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  • सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    • मनपा आयुक्त के रूप में सबसे ज्यादा अयोग्य अभ्यर्थी नियुक्त करने का चहल का रिकार्ड
    • मनपा आयुक्त चहल के कैरेक्टर रोल की जांच सीबीआई व ईडी से कराने की मुंबईकरों की मांग।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त  इकबाल सिंह चहल को एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है। किंतु किसी को क्या मालूम था की इकबाल सिंह चहल अपने निजी लाभ के लिए सहायक आयुक्तों की होने वाली नई भर्ती पर ध्यान नहीं देंगे तथा वह कभी भी राज्य संघ लोक सेवा आयोग से सहायक आयुक्त की भर्ती के लिए कोई मांग नहीं करेंगे। इन दोनों ने ऐसा किया है जिसके कारण मनपा में सहायक आयुक्त का कार्य भी प्रभारी सहायक आयुक्त से लिया जा रहा है। सहायक आयुक्त की जगह अपेक्षित काम ना कर पाने के कारण प्रभारी सहायक आयुक्त जनता की अनेक समस्याएं दूर नहीं कर पा रहे हैं।

    मनपा आयुक्त द्वारा प्रभारी सहायक आयुक्तों की नियुक्ति ..

    सूत्रों का कहना है, कि कितनों को तो आयुक्त चहल ने योग्यता न होने के बावजूद भी नियुक्त किया है, जिसे उनका निंदनीय भ्रष्टाचार माना जा रहा है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहायक आयुक्तों की भर्ती बंद होने से निगम के 10 से 15 विभाग कार्यालयों का प्रभार सहायक आयुक्तों के पास है। इसके कारण विभाग में कई नागरिक समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं और देखा जा रहा है कि प्रभारी सहायक आयुक्त कभी-कभी उनका समाधान करने में विफल हो रहे हैं।

    मनपा आयुक्त,
    मुंबई मनपा आयुक्त मुख्यालय की फाइल तस्वीर

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    मुंबई महानगर में 24 नगरपालिका प्रभाग कार्यालय हैं। इनमें से प्रत्येक संभागीय कार्यालय का प्रबंधन एक अलग एमपीएससी से चयनित एक सहायक आयुक्त द्वारा किया जाता है। लेकिन चूंकि एमपीएससी द्वारा पिछले दो वर्षों से सहायक आयुक्त की भर्ती प्रक्रिया नहीं की गई है, इसलिए मनपा प्रशासन ने उन अधिकारियों को प्रभारी सहायक आयुक्त का प्रभार दिया है जो कुछ विभागीय कार्यालयों में घनकचरा व्यवस्थापन व परिरक्षण विभाग के कार्यकारी अभियंता हैं।

    ऐसे में उनके लिए वार्ड का कार्यभार पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके कारण वार्ड में कूड़ा-कचरा, सड़क, अनाधिकृत निर्माण, रेहड़ी, फेरीवाले और प्रतिष्ठानों का आस्थापना विभाग सहित अन्य समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। नतीजा, इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। गत वर्ष से मुंबई नगर निगम में नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण वे नगर पालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

    नागरिकों को सीवरेज, फुटपाथ मरम्मत, जलापूर्ति, मलिन बस्तियों में सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए नगरसेवकों के कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है। चूंकि नगरसेवकों का कार्यालय भी बंद है, इसलिए उनके कार्यालय जाने पर भी नागरिकों का काम नहीं हो पाता है। नागरिकों की यह भी शिकायत है कि नगर निगम सहायक आयुक्त द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे दिन-ब-दिन शहर में नागरिक समस्याएं बढ़ती जा रही है।

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    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यकाल में फर्जी वार्ड ऑफिसर से मोटी रकम लेकर नियुक्ति की है ऐसा कहा जाता है। स्थानीय विधायक और सांसद की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए इन वार्ड ऑफिसरों की मनपा आयुक्त से सांठ-गांठ कर नियुक्ति की है ऐसा भी कहा जाता है। जिसमे आयुक्त की प्रति माह ५०० करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय है। क्या इसकी जांच राज्य सरकार और केंद्र सरकार करेगी या ईडी सीबीआई करेगी।

  • आरपीएफ निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह

    आरपीएफ निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह

    मुंबई मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर रात होते यात्रियों की सुरक्षा और रक्षा राम भरोसे, यात्रियों को रेलवे प्रशासन से मदद मांगने पर भरोसा करने में सावधानी बरतने की अपील …

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    कुर्ला स्थित, मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर रात्रि 8 के बाद कोई भी रेल सुरक्षा बल का अधिकारी और सिपाही ड्यूटी पर दिखाई नही पड़ता है और प्लेटफार्म 2/3 पर स्टाल धारक यात्रियों से जमकर लूटपाट करते है और सामान लेने के बाद बिल मांगने पर देते भी नही है। इसके गुंडागर्दी मारपीट के लिए उतारू हो जाते है आरपीएफ से फोन पर शिकायत करने पर निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह सीधे कहते है। ट्वीट करिये। कार्रवाई करने से सीधा मना कर देते है।

    इस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर, सीसीआई आरपीएफ सभी मिले हुए हैं। एक मोटी रकम की वसूली की जाती है। इस पर जीएम और डीआरएम किसी का भी ध्यान नही है। यात्रियों की कोई सुरक्षा नही है सारे डकैत स्टाल खोलकर खुलेआम यात्रियों की जेब पर डाका डाल रहे है। लेकिन जीएम नरेश लालवानी ईमानदारी का नारा लगा रहे है। जिसको ट्वीट करना नही आता, उसकी शिकायत नही ली जाती है।

    रेलवे प्रशासन,
    मुंबई का कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस की फाइल तस्वीर

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    रेलवे प्रशासन का लोकमान्य तिलक टर्मिनस

    क्या रेलवे प्रशासन सुधरेगा या केवल लूटने का ही काम करेगा? मुंबई के कंट्रोल रूम में फोन किया गया, तो पहले कांबले ने फोन उठाया और टीसी को शिकायत करने के लिए कहा गया। फिर कंट्रोल में ड्यूटी पर तैनात दिनेश ने कहा, कि आप टीसी से शिकायत पुस्तिका में शिकायत करिये। गाड़ी छूटने पर टीसी क्या करेगा ? शिकायत के मुताबिक, गाड़ी संख्या 18029 शालीमार एक्सप्रेस के एसी बोगी में अवैध पानी।

    मुंबई से सटे ठाणा स्टेशन का अवैध वेंडर राजा अपने पालतू गुर्गो से 20 रुपये में पानी की बोतल बिकवाता है। इस गोरखधंधे में रेलवे सुरक्षा बल पर तैनात सुरक्षारक्षक इनका साथ देते हैं। इसी तरह रेल सुरक्षा बल रेलवे की सुरक्षा करती रही तो रेलवे बिकने में ज्यादा समय नही लगेगा। आरपीएफ जवानों को इतनी पगार मिलती है जिससे उनका परिवार अच्छी तरह से भरण पोषण किया जा सकता है। फिर भी रेल कर्मी और अधिकारियों का बिना वसूली के काम नही चलता है।

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    मुंबई के मध्यरेल के कंट्रोल रूम में रात में लगता है फर्जी लोग बिठाए गए है। ट्रेन में कोई भी अप्रिय घटना घट जाए, इनसे कोई मतलब नही होता। सूत्रों से पता चला है, कि कंट्रोल में लगातार शिकायतों के चलते अब वहां भी इन अवैध वेंडरों ने रिश्वत का नजराना पेश करना शुरू कर दिया है। अब कंट्रोल रूम में तैनात सरकारी कर्मचारियों द्वारा भी अवैध वेंडरों से हफ्ता उगाही की जाती है इसीलिए शिकायत नही लिया जाता है।

  • दूसरी मंजिल से धड़ाम, टूटे दांत पैर फ्रैक्कर। Spider-man का क्राईम खुलासा

    दूसरी मंजिल से धड़ाम, टूटे दांत पैर फ्रैक्कर। Spider-man का क्राईम खुलासा

    टूटे हुए दो दांतों से पुलिस को मिला सुराग, 4 महीने बाद हुआ गिरफ्तार। Spider-man thief क्राईम का हआ खुलासा

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बोरीवली के इलाके में एक चोर अपने दो दूटे दांतों की वजह से चोरी की घटना के 4 महीने बाद पकड़ा गया। दरअसल, यहां स्पाइडर-मैन नाम से चर्चित अज्ञात चोर चोरी करने के बाद भागते समय दूसरी मंजिल से गिर गया। इसके चलते उसके दो दांत दूट गए और एक पैर में फैक्चर हो गया। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

    पुलिस को घटना स्थल की जांच से मिले इन्हीं दो टूटे दांतों की मदद से उसे बोरीवली पुलिस ने चार महीने बाद गिरफ्तार कर लिया। चोर की पहचान 29 साल के रोहित राठौड के रूप में हुई। खबरों के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि रोहित राठौड़ आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी के 19 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने रोहित की पहचान करने के लिए बोरीवली और उसके आस पास के 400 से अधिक अस्पतालों में पूछताछ की थी। इसके बाद उसे दहिसर से गिरफ्तार किया गया। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

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    राठौड़ की गिरफ्तारी से पुलिस को दो मामले सुलझाने में मदद मिली है। रोहित राठौड़ को इससे पहले डीएन नगर, कांदिवली, बोरीवली, वकोला, सांताक्रूज, दहिसर, कस्तूरबा मार्ग
    और समेत अन्य कई पुलिस स्टेशनों द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। वह एक साल तक वकोला पुलिस स्टेशन से तड़ीपार भी रहा है। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

    कैसे की थी चोरी, कैसे हुआ इसका खुलासा ?

    बताया जा रहा है, कि रोहित 22 जून को दहिसर पश्चिम के महात्रेवाड़ी में राजाराम तावड़े रोड पर स्थित अर्पिता अपार्टमेंट में चोरी करने पहुंचा था। यहां उसने दूसरे मंजिल पर बने एक फ्लैट में चोरी की। शिकायत के मुताबिक, जब घर में मौजूद एक 32 वर्षीय सदस्य ने चोरी होते देखा, तो उसने घर के अन्य सदस्यों को बुलाया। हालाकि, तब तक रोहित रसोई की खिड़की से कूदकर भाग गया। इसकेबाद चोरी की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब जांच की तो घटनास्थल पर दो दात मिले।

    मुंबई परिमंडल 11 के डीसीपी अजयकुमार बंसल और बोरीवली पश्चिम के एमएचबी पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुधीर कुडालकर के मार्गदर्शन में एपीआई सूर्यकांत पवार और पीएसआई अखिलेश भोम्बे के साथ जांच शुरू की गई। इमारत परिसर में दो टूटे हुए दांत और खून के धब्बे पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस ने देखा तो उसमें चोर कूदते वक्त गिरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने कैमरे में देखा, कि इसमें उसके दो दात दूंट गए और उसके पैर में भी फैक्चर हो गया। हालाकि, अंधेरे की वजह से फुटेज में उसका चेहरा नहीं दिख सका। चोर चोट के बावजूद एक दीवार कूदकर भागने में सपफल रहा। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

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    Spider-man thief

    पुलिस को यह पता था कि आरोपी चोर को काफी बोच लगी है, ऐसे में वह अस्पताल जरूर जाएगा। पुलिस ने आसपास के अस्पतालों में जाकर चेक किया। हालांकि, वह नहीं मिला। इसके बाद एक पुलिसकर्मी को रोज अलग-अलग अस्पतालों में जाकर चेक करने की ड्यूटी पर लगा दिया गया। पिछले हफ्ते पुलिसकर्मी ने देखा कि चोर वकोला में एक अस्पताल में इलाज करा रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसके डिस्वार्ज होने का इंतजार किया जैसे ही वह घर पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। #Spiderman का क्राईम खुलासा..

  • निवासियों को भुगतना पड़ रहा है एसआरए की बिल्डिंगों के घटिया निर्माण का खामियाजा

    निवासियों को भुगतना पड़ रहा है एसआरए की बिल्डिंगों के घटिया निर्माण का खामियाजा

    • SRA व मनपा के अधिकारी सहित बिल्डर मालामाल: निवासी बेचारे बेहाल।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई
    : महानगर मुंबई में ऐसा चलन रहा है, कि जो भी उपयोगी काम जनता के लिए किए जाते हैं, उन्हें या तो कोई विभाग संभालता है या फिर ठेकेदारों को दे दिया जाता है। जनोपयोगी कार्य या निर्माण चाहे जैसे भी कराया जाता हो किंतु उसके निर्माण में निर्माण कर्ता अधिक से अधिक पैसे बचाने की कोशिश करता है, जिसका असर यह पड़ता है कि कार्य या निर्माण अत्यंत घटिया किस्म का और घटिया निर्माण सामग्री वाला होता है। यही हाल है झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) का, जो बिल्डरों को पुनर्वसन हेतु घर बनाने का ठेका दे देता है, जिसमें बिल्डर मनमानी काफी कुछ काम करते हैं।

    SRA की योजना में घटिया बिल्डिंग निर्माण ..

    काम भले ही घटिया हो लेकिन वह बिल्डर या सारे अधिकारियों को समय-समय पर आर्थिक भेंट और अनेक उपहारों से खुश करते रहते हैं। महानगर मुंबई में भी झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) योजना के तहत बनाई गई घटिया इमारतों के कई मामले प्रकाश में आये हैं।

    जानकारी के अनुसार एसआरए ने गोरेगांव झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना के तहत इमारत की पार्किंग में आग जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए डेवलपर्स और आर्किटेक्ट्स को नए निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसी घटनाएं भविष्य में भी हो सकती हैं, जब तक कि सहकारी आवास सोसायटी द्वारा उन इमारतों के लिए आवश्यक देखभाल नहीं की जाती हैं तथा जो पूरी हो चुकी हैं, उन्हें आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसकी जिम्मेदारी डेवलपर की होती है। इसके बाद भवन महापालिका को सौंप दिया जाता है।

    Sra,
    गोरेगांव से SRA इमारत के नीचे लगी आग जानी की तस्वीर

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    बता दें, कि झोपड़पट्टी पुनर्वसन में अब तक ढाई लाख फ्लैटों को रहने योग्य प्रमाणपत्र दिया जा चुका है। अधिकांश इमारतों की त्रिवर्षीय अवधि समाप्त हो गई है, इसलिए रखरखाव की जिम्मेदारी अब संबंधित सहकारी आवास समितियों की है। लेकिन यह पाया गया है, कि इन आवास संगठनों द्वारा उचित सावधानी नहीं बरती जा रही है। इसलिए अब प्राधिकरण द्वारा इसकी दोबारा समीक्षा की जाएगी। स्लम पुनर्वास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश लोखंडे ने कहा, कि सभी पुनर्वास भवनों के डेवलपर्स और वास्तुकारों को दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे और दावा किया गया है कि फायर ब्रिगेड द्वारा ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ जारी करने के बाद ही रहने योग्य प्रमाण पत्र जारी किया गया था। उसके बाद तीन साल की अवधि के लिए बिल्डरों की जिम्मेदारी व देनदारी को लागू करने के आग्रह की ओर से एसआरए ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं।

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    गोरेगांव की जिस इमारत में आग लगी वह सात मंजिला इमारत थी। जबकि झोपड़पट्टी पुनर्वास में 42 मंजिला टावर खड़े हैं। ऐसे टावरों को रहने योग्य प्रमाण पत्र देने के बाद डेवलपर की जिम्मेदारी केवल तीन साल तक होती है, तो असली परीक्षा इन टावरों में रहने वाले निवासियों के लिए होती है। सवाल यह है कि ऐसे टावरों के रखरखाव की देखभाल संबंधित सहकारी आवास सोसायटी द्वारा कैसे की जाएगी इसका कोई प्रारूप एसआरए ने नहीं पेश किया है। महापालिका के पी/उत्तर विभाग कार्यालय में बार-बार की शिकायतों कि गोरेगांव में दुर्घटना ग्रस्त इमारत में पार्किंग स्थल और सड़क पर बाधाएं डाली जा रही हैं। इस पर मनपा अधिकारी भी चुप बैठे हैं।

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  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

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    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

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    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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    ट्रैफिक पुलिस की मनमानी ..

    ट्रैफिक पुलिस,
    पुलिस के रिश्वतखोरी की फाइल तस्वीर

    मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे।
    इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News)
    अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया।
    पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया।
    ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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  • Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ में नाबालिग गिरफ्तार

    Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ में नाबालिग गिरफ्तार

    विक्रोली में हिंदू संगठनों के पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हथियार बंद पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल, होम गार्ड की अतिरिक्त जनशक्ति को विक्रोली पश्चिम में संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात किया गया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    विक्रोली मे शुक्रवार की एक घटना के बाद से ही यहां का वातावरण तनावपूर्ण हो गया है। पार्कसाइट पुलिस ने शुक्रवार रात 30 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के आरोप में एक नाबालिग को पकड़ा है। पीडीत महिला स्थानीय शस्त्र इकाई से जुड़ी एक कांस्टेबल है।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। विक्रोली की रहने वाली कांस्टेबल अपने चचेरे भाई और दोस्त के साथ रात के खाने के लिए अपने चाचा के घर की ओर जा रही थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति पीछे से आया और उसे छूने लगा। उसके दोस्त और चचेरे भाई ने तुरंत उस व्यक्ति को पकड़ लिया, लेकिन बाइक पर सवार दो लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया, उसे थप्पड़ मारा और तुरंत वहां से चले जाने को कहा।

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    महिला पुलिस,
    विक्रोली मे अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती

    घटना के बाद महिला ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कराया। मुंबई परिमंडल-7 के पुलिस उपायुक्त पुरूषोत्तम कराड ने कहा, “अपराधी को ट्रैक करने के लिए टीमों का गठन किया गया था।” उन्होंने कहा, “हमने एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में संदिग्ध को देखा।”

    जिस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता! अड्डे पर मिलीं 44 लड़कियां

    महिला पुलिस कांस्टेबल ..

    फुटेज के आधार पर पुलिस ने शनिवार को विक्रोली में रहने वाले एक नाबालिग को पकड़ लिया। उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच, घटना की खबर चिंगारी की तरह फैल गई, जिसमें कई लोगों ने दावा किया कि महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाला आरोपी ईद के जुलूस का हिस्सा था। शनिवार सुबह हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर दोषी की गिरफ्तारी की मांग की। 

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    मुंबई पुलिस ने निवारक उपाय के रूप में, स्थानीय हथियार बंद पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल, होम गार्ड की अतिरिक्त जनशक्ति को विक्रोली पश्चिम में संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात किया गया।समाचार लिखे जाने तक पुलिस बाइक सवार लोगों का पता लगाने में भी कामयाब रही। उन्हें मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। अपराध के खिलाफ नाबालिग लड़के के साथ 3 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।

  • MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    स्वच्छता अभियान के तहत पखवाड़ा का ड्रामा कर कल्याण रेलवे स्टेशन पर अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी पैसों का बंटाधार कर रहे हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – मध्यरेल के पांचों मंडलो में इस समय स्वच्छता पखवाड़ा का दिखावा जोर-शोर से चल रहा है। सारे अधिकारी अपने मंडलो में फोटो खिंचवाकर वाह-वाही लूट रहे है। जो कार्य नित्य करना है वो कार्य वर्ष में पखवाड़ा मनाकर यात्रियों को खुलेआम मूर्ख बनाकर अधिकारी अपनी झोली भरने का कार्य कर रहे है।

    मुंबई के सभी लोकल स्टेशनों पर शौचालय इतने गंदे है, कि यात्रियों को उसके दुर्गंध से ही बेहोशी आने लगती है शिकायत करने पर कोई कार्यवाही तक नही होती। कोई सुनने वाला नही है। महिला शौचालयों में भारी लूटपाट की जाती है। क्या इस पर कोई कार्रवाई अभी तक की गई है? अगर की गई है उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती है। रेलवे अधिकारियों को चुल्लू भर पानी मे डूब मरना चाहिए।

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    स्वच्छता,

    स्वच्छता पखवाड़ा ..

    ये जो पखवाड़ा बाजी करते है स्वच्छता प्रतिदिन होना चाहिए। जो नही किया जाता। केवल सफाई करने वाले ठेकेदारों से हफ्ता वसूली बड़े पैमाने पर चल रहा है और स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा और वो भी केवल चिन्हित गाड़ियों और स्थानों पर इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है।

    कल्याण स्टेशन पर तो महिलाओ के लिए शौचालय की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है जो कि मध्यरेल के महाप्रबंधक नरेश लालवानी ने आदेश भी जारी किया है। फिर भी कोई कार्य शुरू नही किया गया है। अभी टेंडरिंग प्रोसेस में है। कल्याण स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर महिलाये परेशान रहती है।

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  • Mumbai: लोकल ट्रेन में विवादास्पद बेली डांस पर छिड़ी बहस, मध्य रेलवे डीआरएम ने जनता से की अपील

    Mumbai: लोकल ट्रेन में विवादास्पद बेली डांस पर छिड़ी बहस, मध्य रेलवे डीआरएम ने जनता से की अपील

    कुछ यात्रियों ने इसे मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। (Mumbai Local Train Viral Video)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई (Mumbai) की लोकल ट्रेनें (Local Train) एक बार फिर एक वायरल वीडियो (Viral Video) की वजह से चर्चा का केंद्र बन गई हैं। इस बार, वीडियो में एक महिला को चलती लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांस (Belly Dance) करते हुए दिख रही है, जिससे लोगों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।

    Mumbai लोकल ट्रेन ..

    हालांकि मुंबई की लोकल ट्रेनों में ‘वायरल वीडियो’ कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस विशेष घटना ने सांस्कृतिक धारणाओं, सार्वजनिक व्यवहार और सार्वजनिक परिवहन (Public Transportation) पर मर्यादा बनाए रखने में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राय को विभाजित कर दिया है।

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    कुछ यात्रियों ने इसे हानिरहित मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

    हालाँकि, इस घटना की सटीक तारीख और स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CST) और सैंडहर्स्ट रोड के स्टेशनों के बीच मध्य रेलवे (Central Railway) के उपनगरीय खंड पर हुआ शूट किया गया है।

    नीचे वीडियो देखें

    वीडियो सोशल मीडिया पर मुख्य रूप से ट्विटर उपयोगकर्ता @mumbaimatterz के सौजन्य से पहुंचा। इसने तुरंत ध्यान आकर्षित किया, कैप्शन के साथ, “मनोरंजन… अब मुंबई लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांसिंग। ऐसा लगता है कि #मुंबईलोकल ट्रेनें प्रतिभा दिखाने के लिए सबसे अच्छी जगह हैं।” इस पोस्ट ने प्रतिक्रियाओं और चर्चाओं की झड़ी लगा दी।

    मध्य रेलवे (Central Railway) मुंबई मंडल के डीआरएम (Divisional Railway Manager) ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए यात्रियों से ट्रेन यात्रा के दौरान ऐसी गतिविधियों और स्टंट से बचने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा, कि “रेलगाड़ियाँ सार्वजनिक परिवहन के लिए हैं, ऐसे प्रदर्शनों के लिए नहीं।”

    Mumbai, लोकल ट्रेन,
    मुंबई लोकल ट्रेन के भीतर डांस करते हुए लड़की की तस्वीर

    जनता के बीच राय व्यापक रूप से भिन्न थी। उदयकुमार जे नायर ने संदेह व्यक्त किया, सुझाव दिया कि कलाकार ध्यान आकर्षित करना चाहता था और वीडियो के पीछे लोगों की भूमिका पर सवाल उठाया। धीवर पारलकर ने प्रत्येक डिब्बे में पुलिस की मौजूदगी की सीमाओं की ओर इशारा किया और इस तरह के व्यवहार को हतोत्साहित करने के लिए यात्रियों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

    एक अन्य चिंतित उपयोगकर्ता, मकरंद ने सम्मानजनक और सुरक्षित आवागमन के माहौल की वकालत करते हुए, सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने के लिए @Central_Railway और @RPFCR द्वारा त्वरित और सख्त कार्रवाई का आह्वान किया।

    इसके विपरीत, एक ट्वीटर उपयोगकर्ता (Twitter User), अभिजीत पाटकी ने विनोदपूर्वक कहा कि यदि इस तरह के प्रदर्शन विरार या कल्याण जाने वाली ट्रेनों में होते हैं, तो जगह तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। भावेश पंड्या ने ‘ट्वीट’ (Twitter) पर मज़ाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि रेलवे की नियमित देरी से मनोरंजन की अचानक शुरुआत को समझा जा सकता है।

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    जॉयदीप रॉय ने डांस बार की तुलना में ट्रेन मनोरंजन (Entertainment) की सामर्थ्य पर प्रकाश डालते हुए कीमत की तुलना की। अंत में, एक अन्य ट्वीटर उपयोगकर्ता सुधीश ने बेली डांस (Belly Dance) को अश्लील और अभद्र बताने पर सवाल उठाया, यह तर्क देते हुए कि इसे सार्वजनिक कार्यक्रमों और फिल्मों में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है, और सवाल किया कि कुछ व्यक्तियों को संस्कृति और धर्म के संरक्षक के रूप में किसने नियुक्त कर किया।

  • बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    • क्राइम ब्रांच यूनिट 1 की टीम ने ‘ गौतम एग्रो इण्डिया ‘ कंपनी में बनावटी तेल बनाते रंगेहाथ पकड़ा।
    • केशव राई तेल- गुजरात सींग तेल- सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल।
    • कॉसमॉस नामक केमिकल मिलाकर खाने का तेल तैयार किया जाता है।

    वी.बी.माणिक
    मुंबई-
    महानगर में कुछ ऐसे लघु उद्योग हैं जो लोगों के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना अपने लाभ के लिए नकली सरसों और सींग का तेल बनाते हैं। उसको बनाने के लिए वह केमिकल का सहारा लेते हैं। उन्हें इस बात की चिंता नहीं कि देश के नागरिक उनका उपयोग करके कई शारीरिक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं किंतु उन्हें तो अधिक से अधिक पैसा कमा कर अपनी तिजोरी भरनी होती है ऐसे ही एक कारखाने को नवी मुंबई की क्राइम ब्रांच यूनिट नंबर-1 ने खुलासा किया है।

    अपने मुखबिरों से सूचना पाकर क्राइम ब्रांच की यूनिट -1 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक आबासाहेब पाटिल की टीम ने उस कंपनी में छापा मार कर, उस कंपनी में सरसों और सींग का तेल बनाते रंगे हाथ पकड़ा तो काम करने वाले लोगों ने बताया कि यह लघु उद्योग ‘गौतम एग्रो इंडिया’ के नाम से चलाया जाता है तथा इसका मालिक विशाल सेठ है। पुलिस के पूछने पर कामगारों ने बताया कि टैंकरों से ‘सुपर पाम’ नाम का तेल आता है जिसे वह 10 से 20 टन क्षमता वाली 8 से 10 टंकियों में रखते हैं।

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    केमिकल,
    पुलिस की रेड की तस्वीर

    केमिकल से तैयार किया जाता है खाने का तेल

    इन्हीं टंकियों में सींग तेल के लिए एक सुपर केमिकल नामक थिनर मिलाया जाता है ताकि तेल गाढ़ा न हो। उसके बाद 4 से 5 टन सींग तेल बनाने के लिए डेढ़ से दो किलोग्राम कॉसमॉस नामक केमिकल का उपयोग किया जाता है। फिर उसे टंकी में ही अच्छी तरह मिला देते हैं और तेल को दूसरी यूनिट में भेज कर उसकी पैकिंग कर दी जाती है। सींग तेल के ब्राडों में उन्होंने बताया कि गुजरात सींग तेल, सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल कहा जाता है।

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    पुलिस ने बताया है कि इसी तरह उसी सुपर पाम तेल में एक केमिकल मिलाया जाता है, जिसके एक बाॅटल मिलाने पर ही, लगभग चार से पांच टन राई का तेल तैयार हो जाता है। फिर इसे ‘केशव राई तेल’ के ब्रांड वाली पैकिंग में पैक किया जाता है। क्राइम ब्रांच ने उक्त कारखाने को सील कर दिया है और तेल बनाने में उपयोग किये जाने वाले केमिकल्स एवं सुपर पाम ऑयल का सैम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोग शाला में भेज दिया है। मामला दर्ज कर पुलिस उस कंपनी की गहन जांच करने में जुट गई है।