समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों के टायर फटने से हड़कंप। वायरल वीडियो में “कील” दिखी, पर MSRDC ने बताया- ये नोज़ल थे, न कि कील।

मुंबई: नागपुर और मुंबई को जोड़ने वाली हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर मंगलवार देर रात अचानक कई गाड़ियों के टायर फट गए। जैसे ही वीडियो वायरल हुए, यह खबर आग की तरह फैल गई कि किसी ने सड़क पर कीलें गाड़ दी हैं और यह सब डकैती की योजना का हिस्सा है।

वीडियो में यात्रियों ने दावा किया कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही 3-4 गाड़ियों के टायर अचानक फट गए। इससे लोगों में डर फैल गया और सोशल मीडिया पर “डकैती की आशंका” की चर्चाएं तेज हो गईं।

MSRDC ने दी सफाई – “ये कील नहीं, नोज़ल थे”

महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तुएं “कील” नहीं, बल्कि एल्युमिनियम के नोज़ल थे।

दरअसल, मंगलवार रात दौलताबाद (छत्रपती संभाजीनगर जिला) के पास एक्सप्रेसवे की मुंबई आने वाली लेन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था। सड़क में हल्की दरारों को एपॉक्सी ग्राउटिंग से भरने का काम हो रहा था। इसके लिए 15 मीटर हिस्से पर एल्युमिनियम नोज़ल लगाए गए थे।

काम पूरा होने के बाद ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था, लेकिन रात करीब 11:30 बजे कुछ वाहन सीधे उस हिस्से से गुजर गए। नोज़ल हटाए जाने से पहले उन गाड़ियों के टायर फट गए।

ठेकेदार पर गिरी गाज

MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने सुरक्षा को लेकर लापरवाही की। पर्याप्त बैरिकेडिंग और अलर्ट न होने से गाड़ियां मरम्मत वाले हिस्से में घुस गईं। इस लापरवाही के लिए ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, जहां काम हो रहा था वहां बैरिकेडिंग मौजूद थी, लेकिन एक गाड़ी ने उसे तोड़कर सीधे काम वाली जगह से गुज़रने की कोशिश की। इसी वजह से अन्य वाहन भी उसी हिस्से में फंस गए और पंक्चर हुए।

यात्रियों की दिक्कत – घंटों फंसे रहे लोग

घटना में कोई हादसा या गंभीर चोट की खबर नहीं है। लेकिन यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

एक यात्री ने बताया कि उनकी कार के सभी टायर पंक्चर हो गए। उन्होंने हेल्पलाइन पर कॉल भी किया लेकिन मदद देर से पहुंची। मजबूरन उन्हें अपने परिवार (जिसमें छोटे बच्चे भी थे) को दूसरे वाहन से भेजना पड़ा।

सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में सड़क पर नुकीली चीजें साफ दिख रही थीं, जिससे आम लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गया।

5 बजे तक हटाए गए नोज़ल

MSRDC के अधिकारियों ने बताया कि रातभर काम जारी रहा और सुबह 5 बजे तक सभी नोज़ल हटा दिए गए। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य है।

क्या सचमुच लुटेरों की साजिश थी?

पुलिस ने साफ किया कि यह किसी भी प्रकार की डकैती या साजिश का मामला नहीं था। यह सिर्फ मेंटेनेंस वर्क में लापरवाही की वजह से हुआ।

हालांकि, वायरल वीडियो और अफवाहों ने लोगों को डरा दिया। यही कारण है कि यह घटना महाराष्ट्र में बड़ी खबर बन गई।

🗓️ समृद्धि एक्सप्रेसवे घटना की टाइमलाइन

📍 9 सितंबर 2025, रात

  • दौलताबाद, छत्रपती संभाजीनगर जिले के पास कई गाड़ियों के टायर पंक्चर हुए।
  • यात्रियों ने दावा किया कि सड़क पर “कीलें” गाड़ी गई हैं।
  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, डकैती की अफवाहें फैलीं।

📍 9 सितंबर, रात 11:30 बजे

  • MSRDC की टीम ने बताया कि उस हिस्से पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था।
  • दरारों को भरने के लिए एपॉक्सी ग्राउटिंग का काम हो रहा था।
  • 15 मीटर सड़क पर एल्युमिनियम नोज़ल लगे थे।

📍 10 सितंबर, सुबह 5 बजे तक

  • सभी नोज़ल हटाए गए।
  • ट्रैफिक सामान्य हो गया।
  • कोई बड़ा हादसा या जनहानि की खबर नहीं।

📍 बाद में

  • MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने पर्याप्त सुरक्षा नहीं रखी।
  • जिम्मेदार ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला
  • पुलिस ने कहा कि बैरिकेडिंग तोड़कर एक वाहन मेंटेनेंस ज़ोन में घुसा था।

समृद्धि महामार्ग पर बार-बार उठ रहे सवाल

यह पहली बार नहीं है जब समृद्धि एक्सप्रेसवे सुर्खियों में आया हो। कभी दुर्घटनाओं की वजह से तो कभी प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा इंतज़ाम और भी सख्त होने चाहिए। बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड और रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम को और मजबूत करने की ज़रूरत है।


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