नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
मंत्रालय प्रतिनिधि
मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।
इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

अजीत पवार ने दिलाया भरोसा
बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
“हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”
भारत सरकार और दूतावास से संपर्क
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।
- दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
- उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
- बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।
हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।
- पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
- बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।
विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें
भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।
- भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
- जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
- अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।
स्थानीय स्तर पर हालात
जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।

