पार्ट टाइम जॉब के नाम पर सोशल मीडिया से कैसे होती है पैसों की ठगी

पार्ट टाइम जॉब के नाम पर खुद को रेप्यूटेड कंपनी का प्रतिनिधी बताते हुए सोशल मीडिया पर पैसों की ठगी हो रही है। इसको लेकर कई गिरोह सक्रिय हो चुके हैं। पहले तो छोटे-छोटे टास्क देकर पैसे देते हैं। बाद में आपको ही फंसा कर मोटी रकम वसूल लेते हैं। हालांकि पुलिस भी इनका कुछ बिगाड़ नही पाती। ऐसे मामलों में साइबर क्राइम सेल 1930 पर कॉल करें। देखें कैसे किया जाता है पैसों की ठगी..

इस्माईल शेख
मुंबई
– ताज़ा खबर के मुताबिक बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके की एक महिला से 6 लाख 37 हजार रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित महिला ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर एक पार्ट-टाइम नौकरी (part time job) के विज्ञापन (Advertisement) पर क्लिक किया। साइबर (Cyber) ठगों ने उसे झांसे मे लेकर 6.37 लाख रुपये का भुगतान करवा लिया। विज्ञापन में आसान ऑनलाइन कामों (online Job) के जरिए तेजी से पैसे कमाने का दावा किया गया था। ऐसे ही मालाड़ के एक व्यक्ति ने समय रहते साइबर ठगों की चाल को पहचान लिया। हालांकि की एक हजार रूपये वह भी गंवा दिया।

गोराई की महिला को बनाया निशाना

गोराई की घटना 30 नवंबर को सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। महिला ने इंस्टाग्राम पर एक रील देखी, जिसमें दावा किया गया था कि ऑनलाइन वीडियो लाइक करने से पैसे दिए जाएंगे। जॉब के लिए अभी अप्लाई करें। महिला ने दिलचस्पी दिखाते हुए दिए गए लिंक पर क्लिक किया, जो उसे एक टेलीग्राम ग्रुप पर ले गया। ग्रूप में, ठगों ने खुद को जॉब कोऑर्डिनेटर बताकर जॉब की प्रक्रिया समझाई। शुरूआत में महिला को वीडियो लाइक करने जैसे छोटे-छोटे काम दिए गए, जिसके लिए उसे तुरंत पैसे मिले। पैसे मिलने के कारण महिला को उन पर भरोसा हो गया और उसने ठगों द्वारा बताए गए काम करना जारी रखा।

टास्क के नाम पर Fraud..

शुरूआती भुगतान के बाद ठगों ने महिला को बड़े भुगतान वाले जॉब के लिए निवेश करने का लालच दिया। अधिक मुनाफे का वादा कर महिला ने तीन लेन-देन में कुल 6.37 लाख रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, जल्द ही स्थिति बिगड़ गई। वादे के अनुसार महिला को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि ठगों ने “कमाई” जारी करने के लिए “टैक्स” के नाम पर और पैसे की मांग शुरू कर दी। इस पर महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने बोरीवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

सोशल मीडिया पर ठगों का जाल

वहीं मालाड़ के मामले में पीड़ित व्यक्ति को पहले वॉट्सएप मेसेज के जरिए पार्ट टाइम जॉब का ऑफर दिया गया। इसमे एक अंजान महिला अपना नाम लावन्यया बताया और खुद को इंडिया टुडे न्यूज़ (india today news) की प्रतिनिधि बताते हुए न्यूज़ पोस्ट लाईक करने के लिए कहा। इसके बदले प्रति पोस्ट 100 रुपये और ज्वाइनिंग के अतिरिक्त 100 और बाद में हर पोस्ट का 50 रूपये दिए जाने का वादा किया। शुरुआती 100 रूपये के भुगतान के बाद टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया और दिए गए टास्क को पूरा करने के बाद तुरंत 150 रूपये का भुगतान भी किया। बाद में हर पोस्ट पर अतिरिक्त मुनाफा देने के बहाने एक हजार से लेकर 6 हजार रूपये के बीच भुगतान के लिए कहा गया। हालांकि की जीस टेलीग्राम ग्रुप में टास्क चल रहा था उसमें और भी लोग थे। जो पैसों का भुगतान करने और ज्यादा मुनाफा कमाने का स्क्रीनशॉर्ट ग्रुप मे शेयर कर रहे थे। इसी लालच में पीड़ित ने एक हजार का जैसे ही भुगतना किया, उसे प्रमोशन के नाम पर दूसरे ग्रुप में ज्वाइन करने को कहा गया।

जबकि पीड़ित के पैसे मुनाफे के साथ दिया जाना चाहिए था, लेकिन उस पैसे को वापस पाने के लिए दूसरे टास्क पूरे करने को कहा गया। जिसमें कम से कम 15 हजार रूपये का भुगतान करना जरूरी था। पैसे वापस मांगने पर यही कहा जाता रहा कि टास्क पूरा नहीं किया तो आपका नुकसान हो जाएगा। जल्दी टास्क पूरा करो और मुनाफा कमाओ। पीड़ित समझ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है। तुरंत उसने साइबर कंट्रोल 1930 पर संपर्क कर मालाड़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच मे पता चला कि पीड़ित द्वारा ट्रांसफर किए गए पैसों से ठगों ने एमेजोन (Amazon) से ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) कर ली। यह इतना फास्ट हुआ की बैंक ट्रांजैक्शन को रोका भी नही जा सका।

साइबर क्राइम से बचने के लिए क्या करें?

किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद करके यकीन ना करें। किसी लिंक पर क्लिक करके किसी अनजान एप को डाउनलोड ना करें। किसी के कहने पर निवेश ना करें, भले ही आपको शुरुआत में फायदा दिखे। ऐसे किसी भी घटना के होने पर तुरंत साइबर कंट्रोल 1930 से संपर्क करें और स्थानीय पुलिस थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराऐं।

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