मलाड पूर्व की दिंडोशी पुलिस ने मालेगांव के कबाड़ गोदाम से 1,150 मोबाइल मदरबोर्ड जब्त किए। इनकी कीमत ₹1.15 करोड़ बताई गई, एक आरोपी गिरफ्तार।
मुंबई: मुंबई में मोबाइल चोरी के बाद उनके पार्ट्स निकालकर बेचने के कथित कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। दिंडोशी पुलिस ने नासिक जिले के मालेगांव में एक कबाड़ गोदाम पर कार्रवाई कर 1,150 मोबाइल के मदरबोर्ड जब्त किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.15 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की जांच मालाड पूर्व के पुष्पा पार्क में हुई दो मोबाइल की चोरी से शुरू हुई थी, लेकिन इसकी कड़ी मालेगांव तक पहुंच गई। अब पुलिस जब्त मदरबोर्ड की पहचान कर यह पता लगाने में जुटी है कि वे मुंबई और दूसरे इलाकों से चोरी हुए किन मोबाइल फोन के हैं और इस कथित कारोबार में और कौन-कौन शामिल है।
मालाड के पुष्पा पार्क से शुरू हुई थी जांच
इस मामले की शुरुआत 22 सितंबर 2026 को मालाड पूर्व के पुष्पा पार्क इलाके में हुई मोबाइल चोरी की शिकायत से हुई थी। यहां एक महिला के बैग से दो मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। इसके बाद दिंडोशी पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 1073/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया।
चोरी की इस घटना की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मुंबई से चोरी किए गए मोबाइल फोन मालेगांव ले जाए जा रहे हैं। वहां मोबाइल खोलकर उनके अलग-अलग पार्ट्स निकाले जाते हैं और मदरबोर्ड को कबाड़ के रूप में बेचने का कारोबार किया जा रहा है।
मालेगांव के कबाड़ गोदाम से मिले 1,150 मदरबोर्ड
जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर दिंडोशी पुलिस ने मालेगांव में एक कबाड़ गोदाम पर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान वहां से 1,150 मोबाइल के मदरबोर्ड बरामद किए गए। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1.15 करोड़ रुपये बताई गई है।
इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जब्त किए गए मदरबोर्ड के स्रोत और उनकी पहचान की जांच की जा रही है।
चोरी के मोबाइल के पार्ट्स अलग करके बेचने का शक
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू चोरी के मोबाइल फोन को खोलकर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेचने का कथित तरीका है। मोबाइल का पूरा हैंडसेट बेचने के बजाय उसके मदरबोर्ड और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को अलग करके बेचने से चोरी के फोन की पहचान और बरामदगी की जांच जटिल हो सकती है।
1,150 मदरबोर्ड किन मोबाइल फोन के हैं?
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल जब्त मदरबोर्ड की पहचान करना है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि ये मदरबोर्ड मुंबई में चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन से जुड़े हैं या दूसरे इलाकों के मामलों से भी इनका संबंध है।
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि गोदाम तक ये मदरबोर्ड किस माध्यम से पहुंचे, उन्हें किसने खरीदा और आगे किन लोगों को बेचने की तैयारी थी। फिलहाल अबतक पूरे सप्लाई नेटवर्क या अन्य आरोपियों की संख्या की जांच नहीं हुई है।
मोबाइल चोरी होने पर क्या करें?
मोबाइल चोरी होने पर सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके बाद फोन का IMEI नंबर और जरूरी दस्तावेज तैयार रखकर केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करने का अनुरोध किया जा सकता है।
CEIR के जरिए चोरी या गुम हुए मोबाइल को भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर ब्लॉक कराया जा सकता है। यदि ब्लॉक किया गया फोन किसी नेटवर्क पर दोबारा इस्तेमाल होता है, तो उसकी ट्रेसिंग में पुलिस को मदद मिल सकती है।
आधिकारिक पोर्टल: https://www.ceir.gov.in/
दिंडोशी पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य फोकस जब्त किए गए 1,150 मदरबोर्ड की पहचान और उनके वास्तविक स्रोत का पता लगाना है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद पुर्जे किन मोबाइल चोरी के मामलों से जुड़े हैं और मालेगांव तक पहुंचने वाले इस कथित कारोबार में कितने लोग शामिल हैं।
