Category: National News

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  • Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport पर एक ही दिन में 250 से अधिक फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी। एयरपोर्ट संचालन ने दी इसकी सूचना।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक ही दिन में एक या दो नहीं, बल्कि 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जाएंगी. कुछ फ्लाइट के समय में बदलाव किया जाएगा. रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेंगे।

    मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Mumbai Airport) व्यस्त हवाई अड्डा है। इस हवाई अड्डे से लाखों यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा करनी होती है। तो ये खबर बेहद अहम है।

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    Mumbai Airport,
    मुंबई एयरपोर्ट रनवे की पहली तस्वीर

    Mumbai Airport मरम्मत कार्य ..

    रखरखाव कार्य के लिए मुंबई हवाई अड्डे (Mumbai Airport) का रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। इसके चलते करीब 250 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की जा सकती हैं। इसकी जानकारी यात्रियों को मिलेगी।

    विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा के लिए मानसून से पहले और बाद में रनवे (Runway) की मरम्मत की जाती है। यह काम मानसून से पहले किया गया था। अब बरसात के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली ‘मियां’ कंपनी ने इस संबंध में जानकारी दी है।

    17 अक्टूबर को रखरखाव कार्य के कारण रनवे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। इससे पहले 18 अक्टूबर 2022 को मरम्मत की गई थी। फिर इस साल यह काम मानसून से पहले ही पूरा कर लिया गया। अब बरसात खत्म होने के बाद अगले माह मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

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  • अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    • महाराष्ट्र सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महासमुद्र जैसी है मुंबई की महानगर पालिका ! यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जो पकड़ा गया चोर, नही कार्यवाही हुई तो वह ईमानदार। यही सिलसिला दशकों से चल रहा है। सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर मकान और इमारतें बनवाने, मनपा अधिकारियों द्वारा संरक्षण देकर धन कमाने का काम अवैध गति से चलता रहता है।

    एक ऐसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के मामले में बम्बई हाईकोर्ट (Bombay High court) ने सोमवार को अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का वक्त आ गया है, कि इस तरह के ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, कि ‘क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का कोई समाधान है?’ हाईकोर्ट ने कहा, “अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा।”

    अवैध निर्माणों पर Bombay HC ने लिया संज्ञान..

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाटा की खंड पीठ ने कहा, कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है, कि इस तरह के अवैध निर्माण नहीं होने दिये जाएंगे। पीठ ने पिछले महीने नवीं मुंबई में चार मंजिला एक अनधिकृत आवासीय इमारत के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैट में से 23 में लोग रह रहे हैं। पांच में ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

    Bombay,
    Bombay high court के भीतर की तस्वीर

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    बम्बई उच्च न्यायालय ने चिंता जताते हुए कहा, कि 23 फ्लैटों को लेने वाले लोगों को यह कहते हुए इसे खरीदने के लिए मनाया गया कि कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा, अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा। पीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा, कि स्थिति की गंभीरता इतनी है कि इमारत में बिजली और पानी का कनेक्शन अवैध रूप से लिया गया है।

    मा.न्यायालय ने कहा बिना देर किए कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायपीठ ने कहा, कि कई बार लोग दीवानी अदालतों का रुख करते हैं और नगर निकाय अधिकारियों की प्रस्तावित कठोर कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश जारी करने का अनुरोध करते हैं। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, इसे रोके जाने की जरूरत है। हमारा मानना है, कि हमें बगैर कोई देर किये कार्रवाई करनी होगी। “मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हमारी जानकारी रहने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।” ऐसी चीजें अधिकतर निचली अदालतों के चलते होती हैं। धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो जाती हैं।

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    न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, हमें खुद से कुछ कड़े सवाल करने होंगे। इस नवी मुंबई की इमारत के मामले में नियमों का घोर उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार से यह जवाब चाहता है, कि क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का उसके पास किसी तरह का समाधान है अदालत ने कहा, ‘हम उस स्थिति पर विचार नहीं कर सकते, जहां सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो गई है।’

    पीठ ने अदालत के अधिकारी को जमीन और चार मंजिला इमारत का कब्जा लेने का निर्देश दिया तथा बिल्डर और इमारत के 23 फ्लैट में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश किया है। पीठ ने नवीं मुंबई स्थित इमारत के मामले की सुनवाई की अगली तारीख 4 अक्टूबर मुकर्रर की है।

  • Mumbai- मिलावट रोकने के लिए BMC का स्वास्थ्य विभाग मावा-मिठाई बेचने वाले दुकानों की जांच करेगी

    Mumbai- मिलावट रोकने के लिए BMC का स्वास्थ्य विभाग मावा-मिठाई बेचने वाले दुकानों की जांच करेगी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) स्वास्थ्य विभाग ने मिठाइयों में मिलावट को रोकने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर तक एक विशेष अभियान चलाया है। साथ ही जनता से भी अपील ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के स्वास्थ्य विभाग ने आगामी त्योहारों के दौरान मिठाइयों में मिलावट को रोकने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर तक एक विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत आगामी त्यौहारों जैसे गणेशोत्सव, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और क्रिसमस को ध्यान में रखते हुए मिठाई की दुकानों, मावा भंडारण और कोल्ड रूम का गहन निरीक्षण किया जाएगा। (Mumbai BMCs Health department News)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का स्वास्थ्य विभाग त्योहार के दौरान मुंबई में मावा-मिठाई बेचने वाले प्रतिष्ठानों (दुकान एवं फैक्ट्री) का निरीक्षण करेगा। मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि भोजन बेचने वाले प्रतिष्ठानों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही निर्देश दिए हैं कि आने वाले समय में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक उन मिठाई की दुकानों और प्रतिष्ठानों का गहनता से निरीक्षण करेगी, जहां मावा बनाया जाता है और भंडारण किया जाता है।

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    इस अभियान के तहत बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सभी चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है, कि नागरिकों को मिलावटी मिठाइयों से बचाने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर 2023 के बीच त्योहारों की पृष्ठभूमि में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। 

    मिठाई,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मिठाई के रंगों पर ध्यान…

    इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें मिठाइयों में अलग-अलग रंग दिखाई दें या उनमें दुर्गंध या फंगस दिखाई दे तो ऐसी मिठाइयों का सेवन नहीं करें और यदि ऐसे पदार्थ पाए जाते हैं तो उन्हें मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के संभागीय चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी की जानकारी में लाना चाहिए। मनपा कानून के तहत ऐसे मामलों पर ठोस कार्रवाई किए जाने का निर्देश जारी किया हुआ है।

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  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/09/mumbai-building-fire-fire-breaks-out-in-andheri-east-building-33-including-2-newborns-rescued
    Indian fasttrack news
    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।

  • अब ग्राहकों को यू.पी.आई. से मिलेगा आसान कर्ज़

    अब ग्राहकों को यू.पी.आई. से मिलेगा आसान कर्ज़

    RBI की महत्वपूर्ण घोषणा, UPI के जरिए ग्राहकों को मिलेगा आसान कर्ज। यूपीआई ने अगस्त में पहली बार एक महीने में 10 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार किया है।

    डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network)
    आरबीआई (RBI) ने देश के सभी बैंकों से ग्राहकों को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई (UPI) पर प्री-अप्रूव्ड लोन उपलब्ध कराने को कहा है। आरबीआई के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यूपीआई भुगतान प्रणाली का दायरा बढ़ाना है।
               
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने बयान में कहा, कि फिलहाल बचत खाते, ओवरड्राफ्ट खाते, प्रीपेड वॉलेट और क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ा जा सकता है। अब इसका दायरा और बढ़ाया जा रहा है।  यूपीआई (UPI) के माध्यम से, अब फंडिंग खातों को शामिल करने के लिए क्रेडिट लाइनों का विस्तार किया जा रहा है। आरबीआई ने कहा, कि इस सुविधा के तहत यूपीआई प्रणाली का उपयोग करके पूर्व-अनुमोदित ऋण प्राप्त किया जा सकेगा।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/01/fir-registered-against-developer-kiran-hemani-in-kandivali-police-station
    Indian fasttrack news
    UPI, RBI,
    यूपीआई ट्रांजैक्शन को लेकर प्रतिकारात्मक तस्वीर

    UPI को लेकर RBI की महत्वपूर्ण घोषणा..

    इस प्रक्रिया को लागू करने से पहले सभी बैंकों को एक नीति बनानी होगी और अपने निदेशक मंडल से मंजूरी लेनी होगी। इस पॉलिसी के तहत कितना लोन दिया जा सकता है? इसे कौन दे सकता है? लोन की अवधि क्या होगी?  साथ ही लोन पर कितना ब्याज लगेगा? ये सारी बातें तय हो जाएंगी। फिर कर्ज़ चुकाओप्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। 6 अप्रैल को, केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति बैठक में बैंकों से पूर्व-अनुमोदित क्रेडिट लाइनों को स्थानांतरित करके भुगतान की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया था। इसका उद्देश्य यूपीआई का दायरा बढ़ाना था।

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    नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, यूपीआई ने अगस्त में पहली बार एक महीने में 10 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार किया है। 30 अगस्त तक, यूपीआई ने पिछले एक महीने के दौरान 10.24 बिलियन लेनदेन दर्ज किए, जिसका मूल्य 15.18 लाख करोड़ रुपये था। जुलाई में यूपीआई प्लेटफॉर्म पर 9.96 अरब लेनदेन हुए। अगस्त महीने के दौरान यूपीआई के जरिए प्रतिदिन लगभग 330 मिलियन लेनदेन किए गए।

  • तृतीय पंथियों को नौकरियों में आरक्षण कब देगी सरकार

    तृतीय पंथियों को नौकरियों में आरक्षण कब देगी सरकार

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) और नगर पालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और अन्य सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों अन्य  संस्थाओं में कब भर्ती किया जाएगा तृतीय पंथियों (किन्नरों) को। सरकारी नौकरियों में इनके आरक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    2012-13 के समय उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में न्यायमूर्तियों ने एक आदेश पारित कर कहा है, कि इनको भी पुरुषों और महिलाओं की तरह तृतीय पंथियों को भी नौकरी में लिया जाना चाहिए। जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के निर्णय के अधीन राज्य सरकार ने अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 तहत कलम 9 और 10 में तरतूद किया है, कि किसी भी किन्नरों को रोजगार सम्बंधित किसी प्रकार का भेदभाव नही किया जाएगा।

    http://indian-fasttrack.com/2023/08/30/encroachment-and-illegal-construction-on-plots-reserved-for-public-utility-constructions-with-the-connivance-of-municipal-corporation
    Indian fasttrack news
    आरक्षण,

    आरक्षण पर सवाल?

    राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया रिट याचिका क्र 400/2012  एवं  604/2013 में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिया है, कि किन्नरों को शिक्षा संस्थानों में पिछड़ी जाति के नागरिक के आधार पर आरक्षण दिया जाय। इसके लिए तृतीय पंथियों को लेकर एक संस्था ‘संपदा ग्रामीण महिला संस्था (संग्राम)’ ने मुंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका एल क्र. 2781/2022 दाखिल किया है। इस आधार पर एक तृतीयपंथी के प्रार्थना पत्र पर पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए आवेदन किया गया है।

    अब प्रश्न ये है, कि राज्य सरकार और महाराष्ट्र की सभी सरकारी संस्थाओं ने अभी तक केवल पेपर बाज़ी के अलावा कुछ भी नही किया है। केवल एक ‘नगरपालिका पिम्परी चिंचवड़’ ने कुछ किन्नरों की भर्ती किया है। किन्नरों को सभी विभागों में उनकी योग्यता के आधार पर भर्ती करना है। माननीय न्यायालय ने 9 दिसंबर 22 को निर्देश दिया है। महाराष्ट्र राज्य शासन ने  पुरूष महिला और तृतीय पंथी ऐसे शब्दों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।

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    मनपा और राज्य सरकार में सुरक्षा के लिए भर्ती करने की प्रतिक्रिया शुरू करने जा रही है। पर तृतीयपंथियो के जीवन यापन के लिए सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय होगा। ये भर्ती कब शुरू होगी? कितना प्रतिशत आरक्षण मिलेगा? इस पर सरकार विचार कर रही है। इस पर अतिशीघ्र निर्णय लेने का आदेश राज्य सरकार ने दिया है। पर इसका पालन सरकार खुद नही कर रही है, इसके लिए जबाबदार कौन है?

  • पी/दक्षिण में चल रहे अवैध 3 स्टूडियोज, प्रतिमाह 2 करोड़ 70 लाख राजस्व की चोरी

    पी/दक्षिण में चल रहे अवैध 3 स्टूडियोज, प्रतिमाह 2 करोड़ 70 लाख राजस्व की चोरी

    • आयुक्त के आदेश के बावजूद पी/दक्षिण के अधिकारियों द्वारा स्टूडियोज को नही हटाकर दे रहे हैं अर्हपूर्ण संरक्षण।
    • रिश्वत की ताल पर नाच रहा, मनपा का पी/दक्षिण विभाग।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बॉलीवुड फिल्मों व सीरियलों की शूटिंग हेतु बृहन्मुंबई महानगर पालिका के पी/दक्षिण वार्ड के कार्यक्षेत्र में बनाए गए अस्थाई स्टूडियो के मालिकों ने मनपा द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत भी पी/ दक्षिण वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों से अर्थपूर्ण सेटिंग कर निःसंकोच चलाए जा रहे हैं। जबकि मनपा ने उन्हें तत्काल हटाने की नोटिस महीनो पहले जारी कर दी थी। मगर मनपा अधिकारियों की आदत के अनुसार उक्त तीन स्टूडियोज को अर्थपूर्ण संरक्षण देकर न ही तोड़क कार्रवाई की गई है और ना ही स्टूडियो मालिकों के विरुद्ध भूमि पर अतिक्रमण करने का अपराध मनपा प्रशासन द्वारा कराया गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) आरे कॉलोनी, रॉयल पॉम हॉटल के पास रूबी बिल्डिंग के पीछे स्थित मनपा द्वारा शूटिंग के लिए तीन स्टूडियो बनाने की अस्थायी परमिशन ली गई थी, जो काफी पहले ही मनपा आयुक्त द्वारा रद्द कर दी गई थी। तीनों में प्रत्येक स्टूडियो 20, हजार वर्गफिट क्षेत्र पर बनाया गया है। प्रत्येक स्टूडियो का मासिक भाड़ा 90 लाख रुपए है, जिसे परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत अब निजी तौर पर मनपा के अधिकारियों द्वारा वसूला जाता है, जो मनपा के कोष में नहीं जाता है। ऐसा मनपा सूत्रों ने बताया है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/12/for-canceling-the-contract-without-paying-global-music-pvt-ltd-kidnapping-of-ceo-rajkumar-singh
    Indian fasttrack news
    रिश्वत, मनपा,
    मनपा पी/दक्षिण विभाग के भ्रष्टाचार की तस्वीर

    रिश्वत का खेल क्या कहता है?

    उक्त संबंध में मनपा के सहाय्यक आयुक्त राजेश आक्रे, परिमंडल -4 के उपायुक्त (डीएमसी) विश्वास शंकरवार पत्रकारों व शिकायत कर्ताओं को बताने या लिखित जवाब देने में टालमटोल करते हैं। इसकी शिकायत एक शिकायत कर्ता द्वारा दिनांक:13/06/2023 को किए जाने के बाद मनपा पी/दक्षिण के सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहाय्यक अभियंता ने एक पत्रक क्र.सआ पीद/ बी -53/7855 के माध्यम से शिकायतकर्ता को बतलाया है, कि आयुक्त के आदेश के साथ ही साथ दो स्टूडियो के मालिकों ने अदालत से स्टे – ऑर्डर ले लिया है।

    बताया जा रहा है, कि मनपा प्रशासन द्वारा मनपा के विधि विभाग को स्टे-ऑर्डर शीघ्र हटवाने का आदेश दिया था। किंतु विधि विभाग (legal department) की कार्रवाई का कोई भी ले आउट नही आया है। यह भी बताया गया है, कि स्टूडियो की परमिशन रद्द किए जाने के बाद से ही स्टूडियो का भाड़ा आधिकारिक तौर पर नही वसूला जाता हैं। यानि कि 90 लाख × 3 = 2,70,00,000 (दो करोड़ 70 लाख मात्र) का भाड़ा, क्या मनपा के कोष में जमा किया जा रहा है? या मनपा के प्रशासनिक अधिकारियों की जेब में पहुंच रहा है? यह सवाल सर्व जागरूक नागरिकों का है। जिसका जवाब देने में मनपा अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं।

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    जबकि आयुक्त द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत सभी स्टूडियोज को हटवा देना या डिमोलिशन कर देना चाहिए था। दो स्टूडियोज का स्टे – ऑर्डर जनहित के परिप्रेक्ष्य में निश्चित ही, मा. न्यायालय द्वारा हटा दिया गया होता, यदि मनपा प्रशासन विधिवत अपना पक्ष प्रस्तुत किया होता? किंतु मनपा पी/दक्षिण के अधिकारियों को तो प्रतिमाह 4 करोड़ 50 लाख की मलाई चाभनी थी ! शिकायत कर्ताओं ने भी स्टूडियो और मालिको व भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय जाने का मन बनाया है।

  • 50 हजार करोड़ लीटर दूध आता कहां से है?जहरीले यूरिया या केमिकल से?

    50 हजार करोड़ लीटर दूध आता कहां से है?
    जहरीले यूरिया या केमिकल से?

    जहरीला दूध : महाराष्ट्र सरकार को जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी की परवाह ही नहीं। सच तो यह है कि सरकारी मशीनरी फेल हो चुकी है। सरकारी उपेक्षा, उदासीनता और अकर्यमण्यता का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महाराष्ट्र राज्य में खेतिहरों (किसानों) और पशुपालकों द्वारा मात्र 14 हजार करोड़ लीटर दूध उत्पादित किया जाता है, लेकिन बिक्री है 64 हजार करोड़ लीटर। सरकार को बताना चाहिए कि उत्पादन के अलावां 50 हजार करोड़ लीटर दूध आता कहां से है? सरकार बताए कि ये पचास हजार करोड़ लीटर अधिक दूध कैसे बनता है? यूरिया से या दूसरे केमिकल से? यह नकली जहरीला दूध बनाने वाले कौन हैं? (जहरीला दूध)

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    मुंबई में जहरीला दूध का खेल..

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/06/when-will-the-passengers-be-safe-in-the-buses-mumbai-best-strike
    Indian fasttrack news
    जहरीला दूध,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    क्या सरकार ने इन्हें नकली जहरीला दूध बनाने का लाइसेंस दिया है? स्वास्थ्य मंत्रालय, कृषि पशुधन मंत्रालय कहां सोया है? क्या सांख्यिकी का ज्ञान है? क्या मार्केट में मिलने वाले दूध के असली नकली होने की जांच व्यवस्था सरकार ने की है? यदि की है तो फिर बाजार में पचास हजार करोड़ लीटर जहरीला दूध कैसे बेचा जाता है? क्या सरकार का दायित्व नहीं है, कि केमिकल से बने जहरीले दूध निर्माता लोगों का पता है सरकार को। सच तो यह है कि महाराष्ट्र सरकार को जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी की परवाह ही नहीं है। सच तो यह है कि सरकारी मशीनरी फेल हो चुकी है। सरकारी उपेक्षा, उदासीनता और अकर्यमण्यता का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है। (जहरीला दूध)

    ऐसा नहीं है कि सरकार और राज्य के 288 खासदारों (सांसद) को यह तथ्य मालूम नहीं है लेकिन कोई बोलता ही नहीं। सब चुप हैं। विषैले दूध से जनता बीमार पड़ रही है। जो दूध स्वास्थ्य वर्धक होता है वही दूध जहरीला बेचकर जनता को मारा जा रहा है। (जहरीला दूध)
    महाराष्ट्र राज्य सरकार के मानसून सत्र मे यह जहरीले दूध बनाने और बेचने का मामला अकेले उठाने वाले माननीय विधायक एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्य मंत्री बच्चू कडू जी ही हैं। अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता लेकिन अकेला आइना असली सूरत तो दिखा सकता है। माननीय विधायक बच्चू कडू जी को कोटि कोटि बधाई। (जहरीला दूध)

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  • RPF गिरफ्तारी के मामले में पुलिस ने किया नया खुलासा

    RPF गिरफ्तारी के मामले में पुलिस ने किया नया खुलासा

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    • 100 से अधिक लोगों के हुए बयान दर्ज।
    • Jaipur Mumbai Train Firing news RPF
    • वलसाड में ट्रेन से उतरने की इच्छा जाहिर की थी।
    • घटना के बाद भी किया था कॉल..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस ने कहा, जांच से पता चला है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी RPF कांस्टेबल चेतन सिंह ने अपराध के बाद अपनी पत्नी से फोन पर बात किया। उसने अपनी पत्नी से फोन पर कहा था कि अब उसे अपने बच्चों का पालन-पोषण खुद करना होगा। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

    खबर के मुताबिक, शनिवार को चेतन की पत्नी रेनू और उसकी मां मथुरा से मुंबई आईं और बोरीवली जीआरपी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। रेनू ने चेतन के पिछले चिकित्सा उपचारों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए, इसमें मथुरा के एक न्यूरोलॉजिकल अस्पताल की रिपोर्ट भी शामिल थी। पुलिस दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेगी और रिपोर्ट के बिंदुओं पर सरकारी डॉक्टरों से चेतन की जांच भी करा सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

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    हत्या के आरोपी आरपीएफ जवान चेतन बच्चू सिंह की तस्वीर

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    31 जुलाई की शुरुआत में चेतन ने अपने वरिष्ठ एएसआई टीकाराम मीणा को अस्वस्थ महसूस करने और वलसाड में ट्रेन से उतरने की इच्छा जाहिर की। लेकिन ट्रेन को वहां रोका नहीं जा सकता था। इसलिए टीकाराम मीणा ने सुझाव दिया था कि वह ट्रेन में आराम करें। चेतन ने रेनू को फोन करके बताया था कि अस्वस्थ महसूस करने के बावजूद उसे ट्रेन से उतरने नहीं दिया जा रहा है। फोन पर उनकी अगली बातचीत के दौरान उसने बेहतर महसूस करने की बात भी कही थी। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

    घटना के बाद भी किया था कॉल..

    मीरा रोड पर ट्रेन से उतरने के बाद उसने उसे आखिरी बार कॉल किया था। इस बार उसने रेनू से कहा कि अब उनके बच्चों की परवरिश करना अब अकेले उसी की जिम्मेदारी है। पुलिस ने बताया कि चेतन से शुक्रवार को सात घंटे तक पूछताछ की गई। रेनू से भी काफी देर तक पूछताछ की गई। उसने पुलिस को बताया कि चेतन कुछ साल पहले एक सीढ़ी से गिर गया था, जिसके बाद उसे न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्याएं हो गईं और इलाज के लिए उसे मथुरा में विभिन्न डॉक्टरों के पास ले जाया गया। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

    पुलिस ने गोलीबारी के प्रमुख गवाहों सहित, 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। कुछ गवाह दूसरे राज्यों में रहते हैं और उन्होंने ईमेल पर बयान दर्ज कराए हैं। चेतन अब तक कई बार अपने ही बयानों से पलट चुका है। मिली जानकारी के मुताबिक, चेतन को सोमवार सवेरे बोरीवली में एक मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश किया जाएगा। इस दौरान जीआरपी पुलिस हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

  • बसों में यात्री कब होंगे सुरक्षित | Mumbai BEST Strike

    बसों में यात्री कब होंगे सुरक्षित | Mumbai BEST Strike

    Mumbai BEST Strike : बसों की हड़ताल को लेकर मुंबईकर काफी परेशान हो गए हैं। प्राइवेट कर्मियों की हड़ताल ने मुंबई के कामकाज को प्रभावित कर दिया है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    प्राइवेट बस कर्मियों द्वारा हड़ताल पर जाने से मुंबई करों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के मुताबिक, मुंबई (Mumbai) में बेस्ट (BEST) की प्राइवेट बस ड्राइवरों की मांग है, कि उनको भी परमानेंट नौकरी दी जाय। जैसे बेस्ट के ड्राइवर और कंडक्टरो के वेतन के बराबर इनको भी वेतन और सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। पर निजी कंपनियों द्वारा बेस्ट प्रशासन के साथ पहले से ही एग्रीमेंट हो चुका है, कि इनको बेस्ट विभाग में नही लिया जाएगा। तो फिर ये प्राइवेट कर्मी मुंबई में जगह-जगह तोड़फोड़ और बेस्ट बसों के ड्राइवरों के साथ मारपिट, गाली गलौज कैसे कर सकते हैं?

    Mumbai BEST Strike हड़ताल..

    हड़ताल (Strike) से मुंबईकर परेशान है, क्योंकि इनको यात्रा करने के लिए बसे नही मिल रही है। एसी बसें रूटों पर नही चल रही है। यहां तक कि डिपो से बसे बाहर नही निकल रही है। इस पर बेस्ट प्रशासन ने पुलिस में शिकायत भी किया है। फिर भी पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है। मालवणी पुलिस ने दिखावे के लिए केवल दो पुलिस की गाड़ी सुरक्षा के लिए दिया है। पर कार्रवाई के लिए नही।

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    कांदिवली स्टेशन स्थित BEST बस की तस्वीर

    बृहन्मुंबई (Mumbai) विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (BEST)  से संबंधित निजी बस चालकों का रविवार को पांचवें दिन भी हड़ताल (Strike) जारी रहा। इसमें परिचालकों की कमी के कारण लगभग 704 बसें सड़कों से नदारद रहीं। हड़ताल के कारण शहर के 18 बस डेपो पर प्रभाव देखा गया जबकि शहर में बेस्ट 27 डिपो से बसों का संचालन करती है। बड़ी शर्मनाक स्थिति पुलिस और नेताओं ने बना रखा है इस पर सारी बेस्ट की सारी यूनियन कान में तेल डालकर सो रही है। क्या राज्य सरकार इस पर जल्दी फरमान देगी या मुंबईकरों को आग में झोंकने के लिए तैयार है। आपको जानकारी देते हुए बता दे कि ये पूरा विभाग मनपा (BMC) के अंतर्गत ही आता है।

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