Category: Political News

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  • पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ भारत की सरकार अब सख्त हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक अहम बैठक कर पांच बड़े फैसले किए हैं। जिसमें सिंघु जल समझौते पर रोक, उच्चायोग बंद, नागरिकों के वीजा रद, अटारी बॉर्डर भी बंद का ऐलान कर दिया है।

    नई दिल्ली- पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सीसीएस की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गाए हैं। विदेश साचिव विक्रम मिश्री ने एक प्रेस कॉन्प्रेंस को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घटे में देश छोड़ने को कहा गया है। सार्क वीजा वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही, सिंघु जल समझाते पर रोक लगाई गई है। अटरी वाघा बॉर्डर को बंद किया गया है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अथिकारी भी शामिल हुए। वैठक में केंद्र सरकार हमले की जानकारी दी। (India’s big action after Pahalgam attack)

    अबू तालाह है मास्टरमाइंड

    इलाके में एक साल से सक्रिय थे आतंकी
    पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय थे और इन्हीं आतंकियों ने मई 2024 में पुंछ में वायु सेना के काफिले पर हुए हमले को अंजाम दिया था। सूत्रों के मु्तबिक, जुलाई 2024 में इन आतंकियों ने जम्मू से कश्मीर की तरफ मुवमेंट किया था और फिर ये श्रीनगर के डाचीगाम जंगल क्षेत्र में जाकर छिप गए थे। दिसंवर 2024 में सुरक्षा बलों ने इस इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन उस दौरान तीन आतंकी भागने में सफल हो गए थे। अब जांच में सामने आया है कि पहलगाम हमले को उन्हीं बचे हुए आतेकियों ने अंजाम दिया है। जिसमें उन्हें उनके पाकिस्तानी हैंडलर की मद मिली। इस हमले का मास्टरमाइंड अबू तालाह पाक अधिकृत कश्मीर से आतांकियों को निर्देश दे रहा था।

    भारत के पांच सख्त फैसले

    • सबसे पहला फैसला है कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद किया जाएगा। यह एक वड़ा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी रुक जाएगी।
    • दुसरा फैसला है कि पाकतिस्तान में मौजूद भारत का दूतवास अव बंद किया जाएग। यह कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
    • भारत ने तीसरा कडा कदम उठाते हुए इंडस वॉटर ट्रीटी (जल संधि) को भी रोक दिया है। इसका असर पाकिस्तान को काफी बड़े स्तर पर होगा।
    • चौथा फैसला यह है कि भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनायिकों को 48 घंटे के भीतर देश छेड़ने का आदेश दिया गया है।
    • पादवां और अहम फैसला है कि अब पाकिस्तानियों को भारत का वीजा नही मिलेगा।

    रक्षा मत्री राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी

    ऐसा जवाब देंगे कि दुनिया देखेगी
    केद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले पर आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंनि सख्त लफ्जो में कहा, कि पहलगाम में आतंक्रियों ने थर्म को निशाना बनाकर कायराना हमला किया है। इसमें हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खोया है। जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, हम सिर्फ उन लोगों तक ही नहीं पहुंचेंगे, बल्कि उन लोगों तक भी पहुंचेंगे जो पर्द के पीछे बैठकर भारत की धरती पर नापाक साजिश रची है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी टेरेरिज्म के खिलाफ जीरो टोलरेंस की पॉलिसी है। भारत का एक एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है। भारत एक इतनी पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसको ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता है। ऐसी हरकतों का जवाब, हमले के जिम्मेदार लोगों को आने वाले कुछ ही समय में जोरदार तरीके से दिया जाएगा।

    Pahalgam attacks news image
    आतंकियों की तस्वीर

    पहलगाम के जल्लादों की हुई पहचान

    जम्मू-कक्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में लोगों की हत्या करने वाले आतकियों के स्केच पहले जारी किए गए थे, अब तरवीर भी जारी कर दी गई हैं। इन आतकवादियों की पहचान आसिक फौजी, सुलेमान शाह और अबू तालाह के रूप में हुई है। एक आतंकवादी मारा गया है। अब पहचान होने के बाद आतंकी कानून की पकड़ से दूर नही है, ऐसे में उन 27 लोगों की मौत को भी न्याय मिल सकेगा। सभी अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है। प्रात जानकारी के अनुसार इन 4 लोगों में से एक की मौत हो गई है। पुलिस शेष तीन लोगों की तलाश कर रही है जिनके पास के जंगल में छिपे होने का संदेह है।

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    आईबी अधिकारी मनीष रंजन को पल्नी और बच्चों के सामने मारी गोली

    पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलें में खुकिया ब्यरो के अधिकारी मनीष रंजन की भी मौत हो गई। मनीष रंजन बिहार के रहने वाले थे। वह छुट्टी मनाने के लिए परिवार के साथ पहलगाम गए थे। आईबी के सूत्री से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें उनकी फ्नी और बच्चे के समने गोली मारी गई मनीष रंजन पिछले दो वर्षों से आईंबी के हैदराबाद कार्यालय के मंत्री अनुभाग में कार्यरत थे।

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    घाटी के जंगलों में उतरे पैरा कमांडो

    भारतीय सेना, सीआरपीएक और जमू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें ऑपरेशन को अंजाम दे रहीं हैं। सुरक्षा एजीसियां इस हमले को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है और आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार ऑपरेशन किए जा रहे हैं। (India’s big action after Pahalgam attack)

    टुरिस्ट तेजी से कैसिल कर रहे ट्रैवल प्लान

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद, गर्मियों में कश्मीर घूमने का सपना देख रहे हजारो टूरिस्ट अब अपने ट्रैवल प्लान कैसिल कर रहे हैं। हमले के बाद से घाटी को लेकर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ गई है। टूर ऑपरेटर्स के मुताबिक, सिरफ 24 घटों में ही कशमीर ट्रिप की कैसिलेशन रिक्वेस्ट में करीब 25 फीसदी
    की बढोतरी हुई है। लोगों में डर इस कदर है कि वे अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखड़ जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों की तरफ रुख कर रहे हैं।

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    फिल्मी सितारों का बयान

    नर्क में बदलता जा रहा है स्वर्ग
    सलमान खन ने एवस पर लिखा- कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन अब यह नर्क में बदलता जा रहा है। निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, मेरी सवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ हैं। मासूम को मारना कायनात को मारना है।

    हम एकजुट होकर मजबूत बनें
    शहरुख खान ने लिखा- पहलगाम में हुई हिंसा पर दुख और गुस्से को शब्दो में बया करना मुश्किल है। ऐसे समय में, हम केवल भगवान से पीड़ित परिवारों के लिए प्राथना कर सकते हैं। हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर मजबूत बने।

    आमिर खान ने की हमले की निंदा
    आमिर खान प्रोडकशंस ने एक्स पर लिखा- हम पहलगाम में हाल ही में हूए आतंकी हमले से बहुत स्तब्ध और दुखी है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई लोगों को दुख और पीड़ा हुई। हमारी सवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है।

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है।

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे।

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे।

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।”

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था।

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है।

  • अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुम्बई-
    देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की।

    क्या थीं मुसीबतें ?

    बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी।

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    कार्ड की डिजाइनिंग

    खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है।

    कौन कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?

    इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

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    सुविधाजनक होगा सफर

    इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है।

    कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड

    बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

  • Maharashtra: सरकारी बस, ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी, जारी किया सरकारी फरमान

    Maharashtra: सरकारी बस, ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी, जारी किया सरकारी फरमान

    महाराष्‍ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने नए साल के मौके पर राज्य के लोगों को महंगाई वाला तोहफा देने की घोषणा की है, जिसकी वजह से आम लोगों की जेब ढीली होनी तय हो चुकी है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव जीतते ही आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालने का फैसला कर लिया है। सरकारी बसों के किराये में 15 प्रतिशत तो टैक्सी ऑटो रिक्शा के किराये में अतिरिक्त 3 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। शुक्रवार आधी रात के बाद से नई दरें लागू हो जाएगी। हालांकि MMRTA ने कहा कि मीटरों को फिर से कैलिब्रेट करने के बाद ही नया किराया वसूला जा सकता है। अभी बेस्ट और नवी मुंबई नगर परिवहन में न्यूनतम एसी बस का किराया क्रमशः 6 रुपये और 10 रुपये हैं।

    महाराष्‍ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के समय बीजेपी की अगुआई वाले महायुति गठबंधन ने लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाने का वादा किया था। लेकिन सरकार के बनते ही फडणवीस सरकार ने अलग ही रुख अपना लिया है। देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने सरकारी बसों का किरया 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही देश की आर्थिक राजधानी में ऑटो और टैक्‍सी का किराया भी बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले का असर सबसे ज्‍यादा निम्‍न मध्‍य और मध्‍य वर्ग के लोगों पर पड़ेगा।

    आम लोगों पर पडेगा असर

    मान लीजिए यदि आपको सरकारी बस से कहीं जाने के लिए 100 रुपये का खर्च आता है, तो अब उसके लिए 115 रुपये चुकाने होंगे। बता दें कि सरकारी बसों से अमातौर पर कामकाजी लोगों के साथ ही मध्‍य और निम्‍न मध्‍य वर्ग के लोगों के अलावा स्कूली बच्चे ज्‍यादा सफर करते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार के इस फैसले से इन लोगों की जेब पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ने वाली है।

    शुक्रवार देर रात के बाद से नई दरें लागू

    बताया जा रहा है कि महाराष्‍ट्र सरकार की ओर से सरकारी बसों का किराया बढ़ाने का फैसला शुक्रवार आधी रात के बाद से लागू हो जाएगा। प्रदेश के दूर-दराज के लोगों के लिए सरकारी बसें कहीं भी आने-जाने का सबसे मुफीद और सस्‍ता जरिया है, लेकिन अब उन्‍हें इसके लिए अब से ज्‍यादा कीमत चुकानी होगी। आमलोगों के साथ ही छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है।

    Maharashtra and Mumbai auto rickshaw and taxi news image

    अक्टूबर 2022 में हुई थी किराये में बृद्धि

    इसके अलावा सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्‍सी के किराये को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। टैक्सी और ऑटो का किराया 3 रुपये बढ़ाने की घोषणा की गई है। नई दरें 1 फरवरी 2025 से लागू हो जाएगा। ऑटो का किराया 23 रुपए से 26 रुपए और टैक्सी का 28 से 31 रुपये होगा। नए किराए मीटर कैलिब्रेशन के बाद लागू होंगे। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMTRTA) ने 1 फरवरी से मुंबई में ऑटो रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के बेसिक किराए में 3 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। आखिरी बार किराया वृद्धि अक्टूबर 2022 में हुई थी। ठीक इसी तरह ब्लू-सिल्वर एसी कूल कैब का किराया 40 रुपये की बजाय 48 रुपये होगा। यह पहले 1.5 किलोमीटर के लिए होगा।

    MMRTA ने कहा कि मीटरों को फिर से कैलिब्रेट करने के बाद ही नया किराया वसूला जा सकता है। अभी बेस्ट और नवी मुंबई नगर परिवहन में न्यूनतम एसी बस का किराया क्रमशः 6 रुपये और 10 रुपये हैं। बता दें कि मुंबई में लाखों लोग रोजाना ऑटो और टैक्‍सी से सफर करते हैं, ऐसे में सरकार के इस फैसले का असर उनपर सीधे तौर पड़ पड़ेगा। इस तरह प्रदेश सरकार ने आमलोगों पर अतिरिक्‍त वित्‍तीय बोझ डाल दिया है।

  • ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    राज्य में ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नई पॉलिसी लाने पर विचार कर रहे है। इसके तहत लोगों को गाड़ी खरीदते समय ही पार्किंग की जानकारी देनी होगी।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार गाड़ियों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए नई पॉलिसी पर विचार कर रही है। इसके तहत, कार खरीदारों को वाहन लेने से पहले पार्किंग स्पेस की जानकारी देना जरूरी होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुंबई में ट्रैफिक को कम करने की सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है।

    उन्होंने कहा, ‘हमने शहर में कई सार्वजनिक पार्किंग सुविधाएं मुहैया कराई हैं, जिन तक अब ऑनलाइन ऐप के जरिए भी पहुंचा जा सकता है।’

    अंधाधुंध पार्किंग बना सबसे बड़ा कारण

    इस नीति का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कार मालिकों के पास पार्किंग एरिया होना जरूरी है। चाहे वे नगर निगम से इसे खरीद रहे हों या फिर किराए पर ले रहे हों क्योंकि अंधाधुंध पार्किंग यातायात समस्याओं का बड़ा कारण है।

    ट्रैफिक कंट्रोल की नई पॉलिसी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि इस नीति को जल्द लागू किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने पब्लिक पार्किंग या निजी भवनों में पार्किंग उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं दी। राज्य सरकार का लक्ष्य सड़कों पर पार्किंग में कमी लाना है और उन्हें पार्किंग की सुविधा देकर इस समस्या को खत्म करना है। (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

  • मिलेंगे 2 बिछड़े दोस्त, फडणवीस और उद्धव के सुर एक

    मिलेंगे 2 बिछड़े दोस्त, फडणवीस और उद्धव के सुर एक

    Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में नए गठबंधन की सुगबुगाहट दिख रही है। उद्धव ठाकरे के सियासी कदम और फडणवीस के बयानों से लग रहा है कि भाजपा और उद्धव सेना में कुछ खिचड़ी पक रही है। खुद फडणवीस ने कह, “सियासत…”

    Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में नए साल में नए समीकरण की संभावनाएं दिखने लगी हैं। नगर निगम और पंचायती चुनाव से पहले महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। देवेंद्र फडणवीस और उद्धव के बीच कुछ तो पक रहा है। सवाल है कि क्या दो पुराने बिछड़े दोस्तों का मेल होगा? ऐसा इसलिए क्योंकि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। खुद फडणवीस और उद्धव ने अपने बयानों से इन अटकलों को और हवा दे दी है। खुद देवेन्द्र फडणवीस ने संकेत दिया है कि उद्धव सेना और बीजेपी के बीच गठबंधन हो सकता है। फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बयानों पर अगर नजर डालें तो दोनों ही कहते हुए पाए जा रहे हैं कि “राजनीति में कुछ भी असंभ नहीं है।” (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

    अकेले चुनाव लड़ने का फैसला

    महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को कहा कि शिवसेना (UBT) ने आगामी नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि पार्टी को यह अहसास हो गया है कि 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़कर कांग्रेस के साथ गठबंधन करना एक बड़ी भूल थी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) की हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच, इसके प्रमुख घटक दल शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने दिन में घोषणा की थी कि वह स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी।

    अलग क्यों हुए?

    उद्धव ठाकरे ने 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ कई दशक पुराना गठबंधन तोड़ दिया था और दावा किया था कि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद साझा करने का वादे को पूरा नहीं किया इसलिए वह अलग हो रहे है। उन्होंने कांग्रेस और (अविभाजित) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन किया और 2019 से 2022 तक मुख्यमंत्री रहे। (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

    कल क्या होगा ?

    खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र में सियासी लहर तेजी से बहने लगी है। कारण कि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे ने भविष्य में हाथ मिलाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है। नागपुर के एक कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से यूबीटी और बीजेपी के साथ आने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने घुमाकर कहा, ‘राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है।’ फडणवीस का यह बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि उद्धव का सुर भी कुछ ऐसा ही था। जब मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूबीटी चीफ उद्धव से भी यही सवाल पूछा गया था। तो उन्होंने कहा, ‘राजनीति में कुछ भी हो सकता है। यह नहीं कह सकते कि कल क्या होगा।’ (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

    दोनों के एक जैसे बोल

    दरअसल, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने एक इंटरव्यू में राज ठाकरे या उद्धव ठाकरे से पूछे गए एक सवाल पर सांकेतिक प्रतिक्रिया दी। फडणवीस ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे पहले हमारे मित्र थे। अब राज ठाकरे हमारे मित्र हैं।’ लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे हमारे दुश्मन नहीं हैं। राजनीति विशेषज्ञ मुख्यमंत्री के ऐसे घुमावदार बयानों को गठबंधन के संकेत के रूप में देख रहे हैं। क्योंकि राज्य में नगर निगम और पंचायती चुनाव होने जा रहे हैं। नए समीकरण को लेकर हैरानी इसलिए भी नहीं हो रही है, क्योंकि चुनाव से पहले उद्धव और फडणवीस दोनों एक-दूसरे पर हमलावर थे। मगर अब दोनों एक-दूसरे के प्रति नरमी दिखा रहे हैं। दोनों ही एक जैसी भाषा बोल रहे हैं। (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

  • मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया। उन्होंने इस मौके पर रेलवे स्टेशनों से लेकर सरकारी अस्पतालों और कोली समाज के लोगों के लिए वर्क शॉप और उसके साथ एलआईसी प्रशिक्षण पर जोर दिया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बीएमसी हेड क्वाटर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए उत्तर मुंबई के सार्वजनिक निर्माण कार्यों जानकारी दी। मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबईकरों की सेवा के लिए डबल इंजन सरकार तो पहले से ही काम कर रही है, लेकिन अब नए साल से नई ट्रिपल इंजन की सरकार काम करे, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    उत्तर मुंबई से सांसद पीयूष गोयल ने आगे कहा, हम चाहते हैं कि काम तीन गुना ज्यादा तेजी और मेहनत से हो, जिससे तीन गुना ज्यादा परिणाम आ सके और तीन गुना लोगों के जीवन पर इसका अच्छा प्रभाव पड़े। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    नवी मुंबई से बोरीवली तक का सफर

    पीयूष गोयल ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर सहित सभी चार रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत काम शुरू हो जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक दृष्टि से स्टेशन का निरंतर विकास करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पिछले साल बोरीवली तक हार्बर लाइन विस्तार की घोषणा की थी। इससे नवी मुंबई से उत्तरी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    60 हजार करोड़ का खर्च

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमने संकल्प लिया था कि उत्तर मुंबई को उत्तम मुंबई बनाकर रहेंगे, जो पीएम मोदी के सपने का एक हिस्सा है। प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इसी दिशा में लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, इस चर्चा की यह तीसरी बैठक है। 60 हजार करोड़ का खर्चा मुंबई को बेहतर बनाने के लिए होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड जल्दी ही पूरा होने जा रहा है इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    झुग्गी बस्तियों का होगा काया कल्प

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र के शहरी परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदलने के लिए इस साल कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जाएगा। गोयल ने पिछले साल उत्तर मुंबई से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता है। उन्होंने कहा, इस साल हमारे पास अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कई बड़ी योजनाएं हैं। हम देख रहे हैं कि हम कितनी जल्दी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को उसी स्थान पर पक्के मकान उपलब्ध करा सकते हैं। यह एक ऐसी परियोजना है जिस पर काम जारी है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    पर्यटन को बढ़ावा, स्किल यूनिवर्सिटी का निर्माण

    गोयल ने कहा कि वह इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। क्योंकि एक तरफ यहां संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान है और दूसरी तरफ खूबसूरत समुंदर फैला हुआ है। पीयूष गोयल ने कहा कि मगाठाणे का रोड तैयार है, बस थोड़ा काम बाकी है। साथ ही भगवती, भंसाली, और शताब्दी इन तीनों सरकारी अस्पतालों को और बेहतर बनाने का काम होने वाला है। उन्होंने कहा कि मैंने मालाड के लोगों से चुनाव के समय वादा किया था, कि एक बड़ा स्किल डेवलेपमेंट सेंटर बनाएंगे। इसके लिए वहां अब हम एक स्किल यूनिवर्सिटी बनाने जा रहे हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम

    उन्होंने कहा कि मालाड रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही बीमा सखी योजना को अब एक सेंटर तक सीमित नही रखकर, 40 स्थानों पर एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम कराया जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा, दहिसर, बोरिवली, मालाड के कोली समाज के लोगों के लिए भी वर्कशॉप कराया जाएगा, ताकि उनकी भी आमदनी बढ़े। वहीं बीएमसी चुनाव पर गोयल ने कहा कि यह चुनाव हम भारी बहुमत से जीत कर आएंगे और लोगों की सेवा करेंगे।(There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

  • BJP ने Municipal and Panchayat Elections बैलेट पेपर से कराने का फैसला किया।

    BJP ने Municipal and Panchayat Elections बैलेट पेपर से कराने का फैसला किया।

    नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत चुनाव EVM मशीन के बीना बैलेट पेपर से होने जा रहे हैं। इसका फैसला छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने लिया है। कांग्रेस ने इसका स्वागत किया।

    न्यूज़ डेस्क
    रायपुर-
    छत्तीसगढ़ नगर निगम और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में भाजपा सरकार ने ईवीएम मशीन के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव करने का फैसला किया है। 28 दिसंबर से शुरु होने वाली त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए यहां आरक्षण प्रक्रिया के शेड्यूल में फिर से बदलाव कर दिया गया है। 3 जनवरी को इसके लिए सूचना का प्रचार प्रसार किया जाएगा। अब 8 से 10 जनवरी तक आरक्षण की कार्यवाही होगी। इसकी जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने दी।

    बता दें, कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार इस बार पंचायत और नगर निगम चुनाव को एक साथ कराने की तैयारी कर रही है। इस बार दोनों इलेक्शन बैलेट पेपर से होंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि “ईवीएम की तैयारी में समय लग रहा था। इसलिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला किया गया है। साथ ही नियमों में परिवर्तन हुआ है। आरक्षण की प्रक्रिया हो रही है। सरकार जल्द से जल्द चुनाव करने के लिए प्रतिबद्ध है।” दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने का स्वागत किया है।

    कितने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत हैं?

    बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में 14 नगर निगम, 52 नगर पालिका परिषद और 123 नगर पंचायत हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के अंतर्गत 27 जिला पंचायतें, 146 जनपद पंचायतें एवं 11664 ग्राम पंचायतें हैं।

    चुनाव कब है?

    छत्तीसगढ़ में नगर निगम, नगर पालिका और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एक साथ आयोजित किए जाने की तैयारी है। चुनाव बैलेट पेपर से होने वाले है इसको लेकर प्रत्याशियों की आरक्षण प्रक्रिया जनवरी के पहले सप्ताह में पूरी हो जाएगी। चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं।

    आरक्षण प्रकृया में बदलाव

    त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। अब 8 से 10 जनवरी तक आरक्षण की कार्यवाही होगी, जबकि पहले यह 28 दिसंबर से शुरू होने वाली थी। इसके लिए 3 जनवरी को सूचना का प्रकाशन किया जाएगा।

  • Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Om Prakash Chautala, the former Chief Minister of Haryana and leader of the INLD, has passed away. He served as a Member of the Legislative Assembly seven times and held the position of Chief Minister on five occasions.

    News Desk
    Hariyana
    – Om Prakash Chautala, the former chief minister of Haryana and leader of the Indian National Lok Dal (INLD), died on Friday afternoon at his home in Gurugram. He was 89 years old.

    Chautala served as the chief minister of Haryana for an unprecedented five terms and was the son of former deputy prime minister Devi Lal. Family representatives announced that Chautala’s cremation will take place at Teja Khera in Sirsa district on Saturday afternoon, with his body available for public viewing from 8 am to 2 pm for those wishing to pay their respects.

    Chautala is survived by his two sons, Ajay Singh Chautala and Abhay Singh Chautala, along with three daughters.

    Abhay previously served as the Leader of the Opposition in the Haryana Assembly. His son, Arjun Chautala, is presently a legislator representing the Rania constituency in Haryana. Dushyant Chautala, the son of Ajay Chautala, held the position of Deputy Chief Minister of Haryana under the BJP-JJP alliance government led by Manohar Lal Khattar.

    Rakesh Sihag, spokesperson for the INLD, informed a news reporter that the former chief minister was in good health earlier in the day. However, he tragically suffered a cardiac arrest, experiencing hiccups just before his passing, Sihag noted.

    Chautala was found guilty in a corruption case linked to recruitment in 2013 and received a 10-year prison sentence. His elder son, Ajay Chautala, was one of 55 individuals convicted in the same case.

    This ruling significantly impacted his political career, preventing him from running in elections following the verdict. Chautala was released from Tihar jail in July 2021.

    Since his release, he has dedicated himself to establishing a third political front in the country after severing his connections with the National Democratic Alliance. In pursuit of this goal, he engaged with key political figures, including Bihar Chief Minister Nitish Kumar, former Prime Minister HD Deve Gowda, and former Uttar Pradesh Chief Minister Mulayam Singh Yadav in 2021. During a rally organized by Chautala in Fatehabad in September 2022, notable attendees included Nitish Kumar, NCP leader Sharad Pawar, Akali Dal’s Sukhbir Singh Badal, RJD leader and then Bihar Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav, CPM General Secretary Sitaram Yechury, and Shiv Sena MP Arvind Sawant.