट हॉल संग्रहालय
    अहमदाबादनृत्य प्रदर्शन साबरमती आश्रम

    बंद की तैयारी का आदेश

    चूंकि 7 जुलाई 2025 को पूर्ण शटडाउन होने वाला है, इसलिए नागरिकों को सलाह दी गई है, कि वे एक सहज और आनंददायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए तदनुसार तैयारी करें। व्यक्तियों और परिवारों को सार्वजनिक परिवहन और अन्य सेवाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अपनी गतिविधियों की योजना पहले से बनाने के लिए कहा गया है। व्यवसायों को सलाह दी गई है कि वे छुट्टी के दौरान परिचालन परिवर्तनों के बारे में कर्मचारियों और ग्राहकों को सूचित करें। स्कूल और शैक्षणिक संस्थान को ऐसी गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए कमर कसने के लिए कहा गया हैं, जो छात्रों को इस दिन के महत्व के बारे में शिक्षित कर सके। योजनाओं में किसी भी अपडेट या बदलाव के लिए आधिकारिक चैनलों के माध्यम से सूचित रहना के लिए सभी को महत्वपूर्ण बताया गया है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    • अपने दिन और गतिविधियों की योजना पहले से बना लें।
    • सार्वजनिक परिवहन के शेड्यूल के बारे में जानकारी रखें।
    • स्थानीय सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लें।
    • दिन का उपयोग पारिवारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए करें।
    • सरकार की किसी भी घोषणा से अवगत रहें।

    शटडाउन में सरकार की भूमिका

    7 जुलाई 2025 को पूर्ण शटडाउन की योजना बनाने में सरकार की भूमिका इसकी सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण बताया गया है। संस्कृति मंत्रालय, अन्य विभागों के साथ मिलकर, राष्ट्रीय एकता और गौरव के विषय से जुड़े कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके, केंद्र सरकार का लक्ष्य इस छुट्टी को निर्बाध रूप से मनाना बताया गया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय सूचना और अपडेट प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि नागरिक इस दिन के लिए अच्छी तरह से सूचित और तैयार हों जाएं। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    विभागजिम्मेदारी
    संस्कृति मंत्रालयसांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना
    गृह मंत्रालयसार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना
    शिक्षा मंत्रालयशैक्षिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाना
    परिवहन मंत्रालयपरिवहन सेवाओं का समन्वय करना
    स्वास्थ्य मंत्रालयस्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन करना
    सूचना मंत्रालयअपडेट और जानकारी प्रसारित करना

    जन भागीदारी और सहभागिता

    भारत सरकार की घोषणा में कहा गया है, कि 7 जुलाई 2025 को राष्ट्रव्यापी बंद सिर्फ़ आराम का दिन नहीं है, बल्कि जन भागीदारी और सहभागिता का आह्वान है। इसमें कहा गया, कि नागरिकों को सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने से लेकर सामुदायिक सेवाओं में स्वयंसेवा करने तक, व्यक्तियों के लिए दिन की भावना में योगदान देने के कई तरीके हैं। स्थानीय संगठनों और सामुदायिक समूहों को ऐसे कार्यक्रमों की मेजबानी करने के लिए आमंत्रित किया जाता है जो राष्ट्रीय एकता की थीम के साथ संरेखित हों, लोगों को एक साथ आने और अपनी साझा पहचान का जश्न मनाने के लिए मंच प्रदान करें। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    • आयोजित कार्यक्रमों और समारोहों में भाग लें।
    • स्वयंसेवी कार्यक्रमों और सामुदायिक सेवा में भाग लें।
    • स्थानीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गतिविधियों में भाग लें।
    • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनुभव और कहानियाँ साझा करें।

    लोगों के लिए अवसर बता कर मूर्ख बनाया जा रहा है।

    सरकारी घोषणा में कहा गया है, कि 7 जुलाई 2025 को पूर्ण बंद होने से चिंतन और उत्सव मनाने का एक अनूठा अवसर मिलता है, जिससे राष्ट्र गौरव और एकता के साझा क्षण में एक साथ आ सकता है। इस दिन को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार के प्रयास समाज के ताने-बाने को मजबूत करने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    7 जुलाई 2025 को बंद का उद्देश्य क्या है?

    बंद का उद्देश्य भारत के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मनाना है, जो राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देता है।

    क्या बंद के दौरान आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी?
    हाँ, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी।

    बंद के दौरान नागरिक किन गतिविधियों में भाग ले सकते हैं?
    नागरिक देश भर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामुदायिक सेवा और शैक्षिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।

    बंद का व्यवसायों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    व्यवसायों में अस्थायी परिचालन परिवर्तन हो सकते हैं, और उन्हें न्यूनतम व्यवधान के लिए तदनुसार योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

    शटडाउन के बारे में अपडेट कहां से मिलेगी?
    अपडेट और जानकारी आधिकारिक सरकारी चैनलों और मीडिया आउटलेट के माध्यम से प्रसारित की जाएगी।

  • Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    महाराष्ट्र की लाडकी बहनों को अब आर्थिक निर्भर बनाने के लिए उन्हें मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की तरफ से जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज देने की योजना बनाई गई है। बैंक अब उन लाभार्थी महिलाओं को खुद का व्यवसाय करने के लिए लोन देने जा रही है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Ladki Bahin Yojana:
    राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘लाड़की बहन योजना‘ के तहत अब महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने जा रहा है। यह योजना मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक द्वारा लागू की जा रही है, जिसे राज्य सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के साथ जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण महामंडलों के निदेशक और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद थे। बैठक के बाद बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने योजना की जानकारी साझा की। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    बैठक में हुआ फैसला

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा निवास पर हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। बैठक में चार सरकारी महामंडलों के अधिकारी, संबंधित विभागों के सचिव और मुंबई जिला बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, कि “महिलाओं को बिना ब्याज के कर्ज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।” Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा ब्याज पर सब्सिडी

    आई योजना (पर्यटन महामंडल), अण्णासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटक्या विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल इन सभी चार महत्वपूर्ण महामंडलों को इस योजना में ब्याज सब्सिडी के लिए शामिल किया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं को 12% तक ब्याज की भरपाई की जाएगी। फायदा यह होगा कि इससे महिलाओं को ज़ीरो इंटरेस्ट पर लोन मिलेगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा 1 लाख तक का लोन

    एक महिला को 1 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 5 से 10 महिलाओं का समूह बनाकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। बैंक व्यवसाय की जांच-पड़ताल करने के बाद लोन को पास करेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मुंबई जिला बैंक में आवेदन करना होगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    12 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा फायदा

    वर्तमान में 12 से 13 लाख महिलाएं ‘लाड़की बहन’ योजना की लाभार्थी हैं। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाएं मुंबई जिला बैंक की सदस्य भी हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

  • बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    सरकार झुग्गी-झोपड़ियों पर जबरन तोड़क कार्रवाई नहीं कर सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट में हुए ऐतिहासिक फैसले में न्यायाधीशों ने स्पष्ट कह दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि भारत का संविधान एक ‘जीवंत ढांचा’ है, साथ ही कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों को संविधान के तहत संरक्षण दिया जाता है। हाईकोर्ट ने विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जो DCPR 2034 के तहत ‘खुले स्थान’ के रूप में आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण किए गए झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते

    जस्टिस अमित बोरकर और ज‌स्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कहा, कि मुंबई में खुले स्थानों को बनाए रखने का एकमात्र समाधान कानूनों को सख्ती से लागू करना और अतिक्रमण करने वालों – झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को बेदखल करना है। जजों ने आदेश में कहा, “निश्चित रूप से, जनसंख्या दबाव, आर्थिक असमानता और शहरी गरीबी से मुक्त एक आदर्श दुनिया में, इस दृष्टिकोण को मजबूत संवैधानिक समर्थन मिल सकता है। लेकिन यह न्यायालय मुंबई में शहरी जीवन की वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    परिस्थितियों को समझना होगा

    संविधान केवल एक सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं है; यह एक जीवंत ढांचा है, और यह जिन अधिकारों की गारंटी देता है, खासकर अनुच्छेद 21 के तहत, उन्हें वास्तविक, रोजमर्रा की परिस्थितियों के प्रकाश में समझा जाना चाहिए। यह सच है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन यह भी उतना ही सच है, और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि आश्रय और पर्याप्त आवास का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मानव सम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा का एक हिस्सा है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    हालांकि वह वैध नहीं है पर निंदा नहीं की जानी चाहिए

    अपने 191-पृष्ठ के फैसले में, न्यायाधीशों ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोग संविधान के संरक्षण से बाहर नहीं हैं। जस्टिस बोरकर की ओर से लिखे गए आदेश में कहा गया है, “उनके पास भूमि का कानूनी स्वामित्व नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। जब वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता और मजबूरी के कारण भूमि पर कब्जा करते हैं, तो उनके कृत्य की, हालांकि वह वैध नहीं है, निंदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उसे सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। संविधान अपने मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक सिद्धांतों के माध्यम से यह मानता है कि गरीबी और असमानता संरचनात्मक समस्याएं हैं, और राज्य से उन्हें कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए कहता है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार

    जजों ने कहा कि पर्यावरण अधिकारों और आवास अधिकारों को एक दूसरे के विरोधी के रूप में मानने का याचिकाकर्ताओं का तर्क एक गलती होगी। पीठ ने कहा, “दोनों अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं और दोनों ही गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करते हैं। जिस तरह प्रदूषित हवा और पानी मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी तरह असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और अस्वास्थ्यकर रहने की स्थिति भी नुकसान पहुंचाती है। हरे-भरे स्थानों की इस तरह से रक्षा करना कानूनन गलत और सिद्धांत रूप में अनुचित होगा, जिससे हजारों परिवार बेघर हो जाएं और उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया या विकल्प न मिलें। इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 21 की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर सकती है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    पुनर्वास की अनुमति

    ये टिप्पणियां विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए की गईं, जो झुग्गी-झोपड़ियों द्वारा अतिक्रमण की गई मूल रूप से आरक्षित खुली भूमि का उपयोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए करने की अनुमति देता है। विनियमन ऐसी भूमि के केवल 65 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति देता है, यदि उक्त भूमि 500 ​​वर्ग मीटर से अधिक है और यह अनिवार्य करता है कि उक्त भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा खुली जगह, पार्क, उद्यान और/या मनोरंजन के मैदान आदि के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है

    हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि उनके निर्णय को शहर में खुली जगहों को कम करने के लिए राज्य को खुली छूट देने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने स्पष्ट कर दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

  • महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दुसरी बार जब से मुख्यमंत्री का पद भार संभाला है तब से ही भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सख्त हो गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि फडणवीस ने अतीत में जिनपर करप्‍शन के आरोप लगाए थे, अब वे नेता उनकी कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्‍ट्र में इस बार का विधानसभा मुख्‍य रूप से दो खेमों के बीच लड़ा गया था। एक तरफ भाजपा की अगुआई वाली महायुति और दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्‍व में महाविकास अघाड़ी मैदान में थी। महायुति ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्‍ता में वापसी की और देवेंद्र फडणवीस को फिर से प्रदेश का मुख्‍यमंत्री बनने का मौका मिला। महाराष्‍ट्र में भ्रष्‍टाचार पर सीएम फडणवीस ने बड़ी बात कही है. उन्‍होंने कहा कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनके शासनकाल में करप्‍शन पर लगाम लगाने की कोशिश किया जाएगा और उस दिशा में काम भी महायुति की सरकार करेगी। जबकि महाराष्‍ट्र में करप्‍शन हमेशा से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    खुद ने लगाया था भ्रष्टाचार के आरोप

    दरअसल, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा गया था कि अतीत में उन्‍होंने जिनपर भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। जैसे अजित पवार और छगन भुजबल जैसे और भी नेता अब महायुति गठबंधन की सरकार में कैबिनेट मंत्री कैसे बन गए हैं। ऐसे में भ्रष्‍टाचार पर लगाम कैसे लगाई जा सकता है? इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से गारंटी देते हुए जोर दिया कि पहले जो हुआ वो हो गया लेकिन हमारी सरकार में भ्रष्टाचारी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    महाविकास अघाडी मे थे मंत्री

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनकी सरकार भ्रष्‍टाचार को रोकने के लिए काम करेगी। बता दें कि अजित पवार और छगन भुजबल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। महाविकास अघाड़ी की सरकार के दौरान मंत्री रहे अजित पवार पर अनियमितता के आरोप लगे थे। अब अजित पवार महाराष्‍ट्र महायुति गठबंधन की मौजूदा सरकार में राज्य के उपमुख्यमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    उद्धव ठाकरे ने दिया धोखा

    भ्रष्‍टाचार पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि “राजनीति की यही सच्चाई है। राजनीति में आप इन चीजों से मुंह मोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते। साल 2019 में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद और जब ये घोषणा हुई कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, तो मेरे रास्ते में रोड़े अटकाए गए। घोषणा के बाद भी उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया। उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने हमें धोखा दिया।” उन्होंने कहा, राजनीति मे आपको टीके रहने के लिए रास्ता खोजना पड़ता है, तो हमने रास्ता निकाला। एक सही रास्ता था, लेकिन हमारे साथी उस रास्ते से भटक गए, तो हमने जिन्हें साथ ले सकते थे, उन्हें साथ लिया और आगे बढ़े।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    समझौता करना पड़ा

    उन्होंने यह भी कहा कि “मैंने राजनैतिक सिद्धांत का हमेशा से पालन किया है और हमेशा इसे कायम रखा है। इसलिए मैंने हमेशा अपनी राजनीति को पकड़े रखा। लेकिन जब आप राजनीति में काम करते हैं, तो कभी-कभी आपको समझौता करना पड़ता है। लेकिन, अगर मैं मुख्यमंत्री हूं, तो मैं अपने मंत्रिमंडल में किसी को भी गलत काम नहीं करने दूंगा। मैं आपको गारंटी देता हूं कि यह सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीतिक अवसरवाद पर क्‍या बोले?

    मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राजनीतिक अवसरवादिता पर भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या राजनीतिक अवसरवादिता तब से बदल गई है, जब आपने शुरुआत की थी? या यह हमेशा से ऐसा ही रहा है? सीएम फडणवीस ने कहा, “यह हमेशा से ऐसा ही था। इसे इस तरह के चक्र के रूप में देखें। जैसे 1978 में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव हुआ था। उस वक्त शरद पवार ने ठीक इसी तरह सरकार बनाई, फिर अगर आप 1992 को देखें, तो शरद पवार की सरकार के पास बहुमत नहीं था और उन्होंने शिवसेना को तोड़कर सरकार बनाई।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीति में गिरावट स्वीकार करना होगा

    फडणवीस ने जानकारी देते हुए बताया, कि “उस समय छगन भुजबल उनके साथ गए और शिवसेना को तोड़कर उन्होंने अपनी सरकार बनाई। मुझे लगता है कि राजनीतिक अवसरवादिता कोई नई बात नहीं है। यह हमेशा से होता आया है। मुझे लगता है कि राजनीतिक मूल्य में गिरावट आई है। हमें इसे स्वीकार करना होगा और हमें इसके बारे में सोचना भी होगा।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

  • बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    Narendra-modi-nitish-kumar-sanjay-jha
    • वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
    • गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
    • नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
    • मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
    • झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
    • सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन

    मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।
    जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।

    कौन है संजय झा?

    Narendra-modi-sanjay-jha

    मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।

    सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति

    नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।

    इसे भी पढ़े:- मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    संविधान की मर्यादा ही नही

    जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।