दुबई की Kanz Jewels में ₹72 लाख के Gold Fraud का आरोप, नकली Jewellery से असली सोना बदला गया। शिकायत के बाद ₹50 लाख मांगने का भी आरोप।
मुंबई: दुबई की Jewellery firm Kanz Jewels में करीब ₹72 लाख के सोने के आभूषणों की कथित चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी के दो कर्मचारियों ने असली Jewellery निकालकर उसके वजन के बराबर नकली आभूषण Stock में रख दिए। मामला सामने आने और शिकायत के बाद दोनों ने कथित तौर पर कंपनी के executive manager Devendra Dhanak को फोन कर ₹50 लाख देने की धमकी दी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले में Subroto/Subrato Burman और Ajay Pathar को गिरफ्तार किया है।
दोनों आरोपी 2017 से कंपनी से जुड़े थे। Burman Sales In-charge के तौर पर काम करता था, जबकि Ajay Pathar Cashier था। पुलिस की जांच में अब कथित Gold Theft के साथ-साथ नकली Jewellery के source, चोरी के सोने की बिक्री और भारत भेजी गई रकम की पूरी trail खंगाली जा रही है।
नकली Jewellery से कैसे हुआ खेल?
जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, दोनों कर्मचारियों ने कथित तौर पर असली सोने के आभूषणों को पुराने सोने के तौर पर बेचने का तरीका अपनाया। इसके बाद असली Jewellery के वजन के बराबर नकली आभूषण तैयार कर उन्हें वापस Stock में रख दिया जाता था।
इन Jewellery को कथित तौर पर damaged या altered Stock के तौर पर दिखाया जाता था। इस तरह असली सोना धीरे-धीरे Stock से बाहर निकलता रहा और उसकी जगह नकली Jewellery आती रही।
मामले का अहम सवाल यही है कि नकली आभूषण तैयार कहां किए गए और इस पूरी प्रक्रिया में आरोपियों के अलावा किसी और की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है।
675 ग्राम की जांच में खुला नकली सोने का राज
जून 2026 में कंपनी को Stock में रखे कुछ damaged या altered gold पर शक हुआ। इसके बाद करीब 675 ग्राम सोने की जांच की गई। इस जांच में 386 ग्राम नकली पाया गया।
इसके बाद Stock verification के दौरान 84.33 ग्राम अतिरिक्त नकली Jewellery मिलने की बात सामने आई। यानी जांच के अलग-अलग चरणों में 470.33 ग्राम नकली Jewellery सामने आई।
हालांकि, इस आंकड़े को ₹72 लाख की कथित चोरी का कुल वजन नहीं माना जा सकता। ₹72 लाख की रकम कथित चोरी किए गए आभूषणों की कीमत है, जबकि 386 ग्राम और 84.33 ग्राम की मात्रा जांच में मिले नकली Stock से संबंधित है।
शिकायत के बाद ₹50 लाख की कथित धमकी
कंपनी को कथित चोरी का पता चलने के बाद मामला सिर्फ Gold Theft तक सीमित नहीं रहा। शिकायतकर्ता Devendra Dhanak, जो Kanz Jewels में General Manager के तौर पर काम करते हैं, को कथित तौर पर दुबई से फोन किया गया।
आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने उनसे ₹50 लाख की मांग की और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। कथित तौर पर यह भी कहा गया कि दुकान से एक किलो और सोना गायब किया जा सकता है।
यही वह point है जिसने मामले को चोरी के साथ कथित extortion और criminal intimidation के angle से भी गंभीर बना दिया।
चोरी के सोने की रकम भारत भेजने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर चोरी किए गए असली सोने से मिलने वाली रकम भारत भेजी जाती थी। रिपोर्ट में इसके लिए Ajay Pathar की भूमिका का उल्लेख है।
अब जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि रकम भारत में किन accounts या लोगों तक पहुंची। उपलब्ध जानकारी में अभी तक पूरी banking trail, रकम पाने वाले व्यक्तियों या चोरी के सोने की recovery का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है।
यही कारण है कि ₹72 लाख के कथित चोरी किए गए सोने या उसकी बिक्री से मिली रकम की बरामदगी इस मामले में सबसे अहम सवालों में बनी हुई है।
आरोपी Subroto Burman और Ajay Pathar कौन हैं?
Subroto/Subrato Burman और Ajay Pathar दोनों 2017 से Kanz Jewels से जुड़े थे। Burman Sales In-charge था, जबकि Pathar Cashier के पद पर काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, Burman भारत आने के बाद पश्चिम बंगाल के एक नक्सल प्रभावित इलाके में भी ठहरा था। आरोप है कि उसे उम्मीद थी कि वहां पुलिस उस तक आसानी से नहीं पहुंच पाएगी।
दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें Police Custody में भेजा गया।
Kanz Jewels का Dubai connection
Kanz Jewels Dubai के Gold Souq से जुड़ा पुराना Jewellery business है। कंपनी की public information के मुताबिक इसका Dubai में कई outlets के साथ manufacturing setup भी है। कंपनी के General Manager Devendra Dhanak का नाम भी उसके business activities से जुड़ा रहा है।
2025 में Kanz Jewels को ‘Iconic Brand of the Year’ award भी मिला था। ऐसे में कंपनी के अंदर सामने आया यह alleged insider fraud केवल financial loss का मामला नहीं है, बल्कि high-value jewellery business में Stock verification और internal controls पर भी सवाल खड़े करता है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल
जांच में अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि ₹72 लाख के कथित चोरी किए गए Jewellery का कितना हिस्सा बरामद हुआ है, नकली Jewellery किसने तैयार की, दोनों आरोपियों के बीच पैसों और Jewellery को लेकर क्या communication हुआ और भारत में भेजी गई रकम की पूरी trail कहां तक जाती है।
इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या इस मामले में Burman और Pathar के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति या कोई अन्य link शामिल था।
फिलहाल दोनों आरोपी Police Custody में हैं और मामले की जांच जारी है। सबसे अहम जानकारी अब कथित चोरी के सोने की recovery, financial trail और नकली Jewellery के source से जुड़ी जांच से सामने आ सकती है।
