Mumbai Cyber Fraud: मुंबई के साइबर क्राइम पुलिस ने दिल्ली की एक नकली कॉल सेंटर पर छापामारी कर करोड़ों रुपये के फर्जीवाडे का खुलासा किया है। जो नकली मुहर और डॉक्यूमेंट बनाकर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम विभाग ने दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापामारी के दौरान 105 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी आम लोगों को ज़ीरो इंटरेस्ट रेट पर लोन देने का झांसा देकर ठगी करते थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)
नकली मुहर और डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी कॉल सेंटर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को फोन करते थे और उनसे कहते थे कि वह बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) और यस बैंक (Yes Bank) से बोल रहे हैं। उनके साथ धोखाधड़ी करने के लिए जीरो इंटरेस्ट रेट पर लोन देने का झांसा देते थे। इसके बाद जैसे ही उनका शिकार लोन के लिए अपने डॉक्यूमेंट भेज देते थे, तो उनपर नकली मुहर और डॉक्यूमेंट बनाकर अलग-अलग माध्यमों से उनकी ठगी किया करते थे।
बजाज फायनेंस पर भरोसा
पुलिस ने बताया कि मुंबई के एक बुजुर्ग व्यक्ति को इसी तरिके से 1 करोड़ 14 लाख रूपये का धोखा दिया गया। शिकायत में पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि बीना ब्याज के लोन का झांसा देकर पहले आरोपियों ने उनके डॉक्यूमेंटस मांगे। बजाज फायनेंस का नाम सुनकर उन्हें भरोसा हुआ और जैसे ही लोन के लिए उन्होंने अपने डॉक्यूमेंटस भेजे इसके बाद अकाउंट डिटेल और ओटीपी शेयर किया, आरोपियों ने उनके डॉक्यूमेंटस से छेड़छाड़ कर उनके अकाउंट में लोन का पैसा ट्रान्सफर करवाया और बाद में उनके अकाउंट से सारे पैसे उड़ा लिए। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)
नकली कल सेंटर का खुलासा
मुंबई साइबर सेल से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर मुंबई साइबर पुलिस की टीम ने दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मैक्सिमाइजर मार्केटिंग (OPC) प्राइवेट लिमिटेड, आनंद विहार, हरी नगर, नई दिल्ली के नाम से कॉल सेंटर ऑपरेट कर रहे थे।
105 मोबाइल फोन
गिरफ्तार किये गए आरोपियों के नाम शहजाद लाल मोहम्मद खान उर्फ रहमान, अनुज उत्तम सिंह रावत उर्फ अनिल कुमार यादव और मोहम्मद आमिर हुसैन बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 105 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किए गए है।
132 मामलों में शामिल
पुलिस को जांच में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे वो नंबर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज देशभर के अलग-अलग 132 मामलों में शामिल है। जांच में यह भी बात सामने आई है कि आरोपियों ने अलग-अलग प्रकार से नागरिकों का भरोसा जीतकर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की है। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)
पुलिस ने क्या कहा?
मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी दत्ता नलावडे ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और BNS की तमाम धाराओं के तहत केस रजिस्टर किय गया है और मामले की अभी और अधिक तहकीकात की जा रही है।
