मुंबई के कुर्ला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘ब्लैक डे और सेव डेमोक्रेसी’ प्रदर्शन किया। SIR और चुनाव आयोग को लेकर मुंबई में पहले भी कई प्रदर्शन हुए।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस का विरोध लगातार तेज होता दिख रहा है। 8 अक्टूबर को कुर्ला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ‘Black Day and Save Democracy’ के तहत प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध का ऐलान किया है।
कुर्ला का यह प्रदर्शन मुंबई में पिछले कुछ दिनों से चल रहे SIR विरोधी अभियान की अगली कड़ी है। इससे पहले दादर, मुलुंड और दक्षिण मुंबई में कांग्रेस से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रम हो चुके हैं, जबकि 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क और 4 अक्टूबर को बड़े विपक्षी मार्च के जरिए भी यही मुद्दा सामने आया था।
कुर्ला में क्या हुआ
8 अक्टूबर को कुर्ला में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक ‘Black Day and Save Democracy’ के संदेश के साथ सड़क पर उतरे। यहां कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और पोस्टर लेकर नारे लगाते नजर आए।
इस प्रदर्शन का तत्काल राजनीतिक संदर्भ SIR को लेकर चल रहा विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग है। कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था।
मुंबई में विरोध की शुरुआत कहां से हुई
मुंबई में इस अभियान का प्रमुख चरण 29 सितंबर को दादर की चैत्यभूमि से सामने आया। यहां मुंबई कांग्रेस की ओर से आयोजित प्रदर्शन में करीब 200 लोग जुटे थे। कार्यक्रम दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चला। प्रदर्शन में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड और NCP-SP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिश गवांडे मौजूद रहे तथा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी हुआ।
इसी दिन चैत्यभूमि के कार्यक्रम में वर्षा गायकवाड के साथ पूर्व मंत्री एवं विधायक असलम शेख, विधायक अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड, भाई जगताप और सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी भी मौजूद थे। वर्षा गायकवाड ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
मुलुंड में भी कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
1 अक्टूबर को Mumbai North East District Congress Committee ने मुलुंड रेलवे स्टेशन के बाहर, दीपक होटल के सामने प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष केतन शाह ने किया। इसमें मुंबई प्रदेश कांग्रेस, महिला कांग्रेस, Youth Congress, Seva Dal, NSUI और पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की मांग से जुड़े पोस्टर और नारे लगाए।
दक्षिण मुंबई में भी कांग्रेस की जिला इकाई ने इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। इस तरह सितंबर के अंतिम सप्ताह से मुंबई के अलग-अलग इलाकों में SIR और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस का संगठनात्मक विरोध दिखाई दिया।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर विरोध और तेज हुआ
30 सितंबर को मुंबई Youth Congress के कार्यकर्ताओं ने State Election Commission कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कार्रवाई शामिल थी।
इसके बाद 2 अक्टूबर को दादर के शिवाजी पार्क में CEC के खिलाफ बड़ा नागरिक प्रदर्शन हुआ। इस कार्यक्रम में 10 हजार से ज्यादा लोगों के जुटने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि यह कांग्रेस का स्वतंत्र कार्यक्रम नहीं था, लेकिन इससे मुंबई में SIR और चुनाव आयोग को लेकर चल रहे व्यापक विरोध का दायरा साफ हुआ।
4 अक्टूबर को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के संयुक्त मार्च में भी कांग्रेस और NCP-SP के नेता शामिल हुए। इस मार्च में SIR को लेकर विरोध, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख रही।
SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्ति क्या है
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष समीक्षा की प्रक्रिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। विपक्ष इसी आधार पर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहा है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को अब केवल मतदाता सूची की तकनीकी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़कर लगातार राजनीतिक आंदोलन का रूप दिया है। चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
दिल्ली की घटनाओं के बाद मुंबई में भी बढ़ा दबाव
6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और हिरासत के बाद कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को देशभर में बड़ा विरोध कार्यक्रम घोषित किया। दिल्ली में विपक्षी दलों ने लगातार तीसरे दिन भी प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
इसी राष्ट्रीय अभियान के बीच मुंबई के कुर्ला में कांग्रेस का ‘Black Day and Save Democracy’ प्रदर्शन सामने आया है।
अब आगे क्या
मुंबई में पिछले करीब डेढ़ सप्ताह के घटनाक्रम से साफ है कि SIR और ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस का विरोध अलग-अलग जिला इकाइयों और स्थानीय स्तर तक पहुंच चुका है। दादर से मुलुंड और दक्षिण मुंबई तक हुए प्रदर्शनों के बाद अब कुर्ला में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की mobilisation सामने आई है।
फिलहाल इस आंदोलन का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि चुनाव आयोग SIR को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर क्या कदम उठाता है और कांग्रेस अपने घोषित राष्ट्रव्यापी विरोध को किस तरह आगे बढ़ाती है। कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी है, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा विपक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं करते हैं।
